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रायपुर नगर निगम में 2.23 करोड़ के टैंकर टेंडर पर विवाद: नेता प्रतिपक्ष ने लगाया घोटाले और मिलीभगत का आरोप

राजधानी रायपुर में गर्मी के दौरान पानी सप्लाई के लिए जारी किए गए टैंकर टेंडर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। रायपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष Akash Tiwari ने टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी और अधिकारियों-ठेकेदारों की मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले कई वर्षों से कुछ चुनिंदा फर्मों को ही लगातार काम दिया जा रहा है। आकाश तिवारी ने कहा कि नगर निगम हर साल वार्डों में पानी सप्लाई के लिए टैंकर टेंडर जारी करता है, लेकिन प्रक्रिया में पारदर्शिता दिखाई नहीं देती। उनका आरोप है कि पिछले वर्ष जिन छह फर्मों को टेंडर मिला था, इस बार भी उन्हीं कंपनियों को काम सौंपा गया है। नेता प्रतिपक्ष ने जिन फर्मों का नाम लिया उनमें मेसर्स केशव प्रसाद पांडे, प्रज्ञा कंस्ट्रक्शन, परिमल कश्यप, अरविंद सिंह ठाकुर, प्रवीण दीक्षित और रफीक अहमद शामिल हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि हर साल यही फर्में कैसे चयनित हो जाती हैं। तिवारी ने आरोप लगाया कि निविदा की शर्तें भी ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के हिसाब से तय की जाती हैं। उन्होंने कहा कि सभी निविदा दाताओं के रेट और तारीखों का एक जैसा होना संदेह पैदा करता है। उन्होंने दावा किया कि पिछले साल लगभग 1 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया गया था, लेकिन बाद में टैंकर संचालन के नाम पर करीब 2.06 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। उनका कहना है कि टेंडर राशि कम रखी जाती है और बाद में भुगतान बढ़ा दिया जाता है, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े होते हैं। नेता प्रतिपक्ष ने टैंकरों में GPS सिस्टम नहीं लगाए जाने पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि बिना GPS मॉनिटरिंग के यह पता लगाना मुश्किल है कि टैंकरों ने वास्तव में कहां और कितनी पानी सप्लाई की। आकाश तिवारी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत साबित होती है तो सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम की टेंडर प्रक्रिया भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है।

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रायपुर में शादी समारोह में हर्ष फायरिंग का VIDEO वायरल: भाजपा नेत्री और पति पर उठे सवाल, बच्चे भी हथियार लहराते दिखे

राजधानी रायपुर में एक शादी समारोह के दौरान खुलेआम हर्ष फायरिंग का मामला सामने आया है। भाजपा से जुड़ी मंडी सदस्य Monika Singh के परिवार के कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में भाजपा नेत्री अपने पति के साथ हवाई फायरिंग करती नजर आ रही हैं। समारोह में बच्चे, महिलाएं और युवतियां भी हथियार लहराते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो मोनिका सिंह के भाई प्रतीक की शादी का है। शादी समारोह में डीजे और फिल्मी गानों के बीच बंदूक और पिस्टल से फायरिंग की गई। वायरल वीडियो में ‘धुरंधर’ फिल्म के गाने पर रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया है। वीडियो में मोनिका सिंह के पति ऋतुपर्ण सिंह भी फायरिंग करते नजर आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, ऋतुपर्ण सिंह बिलासपुर में चतुर्थ श्रेणी के शासकीय कर्मचारी हैं। घटना सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इसकी चर्चा शुरू हो गई है। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता Abhay Narayan ने कहा कि जिन लोगों को हथियारों का लाइसेंस दिया गया है, उनके उपयोग की भी नियमित जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था कमजोर होती जा रही है और सरकार को इस पर सख्त कदम उठाने चाहिए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोगों ने भी नाराजगी जताई है। कई यूजर्स का कहना है कि खुलेआम हथियारों से फायरिंग करना कानून को चुनौती देने जैसा है। कुछ लोगों ने पुलिस पर प्रभावशाली लोगों के मामलों में नरमी बरतने का आरोप भी लगाया। जानकारी के अनुसार, ऋतुपर्ण सिंह भाजपा नेता Saurabh Singh के करीबी बताए जा रहे हैं। उन पर पहले भी शादी समारोहों में हर्ष फायरिंग करने के आरोप लग चुके हैं। हालांकि रायपुर पुलिस का कहना है कि अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है, लेकिन वायरल वीडियो के आधार पर पूरे मामले की जांच की जाएगी।

