Raipur

रायपुर में पुलिस की तड़के रेड, 132 बदमाशों की जांच; 11 वारंटी गिरफ्तार

राजधानी रायपुर में कानून-व्यवस्था को सख्त करने के उद्देश्य से पुलिस ने रविवार सुबह बड़ा अभियान चलाया। सेंट्रल ज़ोन में चलाए गए इस विशेष ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने 132 हिस्ट्रीशीटर और निगरानी बदमाशों की जांच की, साथ ही 11 वारंटियों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल ज़ोन) उमेश प्रसाद गुप्ता और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल के निर्देशन में की गई। इस अभियान में कोतवाली, गोलबाजार, मौदहापारा, गंज, सिविल लाइन, देवेंद्र नगर और तेलीबांधा थाना पुलिस ने मिलकर भाग लिया। अभियान के तहत पुराने अपराधियों को थानों में बुलाकर उनकी परेड कराई गई और उनकी गतिविधियों की जांच की गई। खासकर चाकूबाजी जैसे गंभीर मामलों में शामिल आरोपियों पर विशेष निगरानी रखी गई। पुलिस टीमों ने अलग-अलग इलाकों में दबिश देकर फरार वारंटियों की तलाश की, जिसमें 8 स्थायी वारंटी सहित कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान सामने आया कि करीब 28 प्रतिशत बदमाश थाने पहुंचकर सत्यापन प्रक्रिया में शामिल हुए, जबकि लगभग 20 प्रतिशत आरोपी अपने घरों से गायब मिले। इनकी तलाश के लिए अलग से कार्रवाई की जा रही है। वहीं करीब 24 प्रतिशत आरोपी पहले से जेल में बंद पाए गए, जबकि बाकी आरोपियों के घर पहुंचकर पुलिस ने उनकी जांच की। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने सभी बदमाशों को सख्त चेतावनी देते हुए अपराध से दूर रहने, नियमित रूप से थाने में हाजिरी देने और कानून का पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही उनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए फिंगरप्रिंट लेकर NAFIS सिस्टम में दर्ज किया गया। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल ने बताया कि इस तरह के सघन अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे और आम लोगों को सुरक्षित माहौल मिल सके।

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छत्तीसगढ़ के आत्मानंद स्कूलों में बड़ा बदलाव, अब प्रिंसिपल भी पढ़ाएंगे और रोज होगी पढ़ाई की समीक्षा

छत्तीसगढ़ के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूलों में आने वाले सत्र से पढ़ाई के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए नया अकादमिक मॉडल लागू किया है, जिसमें अब ध्यान केवल प्रशासन नहीं बल्कि पढ़ाई, निगरानी और छात्रों के समग्र विकास पर रहेगा। नई व्यवस्था के तहत प्रिंसिपल की भूमिका में अहम बदलाव किया गया है। अब वे सिर्फ प्रबंधन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें अकादमिक लीडर की जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्हें रोजाना शिक्षकों के साथ बैठकर पढ़ाई की समीक्षा करनी होगी और साथ ही प्रतिदिन कम से कम एक पीरियड पढ़ाना भी अनिवार्य किया गया है। हर हफ्ते क्लास के अनुसार पढ़ाई का लक्ष्य तय किया जाएगा, ताकि सिलेबस समय पर पूरा हो सके और छात्रों की प्रगति पर नजर रखी जा सके। स्कूल शिक्षा विभाग ने पहली बार पूरे सत्र के लिए विस्तृत अकादमिक कैलेंडर तैयार किया है। इसमें हर महीने पढ़ाए जाने वाले पाठ पहले से निर्धारित होंगे और उसी के अनुसार परीक्षाओं की योजना भी बनाई गई है। स्कूलों में अनुशासन और देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देने के लिए वंदे मातरम को अनिवार्य किया गया है, जिसके लिए हर स्कूल को साउंड सिस्टम खरीदने हेतु 25 हजार रुपए दिए जाएंगे। हर शनिवार को अब “गतिविधि दिवस” के रूप में विकसित किया गया है। इस दिन छात्र बिना बैग के स्कूल आएंगे और योग के बाद उन्हें अलग-अलग समूहों में बांटा जाएगा। एक समूह गार्डनिंग, क्राफ्ट जैसी गतिविधियों में हिस्सा लेगा, जबकि दूसरा समूह टेस्ट देकर अपनी तैयारी का आकलन करेगा। इससे एक ही दिन में कौशल विकास और पढ़ाई दोनों को बढ़ावा मिलेगा। पढ़ाई को स्थानीय संस्कृति से जोड़ने के लिए प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के त्योहारों और परंपराओं का भी कैलेंडर तैयार किया गया है। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों की पारंपरिक गतिविधियों को स्कूलों में शामिल किया जाएगा, ताकि बच्चे अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े रहें। इसके अलावा बच्चों को महापुरुषों के जीवन और विचारों से परिचित कराने के लिए विशेष कैलेंडर बनाया गया है। हर महीने दो महान व्यक्तित्वों की जयंती या पुण्यतिथि पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें छात्र उनके आदर्शों पर चर्चा और भाषण देंगे। शिक्षा सत्र जून 2026 से शुरू होगा, जिसमें 1 से 20 जून तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी और 22 जून को शाला प्रवेशोत्सव के साथ नई कक्षाएं शुरू होंगी। इस पूरे मॉडल का उद्देश्य शिक्षा के स्तर में सुधार लाना, अनुशासन बढ़ाना और छात्रों को बेहतर वातावरण देना है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के अनुसार, इस पहल के जरिए आत्मानंद स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता के साथ-साथ बच्चों को संस्कृति और परंपराओं से भी जोड़ा जाएगा, जिससे उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

