Raipur

राज्योत्सव के बाद सीएम विष्णुदेव साय का दौरा कार्यक्रम: ओडिशा में चुनावी सभा और गुजरात में निवेशक सम्मेलन में होंगे शामिल

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राज्योत्सव के बाद अब राजनीतिक और औद्योगिक गतिविधियों में सक्रिय नज़र आएंगे। वे 6 नवंबर को ओडिशा के नुआपाड़ा विधानसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में जनसभा करेंगे। मुख्यमंत्री रायपुर से हेलिकॉप्टर के जरिए नुआपाड़ा पहुंचेंगे और सभा के बाद वापस रायपुर लौट आएंगे। नुआपाड़ा सीट पर 11 नवंबर को मतदान होना है। इस सीट पर भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी इस चुनाव को प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रही है और मुख्यमंत्री साय की सभा को रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जय ढोलकिया भाजपा के उम्मीदवार नुआपाड़ा उपचुनाव में भाजपा से जय ढोलकिया चुनावी मैदान में हैं, जबकि बीजेडी से स्नेहंगिनी चुरिया और कांग्रेस से घसियाराम माझी प्रत्याशी हैं। इनके अलावा समाजवादी पार्टी के रमाकांत हाटी, बहुजन मुक्ति पार्टी के हेमंत तांडी और ओडिशा जनता दल के शुकाधर डड़सेना भी मुकाबले में हैं। भाजपा का मानना है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सभा से स्थानीय कार्यकर्ताओं में जोश बढ़ेगा और मतदाताओं में पार्टी के प्रति विश्वास मजबूत होगा। गुजरात में निवेशक सम्मेलन में भाग लेंगे सीएम चुनावी कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री साय 10 और 11 नवंबर को गुजरात के दौरे पर रहेंगे। वे “छत्तीसगढ़ इनवेस्टर कनेक्ट” कार्यक्रम में शामिल होंगे, जो अहमदाबाद में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री इस दौरान प्रमुख उद्योगपतियों से वन-टू-वन मुलाकात करेंगे और छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत नर्मदा जिले के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में आयोजित एक विशेष आयोजन से होगी। इसके बाद अगले दिन अहमदाबाद में निवेशकों के साथ संवाद सत्र रखा गया है। उद्योग जगत को बताएंगे छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीतियां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस कार्यक्रम में राज्य की नई औद्योगिक नीति, निवेशकों को दी जा रही सुविधाएं और उद्योगों के लिए उपलब्ध संसाधन साझा करेंगे। उनका लक्ष्य है कि अधिक से अधिक उद्योगपति छत्तीसगढ़ में निवेश करें, जिससे राज्य में रोजगार और आर्थिक विकास को गति मिले। यह आयोजन पहले जुलाई-अगस्त में होना था, लेकिन तकनीकी कारणों से स्थगित कर दिया गया था। अब इसे नवंबर में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कई बड़े निवेशकों के शामिल होने की संभावना है।

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रायपुर में कल होगा शानदार एयर शो: 9 फाइटर जेट्स भरेंगे उड़ान, ‘हार्ट इन द स्काई’ और ‘बॉम्ब बर्स्ट’ जैसे फॉर्मेशन दिखाएंगे करतब

