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नान घोटाला केस: रिटायर्ड IAS आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा को जमानत, 7 दिसंबर को ED पेश करेगी चार्जशीट

छत्तीसगढ़ के चर्चित नान (नागरिक आपूर्ति निगम) घोटाला मामले में रिटायर्ड IAS अधिकारी आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा को राहत मिली है। रायपुर की स्पेशल कोर्ट ने दोनों को जमानत दे दी है। दोनों अधिकारियों ने 22 सितंबर को ईडी (ED) कोर्ट में सरेंडर किया था। कोर्ट ने उन्हें 16 अक्टूबर तक ED की कस्टडी में भेजा था। रिमांड अवधि खत्म होने पर दोनों को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें जमानत मिल गई। अब 7 दिसंबर को ED (प्रवर्तन निदेशालय) इस मामले में चार्जशीट पेश करेगी, जिसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। ED ने दिल्ली में की थी पूछताछ सरेंडर से पहले दोनों अफसर करीब 5 दिन तक ED कोर्ट के चक्कर लगाते रहे। आखिरकार उन्होंने अधिकारियों की मौजूदगी में कोर्ट में सरेंडर किया। इसके बाद ED ने उन्हें दिल्ली मुख्यालय ले जाकर पूछताछ की थी। क्या है नान घोटाला? यह मामला नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) में चावल, नमक और अन्य खाद्य सामग्री के परिवहन और भंडारण में भारी गड़बड़ी से जुड़ा है। 12 फरवरी 2015 को ACB और EOW की टीमों ने नान मुख्यालय रायपुर सहित 28 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। कार्रवाई में करीब 1.75 करोड़ रुपए नकद बरामद हुए, जबकि कुल 3.50 करोड़ रुपए की जब्ती हुई। टीमों ने कई अहम दस्तावेज भी कब्जे में लिए। जांच पूरी होने के बाद नान के तत्कालीन मैनेजर समेत 16 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया गया। बाद में केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद IAS आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा के खिलाफ पूरक चालान दाखिल किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था? ED ने हाईकोर्ट से मिली अग्रिम जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। एजेंसी ने कहा कि दोनों अधिकारियों ने जांच को प्रभावित करने की कोशिश की थी। सुनवाई के बाद जस्टिस सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने हाईकोर्ट का फैसला रद्द करते हुए ED को दोनों अधिकारियों की कस्टडी लेने की अनुमति दी थी। कोर्ट ने कहा था कि उन्हें 4 हफ्ते ED की हिरासत में रहना होगा, उसके बाद ही जमानत दी जा सकेगी। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसियों को तय समय सीमा में कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए — IAS आलोक शुक्ला की भूमिका IAS आलोक शुक्ला डॉक्टर से अफसर बने अधिकारी हैं। 2015 में जब नान घोटाले का खुलासा हुआ, उस समय वे खाद्य विभाग के प्रमुख सचिव थे, जबकि अनिल टुटेजा नान के MD के पद पर थे। दोनों पर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप हैं।

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इयरफोन में गाना सुनते हुए ट्रेन की चपेट में आया युवक, दुर्ग में रेल्वे ट्रैक पर मिली लाश

दुर्ग जिले में एक युवक की रेलवे दुर्घटना में मौत हो गई। यह हादसा गुरुवार (16 अक्टूबर) सुबह 7:45 बजे ठगड़ा बांध रेलवे क्रॉसिंग पर हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक रेलवे ट्रैक पार करते समय मोबाइल पर गाना सुन रहा था, कानों में इयरफोन लगे होने के कारण उसे ट्रेन के आने का अंदाजा नहीं हुआ और वह ट्रेन की चपेट में आ गया। ट्रेन की रफ्तार और हादसे का भयावह दृश्य घटना के समय ट्रेन की रफ्तार इतनी तेज थी कि टक्कर लगने के बाद युवक लगभग 50 मीटर तक घसीटता चला गया। रेलवे ट्रैक पर युवक के शव के कई हिस्से बिखर गए। मौके पर बिखरे हुए टिफिन और मोबाइल चार्जर केबल से यह साफ था कि वह काम पर जाने के लिए घर से निकला था। मृतक और उसकी पहचान मृतक की पहचान विष्णु यादव (22 वर्ष) के रूप में हुई, जो विद्युत नगर के पास जोगी नगर का रहने वाला था और मजदूरी करता था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वह मजदूरी के लिए टिफिन लेकर घर से निकला था। पुलिस और रेलवे प्रशासन की कार्रवाई स्थानीय लोगों ने तुरंत रेलवे प्रशासन और पुलिस को सूचना दी। डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और पंचनामा कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। परिवार पर गहरा सदमा विष्णु यादव अपने माता-पिता के तीन बेटों में सबसे छोटा था। परिवार मजदूरी करके अपना जीवन यापन करता है। इस आकस्मिक हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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बिलासपुर में महिला का अधजला शव मिला: दोनों पैर साड़ी से बंधे, हत्या के बाद जलाने का शक, पुलिस जांच में जुटी

