Raipur

बिलासपुर रेल हादसा: सिग्नल फेल या लापरवाही? मालगाड़ी से टकराई मेमू ट्रेन, 11 की मौत – 25 घायल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मंगलवार दोपहर एक बड़ा रेल हादसा हो गया। कोरबा से बिलासपुर आ रही एक मेमू लोकल ट्रेन ने लालखदान स्टेशन के पास खड़ी मालगाड़ी को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मेमू ट्रेन का इंजन मालगाड़ी के कोयले से लदे वैगन पर चढ़ गया। इस भीषण दुर्घटना में लोको पायलट समेत 11 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक लोग घायल हुए हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि हादसे की वजह ऑटो सिग्नल फेल्योर या सिग्नल ओवरशूट हो सकती है। हालांकि रेलवे ने कहा है कि इसकी पुष्टि सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) की जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी। 200 यात्रियों में मचा हड़कंप, कई बोगियां क्षतिग्रस्त घटना के वक्त ट्रेन में लगभग 200 यात्री सवार थे। मेमू करीब 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही थी। टक्कर लगते ही बोगियों में अफरा-तफरी मच गई।प्रत्यक्षदर्शी नरेंद्र मौर्य ने बताया, “जोरदार धमाका हुआ तो हम घर से बाहर निकले। ट्रेन के पास पहुंचे तो यात्री घायल हालत में चिल्ला रहे थे। हमने घायलों को बाहर निकालकर एंबुलेंस में भेजा।” सीएम ने जताया दुख, राहत राशि का ऐलान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हादसे को दुखद बताते हुए मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है।वहीं, रेलवे मंत्रालय ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख, गंभीर रूप से घायलों को 5 लाख और सामान्य रूप से घायल यात्रियों को 1 लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया है। कवच सिस्टम की कमी पर उठे सवाल हादसे के बाद रेल सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ को लेकर सवाल उठने लगे हैं। देश में 15 हजार से ज्यादा इंजनों में से केवल 1,290 इंजनों में यह सिस्टम लगाया गया है, जबकि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) जोन में किसी भी इंजन में यह नहीं है।कवच सिस्टम ट्रेन की गति नियंत्रित कर टक्कर जैसी घटनाओं को रोकने में मदद करता है। इसे स्थापित करने की लागत करीब 80 से 90 लाख रुपए प्रति इंजन है। क्या है कवच सिस्टम? कवच एक ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम (ATP) है जो ट्रेन की गति सीमा और लोको पायलट की त्रुटियों पर स्वतः ब्रेक लगाता है। इससे ट्रेनें सिग्नल पार करने से पहले रुक जाती हैं और संभावित टक्कर से बचाव होता है। जांच शुरू, सिग्नल फेल या ओवरशूट – कारण की पुष्टि बाकी रेलवे के सीपीआरओ डॉ. सुष्कर विपुल विलास राव ने कहा कि हादसे की वजह की जांच कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी बीके मिश्रा करेंगे।विशेषज्ञों के अनुसार, यह दुर्घटना सिग्नल सिस्टम फेल या लोको पायलट की ओर से सिग्नल ओवरशूट की वजह से हो सकती है।

बिलासपुर रेल हादसा: सिग्नल फेल या लापरवाही? मालगाड़ी से टकराई मेमू ट्रेन, 11 की मौत – 25 घायल Read Post »

Bilashpur, Chhattisgarh, Crime, Raipur

सुकमा में नक्सलियों की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री तबाह, 17 राइफल और हथियार बनाने के उपकरण बरामद

