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छत्तीसगढ़ में भीषण सड़क हादसे: ट्रक में घुसी कार, मां-बेटे-नाती समेत 7 की मौत

छत्तीसगढ़ में अलग-अलग सड़क हादसों ने सोमवार को कई परिवारों को झकझोर दिया, जहां कुल 7 लोगों की मौत हो गई। सबसे दर्दनाक हादसा कोरबा जिले में हुआ, जहां एक ही परिवार के तीन लोगों—मां, बेटे और ढाई साल के नाती—की जान चली गई। यह हादसा चांपा-फरसवानी रोड पर देर रात हुआ, जब चौथिया कार्यक्रम से लौट रही तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराई और फिर पलटते हुए सड़क किनारे खड़ी हाइवा में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। दूसरी घटना बिलासपुर में सामने आई, जहां सिम्स मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर की कार ने ऑटो को टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि ड्राइविंग के दौरान डॉक्टर को झपकी आ गई, जिससे उनकी कार पहले दूसरी गाड़ी से टकराई और फिर ऑटो से जा भिड़ी। इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, हालांकि ब्रीथ एनालाइजर जांच में शराब के सेवन की पुष्टि नहीं हुई। इसी तरह बारात से जुड़े दो अलग-अलग हादसों में भी जान-माल का नुकसान हुआ। कोटा से मुंगेली जा रही स्कॉर्पियो अचानक सामने आए साइकिल सवार को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर कई बार पलट गई, जिसमें एक महिला की मौत और 13 लोग घायल हो गए। वहीं, सीपत क्षेत्र में बारातियों से भरी एक पिकअप मोड़ पर पलट गई, जिससे एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई और 12 लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि वाहन में क्षमता से अधिक लोग सवार थे। एक अन्य हादसे में मस्तूरी क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहनों के आगे के हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। लगातार हो रहे इन हादसों ने सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज रफ्तार, लापरवाही और नियमों की अनदेखी इन घटनाओं की मुख्य वजह बन रही है, जिससे आए दिन लोगों की जान जा रही है।

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हाईवे पर चलती स्कूटी में गले लगकर बैठे कपल, VIDEO:बिलासपुर में दूसरा युवक बिना हेलमेट दौड़ाता रहा गाड़ी, ASP बोले- एक्शन होगा, पहचान जारी

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में नेशनल हाईवे पर चलती स्कूटी में युवक-युवती के रोमांस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो रतनपुर हाईवे का है, जिसमें एक स्कूटी पर तीन लोग सवार दिखाई दे रहे हैं। आगे बैठा युवक गाड़ी चला रहा है, जबकि पीछे बैठे युवक-युवती एक-दूसरे को गले लगाकर बैठे नजर आ रहे हैं। इस दौरान न तो हेलमेट का इस्तेमाल किया गया और न ही यातायात नियमों का पालन किया गया, जिससे हादसे का खतरा साफ देखा जा सकता है। मामले को गंभीरता से लेते हुए ट्रैफिक पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। ट्रैफिक ASP रामगोपाल करियारे के मुताबिक, वीडियो के आधार पर वाहन की पहचान की जा रही है और नंबर प्लेट के जरिए मालिक तक पहुंचने की कोशिश जारी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकतें न सिर्फ अशोभनीय हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा हैं, इसलिए नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले भी बिलासपुर में इसी तरह का मामला सामने आया था, जब चलती स्कूटी पर कपल का वीडियो वायरल हुआ था। उस समय पुलिस ने युवक को पकड़कर करीब 8,800 रुपए का चालान काटा था। हाईवे पर इस तरह की लापरवाही भरी स्टंटबाजी कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, जिसे देखते हुए पुलिस अब ऐसे मामलों पर सख्ती बरत रही है।

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AI वीडियो विवाद: भूपेश बघेल और सौम्या चौरसिया का कथित वीडियो वायरल, FIR दर्ज, जांच तेज

छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उपसचिव सौम्या चौरसिया से जुड़ा एक कथित AI जनरेटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक और कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। इस वीडियो को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कड़ी आपत्ति जताते हुए राज्य के अलग-अलग 8 थानों में शिकायत दर्ज कराई है। मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां पुलिस ने संबंधित इंस्टाग्राम आईडी संचालक के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विवाद बढ़ने के बाद संबंधित इंस्टाग्राम पेज को भी बैन कर दिया गया है। यह वीडियो ‘कांग्रेस पोल खोल’ और ‘रैंडम छत्तीसगढ़’ नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से साझा किया गया था, जिसे कांग्रेस नेताओं ने आपत्तिजनक और भ्रामक बताया है। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) के तहत केस दर्ज किया है। इस मुद्दे को लेकर 26 अप्रैल को कांग्रेस नेताओं ने एसएसपी विजय अग्रवाल से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद जिले के कई थाना क्षेत्रों—जामगांव आर, कुम्हारी, भिलाई-3, नंदिनी नगर अहिवारा, जामुल, धमधा, अंडा, जेवरा सिरसा और रानीतराई—में कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। फिलहाल पुलिस ने जिन इंस्टाग्राम आईडी से वीडियो पोस्ट किया गया था, उन्हें प्लेटफॉर्म से हटवा दिया है और अब उन अकाउंट्स को संचालित करने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। मामले की जांच साइबर टीम को सौंपी गई है, जो वीडियो के स्रोत, एडिटिंग और अपलोड की पूरी प्रक्रिया का पता लगाने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों तक पहुंचकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इधर राज्य महिला आयोग ने भी इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया है और दुर्ग के एसएसपी को पत्र लिखकर जांच के निर्देश दिए हैं। आयोग ने इसे बेहद संवेदनशील मामला बताते हुए कहा है कि तकनीक का दुरुपयोग कर किसी की छवि खराब करना, खासकर महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक सामग्री तैयार करना, गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है।

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21 करोड़ की फोरेंसिक वैन खड़ी, जांच ठप: जिलों में न पहुंचने से रायपुर लैब पर बढ़ा दबाव

राज्य में अपराध जांच को आधुनिक और तेज बनाने के उद्देश्य से सरकार ने 21.35 करोड़ रुपए खर्च कर 35 मोबाइल फोरेंसिक वैन खरीदीं, लेकिन खरीदी के करीब चार महीने बाद भी ये वाहन जिलों तक नहीं पहुंच पाए हैं और अमलेश्वर में खड़े हैं। इसका सीधा असर जांच प्रक्रिया पर देखने को मिल रहा है। जहां पहले किसी केस की फोरेंसिक रिपोर्ट 2-3 दिनों में मिल जाती थी, अब वही रिपोर्ट आने में 3 से 4 हफ्ते लग रहे हैं। दरअसल, प्रदेश के किसी भी जिले में गंभीर अपराध होने पर अब भी सैंपल जांच के लिए रायपुर की फोरेंसिक लैब भेजे जा रहे हैं, जिससे वहां काम का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। केंद्र सरकार के नए बीएनएस कानून के तहत गंभीर मामलों में फोरेंसिक जांच अनिवार्य किए जाने के बावजूद संसाधनों का सही तरीके से उपयोग नहीं हो पा रहा है। रायपुर की हाईटेक लैब में डीएनए जांच, डिजिटल साक्ष्य, हथियार, विस्फोटक और विभिन्न जैविक नमूनों की जांच की जा रही है, लेकिन पूरे राज्य का भार एक ही जगह होने से प्रक्रिया धीमी हो गई है। वहीं, मोबाइल फोरेंसिक वैन का मुख्य उद्देश्य यही था कि घटनास्थल पर ही साक्ष्य एकत्र कर उनकी प्राथमिक जांच की जा सके। इन वैन के जरिए मौके पर ही फोटो-वीडियो रिकॉर्डिंग, सीन स्केच और साक्ष्यों की सुरक्षित पैकेजिंग जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं, जिससे जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार होता। हालांकि विभाग का कहना है कि वाहनों को जिलों में भेजने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और एक सप्ताह के भीतर इन्हें रवाना कर दिया जाएगा, जिसके बाद जांच व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।

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भीषण गर्मी में राहत: छत्तीसगढ़ के बांध 63% तक भरे, जल संकट का खतरा टला

