Chhattisgarh

गांजा के गढ़ में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: कुम्हारी की ओडिया बस्ती के सभी घरों की तलाशी, आधार-राशन कार्ड की जांच

दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र में पुलिस ने बुधवार तड़के सर्च ऑपरेशन चलाया। यह अभियान रुप नगर ओडिया बस्ती में नशे और अपराधों में बार-बार संलिप्तता की शिकायतों के आधार पर किया गया। पुलिस ने बस्ती को चारों तरफ से घेरकर हर घर की तलाशी ली और सभी निवासियों के दस्तावेजों की जांच की। बड़े पैमाने पर पुलिस बल तैनात इस कार्रवाई के लिए एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर लगभग 70 सदस्यीय टीम को लगाया गया। टीम में कुम्हारी, भिलाई-3 और खुर्सीपार थाना के स्टाफ, महिला रक्षा टीम और पुलिस लाइन के जवान शामिल थे। तलाशी के दौरान बस्ती के लगभग 120 घरों में दबिश दी गई और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और दस्तावेज (विशेषकर आधार कार्ड और राशन कार्ड) की जांच की गई। कार्रवाई से इलाके में हड़कंप अचानक हुई इस छापेमारी से बस्ती और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। भारी संख्या में पुलिस बल देखकर लोग अपने घरों से बाहर आए। पुलिस ने बस्ती की गलियों को चारों तरफ से घेरकर एक-एक घर की पूरी जांच की। बस्ती का अपराधों से जुड़ा इतिहास जानकारी के अनुसार, रुप नगर ओडिया बस्ती लंबे समय से गांजा बिक्री और नशे के अवैध कारोबार के लिए बदनाम है। पुलिस को लगातार इस इलाके से गांजा और ब्राउन शुगर की बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। हालांकि इस छापेमारी में कोई मादक पदार्थ नहीं मिला, लेकिन यह अभियान नशा कारोबारियों में डर पैदा करने में सफल रहा। तड़ीपार और संदिग्धों की जानकारी कुम्हारी थाना प्रभारी योगेंद्र वर्मा ने बताया कि बस्ती में पुराने अपराधी और संदिग्ध तत्व रहते हैं। इनमें से एक अपराधी को पहले ही तड़ीपार किया गया, जबकि दो अन्य संदिग्ध अक्सर बस्ती में दिखाई देते हैं। तलाशी अभियान के दौरान ये तीनों घर पर मौजूद नहीं थे। निरंतर निगरानी और अभियान एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि जिले में नशा और अपराधों के खिलाफ लगातार छापेमारी और चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। गांजा, हेरोइन, ब्राउन शुगर और अन्य नशीली दवाओं के कारोबार में शामिल लोगों पर पुलिस की नजर बनी हुई है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है, बल्कि स्थानीय लोगों में पुलिस की मौजूदगी का संदेश देना भी है।

गांजा के गढ़ में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: कुम्हारी की ओडिया बस्ती के सभी घरों की तलाशी, आधार-राशन कार्ड की जांच Read Post »

Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Crime

भाजपा ने जारी किया भूपेश-बघेल के पूर्व ओएसडी का वीडियो, पाटन में दुकान आवंटन विवाद और ‘गुंडागर्दी’ का आरोप

छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ओएसडी रहे आशीष वर्मा से जुड़ा एक वीडियो राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। भाजपा ने इसे ‘गुंडागर्दी’ बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है, जबकि कांग्रेस ने इसे अधूरा और भ्रामक करार देते हुए सफाई दी है। भाजपा का आरोप भाजपा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर 21 सेकेंड का वीडियो साझा किया और दावा किया कि भूपेश सरकार के दौरान नियम-कायदों को अपनी निजी जागीर समझने वाले लोग अब अधिकारियों को धमका रहे हैं। भाजपा के अनुसार, वीडियो में आशीष वर्मा अधिकारियों को ‘आपका भी परिवार है’ कहकर धमकी देते हुए दिख रहे हैं। भाजपा के कैप्शन में लिखा गया:“भूपेश के ओएसडी रहे आशीष वर्मा की पाटन में चल रही गुंडागर्दी शर्मनाक है। भूपेश जी अपने गुर्गों को संभालिए, जो अधिकारियों को धमका रहे हैं।” कांग्रेस का खंडन कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों का फौरन खंडन किया और पूरा 51 सेकेंड का वीडियो जारी किया। उनका दावा है कि भाजपा ने संपादित वीडियो चलाकर पूर्व मुख्यमंत्री और उनके सहयोगियों की छवि खराब करने की कोशिश की। कांग्रेस के अनुसार, पूरा वीडियो दिखाता है कि वर्मा किसी को धमका नहीं रहे थे, बल्कि नियम और कानून का पालन करने की सलाह दे रहे थे। कांग्रेस द्वारा जारी वीडियो में वर्मा कहते हैं:“आप अधिकारी हैं, नियम को फॉलो करवाने के लिए बैठे हैं। यदि जनप्रतिनिधि गलत प्रस्ताव लाता है, तो उसे रोकना आपकी जिम्मेदारी है। नियम न मानने पर दंड अधिकारी को ही मिलेगा।” वर्मा की सफाई आशीष वर्मा ने कहा कि उन्होंने किसी को धमकी नहीं दी, बल्कि समझाइश दी। उनका कहना है कि अधिकारियों का काम नियम और संविधान का पालन कराना है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने आधा वीडियो चलाकर भ्रम फैलाया। भाजपा का रुख दुर्ग जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने कहा कि वीडियो में जो देखा जा रहा है, वही सच्चाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भूपेश सरकार के दौरान भ्रष्टाचार और दादागिरी का माहौल था और अब भी कांग्रेस उसी मानसिकता में है कि सरकारी व्यवस्था उनकी निजी जागीर है। विवाद की जड़: पाटन नगर पंचायत में दुकानों का आवंटन विवाद पाटन नगर पंचायत के दुकान आवंटन से जुड़ा है। पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के कार्यकाल में बस स्टैंड के पास फुटकर व्यापारियों के लिए व्यवसायिक परिसर का निर्माण हुआ। 2022 में भवन तैयार होने के बावजूद आवंटन में देरी हुई। कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष आभास दुबे का आरोप है कि 193 आवेदकों में से केवल 37 को बिना सूचना चुना गया, रोस्टर प्रणाली का पालन नहीं हुआ और ज्यादातर दुकानों पर बीजेपी से जुड़े लोगों को फायदा पहुंचा। इसी कारण हाईकोर्ट में पिटीशन दायर की गई और फिलहाल आवंटन पर रोक लगी है। प्रशासनिक जांच दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने आदेश दिए कि नगर पंचायत पाटन में दुकानों के आवंटन में मिली भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच की जाए। एसडीएम पाटन को तत्काल जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर पंचायत के सीएमओ हेमंत वर्मा और अध्यक्ष योगेश भाले से संपर्क नहीं हो पाया।

भाजपा ने जारी किया भूपेश-बघेल के पूर्व ओएसडी का वीडियो, पाटन में दुकान आवंटन विवाद और ‘गुंडागर्दी’ का आरोप Read Post »

Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Political

बिलासपुर में महिला का अधजला शव मिला: दोनों पैर साड़ी से बंधे, हत्या के बाद जलाने का शक, पुलिस जांच में जुटी

