Chhattisgarh

सिम्स बिलासपुर में पहली बार VATS तकनीक से फेफड़ों की जटिल सर्जरी, मरीजों को मिली बड़ी राहत

बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) ने चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान में पहली बार आधुनिक वीडियो असिस्टेड थोरास्कोपिक सर्जरी (VATS) तकनीक के जरिए टीबी जनित प्लूरल इफ्यूजन (फेफड़ों के आसपास पानी भरने) से पीड़ित 57 वर्षीय मरीज का सफल ऑपरेशन किया गया। इस उपलब्धि के बाद अब फेफड़ों और छाती से जुड़ी कई जटिल बीमारियों का इलाज सिम्स में ही संभव होगा। जानकारी के अनुसार, 57 वर्षीय मरीज पिछले तीन महीने से लगातार बुखार से पीड़ित था। शुरुआती इलाज निजी अस्पताल में किया गया, जहां उसे टाइफाइड की दवाइयां दी गईं, लेकिन बाद की जांच में दाहिने फेफड़े के आसपास पानी जमा होने की पुष्टि हुई। सिम्स के टीबी विभाग में भर्ती करने पर मरीज में टीबी जनित प्लूरल इफ्यूजन की पहचान हुई और उपचार शुरू किया गया। बार-बार पानी निकालने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं होने पर उसे जनरल सर्जरी विभाग भेजा गया। इसके बाद टीबी, जनरल सर्जरी और एनेस्थीसिया विभाग की संयुक्त टीम ने पहली बार VATS तकनीक का उपयोग करते हुए सफल ऑपरेशन किया। सर्जरी के दौरान फेफड़े के आसपास जमा तरल पदार्थ निकाला गया, डिकॉर्टिकेशन किया गया और बायोप्सी भी की गई। ऑपरेशन सफल रहा और मरीज अब तेजी से स्वस्थ होकर नियमित फॉलो-अप पर है। सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने बताया कि VATS मशीन उपलब्ध होने के बाद यह संस्थान की पहली सफल सर्जरी है। पहले इस तरह के 10 से 12 मरीजों को हर महीने बड़े चिकित्सा संस्थानों में रेफर करना पड़ता था, लेकिन अब यह सुविधा बिलासपुर में ही उपलब्ध रहेगी। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह के अनुसार, निजी अस्पतालों में इस सर्जरी पर लगभग 1 से 2 लाख रुपये तक का खर्च आता है, जबकि सिम्स में यह सुविधा शासकीय शुल्क पर तथा आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों को उपलब्ध कराई जाएगी। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि लगातार बुखार, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या फेफड़ों में पानी भरने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर जांच कराएं। इस सफल सर्जरी को जनरल सर्जरी विभाग के डॉ. कोमल प्रसाद देवांगन, डॉ. विनोद तमकनंद और डॉ. सुशील पात्रे ने अंजाम दिया। उनके साथ जूनियर रेजिडेंट डॉ. ऋतेश, डॉ. गरिमा शर्मा, टीबी विभाग के डॉ. अनिल डरसेना एवं उनकी टीम तथा एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सिम्स बिलासपुर में पहली बार VATS तकनीक से फेफड़ों की जटिल सर्जरी, मरीजों को मिली बड़ी राहत Read Post »

