Raipur

80 करोड़ के फर्जी बिल, 14 करोड़ की GST चोरी: DGGI ने रायपुर से कारोबारी को किया गिरफ्तार

रायपुर में वस्तु एवं सेवा कर (GST) चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की रायपुर जोनल यूनिट ने करीब 80 करोड़ रुपये के फर्जी इनवॉइस बनाकर 14 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी करने के आरोप में कारोबारी संतोष वाधवानी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को 29 जनवरी की रात लगभग 9 बजे रायपुर से हिरासत में लिया गया। DGGI की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपने बेटे के नाम पर रजिस्टर्ड फर्म मेसर्स विजय लक्ष्मी ट्रेड कंपनी का संचालन किया और इसी फर्म के माध्यम से बिना किसी वास्तविक माल या सेवा की आपूर्ति किए फर्जी इनवॉइस जारी किए। इन इनवॉइस के आधार पर गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ उठाया गया, जिससे सरकारी खजाने को करीब 14 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई खुफिया इनपुट और उन्नत डेटा एनालिटिक्स के आधार पर की गई। जांच के दौरान बैंक स्टेटमेंट, ई-वे बिल डेटा और अन्य वित्तीय लेन-देन का गहन विश्लेषण किया गया, जिससे पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जांच में स्पष्ट हुआ कि इन लेन-देन के पीछे कोई वास्तविक व्यापारिक गतिविधि नहीं थी। आरोपी के खिलाफ CGST अधिनियम, 2017 की धारा 69 के तहत गिरफ्तारी की गई है। यह अपराध अधिनियम की धारा 132 के अंतर्गत दंडनीय है। गिरफ्तारी के बाद संतोष वाधवानी को रायपुर जिला न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में रायपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया। DGGI रायपुर जोनल यूनिट ने स्पष्ट किया है कि GST चोरी और अवैध वित्तीय गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग ने कारोबारियों से GST कानूनों का सख्ती से पालन करने की अपील करते हुए चेतावनी दी है कि फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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180 दिन की निगरानी के बाद DRI की बड़ी कार्रवाई: रायपुर एयरपोर्ट से नाइजीरियन ड्रग पैडलर गिरफ्तार

रायपुर में डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। नाइजीरिया से कोकीन लाकर छत्तीसगढ़ में सप्लाई करने वाले एक नाइजीरियन नागरिक को रायपुर एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान हेनरी टोकहूक्यू के रूप में हुई है, जो नवा रायपुर की एक निजी यूनिवर्सिटी में छात्र था। DRI अधिकारियों ने आरोपी के पास से 245 ग्राम कोकीन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1.50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। एजेंसी के मुताबिक आरोपी बीते छह महीने से उनकी रडार पर था और 180 दिनों की लगातार रेकी के बाद उसे रंगे हाथों पकड़ा गया। छात्रों को बनाता था निशाना, सिंडिकेट बनाकर करता था सप्लाई जांच में सामने आया है कि आरोपी सिर्फ ड्रग्स लाने तक सीमित नहीं था, बल्कि उसने स्थानीय स्तर पर एक नेटवर्क तैयार कर लिया था। वह निजी कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को निशाना बनाकर कोकीन की सप्लाई करता था और केवल भरोसेमंद लोगों के जरिए ही सौदा करता था। ऐसे खुला पूरा खेल DRI को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि रायपुर के कुछ निजी कॉलेजों में पढ़ने वाले विदेशी छात्र नशे के कारोबार में शामिल हैं। मार्च 2025 से एजेंसी ने ऐसे छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू किया और संदिग्धों की एक सूची बनाई गई। जुलाई 2025 में हेनरी टोकहूक्यू का नाम सामने आया। इसके बाद DRI ने उसके संपर्कों, कॉल पैटर्न और गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी। उसके कुछ ग्राहकों को विश्वास में लेकर एजेंसी ने नेटवर्क की जानकारी जुटाई। एयरपोर्ट पर दबोचा गया आरोपी 28 जनवरी 2026 को DRI को पुख्ता सूचना मिली कि आरोपी नाइजीरिया से ड्रग्स लेकर रायपुर पहुंचने वाला है। सूचना मिलते ही DRI ने एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ मिलकर घेराबंदी की और रायपुर एयरपोर्ट परिसर में ही आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके बैग से कोकीन बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने अपने कुछ साथियों के नाम भी बताए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। यूनिवर्सिटी में रहकर चला रहा था नेटवर्क DRI के अनुसार, हेनरी पिछले तीन साल से नवा रायपुर स्थित श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी में बीएसडब्ल्यू (बैचलर ऑफ सोशल वर्क) की पढ़ाई कर रहा था और यूनिवर्सिटी हॉस्टल में रहता था। कुछ समय पहले वह नाइजीरिया गया था और लौटते वक्त ड्रग्स लेकर आया। एजेंसी को शक है कि यह खेप रायपुर, भिलाई और संभवतः नागपुर तक सप्लाई की जानी थी। मोबाइल से मिले अहम सबूत DRI ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। फोन से चैट्स, कॉल रिकॉर्ड और लेनदेन से जुड़े सबूत मिले हैं। कार्रवाई वाले दिन जिन लोगों से आरोपी संपर्क में था, उन्हें नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। प्रदेश में 100 से ज्यादा विदेशी छात्र जांच एजेंसियों के मुताबिक रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में विभिन्न विश्वविद्यालयों में 100 से अधिक विदेशी छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। आरोपी के संपर्क सिर्फ एक यूनिवर्सिटी तक सीमित नहीं थे, बल्कि कुछ अन्य निजी संस्थानों से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है। 2025 में ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई साल 2025 में रायपुर पुलिस और अन्य एजेंसियों ने ड्रग्स नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की थी। विशेष अभियानों के तहत 271 मामलों में 445 आरोपियों को गिरफ्तार कर 2.78 करोड़ रुपये से ज्यादा की नशीली सामग्री जब्त की गई थी। जब्त किए गए पदार्थों में गांजा, अफीम, ब्राउन शुगर, हेरोइन, चरस, एमडीएमए, कोकीन, नशीली गोलियां, सिरप और मैजिक मशरूम शामिल थे।

