Chhattisgarh

सीवेज टैंक में 3 मौतें: रायपुर निगम ने अस्पताल को नोटिस भेजा, मैनुअल सफाई पर सख्ती

Raipur के Ramkrishna Care Hospital में सीवेज टैंक की सफाई के दौरान तीन युवकों की मौत के बाद नगर निगम ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। शुरुआती जांच में बिना सुरक्षा उपकरण और मशीनरी के मजदूरों को टैंक में उतारने की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जबकि इस तरह की मैनुअल सफाई पूरी तरह प्रतिबंधित है। बताया जा रहा है कि करीब 30 फीट गहरे टैंक में गैस निकालने की कोई व्यवस्था नहीं थी और मजदूरों को बिना मास्क, रस्सी या ऑक्सीजन सपोर्ट के नीचे भेज दिया गया। जहरीली गैस के कारण दम घुटने से तीनों की मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने पीड़ित परिवारों को 30-30 लाख रुपये मुआवजा और नाबालिग बच्चों की पढ़ाई के लिए प्रति माह 20 हजार रुपये देने की घोषणा की है। घटना के बाद राज्य सरकार ने सीवरेज की मैनुअल सफाई पर सख्ती के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने कहा कि केवल नगर निगम या पंजीकृत एजेंसियों के माध्यम से ही सफाई कराई जाए और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य किया जाए। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात भी कही गई है। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

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एक्सप्रेस-वे हादसे की जांच में बड़ा खुलासा: बिना सरिया डाला स्लैब, भारी कंक्रीट से ढहा हिस्सा

Raipur के तेलीबांधा एक्सप्रेस-वे हादसे की जांच में निर्माण एजेंसी की गंभीर लापरवाही सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार जिस हिस्से का स्लैब गिरा, वहां लोहे की सरिया (री-इन्फोर्समेंट) पर्याप्त नहीं थी, इसके बावजूद उस भाग को आगे बढ़ाकर केवल कंक्रीट डाल दिया गया। बिना मजबूत सपोर्ट के भारी कंक्रीट का भार सहन न कर पाने से स्लैब अचानक ढह गया। जांच में यह भी सामने आया कि निर्धारित 75 मिमी की जगह लगभग 150 मिमी मोटी कंक्रीट डाली गई, जिससे संरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। तकनीकी मानकों की अनदेखी ही हादसे की मुख्य वजह बताई गई है। यह वही फ्लाईओवर है जिसका एक हिस्सा 2019 में भी धंस गया था और बाद में इसे तोड़कर 2022 में दोबारा बनाया गया था। कुछ ही वर्षों में फिर से खराबी सामने आने से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। पुल के नीचे स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लगाई गई फॉल्स सीलिंग भी जर्जर हालत में है और कई जगह से टूटकर लटक रही है, जो नीचे से गुजरने वालों के लिए खतरा बन सकती है। जांच टीम ने क्षतिग्रस्त हिस्से को दोबारा मानकों के अनुसार बनाने, दरारों की मरम्मत करने और खराब फॉल्स सीलिंग को हटाने या सुधारने की सिफारिश की है। रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है और आगे कार्रवाई की प्रतीक्षा है।

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विदेश से ऑनलाइन MBBS करने वालों पर सख्ती: ऑफलाइन पढ़ाई पूरी किए बिना नहीं मिलेगा रजिस्ट्रेशन

