Crime

रायपुर में नहर से मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, जांच में जुटी पुलिस

राजधानी रायपुर के विधानसभा थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मांडर भट्टी के पास नहर में एक व्यक्ति की लाश तैरती हुई देखी गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही विधानसभा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने नहर से शव को बाहर निकलवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। करीब 45 वर्ष बताई जा रही मृतक की उम्र पुलिस के अनुसार मृतक की उम्र लगभग 45 वर्ष के आसपास बताई जा रही है। फिलहाल उसकी पहचान नहीं हो पाई है। शव के पास कोई भी ऐसा दस्तावेज नहीं मिला है जिससे उसकी पहचान की जा सके। पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया शव पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही मृतक की पहचान के लिए आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट भी खंगाली जा रही है। मामले की जांच के लिए एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस इस मामले में सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

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बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बढ़ाने की पहल, हर थाने में बाल कल्याण अधिकारी की जानकारी होगी प्रदर्शित

छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बच्चों से संबंधित मामलों के निपटारे में पुलिस की प्रक्रिया को अधिक संवेदनशील और पारदर्शी बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने राज्य के सभी थानों में बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, विशेष किशोर पुलिस इकाई के प्रभारी और बच्चों की आपातकालीन हेल्पलाइन 1098 की जानकारी अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने की अनुशंसा की है। इस संबंध में रायपुर पुलिस कमिश्नर सहित प्रदेश के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश भेजे गए हैं। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बताया कि आयोग में लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कई थानों में बाल कल्याण पुलिस अधिकारी की जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं होती। कई बार तो स्वयं पुलिसकर्मियों को भी यह जानकारी नहीं रहती। उन्होंने बताया कि थाना प्रभारियों के स्थानांतरण के बाद कई बार नए बाल कल्याण अधिकारी की जानकारी लंबे समय तक अपडेट नहीं हो पाती। इसके अलावा कुछ मामलों में जिला स्तर पर गठित विशेष किशोर पुलिस इकाई की जानकारी भी थानों में स्पष्ट नहीं रहती। बच्चों से जुड़े मामलों में नहीं हो पाता उचित व्यवहार आयोग के अनुसार इन कमियों के कारण बच्चों से जुड़े मामलों की जांच के दौरान कई बार बाल-सुलभ प्रक्रिया का पालन नहीं हो पाता। इसी को ध्यान में रखते हुए थानों में स्पष्ट और स्थायी डिस्प्ले व्यवस्था लागू करने की अनुशंसा की गई है, ताकि पुलिसकर्मी और आम नागरिक दोनों को आवश्यक जानकारी आसानी से मिल सके। कानून में भी है स्पष्ट प्रावधान आयोग ने अपनी अनुशंसा में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 का उल्लेख करते हुए बताया कि इस कानून के तहत हर थाने में बाल कल्याण पुलिस अधिकारी और विशेष किशोर पुलिस इकाई का गठन अनिवार्य है। साथ ही बच्चों से जुड़े कानूनों के बारे में जनजागरूकता फैलाना भी संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। इस तरह बनाया जाएगा डिस्प्ले बोर्ड आयोग के निर्देश के अनुसार प्रत्येक थाने में प्रमुख दीवार के साथ दो अन्य स्थानों पर आयताकार डिस्प्ले बोर्ड तैयार किया जाएगा। इसके लिए दीवार पर काले रंग से पुताई की जाएगी और बॉर्डर स्लेट की तरह बनाई जाएगी ताकि यह बच्चों के लिए भी सहज और आकर्षक दिखाई दे। बोर्ड के अंदर सफेद रंग से जिले की विशेष किशोर पुलिस इकाई के प्रभारी का पदनाम, थाने के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी का पदनाम और बच्चों की हेल्पलाइन नंबर 1098 लिखा जाएगा। संबंधित अधिकारियों के नाम चॉक से लिखे जाएंगे, ताकि उनके स्थानांतरण होने पर आसानी से बदला जा सके। 31 मार्च तक पूरी करनी होगी व्यवस्था आयोग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि यह व्यवस्था 31 मार्च 2026 तक हर हाल में लागू कर दी जाए। साथ ही डिस्प्ले बोर्ड की तस्वीरों के साथ पालन प्रतिवेदन आयोग को भेजने को भी कहा गया है।