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। जिले के गोमगुड़ा इलाके में डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व ग्रुप) के जवानों ने नक्सलियों द्वारा बनाई गई अवैध ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया है।जानकारी के अनुसार, सोमवार को मिले गोपनीय इनपुट के बाद डीआरजी की टीम ने जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें यह फैक्ट्री मिली। फैक्ट्री से 17 चालू राइफलें, हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले मशीन, टूल्स, गन पार्ट्स और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच से पता चला है कि नक्सलियों ने इस फैक्ट्री का इस्तेमाल अपनी सशस्त्र ताकत बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर कंट्रीमेड हथियार तैयार करने के लिए किया था। नक्सलियों का नया वीडियो वायरल: डीआरजी जवानों को बताया ‘गद्दार’ दंतेवाड़ा जिले से एक नया नक्सली वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें नक्सली गोंडी भाषा में गीत गाकर डीआरजी जवानों को ‘गद्दार’ कह रहे हैं। वीडियो में कांकेर और जगदलपुर में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के दृश्य भी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, नक्सली अब अपने साथियों को आत्मसमर्पण से रोकने के लिए प्रचार अभियान चला रहे हैं। इसके तहत एरिया कमेटियों से चेतावनी पत्र जारी किए जा रहे हैं और नाट्य मंडलियों के जरिए गांवों में प्रचार किया जा रहा है ताकि ग्रामीणों को प्रभावित किया जा सके। आत्मसमर्पण का बढ़ता सिलसिला पिछले एक साल में 545 नक्सलियों ने हिंसा छोड़ दी, जबकि 454 नक्सली गिरफ्तार किए गए। अलग-अलग मुठभेड़ों में 64 नक्सली मारे गए हैं। पुलिस लगातार बच बचे नक्सलियों पर दबाव बना रही है। सुकमा के एसपी किरण चव्हाण ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वालों को पूरी सुरक्षा, सम्मान और पुनर्वास योजना के तहत बेहतर जीवन व रोजगार प्रदान किया जाएगा। उन्होंने अपील की कि जो नक्सली मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, वे जल्द आत्मसमर्पण करें।

सुकमा में नक्सलियों की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री तबाह, 17 राइफल और हथियार बनाने के उपकरण बरामद Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, State

छत्तीसगढ़ में नई पहल: प्रधानमंत्री आवास के साथ अब मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना, तय समय में घर पूरा करने पर मिलेगा बोनस

छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) के साथ एक नई पहल की है — मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना। इस योजना के तहत यदि कोई लाभार्थी 18 महीने के भीतर अपना घर पूरा करता है, तो उसे राज्य सरकार की ओर से ₹32,850 का बोनस मिलेगा। इसके लिए सरकार ने ₹100 करोड़ का बजट भी स्वीकृत कर दिया है। मुख्यमंत्री की इस पहल का उद्देश्य शहरी गरीबों और महिलाओं के स्वामित्व वाले पक्के मकानों को बढ़ावा देना है। राज्य के 141 नगरीय निकायों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 11,282 मकान बनाए जाने हैं, जिनकी मंजूरी केंद्र सरकार ने 15 अक्टूबर को दी थी। इस योजना से छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र परिवार को अपना पक्का घर मिले, जिससे राज्य “हर घर पक्का घर” के लक्ष्य के करीब पहुंचे। योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रधानमंत्री आवास योजना में पहले से ही ₹2.5 लाख की सहायता राशि का प्रावधान है — अब मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना से अतिरिक्त ₹32,850 मिलेंगे, बशर्ते मकान का निर्माण 18 महीने के भीतर पूरा हो। चार चरणों में मिलेगी राशि योजना की राशि सीधे हितग्राहियों के खाते में चार किस्तों में भेजी जाएगी — प्रत्येक चरण की राशि जारी करने से पहले 70% फंड उपयोग की रिपोर्ट और उपयोगिता प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा। बिल्डिंग परमिशन अनिवार्य शर्त घर बनाने के लिए बिल्डिंग परमिशन केवल नगरीय निकाय द्वारा जारी की जाएगी। इसकी एक प्रति सूडा (राज्य शहरी विकास अभिकरण) को भेजना जरूरी होगा।मकान का कॉरपेट एरिया 30 से 45 वर्ग मीटर के बीच होना चाहिए, अन्यथा राशि जारी नहीं की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में नई पहल: प्रधानमंत्री आवास के साथ अब मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना, तय समय में घर पूरा करने पर मिलेगा बोनस Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, State, Top News

बिहार चुनाव में दिखेगा छत्तीसगढ़ मॉडल: 250 कार्यकर्ताओं की टीम पहुंची प्रचार में, 55 नेताओं ने संभाली कमान