Chhattisgarh के उन मेडिकल छात्रों के लिए बड़ी परेशानी की खबर है, जिन्होंने कोरोना काल में विदेशों से ऑनलाइन माध्यम से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी। National Medical Commission (NMC) के नए निर्देश के अनुसार केवल ऑनलाइन पढ़ाई को मान्य नहीं माना जाएगा। अब ऐसे छात्रों को उसी देश में वापस जाकर ऑफलाइन कक्षाएं, क्लीनिकल ट्रेनिंग और प्रैक्टिकल पूरा करना अनिवार्य होगा, जहां से उन्होंने प्रवेश लिया था। रूस, यूक्रेन, किर्गिस्तान और कजाकिस्तान जैसे देशों में पढ़ रहे प्रदेश के लगभग 1800 छात्र इस नियम से प्रभावित होंगे। Chhattisgarh Medical Council ने भी स्पष्ट कर दिया है कि बिना वैध ऑफलाइन प्रशिक्षण प्रमाणपत्र के किसी को स्थायी पंजीयन नहीं दिया जाएगा। यदि कोई बिना रजिस्ट्रेशन के प्रैक्टिस करता पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज की जा सकती है। NMC का कहना है कि मेडिकल शिक्षा में क्लीनिकल और प्रैक्टिकल प्रशिक्षण बेहद जरूरी होता है, जिसकी भरपाई ऑनलाइन कक्षाओं से संभव नहीं है। इसलिए जितनी अवधि ऑनलाइन पढ़ाई हुई है, उतनी अवधि तक ऑफलाइन ट्रेनिंग करना अनिवार्य होगा। राज्य में ऐसे सभी छात्रों की सूची तैयार की जा रही है और उन्हें विदेश जाकर पढ़ाई पूरी कर “कंपनसेशन सर्टिफिकेट” लाना होगा। इसके बिना स्टेट मेडिकल काउंसिल स्थायी रजिस्ट्रेशन नहीं देगी।

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चैत्र नवरात्रि आज से शुरू: छत्तीसगढ़ के शक्तिपीठों में खास इंतजाम, डोंगरगढ़ के लिए स्पेशल ट्रेनें

आज से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही Chhattisgarh के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों में विशेष पूजा-अर्चना, आरती और मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलन की व्यवस्था की गई है। Danteshwari Temple, Bamleshwari Temple, Mahamaya Temple और Mahamaya Temple सहित कई मंदिरों में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। देश-विदेश से श्रद्धालुओं ने ज्योति कलश के लिए अग्रिम बुकिंग भी कराई है। डोंगरगढ़ में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने 10 एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज दिया है। 19 से 27 मार्च के बीच कुछ लोकल ट्रेनों का विस्तार किया गया है, वहीं दुर्ग-डोंगरगढ़ के बीच स्पेशल ट्रेन भी चलाई जा रही है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार नवरात्रि बेहद शुभ मानी जा रही है क्योंकि कलश स्थापना अमावस्या तिथि में हुई है और शुक्ल व ब्रह्म योग का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है। डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए सीढ़ियों के साथ रोपवे, पेयजल, विश्राम, भोजन और पार्किंग की व्यापक व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के लिए पुलिस की विशेष क्विक रिस्पांस टीम भी तैनात की गई है। बस्तर के मां दंतेश्वरी मंदिर में भी विशेष दर्शन, आवास, भंडारा और VIP सुविधा उपलब्ध रहेगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य, परिवहन और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।

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19 लाख वोटर नाम कटने के आरोप पर विधानसभा में हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट

Chhattisgarh विधानसभा के सत्र में SIR से जुड़े मुद्दे पर भारी हंगामा देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष Charandas Mahant ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगभग 19 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं और इस गंभीर मामले पर तत्काल चर्चा कराई जाए। उन्होंने इसे प्रदेश के नागरिकों के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया। इस पर भाजपा विधायक Ajay Chandrakar ने कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह जनहित या राज्यहित का विषय नहीं, बल्कि निर्वाचन से संबंधित मामला है और इसे सदन में नहीं उठाया जाना चाहिए। इस बयान के बाद पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और माहौल गरमा गया। विपक्ष के अन्य विधायकों ने आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और इसकी जांच जरूरी है। वहीं सत्ता पक्ष ने कहा कि प्रदेश में सब कुछ सामान्य है और विपक्ष के पास मुद्दों की कमी है। आखिरकार आसंदी ने यह कहते हुए स्थगन प्रस्ताव खारिज कर दिया कि यह मामला भारत निर्वाचन आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है। निर्णय से नाराज विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर निकल गए और वॉकआउट कर दिया। इससे पहले सदन में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 को प्रमुख विधायी कार्य के रूप में पेश करने की तैयारी की गई। इसके अलावा वीरता पदक प्राप्तकर्ताओं को मिलने वाली सुविधाओं, आयुष्मान योजना में कथित अनियमितता और अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी जैसे मुद्दों पर भी सवाल-जवाब हुए।

