Crime

अवैध शराब कारोबार पर पुलिस का शिकंजा: देसी व कच्ची शराब के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, बाइक जब्त

दुर्ग जिले की नगपुरा चौकी पुलिस ने अवैध शराब के परिवहन और बिक्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से भारी मात्रा में देसी शराब और कच्ची महुआ शराब बरामद की है, साथ ही शराब ढोने में इस्तेमाल की जा रही बाइक भी जब्त की गई है। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 73 हजार 650 रुपये आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 19 जनवरी को नगपुरा चौकी की टीम मालूद–नगपुरा के बीच चिखली रोड पर नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि दो व्यक्ति बाइक क्रमांक CG-07-CW-0849 से उरला भट्ठी की ओर से नगपुरा की दिशा में अवैध शराब लेकर आ रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की और संदिग्ध बाइक को रोककर तलाशी ली। देसी और कच्ची शराब बरामद तलाशी के दौरान आरोपी राजू पारधी के कब्जे से शोले मसाला मदिरा के 133 पौवा बरामद किए गए, जिसकी कुल मात्रा 23.940 बल्क लीटर है। बरामद देसी शराब की अनुमानित कीमत करीब 11 हजार 900 रुपये बताई गई है। वहीं दूसरे आरोपी रामधारी पारधी के पास से 7 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग 1 हजार 750 रुपये आंकी गई है। पानी की बोतलों में करता था शराब की बिक्री पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी शराब को पानी की बोतलों में भरकर बिक्री करता था, ताकि आसानी से किसी को शक न हो। इसके अलावा शराब की ढुलाई में प्रयुक्त बाइक, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 60 हजार रुपये है, को भी जब्त किया गया है। न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अवैध रूप से शराब के परिवहन और बिक्री में संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 49(1) के तहत मामला दर्ज कर विधिवत गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

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रायपुर में क्रिप्टो और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 1.35 करोड़ की ठगी

6वीं पास युवक ने 26 लोगों को बनाया शिकार, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार रायपुर में क्रिप्टो करेंसी और शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाले एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान कुलदीप भतपहरी के रूप में हुई है, जिसने खुद को शेयर मार्केट एक्सपर्ट बताकर 26 लोगों से करीब 1 करोड़ 35 लाख रुपए से अधिक की ठगी की। मामला मोवा-पंडरी थाना क्षेत्र का है। पीड़ितों की शिकायत के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी को घेराबंदी कर पकड़ लिया। आरोपी की शैक्षणिक योग्यता महज 6वीं तक बताई जा रही है। ऐसे फंसाता था लोगों को पुलिस को दी गई शिकायत में पंडरी निवासी अमित दास ने बताया कि वर्ष 2021-22 के दौरान उनकी पहचान देवपुरी निवासी कुलदीप भतपहरी से हुई थी। आरोपी खुद को शेयर मार्केट, IPO, NSE, MSEI और CDSL से जुड़ा निवेश सलाहकार बताता था। उसने “मासिक के.बी. प्लान” के नाम से निवेश योजना बताकर अमित दास और उसके भाई से ऑनलाइन और नकद माध्यम से करीब 15.60 लाख रुपए ले लिए। शुरुआत में कुछ महीनों तक नियमित ब्याज की रकम दी गई, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ता गया। इसके बाद कई अन्य लोग भी आरोपी के जाल में फंसते चले गए। दिसंबर 2024 में हुआ फरार दिसंबर 2024 में आरोपी अचानक संपर्क से बाहर हो गया। जब निवेशकों को पैसे वापस नहीं मिले, तब उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पंडरी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तारी पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र और लगातार दबिश के जरिए लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को एसीसीयू और पंडरी थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कबूल किया कि उसने इसी तरीके से कुल 26 लोगों से 1.35 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी की है। इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक कंप्यूटर सिस्टम, एक लैपटॉप और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी से जुड़े लेन-देन और संपर्क के लिए किया जा रहा था। पहले भी जा चुका है जेल पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी कुलदीप भतपहरी इससे पहले भी इसी तरह के ठगी के मामले में थाना टिकरापारा से जेल जा चुका है। पुलिस को आशंका है कि ठगी का नेटवर्क और भी बड़ा हो सकता है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले की गहन जांच की जा रही है।

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रायपुर में गांजा तस्करी मामले में 6 दोषियों को 10-10 साल की सजा

