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बिलासपुर में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर जश्न, हिंदू नेता की आपत्तिजनक टिप्पणी पर FIR दर्ज

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हिंदू संगठन के नेता ठाकुर राम सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि राम सिंह ने ईरान के सुप्रीम लीडर आयत उल्लाह अली खामेनेई की मौत पर जश्न मनाया और मिठाइयां बांटी। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ अपमानजनक और भड़काऊ टिप्पणियां कीं, जिसमें उन्हें देशद्रोही बताया गया और ईरान भेजने की बात कही गई। यह घटना सरकंडा थाना क्षेत्र की है। मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और पोस्ट के बाद उजागर हुआ। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इस पर गहरी नाराजगी जताई और पुलिस से कार्रवाई की मांग की। घटना का क्रम 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयत उल्लाह अली खामेनेई की मौत हुई। इस खबर के बाद बिलासपुर में ठाकुर राम सिंह ने जश्न मनाया और मिठाइयां बांटी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने खामेनेई के प्रति मातम मनाने वालों के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया और भारतीय मुसलमानों को देशद्रोही करार देते हुए ईरान भेजने की बात कही। मुस्लिम समाज में नाराजगी राम सिंह के इस व्यवहार और पोस्ट के सामने आने के बाद मुस्लिम समाज में विरोध शुरू हो गया। बड़ी संख्या में लोग सरकंडा थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज करने की मांग की। लोगों का आरोप है कि राम सिंह की टिप्पणी से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और शहर की शांति भी प्रभावित हो सकती है। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि बिलासपुर हमेशा से शांतिपूर्ण और भाईचारे वाला शहर रहा है। ऐसे भड़काऊ बयानों से हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच सौहार्द बिगड़ने की संभावना होती है। उन्होंने प्रशासन से इस तरह की किसी भी भड़काऊ टिप्पणी पर सख्त कार्रवाई की अपील की। पुलिस की कार्रवाई सरकंडा थाने की पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ठाकुर राम सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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बलरामपुर में दुष्कर्म पीड़िता के परिवार का सामाजिक बहिष्कार, पंचायत ने रखीं अपमानजनक शर्तें