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केमिकल आपदा से निपटने की तैयारी: 23 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में मॉक ड्रिल

केंद्र सरकार के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में रासायनिक और औद्योगिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए 23 अप्रैल को राज्य के सभी जिलों में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। पहले इस अभ्यास में केवल 10 जिलों को शामिल किया गया था, लेकिन राज्य सरकार ने अब इसे पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया है। यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। इसके लिए एनडीएमए ने 1 मार्च 2026 को दिशा-निर्देश जारी किए थे। मॉक ड्रिल तीन चरणों में आयोजित की जा रही है। 10 अप्रैल को ओरिएंटेशन और समन्वय बैठक हो चुकी है, जबकि 21 अप्रैल को ‘टेबल टॉप एक्सरसाइज’ के तहत संभावित आपदा स्थितियों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद 23 अप्रैल को जमीनी स्तर पर वास्तविक स्थिति जैसा अभ्यास किया जाएगा। इस ड्रिल का उद्देश्य राज्य और जिला स्तर की आपदा प्रबंधन योजनाओं और मानक संचालन प्रक्रियाओं की प्रभावशीलता की जांच करना है। अभ्यास के दौरान कंट्रोल रूम सक्रिय रहेंगे और राहत शिविर, मेडिकल सुविधाएं तथा आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह तैनात रहेंगी। प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, घायलों के इलाज और बचाव कार्यों का रिहर्सल किया जाएगा। इस प्रक्रिया में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग सहित कई अन्य विभाग जैसे नगर सेना, ऊर्जा, जल संसाधन, लोक निर्माण और नगरीय निकाय मिलकर काम करेंगे। मॉक ड्रिल के बाद 20 मई 2026 तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। औद्योगिक हादसों के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। पिछले तीन वर्षों में 296 श्रमिकों की मौत हो चुकी है। वहीं जनवरी 2026 तक के 13 महीनों में 171 हादसों में 124 लोगों की जान गई और 86 घायल हुए हैं।केंद्र सरकार के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में रासायनिक और औद्योगिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए 23 अप्रैल को राज्य के सभी जिलों में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। पहले इस अभ्यास में केवल 10 जिलों को शामिल किया गया था, लेकिन राज्य सरकार ने अब इसे पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया है। यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। इसके लिए एनडीएमए ने 1 मार्च 2026 को दिशा-निर्देश जारी किए थे। मॉक ड्रिल तीन चरणों में आयोजित की जा रही है। 10 अप्रैल को ओरिएंटेशन और समन्वय बैठक हो चुकी है, जबकि 21 अप्रैल को ‘टेबल टॉप एक्सरसाइज’ के तहत संभावित आपदा स्थितियों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद 23 अप्रैल को जमीनी स्तर पर वास्तविक स्थिति जैसा अभ्यास किया जाएगा। इस ड्रिल का उद्देश्य राज्य और जिला स्तर की आपदा प्रबंधन योजनाओं और मानक संचालन प्रक्रियाओं की प्रभावशीलता की जांच करना है। अभ्यास के दौरान कंट्रोल रूम सक्रिय रहेंगे और राहत शिविर, मेडिकल सुविधाएं तथा आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह तैनात रहेंगी। प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, घायलों के इलाज और बचाव कार्यों का रिहर्सल किया जाएगा। इस प्रक्रिया में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग सहित कई अन्य विभाग जैसे नगर सेना, ऊर्जा, जल संसाधन, लोक निर्माण और नगरीय निकाय मिलकर काम करेंगे। मॉक ड्रिल के बाद 20 मई 2026 तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। औद्योगिक हादसों के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। पिछले तीन वर्षों में 296 श्रमिकों की मौत हो चुकी है। वहीं जनवरी 2026 तक के 13 महीनों में 171 हादसों में 124 लोगों की जान गई और 86 घायल हुए हैं। मॉक ड्रिल के लिए अलग-अलग जिलों को विशेष परिदृश्य दिए गए हैं। इनमें स्टील प्लांट, सीमेंट फैक्ट्री, केमिकल इकाइयां, पाइपलाइन, पेपर मिल और खदान जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में संभावित हादसों को शामिल किया गया है। इसके अलावा टैंकर दुर्घटना, अस्पताल में आग, बस हादसा और ट्रेन टक्कर जैसे आपात हालात पर भी अभ्यास किया जाएगा।

