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बोरझारा की अऊम इंजिनियरिंग में श्रम विवाद गहराया, 30 अप्रैल को उग्र धरना-प्रदर्शन की चेतावनी

रायपुर के बोरझारा स्थित अऊम इंजिनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड में श्रमिकों के साथ कथित अन्याय का मामला सामने आया है, जिसने अब बड़ा रूप ले लिया है। दो कर्मचारियों—कृष्ण कुमार कुजूर और किशोर मिर्धा—ने फैक्ट्री प्रबंधन पर बिना कारण बताए नौकरी से निकालने और बकाया भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, कृष्ण कुमार कुजूर लगभग 6 महीने से क्वालिटी इंचार्ज और किशोर मिर्धा करीब 1 महीने से सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे। दोनों का दावा है कि उनके काम को लेकर कभी कोई शिकायत नहीं की गई। इसके बावजूद 22 अप्रैल 2026 को अचानक बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के उन्हें काम से निकाल दिया गया और फैक्ट्री गेट बंद कर दिया गया। आरोप यह भी है कि काम के दौरान उनका नाम ESIC और PF (PAF) में दर्ज नहीं किया गया, जो श्रम कानूनों का उल्लंघन है। कर्मचारियों का कहना है कि जब उन्होंने अपने बकाया वेतन और हिसाब-किताब की मांग की, तो प्रबंधन ने भुगतान करने से इनकार कर दिया और धमकी भरे लहजे में बात की। इस मामले में आवेदक बेदराम साहू ने बताया कि उन्होंने दो बार फोन के माध्यम से फैक्ट्री प्रबंधन से बातचीत कर मजदूरों का भुगतान कराने का प्रयास किया, लेकिन यश गुप्ता नामक व्यक्ति ने गलत नियमों का हवाला देते हुए भुगतान से साफ मना कर दिया। श्रम कानूनों के तहत अब किशोर मिर्धा को दो महीने का नोटिस पेमेंट और कृष्ण कुमार कुजूर को एक महीने का नोटिस पेमेंट मिलना चाहिए। कुल मिलाकर कृष्ण कुजूर के 34,660 रुपये और किशोर मिर्धा के 43,200 रुपये बकाया बताए गए हैं। आवेदक ने फैक्ट्री प्रबंधन को दो दिन के भीतर भुगतान करने की चेतावनी दी है। अन्यथा 30 अप्रैल 2026 को फैक्ट्री गेट के सामने मजदूर परिवार और स्थानीय लोगों के साथ धरना-प्रदर्शन और घेराव किया जाएगा। साथ ही, इस दौरान होने वाली किसी भी स्थिति के लिए पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।

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रायगढ़ में तेज आंधी से बिजली व्यवस्था ठप, खंभे गिरे और तारों में फंसे बैनर; सुबह तक बहाल हुई सप्लाई

छत्तीसगढ़ के Raigarh में सोमवार रात अचानक बदले मौसम ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं और आंधी के चलते शहर और आसपास के इलाकों में बिजली व्यवस्था बुरी तरह बाधित हो गई। कई जगह बिजली के खंभे गिर गए, जबकि कुछ स्थानों पर उड़ते हुए बैनर और फ्लैक्स बिजली तारों में फंस गए, जिससे सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई। देर रात तक लोगों को अंधेरे और परेशानी का सामना करना पड़ा। कोड़ातराई इलाके में हालात सबसे ज्यादा प्रभावित रहे, जहां तेज हवाओं के कारण 3 से 4 बिजली के खंभे गिर गए और पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद हो गई। सूचना मिलते ही बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रात में ही मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। वहीं कोतरा रोड क्षेत्र में फ्लैक्स उड़कर तारों में फंसने से कई घंटों तक बिजली बाधित रही। इसके अलावा कोतरा रोड, श्याम टॉकीज रोड, स्टेडियम के आसपास, सर्किट हाउस मरीन ड्राइव और किरोड़ीमल जैसे इलाकों में पेड़ों की डालियां टूटकर बिजली लाइनों पर गिर गईं, जिससे शहर के बड़े हिस्से में बिजली सप्लाई प्रभावित हुई। हवाएं थमने के बाद विभाग ने तेजी से काम करते हुए सुबह तक अधिकांश क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बहाल कर दी। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शहर में जगह-जगह लगाए गए बैनर और फ्लैक्स भी समस्या का बड़ा कारण बने। तेज हवाओं में ये उड़कर बिजली तारों में उलझ जाते हैं, जिससे न सिर्फ सप्लाई बाधित होती है, बल्कि मरम्मत कार्य में भी दिक्कत आती है। अधीक्षण यंत्री गुंजन शर्मा के मुताबिक, कोड़ातराई, कुसमुरा और खरसिया क्षेत्रों में आंधी का असर ज्यादा देखा गया। हालांकि विभाग की तत्परता से सभी प्रभावित स्थानों पर सुधार कार्य कर लिया गया है और अब स्थिति सामान्य हो चुकी है।