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रायगढ़ में निष्कासित BJP पार्षद गिरफ्तार: दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी देकर युवक से मांगे 40 हजार रुपए

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में भाजपा के निष्कासित पार्षद पर युवक को दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे मांगने का आरोप लगा है। आरोपी युवक और उसके परिवार पर लगातार दबाव बना रहा था। परेशान होकर युवक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामला घरघोड़ा थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, घरघोड़ा वार्ड क्रमांक-10 निवासी साहिल यादव ने वार्ड क्रमांक-2 के निष्कासित भाजपा पार्षद Shyam Bhojwani के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। साहिल ने बताया कि उसका पिछले कई वर्षों से धरमजयगढ़ क्षेत्र की एक युवती के साथ प्रेम संबंध था। कुछ समय पहले दोनों के बीच विवाद हो गया था। बताया गया कि युवती शिकायत लेकर घरघोड़ा थाने पहुंची थी। इस दौरान साहिल भी आरोपी पार्षद के साथ थाने गया था। वहां दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई और आपसी समझौते के बाद युवती ने कोई मामला दर्ज नहीं कराया। शिकायत के मुताबिक, उसी शाम आरोपी श्याम भोजवानी साहिल के मोहल्ले पहुंचा और परिवार को धमकाते हुए कहा कि मामला खत्म कराने के लिए 50 हजार रुपए देने होंगे, नहीं तो युवक को दुष्कर्म केस में फंसा कर जेल भेज दिया जाएगा। परिवार द्वारा रकम देने में असमर्थता जताने पर आरोपी ने 40 हजार रुपए में मामला निपटाने की बात कही और लगातार पैसे का इंतजाम करने का दबाव बनाता रहा। साहिल ने पुलिस को बताया कि आरोपी लगातार मोबाइल कॉल कर उसे और उसकी मां को धमका रहा था। पैसे नहीं देने पर जेल भिजवाने की धमकी देकर मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। युवक ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी ने उससे कोई रकम नहीं मांगी थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी द्वारा पैसे मांगने की मोबाइल ऑडियो रिकॉर्डिंग जब्त की। थाना प्रभारी Kumar Gaurav Sahu ने रिकॉर्डिंग को सबूत के तौर पर सुरक्षित किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर रविवार को गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। रायगढ़ एसएसपी Shashi Mohan Singh ने कहा कि कानून और पुलिस का डर दिखाकर पैसे वसूलना गंभीर अपराध है। उन्होंने लोगों से ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की है।

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रायपुर स्काईवॉक फिर विवादों में: 10 महीने बाद भी अधूरा निर्माण, लोगों को चढ़नी होंगी 100 सीढ़ियां