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रायपुर में नकली पनीर का बड़ा खुलासा: 1200 किलो जब्त, सेहत के लिए बना ‘धीमा जहर’

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली पनीर बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। भाठागांव स्थित केसरी बगीचा इलाके में संचालित एक फैक्ट्री से करीब 1200 किलो मिलावटी पनीर जब्त किया गया। इस दौरान मौके से पामFake Dairy Products,ऑयल, दूध पाउडर, एसेटिक एसिड और अन्य रसायन भी बरामद किए गए, जिनसे यह पनीर तैयार किया जा रहा था। जानकारी के अनुसार, इस फैक्ट्री का संचालन आदर्श पराशर द्वारा किया जा रहा था। विभाग को पहले ही नकली पनीर निर्माण की सूचना मिली थी, जिसके बाद रविवार को छापेमारी की योजना बनाई गई। टीम सुबह करीब 11:30 बजे मौके पर पहुंची, जहां बड़े पैमाने पर पनीर की पैकेजिंग होती मिली। चौंकाने वाली बात यह है कि इसी फैक्ट्री पर जनवरी 2026 में भी कार्रवाई करते हुए 1700 किलो नकली पनीर जब्त कर नष्ट किया गया था। इसके बावजूद दोबारा इतनी बड़ी मात्रा में उत्पादन होना कई सवाल खड़े कर रहा है। कार्रवाई के लिए इस बार रायपुर की टीम को शामिल नहीं किया गया, बल्कि अन्य जिलों जैसे धमतरी, बालोद और बलौदाबाजार से अधिकारियों को बुलाकर अलग-अलग टीमें बनाई गईं। इसी दौरान उरला क्षेत्र में स्थित एक अन्य डेयरी पर भी छापा मारा गया, जहां गंदगी के बीच पनीर बनाया जा रहा था। वहां से 500 किलो पनीर नष्ट किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि फैक्ट्री पिछले करीब 6 साल से संचालित हो रही थी, जबकि इसका लाइसेंस हाल ही में 2025 में लिया गया था। फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर मध्यप्रदेश के भिंड और मुरैना के बताए जा रहे हैं, जिनके रहने की व्यवस्था भी वहीं की गई थी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह का मिलावटी पनीर सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। इसके सेवन से शुरुआत में अपच और पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, जबकि लंबे समय तक उपयोग करने पर लिवर को गंभीर नुकसान, हार्ट डिजीज और यहां तक कि कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। लगातार सेवन करने से कुछ ही वर्षों में लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई भी शामिल है।