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बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर फटा तिरंगा लहराया, रेलवे की लापरवाही पर उठे सवाल

छत्तीसगढ़ के Bilaspur स्थित Bilaspur Railway Station में राष्ट्र सम्मान से जुड़ी एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। स्टेशन के वीआईपी गेट नंबर-2 के बाहर लगाया गया विशाल तिरंगा फटा हुआ और गंदगी से भरा हुआ लहराता नजर आया, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। देश की आन-बान और शान माने जाने वाले राष्ट्रीय ध्वज की इस स्थिति को लेकर लोगों ने इसे अपमानजनक बताया है। यह तिरंगा आमतौर पर गौरव और सम्मान का प्रतीक होता है, लेकिन मौजूदा हालात में इसकी स्थिति बदहाल दिखाई दी। झंडे का कपड़ा जगह-जगह से फटा हुआ था और उस पर धूल-मिट्टी भी जमी हुई थी। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि इतनी महत्वपूर्ण जगह पर लगे राष्ट्रीय ध्वज की देखरेख में आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई। इस मामले ने South East Central Railway के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर रेलवे “अमृत स्टेशन योजना” जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के तहत आधुनिक सुविधाओं के दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय प्रतीकों की इस तरह अनदेखी चिंता का विषय बन गई है। नियमों के अनुसार, Flag Code of India में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि तिरंगे को हमेशा साफ और सम्मानजनक स्थिति में ही फहराया जाना चाहिए। फटा या गंदा झंडा सार्वजनिक स्थान पर लगाना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। इसके अलावा, क्षतिग्रस्त झंडे को सम्मानपूर्वक नष्ट करने की भी प्रक्रिया निर्धारित है—या तो उसे एकांत में जलाया जाए या जमीन में दफन किया जाए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही तिरंगे को तुरंत बदलने और भविष्य में ऐसी लापरवाही न होने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की जा रही है।

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भीषण गर्मी में पशुओं की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी, 30°C से ऊपर पैदल परिवहन पर रोक

छत्तीसगढ़ में बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए Chhattisgarh State Animal Welfare Board ने पशुपालकों और आम लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि इस मौसम में पशु हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और गर्म सतहों से जलने जैसी समस्याओं के प्रति बेहद संवेदनशील हो जाते हैं, इसलिए उनकी विशेष देखभाल जरूरी है। जारी दिशा-निर्देशों में पशुओं के लिए छाया की उचित व्यवस्था करने और उन्हें दिनभर साफ व ताजा पानी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। साथ ही चौड़े मुंह वाले मजबूत बर्तनों में पानी रखने की सलाह दी गई है, ताकि पशु आसानी से पानी पी सकें और बर्तन पलटने की संभावना कम रहे। बोर्ड ने पशुओं के प्रति क्रूरता रोकने के लिए नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा है। निर्देशों के मुताबिक, 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान में पशुओं के पैदल परिवहन पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद भी इस तरह के परिवहन से बचने को कहा गया है, ताकि पशुओं को अत्यधिक गर्मी से राहत मिल सके। एडवाइजरी में पशुपालकों को हीट स्ट्रोक के लक्षणों पर विशेष ध्यान देने की भी सलाह दी गई है। यदि किसी पशु में तेज सांस चलना, अत्यधिक सुस्ती, लार गिरना, दिल की धड़कन बढ़ना या बेहोशी जैसे संकेत दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क कर इलाज कराना जरूरी है। बोर्ड ने अपील की है कि गर्मी के इस दौर में पशुओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें, ताकि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी या नुकसान से बचाया जा सके।