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NDPS मामलों में सख्त फैसला, तीन आरोपियों को 10-10 साल की सजा

नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन आरोपियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। रायपुर और गरियाबंद में दर्ज इन मामलों में आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी पाया गया। टिकरापारा क्षेत्र से 320 नशीली टैबलेट के साथ पकड़ा गया आरोपी पहला मामला रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र का है। 23 दिसंबर 2023 को पुलिस को सूचना मिली थी कि बोरियाखुर्द शमशान घाट के पास एक युवक प्रतिबंधित नशीली दवाओं के साथ मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शेख अजहर उर्फ विक्की को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से पीले रंग के कैरी बैग में रखी स्पास ट्रैनकैन प्लस की 40 पत्तियां बरामद की गईं। प्रत्येक पत्ती में 8-8 टैबलेट थीं, इस तरह कुल 320 टैबलेट जब्त की गईं। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तौलने पर इनका कुल वजन 163.2 ग्राम पाया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 15 गवाहों के बयान पेश किए गए। सभी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। मैनपुर में 22.4 किलो गांजे के साथ दो आरोपी गिरफ्तार दूसरा मामला गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। 2 जून 2021 को पुलिस को सूचना मिली थी कि एनएच-130सी पर स्थित मां अंबे पेट्रोल पंप के पास दो व्यक्ति बैग में अवैध गांजा लेकर खड़े हैं। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और त्रिनाथ मेहर तथा इंद्रभूषण मेहर को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान दोनों के बैग से प्लास्टिक में पैक गांजा बरामद हुआ। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से वजन करने पर त्रिनाथ मेहर के पास से 11 किलो 300 ग्राम और इंद्रभूषण मेहर के पास से 11 किलो 100 ग्राम गांजा मिला। इस तरह कुल 22 किलो 400 ग्राम गांजा जब्त किया गया। पुलिस ने जब्त गांजे का सैंपल तैयार कर जांच के लिए एफएसएल रायपुर भेजा और मामले में चालान पेश किया। सुनवाई के बाद एनडीपीएस एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

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गंज थाना क्षेत्र में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अवैध शराब और चाकू के साथ तीन गिरफ्तार

रायपुर के गंज थाना क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। अलग-अलग स्थानों पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने अवैध चाकू और अवैध शराब के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं सार्वजनिक स्थान पर नशा कर उत्पात मचाने वाले तीन युवकों के खिलाफ भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार चूनाभट्ठी और तेलघानी नाका इलाके में अवैध हथियार और शराब के कारोबार की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद गंज थाना पुलिस ने इलाके में विशेष अभियान चलाया और कार्रवाई करते हुए दो लोगों को अवैध चाकू के साथ पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राज नायडू (28) निवासी नर्मदा पारा और नरोत्तम दास मानिकपुरी (22) निवासी रेलवे स्टेशन के पास गंज के रूप में हुई है। दोनों के पास से अवैध चाकू बरामद किए गए हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा पुलिस ने चूनाभट्ठी क्षेत्र में दबिश देकर कमलेश मुदलियार (27) को गिरफ्तार किया है। उसके पास से व्यावसायिक मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई है। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं चूनाभट्ठी इलाके में नशा कर हंगामा कर रहे तीन युवकों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। इनकी पहचान भावेश सेन, विशाल पंडा और अश्वनी बघेल के रूप में हुई है। तीनों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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रायपुर में महिला सुरक्षा के लिए ‘पिंक पेट्रोलिंग यूनिट’ शुरू, दो शिफ्ट में करेगी गश्त