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच जल संसाधन विभाग की ताजा रिपोर्ट राहत देने वाली साबित हुई है। 24 अप्रैल 2026 के आंकड़ों के मुताबिक राज्य के बड़े और मध्यम बांधों में 62.06% से अधिक पानी भरा हुआ है, जो पिछले दो सालों की तुलना में लगभग दोगुना है। तुलना करें तो 2024 में इसी समय जलस्तर केवल 31.82% था, जबकि 2025 में यह करीब 39.82% दर्ज किया गया था। ऐसे में इस वर्ष जल भंडारण में हुई बढ़ोतरी को एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। प्रदेश के कुल 46 प्रमुख जलाशयों, जिनमें 12 बड़े और 34 मध्यम बांध शामिल हैं, में पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से गर्मी के दौरान संभावित जल संकट की आशंका काफी हद तक कम हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मई-जून की तीखी लू से पहले 60% से अधिक जलस्तर होना राज्य के लिए बेहद लाभकारी है। इससे शहरों में पेयजल की आपूर्ति सुचारू रह सकेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई की जरूरत भी आसानी से पूरी हो पाएगी। वर्तमान में गंगरेल, दुधावा और तांदुला जैसे प्रमुख बांधों से नहरों के माध्यम से पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे खेती और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जल उपलब्धता बनी हुई है। इस बेहतर जलस्तर से उम्मीद की जा रही है कि इस बार गर्मी के बावजूद पानी की कमी जैसी स्थिति नहीं बनेगी।

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नगर निगम सभा में हंगामा: महिला सशक्तिकरण पर तीखी बहस, माइक छीना तो बढ़ा विवाद

नगर निगम की विशेष सामान्य सभा में महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर जमकर राजनीतिक टकराव देखने को मिला। चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे माहौल काफी गरमा गया। विवाद उस समय और बढ़ गया जब नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने बिना किसी का नाम लिए ‘अंग्रेजों के मुखबिर’ जैसी टिप्पणी कर दी। इस बयान पर भाजपा पार्षद नाराज हो गए और विरोध जताते हुए उनका माइक छीनने तक पहुंच गए। इसके चलते करीब 15 मिनट तक हंगामा और नारेबाजी होती रही, जिसके बाद स्थिति को संभालने के लिए सभापति को बैठक कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। करीब साढ़े पांच घंटे तक चली इस बैठक में आखिरकार महिला सशक्तिकरण को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इससे पहले भाजपा पार्षद महिला आरक्षण संशोधन के विरोध में काले कपड़े और काले रिबन पहनकर सभा में पहुंचे थे। बैठक खत्म होने के बाद उन्होंने निगम मुख्यालय से कोतवाली चौक तक रैली निकालकर अपना विरोध भी दर्ज कराया। बैठक के दौरान सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह महिला अधिकारों के मुद्दे पर सहयोग नहीं कर रहा है। वहीं विपक्ष ने पलटवार करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण के नाम पर राजनीति की जा रही है और शहर की मूलभूत समस्याएं जैसे पेयजल, सफाई और सड़क को नजरअंदाज किया जा रहा है। महापौर मीनल चौबे ने महिला सशक्तिकरण को एक जरूरी पहल बताते हुए विपक्ष की आलोचना की, जबकि विपक्ष ने इसे महज राजनीतिक एजेंडा करार दिया।

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रायपुर में गुपचुप पानी में मिलावट का खुलासा: 20 लीटर रंगीन पानी नष्ट, 27 ठेलों पर कार्रवाई

राजधानी रायपुर में खाद्य एवं औषधि विभाग ने मिलावट के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। ‘सही दवा, शुद्ध आहार’ थीम के तहत चल रहे इस 15 दिवसीय अभियान के पहले ही दिन गुपचुप में इस्तेमाल हो रहे रंगीन पानी का मामला सामने आया। जांच के दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में चाट और गुपचुप के ठेलों की जांच की गई। कई जगहों पर पाया गया कि गुपचुप का पानी कृत्रिम रंग मिलाकर तैयार किया जा रहा था, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने करीब 20 लीटर ऐसा पानी मौके पर ही नष्ट करवा दिया। इस अभियान के तहत कुल 27 चाट और गुपचुप सेंटरों की जांच की गई। साथ ही समोसा, चाट और दही बड़ा के सैंपल भी जांच के लिए लिए गए। निरीक्षण के दौरान एक्सपायरी ब्रेड भी मिली, जिसे जब्त कर लगभग 2 किलो सामग्री को तुरंत नष्ट किया गया। अधिकारियों ने सभी संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। विभाग के मुताबिक यह अभियान 11 मई तक लगातार जारी रहेगा। इस दौरान मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और आम लोगों को भी जागरूक किया जाएगा, ताकि सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री लोगों तक पहुंच सके।