रायपुर/पटना।बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग 6 नवंबर को होने वाली है। दिलचस्प बात यह है कि चुनाव भले बिहार में हो, लेकिन इसकी तैयारी छत्तीसगढ़ में पिछले आठ महीनों से चल रही थी।एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान के तहत भाजपा ने छत्तीसगढ़ के उन 8 जिलों—रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर, रायगढ़, जशपुर, अंबिकापुर, कोरबा और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी—में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए, जहां बिहार मूल के लोगों की बड़ी आबादी रहती है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य था बिहार के मतदाताओं तक “छत्तीसगढ़ मॉडल” की सफलता पहुंचाना। लोगों को बताया गया कि भाजपा की सरकार बनने पर बिहार का विकास छत्तीसगढ़ की तरह तेज़ी से कैसे हो सकता है। बिहार पहुंचे छत्तीसगढ़ के 250 प्रचारक इस अभियान के तहत 250 स्थानीय स्वयंसेवक तैयार किए गए जो अब बिहार जाकर भाजपा के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। ये लोग गांव-गांव जाकर मतदाताओं से संवाद कर रहे हैं और “विकसित बिहार” का संदेश दे रहे हैं। भाजपा संगठन ने भी बिहार में पूरी रणनीति के साथ डेरा डाला है। छत्तीसगढ़ भाजपा नेताओं की बड़ी जिम्मेदारी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, मुख्य प्रवक्ता संतोष पांडेय, और हेमंत पाणिग्रही समेत कई वरिष्ठ नेता बिहार में सक्रिय हैं।सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक महस्के सोशल मीडिया कैंपेन की कमान संभाले हुए हैं।वहीं, नान अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव को सिवान, गोपालगंज और छपरा जिलों का जिम्मा दिया गया है।अपेक्स बैंक अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता पश्चिम और पूर्वी चंपारण की 21 विधानसभा सीटों का नेतृत्व कर रहे हैं। ‘महतारी वंदन’ से ‘नई उद्योग नीति’ तक चर्चा में छत्तीसगढ़ मॉडल छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद शुरू की गई योजनाएं जैसे महतारी वंदन योजना, नई उद्योग नीति, और गरीबों के लिए आवास योजनाएं—इन सबका प्रचार बिहार में जोरों से किया जा रहा है।नेताओं का दावा है कि एनडीए की सरकार बनने के बाद राज्य और केंद्र का समन्वय विकास को नई दिशा देता है। उदाहरण के तौर पर बताया जा रहा है कि पीएम आवास योजना में कांग्रेस शासन के दौरान रुके मकानों का निर्माण भाजपा सरकार आने के बाद तेजी से हुआ। मंत्री और विधायक भी मैदान में बिहार चुनाव प्रचार में छत्तीसगढ़ के कई मंत्री और विधायक सक्रिय हैं।गजेंद्र यादव और लखनलाल देवांगन को बिहार चुनाव की कमान सौंपी गई है।मुख्यमंत्री की दो सभाएं पहले ही वहां आयोजित की जा चुकी हैं, जबकि उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा भी लगातार प्रचार में जुटे हैं।इसके अलावा विधायक सुशांत शुक्ला और भावना बोहरा भी लगातार बिहार में रहकर भाजपा प्रत्याशियों के लिए जनसंपर्क कर रहे हैं।

बिहार चुनाव में दिखेगा छत्तीसगढ़ मॉडल: 250 कार्यकर्ताओं की टीम पहुंची प्रचार में, 55 नेताओं ने संभाली कमान Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, Top News

20 नवंबर को छत्तीसगढ़ आएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू:अंबिकापुर में जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में होंगी शामिल; मंत्री की निगरानी में तैयारी शुरू

