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छत्तीसगढ़ में राजनीतिक युद्ध में AI का नया हथियार: भाजपा ने कांग्रेस पर फर्जी वीडियो बनाकर हमला किया, भूपेश-बघेल को जीत का सपना दिखाया

छत्तीसगढ़ में राजनीतिक पार्टियों के बीच AI (Artificial Intelligence) जनित वीडियो का इस्तेमाल अब आम हो गया है। हाल ही में भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ तीन AI वीडियो जारी किए। इन वीडियो में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पद के दावेदारों और पार्टी नेताओं को निशाना बनाया गया है। 🎥 वीडियो में क्या दिखाया गया ⚡ कांग्रेस का पलटवार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा का काम सिर्फ फर्जी वीडियो और पोस्टर बनाना रह गया है। उन्होंने इसे असली मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला बताया। 🗣️ चंद्राकर का बयान पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस में चोर-डकैत भरे पड़े हैं। उन्होंने जांजगीर में NSUI जिलाध्यक्ष को डकैती की योजना बनाते हुए पकड़े जाने का उदाहरण दिया और आरोप लगाया कि ऐसे लोग कांग्रेस संगठन के लिए ‘ताज के नगीने’ हैं। 🔄 कांग्रेस भी AI का इस्तेमाल कर चुकी है यह पहली बार नहीं है जब राजनीतिक दलों ने AI का इस्तेमाल किया। पहले कांग्रेस ने बिजली बिल के मुद्दे पर भाजपा को घेरने के लिए AI वीडियो जारी किया था। ⚖️ राजनीतिक विशेषज्ञों की राय विशेषज्ञों के अनुसार, AI भविष्य में राजनीतिक प्रचार का बड़ा हथियार बन सकता है। वरिष्ठ पत्रकार सुनील कुमार ने कहा कि डिजिटल युग में राजनीतिक युद्धभूमि बदल गई है, और नैतिक जिम्मेदारी बनाए रखना अब पहले से भी जरूरी हो गया है।

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रायपुर में आज गूंजेगी रूप कुमार राठौड़ की आवाज़: ‘साउंड ऑफ सोल’ सीजन 3 में देंगे लाइव परफॉर्मेंस, दो बार रद्द हुआ शो अब होने जा रहा है आयोजित

रायपुर के संगीत प्रेमियों के लिए रविवार की शाम खास होने जा रही है। मशहूर सिंगर रूप कुमार राठौड़ आज राजधानी के इनडोर स्टेडियम में होने वाले कार्यक्रम ‘साउंड ऑफ सोल’ सीजन 3 में लाइव परफॉर्म करेंगे। यह शो शाम 7 बजे से शुरू होगा। 🎵 दो बार टल चुका था शो, अब तीसरी बार हो रहा आयोजन इस कार्यक्रम की तारीख पहले दो बार तय की गई थी, लेकिन दोनों ही मौकों पर आयोजन रद्द करना पड़ा। अब आखिरकार यह बहुप्रतीक्षित शो होने जा रहा है। आयोजकों ने बताया कि यह सीजन विशेष रूप से देश के सैनिकों और सुरक्षा बलों को समर्पित है। जिन दर्शकों ने 1 अक्टूबर के शो के लिए टिकट खरीदी थी, उन्हें दोबारा टिकट लेने की जरूरत नहीं है। वे सीधे कार्यक्रम स्थल पर पुराने टिकट को फ्री में एक्सचेंज कर सकते हैं। 🏟️ स्टेडियम न मिलने से 1 अक्टूबर का शो रद्द हुआ था 1 अक्टूबर को रूप कुमार राठौड़ रायपुर आने के लिए मुंबई एयरपोर्ट तक पहुंच चुके थे। लेकिन कार्यक्रम स्थल इनडोर स्टेडियम समय पर खाली नहीं हो पाया। यहां देर रात तक गरबा कार्यक्रम चलता रहा, और आयोजकों को स्टेडियम दोपहर 3 बजे के बाद ही मिला।तैयारी के लिए पर्याप्त समय न मिलने के कारण शो रद्द करना पड़ा, जबकि उस समय तक करीब 400 टिकटें बिक चुकी थीं। 🎤 इससे पहले 24 अगस्त को भी रद्द हुआ था कार्यक्रम इससे पहले 24 अगस्त को रूप कुमार राठौड़ का शो पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में होना था, लेकिन उसी दिन सरकार की ओर से तीजा पोला तिहार का आयोजन वहीं तय हो गया। इस वजह से कार्यक्रम को टालना पड़ा। ❤️ सैनिकों को समर्पित संगीत संध्या ‘साउंड ऑफ सोल’ का यह सीजन न सिर्फ संगीत का उत्सव होगा, बल्कि देशभक्ति की भावना को भी समर्पित रहेगा। कार्यक्रम में रूप कुमार राठौड़ के साथ उनकी पत्नी और प्रसिद्ध ग़ज़ल गायिका सुनाली राठौड़ भी प्रस्तुति देंगी।कार्यक्रम का मकसद वीर जवानों के बलिदान को नमन करना और लोगों के बीच देशप्रेम का संदेश फैलाना है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में शुरू हुई कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस: योजनाओं की समीक्षा और सुशासन पर फोकस, तीन दिन चलेगी बैठक

छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक व्यवस्था को सशक्त बनाने और जनसेवा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में तीन दिवसीय कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस की शुरुआत हो गई है। नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में आयोजित इस बैठक में प्रदेशभर के कलेक्टर, संभागायुक्त, पुलिस अधीक्षक, विभागीय सचिव और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो रहे हैं। 📅 तीन दिन की समीक्षा बैठक कार्यक्रम का पहला दिन कलेक्टरों के कामकाज की समीक्षा को समर्पित है। मुख्यमंत्री विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति, जनसेवा की गुणवत्ता और जमीनी अमल पर चर्चा कर रहे हैं।दूसरे दिन कानून-व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन पर समीक्षा बैठक होगी, जिसमें सभी पुलिस कप्तान (SP) शामिल रहेंगे। वहीं, तीसरे दिन यानी 14 अक्टूबर को ‘गुड गवर्नेंस समिट’ का आयोजन होगा, जो शासन में पारदर्शिता और नीतिगत सुधारों पर केंद्रित रहेगा। 🔍 योजनाओं के क्रियान्वयन और पारदर्शिता पर जोर मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश है कि योजनाएं सिर्फ फाइलों में सीमित न रहें, बल्कि जनता तक ठोस परिणाम पहुंचाएं। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी अपने-अपने जिलों में चल रही योजनाओं की स्थिति का ब्यौरा दे रहे हैं। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती समारोह की तैयारियों पर भी चर्चा हो रही है। ⚖️ 13 अक्टूबर को कानून व्यवस्था पर विशेष बैठक 13 अक्टूबर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कलेक्टरों और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेंगे। इसमें शांति व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री DFO और कलेक्टर्स के साथ बैठक कर वन नीति, पर्यावरण संरक्षण और आदिवासी कल्याण योजनाओं की भी समीक्षा करेंगे। 🏛️ 14 अक्टूबर को गुड गवर्नेंस समिट तीन दिवसीय श्रृंखला का समापन “गुड गवर्नेंस समिट” के साथ होगा, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी, नीति-निर्माता और विशेषज्ञ शासन की पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के उपायों पर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस सम्मेलन में राज्य में सुशासन (Good Governance) को मजबूत करने के लिए नई नीतियों पर दिशा-निर्देश देंगे।

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EOW पर कोयला घोटाले में बड़ा आरोप: कोर्ट ने डायरेक्टर, ASP और DSP को भेजा नोटिस – भूपेश बघेल बोले, “क्या अब जांच एजेंसियां सुपारी ले रही हैं?”