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए एक नई पहल शुरू की है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के नेतृत्व में शहर में “पिंक पेट्रोल यूनिट” की शुरुआत की गई। अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित कांबले ने इस विशेष टीम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल के तहत रायपुर पुलिस ने तीन पिंक पेट्रोलिंग टीमों का गठन किया है। इन टीमों में कुल 27 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं, जो कॉल ट्रैकिंग और नियमित पेट्रोलिंग के माध्यम से महिलाओं को त्वरित सहायता प्रदान करेंगे। पिंक पेट्रोलिंग टीम दो शिफ्ट में कार्य करेगी। पहली शिफ्ट सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक रहेगी। ये टीमें शहर के संवेदनशील इलाकों में नियमित और सरप्राइज पेट्रोलिंग करेंगी। इस दौरान पुलिस टीम महिलाओं को सुरक्षा से जुड़े कानूनों और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी देगी। खासतौर पर कॉलेज जाने वाली छात्राओं, कामकाजी महिलाओं और हॉस्टल या पीजी में रहने वाली महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। किसी भी स्थिति में मौके पर ही सहायता और काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। महिलाओं की सुरक्षा के लिए रायपुर पुलिस ने एक व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 94792-10932 भी जारी किया है। पुलिस ने महिलाओं से अपील की है कि यदि उन्हें किसी प्रकार की छेड़छाड़, स्टॉकिंग, उत्पीड़न या किसी अन्य आपात स्थिति का सामना करना पड़े, तो वे तुरंत इस हेल्पलाइन नंबर या नजदीकी पुलिस से संपर्क करें। रायपुर पुलिस का कहना है कि इस पहल से शहर में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा। महिला सुरक्षा और सम्मान को लेकर पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त डॉ. अर्चना झा, डीसीपी सेंट्रल तारकेश्वर पटेल, सहायक पुलिस आयुक्त रुचि वर्मा और निलेश द्विवेदी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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मिसिंग चिल्ड्रन रिपोर्ट: बच्चों के लापता होने के मामलों में छत्तीसगढ़ देश में छठवें स्थान पर

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ‘मिसिंग चिल्ड्रन’ रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार बच्चों के लापता होने के मामलों में छत्तीसगढ़ देश में छठवें स्थान पर है। पिछले लगभग पांच वर्षों से राज्य लगातार इस सूची के टॉप-10 राज्यों में बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच छत्तीसगढ़ में कुल 982 बच्चे लापता हुए। इनमें से 582 बच्चों को पुलिस और प्रशासन ने खोज लिया है, जबकि 400 से अधिक बच्चों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। राज्य के कुछ जिलों में बच्चों के गायब होने के मामले अधिक सामने आए हैं। जांजगीर-चांपा इस सूची में पहले स्थान पर है। इसके बाद रायपुर, बिलासपुर, सक्ती, दुर्ग और बलौदाबाजार जिलों का नाम शामिल है। लापता बच्चों की तलाश के लिए पुलिस और प्रशासन द्वारा ‘ऑपरेशन मुस्कान’ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अब तक 559 बच्चों को सुरक्षित ढूंढकर उनके परिवारों तक पहुंचाया गया है। बरामद किए गए बच्चों में सबसे अधिक संख्या जांजगीर-चांपा जिले की बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार रायपुर और बिलासपुर जैसे औद्योगिक और शहरी क्षेत्रों में प्रवासी परिवारों की संख्या अधिक है। कई बार उनके बच्चे परिवार से बिछड़ जाते हैं या बिना जानकारी दिए अन्य शहरों की ओर चले जाते हैं। इसके अलावा मानव तस्करी के गिरोह भी बच्चों के लापता होने का एक बड़ा कारण माने जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक तस्कर बच्चों को बड़े शहरों में अधिक पैसे या अन्य लालच देकर अपने साथ ले जाते हैं और उनसे मजदूरी या अन्य काम करवाते हैं। ऑपरेशन मुस्कान के दौरान रेस्क्यू किए गए बच्चों से पूछताछ में ऐसे मामलों का खुलासा भी हुआ है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 1 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच देशभर में कुल 33,577 बच्चे लापता हुए। इनमें से 7,777 बच्चों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है, जबकि बाकी बच्चों को खोज लिया गया है। वहीं कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों जैसे नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा, गुजरात, लक्षद्वीप और दादर एवं नगर हवेली में इस अवधि के दौरान बच्चों के लापता होने की कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है। रिपोर्ट के अनुसार लापता बच्चों में 14 से 17 वर्ष की आयु के किशोर-किशोरियों की संख्या अधिक है और इनमें लड़कियों की संख्या लड़कों के मुकाबले ज्यादा पाई गई है।