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने के बजाय पंचायत द्वारा उसके परिवार के खिलाफ सामाजिक दंड सुनाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पंचायत ने पीड़िता के परिवार को 12 साल तक समाज से अलग रखने का फैसला किया और कई अपमानजनक शर्तें भी रख दीं। यह मामला वाड्रफनगर विकासखंड के बसंतपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता के परिजनों के अनुसार, पंचायत की बैठक में सरपंच और पंचों ने आरोपी युवक को सजा देने के बजाय पीड़िता के परिवार को ही दोषी ठहराते हुए उनके बहिष्कार का निर्णय लिया। पंचायत के कथित फैसले के मुताबिक, पीड़िता का परिवार अगले 12 वर्षों तक गांव के सामाजिक कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों और अन्य सामुदायिक गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकेगा। पंचायत की विवादित शर्तें परिजनों का आरोप है कि पंचायत ने समाज में दोबारा शामिल होने के लिए अपमानजनक शर्तें रखीं। सरपंच जवाहिर लाल के अनुसार, अगर परिवार समाज में वापस आना चाहता है तो उन्हें पूरे गांव के लोगों के पैर धोकर उसी पानी से स्नान करना होगा। इसके अलावा पूरे गांव को बकरा-भात और शराब का भोज देने की भी बात कही गई। पंचायत के इस फैसले से पीड़ित परिवार काफी डरा और परेशान है। उन्होंने इस मामले की शिकायत एसडीओपी कार्यालय में करते हुए प्रशासन से न्याय की मांग की है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जानकारी लेकर पंचायत को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। सरपंच ने आरोपों से किया इनकार इस मामले में सरपंच जवाहिर लाल का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पंचायत द्वारा परिवार के बहिष्कार की बात कही जा रही है। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद सरपंच ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि पंचायत ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है और यह पंचायत को बदनाम करने की साजिश है। सात महीने की गर्भवती है पीड़िता जानकारी के अनुसार युवक और युवती एक ही गांव के रहने वाले हैं और पिछले करीब एक साल से दोनों के बीच संबंध थे। युवती का आरोप है कि युवक ने उससे शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में शादी से इंकार करता रहा। इस दौरान युवती गर्भवती हो गई। जब युवती ने परिवार को इस बारे में बताया, तो परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। 18 फरवरी को बसंतपुर थाने में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने 22 फरवरी को आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बताया जा रहा है कि 25 फरवरी को गांव में पंचायत की बैठक हुई, जिसके बाद पीड़िता के परिवार के सामाजिक बहिष्कार की बात सामने आई। वाड्रफनगर एसडीएम नीरनिधि नंदेहा ने कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन जांच कर रहा है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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दुर्ग में 8 करोड़ की अफीम की खेती का मामला: भाजपा नेता विनायक ताम्रकार समेत तीन गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती के मामले में पुलिस ने भाजपा नेता विनायक ताम्रकार सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने फार्म हाउस में की गई कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में अफीम के पौधे जब्त किए हैं, जिनकी कीमत करीब 7.88 करोड़ रुपए आंकी गई है। मामले के सामने आने के बाद भाजपा संगठन ने विनायक ताम्रकार को पार्टी से निलंबित कर दिया है। जानकारी के अनुसार विनायक ताम्रकार ने शिवनाथ नदी के किनारे करीब 110 एकड़ क्षेत्र में फार्म हाउस बना रखा था, जिसे चारों ओर से फेंसिंग कर सुरक्षित किया गया था। इसी फार्म हाउस के करीब 11 एकड़ हिस्से में मक्का और गेहूं की फसल के बीच अफीम के पौधे लगाए गए थे। पुलिस की जांच में खेत से लगभग 14.30 लाख अफीम के पौधे बरामद किए गए हैं। बताया जा रहा है कि फार्म हाउस की निगरानी के लिए वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे और सुरक्षा के लिए बाउंसर भी तैनात किए गए थे। फार्म हाउस के गेट पर सख्त निगरानी रहती थी और आम लोगों को आसपास जाने की अनुमति नहीं थी। मौके पर जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि राजस्थान से आए मजदूरों को वहां काम पर रखा गया था और उनके रहने की व्यवस्था भी फार्म हाउस में ही की गई थी। दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह के मुताबिक, अफीम की खेती निजी जमीन पर की जा रही थी। अगस्त में हुए डिजिटल सर्वे के दौरान यहां मक्का और गेहूं की खेती की जानकारी सामने आई थी, लेकिन उन्हीं फसलों के बीच अफीम के पौधे भी लगाए गए थे। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां पहुंच गए थे। फार्म हाउस के अंदर जाने की कोशिश के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार को समोदा गांव पहुंचे और उन्होंने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे इतनी बड़ी अवैध खेती कैसे चल रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में कई बड़े लोगों की संलिप्तता हो सकती है और इसकी जांच होनी चाहिए। भूपेश बघेल ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा और सरकार को जवाब देना होगा कि इस अवैध खेती में कौन-कौन शामिल है। आरोपी का दावा – जमीन मेरी नहीं वहीं मुख्य आरोपी विनायक ताम्रकार का कहना है कि उन्हें अफीम की खेती की कोई जानकारी नहीं थी। उनका दावा है कि जमीन अधिया पर दी गई थी और जिस हिस्से में अफीम की खेती की गई, वह उनकी जमीन नहीं है। उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी पुलिस ने इस मामले में विनायक ताम्रकार के साथ उसके सहयोगी विकास विश्नोई और फार्म हाउस के मुंशी मनीष ठाकुर को भी गिरफ्तार किया है। वहीं दो अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीम राजस्थान तक पहुंची हुई है।

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रायपुर में युवती के फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी, 5 लाख की मांग; आरोपी के खिलाफ केस दर्ज

