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प्रदूषण पर सख्ती: रात में सिस्टम बंद करने वाले 30 उद्योग सील, बिजली कनेक्शन काटे

प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर बड़ा एक्शन राजधानी रायपुर में हवा को प्रदूषित करने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। जनवरी से अब तक उरला, सिलतरा और धरसींवा क्षेत्र के 30 उद्योगों को पूरी तरह बंद कर उनकी बिजली सप्लाई काट दी गई है। इसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी पर्यावरणीय कार्रवाई माना जा रहा है। रात में बंद कर देते थे प्रदूषण कंट्रोल सिस्टम जांच में सामने आया कि कई उद्योग मुनाफा बढ़ाने के लिए रात के समय ईएसपी (इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रीसीपिटेटर) और अन्य प्रदूषण नियंत्रण उपकरण बंद कर देते थे। बार-बार चेतावनी और नोटिस के बावजूद सुधार नहीं होने पर मंडल ने सीधे क्लोजर ऑर्डर जारी कर पावर कट कर दिया। बड़े उद्योग भी कार्रवाई की जद में कार्रवाई के दायरे में कई बड़े नाम भी आए हैं, जिनमें जैसे उद्योग शामिल हैं। वहीं Sharda Energy and Minerals Limited के खिलाफ बिना अनुमति फ्लाई ऐश डंपिंग का मामला भी दर्ज किया गया है। कार्रवाई का पूरा रिपोर्ट कार्ड भारी जुर्माने का प्रावधान नियमों के अनुसार बिना अनुमति राखड़ फेंकने पर 5 लाख से 50 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि उद्योग चेतावनी के बाद भी प्रदूषण नियंत्रण उपकरण चालू नहीं करते, तो जल और वायु अधिनियम के तहत उनकी बिजली काटने की कार्रवाई की जाती है। सुधार के बाद ही मिलेगा संचालन की अनुमति मंडल ने साफ कर दिया है कि अब “पहले उत्पादन, बाद में सुधार” की नीति नहीं चलेगी।उद्योगों को पहले सभी पर्यावरण मानकों का पालन करना होगा, तभी संचालन की अनुमति दी जाएगी। अधिकारी का बयान मंडल के सदस्य सचिव राजू अगासीमानी के अनुसार, नोटिस देने के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिला और न ही सिस्टम चालू किए गए, इसलिए सख्त कार्रवाई की गई है।

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नारनौल के सोमेश को बड़ी जिम्मेदारी: खेलो इंडिया में बने शूटिंग डायरेक्टर

30 मार्च से रायपुर में होने वाले जनजातीय खेलों में निभाएंगे अहम भूमिका, युवाओं को देंगे प्रशिक्षण खेलो इंडिया में मिला अहम पद खेलो इंडिया जनजातीय खेल का आयोजन 30 मार्च से 3 अप्रैल तक रायपुर में होने जा रहा है।इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन के लिए जारी 25 सदस्यीय टीम में नारनौल के तीरंदाज सोमेश को शूटिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। हरियाणा से इकलौते प्रतिनिधि इस सूची में हरियाणा से केवल सोमेश को ही यह जिम्मेदारी दी गई है, जिससे उनके क्षेत्र में खुशी का माहौल है।परिवार, मित्र और खेल प्रेमियों ने इसे जिले के लिए गर्व का क्षण बताया है। पहले भी निभा चुके अहम जिम्मेदारियां सोमेश इससे पहले कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिताओं में अलग-अलग भूमिकाएं निभा चुके हैं।हालांकि, खेलो इंडिया जैसे बड़े मंच पर शूटिंग डायरेक्टर बनना उनके करियर की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। युवाओं को दे रहे प्रशिक्षण सोमेश अपनी तीरंदाजी अकादमी के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं।उनके मार्गदर्शन में कई खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर बेहतर प्रदर्शन कर चुके हैं। वरिष्ठ पदाधिकारियों का जताया आभार अपनी नियुक्ति पर सोमेश ने अर्जुन मुंडा, वीरेंद्र सचदेवा और कोच सुरेंद्र शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए सम्मान की बात है और वे इसे पूरी निष्ठा से निभाएंगे।

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25 मीटर के पूल में तैयारी, 50 मीटर में मुकाबला: सपना कोरसा ने हारकर भी जीता सबका दिल