छत्तीसगढ़ के चर्चित कोल घोटाला मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। रायपुर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने EOW (Economic Offences Wing) और ACB (Anti-Corruption Bureau) के तीन अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। आरोप है कि एजेंसी ने आरोपी निखिल चंद्राकर का बयान कोर्ट में दर्ज कराने की बजाय पहले से टाइप किया गया बयान पेश किया। 🔍 कोर्ट ने मांगा जवाब न्यायालय ने EOW निदेशक अमरेश मिश्रा, ASP चंद्रेश ठाकुर और DSP राहुल शर्मा से स्पष्टीकरण मांगा है। यह मामला तब सामने आया जब कोल स्कैम के मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी की जमानत पर सुनवाई के दौरान टाइप्ड बयान वाले दस्तावेज अदालत में पेश किए गए। तिवारी के वकीलों ने इसे लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। ⚖️ आरोप: बाहर तैयार किया गया बयान शिकायतकर्ता गिरीश देवांगन का कहना है कि जिस बयान की कॉपी कोर्ट को दी गई, वह अदालत की भाषा या फॉर्मेट से मेल नहीं खाती। उपयोग किया गया फॉन्ट भी अदालतों में प्रचलित फॉन्ट नहीं था। आरोप है कि बयान कोर्ट में नहीं बल्कि किसी कंप्यूटर पर टाइप किया गया, फिर पेनड्राइव के जरिए कोर्ट में जमा कर दिया गया। 🧾 फोरेंसिक जांच से खुलासा गिरीश देवांगन ने इस मामले की शिकायत हाईकोर्ट और रायपुर की मजिस्ट्रेट कोर्ट में की है। उन्होंने दस्तावेजों की जांच फोरेंसिक विशेषज्ञ इमरान खान से कराई, जिनकी रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि बयान अदालत के मूल फॉर्मेट से अलग है। ⚠️ गंभीर उल्लंघन का मामला कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी अभियुक्त का बयान धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष ही दर्ज होना चाहिए। अगर यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न्यायिक प्रक्रिया का गंभीर उल्लंघन और अदालत के साथ धोखाधड़ी (Forgery & Misrepresentation) का मामला बन सकता है। 🗣️ भूपेश बघेल का तीखा हमला पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया – “क्या अब जांच एजेंसियां झूठे बयान और सबूत खुद बनाने लगी हैं? किसी को फंसाने के लिए सुपारी ले रही हैं क्या?” उन्होंने कहा कि अगर एजेंसियां खुद ही फर्जी साक्ष्य तैयार करेंगी, तो किसी आम नागरिक को न्याय मिलने की उम्मीद कैसे की जा सकती है? ⚖️ कानूनी विशेषज्ञों की राय वरिष्ठ अधिवक्ता फैजल रिजवी ने कहा कि भारत में यह पहला मामला है जब किसी जांच एजेंसी ने मजिस्ट्रेट के समक्ष अभियुक्त का बयान दर्ज कराने की जगह ऑफिस में टाइप किया गया बयान अदालत में जमा किया। यह न केवल अदालत से धोखाधड़ी है बल्कि संविधान के अनुच्छेद 21 (न्याय के अधिकार) का भी खुला उल्लंघन है।

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छत्तीसगढ़ कोल लेवी घोटाला: 570 करोड़ की अवैध वसूली का खुलासा, नेताओं-अफसरों की मिलीभगत सामने आई

छत्तीसगढ़ के चर्चित कोल लेवी घोटाले में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में सामने आया है कि सूर्यकांत तिवारी ने अफसरों और नेताओं की मदद से करीब 570 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली करवाई। इस वसूली के नेटवर्क को देवेंद्र डडसेना और नवनीत तिवारी संचालित कर रहे थे। जांच में सामने आया है कि वॉट्सएप ग्रुप्स — “पाल”, “वीकली”, “टावर” और “जुगनू” — के जरिए पूरे ऑपरेशन का समन्वय किया जाता था। इसमें कोडवर्ड्स का इस्तेमाल होता था: चार्जशीट में यह भी बताया गया है कि नवनीत तिवारी रायगढ़ क्षेत्र की वसूली संभालता था और हर महीने रकम रायपुर के अनुपम नगर स्थित सूर्यकांत तिवारी के घर पहुंचाई जाती थी। 🔹 3 IPS अफसर भी संपर्क में थे ED की चार्जशीट में कहा गया है कि तत्कालीन सीएम भूपेश बघेल की उप सचिव सौम्या चौरसिया और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के संपर्क में तीन IPS अधिकारी भी थे — पारूल माथुर, प्रशांत अग्रवाल और भोजराम पटेल।इन अफसरों पर आरोप है कि उन्होंने विभागीय जानकारी तिवारी को दी। पारूल माथुर पर यह भी आरोप है कि वह तिवारी के कहने पर कोयला वाहनों पर कार्रवाई करवाती थीं। इसके अलावा, कॉन्स्टेबल अमित कुमार दुबे पर ईडी अधिकारियों की जासूसी का आरोप है। 🔹 कोल वाशरी और ट्रांसपोर्टर से भी वसूली चार्जशीट के मुताबिक, कोयला ट्रांसपोर्टर्स से 25 रुपए प्रति टन और कोल वाशरी संचालकों से 100 रुपए प्रति टन की अवैध लेवी वसूली जाती थी। इस तरह कारोबारियों से दो बार कमीशन लिया जा रहा था।वसूली के लिए कोरबा और रायगढ़ में अलग-अलग ऑफिस बनाए गए थे। 🔹 नवनीत और मोइनुद्दीन संभालते थे फील्ड नेटवर्क रायगढ़ में नवनीत तिवारी और कोरबा में मोइनुद्दीन वसूली का पूरा संचालन करते थे। सूर्यकांत तिवारी के घर से मिली डायरी में नवनीत (नीतू) के नाम के आगे 17.73 करोड़ रुपए दर्ज पाए गए हैं। 🔹 ACB-EOW ने 36 लोगों पर FIR दर्ज की ED की रिपोर्ट के आधार पर ACB/EOW ने इस मामले में दो पूर्व मंत्रियों, विधायकों, IAS अधिकारियों और कारोबारियों सहित 36 लोगों पर नामजद FIR दर्ज की है।गिरफ्तारों में IAS रानू साहू, IAS समीर विश्नोई, सौम्या चौरसिया, जेडी माइनिंग एसएस नाग और सूर्यकांत तिवारी शामिल हैं।