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रायपुर में साइबर ठगी का बड़ा खेल: 3 लोगों से 8 लाख की ठगी, लोन-रिवॉर्ड पॉइंट के नाम पर जाल

एक तरफ छत्तीसगढ़ में गर्मी के साथ “वार्म नाइट” का खतरा बढ़ रहा है, वहीं राजधानी रायपुर में साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं। अलग-अलग तरीकों से तीन लोगों को निशाना बनाकर करीब 8 लाख रुपए की ठगी की गई है। पुलिस ने तीनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ितों में टिकरापारा के विशाल गुप्ता, सरस्वती नगर क्षेत्र के सूबेदार हरिश्चंद्र सिंह और अमलीडीह निवासी कारोबारी जयकुमार वाधवानी शामिल हैं। पहले मामले में विशाल गुप्ता ने ऑनलाइन लोन के लिए आवेदन किया था। ठगों ने अधिक रकम मंजूर होने का लालच देकर उनके मोबाइल का डेटा एक्सेस कर लिया। इसके बाद उनकी निजी तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर वायरल करने की धमकी दी गई और ब्लैकमेल कर करीब 6 लाख रुपए वसूल लिए गए। दूसरे मामले में एक महिला ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर सूबेदार हरिश्चंद्र सिंह को कॉल किया। क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम कराने के बहाने उन्हें एक फर्जी वेबसाइट पर ले जाकर कार्ड डिटेल भरवाई गई। जानकारी डालते ही उनके खाते से लगभग 2 लाख रुपए निकल गए। पीड़ित ने तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। तीसरे मामले में जयकुमार वाधवानी को बीमा पॉलिसी में नुकसान का डर दिखाया गया। ठगों ने कंज्यूमर कोर्ट में केस करने का झांसा देकर नया प्लान और “फ्रीजिंग कोड” के नाम पर लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक करते ही उनके खाते से 55 हजार रुपए ट्रांसफर हो गए। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश जारी है।

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छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर: 2 दिन लू का अलर्ट, फिर मिलेगी राहत

छत्तीसगढ़ में इस समय तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है और आने वाले दो दिनों तक हालात ऐसे ही बने रहने की संभावना है। मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। राजनांदगांव में तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा दर्ज किया गया। हालांकि मौसम विभाग ने राहत की भी उम्मीद जताई है। अगले तीन दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट आ सकती है, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। उत्तर प्रदेश से पश्चिम बंगाल तक बनी ट्रफ लाइन के असर से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। सोमवार को बिलासपुर और मुंगेली में तेज आंधी और बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। राजधानी रायपुर में भी मौसम बदलने के संकेत हैं। दोपहर या शाम तक बादल छा सकते हैं। यहां अधिकतम तापमान करीब 43 डिग्री और न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल दो दिन तक गर्मी और लू का असर रहेगा, लेकिन उसके बाद तापमान में गिरावट आ सकती है। यानी अभी लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा, लेकिन सप्ताह के आगे बढ़ने पर राहत मिल सकती है।

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रायपुर में नाबालिग की चाकू मारकर हत्या: मामूली विवाद बना जानलेवा, इलाके में तनाव

राजधानी रायपुर में एक मामूली विवाद ने खतरनाक रूप ले लिया, जहां चाकूबाजी की घटना में 16 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। घटना सोमवार देर रात सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पंचशील नगर के पास जोगी मोहल्ला इलाके में हुई। मृतक की पहचान कुश बाघ के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि देर रात करीब 11:30 बजे से 12 बजे के बीच कुछ युवकों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। इस दौरान आरोपियों ने दो नाबालिगों पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में कुश बाघ को गंभीर चोटें आईं और ज्यादा खून बहने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसका एक साथी घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद मंगलवार सुबह मृतक के परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने सिविल लाइन थाने का घेराव कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को आश्वासन दिया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले में चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की असली वजह सामने आएगी। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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