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में 12 साल की सबसे छोटी तैराक, बड़े खिलाड़ियों से मुकाबले के बावजूद दिखाई जबरदस्त हिम्मत छत्तीसगढ़ को पहले दिन 2 मेडल खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के पहले दिन छत्तीसगढ़ ने शानदार शुरुआत करते हुए 2 मेडल अपने नाम किए। 12 साल की सपना बनी चर्चा का केंद्र मेडल भले ही न जीत सकीं, लेकिन 200 मीटर फ्री-स्टाइल में हिस्सा लेने वाली सपना कोरसा ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया।सिर्फ 12 साल की सपना इस प्रतियोगिता की सबसे कम उम्र की तैराक रहीं और बीजापुर की रहने वाली हैं। जब सभी फिनिश कर चुके थे, सपना अकेली तैर रही थीं रेस की शुरुआत में सपना ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन जल्द ही पीछे रह गईं। करीब डेढ़ से ढाई मिनट तक सपना अकेले पूल में तैरती रहीं। दर्शकों को लगा कि वह बीच में रेस छोड़ सकती हैं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और फिनिश लाइन तक पहुंचीं। उनके इस जज्बे को देखकर पूरा स्टेडियम खड़ा हो गया और तालियों से उनका स्वागत किया गया। सपना का जज्बा: खुद से मुकाबला सपना ने कहा कि पीछे रह जाने के बाद उनका मुकाबला किसी और से नहीं, बल्कि खुद से था।अगर वह बीच में रुक जातीं, तो खुद से हार जातीं। उनका मानना है कि बेहतर तैयारी मिलती तो वह मेडल भी जीत सकती थीं। सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी उपलब्धि सपना के पिता किसान हैं, जिससे आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं है। आधे आकार के पूल में की प्रैक्टिस सपना जिस पूल में अभ्यास करती हैं, वह सिर्फ 25 मीटर लंबा है, जबकि नेशनल और इंटरनेशनल प्रतियोगिताएं 50 मीटर के पूल में होती हैं। रायपुर के इंटरनेशनल पूल में उन्हें ज्यादा प्रैक्टिस का मौका भी नहीं मिला। सिर्फ एक बार ही वह वहां अभ्यास कर सकीं। कोच और सुविधाओं की चुनौती कोच दीप्ती वर्मा के मार्गदर्शन में सपना ने सीमित संसाधनों के बावजूद नेशनल स्तर तक का सफर तय किया।डाइट, ट्रेनिंग और सुविधाओं की कमी के बावजूद उनका प्रदर्शन प्रेरणादायक रहा। निष्कर्ष सपना कोरसा ने भले ही मेडल नहीं जीता, लेकिन अपने जज्बे, संघर्ष और हिम्मत से यह साबित कर दिया कि असली जीत हार में भी छिपी होती है।

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बिजली विभाग के नाम पर ठगी: नर्सिंग ऑफिसर से 1.64 लाख की साइबर फ्रॉड

राजधानी रायपुर के आमानाका थाना क्षेत्र में ऑनलाइन ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एम्स में कार्यरत एक नर्सिंग ऑफिसर को ठगों ने बिजली कंपनी का कर्मचारी बनकर निशाना बनाया और उनके खाते से 1.64 लाख रुपए निकाल लिए। पीड़ित हरकेश सिंह यादव (36) हीरापुर स्थित हर्षित विहार के निवासी हैं और सरोना में नया मकान बनवा रहे हैं। उन्होंने हाल ही में नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। 25 मार्च को उनके घर पर मीटर लगाया गया और अगले ही दिन 26 मार्च को उन्हें एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताते हुए कहा कि मीटर का वेरिफिकेशन बाकी है।APK फाइल बना ठगी का जरिया ठग ने भरोसा जीतने के लिए मीटर का असली BP नंबर भी बताया। इसके बाद उसने व्हाट्सएप पर एक संदिग्ध APK फाइल भेजी और उसे डाउनलोड कर डिटेल भरने को कहा। वेरिफिकेशन के नाम पर पहले 13 रुपए जमा करवाए गए। जैसे ही पीड़ित ने अपने HDFC Bank क्रेडिट कार्ड की जानकारी भरी, उनके खाते से लगातार ट्रांजेक्शन शुरू हो गए। किन कंपनियों में ट्रांसफर हुए पैसे आमानाका पुलिस के अनुसार ठगों ने पीड़ित के खाते से रकम निकालकर Blinkit और Apple के अकाउंट में ट्रांसफर की। पुलिस ने शुरू की जांच पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच जारी है। साइबर ठगी के इस केस में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ठगों को मीटर की जानकारी कैसे मिली। कैसे रहें सावधान किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें वेरिफिकेशन के नाम पर मांगी गई जानकारी साझा करने से बचें बैंक डिटेल्स या OTP किसी से साझा न करें