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रायपुर में लेट नाइट गश्त: पुलिस ने पकड़े 23 संदिग्ध, तलाशी में बरामद चाकू और तलवार

रायपुर: राजधानी में सुरक्षा कड़ी करने के लिए पुलिस ने देर रात विशेष अभियान चलाया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर शहर के सभी थाना क्षेत्रों में रात्रि गश्त बढ़ाई गई, ताकि अपराध को होने से पहले ही रोका जा सके। 28-29 जनवरी की रात अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (वेस्ट जोन) राहुल देव शर्मा और सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली दीपक मिश्रा के नेतृत्व में विभिन्न इलाकों में गश्त की गई। इस दौरान थाना प्रभारियों और पुलिस टीमों ने संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की। 23 संदिग्ध पकड़े गए चेक पोस्ट और सघन जांच पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शहर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए रात्रि गश्त और सघन जांच अभियान लगातार जारी रहेगा।

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CSEB में नए बिजली कनेक्शन के नाम पर साइबर ठगी, उपभोक्ताओं को कंपनी ने किया सतर्क

रायपुर: छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) ने उपभोक्ताओं को साइबर ठगी के प्रति सावधान किया है। हाल ही में, कंपनी के नाम पर व्हाट्सएप के जरिए नए बिजली कनेक्शन का भुगतान करने और APK फाइल भेजने के मामले सामने आए हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि नए कनेक्शन या किसी भी भुगतान के लिए वह कभी भी व्हाट्सएप पर APK फाइल नहीं भेजती और न ही 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर से कोई लिंक या संदेश भेजती है। ऐसे किसी भी संदिग्ध संदेश को डाउनलोड या क्लिक न करने की सलाह दी गई है। साइबर ठगी के तरीके कंपनी के कार्यपालक निदेशक (ऊर्जा एवं आईटी) वी.के. साय ने बताया कि कुछ जिलों में उपभोक्ताओं को नकली APK फाइल भेजी गई, जिसे डाउनलोड करने के बाद मोबाइल हैक हो गया और बैंक खातों से पैसे चोरी हो गए। ऐसे मामलों की शिकायतें पुलिस में दर्ज कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी बिजली कनेक्शन काटने या नया कनेक्शन देने के नाम पर उपभोक्ताओं को ठगने का प्रयास कर रहे हैं। इसलिए, बिजली से संबंधित भुगतान केवल निर्धारित और अधिकृत माध्यमों से ही करें। आधिकारिक संपर्क और सुरक्षा उपाय CSPDCL ने बताया कि वह संदेश भेजने के लिए केवल CSPDCL-S सेंडर आईडी का उपयोग करती है। भुगतान की सुविधा केवल संबंधित बिजली कार्यालय, ATP केंद्र, Mor Bijli App या कंपनी की अधिकृत वेबसाइट पर उपलब्ध है। संपर्क और जानकारी के लिए उपभोक्ता केंद्रीकृत कॉल सेंटर 1912 या नजदीकी वितरण केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।