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रायपुर में ड्यूटी पर तैनात गार्ड की हत्या: शराब नहीं देने पर युवक ने लोहे की रॉड से किया हमला, मौके पर मौत

रायपुर में शुक्रवार रात एक दर्दनाक वारदात हुई। खम्हारडीह इलाके में ड्यूटी पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड संदीप पटेल की हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि आरोपी युवक शराब खरीदने आया था, लेकिन दुकान बंद होने के कारण जब गार्ड ने मना किया तो उसने लोहे की रॉड से हमला कर दिया। घटना शुक्रवार (10 अक्टूबर) रात करीब 10:30 बजे की है। जब आरोपी शराब लेने पहुंचा और दुकान बंद होने की बात सुनकर भड़क गया। कुछ देर बहस के बाद वह वहां से चला गया, लेकिन करीब एक घंटे बाद यानी 11:15 बजे वापस लौटा—इस बार हाथ में लोहे की रॉड थी। आरोपी ने गार्ड पर हमला कर दिया जिससे संदीप की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी फरार, पुलिस तलाश में जुटी वारदात के बाद आरोपी मौके से भाग गया। पुलिस ने खम्हारडीह थाने में हत्या का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। मृतक बलौदाबाजार का रहने वाला था 35 वर्षीय संदीप पटेल मूल रूप से बलौदाबाजार जिले के ग्राम सुंदरी का रहने वाला था। वह कुछ समय से रायपुर के मोवा पंडरी इलाके में रह रहा था और शराब दुकान में गार्ड की ड्यूटी करता था।

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छत्तीसगढ़ की बाघिन ‘बिजली’ का निधन: जामनगर के वनतारा में इलाज के दौरान तोड़ा दम, रायपुर से गई टीम करेगी अंतिम संस्कार में शामिल