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर रायपुर के आसमान में कल यानी 5 नवंबर को रोमांचक दृश्य देखने को मिलेंगे। भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम (Suryakiran Aerobatic Team – SKAT) अपने शानदार करतबों से लोगों का दिल जीतने को तैयार है। नवा रायपुर के सेंध तालाब के ऊपर यह एयर शो आयोजित होगा, जहां 9 हॉक एमके-132 फाइटर जेट्स एक साथ आसमान में उड़ान भरेंगे और “हार्ट इन द स्काई”, “बॉम्ब बर्स्ट” और “एरोहेड” जैसे अद्भुत फॉर्मेशन पेश करेंगे। छत्तीसगढ़ के गौरव भी होंगे हिस्सा इस एयर शो में छत्तीसगढ़ के बेटे स्क्वॉड्रन लीडर गौरव पटेल, जो महासमुंद जिले के रहने वाले हैं, सूर्यकिरण टीम का हिस्सा होंगे। गौरव ने बताया कि यह उनके लिए बेहद गर्व का पल है क्योंकि वे अपने ही राज्य की धरती पर उड़ान भरने जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “जब 9 विमान आसमान में तिरंगा बनाते हैं, तब हर भारतीय के मन में देशभक्ति की भावना स्वतः जाग उठती है।” ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी के हाथों में शो की कमान सूर्यकिरण टीम का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी करेंगे। उन्होंने कहा कि टीम को लीड करने के लिए अत्यधिक अनुशासन, मेहनत और आपसी विश्वास की आवश्यकता होती है। अजय पिछले एक साल से टीम का नेतृत्व कर रहे हैं और अब तक 50 से अधिक एयर शो कर चुके हैं। फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू होंगी ‘वॉयस ऑफ द स्काई’ एयर शो के दौरान फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू कमेंट्री की जिम्मेदारी निभाएंगी। उन्होंने कहा कि वे चाहती हैं कि छत्तीसगढ़ की बेटियां समझें कि “महिला होना कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत है।” कंवल की भूमिका दर्शकों और आसमान में उड़ते विमानों के बीच एक सेतु की तरह होगी। हॉक एमके-132 से होगा रोमांचक प्रदर्शन भारतीय वायुसेना इस एयर शो में हॉक एमके-132 जेट्स का उपयोग करेगी। ये एडवांस्ड ट्रेनर एयरक्राफ्ट हैं, जिनका इस्तेमाल पायलटों के प्रशिक्षण और सीमित युद्ध संचालन में किया जाता है। लगभग 15 साल बाद छत्तीसगढ़ में इतना बड़ा एयर शो आयोजित हो रहा है, और यह पहली बार होगा जब सूर्यकिरण टीम हॉक एमके-132 से करतब दिखाएगी। आम जनता के लिए फ्री एंट्री और बस सेवा यह एयर शो सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगा। दर्शकों के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। साथ ही, आम लोगों की सुविधा के लिए रायपुर शहर से नवा रायपुर तक फ्री बस सेवा भी उपलब्ध कराई गई है। बसें रायपुर रेलवे स्टेशन, भाठागांव, तेलीबांधा, पचपेड़ी नाका, साइंस कॉलेज और कालीबाड़ी चौक से सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक तथा शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक चलेंगी। भारतीय वायुसेना का उद्देश्य केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि युवाओं को अनुशासन, देशभक्ति और समर्पण के साथ देश सेवा के लिए प्रेरित करना है।

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रायपुर के ब्लू वाटर खदान से दो छात्रों के शव बरामद: क्लास बंक कर घूमने गए थे, गहरे पानी में डूबे; 2017 से अब तक 9 लोगों की मौत

