प्रदूषण पर सख्ती: रात में सिस्टम बंद करने वाले 30 उद्योग सील, बिजली कनेक्शन काटे
प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर बड़ा एक्शन राजधानी रायपुर में हवा को प्रदूषित करने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। जनवरी से अब तक उरला, सिलतरा और धरसींवा क्षेत्र के 30 उद्योगों को पूरी तरह बंद कर उनकी बिजली सप्लाई काट दी गई है। इसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी पर्यावरणीय कार्रवाई माना जा रहा है। रात में बंद कर देते थे प्रदूषण कंट्रोल सिस्टम जांच में सामने आया कि कई उद्योग मुनाफा बढ़ाने के लिए रात के समय ईएसपी (इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रीसीपिटेटर) और अन्य प्रदूषण नियंत्रण उपकरण बंद कर देते थे। बार-बार चेतावनी और नोटिस के बावजूद सुधार नहीं होने पर मंडल ने सीधे क्लोजर ऑर्डर जारी कर पावर कट कर दिया। बड़े उद्योग भी कार्रवाई की जद में कार्रवाई के दायरे में कई बड़े नाम भी आए हैं, जिनमें जैसे उद्योग शामिल हैं। वहीं Sharda Energy and Minerals Limited के खिलाफ बिना अनुमति फ्लाई ऐश डंपिंग का मामला भी दर्ज किया गया है। कार्रवाई का पूरा रिपोर्ट कार्ड भारी जुर्माने का प्रावधान नियमों के अनुसार बिना अनुमति राखड़ फेंकने पर 5 लाख से 50 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि उद्योग चेतावनी के बाद भी प्रदूषण नियंत्रण उपकरण चालू नहीं करते, तो जल और वायु अधिनियम के तहत उनकी बिजली काटने की कार्रवाई की जाती है। सुधार के बाद ही मिलेगा संचालन की अनुमति मंडल ने साफ कर दिया है कि अब “पहले उत्पादन, बाद में सुधार” की नीति नहीं चलेगी।उद्योगों को पहले सभी पर्यावरण मानकों का पालन करना होगा, तभी संचालन की अनुमति दी जाएगी। अधिकारी का बयान मंडल के सदस्य सचिव राजू अगासीमानी के अनुसार, नोटिस देने के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिला और न ही सिस्टम चालू किए गए, इसलिए सख्त कार्रवाई की गई है।
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