रायपुर जंगल सफारी की मशहूर बाघिन ‘बिजली’ ने अब इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उसका इलाज गुजरात के जामनगर स्थित वनतारा वाइल्डलाइफ रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर में चल रहा था, जहां गुरुवार रात उसकी मौत हो गई। इस खबर की पुष्टि वनतारा प्रशासन ने सोशल मीडिया पर की, वहीं छत्तीसगढ़ के पीसीसीएफ (चीफ वाइल्डलाइफ वॉर्डन) अरुण कुमार पांडेय ने भी इसकी जानकारी दी। बिजली की मौत की खबर मिलते ही जंगल सफारी रायपुर के डीएफओ और मेडिकल टीम जामनगर रवाना हो गई है। अंतिम संस्कार वहीं, वनतारा में किया जाएगा। बीमार थी बिजली, 3 दिन पहले भेजी गई थी गुजरात बाघिन बिजली बीते कुछ समय से गंभीर रूप से बीमार थी। उसके यूट्रस और किडनी में संक्रमण पाया गया था। लगभग 10 दिनों से उसने खाना-पीना भी बंद कर दिया था। इलाज के लिए उसे 7 अक्टूबर को रायपुर से हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस के जरिए जामनगर भेजा गया था, जहां वह 9 अक्टूबर की रात पहुंची थी। सीजेडए से अनुमति में देरी, इलाज में लगा समय इलाज के लिए वन विभाग को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) से अनुमति लेनी थी, जिसमें करीब 10 दिन लग गए। इस वजह से इलाज में देरी हुई। शुरुआती जांच में डॉक्टरों ने बीमारी को गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समझा, लेकिन आगे की जांच में पता चला कि उसके किडनी और गर्भाशय दोनों में संक्रमण है। 5 अक्टूबर को रायपुर आई थी वनतारा टीम रायपुर फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के अनुरोध पर वनतारा की एक स्पेशल मेडिकल टीम 5 अक्टूबर को रायपुर पहुंची थी। टीम ने बताया कि बिजली पहले से ही कमजोर और गंभीर हालत में थी। उसका पाचन तंत्र सही ढंग से काम नहीं कर रहा था और शरीर में कमजोरी बढ़ती जा रही थी। पिता के देश में ली अंतिम सांस बिजली की उम्र करीब 8 साल थी। दिलचस्प बात यह है कि जब रायपुर जंगल सफारी की शुरुआत हुई थी, तब गुजरात से नर बाघ ‘शिवाजी’ को लाया गया था, जो बिजली का पिता था। उसी स्थान, गुजरात में अब बिजली ने अपनी अंतिम सांस ली — जहां से उसके पिता आए थे। वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट ने उठाए सवाल वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने बिजली की मौत पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ के ज्यादा करीब है और वहां बेहतर वाइल्डलाइफ मेडिकल सुविधाएं मौजूद हैं। ऐसे में बिजली को जामनगर भेजने और इतनी देर करने की क्या जरूरत थी?उनका कहना है कि अगर जल्दी निर्णय लेकर पास के किसी सेंटर में इलाज कराया जाता, तो शायद बिजली की जान बचाई जा सकती थी।

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Raipur में नर्स की अफेयर के शक में हत्या, आरोपी बॉयफ्रेंड गिरफ्तार

रायपुर में एक नर्स को उसके ही बॉयफ्रेंड ने चाकू से वार कर मार डाला। मृतिका प्रियंका दास (23), जो निजी अस्पताल में नर्स थीं और मनेंद्रगढ़ की रहने वाली थीं, टिकरापारा में किराए के कमरे में अपनी तीन सहेलियों के साथ रहती थीं। घटना गुरुवार सुबह सामने आई, जब प्रियंका की सहेली कमरे में गई और वहां खून से सनी लाश देखी। तुरंत पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। ASP डॉ. दौलतराम पोर्ते ने बताया कि पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाए। कमरे में चाकू और खून बिखरा हुआ मिला। पड़ोसियों ने किसी को कमरे से बाहर निकलते नहीं देखा, जिससे साफ है कि हत्यारा मौके से बिना किसी की नजर में आए फरार हुआ। पुलिस ने आरोपी युवक दुर्गेश वर्मा को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह प्रियंका का बॉयफ्रेंड था और पिछले कुछ समय से प्रियंका दूसरे लड़के से बात कर रही थी। इसी शक में उसने एक दिन पहले चाकू खरीदा और विवाद के दौरान प्रियंका के सीने में वार कर उसे मार डाला। प्रियंका ने एक दिन पहले ही अस्पताल में डे शिफ्ट में ड्यूटी की थी। घटना के बाद आरोपी युवक फरार हो गया, लेकिन बाद में सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उसके कब्जे से चाकू जब्त किया है। इस मामले पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर सरकार पर हमला किया। कांग्रेस ने कहा कि रायपुर में नर्स की बेरहमी से हत्या, भाजपा के कुशासन को उजागर करती है। उनका कहना है कि अपराधी बेलगाम हैं, पुलिस लाचार और सरकार खामोश है। पुलिस अब मामले की गहन जांच कर रही है और सभी डिजिटल एवं फोरेंसिक सबूतों का विश्लेषण कर रही है। इस घटना ने राजधानी में कानून व्यवस्था और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Raipur IIIT में छात्र द्वारा AI से 36 छात्राओं की 1000 अश्लील फोटो बनाने का मामला