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नवा रायपुर स्थित ब्लू वाटर खदान में डूबे दो छात्रों के शव 36 घंटे की तलाश के बाद बरामद किए गए हैं। यह हादसा 31 अक्टूबर की शाम को हुआ था, जब कुछ छात्र क्लास बंक कर यहां घूमने पहुंचे थे। एसडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने लगातार दो दिन तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और अंततः 2 नवंबर की सुबह दोनों छात्रों के शव पानी से बाहर निकाले। स्कूल बंक कर पहुंचे थे खदान में घटना माना थाना क्षेत्र की है। मृतकों की पहचान जयेश साहू और मृदुल के रूप में हुई है, जो दोनों 10वीं कक्षा के छात्र थे।जानकारी के अनुसार, रायपुर के छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल, टाटीबंध के 9 छात्रों का एक समूह स्कूल बंक कर ब्लू वाटर खदान घूमने पहुंचा था। घूमते समय जयेश और मृदुल पानी में उतर गए। कुछ ही देर में दोनों गहरे पानी में समा गए। उनके साथियों ने शोर मचाया, लेकिन खदान क्षेत्र सुनसान होने के कारण तुरंत मदद नहीं मिल सकी। अलग-अलग दिन मिले दोनों के शव घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और SDRF टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया, लेकिन अंधेरा होने के कारण अभियान रोकना पड़ा।अगले दिन 1 नवंबर को जयेश साहू का शव मिला, जबकि 2 नवंबर की सुबह मृदुल का शव बरामद किया गया। घूमने आए छात्रों में मृदुल, जयेश साहू, आशुतोष पांडे, आयुष प्रताप सिंह, विरल राज, रमेश पुनिया, ऋषिराज, आदर्श शुक्ला और प्रियेश गोस्वामी शामिल थे। ब्लू वाटर खदान बना मौत का गड्ढा ब्लू वाटर खदान में यह पहला हादसा नहीं है। वर्ष 2017 से अब तक यहां डूबने से 9 लोगों की मौत हो चुकी है। यह खदान गहराई में काफी नीचे है और बारिश के मौसम में इसमें पानी भर जाने से यह तालाब जैसा दिखाई देता है। हालांकि, यहां कोई सुरक्षा व्यवस्था, बाउंड्री या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं, जिसके कारण स्थानीय लोग और बच्चे अक्सर यहां नहाने या घूमने आ जाते हैं। ब्लू वाटर खदान में अब तक हुए प्रमुख हादसे

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अमित बघेल के खिलाफ मुंबई में भी शिकायत दर्ज: भगवान झूलेलाल पर टिप्पणी से सिंधी समाज आक्रोशित, कार्रवाई की मांग तेज

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल के खिलाफ अब मुंबई में भी शिकायत दर्ज की गई है। बघेल पर भगवान झूलेलाल, महाराजा अग्रसेन और पंडित दीनदयाल उपाध्याय को लेकर आपत्तिजनक बयान देने का आरोप है। इस बयान के बाद सिंधी समाज और अग्रवाल समाज ने कड़ा विरोध जताया है। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में उनके खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है, वहीं अब मामला महाराष्ट्र तक पहुंच गया है। उल्हासनगर थाने में दी गई शिकायत महाराष्ट्र के उल्हासनगर निवासी कैलाश महेश सुखरामानी ने अमित बघेल के खिलाफ उल्हासनगर पुलिस स्टेशन (मुंबई) में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि भगवान झूलेलाल के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी से सिंधी समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और समाज को गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जनप्रतिनिधियों और समाजों में विरोध तेज इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने भी अमित बघेल के बयान की निंदा करते हुए कहा कि “किसी भी धर्म या भगवान का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने सरकार से पूरे मामले की जांच की मांग की। इधर, छत्तीसगढ़ के धमतरी में आक्रोश रैली निकाली गई है, जबकि जगदलपुर में 3 नवंबर को विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। पूरा विवाद कैसे शुरू हुआ? 26 अक्टूबर को रायपुर के VIP चौक पर लगी छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने की घटना के बाद यह विवाद शुरू हुआ। घटना के विरोध में जब छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना प्रदर्शन कर रही थी, उसी दौरान अमित बघेल ने विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था— “पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अग्रसेन महाराज की मूर्ति क्यों नहीं टूटती? कौन है अग्रसेन महाराज? चोर है या झूठा? पाकिस्तानी सिंधी क्या जानते हैं मछली वाले भगवान के बारे में।” इस बयान के बाद सिंधी और अग्रवाल समाज ने राज्यभर में विरोध शुरू कर दिया। रायपुर, रायगढ़, सरगुजा समेत कई जिलों में लोगों ने FIR दर्ज करने की मांग की, जिसके बाद पुलिस ने कई जगहों पर मामला दर्ज किया। अमित बघेल ने कहा – “माफी नहीं मांगूंगा” विवाद बढ़ने और FIR दर्ज होने के बाद अमित बघेल ने कहा कि वे अपने बयान पर कायम हैं और माफी नहीं मांगेंगे।उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति का अपमान हमारे पुरखों का अपमान है। हम सिर्फ अपने हक की बात कर रहे हैं। FIR से पहले किसी ने हमसे बात क्यों नहीं की? दो चिन्हारी नहीं चलेगी, छत्तीसगढ़िया रंग में रंगना होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ को जानबूझकर अशांत करने की साजिश रची जा रही है।