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छत्तीसगढ़ कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को दिल्ली तलब: खड़गे-राहुल संग अहम बैठक आज, आंदोलनों की बनेगी रणनीति

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की एक अहम बैठक आज दिल्ली में होने जा रही है। यह बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ एआईसीसी मुख्यालय में शाम 5 बजे आयोजित की जाएगी। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख नेताओं को विशेष रूप से दिल्ली बुलाया गया है। बैठक में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत शामिल होंगे। इनके अलावा दिल्ली पहुंचे अन्य प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारी भी इस बैठक का हिस्सा रहेंगे। संगठन और जनहित के मुद्दों पर मंथन पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस उच्चस्तरीय बैठक में संगठनात्मक नियुक्तियों, आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और मनरेगा व एसआईआर जैसे अहम जनहित से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में राज्यभर में होने वाले विरोध प्रदर्शन, धरना और आंदोलन की रूपरेखा भी इसी बैठक में तय की जा सकती है। राहुल गांधी की अध्यक्षता में होगी बैठक राहुल गांधी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ में कांग्रेस संगठन को मजबूत करना और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के मद्देनज़र पार्टी की रणनीति को धार देना है। बैठक में यह भी तय होगा कि किन जिलों और क्षेत्रों में कांग्रेस को ज्यादा सक्रियता दिखानी है और किन मुद्दों को जनता के बीच प्राथमिकता से उठाया जाएगा। दीपक बैज और महंत पेश करेंगे रिपोर्ट पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बैठक में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत संगठन की मौजूदा स्थिति और जमीनी फीडबैक पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। वहीं, भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव की मौजूदगी को रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है, क्योंकि दोनों नेताओं का अनुभव और जनाधार पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। आगामी आंदोलनों को मिलेगी दिशा इस बैठक के बाद कांग्रेस छत्तीसगढ़ में आने वाले आंदोलनों और राजनीतिक कार्यक्रमों की औपचारिक घोषणा कर सकती है। पार्टी का दावा है कि बैठक में लिए गए फैसले केवल नेतृत्व तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उनका सीधा असर कार्यकर्ताओं और आम जनता तक पहुंचेगा। कुल मिलाकर, आज की यह बैठक छत्तीसगढ़ कांग्रेस के लिए रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है और इसके नतीजे आने वाले हफ्तों में प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों की दिशा तय कर सकते हैं।

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मैं टोनही नहीं हूं 20–21 साल से इंसाफ की लड़ाई, कोई कोर्ट में भटक रही तो कोई समाज से जूझ रही

