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बालोद में रिसॉर्ट में महिला शिक्षिका के साथ भाजपा पदाधिकारी मिलने का मामला, पति ने लगाए गंभीर आरोप, पत्नी ने बताया झूठ

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक शिक्षिका और भाजपा से जुड़े एक पदाधिकारी को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। महिला के पति ने पुलिस की मौजूदगी में एक रिसॉर्ट पहुंचकर दोनों को एक साथ होने का दावा किया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पति का आरोप है कि उसकी पत्नी के कई लोगों के साथ अवैध संबंध हैं। उसने यह भी कहा कि विरोध करने पर पत्नी उसे और बच्चों को प्रताड़ित करती है, मारपीट करती है और यहां तक कि जहर देने की धमकी भी देती है। मामले के बाद पति ने एसपी को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के मुताबिक, बालोद के टिकरापारा वार्ड नंबर-04 निवासी अब्दुल ताहिर ने अपनी पत्नी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उसने बताया कि उनकी शादी वर्ष 2006 में बागबाहरा में हुई थी। उनकी पत्नी प्राथमिक शाला में प्रधान पाठिका है और उनके दो बच्चे हैं। पति के अनुसार, करीब 17 साल तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन पिछले दो वर्षों से पत्नी का व्यवहार बदल गया है। पति ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी बच्चों के साथ गाली-गलौज और मारपीट करती है। उसने यह भी दावा किया कि पत्नी ने कई बार बच्चों को शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। संदेह होने पर जब उसने जांच की, तो उसे एक व्यक्ति के साथ पत्नी के संबंध होने की जानकारी मिली। पति के अनुसार, 25 अप्रैल 2026 को उसे सूचना मिली कि उसकी पत्नी एक भाजपा पदाधिकारी के साथ ग्राम डंगनिया के एक रिसॉर्ट में मौजूद है। इसके बाद वह अपने परिचित के साथ मौके पर पहुंचा और किसी विवाद से बचने के लिए पुलिस को भी साथ ले गया। रिसॉर्ट पहुंचने पर कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर बाद पहले संबंधित व्यक्ति बाहर आया और कुछ समय बाद महिला भी बाहर निकली। इस दौरान पति ने वीडियो रिकॉर्ड किया और बाद में सभी को थाने ले जाया गया, जहां पूछताछ की गई। दूसरी ओर, महिला ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए पति पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि उसका पति नशे का आदी है और लंबे समय से उसके साथ मारपीट करता रहा है। महिला के अनुसार, वह मानसिक रूप से परेशान होकर दो बार आत्महत्या का प्रयास भी कर चुकी है। महिला ने यह भी कहा कि उसे जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है। उसने अपने ससुराल पक्ष की जिम्मेदारियां निभाने और आर्थिक सहयोग करने की बात भी कही। रिसॉर्ट में मौजूद होने को लेकर महिला ने कहा कि वह अपनी मर्जी से वहां गई थी और पति द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के आरोपों की पुष्टि की जा रही है।

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संगीता सिन्हा बनीं छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की प्रभारी अध्यक्ष, स्थायी नियुक्ति तक संभालेंगी जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति के बीच संजारी बालोद से विधायक संगीता सिन्हा को प्रभारी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस संबंध में ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की ओर से आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर पहले संगीता सिन्हा और छन्नी साहू के नाम पर सहमति नहीं बन पा रही थी। संगठन के भीतर दोनों नेताओं को लेकर अलग-अलग मत थे, जिसके चलते फैसला लंबित था। ऐसे में फिलहाल संगठन ने अंतरिम व्यवस्था के तौर पर संगीता सिन्हा को प्रभारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। वे स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति होने तक पद संभालेंगी। बताया जाता है कि जनवरी में दिल्ली में प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी की गई थी। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा की मौजूदगी में अनिला भेड़िया, संगीता सिन्हा, छन्नी साहू, ममता चंद्राकर और तुलिका कर्मा ने अपनी दावेदारी रखी थी। स्थायी अध्यक्ष पद के लिए मुख्य प्रतिस्पर्धा संगीता सिन्हा और छन्नी साहू के बीच मानी जा रही थी। संगठन के एक वर्ग का समर्थन छन्नी साहू को मिल रहा था, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाने के कारण संगीता सिन्हा की स्थिति भी मजबूत थी। अंततः फिलहाल उनके नाम पर प्रभारी अध्यक्ष के रूप में सहमति बन गई है। संगीता सिन्हा संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने स्नातक तक शिक्षा प्राप्त की है और धमतरी के शासकीय महाविद्यालय से पढ़ाई की है। उन्हें छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का सदस्य भी बनाया जा चुका है। साथ ही उन्हें उत्कृष्ट विधायक के सम्मान से भी नवाजा जा चुका है।

