GOVERNMENT

बेमेतरा SDM कार्यालय में बड़ा हादसा टला, चैंबर की फॉल सीलिंग गिरी

बेमेतरा जिले में गुरुवार देर शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एसडीएम प्रकाश भारद्वाज के कार्यालय की फॉल सीलिंग अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। घटना के बाद दफ्तर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय चैंबर के भीतर कोई मौजूद नहीं था। कर्मचारियों के अनुसार, जब वे वापस कार्यालय पहुंचे तो उन्होंने एसडीएम चैंबर की पूरी फॉल सीलिंग जमीन पर गिरी हुई देखी। यदि उस समय कोई कर्मचारी या अधिकारी अंदर मौजूद होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। बताया जा रहा है कि कार्यालय में हाल ही में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा मरम्मत और रिनोवेशन का कार्य कराया गया था। घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और संबंधित एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। फिलहाल अधिकारियों से मामले को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।

बेमेतरा SDM कार्यालय में बड़ा हादसा टला, चैंबर की फॉल सीलिंग गिरी Read Post »

bemetara, GOVERNMENT, Top News

10 साल से खांसी में खून आने से परेशान युवक की मेकाहारा में सफल सर्जरी, फेफड़े का संक्रमित हिस्सा निकालकर बचाई जान

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur स्थित Dr. Bhimrao Ambedkar Memorial Hospital में डॉक्टरों ने एक 25 वर्षीय युवक की जटिल सर्जरी कर उसकी जान बचाई। युवक पिछले करीब 10 वर्षों से खांसी के साथ खून आने की गंभीर समस्या से जूझ रहा था। हाल के दिनों में उसकी स्थिति और बिगड़ गई थी। हर बार खांसने पर अधिक मात्रा में खून निकलने लगा था, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि युवक के दाएं फेफड़े के निचले हिस्से में गंभीर संक्रमण फैल चुका है और वहां कैविटी बन गई है। अस्पताल के हार्ट, चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी विभाग के विशेषज्ञ Dr. Krishnakant Sahu ने बताया कि मरीज के फेफड़े में “एस्परजिलोमा” नाम का फंगल इंफेक्शन पाया गया। यह संक्रमण अक्सर पुराने टीबी मरीजों के फेफड़ों में विकसित हो जाता है और समय के साथ खून आने जैसी गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। डॉक्टरों के अनुसार खांसी के साथ खून आने की स्थिति को मेडिकल भाषा में “हीमोप्टाइसिस” कहा जाता है। यह कई गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है, जिनमें टीबी, फेफड़ों का संक्रमण और कैंसर जैसी बीमारियां शामिल हैं। मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने “लोबेक्टॉमी” सर्जरी करने का फैसला लिया। इस प्रक्रिया में फेफड़े के संक्रमित और खराब हिस्से को निकाल दिया जाता है ताकि संक्रमण शरीर के बाकी हिस्सों में न फैले और स्वस्थ फेफड़ा सुरक्षित रह सके। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने आधुनिक “लंग स्टेपलर” तकनीक का इस्तेमाल किया। यह तकनीक सर्जरी के बाद खून और हवा के रिसाव को कम करने में मदद करती है और मरीज की रिकवरी तेज होती है। सफल सर्जरी के बाद युवक की हालत में तेजी से सुधार हुआ और कुछ दिनों बाद उसे स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक पूरा इलाज आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क किया गया। Dr. Vivek Choudhary ने बताया कि समय पर इलाज और सर्जरी से मरीज को नई जिंदगी मिल सकी। वहीं Dr. Santosh Sonkar ने कहा कि अस्पताल जरूरतमंद मरीजों को आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रहा है।

10 साल से खांसी में खून आने से परेशान युवक की मेकाहारा में सफल सर्जरी, फेफड़े का संक्रमित हिस्सा निकालकर बचाई जान Read Post »

GOVERNMENT, Health, Raipur, State, Top News

रायपुर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन बंद, भुगतान विवाद के बीच रामकी कंपनी ने रोका काम

