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​छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक डीएसपी रैंक के अधिकारी, विनोद कुमार मिंज, पर एक 32 वर्षीय महिला ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण का आरोप लगाया है।

​छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक डीएसपी रैंक के अधिकारी, विनोद कुमार मिंज, पर एक 32 वर्षीय महिला ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण का आरोप लगाया है। महिला ने पद्मनाभपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसने बताया कि जुलाई 2024 में ट्रेन यात्रा के दौरान उसकी मुलाकात विनोद मिंज से हुई थी। बातचीत के दौरान, जब विनोद को पता चला कि वह विधवा है, तो उसने शादी का प्रस्ताव दिया और विश्वास जीतकर उसे दुर्ग स्थित ट्रांजिट मेस में बुलाया, जहां उसने शारीरिक संबंध स्थापित किए। इसके बाद, विनोद ने लगातार उसके साथ संबंध बनाए रखे, लेकिन जब महिला ने शादी के लिए दबाव डाला, तो उसने इनकार कर दिया और मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि विनोद मिंज पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं, लेकिन उसने यह जानकारी छिपाई थी। शिकायत के आधार पर, पद्मनाभपुर पुलिस ने विनोद मिंज के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना कानून प्रवर्तन अधिकारियों की नैतिकता और जिम्मेदारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। संबंधित विभाग से अपेक्षा की जाती है कि वह निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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​मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के खिरवा गांव में शनिवार देर रात दो गुटों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए

​मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के खिरवा गांव में शनिवार देर रात दो गुटों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। घायलों में महिलाएं भी शामिल हैं, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूत्रों के अनुसार, यह विवाद एक पुराने मामले में समझौता न होने के कारण उत्पन्न हुआ, जिसके चलते एक पक्ष ने दूसरे पर लाठी-डंडों और गोलियों से हमला कर दिया। महाराजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली इस घटना में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।​ वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के दौरे पर हैं, जहां वे राज्य को 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इनमें बिजली, तेल एवं गैस, रेल, सड़क, शिक्षा और आवास से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। प्रधानमंत्री एनटीपीसी की सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना चरण-III (1x800MW) की आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत 9,790 करोड़ रुपये से अधिक है। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) की पहली सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना (2x660MW) का शुभारंभ करेंगे, जिसकी लागत 15,800 करोड़ रुपये से अधिक है। प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 3 लाख लाभार्थियों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपी जाएंगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवास की स्थिति में सुधार होगा। इसके अलावा, प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ के 29 जिलों में 130 पीएम श्री स्कूलों को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति होगी। ​ मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में अप्रैल के पहले सप्ताह में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, नर्मदापुरम, रीवा और शहडोल संभागों में 1 और 2 अप्रैल को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। मौसम में इस बदलाव का कारण पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण प्रणाली को बताया जा रहा है।​ इन घटनाओं के बीच, उत्तर प्रदेश एसटीएफ और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने जमशेदपुर में मुठभेड़ के दौरान मुख्तार अंसारी गिरोह के शूटर अनुज कनौजिया को मार गिराया। उस पर 2.5 लाख रुपये का इनाम था और मऊ, गाजीपुर और आजमगढ़ जिलों के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ 23 से अधिक मामले दर्ज थे। मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ के डीएसपी डीके शाही को भी गोली लगी, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन सभी घटनाओं ने क्षेत्र में सुरक्षा, विकास और मौसम से संबंधित विभिन्न मुद्दों को उजागर किया है, जो स्थानीय प्रशासन और जनता के लिए महत्वपूर्ण हैं।

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​स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर किए गए एक पैरोडी सॉन्ग के कारण विवादों में घिर गए हैं।