कालीबाड़ी चौक से 10 किलो गांजा बरामद, एनडीपीएस कोर्ट का सख्त फैसला रायपुर की एनडीपीएस कोर्ट ने गांजा तस्करी के एक बड़े मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए 6 आरोपियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला दिसंबर 2024 का है, जब रायपुर पुलिस ने कालीबाड़ी चौक इलाके से गांजा बेचते हुए तीन युवकों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से कुल 10 किलो गांजा बरामद किया गया था। तलाशी के समय किसी भी आरोपी के पास गांजा रखने या बेचने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं पाए गए थे। कैसे हुआ खुलासा विशेष न्यायाधीश किरण थवाईत ने यह फैसला पुलिस द्वारा की गई ठोस विवेचना, बरामदगी और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर सुनाया। विशेष लोक अभियोजक भुवनलाल साहू के अनुसार, 7 दिसंबर 2024 को थाना कोतवाली रायपुर के सहायक उपनिरीक्षक को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कालीबाड़ी चौक क्षेत्र में तीन युवक बैग में गांजा रखकर ग्राहकों की तलाश कर रहे हैं। सूचना को रोजनामचा में दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट के सभी कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में पुलिस टीम ने घेराबंदी की और तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया। इतनी मात्रा में मिला गांजा तलाशी के दौरान गणेश बागर्ती के पास से 4 किलो, विक्रम शाह से 4 किलो और अनिल उर्फ अली जुल्फेकार से 2 किलो गांजा बरामद हुआ। इस तरह कुल 10 किलो गांजा जब्त किया गया। तीनों के पास किसी प्रकार का वैध दस्तावेज नहीं था। जांच में सामने आया पूरा नेटवर्क आरोपियों के मेमोरण्डम कथन के आधार पर पुलिस ने प्रियवंत कुम्हार को गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से 6 किलो 800 ग्राम गांजा बरामद किया गया। इसके बाद जांच आगे बढ़ी तो गांजा तस्करी की पूरी सप्लाई चेन का खुलासा हुआ। पूछताछ में सामने आया कि रवि साहू इस अवैध नेटवर्क का मुख्य संचालक था। पुलिस ने रवि साहू के पास से 1 किलो 200 ग्राम गांजा बरामद किया। वहीं संजय उर्फ लेंडी को गांजा सप्लाई और बिक्री में सहयोग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। एफएसएल रायपुर की रिपोर्ट में सभी जब्त नमूने गांजा पाए गए, जिसकी पुष्टि हुई। कोर्ट का सख्त निर्णय पुलिस ने सभी 6 आरोपियों के खिलाफ धारा 20(बी) और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने गणेश बागर्ती, विक्रम शाह, अनिल उर्फ अली जुल्फेकार, प्रियवंत कुम्हार, रवि साहू और संजय उर्फ लेंडी को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

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रायपुर-आरंग NH-53 पर भीषण सड़क हादसा: तेज रफ्तार हाईवा ने पिता-पुत्र और 6 साल के मासूम को कुचला, तीनों की मौत

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से आरंग को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-53 पर शुक्रवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार मुरुम लोड हाईवा ने बाइक सवार एक ही परिवार के तीन लोगों को रौंद दिया। हादसा इतना भीषण था कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शव सड़क पर क्षत-विक्षत अवस्था में बिखर गए। मृतकों में एक 6 साल का मासूम बच्चा भी शामिल है। यह घटना आरंग थाना क्षेत्र के निसदा मोड़ के पास हुई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मछली पकड़ने निकले थे, रास्ते में हो गया हादसा प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरंग के बागेश्वर पारा निवासी श्रवण जलक्षत्री (40) और उनका बेटा मंगलू जलक्षत्री (28) शुक्रवार सुबह मछली पकड़ने के लिए घर से निकले थे। उनके साथ मंगलू का 6 वर्षीय बेटा तिलक जलक्षत्री भी मौजूद था। तीनों एक ही बाइक पर सवार थे। बताया जा रहा है कि बाइक रांग साइड से पुल की ओर जा रही थी। इसी दौरान महासमुंद की दिशा से आ रहा तेज रफ्तार मुरुम लोड हाईवा अनियंत्रित हो गया और सीधे बाइक सवारों को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद हाईवा का टायर चढ़ा, मौके पर मौत प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों बाइक से उछलकर सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद हाईवा का टायर उनके ऊपर से गुजर गया, जिससे तीनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद सड़क पर खून फैल गया और शवों के कई हिस्से दूर-दूर तक बिखर गए। हादसे के बाद हाईवे पर चक्काजाम घटना के बाद हाईवा चालक मौके से फरार हो गया, हालांकि वाहन वहीं छोड़ दिया गया। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आक्रोश में आकर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और आरोपी चालक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। जाम के कारण हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी की तलाश जारी सूचना मिलने पर आरंग पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों व ग्रामीणों को समझाइश देकर चक्काजाम समाप्त कराया। पुलिस ने सड़क पर बिखरे शवों के अवशेषों को एकत्र कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। आरंग थाना पुलिस ने आरोपी हाईवा चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दुर्घटनाग्रस्त हाईवा को जब्त कर लिया गया है, जबकि फरार चालक की तलाश की जा रही है।