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। शहर के कई इलाकों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन बंद होने से लोग परेशान नजर आए। सुबह से कई मोहल्लों में लोग घरों के बाहर कचरे के डस्टबिन लेकर गाड़ियों का इंतजार करते रहे, लेकिन कचरा उठाने वाली गाड़ियां नहीं पहुंचीं। जानकारी के मुताबिक, शहर की सफाई व्यवस्था संभाल रही DSW Ramky ने काम अस्थायी रूप से रोक दिया है। कंपनी का आरोप है कि Raipur Municipal Corporation की ओर से मार्च 2025 से अब तक करीब 78 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया गया है। कंपनी का कहना है कि लगातार बढ़ते खर्च और अधूरे भुगतान के कारण संचालन करना मुश्किल हो गया है। इधर, कंपनी के ड्राइवर भी वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वेतन वृद्धि की मांग की जा रही थी, लेकिन इस पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया। इसी वजह से काम बंद करने का निर्णय लिया गया। रायपुर और नवा रायपुर क्षेत्र से हर दिन लगभग 750 टन कचरा निकलता है, जिसे संकरी स्थित प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंचाया जाता है। इस पूरी व्यवस्था में सैकड़ों वाहन और बड़ी संख्या में कर्मचारी लगे हुए हैं। कंपनी के अनुसार फिलहाल 269 वाहन और करीब 800 कर्मचारी इस काम में जुड़े हैं। सफाई व्यवस्था बाधित होने से नगर निगम के सामने नई चुनौती खड़ी हो सकती है। यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो शहर में कचरे का ढेर लगने का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही पुराने डंपिंग यार्ड के लगभग भर जाने से कचरा निपटान की समस्या और गंभीर हो सकती है। बताया जा रहा है कि रामकी कंपनी वर्ष 2018 से PPP मॉडल के तहत शहर की सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट व्यवस्था संभाल रही है। नगर निगम और कंपनी के बीच 15 वर्षों का अनुबंध है। हालांकि फिलहाल भुगतान और संचालन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई है। इस मामले में Meenal Choubey ने कहा है कि कंपनी अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत की जा रही है और जल्द ही समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन सेवा जल्द दोबारा शुरू कर दी जाएगी।

रायपुर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन बंद, भुगतान विवाद के बीच रामकी कंपनी ने रोका काम Read Post »

GOVERNMENT, Raipur

रायपुर में पेट्रोल 103.58 रुपए लीटर पहुंचा, पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें; प्रशासन बोला- घबराहट में लोग करवा रहे फुल टैंक

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद कई पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखने को मिली। शहर में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 103.58 रुपए प्रति लीटर और डीजल 96.57 रुपए प्रति लीटर हो गया है। कीमत बढ़ने के बाद सुबह से ही कई फ्यूल स्टेशनों पर वाहनों की लंबी लाइनें लगी रहीं। प्रशासन के मुताबिक, ईंधन की कमी नहीं है, लेकिन अफवाहों और कीमतों में बढ़ोतरी की खबर के कारण लोग सामान्य से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवा रहे हैं। कई वाहन चालक टैंक फुल कराने के लिए पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे हैं, जिससे अचानक दबाव बढ़ गया है। छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों में भी पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़े हैं। बिलासपुर में पेट्रोल 104.26 रुपए और डीजल 97.25 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। अंबिकापुर में पेट्रोल 104.60 रुपए और डीजल 97.66 रुपए, रायगढ़ में पेट्रोल 104.53 रुपए और डीजल 97.52 रुपए, जबकि जगदलपुर में पेट्रोल 105.22 रुपए और डीजल 98.22 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। स्थिति को देखते हुए Raipur District Administration ने पेट्रोल पंप संचालकों और तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शहर में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। सप्लाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कलेक्टर ने डिपो से 24 घंटे ईंधन सप्लाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं। पहले टैंकरों की एंट्री तय समय तक सीमित थी, लेकिन अब लगातार सप्लाई सुनिश्चित करने का फैसला लिया गया है ताकि पेट्रोल पंपों पर भीड़ कम हो सके। हालांकि, शहर के कुछ लोगों का कहना है कि कुछ पेट्रोल पंपों पर ईंधन उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि डीजल की कीमत बढ़ने का असर आने वाले दिनों में रोजमर्रा की चीजों पर भी पड़ सकता है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सब्जियां, फल, राशन और अन्य सामानों की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसके अलावा खेती, बस, ऑटो और स्कूल वाहनों के किराए पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह मानी जा रही है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिसके कारण तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा और कीमतों में इजाफा किया गया।