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 20 नवंबर को छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगी। वे अंबिकापुर में आयोजित भगवान बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर होने वाले जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। उनके आगमन को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस वर्ष जनजातीय गौरव दिवस छत्तीसगढ़ में विशेष भव्यता के साथ मनाया जाएगा। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती हर साल 15 नवंबर को पूरे देश में जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाई जाती है। अंबिकापुर में दो दिवसीय भव्य आयोजन जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर 19 और 20 नवंबर को अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति होगी, जो प्रदेश के आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों और नागरिकों से सीधे संवाद करेंगी। मंत्री नेताम की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर 3 नवंबर को नवा रायपुर में आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई।बैठक में प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, संयुक्त सचिव बी.एस. राजपूत, अपर संचालक संजय गौड़, नोडल अधिकारी गायत्री नेताम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।सरगुजा संभाग के सभी जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े। जनजातीय संस्कृति की झलक पेश करने के निर्देश मंत्री नेताम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय परंपराएं, लोककला, नृत्य और संगीत की झलक अवश्य दिखनी चाहिए।उन्होंने कहा कि आयोजन ऐसा हो जो प्रदेश की जनजातीय अस्मिता, गौरव और संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाए। पीएम मोदी की पहल से शुरू हुआ जनजातीय गौरव दिवस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर, बिहार के जमुई में आयोजित समारोह में 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।इसी अवसर पर उन्होंने बिरसा मुंडा के सम्मान में स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया था। अंबिकापुर में दिखेगी जनजातीय परंपराओं की भव्यता अंबिकापुर में होने वाला यह आयोजन न केवल छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदायों की संस्कृति और पहचान को उजागर करेगा, बल्कि पूरे देश में प्रदेश की लोक कला और परंपराओं की गूंज पहुंचाएगा।राज्य सरकार और प्रशासन इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक और यादगार बनाने की दिशा में जुटे हुए हैं।

20 नवंबर को छत्तीसगढ़ आएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू:अंबिकापुर में जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में होंगी शामिल; मंत्री की निगरानी में तैयारी शुरू Read Post »

Chhattisgarh, Political, Raipur, Top News

स्पा सेंटर डकैती कांड में एक और आरोपी गिरफ्तार: कारोबारी से ATM में निकलवाए थे पैसे, पुलिस ने सिमगा से पकड़ा

राजधानी रायपुर के चर्चित कल्चरल वेलनेस स्पा सेंटर डकैती कांड में पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। न्यू राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने फरार आरोपी प्रथम अग्रवाल (32 वर्ष) को सिमगा से गिरफ्तार किया है। आरोपी से घटना में इस्तेमाल की गई बाइक और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। बता दें कि यह वारदात 25 अक्टूबर की रात हुई थी, जब स्पा सेंटर में घुसकर आरोपियों ने संचालक और कर्मचारियों को बंधक बनाया था। उन्होंने गल्ले से 20 हजार रुपए नगद लूटे और कारोबारी को धमकाकर ATM से 50 हजार रुपए नगद और क्रेडिट कार्ड स्वाइप कर 50 हजार रुपए और निकलवाए थे। इस तरह कुल 1.20 लाख रुपए की डकैती को अंजाम दिया गया। आठ आरोपियों ने मिलकर दिया था वारदात को अंजाम पुलिस के अनुसार, 26 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे आठ अज्ञात आरोपियों ने न्यू राजेंद्र नगर स्थित कल्चरल वेलनेस स्पा सेंटर में धावा बोला था। आरोपियों ने कर्मचारियों से मारपीट कर उन्हें बंधक बनाया और सेंटर का CCTV DVR भी साथ ले गए, ताकि वारदात के सबूत मिटाए जा सकें। अब तक चार आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे इस मामले में पुलिस पहले ही तीन आरोपियों—धनराज चौधरी उर्फ हनी, गुरविंदर सिंह और नवजोत सिंह भामरा—को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब चौथा आरोपी प्रथम अग्रवाल भी पकड़ में आ गया है। थाना प्रभारी के अनुसार, सटीक सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने सिमगा में दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपराध में शामिल होने की बात स्वीकार की है। बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी पुलिस ने बताया कि बाकी फरार आरोपियों की पहचान हो चुकी है और जल्द उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। DVR की बरामदगी और बाकी आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।थाना प्रभारी ने कहा कि — “किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा। सभी को जल्द जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।”

स्पा सेंटर डकैती कांड में एक और आरोपी गिरफ्तार: कारोबारी से ATM में निकलवाए थे पैसे, पुलिस ने सिमगा से पकड़ा Read Post »