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक महिला का अधजला शव मिला है। यह शव रतनपुर के खूंटाघाट डैम के पास झाड़ियों में पड़ा पाया गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार यह घटना लगभग एक हफ्ते पुरानी है। शव के दोनों पैर साड़ी से बंधे हुए मिले हैं, जिससे पुलिस को हत्या के बाद शव जलाने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल महिला की पहचान नहीं हो पाई है। घटना स्थल और सूचना यह मामला रतनपुर थाना क्षेत्र का है। डैम के पास से आने वाली बदबू के कारण स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि महिला का शव झाड़ियों के नीचे पड़ा था और उसके पैरों को साड़ी से बांधकर जलाया गया था। साड़ी पैरों से चिपकी हुई मिली। फोरेंसिक जांच और हत्या की संभावना पुलिस ने हत्या की संभावना को ध्यान में रखते हुए फोरेंसिक टीम को बुलाया। प्रारंभिक जांच में शव के केवल 10 प्रतिशत अंग ही बरामद हुए हैं; बाकी 90 प्रतिशत अंग डिस्पोज़ हो चुके हैं। शव के यह हालात यह संकेत देते हैं कि महिला की पहचान और सबूत मिटाने के लिए शव जलाया गया। स्थानीय हालात और पहचान में दिक्कत खूंटाघाट डैम एक पिकनिक स्पॉट है और आसपास जंगल से घिरा हुआ है। घटना स्थल मुख्य सड़क से दूर होने के कारण किसी भी सुराग का पता लगाना कठिन हो गया। आसपास के लोगों और स्थानीय थानों में गुमशुदगी के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने हत्या की आशंका के आधार पर संदिग्धों और इलाके में आने-जाने वाले लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। मौके पर कोई ऐसा सामान नहीं मिला जिससे महिला या हत्यारों की पहचान की जा सके। शव की स्थिति और चुनौतियां शव के अधिकांश हिस्से कुत्तों द्वारा इधर-उधर बिखरे पाए गए। पंचनामा तैयार कर शव के बचे हुए हिस्सों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। इस वजह से आसपास के लोग भी महिला की पहचान नहीं कर सके। हत्या और साक्ष्य मिटाने का शक पुलिस का अनुमान है कि महिला की हत्या के बाद शव को जंगल में फेंककर जलाया गया। पैरों का साड़ी से बंधा होना और अधजला शव यही संकेत दे रहा है। महिला की पहचान करना अब पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।

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छत्तीसगढ़ बना देश का सबसे तेज़ ई-ऑफिस रोलआउट करने वाला राज्यएक साल में मंत्रालय से ब्लॉक तक पहुंची सुविधा, नोटिंग बाद में नहीं बदली जा सकती, अगले साल तक हर गांव में लागू होगी

छत्तीसगढ़ ने ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य अब देश का सबसे तेज़ डिजिटल परिवर्तन करने वाला राज्य बन गया है। केवल एक साल में ई-ऑफिस प्रणाली सचिवालय से लेकर तहसील और ब्लॉक स्तर तक पूरी तरह लागू हो चुकी है। अगले साल तक इसे गांवों तक भी पहुँचाया जाएगा। ई-ऑफिस प्रणाली की मदद से हर फाइल की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक की जा सकती है। अब किसी भी स्तर पर फाइल अटकने या विलंब होने का खतरा नहीं है। सभी अधिकारी और कर्मचारी फाइल की प्रगति देख सकते हैं। इस प्रणाली में किसी भी अधिकारी द्वारा की गई नोटिंग को बाद में बदला नहीं जा सकता। सभी डेटा को मल्टीपल सर्वर पर सुरक्षित रखा गया है, जिससे सर्वर फेल होने या तकनीकी समस्या आने पर भी डेटा सुरक्षित रहता है। कागज से क्लाउड की ओर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि ई-ऑफिस ने शासन में ई-गवर्नेंस को संपूर्ण डिजिटल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया है। अब हर फाइल का रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित है। ई-ऑफिस ने सरकारी कामकाज को कागज से क्लाउड की दिशा में अग्रसर किया है। इससे पारदर्शिता, गति और विश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। अब एक ही दिन में निपट रही फाइलें सचिवालय में लगभग 1.15 लाख फाइलें, विभागाध्यक्ष कार्यालयों में 73,969 फाइलें, और जिला कार्यालयों में 32,000 फाइलें अब ई-ऑफिस से संचालित हो चुकी हैं। ई-ऑफिस लागू होने के बाद फाइलों के निपटान का औसत समय हफ्तों से घटकर केवल एक दिन रह गया है। फाइलों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने की आवश्यकता समाप्त हो गई है। इस बदलाव से डीज़ल और वाहन खर्च में बचत हुई है और समय का अधिकतम उपयोग संभव हो पाया है। अब वह फाइल जो पहले हफ्तों में निपटती थी, अब एक ही दिन में निपट जाती है। साथ ही, ऑटो-अप्रूवल मैकेनिज़्म की सुविधा के चलते रूटीन फाइलें स्वचालित रूप से अप्रूव हो जाती हैं।

