Crime

रायपुर पुलिस ने हाईटेक ड्रग्स गिरोह पकड़ा: 4 तस्कर गिरफ्तार

रायपुर पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के एक हाईटेक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। काशीराम नगर इलाके में घेराबंदी कर एक ड्रग कुरियर को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के पास से 5.58 ग्राम एमडीएमए (MDMA) जब्त की गई। यह मामला तेलीबांधा क्षेत्र से जुड़ा है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कुणाल मंगतानी, सौरभ डोंगरे, शुभम राठौर और सौरभ यादव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह की कमान दिल्ली में बैठे मुख्य तस्करों के हाथ में थी। हाईटेक ऑपरेशन और डेड ड्रॉप डिलीवरी तस्कर फोन के माध्यम से ऑर्डर लेते और रायपुर में अपने गुर्गों को सक्रिय करते थे। आरोपी मोबाइल टैक्सी और रेपिडो राइडर के तौर पर काम करते हुए शहर के विभिन्न हिस्सों में ड्रग्स सप्लाई कर रहे थे। वे सीधे हाथों-हाथ ड्रग्स नहीं देते थे। इसके बजाय ‘डेड ड्रॉप’ पद्धति अपनाते थे। ऑर्डर मिलने के बाद ड्रग्स किसी सुनसान या सार्वजनिक जगह पर छुपाई जाती थी और ग्राहक को लाइव लोकेशन या वीडियो भेजी जाती थी। संदेह कम करने के लिए कई बार नाबालिगों के जरिए भी ड्रग्स पहुंचाए जाते थे। बाहरी राज्यों से सप्लाई प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि ड्रग्स की खेप पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मुंबई और गोवा जैसे राज्यों से ट्रेन, बस और कुरियर के माध्यम से रायपुर लायी जाती थी। पुलिस अब मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड्स की जांच कर मुख्य सरगनाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है। हर डिलीवरी पर पैसा जांच में सामने आया कि दिल्ली में बैठे मुख्य सप्लायर रायपुर में मौजूद गुर्गों को हर डिलीवरी पर 1,000 से 1,500 रुपये देते थे। पुलिस अब यह पता कर रही है कि आरोपियों ने कितनी बार डिलीवरी की और किसके कहने पर यह काम किया। रायपुर क्राइम और साइबर सेल की टीम ने रायपुर में कार्रवाई के बाद दिल्ली में भी रेड मारकर कुछ अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। उन्हें रायपुर लाया जा रहा है और आरोपियों के पहुंचने के बाद पूरे मामले का सार्वजनिक खुलासा किया जाएगा।

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रायपुर में नशे में ड्राइव कर रहे युवक ने पुलिस को दी धमकी, खुद को प्रदेश पदाधिकारी बताया

Raipur में नशे की हालत में कार चला रहे एक प्रभावशाली युवक का पुलिस से विवाद का मामला सामने आया है। 28 मार्च की रात तेलीबांधा थाना क्षेत्र में चेकिंग के दौरान पुलिस ने राजू मित्रा को रोककर जांच की, जिसमें उसके शराब सेवन की पुष्टि हुई। जांच के दौरान जब पुलिस ने गाड़ी की चाबी मांगी, तो युवक ने खुद को एक राजनीतिक संगठन का प्रदेश पदाधिकारी बताते हुए पुलिसकर्मियों को धमकाना शुरू कर दिया। उसने कहा कि मामूली चालान कर छोड़ देना चाहिए था और चेतावनी दी कि इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि मौके पर निरीक्षक स्तर के अधिकारी मौजूद थे और कमिश्नरेट के निर्देश पर शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए युवक की कार जब्त कर ली। सोशल मीडिया पर आरोपी की कई तस्वीरें राजनीतिक नेताओं के साथ भी वायरल हो रही हैं। उसकी प्रोफाइल में खुद को हिंदू जागरण मंच दुर्ग का जिलाध्यक्ष बताया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इसी अभियान के तहत एक ही रात में 137 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। वहीं जनवरी 2026 से अब तक करीब 1400 नशे में वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई की जा चुकी है।

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दुर्ग में बकरा चोरी का खुलासा: CCTV से पकड़े गए आरोपी, काटकर बेच दिया मांस