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Bilaspur में नाबालिग ने घर से चोरी कर थार खरीदने के लिए गहने चुराए, दोस्तों के साथ मिलकर बनाया प्लान

छत्तीसगढ़ के Bilaspur जिले में एक नाबालिग ने अपनी थार गाड़ी खरीदने के लिए अपने ही घर से गहने चोरी करवा डाले। आरोपी ने इस काम के लिए भारतीय सेना से रिटायर्ड जवान के बेटे को उकसाया और करीब 15 तोला सोना धीरे-धीरे पार करवा लिया। प्लान और चोरी मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है। बहतराई निवासी सेना के रिटायर्ड जवान सुशील कुमार शर्मा ने 14 मार्च को थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच में पता चला कि नाबालिग और उसके दोस्तों ने मिलकर अपने घर से जेवर चोरी करके उसे बेचने और उससे थार खरीदने की योजना बनाई थी। नकली और असली सोने की गड़बड़ी पूछताछ में पता चला कि दोस्तों ने असली जेवर लाने की बजाय नकली गहने दे दिए। नाबालिग को इसका पता नहीं चला और वे मिलकर गहनों को बेचने की तैयारी कर रहे थे। पैसे और धमकी सोने की बिक्री से प्राप्त रकम थार खरीदने के लिए पर्याप्त नहीं थी। जब पैसा खत्म हुआ, तब दोस्तों ने नाबालिग को फिर से गहने लाने के लिए दबाव डालना शुरू किया और मारपीट भी की। गहनों की बिक्री जांच में यह भी सामने आया कि चोरी के गहने को कोतवाली क्षेत्र के एक युवक के जरिए गांधी चौक के पास रहने वाले ज्वेलरी व्यापारी को बेचा गया। कुछ सोना गिरवी रखकर भी रुपए लिए गए। पुलिस ने इस मामले में महिला समेत दो अन्य खरीदारों को भी गिरफ्तार किया। पुलिस कार्रवाई पुलिस ने नाबालिग समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी के कब्जे से करीब 15 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के गहने बरामद किए गए। परिवार ने खुलवाया राज नाबालिग के घरवालों को जेवर गायब होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने पूछताछ की। तब पूरे प्लान का खुलासा हुआ और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

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Raigarh में दोस्त ने दोस्त को मारा, खाना बनाने पर हुआ विवाद, आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश

