Crime

शादी का झांसा देकर यौन शोषण की कोशिश का आरोप, BJYM अध्यक्ष बोले- बेबुनियाद

छत्तीसगढ़ भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश अध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा पर एक युवती ने गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का कहना है कि राहुल टिकरिहा ने पहले उससे नजदीकियां बढ़ाईं, हग-स्मूच किया, जबरन छूने की कोशिश की और फिर सेक्स करने की कोशिश की। पीड़िता का आरोप युवती ने मीडिया के सामने बयान देते हुए कहा कि उसका राहुल टिकरिहा से अफेयर था। वह बताती है कि जब वह कक्षा 10वीं में थी, तब पहली बार राहुल से उसका संपर्क हुआ। शुरुआत में वह मोहल्ले की समस्या (लाउडस्पीकर) को लेकर मिली थी। इसके बाद राहुल ने उसे मैसेज भेजना शुरू कर दिया और रात-रात भर परेशान करता था। पीड़िता के मुताबिक, 5 अप्रैल की रात 12 बजे वह राहुल से मिलने गई थी। खेत के पास राहुल उसे अपने साथ ले गया और रात 1 बजे उसने सेक्स करने की कोशिश की। युवती ने कहा कि उस दौरान उसका पीरियड चल रहा था और गर्भवती होने के डर से उसने मना कर दिया। इसके बाद राहुल ने उसे छोड़ दिया, लेकिन बात करते रहने की बात कही। युवती का यह भी आरोप है कि राहुल ने शादी का भरोसा दिलाया था, लेकिन बाद में मुकर गए। इस विवाद के बाद उसका परिवार भी उससे दूरी बनाने लगा है। अब युवती चाहती है कि राहुल उससे शादी करें ताकि उसकी इज्जत और जिंदगी सुरक्षित रहे। पुराने विवाद भी जुड़े कुछ दिन पहले ही राहुल टिकरिहा पर उनके कथित चाचा रविकांत टिकरिहा ने अपनी पत्नी से अवैध संबंध रखने का आरोप लगाया था। तब उनका एक कथित ऑडियो भी वायरल हुआ था। इस नए मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। राहुल टिकरिहा का पक्ष इन आरोपों पर राहुल टिकरिहा ने कहा कि यह सब बेबुनियाद है। उनका कहना है कि कांग्रेस उन्हें बदनाम करने के लिए ऐसा करवा रही है। उन्होंने रायपुर के सिविल लाइन थाना में शिकायत दर्ज कराई है और कानूनी कार्रवाई की बात कही है।

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रायपुर : सीनियर रेलवे अधिकारी पर FIR, 13 साल पुराने केस की CBI जांच

रायपुर रेल मंडल के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ सूचना के अधिकार (RTI) से जुड़े मामले में FIR दर्ज की गई है। शिकायत एडवोकेट आनंद कुमार शर्मा ने की है। मामला दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में तैनात सीनियर डीसीएम अवधेश कुमार त्रिवेदी और अन्य अधिकारियों से जुड़ा बताया जा रहा है। आरटीआई में गलत जानकारी देने का आरोप शिकायतकर्ता कल्पना स्वामी का कहना है कि उन्होंने रायपुर आरक्षण केंद्र के कॉमर्शियल स्टाफ से जुड़ी जानकारी RTI के जरिए मांगी थी, लेकिन जो सूचना उन्हें मिली, वह कथित रूप से गलत थी। इसी आधार पर उन्होंने सीआईडी में शिकायत दर्ज कराई। यह FIR ओडिशा के कटक में धारा 173(1) बीएनएसएस-2023 के तहत दर्ज हुई है। अब सीआईडी यह जांच करेगी कि गलत जानकारी क्यों दी गई और इसमें किन-किन अधिकारियों की भूमिका रही। अधिकारी की प्रतिक्रिया सीनियर डीसीएम अवधेश कुमार त्रिवेदी ने बताया कि उन्हें इस एफआईआर की जानकारी है। उन्होंने कहा कि वे फिलहाल कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर ही अगला कदम तय करेंगे, इसलिए इस समय कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं करेंगे। रेलवे मंडल में चर्चा तेज आरटीआई विवाद सामने आने के बाद रेलवे मंडल में हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि यह मामला आगे और गंभीर रूप ले सकता है। शिकायतकर्ता एडवोकेट आनंद शर्मा ने कहा कि उन्होंने सूचना का अधिकार कानून के तहत जानकारी मांगी थी, लेकिन गलत सूचना दिए जाने के कारण उन्हें कानूनी कार्रवाई करनी पड़ी। फिलहाल, सीआईडी इस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।