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रायपुर रेलवे स्टेशन पर टिकट काउंटर शिफ्ट, यात्रियों को धूप में दौड़ना पड़ रहा

राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन पर अनारक्षित टिकट काउंटर को दूसरी बिल्डिंग में स्थानांतरित किए जाने से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। टिकट लेने के लिए अब यात्रियों को पहले रिजर्वेशन काउंटर वाली बिल्डिंग तक जाना पड़ता है और फिर वहां से वापस प्लेटफॉर्म तक लौटना पड़ता है। स्टेशन पर पहुंचने के बाद ही कई यात्रियों को इस बदलाव की जानकारी मिल रही है, जिससे उन्हें जल्दबाजी में भागदौड़ करनी पड़ रही है। तेज धूप में करीब 50 से 100 मीटर की दूरी तय करना उनके लिए परेशानी बढ़ा रहा है, खासकर उन लोगों के लिए जिनकी ट्रेन आने वाली होती है। स्थिति इसलिए और जटिल हो गई है क्योंकि पूछताछ काउंटर अभी भी प्लेटफॉर्म पर ही मौजूद है। ऐसे में टिकट लेने के बाद यात्रियों को ट्रेन का समय और प्लेटफॉर्म जानने के लिए फिर से वापस आना पड़ता है। हालांकि गेट नंबर-1 पर चार ऑटोमैटिक टिकट मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन तकनीकी जानकारी की कमी और ऑनलाइन पेमेंट की समझ न होने के कारण अधिकांश यात्री उनका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इनमें से एक मशीन बंद पाई गई, जबकि बाकी पर भीड़ लगी रही। रविवार दोपहर करीब 12:25 बजे स्टेशन पर यात्रियों की भागदौड़ साफ दिखाई दी। जानकारी मिलते ही लोग काउंटर की ओर दौड़ते नजर आए। ओडिशा जाने वाले एक यात्री का ऑनलाइन भुगतान फेल होने के कारण उसे मशीन से टिकट नहीं मिल पाया और उसे काउंटर पर जाना पड़ा। जबलपुर जा रहे यात्री अरुण गुप्ता ने बताया कि उन्हें काउंटर शिफ्ट होने की जानकारी पहले से नहीं थी, जिससे उन्हें धूप में लंबी दूरी तय करनी पड़ी और लाइन में लगना पड़ा। वहीं, ओडिशा जा रहे माधव राम ने कहा कि अधिकांश लोगों को मशीन चलाना नहीं आता, इसलिए काउंटर पर निर्भर रहना पड़ता है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार स्टेशन पर विकास कार्य जारी है और पुरानी बिल्डिंग को तोड़ा जाना है। इसी कारण अनारक्षित टिकट काउंटर को अस्थायी रूप से शिफ्ट किया गया है। डीआरएम दयानंद ने कहा कि यह कदम विकास कार्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि यात्रियों को पहले से इसकी जानकारी हो सके।

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सतनामी समाज मनाएगा B. R. Ambedkar की 135वीं जयंती, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ गूंजेगा उनका संदेश

भारत रत्न से सम्मानित संविधान निर्माता B. R. Ambedkar की 135वीं जयंती 14 अप्रैल को सतनामी समाज द्वारा उत्साहपूर्वक मनाई जाएगी। इस अवसर पर रायपुर के न्यू राजेंद्रनगर स्थित गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी भवन में सुबह 10 बजे से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व कैबिनेट मंत्री Shivkumar Dahariya शामिल होंगे। आयोजन की शुरुआत सुबह 9:30 बजे अंबेडकर उद्यान में बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण से होगी, जहां बड़ी संख्या में समाज के लोग एकत्र होकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद अकादमी भवन में गीत, कविता पाठ और संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान वक्ता बाबा साहब के जीवन, उनके योगदान और उनके विचारों पर चर्चा करेंगे। खास तौर पर उनके संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” को समाज के बीच पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा। कार्यक्रम के समापन के बाद समाज के लोग सामूहिक रूप से कलेक्ट्रेट चौक पर आयोजित सार्वजनिक जयंती समारोह में भी शामिल होंगे। आयोजन समिति ने समाज के सभी लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। पूरे आयोजन को “जय भीम” और “जय संविधान” के नारों के साथ भव्य रूप देने की तैयारी की गई है।