Bilaspur, Health, State, Top News

53 करोड़ की फर्जी GST बिलिंग का खुलासा, मुख्य आरोपी विजय कुमार यादव गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ राज्य GST विभाग ने फर्जी बिलिंग और बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के बड़े मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी विजय कुमार यादव को गिरफ्तार किया है। विभाग के अनुसार आरोपी ने करीब 53 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग के जरिए 9.54 करोड़ रुपये की GST चोरी की। उसे 20 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था और अदालत ने 3 अगस्त तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि विजय कुमार यादव ने मेसर्स माया स्टील एंड एंटरप्राइज और मेसर्स मायरा स्टील एंटरप्राइजेज के नाम से दो फर्मों का संचालन किया। इन फर्मों के माध्यम से बिना वास्तविक कारोबार के 53 करोड़ रुपये के फर्जी बिल जारी किए गए और 9.54 करोड़ रुपये का बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) विभिन्न फर्मों को ट्रांसफर किया गया। जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी ने बंद हो चुकी और फर्जी कंपनियों से प्राप्त ITC का दावा कर उसका उपयोग अपनी GST देनदारी चुकाने में किया। विभाग के अनुसार 10 ऐसी फर्मों से, जिनका GST पंजीकरण रद्द हो चुका था या जो आपस में संबंधित थीं, ITC-02 के माध्यम से 6.13 करोड़ रुपये का फर्जी ITC ट्रांसफर किया गया, जबकि उनके बीच किसी प्रकार का वास्तविक विलय, डी-मर्जर या अमलगमेशन नहीं हुआ था। इसके अलावा पंजाब सहित अन्य राज्यों की 9 ऐसी फर्मों से, जिनका GST पंजीकरण रद्द था या जो अस्तित्व में नहीं थीं, 1.99 करोड़ रुपये के फर्जी ITC का दावा किया गया। जांच के दौरान इन फर्मों से किसी भी प्रकार की वास्तविक माल आपूर्ति के प्रमाण नहीं मिले। विभाग ने यह भी पाया कि बिना वास्तविक खरीद के GSTR-2B और GSTR-3B के बीच अंतर दिखाकर 1.41 करोड़ रुपये का अतिरिक्त इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम किया गया और उसका लाभ लिया गया। GST विभाग के मुताबिक आरोपी ने केवल अन्य फर्मों को ही 9.54 करोड़ रुपये का फर्जी ITC ट्रांसफर नहीं किया, बल्कि स्वयं भी समान राशि का गलत तरीके से ITC लाभ प्राप्त किया। बिना किसी वास्तविक खरीद-बिक्री के केवल कागजी बिलों के आधार पर लेनदेन दिखाकर शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया। राज्य GST विभाग ने बताया कि यह कार्रवाई फर्जी बिलिंग और बोगस ITC के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है। मामले की जांच अभी जारी है और पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

53 करोड़ की फर्जी GST बिलिंग का खुलासा, मुख्य आरोपी विजय कुमार यादव गिरफ्तार Read Post »

Crime, Raipur

CM विष्णुदेव साय का राहुल गांधी पर हमला, बोले- लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ है ऐसा आचरण

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हालिया प्रदर्शन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर किया गया प्रदर्शन लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं था और इस तरह का व्यवहार संवैधानिक पद की गरिमा के विपरीत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा की जाती है। उनके अनुसार, राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री साय ने NEET पेपर लीक मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही पेपर लीक को गंभीर अपराध बता चुके हैं और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। उनके अनुसार, परीक्षा दोबारा पारदर्शी तरीके से आयोजित की गई और उसके परिणाम भी घोषित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक रूप देने का प्रयास कर रही है और युवाओं को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास के बाहर किया गया प्रदर्शन लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि देश की जनता लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान करती है तथा इस प्रकार की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।

CM विष्णुदेव साय का राहुल गांधी पर हमला, बोले- लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ है ऐसा आचरण Read Post »

Political, Raipur

छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसला: अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण, किसानों के लिए बनेगी खाद निगरानी समिति

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में किसानों और अग्निवीरों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में खरीफ और रबी सीजन के दौरान किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने तथा अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने के प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। कैबिनेट ने किसानों को खाद की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मंत्री-मंडलीय उप समिति के गठन को स्वीकृति दी है। यह समिति खाद की आपूर्ति, वितरण और प्रबंधन की नियमित समीक्षा करेगी तथा आवश्यक सुझाव सरकार को देगी। समिति की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री करेंगे, जबकि कृषि, सहकारिता और वित्त मंत्री इसके सदस्य होंगे। कृषि उत्पादन आयुक्त समिति के संयोजक रहेंगे। आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों, अधिकारियों और संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों को भी बैठक में आमंत्रित किया जा सकेगा। इसके अलावा कैबिनेट ने राज्य में अग्निवीर सैनिकों के लिए तृतीय श्रेणी की सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला लिया है। इसके लिए “छत्तीसगढ़ अग्निवीर सैनिक आरक्षण नियम-2026” के गठन को मंजूरी दी गई है। यह आरक्षण पुलिस विभाग में आरक्षक, वन विभाग में वनरक्षक और जेल विभाग में प्रहरी के पदों पर होने वाली सीधी भर्ती में लागू होगा। सरकार के अनुसार, आरक्षण का लाभ केवल उन अग्निवीरों को मिलेगा जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में चार वर्ष की निर्धारित सेवा पूरी कर वैध सेवा प्रमाण पत्र के साथ सेवामुक्ति प्राप्त की हो। यह निर्णय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 26 जुलाई 2024 को विधानसभा में की गई घोषणा के अनुरूप लिया गया है। सरकार का मानना है कि इस पहल से अग्निवीरों को सम्मानजनक रोजगार के अवसर मिलेंगे और उनके प्रशिक्षण, अनुशासन तथा अनुभव का लाभ पुलिस, वन एवं जेल विभागों की कार्यप्रणाली को भी मिलेगा।

छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसला: अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण, किसानों के लिए बनेगी खाद निगरानी समिति Read Post »

Political, Raipur

रायपुर में 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस पर भव्य समारोह, शहीदों को श्रद्धांजलि और बाइक रैली का आयोजन

रायपुर में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर 26 जुलाई को अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद की जिला इकाई द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करना, उनके बलिदान को याद करना तथा युवाओं में देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम की शुरुआत 25 जुलाई को शाम 4:30 बजे आकाशवाणी चौक स्थित वीर चक्र से सम्मानित शहीद कौशल यादव की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ होगी। इसके बाद आकाशवाणी चौक से कलेक्ट्रेट चौक, मोती बाग, कालीबाड़ी, सिद्धार्थ चौक, संतोषी नगर, बोरिया खुर्द होते हुए मां दुर्गा मंदिर परिसर, कांदुल तक बाइक रैली निकाली जाएगी। रैली के माध्यम से कारगिल के वीर सैनिकों के साहस और बलिदान को नमन किया जाएगा। मुख्य समारोह 26 जुलाई को कांदुल स्थित मां दुर्गा मंदिर परिसर के निशुल्क सैन्य प्रशिक्षण ग्राउंड में आयोजित होगा। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। साथ ही कारगिल युद्ध के वीर योद्धाओं और शहीदों के परिजनों का सम्मान किया जाएगा। इस अवसर पर देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, कविता पाठ और अन्य प्रेरणादायक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के प्रांतीय सचिव योगेश साहू ने पूर्व सैनिकों, उनके परिवारों, सामाजिक संगठनों, नागरिकों और मीडिया प्रतिनिधियों से दोनों दिनों के कार्यक्रमों में शामिल होकर कारगिल के वीरों को श्रद्धासुमन अर्पित करने की अपील की है।

रायपुर में 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस पर भव्य समारोह, शहीदों को श्रद्धांजलि और बाइक रैली का आयोजन Read Post »

Raipur

बिलासपुर में डॉ. चरणदास महंत का BJP पर हमला, बोले- 136 मुद्दों पर सरकार नहीं दे सकी जवाब

छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने बिलासपुर दौरे के दौरान केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर हुई लंबी चर्चा के बावजूद सरकार विपक्ष की ओर से उठाए गए 136 मुद्दों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। मीडिया से बातचीत में डॉ. महंत ने कहा कि कांग्रेस ने सरकार के 136 सप्ताह के कार्यकाल से जुड़े 136 अलग-अलग मुद्दे सदन में रखे थे। इनमें किसानों, युवाओं, विद्यार्थियों और शिक्षकों से संबंधित विषय प्रमुख थे। उनका आरोप था कि विस्तृत बहस के बावजूद सरकार इन सवालों पर स्पष्ट जवाब देने में असफल रही। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार देश को आदर्श शासन की ओर ले जाना चाहती है तो उसे रामराज्य की अवधारणा पर काम करना चाहिए। महंत ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर रही है और विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी नेताओं और उनके समर्थकों को झूठे मामलों में फंसाकर प्रताड़ित किया जा रहा है। राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर डॉ. महंत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जवाबदेही तय करने की मांग की। उनका कहना था कि ट्रस्ट के गठन की घोषणा प्रधानमंत्री ने की थी, इसलिए यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। देशभर में विपक्ष के प्रदर्शनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना विपक्ष का अधिकार है। आंसू गैस और लाठीचार्ज जैसी घटनाओं को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए डॉ. महंत ने कहा कि प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण हत्या और अन्य गंभीर अपराधों में वृद्धि हुई है तथा इसके लिए गृह विभाग जिम्मेदार है। बिलासपुर प्रवास के दौरान डॉ. महंत ने कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। उन्होंने मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं के निवास पर जाकर संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की और स्वर्गीय अशोक गांधी के परिजनों से मिलकर संवेदना भी व्यक्त की।