​स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर किए गए एक पैरोडी सॉन्ग के कारण विवादों में घिर गए हैं। इस पैरोडी में उन्होंने शिंदे के राजनीतिक कदमों पर व्यंग्य किया, जिससे शिवसेना (शिंदे गुट) के समर्थकों में आक्रोश फैल गया। परिणामस्वरूप, मुंबई के खार इलाके में स्थित हैबिटेट कॉमेडी क्लब में तोड़फोड़ की गई, जहां यह शो रिकॉर्ड किया गया था इस मामले में खार पुलिस स्टेशन में कामरा के खिलाफ तीन नए मामले दर्ज किए गए हैं। पहली शिकायत जलगांव की मेयर ने दर्ज कराई है, जबकि अन्य दो शिकायतें नासिक के दो व्यवसायियों द्वारा की गई हैं। पुलिस ने कामरा को पूछताछ के लिए 31 मार्च को उपस्थित होने का समन भेजा है। ​ इसके अतिरिक्त, टी-सीरीज ने कामरा को कॉपीराइट उल्लंघन का नोटिस भेजा है, क्योंकि उन्होंने अपने पैरोडी सॉन्ग में ‘मिस्टर इंडिया’ फिल्म के गाने की धुन का उपयोग किया था। कामरा ने इस नोटिस को अनुचित बताते हुए कहा कि पैरोडी और व्यंग्य कानूनी रूप से ‘फेयर यूज’ के अंतर्गत आते हैं। ​ महाराष्ट्र विधान परिषद ने भी कामरा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस स्वीकार किया है, जिसे विशेषाधिकार समिति को भेजा गया है। यह नोटिस भाजपा के विधान परिषद सदस्य प्रवीण दरेकर द्वारा प्रस्तुत किया गया था, जिसमें कामरा पर विधायी संस्थाओं की गरिमा का अनादर करने का आरोप लगाया गया है। ​ शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के सांसद संजय राउत ने कामरा का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें कंगना रनौत की तरह विशेष सुरक्षा मिलनी चाहिए। राउत ने यह भी कहा कि कामरा आतंकवादी नहीं हैं और उन्हें कानून का सामना करना चाहिए। ​ कामरा ने स्पष्ट किया है कि वे अपने व्यंग्य के लिए माफी नहीं मांगेंगे और पुलिस जांच में सहयोग करेंगे। उन्होंने मुख्यधारा की मीडिया की आलोचना करते हुए उसे सत्तारूढ़ पार्टी की ‘मिसकम्यूनिकेशन विंग’ बताया और कहा कि मीडिया ऐसे मुद्दे उठाती है जो देश के लिए आवश्यक नहीं हैं। ​ यह विवाद महाराष्ट्र की राजनीति में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक व्यंग्य की सीमाओं पर एक महत्वपूर्ण बहस को जन्म देता है, जिसमें विभिन्न पक्षों से मिश्रित प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

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​जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में हाल ही में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए, जबकि दो आतंकवादी मारे गए।

​जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में हाल ही में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए, जबकि दो आतंकवादी मारे गए। यह मुठभेड़ कठुआ जिले के सुफियान क्षेत्र के जंगलों में हुई, जहां सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों के एक समूह को घेर लिया था। मुठभेड़ के दौरान, हेड कांस्टेबल जगबीर सिंह, बलविंदर सिंह चिब, जसवंत सिंह और तारिक अहमद ने वीरगति प्राप्त की। सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के पास से हथियारों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया, जिसमें युद्ध में इस्तेमाल होने वाले सामान शामिल थे। मारे गए आतंकवादी प्रतिबंधित जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े थे। इस ऑपरेशन में जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना, एनएसजी, बीएसएफ और सीआरपीएफ के जवानों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। मुठभेड़ के दौरान, डीएसपी धीरज सिंह कटोच समेत सात पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनका इलाज जारी है। ​ शहीद हेड कांस्टेबल जगबीर सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए गुलशन ग्राउंड में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक (जम्मू क्षेत्र) भीम सेन टूटी, और नागरिक प्रशासन, पुलिस, सेना और सीआरपीएफ के अधिकारी शामिल हुए। ​ इस मुठभेड़ के बाद, जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने सीमा पार की साजिशों की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान से रची गई साजिशें हमारे बच्चों को मार रही हैं। उन्होंने पाकिस्तान से आतंकवाद छोड़ने का आग्रह किया और जोर दिया कि हिंसा से कुछ हासिल नहीं होता कठुआ में हुई इस मुठभेड़ ने एक बार फिर से क्षेत्र में आतंकवाद के खतरे को उजागर किया है और सुरक्षाबलों की सतर्कता और बलिदान को सामने लाया है। यह घटना दर्शाती है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमारे सुरक्षाकर्मी अपने प्राणों की आहुति देने से पीछे नहीं हटते।