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छत्तीसगढ़ में गैस सिलेंडर को लेकर हंगामा: भूपेश बघेल और बीजेपी आमने-सामने, सोशल मीडिया पर मीम्स और शिकायतों की बाढ़

सिलेंडर की कमी के दावों के बीच राजनीति तेज, लोगों ने शेयर किए लंबी कतारों और देरी के वीडियो छत्तीसगढ़ के कई बड़े शहरों जैसे रायपुर, भिलाई, दुर्ग और बिलासपुर में गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर लोगों की परेशानी लगातार सामने आ रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें, खाली सिलेंडर और इंतजार करते उपभोक्ता नजर आ रहे हैं।सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा और मीम्स फेसबुक, इंस्टाग्राम और X जैसे प्लेटफॉर्म पर यूजर्स लगातार अपनी समस्याएं साझा कर रहे हैं। कई लोग मीम्स और वीडियो के जरिए सिस्टम पर तंज कस रहे हैं। मीम्स में सिलेंडर को ‘कीमती सामान’ बताया जा रहा है कुछ पोस्ट में दिखाया गया कि लोग कई दिनों तक लाइन में खड़े हैं एआई वीडियो में सिलेंडर और इंडक्शन चूल्हे की बातचीत दिखाई गई कुछ यूजर्स ने लकड़ी और कंडों से खाना बनाने की बात कही भूपेश बघेल बनाम बीजेपी: सोशल मीडिया पर वार-पलटवार भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि लोगों को गैस सिलेंडर मिल रहा है या नहीं। उनके इस पोस्ट पर कई यूजर्स ने जवाब दिया कि उन्हें सिलेंडर मिल रहा है। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ ने बघेल के पोस्ट को शेयर करते हुए दावा किया कि जनता ने खुद सच्चाई बता दी है। जवाब में बघेल ने एक वीडियो पोस्ट कर ऐसे कमेंट्स दिखाए जिनमें लोगों ने सिलेंडर नहीं मिलने की शिकायत की। वायरल वीडियो और जमीनी हालात तिल्दा-नेवरा का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोग अपने सिलेंडर कार्ड जमीन पर रखकर नंबर लगाते हुए छांव में इंतजार करते दिखे। भिलाई और दुर्ग से भी कई पोस्ट सामने आए हैं, जिनमें यूजर्स ने बताया कि बुकिंग के 8–10 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा और एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। एआई कंटेंट के जरिए विरोध इस पूरे मुद्दे में एआई से बनाए गए वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहे हैं। ये कंटेंट लोगों के गुस्से और व्यंग्य दोनों को दर्शा रहे हैं। प्रशासन का दावा: स्थिति सामान्य जहां एक तरफ लोग परेशानी बता रहे हैं, वहीं प्रशासन और केंद्र सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि गैस की सप्लाई सामान्य है और किसी तरह की कमी नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर मिल जाएगा। निष्कर्ष गैस सिलेंडर को लेकर छत्तीसगढ़ में बनी स्थिति अब सिर्फ सप्लाई का मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि यह राजनीतिक बहस और सोशल मीडिया ट्रेंड का बड़ा विषय बन चुकी है। एक ओर लोग अपनी परेशानी जाहिर कर रहे हैं, तो दूसरी ओर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

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दुर्ग में मामूली विवाद बना जानलेवा: सहकर्मी के हमले में घायल मजदूर की 6 दिन बाद मौत

दुर्ग जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम समोदा में काम के दौरान हुए एक छोटे से विवाद ने गंभीर रूप ले लिया, जिसमें घायल मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना 27 मार्च की बताई जा रही है। हमले में बुरी तरह घायल हुए 55 वर्षीय गोविंद यादव ने करीब छह दिन तक अस्पताल में जीवन से संघर्ष करने के बाद दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, काम करते समय गोविंद यादव ने अपने सहकर्मी परमेश्वर यादव को सावधानी बरतने के लिए कहा था कि वह किनारे हट जाए, क्योंकि उसके ऊपर बोरी गिर सकती है। इसी बात पर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते झगड़े में बदल गई। आरोप है कि गुस्से में आकर परमेश्वर यादव ने धारदार हथियार से गोविंद यादव पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां लगातार उपचार चल रहा था, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो सका और छह दिन बाद उनकी मृत्यु हो गई। मृतक अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। परिवार में पत्नी, एक बेटी और तीन बेटे हैं, जिन पर अब आर्थिक संकट गहराने की आशंका है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सुपेला अस्पताल की मरचुरी में रखा गया है।