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक महिला का अधजला शव मिला है। यह शव रतनपुर के खूंटाघाट डैम के पास झाड़ियों में पड़ा पाया गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार यह घटना लगभग एक हफ्ते पुरानी है। शव के दोनों पैर साड़ी से बंधे हुए मिले हैं, जिससे पुलिस को हत्या के बाद शव जलाने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल महिला की पहचान नहीं हो पाई है। घटना स्थल और सूचना यह मामला रतनपुर थाना क्षेत्र का है। डैम के पास से आने वाली बदबू के कारण स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि महिला का शव झाड़ियों के नीचे पड़ा था और उसके पैरों को साड़ी से बांधकर जलाया गया था। साड़ी पैरों से चिपकी हुई मिली। फोरेंसिक जांच और हत्या की संभावना पुलिस ने हत्या की संभावना को ध्यान में रखते हुए फोरेंसिक टीम को बुलाया। प्रारंभिक जांच में शव के केवल 10 प्रतिशत अंग ही बरामद हुए हैं; बाकी 90 प्रतिशत अंग डिस्पोज़ हो चुके हैं। शव के यह हालात यह संकेत देते हैं कि महिला की पहचान और सबूत मिटाने के लिए शव जलाया गया। स्थानीय हालात और पहचान में दिक्कत खूंटाघाट डैम एक पिकनिक स्पॉट है और आसपास जंगल से घिरा हुआ है। घटना स्थल मुख्य सड़क से दूर होने के कारण किसी भी सुराग का पता लगाना कठिन हो गया। आसपास के लोगों और स्थानीय थानों में गुमशुदगी के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने हत्या की आशंका के आधार पर संदिग्धों और इलाके में आने-जाने वाले लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। मौके पर कोई ऐसा सामान नहीं मिला जिससे महिला या हत्यारों की पहचान की जा सके। शव की स्थिति और चुनौतियां शव के अधिकांश हिस्से कुत्तों द्वारा इधर-उधर बिखरे पाए गए। पंचनामा तैयार कर शव के बचे हुए हिस्सों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। इस वजह से आसपास के लोग भी महिला की पहचान नहीं कर सके। हत्या और साक्ष्य मिटाने का शक पुलिस का अनुमान है कि महिला की हत्या के बाद शव को जंगल में फेंककर जलाया गया। पैरों का साड़ी से बंधा होना और अधजला शव यही संकेत दे रहा है। महिला की पहचान करना अब पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।

बिलासपुर में महिला का अधजला शव मिला: दोनों पैर साड़ी से बंधे, हत्या के बाद जलाने का शक, पुलिस जांच में जुटी Read Post »

Bilashpur, Chhattisgarh, State, Top News

छत्तीसगढ़ बना देश का सबसे तेज़ ई-ऑफिस रोलआउट करने वाला राज्यएक साल में मंत्रालय से ब्लॉक तक पहुंची सुविधा, नोटिंग बाद में नहीं बदली जा सकती, अगले साल तक हर गांव में लागू होगी

छत्तीसगढ़ ने ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य अब देश का सबसे तेज़ डिजिटल परिवर्तन करने वाला राज्य बन गया है। केवल एक साल में ई-ऑफिस प्रणाली सचिवालय से लेकर तहसील और ब्लॉक स्तर तक पूरी तरह लागू हो चुकी है। अगले साल तक इसे गांवों तक भी पहुँचाया जाएगा। ई-ऑफिस प्रणाली की मदद से हर फाइल की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक की जा सकती है। अब किसी भी स्तर पर फाइल अटकने या विलंब होने का खतरा नहीं है। सभी अधिकारी और कर्मचारी फाइल की प्रगति देख सकते हैं। इस प्रणाली में किसी भी अधिकारी द्वारा की गई नोटिंग को बाद में बदला नहीं जा सकता। सभी डेटा को मल्टीपल सर्वर पर सुरक्षित रखा गया है, जिससे सर्वर फेल होने या तकनीकी समस्या आने पर भी डेटा सुरक्षित रहता है। कागज से क्लाउड की ओर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि ई-ऑफिस ने शासन में ई-गवर्नेंस को संपूर्ण डिजिटल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया है। अब हर फाइल का रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित है। ई-ऑफिस ने सरकारी कामकाज को कागज से क्लाउड की दिशा में अग्रसर किया है। इससे पारदर्शिता, गति और विश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। अब एक ही दिन में निपट रही फाइलें सचिवालय में लगभग 1.15 लाख फाइलें, विभागाध्यक्ष कार्यालयों में 73,969 फाइलें, और जिला कार्यालयों में 32,000 फाइलें अब ई-ऑफिस से संचालित हो चुकी हैं। ई-ऑफिस लागू होने के बाद फाइलों के निपटान का औसत समय हफ्तों से घटकर केवल एक दिन रह गया है। फाइलों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने की आवश्यकता समाप्त हो गई है। इस बदलाव से डीज़ल और वाहन खर्च में बचत हुई है और समय का अधिकतम उपयोग संभव हो पाया है। अब वह फाइल जो पहले हफ्तों में निपटती थी, अब एक ही दिन में निपट जाती है। साथ ही, ऑटो-अप्रूवल मैकेनिज़्म की सुविधा के चलते रूटीन फाइलें स्वचालित रूप से अप्रूव हो जाती हैं।

