Raipur

छत्तीसगढ़ के 400 बच्चे अब भी लापता, देशभर में 33 हजार से ज्यादा केस; लड़कियों की संख्या अधिक

देश में बच्चों के लापता होने के मामले लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ‘मिसिंग चिल्ड्रन’ रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ से अब भी 400 बच्चे लापता हैं, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 1 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच देशभर में कुल 33,577 बच्चों के लापता होने के मामले सामने आए। इनमें से 7,777 बच्चों का अब तक पता नहीं चल सका है, जबकि बाकी बच्चों को पुलिस और प्रशासन ने ढूंढ लिया है। इसी अवधि में छत्तीसगढ़ से कुल 982 बच्चों के लापता होने की जानकारी सामने आई। इनमें से 582 बच्चों को बरामद कर लिया गया है, लेकिन 400 बच्चे अभी भी लापता हैं। लापता बच्चों के मामलों में छत्तीसगढ़ देश में छठे स्थान पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में सबसे अधिक 14 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे लापता हुए हैं। इनमें लड़कियों की संख्या लड़कों की तुलना में ज्यादा बताई गई है, जो एक गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा मामले रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों के लापता होने के मामलों में पश्चिम बंगाल देश में पहले स्थान पर है। यहां कुल 19,145 बच्चे लापता हुए। इनमें से 15,465 बच्चों को खोज लिया गया, जबकि 3,680 बच्चे अब भी नहीं मिल सके हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर है, जहां इस अवधि में 4,256 बच्चे लापता हुए। इनमें से 1,059 बच्चों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। कुछ राज्यों में दर्ज नहीं हुए मामले रिपोर्ट के अनुसार, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा, गुजरात, लक्षद्वीप और दादरा एवं नगर हवेली में इस अवधि के दौरान बच्चों के लापता होने की कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है।

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रायपुर में गर्भवती इंटीरियर डिजाइनर से मारपीट, डॉग रेस्क्यू टीम पर थप्पड़ और मोबाइल छीनने का आरोप

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पालतू कुत्ते की देखभाल को लेकर हुए विवाद में एक गर्भवती महिला के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि खुद को पशु प्रेमी रेस्क्यू संस्था की सदस्य बताने वाली महिलाओं ने बीच सड़क महिला को थप्पड़ मारा, उसकी टी-शर्ट खींची और धक्का दिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दो महिलाएं गर्भवती से मारपीट करती दिखाई दे रही हैं। यह पूरा मामला रायपुर के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पीड़िता गुरप्रीत कौर, जो भिलाई के नेहरू नगर की रहने वाली हैं और इंटीरियर डिजाइनिंग का काम करती हैं, ने रेस्क्यू संस्था की सदस्य किरण घनश्याम आहूजा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, 27 फरवरी को गुरप्रीत कौर रायपुर के भाठागांव इलाके में स्थित कृष्णा होटल में ठहरी हुई थीं। उनके साथ दो पालतू कुत्ते भी थे। किसी निजी काम से बाहर जाने के दौरान उन्होंने अपने दोनों डॉग होटल में ही छोड़ दिए थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे जब गुरप्रीत होटल वापस पहुंचीं, तब वहां खुद को पशु प्रेमी संस्था की पदाधिकारी बताने वाली किरण आहूजा और उनकी टीम मौजूद थी। आरोप है कि उन्होंने गुरप्रीत पर कुत्तों की सही तरीके से देखभाल न करने का आरोप लगाते हुए बहस शुरू कर दी। इसी दौरान किरण आहूजा ने गुरप्रीत को थप्पड़ मार दिया। पीड़िता का आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो संस्था की एक अन्य महिला सदस्य भी आगे आई और उसने भी उन्हें थप्पड़ मार दिया। इतना ही नहीं, उनकी टी-शर्ट खींचकर धक्का दिया गया। इसके बाद संस्था के सदस्यों ने उनके पालतू कुत्ते और मोबाइल फोन भी अपने साथ ले लिए। गुरप्रीत कौर का कहना है कि विवाद के दौरान संस्था के लोगों ने उन पर अपने डॉग्स को मारने का आरोप लगाया और उन्हें अपने साथ ले जाने का दबाव बनाया। मना करने पर उनके पालतू कुत्तों को जबरन अपने साथ ले जाया गया और अब तक वापस नहीं किया गया है। घटना के बाद पीड़िता ने पुरानी बस्ती थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 27 फरवरी को ही आवेदन दिया गया था और पिछले कई दिनों से वह थाने के चक्कर लगा रही हैं। इस मामले में पुरानी बस्ती थाना प्रभारी शील आदित्य सिंह का कहना है कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर किरण आहूजा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