छत्तीसगढ़ के Raigarh जिले के तमनार थाना क्षेत्र में एक दोस्त ने अपने ही मित्र की हत्या कर दी। घटना की वजह थी खाना बनाने को लेकर विवाद। आरोपी ने शुरू में पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी कहानी बताई, लेकिन जांच में सच सामने आने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। विवाद और हत्या जानकारी के अनुसार 10 मार्च को बिजली कंपनी के टावर में चौकीदारी कर रहे लखन उर्फ धरभईया चौधरी (46) और अजहर अली (63) के बीच खाना बनाने को लेकर विवाद हुआ। यह विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। अजहर अली ने लखन का गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपी ने साजिश रची हत्याकांड के बाद अजहर अली ने पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी कहानी गढ़ी। उसने कहा कि 4-5 लोग लखन पर हमला कर रहे थे और उसने खुद डरकर जंगल में छिपा हुआ था। हालांकि जांच में यह पूरी तरह गलत साबित हुआ। पोस्टमार्टम में डॉक्टरों ने लखन के मुंह में प्लास्टिक का टुकड़ा पाया, जिससे स्पष्ट हुआ कि हत्या जानबूझकर की गई थी। हत्या के बाद की कार्रवाई अजहर ने हत्या के बाद टावर के पास लगी रस्सी काट दी ताकि किसी को शक न हो। उसने टॉर्च को धोकर और कपड़े जला कर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया पुलिस ने घटना की पूरी जांच के बाद अजहर अली को गिरफ्तार किया और घटना में इस्तेमाल टॉर्च बरामद की। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पूरी कहानी मामला इस बात का सबक भी है कि छोटी बातों पर विवाद और गुस्सा जानलेवा हो सकते हैं। खाना बनाने को लेकर शुरू हुआ झगड़ा अंततः दोस्त की हत्या में बदल गया और आरोपी की साजिश पुलिस ने भांप ली।

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Raigarh

Bilaspur में तनाव: हिंदू संगठनों ने सरकंडा थाना घेरकर किया हंगामा, राम सिंह पर FIR का विरोध

छत्तीसगढ़ के Bilaspur में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सरकंडा थाने का घेराव किया। यह हंगामा हिंदूवादी नेता ठाकुर राम सिंह के खिलाफ FIR दर्ज होने के विरोध में किया गया। राम सिंह पर आरोप है कि उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर आयत उल्लाह अली खामेनेई की मौत पर जश्न मनाया और मिठाइयां बांटी। सोशल मीडिया विवाद राम सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और उन्हें देशद्रोही बताया। इस पोस्ट के बाद मुस्लिम समाज के लोग नाराज हो गए और एसएसपी कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने अंततः राम सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कर दी। गिरफ्तारी देने का ऐलान और हंगामा राम सिंह ने हिंदू नववर्ष के एक दिन पहले, बुधवार को, सरकंडा थाने में स्वयं अपनी गिरफ्तारी देने की घोषणा की। सोशल मीडिया पर उन्होंने हिंदू संगठनों और सनातनियों को एकजुट होने का आह्वान किया। इसके बाद बड़ी संख्या में समर्थक राम सिंह के साथ थाने पहुंचे और नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। पुलिस ने रखा कड़ा इंतजाम पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और संभावित हिंसा को देखते हुए थाने परिसर में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए। अधिकारी समझाइश और नियंत्रण के जरिए स्थिति को शांत कराने में सफल रहे। पूरा मामला 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयत उल्लाह अली खामेनेई की मौत हुई थी। इस खबर के बाद बिलासपुर में राम सिंह ने सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणी की और जश्न मनाते हुए मिठाई बांटी। इसी घटना को लेकर FIR दर्ज की गई और अब मामला चर्चा का केंद्र बन गया है।

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पागल कुत्ते के काटने से फैला रैबीज: डेढ़ माह बाद महिला की मौत, जड़ी-बूटी से इलाज बना जानलेवा

