गांजा के गढ़ में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: कुम्हारी की ओडिया बस्ती के सभी घरों की तलाशी, आधार-राशन कार्ड की जांच
दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र में पुलिस ने बुधवार तड़के सर्च ऑपरेशन चलाया। यह अभियान रुप नगर ओडिया बस्ती में नशे और अपराधों में बार-बार संलिप्तता की शिकायतों के आधार पर किया गया। पुलिस ने बस्ती को चारों तरफ से घेरकर हर घर की तलाशी ली और सभी निवासियों के दस्तावेजों की जांच की। बड़े पैमाने पर पुलिस बल तैनात इस कार्रवाई के लिए एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर लगभग 70 सदस्यीय टीम को लगाया गया। टीम में कुम्हारी, भिलाई-3 और खुर्सीपार थाना के स्टाफ, महिला रक्षा टीम और पुलिस लाइन के जवान शामिल थे। तलाशी के दौरान बस्ती के लगभग 120 घरों में दबिश दी गई और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और दस्तावेज (विशेषकर आधार कार्ड और राशन कार्ड) की जांच की गई। कार्रवाई से इलाके में हड़कंप अचानक हुई इस छापेमारी से बस्ती और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। भारी संख्या में पुलिस बल देखकर लोग अपने घरों से बाहर आए। पुलिस ने बस्ती की गलियों को चारों तरफ से घेरकर एक-एक घर की पूरी जांच की। बस्ती का अपराधों से जुड़ा इतिहास जानकारी के अनुसार, रुप नगर ओडिया बस्ती लंबे समय से गांजा बिक्री और नशे के अवैध कारोबार के लिए बदनाम है। पुलिस को लगातार इस इलाके से गांजा और ब्राउन शुगर की बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। हालांकि इस छापेमारी में कोई मादक पदार्थ नहीं मिला, लेकिन यह अभियान नशा कारोबारियों में डर पैदा करने में सफल रहा। तड़ीपार और संदिग्धों की जानकारी कुम्हारी थाना प्रभारी योगेंद्र वर्मा ने बताया कि बस्ती में पुराने अपराधी और संदिग्ध तत्व रहते हैं। इनमें से एक अपराधी को पहले ही तड़ीपार किया गया, जबकि दो अन्य संदिग्ध अक्सर बस्ती में दिखाई देते हैं। तलाशी अभियान के दौरान ये तीनों घर पर मौजूद नहीं थे। निरंतर निगरानी और अभियान एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि जिले में नशा और अपराधों के खिलाफ लगातार छापेमारी और चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। गांजा, हेरोइन, ब्राउन शुगर और अन्य नशीली दवाओं के कारोबार में शामिल लोगों पर पुलिस की नजर बनी हुई है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है, बल्कि स्थानीय लोगों में पुलिस की मौजूदगी का संदेश देना भी है।