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मूकबधिर युवती से दुष्कर्म: इशारों और गुड़िया से दी गवाही को हाईकोर्ट ने माना, आरोपी रिश्तेदार को उम्रकैद

छत्तीसगढ़ में मूक-बधिर युवती से दुष्कर्म के मामले में हाईकोर्ट ने आरोपी रिश्तेदार को कठोर सजा सुनाई है। अदालत ने उसे जीवनभर के लिए कारावास (मृत्यु तक) की सजा दी है। यह मामला वर्ष 2020 का है, जब युवती घर में अकेली थी और आरोपी ने घर में घुसकर अपराध को अंजाम दिया था। घटना बालोद जिले के अर्जुंदा थाना क्षेत्र की है। पीड़िता बोल और सुन नहीं सकती थी, इसलिए उसने घटना के बाद अपनी मां को इशारों के माध्यम से पूरी बात बताई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी नीलम कुमार देशमुख के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। अदालत में बयान दर्ज करना चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि पीड़िता जन्म से ही मूक-बधिर है। सुनवाई के दौरान साइन लैंग्वेज विशेषज्ञ की सहायता ली गई। जब कुछ तथ्यों को समझाने में कठिनाई हुई, तो कोर्ट ने एक प्लास्टिक की गुड़िया उपलब्ध कराई। पीड़िता ने उसी के जरिए संकेतों में बताया कि उसके साथ क्या हुआ था। ट्रायल कोर्ट ने इस गवाही को विश्वसनीय मानते हुए आरोपी को पहले ही सजा सुनाई थी। इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील की, लेकिन हाईकोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि केवल किसी व्यक्ति के मूक-बधिर होने से उसकी गवाही को खारिज नहीं किया जा सकता। संकेतों के जरिए दी गई जानकारी भी कानून की नजर में मौखिक साक्ष्य मानी जाती है। साथ ही मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट ने भी अपराध की पुष्टि की। जांच में पीड़िता और आरोपी से जुड़े नमूनों में मानव शुक्राणु मिलने की बात सामने आई थी, जिसका आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। हाईकोर्ट ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2) के तहत मृत्यु तक आजीवन कारावास और धारा 450 के तहत अतिरिक्त पांच वर्ष की सजा सुनाई है। इसके अलावा उस पर 21 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। आरोपी फिलहाल जेल में बंद है और उसे पूरी सजा भुगतनी होगी। c

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5वीं-8वीं की परीक्षा पर सवाल: घटिया पेपर से जूझे 7 लाख छात्र, लिखते ही फट रहीं कॉपियां

प्रदेश में बोर्ड पैटर्न पर आयोजित की जा रही कक्षा 5वीं और 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षाएं अव्यवस्थाओं के कारण विवादों में आ गई हैं। राज्य स्तर से भेजे गए प्रश्नपत्र-सह-उत्तरपुस्तिका की गुणवत्ता बेहद खराब होने से लाखों विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ा। कागज इतना पतला बताया जा रहा है कि पेन से लिखते ही स्याही दूसरी तरफ दिखने लगती है और हल्का दबाव पड़ते ही पन्ने फट जा रहे हैं। गणित जैसे विषय में रफ वर्क के लिए अलग जगह नहीं दी गई, जबकि सीमित पन्नों में कई प्रश्न शामिल कर दिए गए। कई छात्रों को उत्तर लिखने में कठिनाई हुई। कुछ केंद्रों पर प्रश्न अधूरे या गायब होने की शिकायत भी सामने आई, वहीं रेखा खींचते समय कागज फटने की घटनाएं भी बताई जा रही हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अब तक औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। इस परीक्षा में प्रदेशभर के करीब 7 लाख विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा शुल्क भी निर्धारित है—कक्षा 5वीं के लिए 55 रुपये और 8वीं के लिए 60 रुपये प्रति छात्र। निजी स्कूलों में यह शुल्क अभिभावक देते हैं, जबकि सरकारी स्कूलों में खर्च शिक्षा विभाग उठाता है। प्रश्नपत्र, परीक्षा संचालन, कॉपी जांच और परिणाम प्रक्रिया पर कुल मिलाकर लगभग 4 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, इसके बावजूद व्यवस्थाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। परीक्षा सामग्री में कई तकनीकी कमियां भी सामने आईं, जैसे पर्यवेक्षक और छात्रों के हस्ताक्षर के लिए स्थान का अभाव तथा उत्तर लिखने के लिए पर्याप्त जगह न होना। विशेषज्ञों के अनुसार प्रश्नपत्र के लिए सामान्यतः 60 से 80 GSM और उत्तरपुस्तिका के लिए कम से कम 80 GSM कागज का उपयोग होना चाहिए, लेकिन इस परीक्षा में उपयोग किए गए कागज की गुणवत्ता इससे काफी कम बताई जा रही है। कम GSM वाले कागज में स्याही आर-पार दिखती है और कागज जल्दी फट जाता है। इस पूरे मामले ने परीक्षा प्रणाली और शिक्षा विभाग की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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हाईवे किनारे अवैध कट पर कार्रवाई तय: 320 ढाबे-होटल के एंट्री-एग्जिट बंद होंगे, FIR की तैयारी