रायपुर में पेट्रोल 103.58 रुपए लीटर पहुंचा, पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें; प्रशासन बोला- घबराहट में लोग करवा रहे फुल टैंक Read Post »

GOVERNMENT, Raipur, State, Top News

मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 से लाखों उपभोक्ताओं को राहत, सरचार्ज पूरी तरह माफ

छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए “मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026” शुरू की है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में शुरू की गई यह योजना उन परिवारों के लिए राहत लेकर आई है जो लंबे समय से बकाया बिजली बिल और बढ़ते सरचार्ज के कारण आर्थिक दबाव का सामना कर रहे थे। इस योजना के तहत पुराने बिजली बिलों पर लगने वाले सरचार्ज को पूरी तरह माफ किया जा रहा है। साथ ही उपभोक्ताओं को बकाया राशि जमा करने के लिए आसान किस्तों की सुविधा भी दी गई है। पात्र उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि पर भी विशेष छूट का लाभ मिल रहा है। राज्य सरकार के अनुसार, अब तक इस योजना से प्रदेश के 28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को फायदा मिला है और करीब 757 करोड़ रुपए से ज्यादा का सरचार्ज माफ किया जाएगा। योजना का लाभ मुख्य रूप से बीपीएल परिवारों, घरेलू उपभोक्ताओं और कृषि उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इस योजना से उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ बिजली कटौती का खतरा भी कम होगा। किसान भी इस योजना से लाभान्वित होंगे, क्योंकि बकाया बिलों का बोझ कम होने से सिंचाई और खेती का काम प्रभावित नहीं होगा। उपभोक्ता योजना का लाभ लेने के लिए अपने नजदीकी बिजली कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1912 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। योजना 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी। राज्य सरकार ने लोगों से समय रहते योजना का लाभ लेने की अपील की है। सरकार का मानना है कि यह योजना न सिर्फ आर्थिक राहत देगी, बल्कि उपभोक्ताओं को नियमित भुगतान व्यवस्था से जोड़ने में भी मदद करेगी।

मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 से लाखों उपभोक्ताओं को राहत, सरचार्ज पूरी तरह माफ Read Post »

GOVERNMENT, Raipur, State, Top News

केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान ने सराहा छत्तीसगढ़ का आजीविका मॉडल, कहा- देशभर के लिए प्रेरणादायी

छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में संचालित ग्रामीण आजीविका मॉडल को केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री Kamlesh Paswan ने देशभर के लिए प्रेरणादायी बताया है। मंत्री ने रायपुर के सेरीखेड़ी स्थित मल्टी यूटिलिटी सेंटर का दौरा कर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के तहत चल रही विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण किया। दौरे के दौरान मंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित अजा (AJA) परियोजना, पिंक दीदी ई-ऑटो सेवा, बिजनेस दीदी और कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का यह मॉडल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी दे रहा है। मंत्री पासवान ने विशेष रूप से एकीकृत बकरी पालन मॉडल ‘अजा परियोजना’ को सराहा। उन्होंने कहा कि आधुनिक पशुपालन, नियमित टीकाकरण, पशु बीमा, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और जैविक खाद निर्माण जैसी व्यवस्थाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही हैं। साथ ही महिला समूहों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना भी अन्य राज्यों के लिए सीखने योग्य पहल है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नवा रायपुर में संचालित “पिंक दीदी” ई-ऑटो सेवा की भी प्रशंसा की। मंत्री ने कहा कि यह योजना पर्यावरण संरक्षण के साथ महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता प्रदान कर रही है। इस दौरान मंत्री ने कृषक उत्पादक संगठन की महिला बोर्ड ऑफ डायरेक्टर से भी बातचीत की। महिलाओं ने बताया कि वे अब घर की सीमाओं से निकलकर व्यवसाय का संचालन कर रही हैं। मंत्री ने महिलाओं द्वारा तैयार महुआ कुकीज का स्वाद लिया और उनके कार्य की सराहना की। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन योजनाओं का विस्तार और अधिक क्षेत्रों तक किया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का ग्रामीण आजीविका मॉडल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत उदाहरण बन रहा है।

केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान ने सराहा छत्तीसगढ़ का आजीविका मॉडल, कहा- देशभर के लिए प्रेरणादायी Read Post »

GOVERNMENT, Political, Raipur, State, Top News

रायपुर में पेट्रोल खत्म होने की अफवाह से लंबी कतारें, बिलासपुर के 13 पेट्रोल पंप ड्राई

छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल को लेकर लोगों के बीच चिंता बढ़ती नजर आ रही है। राजधानी रायपुर में पेट्रोल खत्म होने की अफवाह के चलते कई फ्यूल स्टेशनों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। वहीं दूसरी ओर बिलासपुर में हालात ज्यादा गंभीर दिखाई दे रहे हैं, जहां शहर और आउटर इलाके के करीब 13 पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राई हो चुके हैं। रायपुर के आमानाका स्थित पेट्रोल पंप के मैनेजर ने बताया कि फ्यूल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि पेट्रोल खत्म होने की अफवाह फैलने के कारण लोग सामान्य से ज्यादा मात्रा में ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे पंपों पर भीड़ बढ़ गई है। उधर बिलासपुर में सबसे ज्यादा असर एचपीसीएल के पेट्रोल पंपों पर देखा जा रहा है। बीपीसीएल के कई पंपों में भी पेट्रोल और डीजल की कमी की स्थिति बन गई है। हालांकि आईओसीएल के कुछ पंपों को अपेक्षाकृत जल्दी सप्लाई मिल रही है, लेकिन बुधवार को टैंकर नहीं पहुंचने के कारण कई सर्विस स्टेशनों में ईंधन खत्म हो गया। पंप संचालकों का कहना है कि तेल कंपनियों को भुगतान पहले ही किया जा चुका है और डिपो से टैंकर रवाना किए जा चुके हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही सप्लाई बहाल कर दी जाएगी और स्थिति सामान्य हो जाएगी। हालांकि दुर्ग और रायगढ़ जिलों में फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है और वहां किसी बड़े संकट की सूचना नहीं है। फिलहाल प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालक लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल लेने की अपील कर रहे हैं।

रायपुर में पेट्रोल खत्म होने की अफवाह से लंबी कतारें, बिलासपुर के 13 पेट्रोल पंप ड्राई Read Post »

GOVERNMENT, Raipur, State, Top News

बिलासपुर में पेट्रोल-डीजल संकट, 13 पंप ड्राई; कई जगह 40-50 लीटर की लिमिट तय

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर और आउटर इलाकों में करीब 13 पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राई हो चुके हैं, जबकि कई जगह ईंधन की भारी कमी देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा असर एचपीसीएल के पंपों पर पड़ा है, वहीं बीपीसीएल के कई पंपों में भी पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। आईओसीएल के कुछ पंपों को अपेक्षाकृत जल्दी सप्लाई मिल रही है, लेकिन स्थिति अभी भी सामान्य नहीं है। बिलासपुर-कोरबा रूट के उसलापुर, कोनी, सेंदरी, सकरी और घुटकू जैसे इलाकों में कई पंपों से लोग बिना ईंधन लिए लौटने को मजबूर हैं। कई जगह “नो स्टॉक” के बोर्ड लगा दिए गए हैं। बुधवार को टैंकर नहीं पहुंचने के कारण हालात और बिगड़ गए। जिन पंपों में थोड़ा बहुत स्टॉक बचा है, वहां भी अब सीमित मात्रा में ही पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है। कई जगह बाइक चालकों को केवल 200 रुपए तक और कार चालकों को 1000 रुपए तक ही ईंधन दिया जा रहा है। वहीं कुछ पंपों पर 40 से 50 लीटर की सीमा तय कर दी गई है। स्थिति को देखते हुए लोगों में घबराहट भी देखने को मिल रही है और कई वाहन चालक पहले ही अपनी टंकियां फुल करवा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में भी पंप संचालकों ने बिक्री पर रोक लगाकर सीमित मात्रा में ही ईंधन देना शुरू कर दिया है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि जिले में अभी करीब पांच दिन का स्टॉक मौजूद है और जल्द ही स्थिति सामान्य हो सकती है। फूड कंट्रोलर के अनुसार, 9 पंपों का भुगतान हो चुका है और वहां सप्लाई जल्द बहाल होगी। वहीं कलेक्टर ने तेल कंपनियों और पेट्रोल पंप एसोसिएशन की बैठक बुलाई है ताकि सप्लाई व्यवस्था को ठीक किया जा सके। प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालकों का दावा है कि एक-दो दिन में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बिलासपुर में पेट्रोल-डीजल संकट, 13 पंप ड्राई; कई जगह 40-50 लीटर की लिमिट तय Read Post »