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छत्तीसगढ़ में 1 मई से जनगणना का पहला चरण शुरू, 33 सवालों के साथ होगी डिजिटल सर्वे प्रक्रिया

छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 की प्रक्रिया का पहला चरण 1 मई 2026 से शुरू होकर 30 मई तक चलेगा। इस चरण में ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस’ के तहत हर घर, परिवार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी। इसके लिए सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर डेटा जुटाएंगे। इस बार जनगणना प्रक्रिया को डिजिटल रूप दिया गया है। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच नागरिक खुद भी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी भर सकते हैं, जिसे सेल्फ-एन्यूमरेशन कहा जा रहा है। जो लोग यह प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी करेंगे, उन्हें एक यूनिक आईडी दी जाएगी, जिसे बाद में सर्वे के दौरान दिखाना होगा। इस चरण में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें मकान की स्थिति, उसका उपयोग (रहने या व्यवसाय के लिए), निर्माण की गुणवत्ता (कच्चा या पक्का), परिवारों की संख्या और अन्य बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा पेयजल, शौचालय, बिजली, खाना बनाने के ईंधन, इंटरनेट, टीवी और रेडियो जैसी सुविधाओं की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। घर में रहने वाले लोगों की संख्या और उपयोग में आने वाले वाहनों का विवरण भी लिया जाएगा। इस बार हर मकान की जियो-टैगिंग की जाएगी, जिससे उसे डिजिटल मैप पर दर्ज किया जा सकेगा। इससे आपदा प्रबंधन में तेजी आएगी और किसी भी स्थिति में तुरंत जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही, निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन, शहरी विकास की योजना, और पलायन के आंकड़ों को समझने में भी मदद मिलेगी। यह डेटा मतदाता सूची में डुप्लीकेट नामों को हटाने में भी सहायक होगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान एकत्र की गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल नीतिगत फैसलों और योजनाओं के निर्माण के लिए किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि केवल अधिकृत पहचान पत्र वाले कर्मचारियों को ही जानकारी दें और सही जानकारी साझा करें।

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रायपुर में जाम से राहत के लिए 10 बाइक पेट्रोलिंग टीम तैयार, कॉल के 10 मिनट में पहुंचेगी पुलिस