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CSR फंड में गड़बड़ी का आरोप: BSP के 2 करोड़ में से 40 लाख से खरीदे एसी, मरीजों को नहीं मिला लाभ

छत्तीसगढ़ के Durg जिले में सीएसआर फंड के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। Bhilai Steel Plant (बीएसपी) ने कोरोना की तीसरी लहर के दौरान जिला अस्पताल को बेहतर सुविधाएं देने के लिए 200 लाख रुपए की राशि दी थी, लेकिन इस फंड के उपयोग को लेकर पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि इस राशि में से 40 लाख रुपए खर्च कर एयर कंडीशनर खरीदे गए, जो मरीजों के वार्ड की बजाय अधिकारियों और डॉक्टरों के कमरों में लगाए गए। जानकारी के मुताबिक, 5 अप्रैल 2023 को बीएसपी ने यह राशि कलेक्टर के सीएसआर खाते में ट्रांसफर की थी। ऑडिट के दौरान जब खर्च का हिसाब मांगा गया, तो स्वास्थ्य विभाग केवल 16.49 लाख रुपए का ही विवरण दे पाया, जिसमें से महज 8.24 लाख रुपए का उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया गया। यानी करीब दो करोड़ रुपए के फंड का पूरा हिसाब अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि 40 लाख रुपए से एसी खरीदे गए। जांच में सामने आया कि जिला अस्पताल के न्यू ओपीडी ब्लॉक में अधिकांश डॉक्टरों के कक्ष, प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के कमरों में एसी लगाए गए हैं, जबकि मरीजों के वार्ड और वेटिंग एरिया में ऐसी सुविधाएं नहीं पहुंच पाईं। केवल बर्न वार्ड में कुछ पुराने एसी लगाए जाने की बात सामने आई है। पिछले तीन वर्षों में बीएसपी द्वारा लगातार पत्राचार के बावजूद पूरा विवरण नहीं दिया गया। 8 जनवरी 2026 को भेजे गए 11वें पत्र में खर्च, बिल, फोटो और वीडियो मांगे गए, लेकिन अब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। इतना ही नहीं, सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी पर भी विभाग की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है। इस पूरे मामले ने सीएसआर फंड के उपयोग और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमों के अनुसार, ऐसे फंड के उपयोग का पूरा हिसाब और उपयोगिता प्रमाण-पत्र देना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी होती है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और क्या जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही तय की जाती है।

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दुर्ग में सरकारी कर्मचारियों के लिए हेलमेट-सीट बेल्ट अनिवार्य, नियम तोड़ने पर कार्रवाई के निर्देश

छत्तीसगढ़ के Durg जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी Abhijit Singh ने आदेश जारी करते हुए सभी शासकीय अधिकारी और कर्मचारियों के लिए वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट पहनना अनिवार्य कर दिया है। इस कदम का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना बताया जा रहा है। जारी निर्देशों के मुताबिक, दोपहिया वाहन चलाने वाले कर्मचारियों को हर स्थिति में हेलमेट पहनना होगा, जबकि चारपहिया वाहन चलाने वालों के लिए सीट बेल्ट लगाना जरूरी कर दिया गया है। कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को यह जिम्मेदारी सौंपी है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से इन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी तरह की लापरवाही पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, जमीनी स्तर पर स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। दुर्ग-भिलाई में ट्रैफिक पुलिस नियमित रूप से चौक-चौराहों पर चालान काट रही है, लेकिन इसके बावजूद कई लोग बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के वाहन चलाते नजर आ रहे हैं। ऐसे में यह भी सवाल उठ रहा है कि केवल चालान काटने से ज्यादा जरूरी लोगों में जागरूकता बढ़ाना है, ताकि वे स्वेच्छा से नियमों का पालन करें। प्रशासन को उम्मीद है कि सरकारी कर्मचारियों के लिए यह अनिवार्यता लागू होने के बाद आम जनता भी सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति अधिक गंभीर होगी और इससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