छत्तीसगढ़ में आज भी कई महिलाएं “टोनही” (डायन) का ठप्पा लगने के बाद अमानवीय यातनाएं झेलने को मजबूर हैं। किसी की आंखें फोड़ दी गईं, किसी को घर से बेदखल कर दिया गया, तो किसी को गांव से बहिष्कृत कर दिया गया। इन पीड़ित महिलाओं का संघर्ष केवल हमलावरों से नहीं, बल्कि समाज और व्यवस्था दोनों से है—और यह संघर्ष 20 से 21 सालों से जारी है। एक पीड़िता श्याम बाई जब अपने घर की खाट पर बैठी मिलीं, तो उन्होंने दर्द भरी आवाज में कहा—“मुझे टोनही कहकर मारा गया, पीटा गया। मेरी और मेरे पति की आंखें फोड़ दी गईं। घर छीन लिया गया, लेकिन आरोपी खुले घूम रहे हैं।” उनके गांव की दीवारों पर आज भी चेतावनी लिखी है—महिला को मारने पर जेल होगी, टोनही कहने पर 13 साल की सजा—लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। पुनर्वास को लेकर कोई ठोस व्यवस्था नहीं सामाजिक संगठनों का कहना है कि राज्य में टोनही पीड़ित महिलाओं के पुनर्वास के लिए अब तक कोई ठोस सरकारी नीति नहीं बनी है। इसी वजह से मांग उठ रही है कि कम से कम पीड़िताओं को न्याय के साथ जीवन दोबारा शुरू करने का अवसर मिले। प्रमुख मांगें: डराने वाले आंकड़े, हकीकत और भी भयावह ये तो सिर्फ दर्ज मामले हैं, असल संख्या इससे कहीं ज्यादा बताई जाती है। विशेषज्ञों की राय: मुआवजे का अलग प्रावधान जरूरी डॉ. दिनेश मिश्रा, अध्यक्ष, अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति, कहते हैं कि टोनही प्रताड़ना के सैकड़ों मामले सालों से अदालतों में लंबित हैं। पीड़िताएं सामाजिक बहिष्कार और आर्थिक तंगी झेल रही हैं, लेकिन मुआवजे और पुनर्वास को लेकर कोई स्पष्ट योजना नहीं है।उनका सवाल है—जब सड़क हादसे, करंट या सांप के काटने पर मुआवजा मिल सकता है, तो टोनही जैसे गंभीर अपराध में क्यों नहीं? वहीं गजेंद्र सोनकर, सरकारी वकील (रायपुर कोर्ट) बताते हैं कि कानून में अधिकतम 5 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है, और जुर्माने से ही मुआवजा दिया जाता है। कानून सख्त है, लेकिन जागरूकता और प्रभावी क्रियान्वयन की भारी कमी है। 22 साल बाद भी इंसाफ अधूरा 17 नवंबर 2025 को रायपुर की अदालत ने गरियाबंद जिले के लचकेरा गांव की तीन पीड़ित महिलाओं को सूचना दी कि आरोपियों से वसूले गए जुर्माने से उन्हें 75-75 हजार रुपये मुआवजा मिलेगा। यह मामला 2003 का है, जब महिलाओं को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया गया, मारपीट की गई और अमानवीय यातनाएं दी गईं।22 साल बाद भी आरोपी बरी हैं और पीड़िताएं मुआवजे के लिए आज भी अदालतों के चक्कर काट रही हैं। क्या कहता है कानून? टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 के तहत: छत्तीसगढ़ में मामलों की गंभीरता को देखते हुए अलग कानून तो बना, लेकिन उसका असर अब तक जमीन पर पूरी तरह नहीं दिखा।

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सुबह पुलिस की रेड, शाम को फिर नशे का कारोबार: 10 रुपये में बिक रहा गोगो पेपर, चिलम भी आसानी से उपलब्ध

राजधानी रायपुर में नशे के खिलाफ पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाए जाने के बावजूद अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर के सेंट्रल, नॉर्थ और वेस्ट जोन के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में पुलिस की छापेमारी जारी है। अवैध शराब, गांजा, ड्रग्स और नशीली दवाइयों के तस्करों पर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद नशे का सामान खुलेआम बिकता नजर आ रहा है। कई इलाकों में नशीले पदार्थ सरेआम बेचे जा रहे हैं, जबकि कुछ जगहों पर चोरी-छिपे पुड़िया बनाकर सप्लाई की जा रही है। तस्कर पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए अब होम डिलीवरी जैसे तरीकों का भी सहारा ले रहे हैं। कई इलाकों में आसानी से मिला गोगो पेपर पुलिस की सख्ती के बीच शाम के समय राजातालाब, सड्डू, डंगनिया, टिकरापारा और रायपुरा क्षेत्रों में नशे से जुड़ा सामान खरीदने की कोशिश की गई, जहां गोगो पेपर आसानी से उपलब्ध मिला। इसका इस्तेमाल गांजा पीने के साथ-साथ अन्य नशीले पदार्थों के सेवन में भी किया जा रहा है। बाजार में गोगो पेपर 10 से 25 रुपये तक में बेचा जा रहा है। पुलिस कार्रवाई के बाद बढ़ी कीमतें पुलिस की लगातार कार्रवाई के चलते पहले 10 रुपये में मिलने वाला गोगो पेपर अब 25 से 30 रुपये में बिकने लगा है। पहले पान ठेलों और दुकानों में गांजा लपेटकर गोगो दिया जाता था, लेकिन अब कार्रवाई के डर से केवल पेपर ही बेचा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, गोगो बेचने वालों को पुलिस की रेड की जानकारी पहले ही मिल जाती है। पुलिस के पहुंचते ही दुकानें बंद कर दी जाती हैं और कार्रवाई खत्म होते ही फिर से खोल दी जाती हैं। चिलम और हुक्का सामान भी खुलेआम गोगो पेपर के अलावा कुम्हारों के पास आज भी मिट्टी की चिलम आसानी से मिल रही है। वहीं गोलबाजार क्षेत्र में चीनी मिट्टी और प्लास्टिक की चिलम भी खुलेआम बिक रही है। प्रतिबंध के बावजूद हुक्का का सामान और फ्लेवर भी कई दुकानों पर उपलब्ध है। रायपुर नॉर्थ जोन में बड़ी कार्रवाई, 9 दुकानें सील पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद रायपुर में नशे के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। बुधवार सुबह रायपुर नॉर्थ जोन में पुलिस ने एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान 9 दुकानों और पान ठेलों से गांजा सेवन में उपयोग होने वाला गोगो पेपर और हुक्का सामग्री बरामद की गई। पुलिस ने करीब 2 लाख रुपये मूल्य का सामान जब्त कर संबंधित दुकानों को सील कर दिया है। उरला-बीर्गांव और अन्य इलाकों में भी छापेमारी इसी तरह उरला-बीर्गांव क्षेत्र में पुलिस ने चार पान ठेलों और दुकानों पर कार्रवाई करते हुए गोगो पेपर जब्त किया। दुकानों को सील कर संचालकों पर कोटपा एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। खमतराई, उरला समेत अन्य इलाकों में भी कार्रवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि गोगो पेपर के जरिए गांजा सेवन और तस्करी को बढ़ावा मिल रहा है। नशेड़ी इसमें बीड़ी की तरह गांजा लपेटकर कश लगाते हैं। इसी वजह से पुलिस इस पर सख्ती से रोक लगाने में जुटी है।