Bilaspur, GOVERNMENT, State, Top News

31 मई को होगी GD कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा, रायपुर के बंगोली में बना परीक्षा केंद्र

कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की ओर से GD कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा 31 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा Central Armed Police Forces (CAPFs), SSF और Assam Rifles में Rifleman (GD) के पदों के लिए कंप्यूटर आधारित मोड में ली जाएगी। इस परीक्षा को लेकर रायपुर जिले में भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिले में परीक्षा का आयोजन प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, स्टेट हाईवे-7, विधानसभा रोड स्थित मुरा बंगोली परीक्षा केंद्र में किया जाएगा। प्रशासन की ओर से परीक्षा को सुचारू और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं शुरू कर दी गई हैं। परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं को लेकर संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही परीक्षा के संचालन और निगरानी के लिए अतिरिक्त तहसीलदार खरोरा सूर्यकांत कुम्भकार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनकी जिम्मेदारी परीक्षा के दौरान सभी व्यवस्थाओं पर नजर रखना और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकना होगी। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें और अपने साथ सभी आवश्यक दस्तावेज अवश्य लेकर आएं। देर से पहुंचने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। यह परीक्षा देशभर में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की जा रही है, जिसमें सुरक्षा बलों में भर्ती का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा। रायपुर में भी इस परीक्षा को लेकर उम्मीदवारों में उत्साह देखा जा रहा है। फिलहाल प्रशासन पूरी तैयारी के साथ परीक्षा के सफल आयोजन में जुटा हुआ है।

31 मई को होगी GD कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा, रायपुर के बंगोली में बना परीक्षा केंद्र Read Post »

GOVERNMENT, Raipur, State, Top News

बिरगांव नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर सवाल, खराब सफाई मशीन का वीडियो वायरल

छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित बिरगांव नगर निगम की सफाई व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नगर निगम की सफाई गाड़ी की खराब और लापरवाह स्थिति सामने आती दिख रही है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सफाई मशीन का पानी टैंकर सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। इसके अलावा मशीन का ब्रश सिस्टम भी बंद स्थिति में नजर आ रहा है। वहीं पीछे लगा वाइपर सिस्टम बिना पानी के सड़क पर सफाई करने के बजाय धूल को और अधिक फैला रहा है, जिससे सड़क की स्थिति और खराब होती दिखाई दे रही है। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि यह सफाई मशीन केवल नाम की सफाई कर रही है, जबकि वास्तविकता में यह व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। नागरिकों ने आरोप लगाया है कि नगर निगम की ओर से सफाई व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे शहर की स्वच्छता प्रभावित हो रही है। वहीं इस पूरे मामले पर अब तक बिरगांव नगर निगम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान सामने नहीं आया है। इससे लोगों की नाराजगी और भी बढ़ती जा रही है। फिलहाल यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या शहर की सफाई व्यवस्था वास्तव में ठीक से काम कर रही है या फिर यह सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है। हम इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और जैसे ही कोई आधिकारिक अपडेट आता है, उसे सबसे पहले आपके सामने रखा जाएगा।

बिरगांव नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर सवाल, खराब सफाई मशीन का वीडियो वायरल Read Post »

GOVERNMENT, Raipur, State, Top News
Scroll to Top