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सख्ती: मैजिक बॉक्स से की जाएगी मिलावट की तुरंत पहचान, खराब तेल और मिठाई को मौके पर नष्ट किया जाएगा35 टीमों और 8 मोबाइल टेस्टिंग लैब्स के साथ चौकसी, शिकायत के लिए हेल्पलाइन: 9340597097

त्योहारी सीजन में खाने-पीने की चीजों में मिलावट रोकने के लिए प्रदेशभर में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। पहली बार मैजिक बॉक्स तकनीक का उपयोग करके बाजारों में ऑन-स्पॉट जांच की जा रही है। इस अभियान के लिए विभाग ने 35 से अधिक टीमों और 8 मोबाइल टेस्टिंग लैब्स को सक्रिय किया है। खाद्य विभाग का लक्ष्य इस बार 1200 से अधिक सैंपल जांचना है, जो अब तक का सबसे बड़ा अभियान है। हर टीम को प्रतिदिन लगभग 20 सैंपल जांचने का टारगेट दिया गया है। मोबाइल वैन की मदद से दुकानों और बाजारों में जाकर मिलावटी सामान को तुरंत जब्त और नष्ट किया जाएगा। त्योहारी सीजन में मिलावट रोकने के लिए खाद्य विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 9340597097 जारी किया है। इस नंबर पर सप्ताह के सातों दिन, 24 घंटे शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। कंट्रोल रूम से यह भी मॉनिटर किया जा रहा है कि शिकायतों का समाधान सही समय पर हो रहा है या नहीं। मैजिक बॉक्स क्या है मैजिक बॉक्स एक पोर्टेबल किट है, जो खाद्य सामग्री में मिलावट की पहचान करती है। इसके जरिए मिठाई में कृत्रिम रंग, तेल में हानिकारक रसायन, दूध में डिटर्जेंट या स्टार्च जैसी मिलावट तुरंत पकड़ी जा सकती है। एक यूनिट तीन जिले कवर करेगी प्रत्येक मोबाइल यूनिट को तीन जिलों का कवरेज दिया गया है। छोटे जिलों के लिए एक यूनिट रखी गई है। उदाहरण के लिए: बाजारों में लगातार कार्रवाई प्रदेशभर में 35 से अधिक टीमें लगातार जांच कर रही हैं। हर छोटे-बड़े बाजार में जाकर मिलावटी उत्पादों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।— दीपक अग्रवाल, फूड एंड ड्रग कंट्रोलर

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रायपुर में आज शाम पानी की सप्लाई बंद रहेगी, 42 इलाकों में होगा असर

रायपुर के कई क्षेत्रों में आज 16 अक्टूबर (गुरुवार) को शाम के समय पानी की आपूर्ति प्रभावित रहेगी। इसका कारण छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) द्वारा 33 केवी लाइन में मेंटनेंस का कार्य है। इस दौरान सुबह से दोपहर तक 6 घंटे का बिजली शटडाउन रहेगा, जिससे शहर के वाटर प्लांट प्रभावित होंगे और पानी की सप्लाई रुक जाएगी। नगर निगम के फिल्टर प्लांट के कार्यपालन अभियंता नरसिंह फरेंद्र के अनुसार, शटडाउन के कारण शहर के 80 एमएलडी, 150 एमएलडी और नए 80 एमएलडी वाटर प्लांट से जुड़ी कुल 42 टंकियों से पानी की सप्लाई शाम को बंद रहेगी। प्रभावित क्षेत्र: पानी की सप्लाई कब बहाल होगी?16 अक्टूबर को केवल सुबह पानी की सप्लाई उपलब्ध रहेगी। शाम में इन इलाकों में पानी नहीं आएगा। 17 अक्टूबर से पानी की आपूर्ति सामान्य रूप से बहाल हो जाएगी। शहर के अन्य हिस्सों में, जहां अलग टंकियों और पावर पंपों से पानी आता है, वहां कोई असर नहीं होगा।