नवा रायपुर स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) में एक गंभीर साइबर अपराध का मामला सामने आया है। एक छात्र ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग कर 36 छात्राओं की 1000 से अधिक अश्लील तस्वीरें तैयार कर लीं। आरोपी इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE) विभाग का छात्र है। पुलिस ने आरोपी का लैपटॉप, मोबाइल और पेन ड्राइव जब्त किया है और उसे बिलासपुर से गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी छात्र का नाम सैय्यद रहीम है। वह कॉलेज इवेंट्स और कार्यक्रमों में छात्राओं की तस्वीरें खींचता था। पुलिस ने जांच में पाया कि इन फोटो को उसने AI के जरिए अश्लील रूप में बदल दिया और कुछ दोस्तों को दिखाई। इस कारण यह मामला छात्राओं तक पहुंचा और उन्होंने शिकायत IIIT प्रबंधन से दर्ज कराई। कॉलेज प्रबंधन ने आरोपी छात्र को तुरंत निलंबित कर दिया और मामले की जांच के लिए महिला स्टाफ की एक विशेष समिति गठित की। समिति सोशल मीडिया और डेटा लीक की संभावना सहित तकनीकी पहलुओं की भी जांच करेगी। इसके अलावा, जांच रिपोर्ट पुलिस के साथ साझा की जाएगी। ASP दौलतराम पोर्ते ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया। लैपटॉप और मोबाइल में मिले डिजिटल साक्ष्य जांच के लिए जब्त किए गए हैं। साइबर क्राइम एक्सपर्ट मुकेश चौधरी ने इस घटना को शर्मनाक बताया और कहा कि प्रबंधन को ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने चेताया कि AI एप्स की प्राइवेसी और सुरक्षा कमजोर होती है, जिससे डेटा कई सर्वरों पर सुरक्षित नहीं रहता और इसका दुरुपयोग हो सकता है। कानूनी दृष्टि से, किसी की निजी तस्वीर को बदलना या अश्लील रूप देना अपराध है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67, 67A और 66(2) के तहत आरोपी को तीन से पांच साल की जेल हो सकती है। UGC ने भी निर्देश दिए हैं कि इस तरह के मामलों से बचाव के लिए छात्रों में जागरूकता बढ़ाई जाए और डिजिटल माध्यमों की सुरक्षा सिखाई जाए। यह मामला डिजिटल यौन शोषण और साइबर अपराध की गंभीरता को दर्शाता है और शिक्षा संस्थानों में कड़े नियमों और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को उजागर करता है।

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रायपुर: शहर के किसी भी मंदिर से नहीं लिया जाएगा संपत्तिकर, ब्राम्हणपारा मंदिर में नोटिस देने वाले कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई

रायपुर नगर निगम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब शहर के किसी भी मंदिर से संपत्तिकर (प्रॉपर्टी टैक्स) नहीं लिया जाएगा। महापौर मीनल चौबे ने शुक्रवार को बयान जारी करते हुए कहा कि निगम क्षेत्र के सभी जोन और वार्डों में स्थित मंदिरों पर प्रॉपर्टी टैक्स लागू नहीं होगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थान समाज की आस्था के केंद्र हैं और उन पर कर लगाना उचित नहीं है। इसके बावजूद जोन-4 के अंतर्गत ब्राम्हणपारा वार्ड क्रमांक 43 स्थित सोहागा मंदिर में निगम कर्मचारियों द्वारा संपत्तिकर का नोटिस देने का मामला सामने आया। इस घटना के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया और महापौर ने संबंधित कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। निगम ने इस मामले में मोहर्रिर सुशात और अमर नामक दो कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दोनों से तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है कि उन्होंने नियमों के विपरीत जाकर मंदिर को संपत्तिकर का नोटिस क्यों दिया। महापौर मीनल चौबे ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए नाराजगी जताई और कहा कि भविष्य में यदि ऐसी गलती दोहराई गई तो संबंधित कर्मचारियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी जोन आयुक्तों और राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी धार्मिक स्थल — चाहे वह मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा या चर्च हो — को टैक्स नोटिस जारी न किया जाए। महापौर ने यह भी कहा कि निगम प्रशासन जनता की आस्था का सम्मान करता है और धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति होती है, तो तुरंत नगर निगम को सूचित करें ताकि तत्काल कार्रवाई की जा सके।

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