नेशनल हाईवे के किनारे नियमों के विपरीत संचालित हो रहे होटल, ढाबे और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर अब सख्त कार्रवाई होने वाली है। टाटीबंध-आरंग और रायपुर-सिमगा मार्ग के बीच करीब 320 प्रतिष्ठान ऐसे हैं, जिन्होंने बिना अनुमति सीधे हाईवे से प्रवेश और निकास के रास्ते बना लिए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा पिछले डेढ़ वर्ष से नोटिस दिए जाने के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया गया। अब NHAI जिला पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है। इस कार्रवाई के तहत अवैध कट और रास्तों को बंद किया जाएगा, सड़क किनारे कंक्रीट क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार इन प्रतिष्ठानों को कई बार नोटिस और रिमाइंडर भेजे गए, लेकिन कोई ठोस सुधार नहीं हुआ। ऐसे में अप्रैल महीने से अभियान शुरू कर अवैध प्रवेश-निकास समाप्त करने की योजना बनाई गई है। हाईवे पर सीधे वाहनों की आवाजाही को दुर्घटनाओं की बड़ी वजह माना जा रहा है। तेज रफ्तार से गुजरने वाले भारी वाहनों के बीच अचानक प्रवेश करने वाले वाहनों से टक्कर का खतरा बढ़ जाता है। कार्रवाई के बाद ब्लाइंड एंट्री खत्म होगी, ट्रैफिक सुचारु रहेगा और सड़क हादसों में कमी आने की उम्मीद है। नियमों के मुताबिक नेशनल हाईवे से कम से कम 30 मीटर दूरी के बाद ही निर्माण की अनुमति होती है और प्रवेश-निकास केवल तय स्थानों से ही होना चाहिए। लेकिन वास्तविकता में कई प्रतिष्ठानों से सीधे हाईवे पर वाहन चढ़ रहे हैं, जिससे सुरक्षा और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। NHAI का कहना है कि हाईवे को सुरक्षित बनाने के लिए यह कार्रवाई जरूरी है और नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी।

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रायपुर: सदर बाजार के ज्वेलरी शोरूम में 6.5 लाख की चोरी, कर्मचारी गहने लेकर फरार

रायपुर के सदर बाजार स्थित एक ज्वेलरी दुकान में लाखों रुपये के गहनों की चोरी का मामला सामने आया है। सहेली ज्वेलर्स नामक दुकान से करीब 6.50 लाख रुपये मूल्य के डायमंड और सोने के आभूषण गायब पाए गए हैं। घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार दुकान में कार्यरत एक कर्मचारी पर ही चोरी का आरोप है। बताया जा रहा है कि आरोपी का नाम आर्यन शर्मा है, जो घटना के बाद से फरार है। शिकायत के मुताबिक उसने दो डायमंड टॉप्स और एक सोने का टॉप्स चुरा लिया। दुकान में नियमित स्टॉक जांच के दौरान गहनों की कमी का पता चला, जिसके बाद प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उसका मोबाइल फोन बंद बताया जा रहा है। पुलिस अब उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। सदर बाजार इलाके में ज्वेलरी दुकानों में इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। कई बार कर्मचारी या कारीगर सोना लेकर फरार हो जाते हैं। व्यापारियों का कहना है कि कर्मचारियों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन होने से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है, लेकिन लापरवाही के कारण बार-बार नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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