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छत्तीसगढ़ में अब तक 1.70 करोड़ कॉल्स 112 पर: 4 लाख से ज्यादा घायल नागरिकों को मिली समय पर मदद, जानिए कैसे काम करता है पूरा सिस्टम

छत्तीसगढ़ में इमरजेंसी के वक्त डायल 112 लोगों की पहली पसंद बन चुका है। यह नंबर पुलिस, एम्बुलेंस और फायर सर्विस जैसी आपातकालीन सेवाएं तुरंत उपलब्ध कराता है। साल 2018 से अब तक राज्य में करीब 1.70 करोड़ कॉल्स इस नंबर पर की जा चुकी हैं, जिनमें से लगभग 46 लाख कॉल्स सहायता योग्य पाई गईं। इन्हीं कॉल्स के माध्यम से 4 लाख 27 हजार से अधिक सड़क हादसे के पीड़ितों की जान बचाई गई है। वर्तमान में यह सेवा 17 जिलों में संचालित है, और सरकार जल्द ही बाकी जिलों तक इसे विस्तार देने की तैयारी कर रही है। कैसे काम करता है 112 सिस्टम? रायपुर स्थित सेंट्रलाइज्ड कमांड सेंटर में पूरे राज्य की 112 कॉल्स रिसीव की जाती हैं। जब कोई व्यक्ति कॉल करता है, तो कॉल टेकर उसकी जानकारी जैसे – घटना का प्रकार, स्थान और स्थिति – पूछता है। इसके बाद यह जानकारी डिस्पैचर सेक्शन को दी जाती है, जो घटना स्थल के पास मौजूद इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ERV) को निर्देश देता है कि वह तुरंत मौके पर पहुंचे। गाड़ी की मूवमेंट और दूरी की जानकारी स्क्रीन पर ट्रैक की जाती है। घटना स्थल पर सहायता प्रदान करने के बाद टीम क्लोजर रिपोर्ट भेजती है, जिससे केस बंद किया जाता है। एक ही जगह से दो कॉल आने पर क्या होता है? यदि एक ही स्थान से दो लोग कॉल करते हैं, तो कॉल टेकर लोकेशन की क्रॉस-चेकिंग करता है। यदि घटना एक ही है, तो दोनों कॉल्स को एक ही इवेंट में मर्ज कर दिया जाता है। अगर घटनाएं अलग हैं, तो अलग-अलग व्हीकल्स रवाना की जाती हैं। अब सोशल मीडिया से भी मदद संभव डायल 112 सिर्फ कॉल से ही नहीं, बल्कि व्हाट्सऐप, फेसबुक और ट्विटर के माध्यम से भी मदद लेता है। यह तब उपयोगी साबित होता है जब किसी स्थिति में कॉल करना संभव नहीं हो पाता। कॉलर की पहचान रहती है गोपनीय सिस्टम में यह सुनिश्चित किया गया है कि कॉल करने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाए। उन्हें न तो केस में गवाह बनाया जाता है और न ही कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसलिए लोग बिना झिझक मदद के लिए कॉल कर सकते हैं। किन जिलों में चल रही है सेवा फिलहाल डायल 112 सेवा रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बस्तर, कबीरधाम, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरबा, सरगुजा, सक्ती, मानपुर-मोहला अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-गंडई-छुईखदान, गरियाबंद, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में सक्रिय है। राज्य सरकार दूसरे चरण में बाकी जिलों में भी इस सुविधा को शुरू करने की दिशा में काम कर रही है।