रायपुर में एक युवती के कथित अश्लील फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगने का मामला सामने आया है। आरोपी ने युवती की मां से 5 लाख रुपए की मांग की और पैसे नहीं देने पर परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। पीड़िता की शिकायत पर सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना शहर के टैगोर नगर क्षेत्र की बताई जा रही है। यहां एक निजी अपार्टमेंट में रहने वाली महिला ने पुलिस को बताया कि 5 मार्च की रात करीब 10 बजे वह पुजारी पार्क के पीछे अपने पालतू कुत्ते को टहलाने गई थीं। इसी दौरान बैजनाथपारा निवासी हार्दिक जैन वहां पहुंचा और उनसे बातचीत करते हुए धमकाने लगा। महिला के अनुसार आरोपी ने दावा किया कि उसके पास उनकी बेटी के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो हैं। उसने कहा कि अगर परिवार की भलाई चाहती हैं तो 5 लाख रुपए दे दें, नहीं तो वह इन तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। अचानक मिली इस धमकी से महिला घबरा गईं। उन्होंने उससे सवाल किए तो आसपास कुछ लोग इकट्ठा हो गए, जिसके बाद आरोपी मौके से भाग गया। पीड़िता ने यह भी बताया कि अगले दिन 6 मार्च की दोपहर करीब 4 बजे आरोपी ने उन्हें फोन कर दोबारा धमकी दी। इस बार उसने पैसे नहीं देने पर उनके पति को चाकू मारने और उनकी बेटी को घर से उठाने की धमकी दी। लगातार मिल रही धमकियों से महिला और उनका परिवार काफी डरे हुए हैं। इसके बाद उन्होंने सिटी कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में कोतवाली थाना प्रभारी सतीश ठाकुर ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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रायपुर में महिला समेत दो आरोपी गांजा तस्करी करते गिरफ्तार, 6 किलो से ज्यादा गांजा और एक्टिवा जब्त

रायपुर पुलिस ने गांजा तस्करी के मामले में एक महिला सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 6.140 किलोग्राम गांजा और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक एक्टिवा स्कूटी बरामद की गई है। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब 3.57 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिला की पहचान माधुरी जैन उर्फ डॉली (37) के रूप में हुई है, जो खमतराई थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर उदय जैन की पत्नी है। उदय जैन फिलहाल नारकोटिक एक्ट से जुड़े एक मामले में जेल में बंद है। वहीं दूसरे आरोपी का नाम कृष्ण साहू (18) है, जो रायपुर के सन्यासी पारा इलाके का निवासी है। इस कार्रवाई को पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (मध्य) उमेश प्रसाद गुप्ता के निर्देशन में अंजाम दिया गया। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और तेलीबांधा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मिलकर आरोपियों को पकड़ा। मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई पुलिस को 7 मार्च को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि एक महिला और एक युवक एक्टिवा से आरंग की तरफ से रायपुर की ओर आ रहे हैं और उनके बैग में गांजा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने आरंग-रायपुर रिंग रोड पर एक कार शोरूम के पास नाकेबंदी कर दी। कुछ देर बाद मुखबिर के बताए हुलिए से मिलती-जुलती एक्टिवा वहां पहुंची। पुलिस ने वाहन रोकने का संकेत दिया, लेकिन चालक ने भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस टीम ने पीछा कर दोनों को घेराबंदी कर पकड़ लिया। बैग की तलाशी में मिला गांजा पुलिस द्वारा तलाशी लेने पर आरोपियों के बैग से 6.140 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने गांजा और एक्टिवा (CG-04-NY-9483) को जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की तलाश पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी महिला गांजा कहां से लेकर आई थी और इस तस्करी में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस पूरे सिंडिकेट का पता लगाने और इसमें शामिल अन्य आरोपियों को पकड़ने के प्रयास में जुटी हुई है।

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छत्तीसगढ़ के 400 बच्चे अब भी लापता, देशभर में 33 हजार से ज्यादा केस; लड़कियों की संख्या अधिक