बिलासपुर में डॉ. चरणदास महंत का BJP पर हमला, बोले- 136 मुद्दों पर सरकार नहीं दे सकी जवाब Read Post »

Bilaspur

सोनम वांगचुक के समर्थन में AAP का बड़ा अभियान, छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों पर होगा हनुमान चालीसा पाठ

आम आदमी पार्टी (AAP) आज छत्तीसगढ़ की सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन करेगी। राजधानी रायपुर में यह कार्यक्रम शाम 4 बजे बूढ़ा तालाब परिसर में आयोजित होगा। पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं, छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। पार्टी के अनुसार, यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि समाज में शांति, सद्भाव, नैतिक मूल्यों और जनसेवा की भावना को मजबूत करने का एक सामूहिक प्रयास है। AAP का कहना है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक एकता का संदेश देने के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में भी आवाज उठाई जाएगी। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक के खिलाफ हुई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वालों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, जिसका आम आदमी पार्टी विरोध करती है। AAP ने यह भी कहा कि कार्यक्रम के दौरान NEET सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया जाएगा। पार्टी का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों से लाखों छात्रों और युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। इसी आधार पर पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग दोहराई है. AAP की प्रमुख मांगें पार्टी ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाएं।

सोनम वांगचुक के समर्थन में AAP का बड़ा अभियान, छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों पर होगा हनुमान चालीसा पाठ Read Post »

protest, Raipur

दिल्ली में सक्रिय छत्तीसगढ़ कांग्रेस के आदिवासी नेता, PCC अध्यक्ष को लेकर चर्चाओं ने पकड़ी रफ्तार

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष के पद को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। संगठन में संभावित बदलाव की अटकलों के बीच पार्टी के कई वरिष्ठ आदिवासी नेता दिल्ली पहुंच चुके हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व आगामी विधानसभा और संगठनात्मक रणनीति को ध्यान में रखते हुए बड़े फैसले की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी में इस बार प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी किसी आदिवासी नेता को दिए जाने की चर्चा जोरों पर है। इसी वजह से कई वरिष्ठ नेताओं की दिल्ली में सक्रियता बढ़ी है और हाईकमान से मुलाकातों का दौर जारी है। संभावित दावेदारों में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, विधायक लखेश्वर बघेल, विधायक जनक ध्रुव सहित कई आदिवासी नेताओं के नाम चर्चा में हैं। वहीं, आबकारी घोटाला मामले में जमानत पर बाहर आए वरिष्ठ कांग्रेस नेता कवासी लखमा भी दिल्ली में मौजूद बताए जा रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस केवल प्रदेश अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि संगठन के अन्य अहम पदों पर भी बदलाव कर सकती है। इसी कारण दिल्ली में नेताओं की बढ़ती गतिविधियों को संगठनात्मक पुनर्गठन से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से अब तक किसी भी नाम या संगठनात्मक बदलाव को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान ही करेगा। फिलहाल, दिल्ली में चल रही बैठकों और नेताओं की मौजूदगी ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

दिल्ली में सक्रिय छत्तीसगढ़ कांग्रेस के आदिवासी नेता, PCC अध्यक्ष को लेकर चर्चाओं ने पकड़ी रफ्तार Read Post »

DELHI, Political, Raipur

बिलासपुर में जलभराव से 150 घर प्रभावित, हाईवे जाम के बाद प्रदर्शनकारियों पर FIR दर्ज