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यूपीएससी 2025: रायपुर की वैभवी को 35वीं रैंक, दर्शना सिंह 383वें स्थान पर

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) 2025 के परिणाम में छत्तीसगढ़ के कई युवाओं ने सफलता हासिल की है। रायपुर की वैभवी अग्रवाल ने अपने तीसरे प्रयास में 35वीं रैंक प्राप्त कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। वहीं रायपुर के ही रौनक अग्रवाल को 772वीं रैंक और संजय डहरिया को 946वीं रैंक मिली है। इसके अलावा मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनकपुर की दर्शना सिंह बघेल ने 383वीं रैंक हासिल की है। वहीं धमतरी जिले के डीएसपी डायमंड सिंह ने 623वीं रैंक प्राप्त की है। वे छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस सेवा के 2024 बैच के अधिकारी हैं। तीसरे प्रयास में मिली सफलतारायपुर के गुढ़ियारी की रहने वाली वैभवी अग्रवाल ने बताया कि शुरुआती दो प्रयासों में उन्हें असफलता मिली थी। पहले प्रयास में वे प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर पाई थीं। उन्होंने कहा कि बचपन से ही उनका सपना समाज सेवा करना था, इसी वजह से उन्होंने यूपीएससी को अपने करियर के रूप में चुना और लगातार मेहनत जारी रखी। किसान परिवार से हैं दर्शना सिंहजनकपुर की रहने वाली दर्शना सिंह बघेल एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने 2018 में 12वीं की परीक्षा में 97 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। इसके बाद उन्होंने आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। दर्शना ने बताया कि पहले प्रयास में वे इंटरव्यू तक पहुंच गई थीं, लेकिन अंतिम सूची में जगह नहीं बन सकी। दूसरे प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल कर ली। अगर चाहो तो मैं इस खबर के लिए SEO Title, YouTube Title और Keywords भी बना सकता हूँ, जो आपके News22 Bharat चैनल के लिए काम आएंगे।

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रायपुर में मूकबधिर दिव्यांगों के लिए रोजगार का अवसर, 9 मार्च को लगेगा प्लेसमेंट कैम्प

मूकबधिर दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से रायपुर में 9 मार्च को विशेष प्लेसमेंट कैम्प आयोजित किया जा रहा है। यह कैम्प विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर और डॉ. रेड्डीज फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से लगाया जाएगा। आयोजन सुबह 10 बजे से सुंदर नगर स्थित ग्रो रायपुर केंद्र में किया जाएगा, जो कुशालपुर फ्लायओवर के पास पीडब्ल्यूडी मकान नंबर 843 में स्थित है। विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर की उपसंचालक डॉ. शशी अतुलकर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्लेसमेंट कैम्प में कई निजी कंपनियां भाग लेंगी और उम्मीदवारों का चयन इंटरव्यू के माध्यम से किया जाएगा। इस भर्ती प्रक्रिया में फ्लिपकार्ट, बिग बास्केट और टपरी द कैफे जैसी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होकर योग्य अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लेंगे। चयनित उम्मीदवारों को उनकी योग्यता और क्षमता के अनुसार विभिन्न पदों पर काम करने का मौका दिया जाएगा। इस कैम्प में भाग लेने के लिए छत्तीसगढ़ के 18 से 35 वर्ष तक के मूकबधिर दिव्यांगजन पात्र होंगे। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास निर्धारित की गई है। इसके अलावा 12वीं पास और स्नातक अभ्यर्थी भी इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। कैम्प में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को अपने साथ आवश्यक दस्तावेज लाना अनिवार्य होगा। इनमें 10वीं, 12वीं या स्नातक की अंकसूची, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, रोजगार पंजीयन प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड की मूल प्रति और फोटोकॉपी के साथ दो पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं। डॉ. शशी अतुलकर ने पात्र मूकबधिर दिव्यांगजनों से इस प्लेसमेंट कैम्प में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रोजगार के इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों से दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनने और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिलता है।