छत्तीसगढ़ के Balrampur जिले में रैबीज से एक 34 वर्षीय महिला की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ माह पहले उसे पागल कुत्ते ने काट लिया था, लेकिन परिवार ने अस्पताल ले जाने के बजाय जड़ी-बूटी से उपचार कराया और एंटी-रैबीज टीका नहीं लगवाया। जानकारी के अनुसार महिला अपने पति के साथ जंगल में लकड़ी लेने गई थी, तभी कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया। घाव भरने के बाद परिजन निश्चिंत हो गए, लेकिन कुछ समय बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। 16 मार्च को हालत गंभीर होने पर उसे पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और फिर Ambikapur मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि मौत रैबीज संक्रमण के कारण हुई। दो दिनों के भीतर रैबीज से यह दूसरी और करीब डेढ़ माह में तीसरी मौत बताई जा रही है। इससे पहले जिले के एक अन्य व्यक्ति की भी रैबीज से जान जा चुकी है, जिसे महीनों पहले कुत्ते ने काटा था और उसने भी टीका नहीं लगवाया था। वहीं सरगुजा क्षेत्र में एक युवक की मौत उस समय हुई थी जब उसे टीके की कुछ खुराक मिल चुकी थी। लक्षण देर से भी आ सकते हैं ⚠️ विशेषज्ञों के अनुसार रैबीज संक्रमित जानवर के काटने से फैलता है और यदि समय पर एंटी-रैबीज इंजेक्शन न लगाया जाए तो महीनों बाद भी इसके लक्षण दिखाई दे सकते हैं। एक बार लक्षण शुरू होने पर रोग लगभग लाइलाज हो जाता है और मरीज की जान बचाना बेहद कठिन होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी जानवर के काटने पर तुरंत अस्पताल जाकर टीकाकरण कराएं और घरेलू या पारंपरिक इलाज पर निर्भर न रहें। 🏥

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रायपुर में नक्सलियों का शहरी नेटवर्क बेनकाब: मजदूर बनकर रहते थे, पेनड्राइव-कोडवर्ड से भेजते थे सूचना

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के शहरी नेटवर्क को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। राज्य अन्वेषण अभिकरण (SIA) ने 9 आरोपियों के खिलाफ बिलासपुर की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल करते हुए बताया कि ये लोग शहर में मजदूर बनकर रह रहे थे और गुप्त सूचनाएं जंगल में बैठे नक्सली नेताओं तक पहुंचा रहे थे। जांच के अनुसार आरोपी Raipur के रिहायशी इलाकों में किराए के मकानों में रहते थे, ताकि किसी को शक न हो। बताया गया कि संगठन का सदस्य आकाश उर्फ पवन उर्फ पुष्कर मुआर्य चंगोराभाठा क्षेत्र में मजदूर बनकर रह रहा था और यही मकान शहरी नेटवर्क का संचालन केंद्र बना हुआ था। पेनड्राइव और कोडवर्ड से होता था संपर्क 💻 SIA की जांच में सामने आया कि आरोपी पेनड्राइव, लिफाफों में बंद पत्र और तय कोडवर्ड के जरिए संदेश भेजते थे। वे Raipur, Simga, Rajim और Bilaspur में गुप्त बैठकों का आयोजन करते थे। कुछ आरोपी शहर और जंगल के बीच “कूरियर” की भूमिका निभाते थे—वे सूचनाएं, विस्फोटक सामग्री और जरूरी सामान पहुंचाते-लाते थे। छापे में सोना, नकदी और इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद 💰 जांच एजेंसी ने कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया, जिसमें सोने के बिस्किट, करीब 2.5 लाख रुपये नकद, लैपटॉप, कई पेनड्राइव और मोबाइल फोन शामिल हैं। कुल मिलाकर लगभग 30 तोला सोना मिलने की बात सामने आई है। कॉल इंटरसेप्शन से मिला सुराग 📡 खुफिया एजेंसियों को जग्गू उर्फ रवि उर्फ रमेश कुरसम और उसकी पत्नी कमला के बारे में फोन कॉल इंटरसेप्शन से जानकारी मिली। तकनीकी निगरानी में रायपुर से बस्तर क्षेत्र तक संपर्क होने के संकेत मिलने पर पुलिस सक्रिय हुई। 23 सितंबर 2025 को डीडी नगर थाने में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद जांच SIA को सौंपी गई। टीम ने रायपुर के साथ-साथ Bijapur और Narayanpur में भी दबिश देकर नेटवर्क को ध्वस्त किया। गिरफ्तारी के बाद बढ़ सकती है कार्रवाई ⚖️ गिरफ्तार आरोपियों पर गंभीर धाराओं—BNS और UAPA—के तहत केस दर्ज किया गया है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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