Raipur

टी.एस. सिंहदेव बोले – “एक दिन का मुख्यमंत्री बनने को तैयार”, बोले – “शपथ अजय चंद्राकर के घर पर ही ले लूंगा”

छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने एक बार फिर अपने बयान से सियासी माहौल गर्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि अजय चंद्राकर का धन्यवाद, उन्होंने कहा कि मैं एक दिन का मुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार हूं। अगर उन्होंने सीएम बनाने की बात कही है, तो मैं जरूर जाऊंगा और उनके घर पर शपथ ग्रहण करूंगा। सिंहदेव ने व्यंग्य करते हुए कहा कि उम्मीद है, अजय चंद्राकर ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से पहले ही बात कर ली होगी — एक का इस्तीफा और दूसरे की मंजूरी का इंतज़ाम भी कर लिया होगा। सिंहदेव ने कहा, “अजय चंद्राकर के साथ करीब डेढ़ दशक तक काम किया है। वे समझदार नेता हैं, लेकिन उनका अंदाज़ मज़ाकिया भी है। अगर वे कह रहे हैं कि मुझे मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं, तो मैं तैयार हूं।” मामले की पूरी पृष्ठभूमि क्या है? दरअसल, बिलासपुर में सिंहदेव ने हाल ही में कहा था कि कांग्रेस सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी, और उन्होंने यह भी कहा था कि “मैं कभी नहीं कहूंगा कि मुझे मुख्यमंत्री नहीं बनना है, ऐसा कौन कहेगा?” इस पर अजय चंद्राकर ने पलटवार करते हुए कहा था कि “हम बाबा को मुख्यमंत्री बनाकर सम्मानित कर देंगे, क्योंकि कांग्रेस में तो उनका कुछ नहीं होने वाला।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “किसी को हसरत लेकर ऊपर नहीं जाना चाहिए, उसे इसी दुनिया में पूरा कर लेना चाहिए।”

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रायपुर साइंस कॉलेज हॉस्टल में देर रात बवाल: बाहरी युवकों ने की घुसपैठ, छात्रों से मारपीट और मोबाइल लूटकर फरार

रायपुर के साइंस कॉलेज हॉस्टल में रविवार देर रात हंगामे का माहौल बन गया, जब कुछ बाहरी युवक हॉस्टल परिसर में घुस आए और छात्रों पर हमला कर दिया। इस हमले में तीन छात्र घायल हुए हैं — जिनमें एक के सीने और पैर में चोट आई है। घटना के दौरान आरोपियों ने हॉस्टल में तोड़फोड़ भी की और एक छात्र का मोबाइल छीनकर भाग निकले। घटना की जानकारी मिलते ही आक्रोशित छात्र देर रात सरस्वती नगर थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।कॉलेज के प्राचार्य अमिताभ बैनर्जी ने बताया कि छात्रों ने मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है और पुलिस जांच कर रही है। विवाद की वजह क्या थी?छात्रों के अनुसार, हॉस्टल के बाहर कुछ युवक यूरीन कर रहे थे। जब छात्रों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो वे उलझ गए और देखते ही देखते हॉस्टल के अंदर घुस आए। वहां उन्होंने छात्रों से मारपीट की। एक छात्र ने जब मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया, तो आरोपियों ने उसका फोन छीन लिया और मौके से फरार हो गए। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालइस घटना के बाद हॉस्टल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों का कहना है कि देर रात परिसर के आसपास असामाजिक तत्वों की आवाजाही आम बात है। वे शराब पीते हैं, गंदगी फैलाते हैं और रोकने पर झगड़ा करते हैं। छात्रों का कहना है कि प्रबंधन सहयोग करता है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।

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रायपुर-बिलासपुर हाईवे में 7800 पैनल खराब, 1706 करोड़ के प्रोजेक्ट पर NHAI करेगी कार्रवाई

रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे की सड़क तीन साल के भीतर ही खराब हो गई है। कुल 127 किलोमीटर लंबे हाईवे पर अब तक 7800 पैनल खराब पाए गए हैं। इसमें रायपुर-सिमगा सेक्शन में 6600 पैनल और सिमगा-बिलासपुर सेक्शन में 1200 पैनल खराब हैं। मरम्मत का हाल रायपुर-सिमगा सेक्शन में पुरानी एजेंसी पुंज एलायड पैनल बदलने का काम कर रही है। वहीं सिमगा-बिलासपुर सेक्शन में एलएंडटी और दिलीप बिल्डकॉन की मरम्मत की समय-सीमा खत्म हो चुकी है, इसलिए अभी तक मरम्मत शुरू नहीं हो पाई है। एनएचएआई टीम रायपुर-बिलासपुर हाईवे का सर्वे कर रही है। सर्वे में यह पता लगाया जाएगा कि कौन सा हिस्सा सबसे अधिक खराब है, कितने पैनल पूरी तरह बदलने की जरूरत है और इसके लिए कुल खर्चा कितना आएगा। कंपनी से मरम्मत का प्रावधान एनएचएआई अधिकारियों ने कहा कि पुरानी कंपनी से मरम्मत कराई जाएगी। यदि कंपनी मरम्मत करने से इनकार करती है, तो खर्चा रिकवर कर नई कंपनी को टेंडर जारी किया जाएगा। बारिश के बाद हाईवे की मरम्मत की प्रक्रिया तेज़ी से शुरू की जाएगी। हाईवे का निर्माण और पैनल सिस्टम हाईवे को तीन हिस्सों में बांटा गया था: रायपुर-सिमगा, सिमगा-सरगांव और सरगांव-बिलासपुर। तीनों हिस्सों की जिम्मेदारी एलएंडटी, पुंज एलायड और दिलीप बिल्डकॉन कंपनियों को दी गई थी। पूरा टेंडर 1706 करोड़ रुपए का था। एनएचएआई के अनुसार, हाईवे को कांक्रीट पैनल में बनाया गया है, ताकि किसी एक पैनल में खराबी आने पर केवल उसे बदलकर सड़क को ठीक किया जा सके। इससे समय और लागत की बचत होती है। अगर पूरी सड़क डामर से होती, तो खराबी आने पर पूरी सड़क बनानी पड़ती। आगे की कार्रवाई एनएचएआई की टीम सर्वे पूरा कर कंपनी को नोटिस जारी करेगी। कंपनी को पैनल बदलने और मरम्मत के लिए निर्देशित किया जाएगा। अगर कंपनी काम नहीं करेगी, तो मरम्मत में आने वाले खर्चे को वसूल कर नई कंपनी को टेंडर दिया जाएगा।

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त्योहारी सीजन में ट्रेनें पैक, रेलवे ने जारी की एडवाइजरी: चोरों से सावधान रहें, कीमती सामान खुद संभालें

नवरात्रि और दशहरा के बाद अब दिवाली के लिए ट्रेनों में भीड़ कई गुना बढ़ गई है। रायपुर से यात्रा करने वाली अधिकांश ट्रेनें रोजाना पैक चल रही हैं, जिसके कारण चोरी की घटनाओं में इजाफा हो गया है। स्लीपर और एसी दोनों डिब्बों में लगातार चोरी की घटनाएँ सामने आ रही हैं। चोरी करने वाले गिरोह इस त्योहारी सीजन में बेहद सक्रिय हो गए हैं। चोरी करने वाला गिरोह गिरोह मुख्यतः रात के समय सक्रिय रहता है और अक्सर महिलाओं को निशाना बनाता है। वे खासतौर पर उन यात्रियों पर नजर रखते हैं जिनके पास कीमती सामान होता है। रात में चोरी करके वे किसी भी स्टेशन पर उतर जाते हैं। रेलवे और पुलिस की तैयारी जीआरपी और आरपीएफ के जवानों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जीआरपी ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है जिसमें कहा गया है कि: रेलवे एसपी ने बताया कि यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। चोरी की हालिया घटनाएँ गश्त और निगरानी जीआरपी और आरपीएफ की टीम स्टेशन और ट्रेनों में लगातार मॉनिटरिंग और गश्त कर रही है। भीड़ वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखने पर उसकी जांच की जा रही है। यात्री संख्या और सावधानी सफर के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें रेलवे और पुलिस यात्रियों की सुरक्षा के लिए सतर्क हैं, लेकिन यात्रियों को भी अपने सामान की जिम्मेदारी खुद उठानी होगी।