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रायपुर मेकाहारा अस्पताल में अव्यवस्था: एक ही बेड पर दो प्रसूताएं, हाईकोर्ट ने जताई नारा

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल (मेकाहारा) अस्पताल में लापरवाही और संसाधनों की भारी कमी एक बार फिर सामने आई है। यहां एक ही बेड पर दो प्रसूताओं को भर्ती करने का मामला सामने आया है। 29 अक्टूबर को अस्पताल के गायनी वार्ड में सभी 150 बेड भरे हुए थे। ऐसे में मजबूर होकर वार्ड नंबर 5 और 6 में दो-दो महिलाओं को एक ही बेड पर रखा गया। दोनों प्रसूताएं अपने नवजात शिशुओं के साथ बमुश्किल बेड का आधा हिस्सा साझा कर रहीं थीं। 🔹 हाईकोर्ट ने जताई गहरी चिंता मेकाहारा की इस अव्यवस्था को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा — “एक ही बेड पर दो प्रसूताओं को रखना बेहद चिंताजनक और अमानवीय स्थिति है। प्रसूताओं की गोपनीयता, स्वच्छता और गरिमा की रक्षा आवश्यक है।” मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने स्वास्थ्य विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ACS) से शपथपत्र के साथ रिपोर्ट तलब की है। साथ ही अस्पतालों में किट और रीजेंट की कमी पर CG-MSC के प्रबंध निदेशक से जवाब मांगा गया है। 🔹 हर घंटे एक डिलीवरी, बेड फुल अस्पताल प्रशासन के अनुसार, गायनी वार्ड में हर घंटे लगभग एक डिलीवरी होती है, यानी दिनभर में करीब 24 प्रसव किए जाते हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण कई बार बेड की भारी कमी हो जाती है। 🔹 मातृ-शिशु अस्पताल बनाने की तैयारी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि मेकाहारा में पूरे प्रदेश से मरीज रेफर होकर आते हैं। किसी भी प्रसूता को वापस नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि जल्द ही अलग से मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है, ताकि बेड की कमी दूर की जा सके। 🔹 हाईकोर्ट ने खबर को माना जनहित याचिका 30 अक्टूबर को एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट को देखते हुए हाईकोर्ट ने इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार किया। अदालत ने कहा कि अस्पताल में फैली अव्यवस्था महिलाओं और नवजातों के जीवन के लिए खतरा बन सकती है। मामले की अगली सुनवाई 6 नवंबर को होगी। 🔹 परिजनों का गुस्सा, अस्पताल में हंगामा एक ही बेड पर दो-दो महिलाओं को भर्ती किए जाने पर मरीजों के परिजनों ने विरोध जताया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए हंगामा भी किया। बाद में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। अस्पताल में पहले भी सर्जरी में देरी, अव्यवस्था और भीड़भाड़ जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं।

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रायपुर में क्रांति सेना के 1000 कार्यकर्ता हाउस अरेस्ट, अमित बघेल समेत पदाधिकारी हिरासत में