दुर्ग जिले के उतई थाना क्षेत्र में बकरा चोरी के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ग्राम जोरातराई में हुई इस घटना का खुलासा सीसीटीवी फुटेज के जरिए हुआ, जिसमें आरोपी दोपहिया वाहन से बकरा ले जाते हुए नजर आए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल की गई स्कूटी, धारदार हथियार, नकदी और वारदात के समय पहने गए कपड़े बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद शफी (50) और ओमप्रकाश वर्मा (35) के रूप में हुई है, जो रूआबांधा इलाके के रहने वाले हैं। मामले की शुरुआत तब हुई जब ग्राम जोरातराई के निवासी बन्नी अली ने 25 मार्च को उतई थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 24 मार्च की रात उनके घर से दो बकरे गायब हो गए थे। जांच के दौरान घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें दो लोग स्कूटी से बकरा ले जाते दिखे। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने आर्थिक फायदा उठाने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया। वे पहले स्कूटी से इलाके में घूमकर रेकी करते थे और मौका मिलते ही बकरा चोरी कर लेते थे। बाद में बकरों को काटकर बेच दिया और उससे मिली रकम खर्च कर दी।

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महिला आरक्षक से बदसलूकी का मामला: वीडियो वायरल करने वाले 2 और आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के Tamanar क्षेत्र में महिला आरक्षक के साथ हुई बदसलूकी और मारपीट के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद अब तक कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस लगातार इस मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है। यह घटना गारे-पेलमा सेक्टर-1 स्थित सीएचपी चौक, लिबरा में धरना-प्रदर्शन के दौरान हुई थी, जहां ड्यूटी पर तैनात महिला आरक्षक के साथ मारपीट और लूटपाट की गई। आरोपियों ने इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे माहौल और बिगड़ गया। जांच के दौरान पुलिस ने वीडियो बनाने वाले आरोपी संजय मेहर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने यह वीडियो अपने साथी माधव गुप्ता उर्फ माधो बीसी को भेजा था, जिसने इसे अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुपों में वायरल किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से घटना में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं। दरअसल, यह हिंसा कोयला खदान के विरोध में चल रहे धरना-प्रदर्शन के दौरान भड़की थी। ग्रामीण 12 दिसंबर से लिबरा चौक पर आर्थिक नाकेबंदी कर विरोध जता रहे थे। 27 दिसंबर को जब प्रशासनिक टीम रास्ता खुलवाने पहुंची, तो भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर पथराव कर हमला कर दिया। इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए, वहीं अराजकता के बीच महिला आरक्षक को निशाना बनाकर उसके साथ अभद्रता की गई। Chhattisgarh Police अब पूरे मामले की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

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छत्तीसगढ़ के Bhilai में सूने मकान में हुई चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।

छत्तीसगढ़ के Bhilai में सूने मकान में हुई चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। Chhattisgarh Police ने इस मामले में एक नाबालिग समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से चोरी किया गया पूरा सामान बरामद कर लिया गया है। यह घटना दुर्ग जिले के छावनी थाना क्षेत्र की है। श्याम नगर स्थित तेलगू मोहल्ला, कैम्प-02 निवासी 50 वर्षीय महिला यू. येल्लमा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 8 फरवरी को वह अपने परिवार के साथ घर में ताला लगाकर विशाखापट्टनम गई थीं। लौटने पर घर का ताला टूटा मिला और अंदर से एलईडी टीवी, होम थिएटर, सोने-चांदी के आभूषण समेत कई कीमती सामान गायब था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और ACCU टीम ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें आरोपियों ने सूने मकान का ताला तोड़कर चोरी करना स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में विवेक मिश्रा (20) और एस. जगन (19) शामिल हैं, जबकि इस वारदात में एक नाबालिग की संलिप्तता भी सामने आई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 45 हजार रुपए मूल्य का सामान बरामद किया है, जिसमें एलईडी टीवी, होम थिएटर, चांदी के आभूषण और पीतल के बर्तन शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