छत्तीसगढ़ बना देश का सबसे तेज़ ई-ऑफिस रोलआउट करने वाला राज्यएक साल में मंत्रालय से ब्लॉक तक पहुंची सुविधा, नोटिंग बाद में नहीं बदली जा सकती, अगले साल तक हर गांव में लागू होगी Read Post »

Chhattisgarh, State, Top News

सख्ती: मैजिक बॉक्स से की जाएगी मिलावट की तुरंत पहचान, खराब तेल और मिठाई को मौके पर नष्ट किया जाएगा35 टीमों और 8 मोबाइल टेस्टिंग लैब्स के साथ चौकसी, शिकायत के लिए हेल्पलाइन: 9340597097

त्योहारी सीजन में खाने-पीने की चीजों में मिलावट रोकने के लिए प्रदेशभर में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। पहली बार मैजिक बॉक्स तकनीक का उपयोग करके बाजारों में ऑन-स्पॉट जांच की जा रही है। इस अभियान के लिए विभाग ने 35 से अधिक टीमों और 8 मोबाइल टेस्टिंग लैब्स को सक्रिय किया है। खाद्य विभाग का लक्ष्य इस बार 1200 से अधिक सैंपल जांचना है, जो अब तक का सबसे बड़ा अभियान है। हर टीम को प्रतिदिन लगभग 20 सैंपल जांचने का टारगेट दिया गया है। मोबाइल वैन की मदद से दुकानों और बाजारों में जाकर मिलावटी सामान को तुरंत जब्त और नष्ट किया जाएगा। त्योहारी सीजन में मिलावट रोकने के लिए खाद्य विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 9340597097 जारी किया है। इस नंबर पर सप्ताह के सातों दिन, 24 घंटे शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। कंट्रोल रूम से यह भी मॉनिटर किया जा रहा है कि शिकायतों का समाधान सही समय पर हो रहा है या नहीं। मैजिक बॉक्स क्या है मैजिक बॉक्स एक पोर्टेबल किट है, जो खाद्य सामग्री में मिलावट की पहचान करती है। इसके जरिए मिठाई में कृत्रिम रंग, तेल में हानिकारक रसायन, दूध में डिटर्जेंट या स्टार्च जैसी मिलावट तुरंत पकड़ी जा सकती है। एक यूनिट तीन जिले कवर करेगी प्रत्येक मोबाइल यूनिट को तीन जिलों का कवरेज दिया गया है। छोटे जिलों के लिए एक यूनिट रखी गई है। उदाहरण के लिए: बाजारों में लगातार कार्रवाई प्रदेशभर में 35 से अधिक टीमें लगातार जांच कर रही हैं। हर छोटे-बड़े बाजार में जाकर मिलावटी उत्पादों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।— दीपक अग्रवाल, फूड एंड ड्रग कंट्रोलर