देश में बच्चों के लापता होने के मामले लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ‘मिसिंग चिल्ड्रन’ रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ से अब भी 400 बच्चे लापता हैं, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 1 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच देशभर में कुल 33,577 बच्चों के लापता होने के मामले सामने आए। इनमें से 7,777 बच्चों का अब तक पता नहीं चल सका है, जबकि बाकी बच्चों को पुलिस और प्रशासन ने ढूंढ लिया है। इसी अवधि में छत्तीसगढ़ से कुल 982 बच्चों के लापता होने की जानकारी सामने आई। इनमें से 582 बच्चों को बरामद कर लिया गया है, लेकिन 400 बच्चे अभी भी लापता हैं। लापता बच्चों के मामलों में छत्तीसगढ़ देश में छठे स्थान पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में सबसे अधिक 14 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे लापता हुए हैं। इनमें लड़कियों की संख्या लड़कों की तुलना में ज्यादा बताई गई है, जो एक गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा मामले रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों के लापता होने के मामलों में पश्चिम बंगाल देश में पहले स्थान पर है। यहां कुल 19,145 बच्चे लापता हुए। इनमें से 15,465 बच्चों को खोज लिया गया, जबकि 3,680 बच्चे अब भी नहीं मिल सके हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर है, जहां इस अवधि में 4,256 बच्चे लापता हुए। इनमें से 1,059 बच्चों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। कुछ राज्यों में दर्ज नहीं हुए मामले रिपोर्ट के अनुसार, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा, गुजरात, लक्षद्वीप और दादरा एवं नगर हवेली में इस अवधि के दौरान बच्चों के लापता होने की कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है।

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रायपुर में गर्भवती इंटीरियर डिजाइनर से मारपीट, डॉग रेस्क्यू टीम पर थप्पड़ और मोबाइल छीनने का आरोप

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पालतू कुत्ते की देखभाल को लेकर हुए विवाद में एक गर्भवती महिला के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि खुद को पशु प्रेमी रेस्क्यू संस्था की सदस्य बताने वाली महिलाओं ने बीच सड़क महिला को थप्पड़ मारा, उसकी टी-शर्ट खींची और धक्का दिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दो महिलाएं गर्भवती से मारपीट करती दिखाई दे रही हैं। यह पूरा मामला रायपुर के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पीड़िता गुरप्रीत कौर, जो भिलाई के नेहरू नगर की रहने वाली हैं और इंटीरियर डिजाइनिंग का काम करती हैं, ने रेस्क्यू संस्था की सदस्य किरण घनश्याम आहूजा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, 27 फरवरी को गुरप्रीत कौर रायपुर के भाठागांव इलाके में स्थित कृष्णा होटल में ठहरी हुई थीं। उनके साथ दो पालतू कुत्ते भी थे। किसी निजी काम से बाहर जाने के दौरान उन्होंने अपने दोनों डॉग होटल में ही छोड़ दिए थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे जब गुरप्रीत होटल वापस पहुंचीं, तब वहां खुद को पशु प्रेमी संस्था की पदाधिकारी बताने वाली किरण आहूजा और उनकी टीम मौजूद थी। आरोप है कि उन्होंने गुरप्रीत पर कुत्तों की सही तरीके से देखभाल न करने का आरोप लगाते हुए बहस शुरू कर दी। इसी दौरान किरण आहूजा ने गुरप्रीत को थप्पड़ मार दिया। पीड़िता का आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो संस्था की एक अन्य महिला सदस्य भी आगे आई और उसने भी उन्हें थप्पड़ मार दिया। इतना ही नहीं, उनकी टी-शर्ट खींचकर धक्का दिया गया। इसके बाद संस्था के सदस्यों ने उनके पालतू कुत्ते और मोबाइल फोन भी अपने साथ ले लिए। गुरप्रीत कौर का कहना है कि विवाद के दौरान संस्था के लोगों ने उन पर अपने डॉग्स को मारने का आरोप लगाया और उन्हें अपने साथ ले जाने का दबाव बनाया। मना करने पर उनके पालतू कुत्तों को जबरन अपने साथ ले जाया गया और अब तक वापस नहीं किया गया है। घटना के बाद पीड़िता ने पुरानी बस्ती थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 27 फरवरी को ही आवेदन दिया गया था और पिछले कई दिनों से वह थाने के चक्कर लगा रही हैं। इस मामले में पुरानी बस्ती थाना प्रभारी शील आदित्य सिंह का कहना है कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर किरण आहूजा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