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धान खरीदी को लेकर AAP का प्रदेशव्यापी चक्काजाम आज, 28 फरवरी तक तारीख बढ़ाने की मांग

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी आज प्रदेशभर में चक्काजाम करेगी और धान खरीदी की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026 तक बढ़ाने की मांग उठाएगी। AAP का आरोप है कि सरकार की नीतियों के कारण किसान आर्थिक संकट में फंस रहे हैं और कई किसान आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले किसानों से 31 जनवरी तक धान खरीदी का भरोसा दिलाया था, लेकिन अचानक 29 जनवरी से ही खरीदी बंद की जा रही है। इससे हजारों किसान अपनी उपज बेचने से वंचित रह गए हैं। छोटे किसानों पर जबरन रकबा समर्पण का आरोप AAP ने आरोप लगाया है कि सरकार द्वारा लाखों छोटे किसानों से दबाव बनाकर रकबा समर्पण कराया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि कई किसानों को अब तक धान बेचने का टोकन तक नहीं मिला, जिससे वे मंडियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि टोकन के नाम पर भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया अपनाकर किसानों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। इससे न सिर्फ खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, बल्कि किसानों में आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। रायपुर में NH-30 पर होगा चक्काजाम आम आदमी पार्टी ने साफ किया है कि जब तक धान खरीदी की समय-सीमा नहीं बढ़ाई जाती, तब तक विरोध जारी रहेगा। पार्टी आज रायपुर के अभनपुर क्षेत्र में नेशनल हाईवे-30 पर दोपहर 12 बजे चक्काजाम करेगी। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी AAP कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। AAP ने सरकार से मांग की है कि किसानों के हित में तत्काल फैसला लेते हुए धान खरीदी की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026 तक बढ़ाई जाए।

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मेडिकल PG एडमिशन पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पुराना अलॉटमेंट निरस्त, अब नई काउंसलिंग से ही मिलेगी सीट