सख्ती: मैजिक बॉक्स से की जाएगी मिलावट की तुरंत पहचान, खराब तेल और मिठाई को मौके पर नष्ट किया जाएगा35 टीमों और 8 मोबाइल टेस्टिंग लैब्स के साथ चौकसी, शिकायत के लिए हेल्पलाइन: 9340597097 Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, State, Top News

कांकेर में बस और ट्रक की टक्कर, 14 घायल; दो को रायपुर रेफर

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में गुरुवार (16 अक्टूबर) की सुबह सुकमा से रायपुर जा रही एक यात्री बस और सड़क किनारे खड़े ट्रक में टक्कर हो गई। हादसा सुबह 4 बजे नेशनल हाईवे 30 के जंगलवार कॉलेज के पास हुआ। सड़क किनारे खड़ा पंचर ट्रक अंधेरे में बस ड्राइवर को दिखाई नहीं दिया, जिससे बस उसके पीछे टकरा गई। घायलों की स्थिति:इस दुर्घटना में बस चालक अमित सिंह निर्मलकर, उनकी बहन पल्लवी निर्मलकर और 12 अन्य यात्री घायल हुए, कुल 14 लोग गंभीर रूप से चोटिल हुए। प्राथमिक उपचार के बाद ड्राइवर और उनकी बहन को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया। दुर्घटना का कारण:बस चालक ने बताया कि ट्रक के पीछे बंधा तिरपाल रेडियम पट्टी को ढककर रखता था, जिससे अंधेरे में ट्रक दिखाई नहीं दिया। जैसे ही बस की हेडलाइट से ट्रक नजर आया, टक्कर होना अपरिहार्य था। राहत और ट्रैफिक व्यवस्था:पुलिस और संजीवनी 108 टीम ने मौके पर राहत-बचाव कार्य किया और सभी घायलों को कांकेर जिला अस्पताल पहुंचाया। दुर्घटनाग्रस्त बस को सड़क से हटाया गया और यात्रियों को महिंद्रा ट्रेवल्स की दूसरी बस में शिफ्ट कर रायपुर भेजा गया। यातायात प्रभारी दीपक साव और उनकी टीम ने घंटों तक जाम हटाने का काम किया। यह हादसा सड़क किनारे खड़े वाहनों और अंधेरे में दृश्यता कम होने के कारण हुआ, जिससे भविष्य में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर ध्यान देने की बात सामने आई है।

कांकेर में बस और ट्रक की टक्कर, 14 घायल; दो को रायपुर रेफर Read Post »

Chhattisgarh, Crime

छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण का नया तरीका: महिला प्रचारकों की रणनीति