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रायपुर में ‘न्यूड पार्टी’ विवाद – 40 हज़ार एंट्री फीस, 21 युवक-युवती रजिस्टर्ड

रायपुर में सोशल मीडिया पर वायरल हुए ‘न्यूड पार्टी’ के पोस्टर्स ने सनसनी फैला दी है। अलग-अलग नामों से चल रहे इन पोस्टर्स में युवाओं को बिना कपड़ों के पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया गया था। शनिवार को यह पोस्टर कांग्रेस नेताओं और हिंदू संगठनों तक पहुंचने के बाद मामला तूल पकड़ गया। नेताओं ने पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग की। पुलिस जांच में सामने आया कि भाठागांव स्थित एक फार्महाउस में 21 सितंबर की शाम 4 बजे से देर रात 3 बजे तक यह ‘न्यूड पार्टी’ आयोजित की जानी थी, जहां नशीले पदार्थ भी परोसे जाने की तैयारी थी। इस मामले में तेलीबांधा थाने में दो एफआईआर दर्ज की गईं—एक ‘न्यूड पार्टी’ आयोजकों पर और दूसरी ‘स्ट्रेंजर पूल पार्टी’ आयोजकों के खिलाफ। छह लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से एक आरोपी मंत्री का करीबी बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह आरोपी पहले भी एक बड़े घोटाले में फंस चुका है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी युवक ‘अपरिचित क्लब’ नाम से अलग-अलग फार्महाउस, रिसॉर्ट और क्लब में ऐसे इवेंट आयोजित करते थे। एफआईआर के बाद ‘न्यूड पार्टी’ को रद्द कर दिया गया। इस पूरे प्रकरण पर राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने पुलिस अधीक्षक और साइबर सेल प्रमुख से 2 दिन में रिपोर्ट मांगी है। ‘न्यूड पार्टी’ क्या है? पश्चिमी देशों में ‘न्यूड पार्टी’ या ‘न्यूडिस्ट इवेंट्स’ आम हैं। इनका उद्देश्य शरीर के प्रति झिझक खत्म करना और समान विचारधारा वाले लोगों के बीच रहना होता है। यूरोप-अमेरिका में न्यूडिस्ट बीच और रिसॉर्ट कानूनी हैं। भारत में कानूनी व सांस्कृतिक कारणों से सार्वजनिक रूप से ऐसे आयोजनों की अनुमति नहीं है, फिर भी गुपचुप आयोजन की खबरें आती रहती हैं। रायपुर में क्यों मचा हंगामा इंस्टाग्राम व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ‘न्यूड पार्टी’, ‘स्ट्रेंजर पार्टी’ और ‘हाउस पूल पार्टी’ के नाम से इवेंट्स के पोस्टर तेजी से वायरल हुए। इनमें तारीख, समय और 18 वर्ष से ऊपर की उम्र के लोगों को आमंत्रण जैसी जानकारी भी थी। कांग्रेस नेता कन्हैया अग्रवाल ने आरोप लगाया कि पहले ही इन पोस्टर्स में शराब और ड्रग्स का संकेत था, अब नग्नता का लालच देकर युवाओं को फंसाने की कोशिश सामने आई है। एंट्री फीस और गुप्त आयोजन पुलिस के मुताबिक, पूल पार्टी के बाद चुने हुए मेहमानों के लिए अलग क्लोज्ड पार्टी आयोजित होती थी। यह पार्टी रात 1 बजे से सुबह 6 बजे तक चलती थी, जिसमें एंट्री फीस 40 हजार रुपए और कपल एंट्री 1 लाख रुपए तय थी। यहां कमरों की व्यवस्था भी होती थी। इन पार्टियों में हेरोइन और एमडीएमए जैसे नशीले पदार्थों के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। ‘स्ट्रेंजर पार्टी’ की एंट्री फीस 2 से 5 हजार रुपए थी, जिसमें खाने-पीने की अलग व्यवस्था थी और शराब व हुक्का की कीमत अलग से वसूली जाती थी। पार्टी में 110 लोगों के शामिल होने की तैयारी थी। 10 दिन पहले शुरू किया प्रमोशन आयोजकों ने 10 दिन पहले सोशल मीडिया पर ‘न्यूड पार्टी’ का प्रमोशन शुरू किया था। इवेंट से जुड़ी आईडी अब डिलीट कर दी गई है। अभी तक 21 युवक-युवतियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा लिया था, जबकि 24 से अधिक लोग लोकेशन मिलते ही रजिस्ट्रेशन कराने की तैयारी में थे। फिलहाल पुलिस आगे की जांच कर रही है और महिला आयोग ने सख्त रिपोर्ट मांगी है।