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धान खरीदी से पहले जिला सहकारी बैंक में बड़ा विवाद: कर्मचारियों को 25 करोड़ का बकाया, मामला अमित शाह तक पहुँचा

प्रदेश में धान की सरकारी खरीद शुरू होने से पहले जिला सहकारी बैंक में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पिछले पाँच साल से वेतनवृद्धि और महंगाई भत्ते की मांग कर रहे बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी शिकायत केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह तक भेज दी है। सहकारिता मंत्रालय ने इस पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर वेतनवृद्धि और महंगाई भत्ते से वंचित रखा गया। यह राशि अब करीब 25 करोड़ रुपए तक पहुँच चुकी है। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होने वाली है। किसानों को धान का भुगतान, पीडीएस संचालन, खाद-बीज वितरण और पीएम किसान सम्मान निधि का भुगतान जिला सहकारी बैंकों के माध्यम से किया जाता है। मामला क्या है पंजीयक, सहकारी संस्था ने पाँच साल पहले एक आदेश के तहत स्टाफ को वेतनवृद्धि देने पर रोक लगा दी थी। इस मामले में हाईकोर्ट की सिंगल और डबल बेंच ने कर्मचारियों के पक्ष में फैसला दिया। इसके बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की, जो अभी लंबित है। विशेष बात यह है कि बकाया भुगतान करने से सरकार पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। तत्कालीन सहकारिता पंजीयक और बैंक अध्यक्ष धनंजय देवांगन ने 2012 में वेतनमान संशोधन से जुड़ा आदेश जारी किया। इसमें 6 जनवरी 2020 के पुराने आदेश के प्रतिबंधात्मक बिंदुओं के तहत कहा गया कि अगर किसी जिला सहकारी बैंक का स्थापना व्यय उसकी सकल आय का 15% या कार्यशील पूंजी का 1.50% से अधिक है, तो बैंक में वेतनवृद्धि स्वतः रोक दी जाएगी। इसी कारण राज्य के सभी जिला सहकारी बैंकों में पिछले पाँच साल से वेतनवृद्धि और महंगाई भत्ता रोका गया। पूरे प्रदेश और अन्य राज्यों पर असर चूंकि सहकारिता राज्य का विषय है और वेतनवृद्धि एवं सेवा-नियम राज्य के अंतर्गत आते हैं, पंजीयक को अधिकार है। यदि सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की अपील के बावजूद कर्मचारियों के पक्ष में फैसला आता है, तो इसका असर सभी राज्यों में पंजीयक के अधिकार पर पड़ेगा। बकाया राशि का विवरण कुलदीप शर्मा, सहकारी पंजीयक और अध्यक्ष, जिला सहकारी बैंक ने कहा कि “यह मामला वेतनवृद्धि और सेवा नियमों से जुड़ा है। कोर्ट के फैसले की समीक्षा के बाद जल्द समाधान किया जाएगा।” देवेंद्र पांडेय, याचिकाकर्ता कर्मचारी ने कहा कि “यह सहकारिता अधिनियम के विपरीत है। डॉ. अमलोर पवनाथ कमेटी की सिफारिश में केवल नई भर्ती पर रोक का जिक्र है, न कि वेतनवृद्धि या महंगाई भत्ते पर।”