छत्तीसगढ़ के शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में धर्मांतरण के तरीकों में बदलाव देखा गया है। अब मिशनरी संगठन महिलाओं और बच्चियों को सीधे लक्ष्य बना रहे हैं। इसमें महिला प्रचारक पहले अपनी पहचान छिपाकर, बीमारियों और अंधविश्वास से जूझ रही महिलाओं से नजदीकी बढ़ाती हैं, फिर उन्हें “चंगाई सभा” में लेकर जाती हैं और मसीही धर्म अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। सरकार की कार्रवाई:मंगलवार को डिप्टी सीएम और गृह मंत्री विजय शर्मा ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कहा कि इसे रोकने के लिए कठोर एक्ट लाने की योजना है। प्रचार का तरीका:कोरबा और जांजगीर जिलों में जांच के दौरान पता चला कि चंगाई सभा के जरिए महिलाओं और बच्चियों को ईसाई बनाया जा रहा है। धर्मांतरण के बाद भी कई महिलाएं अपना नाम और हुलिया नहीं बदलतीं, लेकिन गुप्त रूप से धर्म प्रचार में सहयोग करती हैं। महिलाओं को प्रार्थना और उपचार के नाम पर चर्च तक लाया जाता है। अधिकांश मामलों में बीमारी या शारीरिक कष्ट का समाधान और 20% मामलों में जादू-टोना जैसे अंधविश्वास का इलाज करने का दावा किया जाता है। एलोपैथिक उपचार किया जाता है, लेकिन इसे प्रभु की कृपा के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। बच्चियों का प्रशिक्षण:मजदूर वर्ग की 3 साल या उससे अधिक उम्र की बच्चियों को चर्च के छात्रावास में रखा जाता है, जहां उन्हें पढ़ाई के साथ धर्म प्रचारक बनने की ट्रेनिंग दी जाती है। वे बाइबिल के वचन कंठस्थ करके चर्च में सुनाती हैं। पास्टर बाबूलाल का दावा:कोथारी के पास्टर बाबूलाल मिरी का कहना है कि वे प्रभु की कृपा से हर रोग और परेशानी का इलाज करते हैं। जायदाद, जादू-टोना जैसी समस्याओं से भी मुक्ति दिलाते हैं। धर्मांतरण में नाम बदलने की बाध्यता समाप्त:सरकार को वास्तविक आंकड़ा न पता चले और आरक्षण का लाभ महिलाओं को मिलता रहे, इसके लिए मिशनरी अब नाम और सरनेम बदलने की आवश्यकता नहीं रखते। धर्म बदलने के बावजूद हिंदू नाम वाले लोग भी ईसाई धर्म का प्रचार कर सकते हैं। इस नई रणनीति में मुख्य रूप से महिलाएं, युवतियां और बच्चियां शामिल हैं, जो बीमारी, अंधविश्वास और सामाजिक परेशानियों का हवाला देकर धर्म परिवर्तन के जाल में फंस रही हैं।

छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण का नया तरीका: महिला प्रचारकों की रणनीति Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, State

रायपुर में आज शाम पानी की सप्लाई बंद रहेगी, 42 इलाकों में होगा असर

रायपुर के कई क्षेत्रों में आज 16 अक्टूबर (गुरुवार) को शाम के समय पानी की आपूर्ति प्रभावित रहेगी। इसका कारण छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) द्वारा 33 केवी लाइन में मेंटनेंस का कार्य है। इस दौरान सुबह से दोपहर तक 6 घंटे का बिजली शटडाउन रहेगा, जिससे शहर के वाटर प्लांट प्रभावित होंगे और पानी की सप्लाई रुक जाएगी। नगर निगम के फिल्टर प्लांट के कार्यपालन अभियंता नरसिंह फरेंद्र के अनुसार, शटडाउन के कारण शहर के 80 एमएलडी, 150 एमएलडी और नए 80 एमएलडी वाटर प्लांट से जुड़ी कुल 42 टंकियों से पानी की सप्लाई शाम को बंद रहेगी। प्रभावित क्षेत्र: पानी की सप्लाई कब बहाल होगी?16 अक्टूबर को केवल सुबह पानी की सप्लाई उपलब्ध रहेगी। शाम में इन इलाकों में पानी नहीं आएगा। 17 अक्टूबर से पानी की आपूर्ति सामान्य रूप से बहाल हो जाएगी। शहर के अन्य हिस्सों में, जहां अलग टंकियों और पावर पंपों से पानी आता है, वहां कोई असर नहीं होगा।

रायपुर में आज शाम पानी की सप्लाई बंद रहेगी, 42 इलाकों में होगा असर Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, Top News