छत्तीसगढ़ में मेडिकल कॉलेजों के पोस्ट ग्रेजुएट (PG) पाठ्यक्रमों में प्रवेश को लेकर बड़ा कानूनी फैसला सामने आया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि नियमों में बदलाव होने की स्थिति में पहले किया गया सीट अलॉटमेंट स्वतः समाप्त माना जाएगा। इसके चलते राज्य में मेडिकल PG के पुराने अलॉटमेंट को रद्द कर दिया गया है और अब अभ्यर्थियों को नई काउंसलिंग प्रक्रिया से ही सीट मिलेगी। यह अहम फैसला हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि वर्ष 2025 में नियम 11 में संशोधन के बाद किसी भी उम्मीदवार को पहले से आवंटित सीट पर बने रहने का कानूनी अधिकार नहीं रह जाता है। जानिए पूरा मामला मामला भिलाई निवासी अनुष्का यादव की याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार के 22 और 23 जनवरी 2026 के आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिनके तहत पहले पूरी हो चुकी काउंसलिंग और सीट आवंटन को रद्द कर दिया गया था। अनुष्का यादव का कहना था कि उसने मेरिट के आधार पर भिलाई के एक निजी मेडिकल कॉलेज में रेडियो डायग्नोसिस विषय में पीजी सीट प्राप्त की थी। इसके बाद उसने 10.79 लाख रुपये फीस और 10 लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा कर कॉलेज जॉइन भी कर लिया था। याचिकाकर्ता की दलील याचिका में कहा गया कि एक बार प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद उसे रद्द करना गलत और अनुचित है। याचिकाकर्ता ने शासन के फैसले को मनमाना और अवैधानिक बताते हुए दावा किया कि इससे पहले से एडमिशन ले चुके छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। राज्य सरकार का पक्ष राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि काउंसलिंग रद्द करने का फैसला किसी भी तरह से मनमानी नहीं है, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के डॉ. तन्वी बहल मामले में दिए गए निर्देशों के पालन में लिया गया कदम है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पीजी मेडिकल पाठ्यक्रमों में डोमिसाइल आधारित आरक्षण असंवैधानिक है। केवल सीमित स्तर पर संस्थागत प्राथमिकता को ही अनुमति दी जा सकती है। इसी आधार पर नियम 11 में संशोधन किया गया। संशोधित नियमों के तहत: हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद राज्य सरकार के फैसले को सही ठहराया। कोर्ट ने कहा कि जब प्रवेश प्रक्रिया न्यायिक समीक्षा और नियमों के अधीन हो, तब प्रोविजनल अलॉटमेंट को अंतिम प्रवेश नहीं माना जा सकता। अब नई याचिकाओं पर रोक हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि इस मुद्दे पर अब कोई नई याचिका स्वीकार नहीं की जाएगी। इससे मेडिकल PG एडमिशन प्रक्रिया में अनुशासन और स्थिरता सुनिश्चित होगी। इस फैसले के बाद अब छत्तीसगढ़ में मेडिकल PG सीटों के लिए नए नियमों के तहत फिर से काउंसलिंग का रास्ता साफ हो गया है।

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रायपुर: तिल्दा-नेवरा में गांजा तस्कर गिरफ्तार, 73 किलो गांजा समेत नकद और हथियार जब्त

रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में नशे के कारोबार पर रायपुर ग्रामीण पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात गांजा तस्कर मधु मिश्रा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के घर पर अचानक छापेमारी कर करीब 73 किलो गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत 36 लाख रुपये बताई जा रही है, बरामद किया है। छापेमारी के दौरान पुलिस को 790 नग प्रतिबंधित नशीली गोलियां, एक चाकू, मोबाइल फोन और करीब 1 लाख 87 हजार रुपये नकद भी मिले हैं। यह कार्रवाई रायपुर ग्रामीण पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष नशा विरोधी अभियान के तहत की गई। जानकारी के अनुसार, रायपुर ग्रामीण पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर बुधवार को तिल्दा-नेवरा इलाके में सक्रिय नशा तस्करों के खिलाफ सघन अभियान चलाया गया था। इसी दौरान पुलिस को मधु मिश्रा के घर से नशीले पदार्थों के भंडारण की सूचना मिली, जिसके बाद टीम ने सरप्राइज चेकिंग कर आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से इलाके में गांजा और नशीली गोलियों की तस्करी में लिप्त था। जब्त सामग्री को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है और आरोपी से पूछताछ जारी है। मामले का औपचारिक खुलासा जल्द ही रायपुर ग्रामीण पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के नेतृत्व में पहली बड़ी सफलता रायपुर में पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के लिए शहर और ग्रामीण क्षेत्र को अलग-अलग प्रशासनिक इकाइयों में बांटा गया है। ग्रामीण थानों की जिम्मेदारी एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा को सौंपी गई है। कार्यभार संभालने के बाद यह उनके नेतृत्व में ग्रामीण पुलिस की पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। ग्रामीण पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि नशे के कारोबार के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाइयां जारी रहेंगी।

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