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टीएस सिंहदेव बोले- एक दिन के लिए CM बनने को तैयार, शपथ अजय चंद्राकर के घर होगी

छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी CM टीएस सिंहदेव ने अजय चंद्राकर को धन्यवाद देते हुए कहा कि वह एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार हैं। सिंहदेव ने स्पष्ट किया कि अभी उन्हें CM नहीं बनाया गया है, बल्कि यह प्रस्ताव के तौर पर कहा गया है। उन्होंने कहा कि वह अजय चंद्राकर के घर शपथ ग्रहण के लिए जाएंगे, जहां अजय चंद्राकर शपथ की तैयारी कर रहे हैं। इस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मजाकिया अंदाज में कहा कि टीएस सिंहदेव केवल फिल्म जैसी परिस्थितियों में मुख्यमंत्री बन सकते हैं। उन्होंने कहा, “25-50 साल तक कांग्रेस के पास यह मौका नहीं है। जैसे फिल्म ‘नायक’ में अनिल कपूर एक दिन के लिए CM बने थे, वैसे ही बाबा सिर्फ फिल्मों में ही CM बन सकते हैं।” सिंहदेव ने कहा कि अजय चंद्राकर गवर्नर और CM साय से पहले से ही चर्चा कर चुके होंगे, ताकि इस्तीफे और मंजूरी की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके। उन्होंने अजय चंद्राकर के बारे में कहा कि वे अनुभवी और सुलझे हुए राजनेता हैं, लेकिन उनका अंदाज कभी-कभी मजाकिया भी होता है। सिंहदेव ने बिलासपुर में कहा था कि कांग्रेस सामूहिक नेतृत्व के तहत चुनाव लड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह कभी नहीं कहेंगे कि उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनना है। किसी भी नेता के लिए यह गलत होगा कि वह अपनी हसरत पूरी नहीं करे। अजय चंद्राकर ने अपने बयान में कहा था कि टीएस सिंहदेव को CM बनाकर सम्मान दिया जाएगा, क्योंकि कांग्रेस में उनकी महत्वाकांक्षा पूरी नहीं हो पाएगी। वहीं मंत्री जायसवाल ने इसे लेकर कहा कि भाजपा की 54 सीटें थीं और कांग्रेस के पास 72 सीटें, लेकिन उन्हें एक दिन के लिए भी CM नहीं बनाया गया। संक्षेप में, टीएस सिंहदेव ने एक दिन के लिए CM बनने की इच्छा व्यक्त की, शपथ अजय चंद्राकर के घर होगी, जबकि स्वास्थ्य मंत्री ने इसे फिल्मी अंदाज वाला बयान करार दिया।

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मनेंद्रगढ़ में केवई नदी में मिला नवजात शिशु का शव, पुलिस ने शुरू की जांच

मनेंद्रगढ़। ग्राम पंचायत ताराबहरा के पास केवई नदी में एक नवजात शिशु का शव तैरता हुआ मिला। यह शव कुछ ग्रामीणों ने मछली पकड़ते समय देखा। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा बनाकर जांच शुरू कर दी है। केल्हारी थाना प्रभारी टिकेश्वर यादव ने बताया कि घटना केल्हारी थाना क्षेत्र में हुई। कुछ ग्रामीण जब नदी में मछली पकड़ने गए थे, तभी उन्हें नवजात बच्चे का शव दिखाई दिया। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना जिला पंचायत सदस्य अनिता सिंह और सरपंच को दी। जिला पंचायत सदस्य के निर्देश पर केल्हारी पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी। पुलिस ने कहा कि शव की शिनाख्त और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

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रायपुर रेलवे स्टेशन पर कुलियों का प्रदर्शन समाप्त, प्रशासन ने मांगों पर दिया आश्वासन

रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में पिछले पांच दिनों से जारी कुलियों का आंदोलन समाप्त हो गया है। कुलियों को उनकी दो प्रमुख मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने प्रदर्शन वापस ले लिया। इस आंदोलन के कारण यात्रियों को थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब रेलवे स्टेशन की स्थिति सामान्य हो गई है। पोर्टर मजदूरों ने निजी बैटरी कार के संचालन के विरोध में पांच दिन तक विरोध प्रदर्शन किया। रेल प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के बाद उनकी दो मुख्य मांगों पर सहमति बन गई। कुलियों की प्रमुख मांगें: कुली एसोसिएशन के अध्यक्ष थानेश्वर साहू और संरक्षक दिनेश तरुण चटर्जी ने बताया कि मंडल रेल प्रबंधक ने दोनों मांगों को स्वीकार कर प्रमाणित घोषणापत्र प्रदान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया।

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खरोरा ब्रेकिंग: तिगड्डा चौक में नाबालिक युवक पर कार की टक्कर, चालक फरार

खरोरा, छत्तीसगढ़: आज दोपहर खरोरा के तिगड्डा चौक में एक दर्दनाक हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, एक नाबालिक युवक को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी और चालक मौके से फरार हो गया। घटना के तुरंत बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायल युवक को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक जानकारी के अनुसार बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कर दिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अगर किसी ने घटना के समय कुछ देखा हो या कोई सुराग मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। पुलिस कार्रवाई: जांच अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है। घायल नाबालिक की स्थिति की निगरानी के लिए डॉक्टरों की टीम तैनात है। यह घटना शहरवासियों में भय और चिंता का माहौल पैदा कर रही है। पुलिस घटना की गंभीरता को देखते हुए पूरे इलाके में जांच कर रही है और फरार चालक को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है।

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जशपुर, कोरबा और दंतेवाड़ा के लिए पीएम मोदी की नई कृषि योजनाएं: स्पेशल एक्शन प्लान और हर स्तर पर मॉनिटरिंग

कृषि क्षेत्र में पिछड़े जिलों को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दलहन आत्मनिर्भर मिशन और धन-धान्य कृषि योजना की शुरुआत की है। इन योजनाओं में छत्तीसगढ़ के जशपुर, कोरबा और दंतेवाड़ा को शामिल किया गया है। इन जिलों के लिए विशेष एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा और योजनाओं के क्रियान्वयन पर हर स्तर पर मॉनिटरिंग की जाएगी। 📌 100 जिलों में चयन देशभर में कुल 100 जिलों को चिन्हित किया गया है। नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय वर्चुअली इस कार्यक्रम में शामिल हुए, जबकि कृषि मंत्री, सांसद और विधायक भी उपस्थित रहे। 🌾 मुख्यमंत्री ने दी जानकारी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इन दो नई योजनाओं से कृषि और किसान की स्थिति में सुधार आएगा। उन्होंने कृषि विभाग के स्टालों का निरीक्षण किया और किसानों को ट्रैक्टर, कृषि उपकरण और अनुदान राशि प्रदान की। 💰 धन-धान्य और दलहन मिशन के लिए 41 हजार करोड़ प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि धन-धान्य कृषि योजना के लिए 30,000 करोड़ रुपए और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए 11,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा पशुपालन, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण सहित 1,100 से अधिक परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया। 🌱 जिलों के चयन का आधार 📝 एकीकृत योजना और मॉनिटरिंग योजना लागू करने से पहले इन जिलों में बेसलाइन सर्वे किया जाएगा। नीति आयोग इस कार्य में मदद करेगा। योजना में केंद्र और राज्य के 11 प्रमुख मंत्रालयों की योजनाओं को शामिल कर एकीकृत कार्ययोजना बनाई जाएगी। इसमें कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण, सहकारिता, ग्रामीण विकास, जल संसाधन, भूमि संसाधन, सूक्ष्म उद्योग और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रम शामिल होंगे। इस पहल से छत्तीसगढ़ के इन जिलों में कृषि उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय सुधारने और आर्थिक विकास को गति देने की उम्मीद जताई जा रही है।

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