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बिलासपुर में पत्नी की हत्या कर फरार हुआ पति, बाथरूम में सिर पटककर की वारदात

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी की हत्या करने का मामला सामने आया है। आरोपी पति ने घर के बाथरूम में पत्नी का सिर पटक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार यह घटना बिलासपुर के नेहरू नगर इलाके की है। सिविल लाइन थाना पुलिस के मुताबिक MIG-33 नेहरू नगर में रहने वाली 37 वर्षीय पुष्पलता यादव की हत्या उसके पति युवराज यादव (43) ने की है। युवराज मूल रूप से कोटा क्षेत्र के मोहनभाठा का निवासी बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि घटना से पहले मकान मालकिन किराएदारों से घर खाली करने की बात कहने आई थी। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया। उस समय युवराज शराब के नशे में था और उसने पत्नी से गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर उसने पत्नी को घर के अंदर ले जाकर बाथरूम के पास उसका सिर दीवार से पटक दिया। हमले में पुष्पलता के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें बनाई हैं और उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक दंपति करीब एक महीने पहले ही इस किराए के मकान में रहने आए थे। पुष्पलता मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाती थी, जबकि उसका पति शराब का आदी था और अक्सर उसके साथ विवाद करता था।

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रायपुर में डॉग रेस्क्यू के नाम पर गुंडागर्दी का आरोप, गर्भवती महिला से मारपीट का मामला दर्ज

रायपुर में डॉग रेस्क्यू संस्था की आड़ में गुंडागर्दी करने का मामला सामने आया है। चार महीने की गर्भवती महिला के साथ मारपीट करने, उसका मोबाइल फोन और कुत्ता छीनने तथा धमकी देने के आरोप में पुलिस ने एक महिला सहित अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक भाठागांव चौक निवासी गुरप्रीत कौर गिल ने पुरानी बस्ती थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता का आरोप है कि डॉग रेस्क्यू का दावा करने वाली किरण घनश्याम आहूजा अपने कुछ साथियों के साथ मौके पर पहुंची। किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपितों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट की। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान आरोपितों ने उसका मोबाइल फोन और उसका पालतू कुत्ता भी छीन लिया। साथ ही संस्था का नाम लेकर उसे धमकाया और वहां से चले गए। घटना के बाद महिला ने इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद पुलिस ने किरण घनश्याम आहूजा सहित अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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कांकेर में 6 साल की बच्ची से गैंगरेप, महुआ चोरी के इरादे से घर में घुसे थे आरोपी; दो गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के कांकेर में 6 साल की बच्चे से गैंगरेप हुआ है। आरोपी घर में चोरी के इरादे से घुसे थे। इस दौरान बच्ची को कमरे में अकेला पाकर वारदात को अंजाम दिया। इस मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात आरोपी महुआ चोरी करने के लिए घर में घुसे थे। इस दौरान माता-पिता कमरे में सो रहे थे। जबकि बच्ची अलग कमरे में सो रही थी। इसके बाद आरोपी उसे उठा ले गए और करीब 300 मीटर दूर ले जाकर बारी-बारी से रेप किया। फिर भाग निकले। जब परिजनों ने बच्ची को बिस्तर पर नहीं पाया तो उन्होंने तलाश शुरू की। आसपास तलाश करने पर भी बच्ची नहीं मिली, जिसके बाद किसी अनहोनी की आशंका हुई। परिजनों ने देर रात करीब 12:30 बजे कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। घर से 300 मीटर दूर मिली बच्ची पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू किया। बच्ची घर से 300 मीटर दूर एक खेत में अचेत अवस्था में मिली। उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां जांच में उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। फिलहाल, बच्ची मेडिकल कॉलेज में भर्ती है और उसका इलाज चल रहा है। आरोपियों के भेजा गया जेल शनिवार को पुलिस ने जांच के दौरान दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद आरोपी अमित जैन और रोहित जैन को विधिवत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। एडिशनल एसपी योगेश साहू ने पुष्टि की कि गैंगरेप के आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