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रायगढ़: नशे में स्कूल पहुँचकर हंगामा करने वाले शिक्षक को निलंबित किया गया

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक शिक्षक को नशे में स्कूल पहुँचकर छात्राओं के सामने हंगामा करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। मामला लारीपानी स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल का है। शिक्षक महेश राम सिदार ने कक्षा में गाली-गलौज की और जब प्राचार्य ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो उन्होंने कहा कि बोलने का अधिकार केवल ईश्वर ने दिया है। इस घटना के बाद प्राचार्य ने शिक्षा विभाग में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर शिक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शिक्षक को निलंबित कर दिया और जिला मुख्यालय रायगढ़ कार्यालय में अटैच कर दिया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ है। घटना का विवरण घटना 9 अक्टूबर, गुरुवार की है। सुबह लगभग 10:30 बजे महेश राम सिदार नशे की हालत में स्कूल पहुंचे, हाजिरी में सिग्नेचर किया और फिर चले गए। दोपहर लगभग 2 बजे, नौवीं कक्षा के पांचवें पीरियड के दौरान वह वापस आए और दूसरे शिक्षक की कक्षा में प्रवेश कर छात्रों को डाँटने लगे। जब प्राचार्य ने उन्हें बाहर जाने को कहा, तो नशे में धुत शिक्षक गुस्से में उलझ गए और स्टाफ के साथ बहस करने लगे। कई बार समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद स्कूल स्टाफ ने 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम स्कूल पहुँचकर महेश राम को थाने ले गई। प्रशासनिक कार्रवाई प्राचार्य ने घटना की लिखित शिकायत लैलूंगा थाना और शिक्षा विभाग में की। जिला शिक्षा अधिकारी रायगढ़ ने इसे लोक शिक्षण संचालनालय को भेजा। शिक्षक महेश राम सिदार को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1966, नियम 9(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें जिला मुख्यालय रायगढ़ कार्यालय में अटैच किया गया है और जीवन निर्वाह भत्ता नियम अनुसार दिया जाएगा।

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पूर्व CM भूपेश बघेल के खिलाफ चुनाव याचिका पर हाईकोर्ट ने रखा फैसला सुरक्षित

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधायक भूपेश बघेल के खिलाफ दायर चुनाव याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री रहते आचार संहिता का उल्लंघन किया और उनके निर्वाचन को चुनौती दी गई है। 🔹 बीजेपी सांसद विजय बघेल की याचिका याचिका दुर्ग से बीजेपी सांसद विजय बघेल द्वारा दायर की गई थी, जिसमें उन्होंने पूर्व सीएम की विधायकी समाप्त करने की मांग की।पूर्व में भूपेश बघेल ने इस याचिका को खारिज करने के लिए हाईकोर्ट में आवेदन दिया था, जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए कहा कि याचिका की सुनवाई के लिए पर्याप्त आधार मौजूद है। 🔹 भूपेश बघेल का पक्ष सुनवाई के दौरान भूपेश बघेल की तरफ से 16 बिंदुओं के माध्यम से तर्क रखा गया कि याचिका चलने योग्य नहीं है। उनका कहना था कि याचिकाकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों का कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है और ना ही आचार संहिता उल्लंघन का कोई ठोस सबूत पेश किया गया है। 🔹 चुनाव प्रचार में समय सीमा उल्लंघन का आरोप याचिकाकर्ता विजय बघेल का आरोप है कि विधानसभा चुनाव के दौरान भूपेश बघेल ने निर्धारित प्रचार समय समाप्त होने के बावजूद पाटन में प्रचार किया। इस आधार पर उन्होंने उनकी विधायकी रद्द करने की मांग की थी। 🔹 दोनों पक्षों की दलीलें और फैसला सुरक्षित 14 अक्टूबर को जस्टिस अरविंद वर्मा की बेंच में सुनवाई हुई। सुनवाई पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है और अब अदालत अगली तारीख पर निर्णय सुनाएगी।