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अभनपुर में सनसनीखेज हत्या, NH-30 पर सड़क किनारे मिला युवक का शव

रायपुर जिले के अभनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम केंद्री, NH-30 स्थित पुराने प्रयतन स्थल के पास सड़क किनारे एक युवक का शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही अभनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को भी बुलाया गया। मृतक की पहचान कैलाश तिवारी (28 वर्ष) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कैलाश तिवारी बीती रात मेले से घूमकर लौट रहे थे। इस दौरान वे इनोवा क्रिस्टा कार में सवार थे। बताया जा रहा है कि कार में कैलाश के साथ उनके दो दोस्त भी मौजूद थे, जबकि इनोवा में कुल 7 से 8 लोग सवार थे। सूत्रों के मुताबिक कैलाश के पास हथियार भी था। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गया। आरोप है कि इनोवा में सवार अन्य लोगों ने कैलाश तिवारी और उनके साथियों पर हमला कर दिया। इस हमले में कैलाश और उनके दोनों दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए। किसी तरह दोनों दोस्त मौके से जान बचाकर भाग निकले, जिनमें से एक युवक गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। घायल युवक ने ही पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। घटना की जानकारी मिलने पर जब कैलाश तिवारी के परिजन उस स्थान पर पहुंचे जहां विवाद हुआ था, तो उन्होंने कैलाश का शव सड़क किनारे बुरी हालत में पड़ा देखा। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। FSL टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त इनोवा क्रिस्टा कार को जब्त कर लिया है और हमले में शामिल आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच हत्या, आपसी विवाद और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

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छत्तीसगढ़ में दागी विधायकों की संख्या बढ़ी, 21 जनप्रतिनिधियों पर आपराधिक मामले दर्ज

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में आपराधिक मामलों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। राज्य के 21 मौजूदा विधायकों के खिलाफ विभिन्न अदालतों में आपराधिक प्रकरण लंबित हैं। बीते दो वर्षों के भीतर ही चार विधायकों पर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, जिससे साफ है कि दागी जनप्रतिनिधियों की सूची लगातार बढ़ रही है। ताजा मामला जांजगीर-चांपा जिले के जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू से जुड़ा है। उन पर एक किसान से करीब 42.78 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। पुलिस ने इस मामले में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की सियासत में हलचल मच गई है। इससे पहले पूर्व मंत्री और कोंटा विधायक कवासी लखमा भी भ्रष्टाचार के एक मामले में जेल में बंद हैं। वहीं सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप है, जबकि जशपुर की भाजपा विधायक रायमुनी भगत पर धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामले में प्रकरण दर्ज किया गया है। ऐसे मामलों ने प्रदेश में जनप्रतिनिधियों की छवि को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधानसभा चुनाव 2023 के आंकड़ेवर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने वाले 90 विधायकों में से 17 ने अपने चुनावी शपथ पत्र में यह स्वीकार किया था कि उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह जानकारी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और छत्तीसगढ़ इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट में सामने आई थी। रिपोर्ट के अनुसार, इन 17 में से छह विधायकों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। यदि पिछले चुनावों से तुलना करें तो 2018 के विधानसभा चुनाव में 24 विधायकों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी थी, जिनमें 13 पर गंभीर धाराएं लगी थीं। वहीं 2013 में यह संख्या 14 थी। पार्टीवार स्थितिपार्टी के हिसाब से देखें तो 2023 में भाजपा के 54 विजेता उम्मीदवारों में से 12 और कांग्रेस के 35 विजेता उम्मीदवारों में से पांच ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की घोषणा की थी। गंभीर मामलों के संदर्भ में भाजपा के चार और कांग्रेस के दो विधायकों ने अपने शपथ पत्र में इसका उल्लेख किया था। देशभर की स्थिति भी चिंताजनकएडीआर की वर्ष 2025 में जारी रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में स्थिति और भी गंभीर है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के करीब 45 प्रतिशत विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। एडीआर ने 28 राज्यों और विधानसभा वाले तीन केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 4,092 विधायकों के शपथ पत्रों का विश्लेषण किया था। राज्यवार आंकड़ों में आंध्र प्रदेश सबसे ऊपर है, जहां 174 में से 138 विधायक (करीब 79 प्रतिशत) आपराधिक मामलों वाले हैं। वहीं सिक्किम में यह प्रतिशत सबसे कम है, जहां 32 में से सिर्फ एक विधायक ने अपने खिलाफ किसी मामले की जानकारी दी है। छत्तीसगढ़ में लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने एक बार फिर राजनीति के अपराधीकरण पर बहस को तेज कर दिया है।