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शराब के पैसे नहीं देने पर व्यापारी पर हमला, आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के Bilaspur में शराब के लिए पैसे नहीं देने पर एक व्यापारी पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। घटना गुरुवार रात पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में हुई, जहां आरोपी ने धारदार ब्लेड से हमला कर व्यापारी को गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, जैकी छाबड़ा रात करीब 10:30 बजे अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान शारदा होटल के पास देवरीखुर्द निवासी भुवनेश्वर पटेल ने उनसे शराब के लिए पैसे मांगे। पैसे देने से इनकार करने पर आरोपी भड़क गया। इसके बाद उसने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और अपने पास रखी धारदार वस्तु से हमला कर दिया। इस हमले में व्यापारी के गले, पेट और दोनों हाथों पर गंभीर चोटें आईं, जिससे वह लहूलुहान हो गए। घटना की सूचना मिलते ही Chhattisgarh Police के तारबाहर थाने की टीम ने तत्काल मामला दर्ज किया। थाना प्रभारी रविंद्र अनंत के नेतृत्व में पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हमले में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया है, जो थर्मोकोल काटने वाला प्लास्टिक कवर लगा ब्लेड बताया जा रहा है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

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बिलासपुर के रिसॉर्ट में हिरण शिकार का खुलासा: पका मांस मिला, मैनेजर सहित 4 गिरफ्तार

बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र के बेलगहना वन परिक्षेत्र में स्थित एक रिसॉर्ट में वन्यजीव शिकार का गंभीर मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने कुरदर स्थित एथनिक रिसॉर्ट में छापेमारी की, जहां किचन में कड़ाही में मांस पकता हुआ मिला। प्रारंभिक जांच में इसे हिरण का मांस बताया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि यह रिसॉर्ट पर्यटन मंडल द्वारा संचालित है और यहां काम करने वाले कर्मचारियों के लिए ही मांस तैयार किया जा रहा था। वन विभाग ने मौके से कुक रामकुमार टोप्पो, मैनेजर रजनीश सिंह तथा कर्मचारी रमेश यादव और संजय वर्मा को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत मामला दर्ज किया है। पूछताछ के दौरान सभी आरोपी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आए। मैनेजर और कर्मचारियों ने कुक को दोषी बताया, जबकि कुक ने कहा कि उसे गांव के एक व्यक्ति द्वारा मांस दिया गया था और उसे इसकी जानकारी नहीं थी कि यह किस जानवर का है। वन विभाग ने जब्त मांस को जांच के लिए जबलपुर लैब भेजने का निर्णय लिया है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि मांस वास्तव में हिरण का ही है या नहीं। फिलहाल जंगल में शिकार से जुड़े अन्य सबूत नहीं मिले हैं। कोटा-बेलगहना क्षेत्र में पहले भी वन्यजीव शिकार की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां करंट लगाकर जंगली जानवरों का शिकार किए जाने की शिकायतें मिलती रही हैं। इस घटना के बाद एक बार फिर क्षेत्र में अवैध शिकार और निजी रिसॉर्ट्स की गतिविधियों पर सवाल उठने लगे हैं।

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बिजली विभाग के नाम पर ठगी: नर्सिंग ऑफिसर से 1.64 लाख की साइबर फ्रॉड

राजधानी रायपुर के आमानाका थाना क्षेत्र में ऑनलाइन ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एम्स में कार्यरत एक नर्सिंग ऑफिसर को ठगों ने बिजली कंपनी का कर्मचारी बनकर निशाना बनाया और उनके खाते से 1.64 लाख रुपए निकाल लिए। पीड़ित हरकेश सिंह यादव (36) हीरापुर स्थित हर्षित विहार के निवासी हैं और सरोना में नया मकान बनवा रहे हैं। उन्होंने हाल ही में नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। 25 मार्च को उनके घर पर मीटर लगाया गया और अगले ही दिन 26 मार्च को उन्हें एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताते हुए कहा कि मीटर का वेरिफिकेशन बाकी है।APK फाइल बना ठगी का जरिया ठग ने भरोसा जीतने के लिए मीटर का असली BP नंबर भी बताया। इसके बाद उसने व्हाट्सएप पर एक संदिग्ध APK फाइल भेजी और उसे डाउनलोड कर डिटेल भरने को कहा। वेरिफिकेशन के नाम पर पहले 13 रुपए जमा करवाए गए। जैसे ही पीड़ित ने अपने HDFC Bank क्रेडिट कार्ड की जानकारी भरी, उनके खाते से लगातार ट्रांजेक्शन शुरू हो गए। किन कंपनियों में ट्रांसफर हुए पैसे आमानाका पुलिस के अनुसार ठगों ने पीड़ित के खाते से रकम निकालकर Blinkit और Apple के अकाउंट में ट्रांसफर की। पुलिस ने शुरू की जांच पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच जारी है। साइबर ठगी के इस केस में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ठगों को मीटर की जानकारी कैसे मिली। कैसे रहें सावधान किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें वेरिफिकेशन के नाम पर मांगी गई जानकारी साझा करने से बचें बैंक डिटेल्स या OTP किसी से साझा न करें