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रायपुर: धान के बोरों पर पानी डालने का मामला, वीडियो वायरल होने के बाद 4 कर्मचारी बर्खास्त

रायपुर जिले के आरंग क्षेत्र के भलेरा धान खरीदी केंद्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां रखे धान के बोरों पर मोटर पंप से पानी डालकर उन्हें भिगोने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद किसानों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। घटना की जानकारी मिलते ही कई किसान खरीदी केंद्र पहुंच गए और वहां जमकर विरोध प्रदर्शन किया। गुस्साए ग्रामीणों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए धरना भी दिया। स्थिति को देखते हुए कलेक्टर गौरव सिंह के निर्देश पर पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति बनाई गई। जांच समिति की रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई कि धान के बोरों में नमी पाई गई, जो छत्तीसगढ़ सरकार की धान उपार्जन नीति 2025–26 के नियमों के खिलाफ है। मामले को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए चार कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया। जांच में खरीदी केंद्र के प्रभारी प्रबंधक विष्णु साहू, लिपिकीय सहायक उमेश कुमार साहू, प्रोसेस सर्वर इंदरमन निषाद और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी जितेंद्र कुमार साहू की लापरवाही सामने आई। प्रशासन ने इन सभी को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। भौतिक जांच के दौरान लगभग 10,500 बोरी धान में नमी पाए जाने की पुष्टि हुई। अधिकारियों ने मौके पर पंचनामा भी तैयार किया। वहीं उप आयुक्त सहकारिता ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि एक कर्मचारी मोटर पंप और पाइप की मदद से धान के बोरों पर पानी डाल रहा है। वह लगातार कई बोरियों को भिगोता नजर आ रहा है। आशंका जताई जा रही है कि धान में कृत्रिम रूप से नमी बढ़ाकर उसे खराब दिखाने और बाद में किसी तरह की गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा करने की कोशिश की जा रही थी।

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रायपुर के 70 गांवों में मशहूर ‘ड्रोन वाली दीदी’: 10 मिनट में एक एकड़ खेत में करती हैं कीटनाशक का छिड़काव

रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के ग्राम नगपुरा में इन दिनों एक महिला अपनी अलग पहचान बना रही हैं। खेतों में ड्रोन उड़ाकर कीटनाशक का छिड़काव करने वाली चंद्रकली वर्मा अब आसपास के गांवों में “ड्रोन वाली दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। आधुनिक तकनीक के जरिए वे किसानों का समय और मेहनत दोनों बचा रही हैं। सुबह के समय जब खेतों में हल्की धूप होती है, तब चंद्रकली वर्मा अपने ड्रोन के साथ खेतों में पहुंच जाती हैं। खेत के किनारे खड़े होकर रिमोट कंट्रोल से ड्रोन उड़ाती हैं और कुछ ही मिनटों में पूरा खेत कीटनाशक से कवर हो जाता है। नमो ड्रोन दीदी योजना से मिली नई पहचान चंद्रकली वर्मा नवंबर 2023 में नमो ड्रोन दीदी योजना से जुड़ी थीं। इसके बाद दिसंबर 2023 में उन्होंने मध्य प्रदेश में ड्रोन संचालन और खेती में इसके उपयोग की ट्रेनिंग ली। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्होंने अपने गांव और आसपास के खेतों में ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव की सेवा शुरू की। शुरुआत में यह काम सीमित क्षेत्र तक ही था, लेकिन धीरे-धीरे किसानों को ड्रोन तकनीक का फायदा समझ में आने लगा। इसके बाद आसपास के गांवों से भी किसानों ने उनसे संपर्क करना शुरू कर दिया। 10 मिनट में एक एकड़ खेत में छिड़काव जहां पहले मजदूरों के जरिए कीटनाशक छिड़काव में काफी समय और मेहनत लगती थी, वहीं ड्रोन तकनीक से यह काम बहुत तेजी से हो रहा है। ड्रोन की मदद से महज 10 मिनट में एक एकड़ खेत में कीटनाशक का छिड़काव हो जाता है। इससे दवा भी सही मात्रा में पूरे खेत में समान रूप से पहुंचती है। अब 70 गांवों के किसानों को दे रही सेवा ड्रोन से छिड़काव की मांग बढ़ने के साथ चंद्रकली वर्मा का काम भी लगातार बढ़ता गया। अब वे करीब 40 किलोमीटर के दायरे में आने वाले लगभग 70 गांवों के किसानों को यह सुविधा दे रही हैं। खरीफ और रबी सीजन के दौरान काम ज्यादा होने पर उन्हें कई बार दिन में दो शिफ्ट में भी काम करना पड़ता है। सीजन में डेढ़ लाख रुपये तक कमाई ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव के लिए चंद्रकली वर्मा को प्रति एकड़ लगभग 300 रुपये मिलते हैं। बढ़ते काम के साथ उनकी आय में भी इजाफा हुआ है और अब वे एक सीजन में करीब डेढ़ लाख रुपये तक कमा लेती हैं। काम बढ़ने के बाद उन्होंने अपने साथ तीन अन्य लोगों को भी रोजगार दिया है। घर और काम दोनों की जिम्मेदारी चंद्रकली वर्मा घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपने काम को भी पूरी लगन से निभा रही हैं। सुबह घर का काम खत्म करने के बाद वे खेतों की ओर निकल जाती हैं। उनका कहना है कि ड्रोन तकनीक ने उनकी जिंदगी बदल दी है और इससे किसानों को भी आधुनिक खेती का फायदा मिल रहा है। क्या है नमो ड्रोन दीदी योजना नमो ड्रोन दीदी योजना की शुरुआत वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। इस योजना के तहत अगले पांच वर्षों में देशभर की एक लाख महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। इसे कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से लागू किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य इस योजना के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देना है। इससे खेती की लागत कम करने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने की उम्मीद है।

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रायपुर पुलिस कमिश्नरेट का नया पता तय, सिविल लाइंस के C-3 बंगले से होगा संचालन

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद अब पुलिस कमिश्नर कार्यालय का स्थायी पता बदल दिया गया है। अब से रायपुर पुलिस कमिश्नर का कार्यालय सिविल लाइंस स्थित C-3 बंगले से संचालित होगा। रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले इसी नए कार्यालय से राजधानी की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालेंगे। जानकारी के मुताबिक C-3 बंगला वही परिसर है, जहां पहले प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा का निवास था। राज्य शासन के निर्णय के बाद इस बंगले को अब पूरी तरह पुलिस कमिश्नर कार्यालय के रूप में विकसित कर दिया गया है। आज से नए कार्यालय में कामकाज शुरू पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद शुरुआती दिनों में इसका संचालन अस्थायी रूप से पुराने राजस्व कमिश्नर कार्यालय से किया जा रहा था। अब जरूरी व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने C-3 बंगले में स्थित नए कार्यालय से कामकाज शुरू कर दिया है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले भी इसी परिसर से अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। जगह और सुरक्षा को देखते हुए लिया गया फैसला पुराने राजस्व कमिश्नर कार्यालय में पर्याप्त जगह की कमी और सुरक्षा से जुड़े प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए नए और सुरक्षित परिसर की जरूरत महसूस की जा रही थी। सिविल लाइंस का C-3 बंगला सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्र में स्थित है, जिससे यहां से कानून-व्यवस्था की निगरानी और प्रशासनिक कामकाज को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।