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रायपुर में नशे में गुंडों का चाकू हमला, युवक ने भागकर बचाई जान; 4 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर। शनिवार देर रात मौदहापारा थाना क्षेत्र में नशे में घूम रहे गुंडों ने पुरानी रंजिश के चलते युवक मोहम्मद अली पर चाकू से हमला कर दिया। युवक ने गली में दौड़कर अपनी जान बचाई। पुलिस ने आरोपी अयान कुरैशी उर्फ बीटी, मोहम्मद फरहान कुरैशी, अब्दुल नवाज आमिर उर्फ भोंदा और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया। घटना का पूरा विवरण पीड़ित मोहम्मद अली असगर ने बताया कि वह 10 जनवरी की रात राजातालाब स्थित गरीब नवाज दवाखाना के सामने वाहन का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान कल्लू गैरेज क्षेत्र के रहने वाले आरोपियों ने उसे रोका। पुराने विवाद को लेकर बहस और मारपीट के दौरान चाकू से हमला किया गया। भागकर बचाई जान चाकू लगने के बाद मोहम्मद अली पास की गली में भागकर छिप गया। इसके बाद वह थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस कार्रवाई शिकायत के आधार पर पुलिस ने रविवार देर शाम सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से चाकू बरामद किया गया। नाबालिग आरोपी को बाल सुधार गृह भेज दिया गया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात है और गश्त चल रही है।

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पंजाब के सरपंच की मैरिज-पैलेस में हत्या, 2 शूटर रायपुर से अरेस्ट: गैंगस्टर ने ली जिम्मेदारी

अमृतसर/रायपुर। पंजाब के अमृतसर में आम आदमी पार्टी (AAP) के सरपंच जरमल सिंह की शादी समारोह के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद दो आरोपी छत्तीसगढ़ के रायपुर में अपने रिश्तेदारों के घर छिपे हुए थे। रविवार को रायपुर और पंजाब पुलिस की संयुक्त टीम ने शूटरों सुखराज और कर्मवीर को ऋषभ अपार्टमेंट, राजेंद्र नगर से गिरफ्तार किया। आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर अमृतसर भेजा गया। मैरिज-पैलेस में की गई हत्या जानकारी के अनुसार, सरपंच जरमल सिंह 4 जनवरी 2026 को अमृतसर के मैरी गोल्ड रिसॉर्ट में शादी में शामिल होने गए थे। समारोह के दौरान दो बदमाश उनके पास पहुंचे और सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही सरपंच वहीं गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। CCTV फुटेज में दोनों शूटर बिना मुंह ढके, पिस्टल लेकर सरपंच के पास आते दिखे। एक आगे बढ़कर गोली मारता है और दोनों तुरंत फरार हो जाते हैं। पूर्व हमलों और गैंगस्टर की जिम्मेदारी जांच में यह भी पता चला कि सरपंच पर पहले भी तीन बार जानलेवा हमला हो चुका था। हत्या के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें गैंगस्टर डोनी बल और प्रभ दासुवाल ने हत्या की जिम्मेदारी ली। पोस्ट में उन्होंने हत्या का कारण बताते हुए कहा कि सरपंच ने अपने घरों से नाजायज लड़के उठवाए और पुलिस को पैसे दिए, जिस पर हमले किए गए। राजनीतिक पृष्ठभूमि जरमल सिंह पहले अकाली दल से सरपंच चुने गए थे और बाद में उन्होंने आम आदमी पार्टी जॉइन की। मौजूदा चुनाव में भी उन्होंने AAP के समर्थन से जीत हासिल की थी। रायपुर पुलिस जांच में जुटी शूटरों के रिश्तेदारों से पूछताछ की जा रही है। हत्या की साजिश, गैंग नेटवर्क और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