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​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मार्च 2025 को महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगे।

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मार्च 2025 को महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान, वे नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे और दीक्षाभूमि जाकर डॉ. बी.आर. आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। नागपुर में ही, प्रधानमंत्री माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर की आधारशिला रखेंगे, जो सस्ती और विश्वस्तरीय नेत्र चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, वे सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड में यूएवी के लिए लोइटरिंग म्यूनिशन टेस्टिंग रेंज और रनवे सुविधा का उद्घाटन करेंगे।​ दोपहर में, प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ के बिलासपुर पहुंचेंगे, जहां वे 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ, शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। इन परियोजनाओं में बिजली, तेल और गैस, रेल, सड़क, शिक्षा और आवास से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।​ बिजली क्षेत्र में, प्रधानमंत्री एनटीपीसी की सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना चरण-III (1×800 मेगावाट) की आधारशिला रखेंगे, जिसकी अनुमानित लागत 9,790 करोड़ रुपये है। यह परियोजना अत्याधुनिक अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित होगी, जो उच्च दक्षता के साथ बिजली उत्पादन सुनिश्चित करेगी। इसके अलावा, वे छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीजीसीएल) की पहली सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना (2×660 मेगावाट) का शुभारंभ करेंगे, जिसकी लागत 15,800 करोड़ रुपये से अधिक है स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए, प्रधानमंत्री कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा जिलों में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की सिटी गैस वितरण परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इस परियोजना में 200 किलोमीटर से अधिक हाई प्रेशर पाइपलाइन और 800 किलोमीटर से अधिक एमडीपीई पाइपलाइन का निर्माण शामिल है, जिसकी कुल लागत 1,285 करोड़ रुपये से अधिक होगी। साथ ही, वे हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की 540 किलोमीटर लंबी विशाखापत्तनम-रायपुर पाइपलाइन परियोजना की आधारशिला रखेंगे, जिसकी अनुमानित लागत 2,210 करोड़ रुपये है। ​ रेलवे क्षेत्र में, प्रधानमंत्री 108 किलोमीटर लंबाई की सात नई रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और 111 किलोमीटर लंबाई की तीन रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जिनकी कुल लागत 2,690 करोड़ रुपये से अधिक है। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में कनेक्टिविटी में सुधार होगा और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा सड़क अवसंरचना के तहत, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-930 के झलमला से शेरपार खंड (37 किलोमीटर) और राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के अंबिकापुर-पत्थलगांव खंड (75 किलोमीटर) को दो लेन में अपग्रेड करके राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसके अलावा, वे राष्ट्रीय राजमार्ग-130डी के कोंडागांव-नारायणपुर खंड (47.5 किलोमीटर) को दो लेन में अपग्रेड करने की आधारशिला रखेंगे, जिनकी कुल लागत 1,270 करोड़ रुपये से अधिक शिक्षा के क्षेत्र में, प्रधानमंत्री राज्य के 29 जिलों में 130 पीएम श्री स्कूलों की स्थापना और रायपुर में विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) का उद्घाटन करेंगे। इन पहलों से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी आवास योजना के तहत, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के अंतर्गत तीन लाख लाभार्थियों को गृह प्रवेश कराएंगे और कुछ लाभार्थियों को स्वयं चाबियां सौंपेंगे। इससे ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध होंगे, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा इन विकास परियोजनाओं का उद्देश्य छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, आर्थिक विकास को गति देना और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार करना है। प्रधानमंत्री की यह यात्रा राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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रायपुर के अमलीडीह इलाके में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है

राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में निर्दोष नंदी की हत्या, डेयरी उद्योग पर उठे सवाल रायपुर के अमलीडीह इलाके में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। यहां तीन मासूम नंदी (बैल के बच्चे) को बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला गया और फिर उनकी लाश को बोरी में भरकर कुत्तों के सामने फेंक दिया गया। यह घटना राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जहां इस अमानवीय कृत्य को लेकर आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डेयरी उद्योग के कारण नंदी और बछड़ों के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार किया जाता है, क्योंकि वे दूध उत्पादन में उपयोगी नहीं माने जाते। कार्यकर्ताओं और पशु प्रेमियों ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताई है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस जघन्य कृत्य की जिम्मेदारी केवल डेयरी उद्योग पर ही नहीं बल्कि उन सभी लोगों पर भी आती है जो डेयरी उत्पादों का उपभोग करते हैं। पशु अधिकार संगठनों ने अपील की है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून बनाए जाएं और लोगों को जागरूक किया जाए ताकि निर्दोष पशुओं पर होने वाले अत्याचारों पर रोक लगाई जा सके। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है। स्थानीय लोग दोषियों को जल्द से जल्द सजा देने की मांग कर रहे हैं।

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बजरंग दल ने अखिलेश यादव के बयान पर बिरगांव, रायपुर में किया विरोध प्रदर्शन, पुतला जलाया

आज 29 मार्च बिरगांव में स्थित बुधवारी बाजार चौक में शाम करीब 5 बजे , अखिलेश यादव के पुतला दहन कर बजरंग दल के सदस्यों द्वारा समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव का बहिष्कार किया गया है। रायपुर, 29 मार्च 2025: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के गौशालाओं पर दिए गए विवादित बयान के बाद पूरे देश में हिंदू संगठनों और गौसेवकों में आक्रोश फैल गया है। इसी क्रम में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बिरगांव, रायपुर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और अखिलेश यादव का पुतला जलाया। यह विवाद तब शुरू हुआ जब अखिलेश यादव ने कहा, “इस सरकार को दुर्गंध पसंद है, इसलिए वे गौशालाएं बनवा रहे हैं, जबकि हमें (समाजवादी पार्टी) सुगंध पसंद है, इसलिए हम इत्र पार्क बना रहे हैं।” उनके इस बयान से हिंदू संगठनों और गौसेवकों में नाराजगी फैल गई, जिन्होंने इसे गौशालाओं और हिंदू परंपराओं का अपमान बताया। बिरगांव में हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के खिलाफ नारेबाजी की और उनके बयान की कड़ी निंदा की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गाय हिंदू संस्कृति में पूजनीय है, और इस तरह की अपमानजनक टिप्पणी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मांग की कि अखिलेश यादव तुरंत अपना बयान वापस लें और सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। विरोध प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के एक नेता ने कहा, “अखिलेश यादव का बयान न केवल गौशालाओं का अपमान है, बल्कि हमारे धार्मिक विश्वासों पर हमला भी है। हम इस बयान का कड़ा विरोध करते हैं और उनसे तत्काल स्पष्टीकरण और माफी की मांग करते हैं।” बिरगांव में हुआ यह प्रदर्शन पूरे देश में हिंदू संगठनों की प्रतिक्रिया का एक हिस्सा है। कई गौशाला संचालकों और हिंदू कार्यकर्ताओं ने इस बयान पर कड़ी नाराजगी जताई है और इसे गाय संरक्षण के प्रयासों का अपमान बताया है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद देश की राजनीति को और अधिक ध्रुवीकृत कर सकता है, खासकर उन राज्यों में जहां गौ संरक्षण एक महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दा है। समाजवादी पार्टी की ओर से इस विरोध प्रदर्शन पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि अखिलेश यादव का बयान सरकार की प्राथमिकताओं को उजागर करने के लिए था, न कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए। फिलहाल, स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और यदि अखिलेश यादव माफी नहीं मांगते हैं, तो हिंदू संगठन आगे और बड़े विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। रायपुर प्रशासन ने विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया है। यह घटना भारत में गौ संरक्षण और शासन की प्राथमिकताओं को लेकर जारी राजनीतिक और सांस्कृतिक विभाजन को उजागर करती है।

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​उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल से टोल टैक्स दरों में वृद्धि लागू हो गई है, जिससे विभिन्न हाईवे पर यात्रा करना महंगा हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार, टोल दरों में औसतन 3 से 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।

​उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल से टोल टैक्स दरों में वृद्धि लागू हो गई है, जिससे विभिन्न हाईवे पर यात्रा करना महंगा हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार, टोल दरों में औसतन 3 से 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। ​ दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे: इस मार्ग पर कार और जीप के टोल टैक्स में 5 रुपये की वृद्धि हुई है। अब सराय काले खां से मेरठ तक की यात्रा के लिए 170 रुपये और गाजियाबाद से मेरठ तक 75 रुपये टोल देना होगा। मुरादाबाद-बरेली मार्ग: इस रूट पर कार चालकों को दो टोल प्लाजा पर 10-10 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। अब मुरादाबाद से बरेली जाने के लिए कुल 325 रुपये टोल टैक्स देना होगा। ​ वाराणसी क्षेत्र: डाफी टोल प्लाजा पर कार, जीप या हल्के वाहनों के लिए टोल 80 से बढ़कर 85 रुपये हो गया है। भदोही के लालानगर टोल प्लाजा पर कार, जीप और हल्के वाहनों का टोल 230 से बढ़कर 235 रुपये हो गया है। ​ अनंतराम टोल प्लाजा (अजीतमल): यहां कार, जीप और वैन के लिए टोल 95 से बढ़कर 100 रुपये हो गया है। बस और ट्रक के लिए दरें 320 से बढ़कर 330 रुपये हो गई हैं। इन बढ़ी हुई दरों का सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ेगा। एनएचएआई हर साल थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आधार पर टोल दरों में संशोधन करता है, जिससे हाईवे निर्माण में लगने वाली सामग्री की बढ़ती लागत को संतुलित किया जा सके।

​उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल से टोल टैक्स दरों में वृद्धि लागू हो गई है, जिससे विभिन्न हाईवे पर यात्रा करना महंगा हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार, टोल दरों में औसतन 3 से 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। Read Post »

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​बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण राहत की खबर है। बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने घोषणा की है कि 1 अप्रैल 2025 से राज्य में बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं होगी। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों और स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपयोगकर्ताओं को विशेष लाभ प्रदान किए जाएंगे।

ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए राहत: ग्रामीण इलाकों में रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों में कमी की गई है। अब 50 यूनिट से अधिक मासिक खपत करने वाले लगभग 1.25 करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 54 पैसे की छूट मिलेगी स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए लाभ: राज्य में लगभग 60 लाख उपभोक्ताओं ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर स्थापित किए हैं। इन उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 25 पैसे की अतिरिक्त छूट मिलेगी, जिससे उनकी बिजली लागत में और कमी नई दरों का प्रभाव और अवधि: बिहार विद्युत विनियामक आयोग के अध्यक्ष आमिर सुबहानी के अनुसार, ये नई दरें 1 अप्रैल 2025 से लागू होकर 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेंगी। इस निर्णय से राज्य के कुल 2.08 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं में से अधिकांश को लाभ मिलेगा。 ​ अन्य महत्वपूर्ण निर्णय: इन निर्णयों से बिहार के बिजली उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलेगी और ऊर्जा खपत में सुधार होगा।

​बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण राहत की खबर है। बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने घोषणा की है कि 1 अप्रैल 2025 से राज्य में बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं होगी। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों और स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपयोगकर्ताओं को विशेष लाभ प्रदान किए जाएंगे। Read Post »

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​दुर्ग जिले के सरकारी अस्पतालों में डीएमएफ (जिला खनिज संस्थान न्यास) फंड से कार्यरत 7 डॉक्टरों और 40 अन्य स्टाफ सदस्यों की सेवाएं 31 मार्च को समाप्त हो रही हैं। इनमें मनोरोग, न्यूरोसर्जरी, शिशु रोग और स्त्री रोग विशेषज्ञ शामिल हैं।