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दुर्ग में मामूली विवाद बना जानलेवा: सहकर्मी के हमले में घायल मजदूर की 6 दिन बाद मौत

दुर्ग जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम समोदा में काम के दौरान हुए एक छोटे से विवाद ने गंभीर रूप ले लिया, जिसमें घायल मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना 27 मार्च की बताई जा रही है। हमले में बुरी तरह घायल हुए 55 वर्षीय गोविंद यादव ने करीब छह दिन तक अस्पताल में जीवन से संघर्ष करने के बाद दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, काम करते समय गोविंद यादव ने अपने सहकर्मी परमेश्वर यादव को सावधानी बरतने के लिए कहा था कि वह किनारे हट जाए, क्योंकि उसके ऊपर बोरी गिर सकती है। इसी बात पर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते झगड़े में बदल गई। आरोप है कि गुस्से में आकर परमेश्वर यादव ने धारदार हथियार से गोविंद यादव पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां लगातार उपचार चल रहा था, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो सका और छह दिन बाद उनकी मृत्यु हो गई। मृतक अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। परिवार में पत्नी, एक बेटी और तीन बेटे हैं, जिन पर अब आर्थिक संकट गहराने की आशंका है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सुपेला अस्पताल की मरचुरी में रखा गया है।

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5वीं-8वीं की परीक्षा पर सवाल: घटिया पेपर से जूझे 7 लाख छात्र, लिखते ही फट रहीं कॉपियां

प्रदेश में बोर्ड पैटर्न पर आयोजित की जा रही कक्षा 5वीं और 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षाएं अव्यवस्थाओं के कारण विवादों में आ गई हैं। राज्य स्तर से भेजे गए प्रश्नपत्र-सह-उत्तरपुस्तिका की गुणवत्ता बेहद खराब होने से लाखों विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ा। कागज इतना पतला बताया जा रहा है कि पेन से लिखते ही स्याही दूसरी तरफ दिखने लगती है और हल्का दबाव पड़ते ही पन्ने फट जा रहे हैं। गणित जैसे विषय में रफ वर्क के लिए अलग जगह नहीं दी गई, जबकि सीमित पन्नों में कई प्रश्न शामिल कर दिए गए। कई छात्रों को उत्तर लिखने में कठिनाई हुई। कुछ केंद्रों पर प्रश्न अधूरे या गायब होने की शिकायत भी सामने आई, वहीं रेखा खींचते समय कागज फटने की घटनाएं भी बताई जा रही हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अब तक औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। इस परीक्षा में प्रदेशभर के करीब 7 लाख विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा शुल्क भी निर्धारित है—कक्षा 5वीं के लिए 55 रुपये और 8वीं के लिए 60 रुपये प्रति छात्र। निजी स्कूलों में यह शुल्क अभिभावक देते हैं, जबकि सरकारी स्कूलों में खर्च शिक्षा विभाग उठाता है। प्रश्नपत्र, परीक्षा संचालन, कॉपी जांच और परिणाम प्रक्रिया पर कुल मिलाकर लगभग 4 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, इसके बावजूद व्यवस्थाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। परीक्षा सामग्री में कई तकनीकी कमियां भी सामने आईं, जैसे पर्यवेक्षक और छात्रों के हस्ताक्षर के लिए स्थान का अभाव तथा उत्तर लिखने के लिए पर्याप्त जगह न होना। विशेषज्ञों के अनुसार प्रश्नपत्र के लिए सामान्यतः 60 से 80 GSM और उत्तरपुस्तिका के लिए कम से कम 80 GSM कागज का उपयोग होना चाहिए, लेकिन इस परीक्षा में उपयोग किए गए कागज की गुणवत्ता इससे काफी कम बताई जा रही है। कम GSM वाले कागज में स्याही आर-पार दिखती है और कागज जल्दी फट जाता है। इस पूरे मामले ने परीक्षा प्रणाली और शिक्षा विभाग की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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