Chhattisgarh, Crime, Raipur

नवा रायपुर एयर शो में उमड़ी भीड़: 5 किमी लंबा जाम, फाइटर जेट्स दिखा रहे आसमान में दमदार करतब

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के मौके पर नवा रायपुर के सेंध तालाब के ऊपर आज भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम ने जबरदस्त एयर शो का आयोजन किया। कार्यक्रम सुबह 10:40 बजे से शुरू होकर दोपहर 12 बजे तक चलेगा। इस दौरान हजारों की भीड़ जुटी और तेलीबांधा से सेंध लेक रोड तक करीब 5 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। यहां तक कि वीआईपी वाहन भी इस जाम में फंसे नजर आए। इस शानदार शो में 9 हॉक एमके-132 फाइटर जेट्स ने एक साथ आसमान में उड़ान भरते हुए ‘बॉम्ब बर्स्ट’, ‘हार्ट इन द स्काई’ और ‘एरोहेड’ जैसी आकर्षक फॉर्मेशन पेश कीं। शो की कमान ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी के हाथों में टीम का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी कर रहे हैं, जिन्होंने बताया कि ऐसे शो को सफल बनाने में अनुशासन और टीमवर्क की बड़ी भूमिका होती है। वे अब तक 50 से अधिक एयर शो कर चुके हैं। छत्तीसगढ़ के ही स्क्वॉड्रन लीडर गौरव पटेल, जो महासमुंद जिले से हैं, भी इस टीम का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा— “यह मेरे लिए गर्व का क्षण है कि मैं अपनी ही धरती पर उड़ान भर रहा हूं। जब हमारे जेट आसमान में तिरंगा बनाते हैं, तो अपने आप देशभक्ति की भावना जाग जाती है।” ‘वॉयस ऑफ द स्काई’ होंगी फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू एयर शो के दौरान कमेंट्री की जिम्मेदारी फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि वे चाहती हैं छत्तीसगढ़ की बेटियां समझें कि महिला होना कमजोरी नहीं, बल्कि शक्ति है।कंवल संधू दर्शकों और उड़ते विमानों के बीच सेतु बनेंगी ताकि लोगों तक हर रोमांचक पल की जानकारी पहुंच सके। फ्लाइट्स री-शेड्यूल, रनवे 2 घंटे बंद एयर शो के चलते रायपुर एयरपोर्ट में सुबह 10:40 से दोपहर 12 बजे तक नो-फ्लाइंग जोन लागू किया गया। इस दौरान किसी भी फ्लाइट की लैंडिंग या टेकऑफ नहीं हुई। दिल्ली, लखनऊ, भुवनेश्वर और हैदराबाद जाने वाली कुल 5 उड़ानें री-शेड्यूल की गई हैं। हॉक एमके-132 जेट्स से हुआ प्रदर्शन इस शो में इस्तेमाल किए गए हॉक एमके-132 जेट्स अत्याधुनिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट हैं। ये जेट्स प्रशिक्षण के साथ-साथ युद्ध के समय भी सक्षम हैं, जिनमें 30 मिमी तोप और मिसाइलें लगाने की क्षमता होती है। फ्री एंट्री और बस सुविधा आम नागरिकों के लिए एयर शो में फ्री एंट्री रखी गई है। साथ ही रायपुर शहर से नवा रायपुर राज्योत्सव स्थल तक आने-जाने के लिए 4 और 5 नवंबर को फ्री बस सेवा भी उपलब्ध कराई गई है।बसें सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक और शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक विभिन्न स्थानों से चलेंगी — जिनमें रायपुर रेलवे स्टेशन, तेलीबांधा चौक, साइंस कॉलेज और भाठागांव बस स्टैंड शामिल हैं।

नवा रायपुर एयर शो में उमड़ी भीड़: 5 किमी लंबा जाम, फाइटर जेट्स दिखा रहे आसमान में दमदार करतब Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, Top News, Uncategorized

रायपुर में नाबालिग की हत्या से मचा बवाल: जुआ खेलने से इंकार पर चाकू से हमला, कॉलोनी में तनाव