​दुर्ग जिले के सरकारी अस्पतालों में डीएमएफ (जिला खनिज संस्थान न्यास) फंड से कार्यरत 7 डॉक्टरों और 40 अन्य स्टाफ सदस्यों की सेवाएं 31 मार्च को समाप्त हो रही हैं। इनमें मनोरोग, न्यूरोसर्जरी, शिशु रोग और स्त्री रोग विशेषज्ञ शामिल हैं। सेवा विस्तार के लिए प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। यदि विस्तार नहीं हुआ, तो मरीजों को असुविधा हो सकती है​दुर्ग जिले के सरकारी अस्पतालों में डीएमएफ (जिला खनिज संस्थान न्यास) फंड से कार्यरत 7 डॉक्टरों और 40 अन्य स्टाफ सदस्यों की सेवाएं 31 मार्च को समाप्त हो रही हैं। इनमें मनोरोग, न्यूरोसर्जरी, शिशु रोग और स्त्री रोग विशेषज्ञ शामिल हैं। सेवा विस्तार के लिए प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। यदि विस्तार नहीं हुआ, तो मरीजों को असुविधा हो सकती है।​ डीएमएफ फंड का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए किया जाता है। इस फंड से नियुक्त कर्मचारियों की सेवाएं अनुबंध के आधार पर होती हैं, जो हर साल नवीनीकृत की जाती हैं। इस बार, 31 मार्च को इनका अनुबंध समाप्त हो रहा है, और नए आदेशों की प्रतीक्षा की जा रही है।​ जिला अस्पताल दुर्ग में मनोरोग और न्यूरोसर्जरी विभाग में प्रतिदिन क्रमशः 40 और 30 मरीज ओपीडी में आते हैं। यदि इन विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त हो जाती हैं, तो मरीजों को इलाज में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।​ स्वास्थ्य मंत्री ने हाल ही में अस्पतालों का निरीक्षण किया था और डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए 5 नए चिकित्सकों की भर्ती की घोषणा की थी। हालांकि, वर्तमान स्थिति में डीएमएफ फंड से कार्यरत डॉक्टरों और स्टाफ की सेवाओं का निरंतरता सुनिश्चित करना आवश्यक है।​ डीएमएफ फंड के उपयोग और प्रबंधन को लेकर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने भी समय-समय पर निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने खनिज न्यास से मिलने वाली राशि के उपयोग की पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर दिया है। ​ सरकार और संबंधित विभागों को चाहिए कि वे इस मुद्दे पर शीघ्र निर्णय लें, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से चलती रहें। डीएमएफ फंड का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए किया जाता है। इस फंड से नियुक्त कर्मचारियों की सेवाएं अनुबंध के आधार पर होती हैं, जो हर साल नवीनीकृत की जाती हैं। इस बार, 31 मार्च को इनका अनुबंध समाप्त हो रहा है, और नए आदेशों की प्रतीक्षा की जा रही है।​ जिला अस्पताल दुर्ग में मनोरोग और न्यूरोसर्जरी विभाग में प्रतिदिन क्रमशः 40 और 30 मरीज ओपीडी में आते हैं। यदि इन विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त हो जाती हैं, तो मरीजों को इलाज में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।​ स्वास्थ्य मंत्री ने हाल ही में अस्पतालों का निरीक्षण किया था और डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए 5 नए चिकित्सकों की भर्ती की घोषणा की थी। हालांकि, वर्तमान स्थिति में डीएमएफ फंड से कार्यरत डॉक्टरों और स्टाफ की सेवाओं का निरंतरता सुनिश्चित करना आवश्यक है।​ डीएमएफ फंड के उपयोग और प्रबंधन को लेकर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने भी समय-समय पर निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने खनिज न्यास से मिलने वाली राशि के उपयोग की पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर दिया है। सरकार और संबंधित विभागों को चाहिए कि वे इस मुद्दे पर शीघ्र निर्णय लें, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से चलती रहें।

​दुर्ग जिले के सरकारी अस्पतालों में डीएमएफ (जिला खनिज संस्थान न्यास) फंड से कार्यरत 7 डॉक्टरों और 40 अन्य स्टाफ सदस्यों की सेवाएं 31 मार्च को समाप्त हो रही हैं। इनमें मनोरोग, न्यूरोसर्जरी, शिशु रोग और स्त्री रोग विशेषज्ञ शामिल हैं। Read Post »

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