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“सपनों को लक्ष्य बनाकर लगातार मेहनत ही सफलता की कुंजी” — मेधावी छात्रों को CM साय की सीख

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। Balrampur-Ramanujganj जिले के सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने छात्रों से संवाद कर उनका उत्साह बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने छात्रों से बातचीत के दौरान उनके भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जाना। अधिकांश विद्यार्थियों ने डॉक्टर और इंजीनियर बनने की इच्छा जताई, जबकि कुछ ने प्रशासनिक सेवा और न्यायिक क्षेत्र में जाने का लक्ष्य रखा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए बड़े सपने देखना जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है उन्हें लक्ष्य में बदलकर लगातार मेहनत करना। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, समर्पण और आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई करने की सलाह दी और कहा कि दृढ़ निश्चय के साथ कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी। साथ ही, उन्होंने विद्यार्थियों की सफलता के लिए उनके माता-पिता और शिक्षकों के योगदान को भी सराहा। कार्यक्रम में जिले के कई मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री से मिलने और मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला, जिससे उनमें आगे बढ़ने का उत्साह और भी बढ़ गया।

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बंगाल रुझानों पर CM साय की प्रतिक्रिया: “यह लोकतंत्र की जीत”, BJP के पक्ष में दिख रहे शुरुआती संकेत

छत्तीसगढ़ के Raipur से जुड़े दौरे के दौरान मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने पांच राज्यों के चुनावी रुझानों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। सोमवार सुबह वे Balrampur स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचे, जहां कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरुआती रुझान Bharatiya Janata Party के पक्ष में नजर आ रहे हैं, जो जनता के विश्वास और सरकार के कामकाज का परिणाम है। पश्चिम बंगाल के रुझानों को लेकर उन्होंने खास तौर पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है। उन्होंने संबंधित राज्यों के मतदाताओं को बधाई देते हुए कहा कि लोगों ने विकास, सुशासन और जनहित की नीतियों पर भरोसा जताया है। बताया गया कि मुख्यमंत्री साय रविवार को बलरामपुर प्रवास पर पहुंचे थे और रात्रि विश्राम के बाद सोमवार को पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने संगठन से जुड़े मुद्दों और क्षेत्रीय विषयों पर भी चर्चा की। दौरे के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री अपने अगले तय कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए।

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भिलाई नगर निगम घेराव: भ्रष्टाचार के आरोपों पर BJP का हंगामा, पार्षद का माइक छीने जाने से बढ़ा विवाद

छत्तीसगढ़ के Bhilai में नगर निगम के खिलाफ Bharatiya Janata Party का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। कथित भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं को लेकर पार्टी की जांच एवं संघर्ष समिति के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब भाजपा पार्षद संतोष मौर्य निगम आयुक्त की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे थे। इसी बीच उनका माइक छीन लिया गया, जिससे कार्यकर्ता भड़क उठे और मौके पर जोरदार नारेबाजी शुरू हो गई। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि महापौर Neeraj Pal और निगम आयुक्त की मिलीभगत से वित्तीय गड़बड़ियां हो रही हैं। उन्होंने शिक्षा उपकर निधि, 1248 भूखंडों की नीलामी से मिली राशि और अन्य आर्थिक मामलों में पारदर्शिता की कमी का मुद्दा उठाया। इसके अलावा संजय नगर तालाब के पास स्थित व्यावसायिक भूमि के बिना शासन अनुमति किए गए ऑक्शन को भी गंभीर मामला बताया गया। नेताओं ने यह भी कहा कि निगम की सामान्य सभा में पास प्रस्तावों के विपरीत कार्य किए जा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान शहर में पेयजल संकट और सफाई व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए। नेताओं का कहना है कि भीषण गर्मी में लोग पानी की कमी और गंदगी से परेशान हैं, लेकिन निगम प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। यह प्रदर्शन Ramji Bharti और Purushottam Dewangan के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और पार्षद शामिल रहे। नेताओं ने चेतावनी दी कि जनता से जुड़े मुद्दों पर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

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गैस के बाद पेट्रोल-डीजल भी होंगे महंगे? Deepak Baij का केंद्र पर निशाना

कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष Deepak Baij ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि कांग्रेस ने पहले ही आशंका जताई थी कि पांच राज्यों के चुनाव खत्म होते ही महंगाई बढ़ेगी। बैज ने दावा किया कि फिलहाल सिर्फ गैस सिलेंडर के दाम बढ़े हैं, लेकिन आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी इजाफा हो सकता है, जिससे आम लोगों पर महंगाई का दबाव और बढ़ेगा। 1 मई से लागू नई दरों के अनुसार 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। पहले इसकी कीमत 2175 रुपये थी, जो अब बढ़कर 3168 रुपये हो गई है। हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां कीमतों की समीक्षा करती हैं, जिसके आधार पर यह बदलाव किया गया है। यह लगातार चौथा महीना है जब कमर्शियल सिलेंडर महंगा हुआ है। हालांकि राहत की बात यह है कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा संचालकों, चाय दुकानदारों और हलवाई जैसे छोटे व्यापारियों पर पड़ा है। उनका कहना है कि लागत बढ़ने से मुनाफा घटेगा और उन्हें खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि का असर सिर्फ कारोबार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आम जनता के दैनिक खर्चों पर भी पड़ेगा। खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ने की संभावना है, जिससे लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

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वन-टू-वन बैठक में विधायकों का रिपोर्ट कार्ड तैयार कर रहे सचिन पायलट, संगठन और क्षेत्र की ले रहे जानकारी

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी Sachin Pilot इन दिनों विधायकों के साथ लगातार वन-टू-वन बैठकें कर रहे हैं। इस दौरान वे हर विधायक से करीब 15 मिनट तक व्यक्तिगत चर्चा कर संगठन की स्थिति और उनके विधानसभा क्षेत्र की जमीनी हकीकत की जानकारी ले रहे हैं। हालांकि विधानसभा चुनाव में अभी करीब ढाई साल का समय बाकी है, लेकिन पार्टी ने अभी से विधायकों के प्रदर्शन का आकलन शुरू कर दिया है। इस मैराथन बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij और नेता प्रतिपक्ष Charan Das Mahant भी मौजूद हैं। विधायकों के साथ चर्चा पूरी होने के बाद सचिन पायलट नवनिर्वाचित जिला अध्यक्षों और ब्लॉक अध्यक्षों के साथ भी बैठक करेंगे। इसका उद्देश्य संगठन की जमीनी स्थिति को विस्तार से समझना और भविष्य की रणनीति तय करना है। बैठक के दौरान महिला सशक्तिकरण और 33 प्रतिशत आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस विधायक Sangeeta Sinha ने बताया कि इस विषय को लेकर फैल रही गलतफहमियों को दूर करने पर जोर दिया गया। साथ ही यह भी समीक्षा की गई कि कार्यकर्ताओं तक इस मुद्दे की सही जानकारी पहुंच रही है या नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस 33 प्रतिशत आरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि इस विषय पर फैले भ्रम को खत्म करना जरूरी है। महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर चल रही चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि पार्टी जो भी निर्णय लेगी, वह उन्हें स्वीकार होगा। फिलहाल इस पद के लिए उनकी दावेदारी को मजबूत माना जा रहा है। इससे पहले सचिन पायलट 17 मार्च को प्रदेश दौरे पर आए थे, जहां उन्होंने विधानसभा घेराव कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। इस प्रदर्शन में पूरे प्रदेश से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नेता शामिल हुए थे, जिसे पार्टी ने सरकार के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन के तौर पर पेश किया था।

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बिलासपुर जिला पंचायत में भाजपा का इंडिया गठबंधन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास, महिला आरक्षण पर सियासत तेज

छत्तीसगढ़ के Bilaspur जिला पंचायत की विशेष सामान्य सभा में महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया। बैठक के दौरान Bharatiya Janata Party ने INDIA Alliance के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया, जिसे बहुमत के आधार पर मंजूरी दी गई। जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी द्वारा यह प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे भाजपा सदस्यों का समर्थन मिला। वहीं Indian National Congress समर्थित सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार किया और सभा में शामिल नहीं हुए। उनकी गैरमौजूदगी में प्रस्ताव बिना विरोध के पारित हो गया। बैठक के दौरान भाजपा सदस्यों ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण जैसे अहम मुद्दे पर राजनीति करना सही नहीं है। उनका कहना था कि इस तरह के कदम महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ हैं। सभा में विकास और प्रशासनिक विषयों पर भी चर्चा हुई। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल ने ‘ज्ञान भारतम’ पांडुलिपि संरक्षण योजना का उल्लेख करते हुए इसे सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण बताया। बैठक के बाद भाजपा समर्थित जनप्रतिनिधियों ने कांग्रेस पर तीखा हमला जारी रखते हुए कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण के रास्ते में बाधा डाल रहा है, जबकि यह कानून महिलाओं को राजनीति में अधिक भागीदारी देने की दिशा में अहम कदम है। इसके अलावा बैठक में ‘सुशासन तिहार 2026’ के आयोजन पर भी निर्णय लिया गया। 1 मई से 10 जून तक ग्रामीण क्षेत्रों में जनसमस्याओं के समाधान के लिए शिविर लगाए जाएंगे। यह शिविर 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह स्तर पर आयोजित होंगे, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर ही समस्याओं का समाधान करेंगे। कार्यक्रम के तहत बिल्हा, मस्तूरी और तखतपुर में 8-8 शिविर, जबकि कोटा क्षेत्र में 7 शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य ग्रामीणों को त्वरित राहत और सरकारी सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना है।