रायपुर के कचना इलाके की बीएसयूपी कॉलोनी रविवार शाम उस वक्त दहशत में आ गई जब 15 साल के नाबालिग की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया। भीड़ ने आरोपी के घर को घेर लिया और आगजनी की कोशिश की। पुलिस ने हालात संभालने के लिए इलाके में भारी बल तैनात किया है। जुआ खेलने से मना किया, तो कर दी हत्या जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब 7 बजे विवेक तांड़ी (16) अपने बड़े भाई सुमीत तांड़ी (22) के साथ बाजार जा रहा था। रास्ते में कॉलोनी निवासी कृष्ण देवार नगराहा उर्फ तोडू (22) मिला और विवेक से जुआ खेलने की जिद करने लगा। विवेक के मना करने पर कृष्ण भड़क गया और चाकू निकालकर विवेक पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।बीच-बचाव करने पहुंचे सुमीत पर भी हमला किया गया, जिससे उसके हाथ में चोट आई। दोनों भाइयों को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान विवेक की मौत हो गई। आरोपी पहले भी खेल चुका था जुआ, हार से था नाराज पुलिस जांच में पता चला कि कॉलोनी में पिछले कई दिनों से त्योहारों के दौरान जुआ खेला जा रहा था। शनिवार की रात हुए खेल में विवेक और सुमीत ने पैसा जीता था, जबकि कृष्ण हार गया था। इसी रंजिश में उसने अगली शाम विवेक पर हमला कर दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हत्या के बाद कॉलोनी में भड़का गुस्सा विवेक की मौत की खबर फैलते ही कॉलोनी के लोगों में गुस्सा भड़क उठा। भीड़ ने आरोपी के घर को घेर लिया और बाहर रखे सामान में आग लगा दी। मौके पर पहुंची पुलिस को भीड़ ने घेर लिया और आरोपी को सौंपने की मांग की। सोमवार रात तक इलाके में तनाव बना रहा, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया। राजधानी में बढ़ रहे हैं हत्या के मामले रायपुर में बीते एक महीने में कई हत्या की घटनाएं सामने आई हैं — लगातार बढ़ती वारदातों से राजधानी की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

रायपुर में नाबालिग की हत्या से मचा बवाल: जुआ खेलने से इंकार पर चाकू से हमला, कॉलोनी में तनाव Read Post »

Chhattisgarh, Crime, Raipur

नक्सलियों पर अंतिम वार की तैयारी: बस्तर के 50 गांवों में चलेगा स्पेशल ऑपरेशन, जवानों की छुट्टियां रद्द

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में अब सुरक्षाबलों ने निर्णायक अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। सुकमा, बीजापुर, कांकेर और नारायणपुर जिलों के कई इलाकों में नक्सली गतिविधियों को खत्म करने के लिए फोर्स अब पूरे संगठन के सफाए के मिशन पर काम कर रही है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मिशन 2026 के तहत नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन की तय समयसीमा में अब सिर्फ पांच महीने बचे हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां बस्तर के 50 चुनिंदा गांवों को फोकस एरिया बनाकर बड़े पैमाने पर ऑपरेशन शुरू करने जा रही हैं। बीजापुर से होगी शुरुआत, 10 टीमें मैदान में उतरेंगी सूत्रों के अनुसार, इस निर्णायक ऑपरेशन की शुरुआत बीजापुर जिले से होगी। इसके लिए डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व ग्रुप) के जवानों की 10 से अधिक टीमें तैयार की गई हैं, जिनमें नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बस्तर और सुकमा के जवान शामिल हैं।इन टीमों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं और उन्हें अगले आदेश तक फील्ड ड्यूटी पर बने रहने के निर्देश दिए गए हैं। अबूझमाड़ जैसे बड़े ऑपरेशन की फिर तैयारी हाल के महीनों में फोर्स ने अबूझमाड़ और कर्रेगुट्टा में सफल अभियानों को अंजाम दिया था। अबूझमाड़ में नक्सली संगठन के महासचिव बसवा राजू के एनकाउंटर के बाद यह अभियान सबसे बड़ी सफलता माना गया था।वहीं कर्रेगुट्टा में कुख्यात नक्सली हिड़मा को पकड़ने की कोशिश के दौरान उसके 31 साथियों को ढेर किया गया था। अब फोर्स उसी स्तर का एक और व्यापक अभियान लॉन्च करने की तैयारी में है। केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर निगरानी जानकारी के मुताबिक, इस ऑपरेशन की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ साझा की गई है और दोनों स्तरों से इसकी बारीकी से निगरानी की जा रही है। हालांकि, फिलहाल अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर किसी नए ऑपरेशन की पुष्टि नहीं की है।