राजधानी रायपुर में ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए पुलिस ने नया सिस्टम लागू किया है। पुलिस कमिश्नर Dr. Sanjeev Shukla ने 10 बाइक पेट्रोलिंग टीमों का गठन किया है, जो जाम की सूचना मिलने पर तेजी से मौके पर पहुंचेंगी। शनिवार को जारी हेल्पलाइन नंबर पर कुल 7 कॉल प्राप्त हुए। इनमें से दो कॉल मोवा बाजार क्षेत्र से आए, जहां पुलिस टीम महज 5 मिनट के भीतर पहुंचकर ट्रैफिक को सुचारू किया। इसके अलावा मालवीय रोड, तेलीबांधा और अन्य इलाकों से भी जाम की शिकायतें दर्ज की गईं। इन पेट्रोलिंग टीमों को शहर के सभी ट्रैफिक थानों में तैनात किया गया है। ये टीमें सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रहेंगी। किसी भी जगह से जाम की सूचना मिलने पर 10 मिनट के भीतर पहुंचने का लक्ष्य तय किया गया है। यदि किसी कारणवश टीम समय पर नहीं पहुंच पाती, तो संबंधित थाने से अतिरिक्त पुलिस बल भेजा जाएगा। खास बात यह है कि इन टीमों को अन्य कार्यों से पूरी तरह अलग रखा गया है। इन्हें वीआईपी ड्यूटी, अतिक्रमण हटाने या चालानी कार्रवाई में नहीं लगाया जाएगा। इनका मुख्य उद्देश्य सिर्फ ट्रैफिक जाम को खत्म करना है। ये टीमें आईटीएमएस कंट्रोल रूम से सीधे जुड़ी रहेंगी और निर्देश मिलते ही तुरंत कार्रवाई करेंगी। मोवा, आमापारा, तेलीबांधा और पंडरी रोड जैसे इलाकों से सबसे ज्यादा शिकायतें मिलीं। आईटीएमएस कैमरों और गूगल मैप के जरिए पहले ट्रैफिक की स्थिति का आकलन किया गया, और फिर तुरंत टीमों को मौके पर भेजा गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वाहनों को व्यवस्थित तरीके से निकालते हुए कुछ ही मिनटों में ट्रैफिक सामान्य किया। ट्रैफिक पुलिस ने जाम से जुड़ी शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर 9479210632 जारी किया है। वहीं, अन्य समस्याओं जैसे एक्सीडेंट, तेज आवाज में डीजे या लापरवाही से वाहन चलाने की शिकायत के लिए 9479191234 नंबर दिया गया है, जिस पर व्हाट्सएप के जरिए फोटो और वीडियो भेजे जा सकते हैं। हर बाइक पेट्रोलिंग टीम में दो जवान तैनात रहेंगे। यदि एक ही क्षेत्र में एक साथ कई जगह जाम की स्थिति बनती है, तो नजदीकी थाने से भी मदद ली जाएगी। पुलिस का कहना है कि इस नई व्यवस्था से शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

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रायपुर में महिला कॉन्स्टेबल की संदिग्ध मौत: Pooja Kushwaha का शव फंदे पर मिला, जांच जारी

राजधानी रायपुर से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां महिला कॉन्स्टेबल Pooja Kushwaha का शव उनके घर में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला। यह घटना आजाद चौक थाना क्षेत्र स्थित पुलिस कॉलोनी की है, जहां वह अकेले रहती थीं। शनिवार रात करीब 8:30 बजे पड़ोसियों को घटना की जानकारी मिली। खिड़की से झांककर देखने पर उन्होंने कॉन्स्टेबल को फंदे से लटका पाया, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, फिर शव को कब्जे में लिया। पुलिस ने मृतका के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। इस घटना के बाद पुलिस कॉलोनी में माहौल तनावपूर्ण हो गया है। मामले को लेकर अतिरिक्त डीसीपी Rahul Dev Sharma ने बताया कि शुरुआती जांच में यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है, लेकिन असली कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और हर पहलू से जांच की जा रही है। मृतका के पारिवारिक और निजी जीवन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। इसके साथ ही सहकर्मियों और परिजनों से पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना के पीछे की वजह स्पष्ट हो सके। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

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पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति: बैंक खाता त्रुटि सुधार की अंतिम तिथि 18 अप्रैल, SC-ST और OBC छात्रों के लिए जरूरी सूचना

Raipur जिले में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रों के लिए जरूरी जानकारी जारी की गई है। SC, ST और OBC वर्ग के विद्यार्थियों के बैंक खाते से जुड़ी गलतियों को सुधारने की अंतिम तारीख 18 अप्रैल तय की गई है। यह योजना कक्षा 12वीं के बाद पढ़ने वाले छात्रों के लिए लागू है, जो कॉलेज, इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग, पॉलिटेक्निक और आईटीआई जैसे संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं। कई छात्रों की छात्रवृत्ति राशि उनके बैंक खाते की समस्या के कारण जमा नहीं हो पा रही है। जिनका बैंक खाता बंद है या आधार से लिंक नहीं है, उन्हें तुरंत सुधार करना जरूरी है। छात्र अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपडेट कर सकते हैं:http://postmatric-scholarship.cg.nic.in/ प्रशासन ने साफ कहा है कि अगर 18 अप्रैल 2026 तक सुधार नहीं किया गया, तो छात्रवृत्ति की राशि रुक सकती है। इसलिए सभी पात्र छात्रों को समय रहते अपनी जानकारी सही करने की सलाह दी गई है।

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