रायपुर में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़फोड़ के विरोध में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी द्वारा बुलाए गए प्रदेश बंद के बीच पुलिस ने छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के करीब 1,000 कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया है। इनमें संगठन के अध्यक्ष अमित बघेल और कई पदाधिकारी शामिल हैं। सभी को महादेव घाट रोड स्थित चंद्राकर हॉस्टल में रखा गया है, जहां बाहर से पुलिस बल की तैनाती की गई है। सूत्रों के अनुसार, कार्यकर्ता शहर में बंद करवाने के लिए निकले थे। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए उन्हें रोक लिया। हालांकि, चेंबर ऑफ कॉमर्स ने इस बंद का समर्थन नहीं किया, जिसके चलते रायपुर के ज्यादातर बाजार और दुकानें खुले रहे। 🔹 विवाद की शुरुआत कैसे हुई 26 अक्टूबर को रायपुर के VIP चौक पर एक मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक ने छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया था। इस घटना के बाद प्रदेशभर में विरोध शुरू हो गया। अगले दिन प्रदर्शन के दौरान, अमित बघेल ने महाराजा अग्रसेन और पंडित दीनदयाल उपाध्याय पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। उनके बयान — “इनकी मूर्तियां क्यों नहीं टूटतीं, कौन हैं अग्रसेन महाराज?” — के बाद अग्रवाल और सिंधी समाज ने प्रदेशभर में विरोध दर्ज कराया। रायगढ़, सरगुजा और रायपुर समेत कई जिलों में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई। 🔹 रायगढ़ में नया विवाद अमित बघेल के बयान के बाद रायगढ़ जिले के चक्रधर नगर क्षेत्र में रहने वाले एक युवक विजय राजपूत ने गुरु घासीदास जी पर अपशब्द कहे। शराब के नशे में दिए गए इस बयान का वीडियो वायरल होने के बाद सतनामी समाज ने विरोध जताते हुए थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी पर SC/ST एक्ट सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। वहीं, सिंधी समाज ने भी आरोपी को अपने समाज से निष्कासित कर दिया है। 🔹 जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी का रुख पार्टी ने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ना केवल एक मूर्तिभंजन की घटना नहीं, बल्कि राज्य की अस्मिता और आस्था पर हमला है। उन्होंने सभी संगठनों, व्यापारियों और राजनीतिक दलों से शांतिपूर्ण बंद में शामिल होने की अपील की। 🔹 अग्रवाल समाज की प्रतिक्रिया छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने कहा कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर यह बंद अनुचित है, लेकिन बाबा घासीदास जी के अपमान पर जिन्होंने भी आपत्तिजनक बयान दिए हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की शांति भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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रायपुर स्पा सेंटर में डकैती: तीन आरोपी गिरफ्तार, 1.20 लाख रुपए लूटकर DVR भी ले गए

रायपुर के न्यू राजेन्द्र नगर थाना क्षेत्र में स्थित एक वेलनेस स्पा सेंटर में डकैती की वारदात सामने आई है। बदमाशों ने सेंटर के मैनेजर को बंधक बनाकर 1.20 लाख रुपए लूट लिए। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 26 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे की है। सन्नी मनवानी (36) ने शिकायत में बताया कि करीब 8 लोग अचानक स्पा सेंटर में घुस आए। उन्होंने उसे और मैनेजर को बंधक बनाकर गल्ले से 20 हजार रुपए लूट लिए। इसके बाद दो आरोपी उसे बाइक से एटीएम ले गए और वहां से 50 हजार रुपए निकलवाए। फिर एक पेट्रोल पंप में क्रेडिट कार्ड स्वाइप कर 50 हजार रुपए और लूट लिए। फरार होने से पहले आरोपियों ने CCTV कैमरे का DVR भी अपने साथ ले लिया ताकि सबूत न मिल सके। पुलिस ने क्राइम ब्रांच और न्यू राजेन्द्र नगर थाना टीम के साथ मिलकर जांच शुरू की। मोबाइल लोकेशन और CCTV फुटेज के आधार पर तीन आरोपियों — धनराज चौधरी ऊर्फ हनी, गुरविंदर सिंह और नवजोत सिंह भामरा — को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उनके पास से लूटी गई रकम और घटना में इस्तेमाल बाइक बरामद की है। तीनों को रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं, बाकी फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

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रायपुर में “रन फॉर यूनिटी” का आयोजन: CM विष्णुदेव साय समेत कई दिग्गज शामिल, सरदार पटेल को दी श्रद्धांजलि और एकता का संदेश