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बिरगांव का आज़ाद चौक बना हंगामे का केंद्र, युवक डीजे पर चढ़कर तलवार लहराए

रायपुर। बिरगांव के आज़ाद चौक में गणेशोत्सव के दौरान रविवार रात माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। जानकारी के अनुसार, कुछ युवक डीजे पर चढ़कर फिल्मी गाना “नायक नहीं खलनायक हूं मैं” बजवाते हुए तलवार लहराने लगे। यही नहीं, उन्होंने इस करतूत का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर “बिहारी खलनायक” कैप्शन के साथ पोस्ट भी किया। स्थानीय नागरिकों ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि धार्मिक पर्व जैसे मौके पर ऐसी हरकतें न केवल त्योहार की पवित्रता को ठेस पहुंचाती हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी फैलाती हैं। पुलिस की कार्रवाईमामले की खबर लगते ही उरला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तलवार को जब्त कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपित युवकों की पहचान कर ली गई है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। लोगों की मांगनिवासियों ने कहा कि बिरगांव क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। त्योहारों की आड़ में माहौल बिगाड़ने वालों पर प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी हुई है और आरोपियों पर एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।

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जगदलपुर के नवोदय विद्यालय में 7 छात्रों की बेरहमी से पिटाई: लाइट जाने पर हॉस्टल में मस्ती कर रहे थे, टीचर ने रॉड से पीटा, परिजन पहुंचे स्कूल

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां हॉस्टल में रह रहे 7 छात्रों की एक शिक्षक द्वारा बेरहमी से पिटाई की गई। आरोप है कि सोमवार रात हॉस्टल में बिजली गुल हो जाने के बाद बच्चे मस्ती कर रहे थे, उसी दौरान वार्डन और जियोग्राफी टीचर सौरभ अवस्थी रूम में आए और लोहे की रॉड से बच्चों को पीटना शुरू कर दिया। टीचर की पिटाई से बच्चे चिल्लाने लगे, कुछ को आई गंभीर चोटें बच्चों के अनुसार, पिटाई इतनी जोरदार थी कि वे चीखने लगे। छात्र आशीष भारती ने बताया कि वह अपने बेड पर बैठा था, तभी सर आए और सिर, कनपटी सहित शरीर के कई हिस्सों पर जोर से मारा। जब एक और छात्र, नीलेश, पिटाई रोकने की कोशिश करने लगा तो उसे भी बुरी तरह पीटा गया। सुबह हॉस्टल से परिजनों को मिली सूचना, मां रो पड़ी घटना के बाद मंगलवार सुबह किसी ने छात्रों के परिजनों को इसकी जानकारी दी। बच्चे प्रिंस की मां को जब पता चला कि उसके बेटे को मारा गया है और उसकी कमर में चोट आई है, तो वह तुरंत स्कूल पहुंचीं और भावुक होकर रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि बच्चे मस्ती करते हैं, इसमें इतनी बुरी तरह मारना निंदनीय है। प्रबंधन बना हुआ है मौन, जिम्मेदारों से संपर्क नहीं घटना के बाद अब तक स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। पत्रकारों द्वारा जब जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इससे अभिभावकों और आम जनता के बीच नाराजगी बढ़ रही है।

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बिलासपुर में गर्भवती महिला की संदिग्ध मौत: मौलाना पति पर क्रूरता और हत्या का आरोप, बिना पोस्टमॉर्टम शव दफनाया गया