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रायपुर में 14 लाख का गांजा बरामद, इंटरस्टेट तस्कर गिरफ्तार; बैग में भरकर बेचने की फिराक में था आरोपी

राजधानी रायपुर में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 28.621 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है, जिसकी बाजार कीमत करीब 14.41 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई कबीर नगर थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सीतानगर गोगांव रोड स्थित अविनाश आशियाना के पीछे भाठा इलाके में एक युवक ट्रॉली बैग में बड़ी मात्रा में गांजा लेकर खड़ा है और उसे बेचने की तैयारी कर रहा है। सूचना मिलते ही एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और कबीर नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस टीम ने संदेह के आधार पर युवक को पकड़कर उसके ट्रॉली बैग की तलाशी ली। तलाशी के दौरान बैग से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। इसके साथ ही आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अविनाश अग्रहरी बताया, जो उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले का रहने वाला है। आरोपी से पूछताछ जारी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कबीर नगर थाना में अपराध क्रमांक 60/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(C) के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे किन लोगों को सप्लाई किया जाना था। जांच एजेंसियां फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक के आधार पर इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही हैं। 2026 में अब तक की कार्रवाई पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत 16 अलग-अलग मामलों में 34 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन मामलों में 185 किलोग्राम से अधिक गांजा, करीब 2.05 लाख रुपये नकद, 2 चारपहिया वाहन और 9 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।

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रायपुर: खारून रेलवे कॉलोनी में युवक की खून से सनी लाश मिली, हत्या की आशंका; CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

राजधानी रायपुर में गुरुवार सुबह एक सनसनीखेज घटना सामने आई। खारून रेलवे कॉलोनी इलाके में एक युवक का शव खून से लथपथ हालत में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। यह पूरा मामला गंज थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक सुबह कुछ लोगों ने रेलवे कॉलोनी के भीतर एक युवक को जमीन पर खून से सना हुआ पड़ा देखा। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान राजा साहू के रूप में हुई है, जो चुना भट्टी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। घटनास्थल के आसपास जमीन पर खून के धब्बे भी पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलने के बाद गंज थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे इलाके का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है। जांच के दौरान आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि घटना से जुड़ा कोई सुराग मिल सके। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। पुलिस का कहना है कि सभी संभावित एंगल से जांच जारी है और जल्द ही मामले का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है।

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रायपुर पासपोर्ट कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल से मचा हड़कंप

रायपुर की राजधानी क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब पासपोर्ट कार्यालय को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया और तत्काल सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। ई-मेल में 12 बम लगाने का दावा पुलिस के अनुसार सोमवार सुबह पासपोर्ट कार्यालय की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर एक संदेश प्राप्त हुआ। मेल भेजने वाले ने स्वयं को तमिलनाडु का निवासी बताया और लिखा कि उसकी बात न पुलिस सुन रही है और न ही उसे न्यायालय से राहत मिल रही है। अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए उसने दोपहर तक कार्यालय को 12 बमों से उड़ाने की धमकी दी। परिसर खाली कराया गया, बम और डॉग स्क्वाड की जांच धमकी भरा मेल मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे परिसर को खाली करवा लिया गया। एहतियात के तौर पर बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाड को भी बुलाया गया। पूरे भवन और आसपास के इलाके की सघन तलाशी ली गई। जांच में नहीं मिला कोई विस्फोटक लंबी जांच के बाद परिसर में किसी प्रकार का विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। अधिकारियों का कहना है कि मामला प्रथम दृष्टया शरारत या फर्जी धमकी का प्रतीत होता है, लेकिन इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धमकी देने और अफवाह फैलाने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। ई-मेल आईडी और आईपी एड्रेस के आधार पर आरोपी की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है।

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