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छत्तीसगढ़ बोर्ड रिजल्ट कल 2:30 बजे जारी: 10वीं-12वीं के 5.66 लाख छात्रों का इंतजार खत्म

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (Chhattisgarh Board of Secondary Education) कल दोपहर 2:30 बजे हाई स्कूल (10वीं) और हायर सेकेंडरी (12वीं) परीक्षा के नतीजे घोषित करेगा। इसकी जानकारी स्कूल शिक्षा मंत्री Gajendra Yadav ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए दी। इस साल करीब 5.66 लाख छात्र-छात्राओं ने बोर्ड परीक्षा दी थी, जिनकी मेहनत का परिणाम अब सामने आने वाला है। मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर छात्र अपना रोल नंबर दर्ज कर आसानी से रिजल्ट देख सकेंगे। इस बार 10वीं में 3,20,535 और 12वीं में 2,45,785 परीक्षार्थी शामिल हुए। आंकड़ों के मुताबिक, 10वीं के छात्रों की संख्या 12वीं से लगभग 31 प्रतिशत अधिक रही, जो हर साल की तरह इस बार भी ट्रेंड को दिखाता है। पिछले साल के मुकाबले इस बार कुल परीक्षार्थियों की संख्या लगभग स्थिर रही है, हालांकि 12वीं में छात्रों की संख्या में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं 75% उपस्थिति अनिवार्य होने के कारण करीब 1400 छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए। रिजल्ट का इंतजार सिर्फ छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों और स्कूलों के लिए भी बेहद अहम होता है। 10वीं के छात्र जहां आगे के विषय और स्ट्रीम का चयन करेंगे, वहीं 12वीं के छात्र कॉलेज एडमिशन और करियर की दिशा तय करेंगे। पिछले साल की तरह इस बार भी सभी की नजर पास प्रतिशत, मेरिट लिस्ट और टॉपर्स पर टिकी हुई है। मंडल ने छात्रों से अपील की है कि वे रिजल्ट को सकारात्मक रूप से लें। अच्छे अंक आने पर आगे की तैयारी में जुटें, और यदि परिणाम उम्मीद के मुताबिक न हो तो निराश होने के बजाय नए अवसरों पर ध्यान दें।

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इंटर-स्टेट चोर गिरोह का पर्दाफाश: 4.99 लाख का सोना बरामद, 20 दिन बाद मेरठ से आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर पुलिस ने सिलसिलेवार चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए इंटर-स्टेट गैंग के एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ताज मोहम्मद को पकड़ने के लिए पुलिस टीम ने करीब 20 दिनों तक दिल्ली और मेरठ में डेरा डालकर लगातार निगरानी की। आखिरकार 24 अप्रैल को मुखबिर की सूचना पर उसे घेरकर गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके पास से करीब 35.34 ग्राम गला हुआ सोना बरामद किया है, जिसकी कीमत लगभग 4.99 लाख रुपए बताई जा रही है। आरोपी चोरी के बाद गहनों को पिघलाकर उनकी पहचान मिटा देता था। यह मामला 28 सितंबर 2025 को सिविल लाइन थाना क्षेत्र के साकेत और रियल हेवन अपार्टमेंट में हुई चोरी से जुड़ा है, जिसने पुलिस के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने विशेष टीम का गठन किया, जिसमें सिविल लाइन पुलिस और एसीसीयू को शामिल किया गया। टीम ने 300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपने साथी के साथ बाइक से बिलासपुर आया था और पहले दो दिनों तक शहर में रेकी कर सुनसान अपार्टमेंट्स को निशाना बनाया। मौका मिलते ही वे फ्लैट के ताले तोड़कर अंदर घुसते और चोरी को अंजाम देते। वारदात के बाद गहनों को चिमनी में गलाकर उनका रूप बदल दिया जाता था, ताकि पहचान न हो सके। तीसरी वारदात के दौरान लोगों को शक होने पर दोनों आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने बताया कि गिरोह का दूसरा सदस्य वसीम मोहम्मद फिलहाल दिल्ली की जेल में बंद है, जिसे जल्द ही बिलासपुर लाया जाएगा। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ताज मोहम्मद पर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और छत्तीसगढ़ में 47 से ज्यादा चोरी और लूट के मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उससे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और बाकी वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