रायपुर का बहुचर्चित स्काईवॉक प्रोजेक्ट एक बार फिर चर्चा और विवाद का विषय बन गया है। 21 मई 2025 को दोबारा शुरू हुआ निर्माण कार्य 20 अप्रैल 2026 तक पूरा होना था, लेकिन तय समय बीतने के बावजूद प्रोजेक्ट अभी अधूरा है। मौके पर फिलहाल केवल सीढ़ियां लगाने का काम चल रहा है, जबकि लिफ्ट और एस्केलेटर अब तक शुरू नहीं हो पाए हैं। ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया है कि स्काईवॉक का उपयोग करने वाले लोगों को लगभग 90 से 100 सीढ़ियां चढ़नी और उतरनी पड़ेंगी। रेरा ऑफिस की ओर से आने वाले लोगों को 50 से ज्यादा सीढ़ियां चढ़नी होंगी, जबकि मेकाहारा-सेंट्रल जेल रोड की ओर उतरने के लिए करीब 45 सीढ़ियां उतरनी पड़ेंगी। इसको लेकर आम लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। कई लोगों का कहना है कि अधूरे और असुविधाजनक प्रोजेक्ट को हटाया जाना चाहिए। स्काईवॉक में कुल 12 एंट्री और एग्जिट पॉइंट बनाए जा रहे हैं। रेरा ऑफिस, कलेक्ट्रेट टाउन हॉल, घड़ी चौक, तहसील कार्यालय, जिला न्यायालय और सेंट्रल जेल के सामने सीढ़ियां लग चुकी हैं। वहीं डीकेएस अस्पताल, शहीद स्मारक मल्टीलेवल पार्किंग, पुराने जेल मुख्यालय और अंबेडकर अस्पताल के पास अभी काम बाकी है। करीब 8 साल से अधूरे पड़े इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने 37.75 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया था। PSA कंस्ट्रक्शन कंपनी को जिम्मेदारी दी गई, लेकिन 10 महीने बाद भी काम पूरा नहीं हो सका। शास्त्री चौक पर स्काईवॉक को मजबूती देने के लिए रोटरी बनाई जा रही है। इसके अलावा पिलरों पर गर्डर शिफ्ट करने और शेड लगाने का काम जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, दिन में भारी ट्रैफिक होने की वजह से अधिकांश निर्माण कार्य रात में किया जा रहा है, जिससे देरी हो रही है। PWD के मुख्य अभियंता एस.के. कोरी ने बताया कि प्रोजेक्ट में 8 एस्केलेटर और 3 लिफ्ट लगाने की योजना है, लेकिन अब तक उनकी जगह तय नहीं हो सकी है। इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री कुमार मेमन ने कहा कि स्काईवॉक “सफेद हाथी” बन चुका है और इसकी उपयोगिता बेहद कम है। उनका आरोप है कि यह प्रोजेक्ट पूर्व मंत्री राजेश मूणत की जिद का नतीजा है, जिस पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। वहीं भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में गठित कमेटी के सर्वे में 67 फीसदी लोगों ने स्काईवॉक पूरा करने का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि इसे तोड़ना जनता के पैसे की बर्बादी होगी।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में हुए शामिल

रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिनाम संकीर्तन जैसी परंपराएं भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं। ऐसे धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन समाज में भाईचारे, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देते हैं। कार्यक्रम में विधायक Purandar Mishra समेत कई जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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IAS संबित मिश्रा होंगे रायपुर नगर निगम के नए आयुक्त, सोमवार से संभालेंगे जिम्मेदारी

राजधानी रायपुर नगर निगम को नया आयुक्त मिल गया है। 2018 बैच के आईएएस अधिकारी Sambit Mishra अब नगर निगम आयुक्त की जिम्मेदारी संभालेंगे। वे सोमवार को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करेंगे। प्रशासनिक हलकों में उनकी छवि सक्रिय और तकनीक आधारित कार्यशैली अपनाने वाले अधिकारी की रही है। ओडिशा के भुवनेश्वर निवासी संबित मिश्रा ने यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया 51वीं रैंक हासिल की थी। उन्होंने Indian Institute of Technology Kanpur से इंजीनियरिंग और Jawaharlal Nehru University से पब्लिक मैनेजमेंट में मास्टर्स किया है। अपने प्रशासनिक करियर में उन्होंने नगरीय प्रशासन, पंचायत और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे Raigarh नगर निगम आयुक्त, Jashpur जिला पंचायत CEO और Korba जिला पंचायत CEO जैसे पदों पर कार्य कर चुके हैं। Bijapur कलेक्टर रहते हुए उनकी कार्यशैली काफी चर्चा में रही। नक्सल प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों से सीधे संवाद करना और मौके पर समस्याओं का समाधान निकालना उनकी पहचान बना। दूरस्थ गांवों तक पैदल पहुंचकर निरीक्षण करने की उनकी तस्वीरें भी काफी वायरल हुई थीं। अब रायपुर नगर निगम में उनके सामने सफाई व्यवस्था, जलभराव, ट्रैफिक प्रबंधन, अवैध निर्माण, अतिक्रमण और टैक्स वसूली जैसी चुनौतियां रहेंगी। साथ ही स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की निगरानी और जमीनी स्तर पर काम की गति बढ़ाना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल माना जा रहा है।