देश के लौहपुरुष और पूर्व उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर रायपुर में “रन फॉर यूनिटी” का भव्य आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं भाग लेकर राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता, विद्यार्थी और आम नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत शास्त्री चौक से हुई, जहां उपस्थित लोगों ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद एकता मार्च शारदा चौक तक पहुंचा, जहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा स्थल पर कार्यक्रम का समापन हुआ। राष्ट्रीय एकता और अखंडता का प्रतीक बना आयोजनहर वर्ष की तरह इस बार भी “रन फॉर यूनिटी” का उद्देश्य सरदार पटेल के अद्वितीय योगदान को याद करते हुए राष्ट्रीय एकता और अखंडता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना था। इस आयोजन का नेतृत्व भारतीय जनता पार्टी शहर जिला इकाई और भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने संयुक्त रूप से किया। युवाओं के लिए प्रेरणा का अवसरकार्यक्रम में शामिल युवाओं को सरदार पटेल के विचारों और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरदार पटेल अपनी दूरदृष्टि और दृढ़ निश्चय के कारण भारत के “लौह पुरुष” कहलाए। उन्होंने बिखरे हुए रियासतों को एक सूत्र में बांधकर देश की एकता की नींव रखी। विविधता में एकता हमारी शक्ति – CM सायमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है और “विविधता में एकता” हमारी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में एकता के इस पर्व को मनाया जा रहा है। साय ने उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाते हुए कहा कि हम सब मिलकर “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को साकार करेंगे। उन्होंने युवाओं के उत्साह और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि यह जोश राष्ट्रप्रेम और सरदार पटेल के आदर्शों के प्रति समर्पण का प्रतीक है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक किरण देव, विधायक पुरंदर मिश्रा, और छत्तीसगढ़ लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रफुल्ल विश्वकर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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रायपुर में धरना-प्रदर्शन पर अब लगेगा शुल्क: संगठनों ने बताया लोकतंत्र की आवाज दबाने की कोशिश

रायपुर में अब सार्वजनिक स्थानों पर धरना-प्रदर्शन या पंडाल लगाने के लिए लोगों को शुल्क देना होगा। रायपुर नगर निगम ने नया आदेश जारी करते हुए कहा है कि किसी भी धरना या प्रदर्शन के आयोजन के लिए 500 रुपए का शुल्क देना अनिवार्य होगा। वहीं, पंडाल लगाने पर 5 रुपए प्रति वर्ग फुट की दर से राशि वसूली जाएगी। पहले से ही नवा रायपुर के तूता धरनास्थल पर प्रदर्शन पर रोक लगी हुई है, ऐसे में नगर निगम के इस फैसले का कई संगठनों और नेताओं ने विरोध किया है। उनका कहना है कि यह निर्णय लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है और जनता की आवाज दबाने की कोशिश है। महापौर मीनल चौबे ने बताया कि नगर निगम को धरना या प्रदर्शन के दौरान सफाई और व्यवस्थाओं पर खर्च उठाना पड़ता है, इसलिए यह शुल्क लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान रूट की जानकारी निगम को पहले देनी होगी ताकि सुरक्षा और सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। वहीं, किसान नेता तेजराम विद्रोही ने इस फैसले को “लोकतंत्र की हत्या” करार दिया और कहा कि अगर जनता की आवाज को दबाने की कोशिश की गई तो विरोध और तेज होगा। उन्होंने आदेश को तुरंत वापस लेने की मांग की। सूत्रों के अनुसार, फिलहाल 500 रुपए शुल्क तय किया गया है, लेकिन आने वाले समय में इसे बढ़ाकर 1000 रुपए तक किया जा सकता है। निगम की सामान्य सभा ने इस प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दे दी है। इधर, नवा रायपुर के अटल नगर में रखरखाव कार्यों के चलते दो महीने तक धरना-प्रदर्शन पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी किया है और अन्य किसी भी स्थल पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है।

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