बस्तर में नक्सलवाद कमजोर पड़ने लगा: 20 महीनों में 1,876 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई और सरकार की पुनर्वास नीति का असर साफ दिखने लगा है। बीते 20 महीनों में कुल 1,876 नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटते हुए सरेंडर किया है। इनमें से हाल ही में कांकेर जिले में 100 नक्सलियों ने हथियार डाले, जिनमें टॉप कमांडर राजू सलाम, प्रसाद और मीना जैसे नाम शामिल हैं। सभी नक्सलियों को कामतेड़ा BSF कैंप में बस के जरिए लाया गया और सुरक्षा कारणों से कैंप में हाई अलर्ट घोषित किया गया। जानकारी के मुताबिक, राजू सलाम लंबे समय से रावघाट क्षेत्र में सक्रिय डिवीजनल कमेटी मेंबर (DVCM) और कंपनी नंबर-5 का कमांडर था। वह बीते दो दशकों में कांकेर में हुई कई बड़ी नक्सली वारदातों का मुख्य मास्टरमाइंड माना जाता है। इस बड़े आत्मसमर्पण के बाद इलाके में शांति और विकास की उम्मीदें और मजबूत हुई हैं। पुलिस फिलहाल सभी surrendered नक्सलियों की पहचान कर रही है और जल्द ही उन्हें मीडिया के सामने पेश किया जा सकता है। इसके पहले, महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में नक्सल संगठन के पोलित ब्यूरो सदस्य और 6 करोड़ के इनामी मोजुल्ला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति उर्फ सोनू दादा ने 61 साथियों के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने आत्मसमर्पण किया। भूपति पिछले चार दशकों से सक्रिय था और छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश व ओडिशा समेत कई राज्यों में मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल था। उस पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 1 से 1.5 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था। बताया जा रहा है कि सुरक्षा एजेंसियों के लगातार दबाव और संगठन की घटती पकड़ के चलते उसने सरेंडर का फैसला लिया। इसी तरह सुकमा जिले में 27 नक्सलियों (10 महिलाएं और 17 पुरुष) ने 14 अक्टूबर को सरेंडर किया। इन सभी पर मिलाकर 50 लाख रुपये से अधिक का इनाम घोषित था। इनमें पीएलजीए बटालियन नंबर-1 और रिजनल मिलिट्री कंपनी के हार्डकोर सदस्य भी शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने बताया कि वे राज्य सरकार की “नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति 2025” और “नियद नेल्ला नार योजना” से प्रभावित हुए हैं। साथ ही, उन्होंने सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और संगठन की अमानवीय विचारधारा से तंग आकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया। सरकार ने सभी surrender करने वालों को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और पुनर्वास सुविधाएं देने की घोषणा की है।

बस्तर में नक्सलवाद कमजोर पड़ने लगा: 20 महीनों में 1,876 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण Read Post »