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छत्तीसगढ़ में भीषण सड़क हादसे: ट्रक में घुसी कार, मां-बेटे-नाती समेत 7 की मौत

छत्तीसगढ़ में अलग-अलग सड़क हादसों ने सोमवार को कई परिवारों को झकझोर दिया, जहां कुल 7 लोगों की मौत हो गई। सबसे दर्दनाक हादसा कोरबा जिले में हुआ, जहां एक ही परिवार के तीन लोगों—मां, बेटे और ढाई साल के नाती—की जान चली गई। यह हादसा चांपा-फरसवानी रोड पर देर रात हुआ, जब चौथिया कार्यक्रम से लौट रही तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराई और फिर पलटते हुए सड़क किनारे खड़ी हाइवा में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। दूसरी घटना बिलासपुर में सामने आई, जहां सिम्स मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर की कार ने ऑटो को टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि ड्राइविंग के दौरान डॉक्टर को झपकी आ गई, जिससे उनकी कार पहले दूसरी गाड़ी से टकराई और फिर ऑटो से जा भिड़ी। इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, हालांकि ब्रीथ एनालाइजर जांच में शराब के सेवन की पुष्टि नहीं हुई। इसी तरह बारात से जुड़े दो अलग-अलग हादसों में भी जान-माल का नुकसान हुआ। कोटा से मुंगेली जा रही स्कॉर्पियो अचानक सामने आए साइकिल सवार को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर कई बार पलट गई, जिसमें एक महिला की मौत और 13 लोग घायल हो गए। वहीं, सीपत क्षेत्र में बारातियों से भरी एक पिकअप मोड़ पर पलट गई, जिससे एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई और 12 लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि वाहन में क्षमता से अधिक लोग सवार थे। एक अन्य हादसे में मस्तूरी क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहनों के आगे के हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। लगातार हो रहे इन हादसों ने सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज रफ्तार, लापरवाही और नियमों की अनदेखी इन घटनाओं की मुख्य वजह बन रही है, जिससे आए दिन लोगों की जान जा रही है।

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हाईवे पर चलती स्कूटी में गले लगकर बैठे कपल, VIDEO:बिलासपुर में दूसरा युवक बिना हेलमेट दौड़ाता रहा गाड़ी, ASP बोले- एक्शन होगा, पहचान जारी

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में नेशनल हाईवे पर चलती स्कूटी में युवक-युवती के रोमांस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो रतनपुर हाईवे का है, जिसमें एक स्कूटी पर तीन लोग सवार दिखाई दे रहे हैं। आगे बैठा युवक गाड़ी चला रहा है, जबकि पीछे बैठे युवक-युवती एक-दूसरे को गले लगाकर बैठे नजर आ रहे हैं। इस दौरान न तो हेलमेट का इस्तेमाल किया गया और न ही यातायात नियमों का पालन किया गया, जिससे हादसे का खतरा साफ देखा जा सकता है। मामले को गंभीरता से लेते हुए ट्रैफिक पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। ट्रैफिक ASP रामगोपाल करियारे के मुताबिक, वीडियो के आधार पर वाहन की पहचान की जा रही है और नंबर प्लेट के जरिए मालिक तक पहुंचने की कोशिश जारी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकतें न सिर्फ अशोभनीय हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा हैं, इसलिए नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले भी बिलासपुर में इसी तरह का मामला सामने आया था, जब चलती स्कूटी पर कपल का वीडियो वायरल हुआ था। उस समय पुलिस ने युवक को पकड़कर करीब 8,800 रुपए का चालान काटा था। हाईवे पर इस तरह की लापरवाही भरी स्टंटबाजी कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, जिसे देखते हुए पुलिस अब ऐसे मामलों पर सख्ती बरत रही है।

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