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक पांच माह की गर्भवती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतका के परिजनों और स्थानीय लोगों ने उसके मौलाना पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि महिला को पहले गर्म प्रेस से जलाया गया, पेट पर लात मारी गई और फिर जबरदस्ती टॉयलेट क्लीनर पिलाया गया। इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। बिना पोस्टमॉर्टम शव यूपी ले जाकर दफनाया घटना के बाद आरोपी मौलाना ने शव का पोस्टमॉर्टम कराए बिना उसे उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित अपने पैतृक गांव ले जाकर दफना दिया। पड़ोसियों और मृतका के परिजनों ने मामले को लेकर बिलासपुर एसएसपी से शिकायत की है, जिसके बाद मिर्जापुर प्रशासन और पुलिस को शव को कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम कराने के लिए पत्र लिखा गया है। 11 जुलाई को हुआ था विवाद, 12 को बिगड़ी तबीयत यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के तालापारा इलाके का है, जहां मौलाना कारी बशीर अहमद अपने तीन भाइयों के साथ रहता है और होटल संचालित करता है। बताया जा रहा है कि 11 जुलाई को उसकी पत्नी सलमा का किसी अन्य महिला को लेकर विवाद हुआ था। उसी रात कथित तौर पर कारी बशीर और उसके भाइयों ने मिलकर सलमा के साथ बर्बरता की। गर्भवती पर अत्याचार, बेटी ने दी सूचना 12 जुलाई को बशीर ने कथित तौर पर सलमा को टॉयलेट क्लीनर (हार्पिक) पिला दिया। हालत बिगड़ने पर महिला बेहोश हो गई। उस समय उसकी 10 वर्षीय बेटी ने मोहल्लेवालों को सूचना दी। जब पड़ोसी पहुंचे, तो देखा कि फर्श पर हार्पिक फैला था और चादर खून से सनी हुई थी। इसके बाद बशीर को कॉल किया गया, जिसने महिला को यूनिटी अस्पताल में भर्ती कराया। रात में हुई मौत, अस्पताल से मिलीभगत का आरोप रात करीब 10:45 बजे सलमा की मौत हो गई। मोहल्लेवालों का आरोप है कि मर्ग रिपोर्ट से बचने के लिए मौलाना ने अस्पताल प्रबंधन से मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। फिर वह शव को चुपचाप एंबुलेंस से मिर्जापुर ले गया और बिना किसी को बताए 13 जुलाई को अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों का आरोप – हत्या कर साक्ष्य मिटाया गया मृतका के भाई रागीब खान ने बताया कि सलमा की शादी 14 साल पहले हुई थी और वह लगातार दहेज व खर्च को लेकर प्रताड़ित की जा रही थी। पति बशीर के खिलाफ हत्या और सबूत छिपाने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने बताया कि बशीर, उसके भाई अनस, फरीद, जेट नसीर, ससुर ईद्रीस और ननद सबीना भी सलमा को प्रताड़ित करते थे। निष्पक्ष जांच और हत्या का मामला दर्ज करने की मांग परिजनों का कहना है कि उन्हें यह जानकारी दी गई थी कि सलमा ने टॉयलेट क्लीनर पी लिया था, लेकिन असलियत छिपाई जा रही थी। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है और FIR दर्ज कर आरोपियों को सजा दिलाने की अपील की है। पोस्टमॉर्टम के लिए कब्र से शव निकालने की प्रक्रिया शुरू सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि मोहल्लेवालों की शिकायत के बाद जांच पहले से चल रही थी। अब मिर्जापुर के एसडीएम और स्थानीय पुलिस को पत्र भेजकर कब्र से शव निकालने और पोस्टमॉर्टम कराने का अनुरोध किया गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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3-लेयर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश: 11 राज्यों में करोड़ों का साइबर ठगी नेटवर्क, रायपुर से 6 आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हाईटेक मोबाइल चोरी और साइबर फ्रॉड के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने झारखंड और पश्चिम बंगाल के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो बेहद संगठित ढंग से मोबाइल चोरी कर, पासवर्ड क्रैक कर, लोगों के खातों से लाखों की रकम उड़ा देते थे। इन अपराधों को तीन लेयर में अंजाम दिया जाता था। जांच में अब तक करोड़ों रुपए के ट्रांजैक्शन का खुलासा हो चुका है। सब्जी बाजार से हुई शुरुआत, मोबाइल चोरी से खुला राज यह मामला तब सामने आया जब गुढ़ियारी के पहाड़ी चौक स्थित सब्जी बाजार में एक युवक के मोबाइल चोरी होने की शिकायत थाने में दर्ज कराई गई। पीड़ित मुन्नालाल पटेल, जो नागरिक आपूर्ति निगम में ड्राइवर हैं, सब्जी लेने पहुंचे थे। उसी दौरान किसी ने उनकी शर्ट की जेब से मोबाइल पार कर लिया। कुछ देर बाद पता चला कि उनके फोन-पे से 99 हजार रुपए निकाल लिए गए हैं। तकनीकी एक्सपर्ट की मदद से मोबाइल अनलॉक पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मोबाइल चोरी के बाद टेक एक्सपर्ट की मदद से डिवाइस का लॉक तोड़ते थे। फिर UPI ऐप्स से खातों से पैसे निकालकर अपने या गैंग से जुड़े अन्य खातों में भेज देते थे। पैसा जल्द ही विभिन्न अकाउंट्स में घूमकर ATM से निकाला जाता था, ताकि ट्रैक न हो सके। बंगाल और झारखंड से जुड़े तार, 6 आरोपी दबोचे गए फोन-पे से ट्रांसफर हुए पैसों की जांच में पुलिस को कोलकाता निवासी मुकेश कुमार के बैंक खाते का सुराग मिला। लेकिन असल इस्तेमालकर्ता थे शेख सुलेमान उर्फ राजन और अंकित शर्मा, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसी पूछताछ में गिरोह के झारखंड (साहेबगंज) और पश्चिम बंगाल में फैले नेटवर्क का पता चला। इसके बाद पुलिस ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिससे पूरे रैकेट का खुलासा हुआ। आरोपी चोरी के मोबाइल से बैंकिंग ऐप्स खोलकर फोन-पे और पेटीएम से रकम ट्रांसफर करते थे। मोबाइल डेटा से सामने आया करोड़ों का लेनदेन एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से जब्त मोबाइलों की जांच में करोड़ों की साइबर फ्रॉड ट्रांजेक्शन का पता चला है। पुलिस को इस रैकेट की गतिविधियों के सबूत 11 राज्यों में मिले हैं। दूसरे राज्यों की पुलिस से संपर्क कर आगे की जांच तेज़ कर दी गई है।