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AI वीडियो विवाद: भूपेश बघेल और सौम्या चौरसिया का कथित वीडियो वायरल, FIR दर्ज, जांच तेज

छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उपसचिव सौम्या चौरसिया से जुड़ा एक कथित AI जनरेटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक और कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। इस वीडियो को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कड़ी आपत्ति जताते हुए राज्य के अलग-अलग 8 थानों में शिकायत दर्ज कराई है। मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां पुलिस ने संबंधित इंस्टाग्राम आईडी संचालक के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विवाद बढ़ने के बाद संबंधित इंस्टाग्राम पेज को भी बैन कर दिया गया है। यह वीडियो ‘कांग्रेस पोल खोल’ और ‘रैंडम छत्तीसगढ़’ नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से साझा किया गया था, जिसे कांग्रेस नेताओं ने आपत्तिजनक और भ्रामक बताया है। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) के तहत केस दर्ज किया है। इस मुद्दे को लेकर 26 अप्रैल को कांग्रेस नेताओं ने एसएसपी विजय अग्रवाल से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद जिले के कई थाना क्षेत्रों—जामगांव आर, कुम्हारी, भिलाई-3, नंदिनी नगर अहिवारा, जामुल, धमधा, अंडा, जेवरा सिरसा और रानीतराई—में कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। फिलहाल पुलिस ने जिन इंस्टाग्राम आईडी से वीडियो पोस्ट किया गया था, उन्हें प्लेटफॉर्म से हटवा दिया है और अब उन अकाउंट्स को संचालित करने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। मामले की जांच साइबर टीम को सौंपी गई है, जो वीडियो के स्रोत, एडिटिंग और अपलोड की पूरी प्रक्रिया का पता लगाने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों तक पहुंचकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इधर राज्य महिला आयोग ने भी इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया है और दुर्ग के एसएसपी को पत्र लिखकर जांच के निर्देश दिए हैं। आयोग ने इसे बेहद संवेदनशील मामला बताते हुए कहा है कि तकनीक का दुरुपयोग कर किसी की छवि खराब करना, खासकर महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक सामग्री तैयार करना, गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है।

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21 करोड़ की फोरेंसिक वैन खड़ी, जांच ठप: जिलों में न पहुंचने से रायपुर लैब पर बढ़ा दबाव

राज्य में अपराध जांच को आधुनिक और तेज बनाने के उद्देश्य से सरकार ने 21.35 करोड़ रुपए खर्च कर 35 मोबाइल फोरेंसिक वैन खरीदीं, लेकिन खरीदी के करीब चार महीने बाद भी ये वाहन जिलों तक नहीं पहुंच पाए हैं और अमलेश्वर में खड़े हैं। इसका सीधा असर जांच प्रक्रिया पर देखने को मिल रहा है। जहां पहले किसी केस की फोरेंसिक रिपोर्ट 2-3 दिनों में मिल जाती थी, अब वही रिपोर्ट आने में 3 से 4 हफ्ते लग रहे हैं। दरअसल, प्रदेश के किसी भी जिले में गंभीर अपराध होने पर अब भी सैंपल जांच के लिए रायपुर की फोरेंसिक लैब भेजे जा रहे हैं, जिससे वहां काम का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। केंद्र सरकार के नए बीएनएस कानून के तहत गंभीर मामलों में फोरेंसिक जांच अनिवार्य किए जाने के बावजूद संसाधनों का सही तरीके से उपयोग नहीं हो पा रहा है। रायपुर की हाईटेक लैब में डीएनए जांच, डिजिटल साक्ष्य, हथियार, विस्फोटक और विभिन्न जैविक नमूनों की जांच की जा रही है, लेकिन पूरे राज्य का भार एक ही जगह होने से प्रक्रिया धीमी हो गई है। वहीं, मोबाइल फोरेंसिक वैन का मुख्य उद्देश्य यही था कि घटनास्थल पर ही साक्ष्य एकत्र कर उनकी प्राथमिक जांच की जा सके। इन वैन के जरिए मौके पर ही फोटो-वीडियो रिकॉर्डिंग, सीन स्केच और साक्ष्यों की सुरक्षित पैकेजिंग जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं, जिससे जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार होता। हालांकि विभाग का कहना है कि वाहनों को जिलों में भेजने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और एक सप्ताह के भीतर इन्हें रवाना कर दिया जाएगा, जिसके बाद जांच व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।

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