नक्सलियों पर अंतिम वार की तैयारी: बस्तर के 50 गांवों में चलेगा स्पेशल ऑपरेशन, जवानों की छुट्टियां रद्द Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, State

बिना सर्टिफिकेट चल रहीं लाखों गाड़ियां: रायपुर में 30% वाहनों के पास नहीं है पीयूसी कार्ड, जांच व्यवस्था ठप

रायपुर में हर साल वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन प्रदूषण जांच प्रणाली उसी अनुपात में कमजोर पड़ती जा रही है। राजधानी में फिलहाल 20 लाख से अधिक वाहन रजिस्टर्ड हैं, जिनमें से लगभग 30% के पास प्रदूषण नियंत्रण (PUC) सर्टिफिकेट नहीं है। नियमों के मुताबिक हर वाहन को एक साल में कम से कम एक बार प्रदूषण जांच कराना जरूरी है, लेकिन आरटीओ और ट्रैफिक विभाग की ओर से अब जांच अभियान लगभग बंद हो गया है। इस कारण वाहन मालिक भी लापरवाह हो गए हैं। पिछले दो साल में रायपुर में केवल ढाई लाख वाहनों ने ही पीयूसी सर्टिफिकेट बनवाया है, जिसमें अधिकतर संख्या चार पहिया वाहनों की है। भारी वाहनों में सख्ती, दोपहिया सबसे पीछे राज्य के बाहर जाने वाले मालवाहक वाहन पीयूसी कार्ड इसलिए बनवा रहे हैं क्योंकि बॉर्डर पर इसकी जांच होती है और सर्टिफिकेट नहीं होने पर भारी जुर्माना लगता है। वहीं, शहर में चलने वाले दोपहिया वाहन मालिक इस नियम को नजरअंदाज कर रहे हैं। जुर्माना 1 हजार से 10 हजार तक मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार, पीयूसी कार्ड नहीं होने पर वाहन मालिकों पर 1,000 से लेकर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। गंभीर मामलों में लाइसेंस निलंबन और कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान है। रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: आधुनिक वाहनों से भी प्रदूषण जारी अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ परिवहन परिषद (ICCT) की रिपोर्ट के अनुसार, नए इंजन वाले वाहनों से भी ग्रीन हाउस गैसों में खास कमी नहीं आई है। डीजल इंजन कार्बन और सल्फर उत्सर्जन को बढ़ा रहे हैं। पीयूसी जांच भी सूक्ष्म कण (PM 2.5) और गैसीय उत्सर्जन का पूरा आकलन नहीं कर पाती। 15 साल पुरानी गाड़ियां भी ले रहीं परमिट रायपुर में करीब तीन लाख वाहन 15 साल से अधिक पुराने हैं, जिनमें से अधिकांश के पास पीयूसी कार्ड नहीं है। हैरानी की बात यह है कि ऐसी गाड़ियों को भी परमिट जारी किए जा रहे हैं। अधिकांश पेट्रोल पंपों ने अब तक प्रदूषण जांच केंद्र नहीं खोले हैं, जबकि नियमों के अनुसार उन्हें ऐसा करना अनिवार्य है। दिल्ली और राजस्थान जैसे राज्यों में 15 साल पुराने वाहनों पर सख्ती है और उन्हें ईंधन देने पर रोक है, लेकिन छत्तीसगढ़ में इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यही कारण है कि प्रदूषण जांच व्यवस्था यहां केवल कागजों तक सीमित रह गई है।

बिना सर्टिफिकेट चल रहीं लाखों गाड़ियां: रायपुर में 30% वाहनों के पास नहीं है पीयूसी कार्ड, जांच व्यवस्था ठप Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, State
Scroll to Top