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छात्र संघ चुनाव की मांग पर NSUI का प्रदर्शन: देवेंद्र यादव बोले- जेल जाओगे तो सांसद-विधायक बनोगे

छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर गुरुवार को NSUI कार्यकर्ताओं ने रायपुर में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं ने महिला थाना चौक के पास एकत्र होकर प्रदर्शन किया और फिर सीएम हाउस की ओर मार्च निकाला। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने मुख्यमंत्री निवास के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। इलाके में चार स्तर की बैरिकेडिंग लगाई गई थी। प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस पर डंडे फेंकने का भी आरोप लगाया गया। कांग्रेस और NSUI नेताओं ने राज्य सरकार पर छात्र संघ चुनाव कराने से बचने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि सरकार को डर है कि छात्र संगठन चुनाव में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार बड़ी जीत दर्ज करेंगे। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष Vinod Jakhar ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी सामान्य परिवारों से आने वाले युवाओं को भी राजनीति में आगे बढ़ने का अवसर देती है। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता मजदूरी करते हैं, लेकिन संगठन ने उन्हें लगातार जिम्मेदारियां दीं और आज राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। उन्होंने युवाओं से राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने और सत्ता को चुनौती देने का आह्वान किया। वहीं कांग्रेस विधायक Devendra Yadav ने कार्यकर्ताओं को संघर्ष के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आंदोलन और जेल यात्रा राजनीति का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग संघर्ष करेंगे, भविष्य में वही विधायक और सांसद बनेंगे।

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राजधानी में बढ़ते अपराधों पर कांग्रेस का हमला: बम सामग्री, गैंगवार और हत्याओं को लेकर सरकार पर उठे सवाल

रायपुर में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि राजधानी में अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं और सरकार हालात संभालने में विफल साबित हो रही है। कांग्रेस नेताओं ने उरला इलाके में कथित तौर पर बम बनाने की सामग्री मिलने की घटना और मेकाहारा अस्पताल के पास हुई गैंगवार का जिक्र करते हुए कहा कि शहर में खुलेआम हथियार लहराए जा रहे हैं। इसके साथ ही हाल ही में दो युवतियों की गोली मारकर हत्या और पुराने विधानसभा क्षेत्र के पास व्यापारी से करोड़ों की लूट जैसी घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष Sushil Anand Shukla ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार कानून व्यवस्था बेहतर होने का दावा कर रही है, जबकि जमीनी स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में हत्या, लूट, चाकूबाजी और डकैती जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कांग्रेस का कहना है कि अपराधियों में पुलिस और कानून का डर खत्म होता जा रहा है। पार्टी ने दावा किया कि राजधानी में आए दिन गोलीबारी और हिंसक घटनाएं हो रही हैं, जिससे आम लोगों में भय का माहौल है। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा और कहा कि दुष्कर्म एवं उत्पीड़न की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार अपराध पर नियंत्रण करने में नाकाम रही है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हो रही। कांग्रेस ने कहा कि मुख्यमंत्री और गृह विभाग प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था संभालने में असफल साबित हो रहे हैं।

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छात्र संघ चुनाव की बहाली को लेकर NSUI का CM हाउस घेराव आज, बीजेपी-कांग्रेस दोनों ने जताया समर्थन