Chhattisgarh

रायगढ़ के 105 क्षेत्रों में आज 4 घंटे बिजली बंद: दिवाली से पहले मेंटेनेंस का काम

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में आज 15 अक्टूबर को लगभग 105 क्षेत्रों में 4 घंटे तक बिजली सप्लाई बाधित रहेगी। इसमें जज और कलेक्टर बंगले के साथ-साथ आसपास के कई क्षेत्र शामिल हैं। बिजली विभाग दिवाली से पहले मेंटेनेंस और सुधार कार्य कर रहा है, जिसके कारण यह बाधा आएगी। कोतरा रोड 132 KV उपकेंद्र में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक रखरखाव कार्य होगा। इस दौरान जज बंगला, कलेक्टर बंगला, कोतरा रोड थाना चौक, विकास नगर (गली 1, 2, 3), दशरथ पान ठेला, बुढ़ी माई मंदिर क्षेत्र, सुल्तानिया कॉलोनी, देवघर हाइट्स और गुरुशरण विला क्षेत्र की बिजली प्रभावित रहेगी। जोन 1 के अन्य प्रभावित क्षेत्र:CSEB कॉलोनी, क्षेत्रीय भंडार, अटल आवास, गोकुलधाम, राजीव नगर (गली 2 और 3), मधुबन बिल्डिंग, बावली कुआं, सिटी हॉस्पिटल, घड़ी चौक, रामलीला मैदान, सब शामिल होंगे। साथ ही, CSEB कॉलोनी सुभाष नगर, रूकमणि विहार कॉलोनी, सावित्री नगर, मोदीपारा, सोनिया नगर, रेलवे कॉलोनी, रेलवे बंगलापारा, गजानंदपुरम कॉलोनी, जी हाइट, गबेल कॉलोनी, नेक्सा सर्विस सेंटर, कोतरा रोड बाईपास क्षेत्र, कलमीडिपा पारा, कलमी मंगलूडीपा क्षेत्र, गोरखा हाई स्कूल, गोरखा पुरानी बस्ती, गोरखा रिलायंस पेट्रोल पंप, गोरखा जानकी होटल, साई इंक्लेव कॉलोनी, जमनी पारा आंगनबाड़ी क्षेत्र भी प्रभावित होंगे। जोन 2 में भी मेंटेनेंस कार्य:जोन 2 में 3311 KV ट्रांसपोर्ट नगर और मिठ्ठूमुड़ा सब स्टेशन से 7 फीडरों के जरिए 62 स्थानों पर बिजली 4 घंटे के लिए बंद रहेगी। इसमें सावित्री नगर, बेनिकुंज, क्रिस्टल ग्रीन कॉलोनी, शंकर ट्रेडिंग, भजन डीपा, भक्तिन डीपा, बजरंग डीपा, सोनू मुड़ा नवापारा, सोनकर पारा शामिल हैं। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड, यूपी बिहार ढाबा, कालिंदी प्राइड, सांगीतराई डीपापारा, बस्ती, अम्लीभौना ऊपर पारा और नीचे पारा के क्षेत्रों में भी बिजली नहीं रहेगी। 11 KV आदर्श नगर फीडर क्षेत्र:चमड़ा गोदाम आदर्श नगर, शीला पेट्रोल पंप, अजित पेट्रोल पंप, श्रवण ढाबा, अम्लीभौना इंदिरा आवास, मोहल्ला, टियांश कॉलोनी, तेंदुडीपा, सोनुमुड़ा सोनकर पारा, देवार पारा में 4 घंटे बिजली बंद रहेगी। अन्य प्रभावित क्षेत्र:बाबाधाम क्षेत्र, ओरो हिल्स कॉलोनी, कलारमुड़ा, बरमुड़ा, जनक हॉस्पिटल, कलमी फाटक, कोया नगर, कोसमनारा, कलमी, सराईपाली, कोसमपाली, गोदाम डीपा, मिठ्ठूमुड़ा दुर्गा चौक, झोपड़ी पारा, हीरानगर, कालिंदी हाइट्स, कालिंदी कुंज कॉलोनी, FCI गोदाम, गुरु घासीदास नगर, जेवीजी छाया कॉलोनी, मिशनरी शांति दान, गोगा मंदिर चौक, कैदीमुड़ा, विश्वासगढ़ चर्च, मौदहापारा, पटेल कॉलोनी, कल्याण कॉलोनी, रेलवे कॉलोनी, पाइप फैक्ट्री क्षेत्र भी बिजली बाधित रहेगी। किरोड़ीमल नगर क्षेत्र में मेंटेनेंस:3311 KV किरोड़ीमल नगर उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्र में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक बिजली नहीं रहेगी। प्रभावित क्षेत्र: किरोड़ीमल नगर, चिराईपानी, परसदा, केराझर, डोंगाधकेल, मुराली पाली। आवश्यकता पड़ने पर समय में बदलाव किया जा सकता है। यह मेंटेनेंस कार्य दिवाली से पहले बिजली आपूर्ति को बेहतर और स्थायी बनाने के लिए किया जा रहा है।

रायगढ़ के 105 क्षेत्रों में आज 4 घंटे बिजली बंद: दिवाली से पहले मेंटेनेंस का काम Read Post »

Chhattisgarh, State
Scroll to Top