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डॉक्टर दंपति की रहस्यमयी मौत का राज फाश – 8 साल बाद ड्राइवर निकला हत्यारा!

कवर्धा, 6 जुलाई 2025कवर्धा में आठ साल पुराने डॉक्टर दंपति हत्याकांड की गुत्थी आखिरकार पुलिस ने सुलझा ली है। साल 2017 में हुई इस रहस्यमयी मौत को पहले आत्महत्या माना जा रहा था, लेकिन अब जांच में यह साबित हो गया है कि यह सुनियोजित हत्या थी – और वो भी किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा नहीं, बल्कि खुद दंपति के चालक द्वारा। आखिर क्या है पूरा मामला? 2017 में डॉ. गणेश सूर्यवंशी और उनकी पत्नी ऊषा सूर्यवंशी अपने घर में मृत पाए गए थे। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या का मामला मान लिया गया था, लेकिन घटनास्थल से मिले साक्ष्य और मेडिकल रिपोर्ट ने इस पर सवाल खड़े कर दिए। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हत्या की आशंका के आधार पर दोबारा जांच शुरू की। 8 वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद बड़ा खुलासा मामले की जांच में सालों लग गए क्योंकि मुख्य संदिग्ध घटना के बाद से ही फरार था। कई बार जांच ठहर सी गई, लेकिन पुलिस ने लगातार प्रयास जारी रखे और अब सामने आया है कि इस हत्या के पीछे डॉक्टर दंपति का निजी ड्राइवर सत्यप्रकाश साहू था। घटना के तुरंत बाद से वह भूमिगत है और अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। आरोपी की तलाश में इनाम की घोषणा कबीरधाम के एसपी धर्मेन्द्र सिंह ने आरोपी की जानकारी देने पर ₹10,000 का इनाम घोषित किया है, जबकि रायपुर रेंज के आईजी अभिषेक शांडिल्य ने ₹30,000 की अतिरिक्त राशि घोषित की है। यानी कुल ₹40,000 इनाम उस व्यक्ति को दिया जाएगा, जो सत्यप्रकाश साहू के बारे में सटीक जानकारी देगा। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। अब सबसे बड़ा सवाल: कब होगी गिरफ्तारी? हत्याकांड का पर्दाफाश भले ही हो गया हो, लेकिन आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। अब देखना होगा कि क्या पुलिस उसे जल्द सलाखों के पीछे पहुंचा पाएगी। 🔍 प्रमुख तथ्य: 📢 नागरिकों से अपील: यदि आपके पास सत्यप्रकाश साहू या इस मामले से जुड़ी कोई भी जानकारी है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या कंट्रोल रूम को सूचित करें। आपकी एक जानकारी न्याय की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।

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Aurangabad Crime: युवक की गला घोंटकर हत्या, पुलिस जख्मों से इनकार कर रही……………….