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दहेज में कार के बदले 25 लाख की डिमांड, 8 महीने की गर्भवती विवाहिता को घर से निकाला: पति-सास-ससुर के खिलाफ FIR

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में दहेज प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक विवाहिता पर ससुराल पक्ष ने शादी के दो दिन बाद ही कार के बदले 25 लाख रुपए की मांग कर दी। मांग पूरी न होने पर उसे मारपीट, भूखा-प्यासा रखने और गर्भपात कराने का दबाव बनाया गया। पीड़िता वर्तमान में 8 माह की गर्भवती है और मायके में रह रही है। महिला थाना पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शादी के बाद शुरू हुई मांग मधुबनपारा निवासी 24 वर्षीय युवती की शादी 23 दिसंबर 2024 को मिर्जा सुहेल बेग (27) के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के समय पीड़िता के परिजनों ने 2.50 लाख रुपए कैश, सोना-चांदी के जेवर और गृहस्थी का 15 लाख रुपए का सामान दिया। शादी के दो दिन बाद ससुराल पक्ष ने शादी के खर्चा न करने का हवाला देते हुए 5 लाख रुपए की अतिरिक्त मांग की। जब यह राशि दे दी गई, तो मांग बढ़कर कार के बदले 25 लाख रुपए तक पहुंच गई। प्रताड़ना, मारपीट और गर्भपात का दबाव अधिक राशि देने से इनकार करने पर ससुराल पक्ष ने पीड़िता को लगातार मारपीट, गाली-गलौज और भूखा-प्यासा रखने की धमकी दी। मई 2025 में गर्भवती होने के बाद भी पति ने बार-बार गर्भपात कराने का दबाव डाला और जबरन आई-पिल गोली खिलाने की कोशिश की, जिसे पीड़िता ने उल्टी कर दी। 2 सितंबर को पीड़िता के पिता और भाई समझाइश के लिए पहुंचे, लेकिन ससुराल पक्ष ने विवाहिता को घर से निकाल दिया। 8 माह की गर्भवती, मायके में सुरक्षित इसके बाद पीड़िता मायके में रहने को मजबूर हुई। दोनों पक्षों के बीच कई बार सामाजिक बैठक हुई, लेकिन ससुराल पक्ष ने उसे रखने से साफ इनकार कर दिया। महिला थाना में FIR दर्ज पीड़िता की शिकायत पर महिला थाना पुलिस ने धारा 3(5)-BNS, 351(2)-BNS और 85-BNS के तहत पति, सास और ससुर के खिलाफ FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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नदी किनारे सड़ी-गली लाश से सनसनी: रायगढ़ में महिला की संदिग्ध मौत, 5 दिन पुरानी होने की आशंका

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। कुरकुट नदी के किनारे एक महिला का सड़ा-गला शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि मौत 4 से 5 दिन पहले हुई होगी। सूचना मिलने के बाद घरघोड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने देखा शव, पुलिस को दी सूचना जानकारी के अनुसार, ग्राम पोरडा निवासी रामप्यारी सारथी (45 वर्ष) का शव शनिवार को बैहामुड़ा से बनखेता जाने वाले मार्ग पर कुरकुट नदी के किनारे पड़ा मिला। रास्ते से गुजर रहे ग्रामीणों की नजर शव पर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने तुरंत घरघोड़ा पुलिस को सूचना दी। तेज दुर्गंध, पूरी तरह सड़ चुका था शव पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि महिला का शव पूरी तरह सड़-गल चुका था और उससे तेज दुर्गंध आ रही थी। पहचान होने के बाद पुलिस ने मौके पर पंचनामा कार्रवाई पूरी की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। हत्या या आत्महत्या, दोनों एंगल से जांच शव की स्थिति को देखते हुए पुलिस को आशंका है कि महिला की मौत कई दिन पहले हो चुकी थी। फिलहाल पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

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