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इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में ‘मिलेट मैन ऑफ इंडिया’ डॉ. खादर वली का संबोधन: बोले — गेहूं-धान पर निर्भरता छोड़कर पारंपरिक फसलों को अपनाना होगा

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) और कृषक कल्याण परिषद, छत्तीसगढ़ की ओर से आयोजित एक विशेष सेमिनार में पद्मश्री डॉ. खादर वली, जिन्हें देशभर में ‘मिलेट मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से जाना जाता है, ने मिलेट्स (श्री अन्न) के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. वली ने कहा कि भारत में कभी बाजरा, ज्वार, कोदो, रागी जैसी फसलें किसानों और आम जनता के जीवन का हिस्सा थीं, लेकिन हरित क्रांति के बाद गेहूं और धान पर अत्यधिक निर्भरता के कारण पारंपरिक फसलें पीछे छूट गईं। उन्होंने कहा — “हम केवल दो फसलों पर निर्भर रहकर अपने स्वास्थ्य और कृषि प्रणाली दोनों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।” 🌾 जलवायु अनुकूल और कम लागत वाली फसलें डॉ. वली ने बताया कि मिलेट्स ऐसी फसलें हैं जो कम पानी, कम उर्वरक और कठिन जलवायु में भी बेहतर उत्पादन देती हैं।उन्होंने कहा — “10 से 35 डिग्री तापमान इनके लिए उपयुक्त है। ये C4 प्रकार के पौधे हैं, जो कम संसाधनों में भी अधिक उपज देते हैं और पर्यावरण के लिए टिकाऊ हैं।” 💪 ‘मिलेट्स से मजबूत होगा स्वास्थ्य’ अपने व्याख्यान में उन्होंने बताया कि मिलेट्स में प्राकृतिक फाइबर, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो पाचन, ब्लड शुगर कंट्रोल और हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं।उन्होंने कहा — “अगर लोग अपने भोजन में फिर से मिलेट्स शामिल करेंगे, तो भारत न केवल स्वस्थ बनेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अग्रणी होगा।” 📚 अनुसंधान और प्रचार की जरूरत डॉ. वली ने विश्वविद्यालयों, वैज्ञानिकों और छात्रों से अपील की कि वे मिलेट्स पर नए अनुसंधान और नवाचार करें ताकि यह फसल फिर से किसानों की पहली पसंद बन सके। 🎓 कार्यक्रम में 200 से अधिक प्रतिभागी कार्यक्रम की अध्यक्षता सुरेंद्र चंद्रवंशी (अध्यक्ष, कृषक कल्याण परिषद) ने की।मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. आरती गुहे, डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी और डॉ. एस.एस. टुटेजा मौजूद रहे।प्रतिभागियों को “मिलेट न्यूट्री” के उत्पाद जैसे ज्वार चिवड़ा, पीनट कुकीज, कोदो ग्लूटेन-फ्री कुकीज, बाजरा पॉप्स और रागी पापड़ी वितरित किए गए।कार्यक्रम का संचालन डॉ. शुभा बनर्जी, सहायक प्राध्यापक द्वारा किया गया।

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रायगढ़ में हादसा: एनआर इस्पात से घर लौट रहे युवक की अज्ञात वाहन से टक्कर के बाद मौत

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। मृतक अपने काम से घर लौट रहा था, तभी किसी अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। घटना पूंजीपथरा थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, सोमवार रात ग्राम गेरवानी और सरायपाली के बीच स्थित माँ काली प्लांट के पास युवक खून से लथपथ पड़ा मिला। उसके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें थीं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। आसपास के लोगों ने घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी। डायल 112 के जवान मौके पर पहुंचे और घायल को अस्पताल ले गए। पुलिस ने मृतक की पहचान बिहार के वैशाली जिले के ग्राम बोरीगामा निवासी विरेन्दर कुमार के रूप में की। विरेन्दर बिहार से एनआर इस्पात में फिटर के पद पर काम करने आया था और देलारी में रह रहा था। काम से घर लौटते समय हुआ हादसा सोमवार की सुबह वह काम पर गया था और रात को घर लौटते समय अज्ञात वाहन की लापरवाही के कारण उसे टक्कर लगी। इसके परिणामस्वरूप उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। खराब सड़क हादसों की वजह स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कई सालों से सड़क की हालत बहुत खराब है, जिससे लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। कुछ समय पहले सड़क सुधार की मांग को लेकर लोग चक्काजाम कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन की आश्वासन देने के बाद आंदोलन खत्म कर दिया गया।

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