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रायपुर में 14 लाख का गांजा बरामद, इंटरस्टेट तस्कर गिरफ्तार; बैग में भरकर बेचने की फिराक में था आरोपी

राजधानी रायपुर में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 28.621 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है, जिसकी बाजार कीमत करीब 14.41 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई कबीर नगर थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सीतानगर गोगांव रोड स्थित अविनाश आशियाना के पीछे भाठा इलाके में एक युवक ट्रॉली बैग में बड़ी मात्रा में गांजा लेकर खड़ा है और उसे बेचने की तैयारी कर रहा है। सूचना मिलते ही एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और कबीर नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस टीम ने संदेह के आधार पर युवक को पकड़कर उसके ट्रॉली बैग की तलाशी ली। तलाशी के दौरान बैग से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। इसके साथ ही आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अविनाश अग्रहरी बताया, जो उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले का रहने वाला है। आरोपी से पूछताछ जारी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कबीर नगर थाना में अपराध क्रमांक 60/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(C) के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे किन लोगों को सप्लाई किया जाना था। जांच एजेंसियां फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक के आधार पर इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही हैं। 2026 में अब तक की कार्रवाई पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत 16 अलग-अलग मामलों में 34 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन मामलों में 185 किलोग्राम से अधिक गांजा, करीब 2.05 लाख रुपये नकद, 2 चारपहिया वाहन और 9 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।

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रायपुर: खारून रेलवे कॉलोनी में युवक की खून से सनी लाश मिली, हत्या की आशंका; CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

राजधानी रायपुर में गुरुवार सुबह एक सनसनीखेज घटना सामने आई। खारून रेलवे कॉलोनी इलाके में एक युवक का शव खून से लथपथ हालत में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। यह पूरा मामला गंज थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक सुबह कुछ लोगों ने रेलवे कॉलोनी के भीतर एक युवक को जमीन पर खून से सना हुआ पड़ा देखा। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान राजा साहू के रूप में हुई है, जो चुना भट्टी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। घटनास्थल के आसपास जमीन पर खून के धब्बे भी पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलने के बाद गंज थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे इलाके का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है। जांच के दौरान आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि घटना से जुड़ा कोई सुराग मिल सके। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। पुलिस का कहना है कि सभी संभावित एंगल से जांच जारी है और जल्द ही मामले का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है।

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छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के लिए लक्ष्मी वर्मा का नाम तय, भाजपा ने जताया भरोसा

भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ से राज्यसभा चुनाव के लिए श्रीमती लक्ष्मी वर्मा को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। पार्टी ने एक अनुभवी और संगठन से जुड़ी जमीनी नेता को यह अहम जिम्मेदारी सौंपी है। वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। संगठन में लंबे समय से सक्रिय भूमिका लक्ष्मी वर्मा का राजनीतिक सफर काफी सक्रिय और प्रभावशाली रहा है। वे भाजपा में प्रदेश उपाध्यक्ष और पार्टी प्रवक्ता जैसे महत्वपूर्ण दायित्व संभाल चुकी हैं। इसके अलावा रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दी हैं। बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक संगठन में सक्रिय रहते हुए उन्होंने एक समर्पित कार्यकर्ता की पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने दी शुभकामनाएं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने पर बधाई दी है। दोनों नेताओं ने उनके उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वे राज्यसभा में प्रदेश का सशक्त पक्ष रखेंगी। भाजपा के इस निर्णय को महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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