Aurangabad के हसपुरा थाना क्षेत्र के हसपुरा डीह निवासी मंसूर खान उर्फ अप्पू खान की गुरुवार रात रहस्यमय परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। उसका शव चांदी गांव के मैदान से बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक, शव पर कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं, जिससे मौत का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। इस घटना से क्षुब्ध ग्रामीणों ने पटेल चौक पर मुख्य सड़क जाम कर दी और हत्यारों की गिरफ्तारी तथा मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग करने लगे। हालात को नियंत्रित करने के लिए दाउदनगर के एसडीपीओ कुमार ऋषिराज और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण का पता चल पाएगा। इस बीच, घटनास्थल की गहन जांच के लिए फोरेंसिक टीम (एफएसएल) को बुलाया गया है। पुलिस ने ग्रामीणों और मृतक के रिश्तेदारों से पूछताछ की है और आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा किया जाएगा। बताया जा रहा है कि मंसूर खान बाइक मैकेनिक का काम करता था। पुलिस हर संभव कोण से इस मामले की जांच कर रही है।

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पटना हिट-एंड-रन कांड: कॉन्स्टेबल कोमल के परिवार पर मौत का साया, मां की गुहार – “छोटी बेटी को नौकरी दिलाएं”

पटना: अटल पथ पर हुए हिट-एंड-रन कांड में मारी गई कॉन्स्टेबल कोमल कुमारी का परिवार दुखों के सागर में डूब गया है। कोमल अपने चार बहनों और माता-पिता की एकमात्र आस थी, जिसकी तनख्वाह से घर का खर्च चलता था। उसकी मौत ने परिवार को सदमे में डाल दिया है। मां रंजू देवी बार-बार बेहोश हो रही हैं और सरकार से इंसाफ के साथ-साथ अपनी छोटी बेटी के लिए नौकरी की मांग कर रही हैं। “मेरी बेटी चली गई, अब छोटी को नौकरी चाहिए” – मां का रुदन रोती हुई मां रंजू देवी ने कहा, “हमारे पांच बेटियां हैं, कोई बेटा नहीं। कोमल ही घर की जिम्मेदारी संभालती थी। अब वो चली गई, तो हमारी छोटी बेटी को नौकरी मिलनी चाहिए। हमें इंसाफ चाहिए।” उन्होंने बताया कि रात दो बजे एकंगरसराय थाने से फोन आया था, जिसमें हादसे की खबर दी गई। परिवार तुरंत पटना पहुंचा, लेकिन तब तक कोमल की मौत हो चुकी थी। “वो हमारी चौथी बेटी थी, पूरे घर का सहारा थी। अब उसके बिना कैसे गुजारा होगा?” गरीब परिवार की एकमात्र कमाने वाली थी कोमल कोमल नालंदा के धनहर गांव के एक गरीब किसान परिवार से थी। पिता प्रमोद प्रसाद पंजाब में मजदूरी करते थे, जबकि कोमल ने महज 22 साल की उम्र में बिहार पुलिस की नौकरी पाकर परिवार को संभाला था। वह चार साल पहले पुलिस में भर्ती हुई थी और हाल ही में श्रीकृष्णापुरी थाने में 112 डायल सेवा में तबादला हुआ था। मां ने बताया कि कोमल ने उनसे आखिरी बार दो दिन पहले बात की थी, जब वह घर के खर्च और छोटी बहन की पढ़ाई को लेकर चिंतित थी। अब पिता लुधियाना से वापस आ रहे हैं, जबकि पूरा गांव कोमल की मौत पर शोक में डूबा है। बुधवार रात श्रीकृष्णापुरी थाने के पास अटल पथ पर पुलिसकर्मी वाहनों की जांच कर रहे थे। तभी एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कार ने उन्हें टक्कर मार दी। इस हादसे में कोमल की मौत हो गई, जबकि उपनिरीक्षक दीपक कुमार और एएसआई अवधेश कुमार घायल हो गए। पुलिस ने कार के दो यात्रियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन ड्राइवर फरार है। पटना एसएसपी अवकाश कुमार ने बताया कि “पुलिस टीम वाहन चेक कर रही थी कि तेज गति से आई कार ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी।” कोमल की मौत ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ऐसे मामलों में जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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