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दुर्ग में 5 एकड़ से ज्यादा जमीन पर अफीम की अवैध खेती का खुलासा, भाजपा नेता विनायक ताम्रकार समेत तीन गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बड़े पैमाने पर अफीम की अवैध खेती का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में भाजपा नेता और पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष विनायक ताम्रकार सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। समोदा और झेनझरी गांव के बीच स्थित फार्महाउस से करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में उगाए गए अफीम के पौधे जब्त किए गए हैं। पुलिस जांच में खेत से करीब 14 लाख 30 हजार अफीम के पौधे बरामद हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार जब्त पौधों की कीमत लगभग 7.88 करोड़ रुपए आंकी गई है। यह पूरा मामला जेवरा सिरसा पुलिस चौकी क्षेत्र का बताया जा रहा है। डिजिटल सर्वे में गेहूं और मक्का की खेती दिखाई गई जांच में सामने आया कि फार्महाउस के रिकॉर्ड में डिजिटल सर्वे के दौरान गेहूं और मक्का की खेती दर्ज कराई गई थी, लेकिन उन्हीं फसलों की आड़ में अफीम उगाई जा रही थी। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों ने खेती को छिपाने के लिए यह तरीका अपनाया था। सुरक्षा के लिए लगाए गए थे बाउंसर और गेट बताया जा रहा है कि फार्महाउस की सुरक्षा के लिए बाउंसर तैनात किए गए थे और चारों तरफ गेट लगाए गए थे। इस कारण आम लोगों का फार्महाउस के अंदर जाना लगभग असंभव था। इसी वजह से गांव के लोगों को लंबे समय तक इस अवैध खेती की जानकारी नहीं हो पाई। राजस्थान से बुलाए गए थे मजदूर पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि खेती के काम के लिए राजस्थान के जयपुर क्षेत्र से मजदूर बुलाए गए थे। आरोपी विकास बिश्नोई और उसका भाई श्रवण बिश्नोई पहले यहां कपास की खेती करने आए थे, लेकिन बाद में अफीम की खेती शुरू कर दी गई। पूछताछ में विकास बिश्नोई ने बताया कि वह पिछले करीब चार साल से विनायक ताम्रकार के संरक्षण में इस काम में लगा हुआ था। फार्महाउस में मजदूरों के रहने के लिए मकान और अन्य सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई थी। दो आरोपी फरार, राजस्थान में तलाश कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में विनायक ताम्रकार, विकास बिश्नोई और फार्महाउस के मुंशी मनीष ठाकुर को गिरफ्तार किया है। वहीं दो अन्य आरोपी आंचला राम और श्रवण बिश्नोई फिलहाल फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीम राजस्थान भेजी गई है। जमीन के मालिकों से भी होगी पूछताछ अधिकारियों के अनुसार जिस जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी, वह मुधमति बाला और प्रीति बाला के नाम दर्ज है। पुलिस अब दोनों से भी पूछताछ करेगी और उनकी भूमिका की जांच की जाएगी। अगर जांच में उनकी संलिप्तता सामने आती है तो उन्हें भी आरोपी बनाया जा सकता है। कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों की भीड़ शनिवार को जब पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर कार्रवाई के लिए पहुंची, तो बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां इकट्ठा हो गए। कुछ लोगों ने फार्महाउस के अंदर जाने की कोशिश की, जिसके दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। राजनीति भी हुई तेज इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि इस पूरे मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा। उन्होंने मांग की है कि अफीम की इस अवैध खेती से जुड़े सभी लोगों की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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