रायपुर में छात्र संघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर आज 7 मई को NSUI शाम 4 बजे मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी। इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति से जुड़े वरिष्ठ नेताओं और युवा नेताओं ने अपनी राय रखी। दिलचस्प बात यह रही कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही छात्र संघ चुनाव के समर्थन में नजर आए, हालांकि चुनाव नहीं होने को लेकर दोनों दलों ने एक-दूसरे पर सवाल भी उठाए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और रायपुर के पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने कहा कि छात्र संघ चुनाव नेतृत्व तैयार करने की पहली पाठशाला होते हैं। उनके मुताबिक विश्वविद्यालय और कॉलेजों में होने वाले चुनाव युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया, संगठन क्षमता और प्रशासनिक समझ विकसित करने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश के कई बड़े नेता छात्र राजनीति से निकलकर आगे आए हैं। कांग्रेस शासनकाल में चुनाव नहीं होने के सवाल पर प्रमोद दुबे ने कहा कि सरकार तैयार थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण परिस्थितियां अनुकूल नहीं थीं। वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता मृत्युंजय दुबे ने भी छात्र संघ चुनाव को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि कॉलेजों में छात्रों की समस्याओं को निर्वाचित प्रतिनिधि बेहतर तरीके से प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं। उनके अनुसार 18 साल का युवा जब देश के जनप्रतिनिधि चुन सकता है, तो उसे अपने कॉलेज में भी प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिलना चाहिए। हालांकि मृत्युंजय दुबे ने कांग्रेस और NSUI पर सवाल उठाते हुए कहा कि भूपेश बघेल सरकार के दौरान भी चुनाव बंद रहे, तब संगठन ने इस मुद्दे पर ज्यादा आवाज नहीं उठाई। भाजयुमो के पूर्व प्रदेश मंत्री और PTRSU के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष प्रखर मिश्रा ने कहा कि छात्र संघ चुनाव गरीब और मध्यमवर्गीय युवाओं को राजनीति में आगे आने का मौका देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र राजनीति में ABVP के प्रभाव के कारण अब NSUI चुनाव की मांग को राजनीतिक मुद्दा बना रही है। इस पर पलटवार करते हुए NSUI जिलाध्यक्ष शांतनु झा ने कहा कि 2019 से 2022 तक कोरोना महामारी के चलते छात्र संगठन चुनाव नहीं हो सके। उन्होंने दावा किया कि यदि कांग्रेस सरकार दोबारा बनती, तो चुनाव जरूर कराए जाते। उन्होंने कहा कि NSUI लगातार छात्र हित में आंदोलन कर रही है और अब भी चुनाव कराने की मांग पर अड़ी हुई है।

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छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस चुनाव की तैयारी तेज, सदस्यता अभियान से होगी शुरुआत

छत्तीसगढ़ में भारतीय युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष समेत कई अहम पदों के लिए नई टीम के गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा का कार्यकाल तीन साल से अधिक हो चुका है, जिसके चलते अब संगठन में बदलाव की तैयारी चल रही है। चुनावी प्रक्रिया से पहले मई और जून में सदस्यता अभियान चलाया जाएगा, जो पूरे चुनाव की नींव होगा। इस बार सदस्यता शुल्क को बढ़ाकर 75 रुपए कर दिया गया है, जो पहले 50 रुपए था। संगठन का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा युवाओं को जोड़ना है। इस बार चुनाव प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल सिस्टम अपनाया जाएगा। सदस्यता से लेकर वोटिंग तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। साथ ही चुनाव को ब्लॉक स्तर तक आयोजित किया जाएगा। भारतीय युवा कांग्रेस की इलेक्शन टीम जल्द रायपुर पहुंचकर इसकी निगरानी करेगी। चुनाव दो चरणों में संपन्न होगा। पहले मतदान कराया जाएगा, उसके बाद उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया जाएगा। अंतिम फैसला वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा किया जाएगा। अध्यक्ष पद के लिए उम्र भी महत्वपूर्ण मापदंड होगी, जिसमें 1989, 1990 और 1991 आयु वर्ग के उम्मीदवारों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पिछले चुनाव में 11 लाख से अधिक सदस्य जुड़े थे, और इस बार इससे भी ज्यादा संख्या में युवाओं के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रदेशभर में दावेदार सक्रिय हो गए हैं। संभावित उम्मीदवारों में अनिमेष सिंह, हनी बग्गा, शैलेंद्र बंजारे, हर्षिता बघेल, मनहण वर्मा, सत्येंद्र चेलक और प्रशांत बोगड़े के नाम सामने आ रहे हैं। वहीं भावेश शुक्ला, आदिल खेरानी, आदित्य भगत, निखिल कांत साहू और संदीप वोरा भी प्रमुख दावेदारों में शामिल बताए जा रहे हैं। कुल मिलाकर, इस बार का चुनाव संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां सदस्यता अभियान, डिजिटल वोटिंग और नए चेहरों की एंट्री मुकाबले को रोचक बना सकती है।

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