लगातार हो रही बारिश के बीच बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र स्थित धूमा गांव में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से करीब 150 घरों में पानी भर गया। जलभराव से परेशान ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी जताते हुए रायगढ़-रायपुर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया, जिससे लगभग चार घंटे तक यातायात बाधित रहा। इस दौरान एंबुलेंस सहित कई बड़े वाहन जाम में फंस गए। ग्रामीणों का आरोप है कि नेशनल हाईवे के निर्माण के समय पानी निकासी के लिए पर्याप्त ड्रेनेज और पुलिया का निर्माण नहीं किया गया। अधूरे निर्माण कार्य के कारण बारिश का पानी गांव में जमा हो रहा है, जिससे बड़ी संख्या में घरों में पानी घुस गया और लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो गया। शनिवार सुबह करीब 9 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन दोपहर 1 बजे तक चला। हाईवे बंद रहने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सबसे अधिक परेशानी उन मरीजों को हुई जो एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल ले जाए जा रहे थे। पुलिस ने कई बार ग्रामीणों से सड़क खाली करने की अपील की, लेकिन लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे। मौके पर पुलिस अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और राजस्व विभाग के अधिकारी भी पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को जलभराव की समस्या का जल्द समाधान करने और अस्थायी जल निकासी की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया। हालांकि, प्रदर्शन समाप्त होने के बाद भी गांव में जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हो सका। दूसरी ओर, पुलिस ने बिना पूर्व अनुमति सड़क जाम करने और यातायात बाधित करने के आरोप में पांच नामजद लोगों सहित अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। सिरगिट्टी थाना प्रभारी वाईपी सिंह के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान विवेक पटेल, लक्ष्मण पटेल, जितेंद्र पटेल, मिनी पटेल, कविता पटेल सहित अन्य ग्रामीण सड़क पर प्रदर्शन कर रहे थे, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हुआ। पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

बिलासपुर में जलभराव से 150 घर प्रभावित, हाईवे जाम के बाद प्रदर्शनकारियों पर FIR दर्ज Read Post »

Bilaspur, protest

रायपुर में 360 स्कूल बसों की जांच, 22 बसों में मिली सुरक्षा खामियां; 53 हजार रुपए का जुर्माना

राजधानी रायपुर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रविवार को पुलिस परेड ग्राउंड में स्कूल बसों का विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान 38 स्कूलों की कुल 360 बसों की मैकेनिकल और दस्तावेजी जांच की गई। जांच के दौरान 22 बसों में सुरक्षा संबंधी विभिन्न खामियां पाई गईं, जिसके चलते संबंधित स्कूल प्रबंधन पर कुल 53 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। साथ ही 15 दिनों के भीतर सभी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि स्कूलों को करीब दो महीने पहले ही बसों की जांच को लेकर नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद कई बसें निर्धारित सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतर सकीं। जांच के दौरान बसों के चालक और परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया, जिसमें कई लोगों में उच्च रक्तचाप (बीपी), शुगर और कमजोर दृष्टि जैसी समस्याएं सामने आईं। अभियान के दौरान अग्निशमन विभाग की टीम ने चालक और परिचालकों को बस में आग लगने की स्थिति में बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने और फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। अधिकारियों ने आपात स्थिति में त्वरित और सुरक्षित कार्रवाई के बारे में विस्तार से जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान अधिकांश बसों में सीसीटीवी कैमरे, मेडिकल किट, फायर फाइटिंग सिस्टम और खिड़कियों पर सुरक्षा जाली जैसी सुविधाएं मौजूद मिलीं। हालांकि कुछ बसों में ऑटोमैटिक डोर लॉक की व्यवस्था नहीं थी। कई बसों के बीमा और फिटनेस से जुड़े दस्तावेज अधूरे पाए गए, जबकि कुछ चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता समाप्त हो चुकी थी। कुछ बसों के दरवाजे हाथ से बंद किए जा रहे थे और कई बसों की सीटें भी पुरानी हालत में मिलीं। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान एक 62 वर्षीय चालक अपनी जगह परिचालक को जांच के लिए भेजकर बचने की कोशिश करता मिला। पूछताछ में उसने बताया कि वह बीपी और शुगर की दवाइयां ले रहा है। बाद में उसकी भी जांच की गई। स्वास्थ्य परीक्षण में 48 चालक-परिचालकों में बीपी और शुगर की समस्या तथा 22 चालकों की नजर कमजोर पाई गई। कई चालक जरूरत होने के बावजूद चश्मा नहीं पहन रहे थे। इससे पहले मई महीने में तीन दिन तक चले विशेष अभियान में 751 स्कूल बसों की जांच की गई थी, जिसमें 284 बसों में खामियां मिली थीं। स्कूलों को एक महीने के भीतर कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद रविवार को दोबारा हुई जांच में 22 बसों में फिर से कमियां मिलने के बाद निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। यह भी सवाल उठ रहा है कि पहले जारी किए गए नोटिस के बाद सुधार कार्यों की निगरानी किस स्तर पर की गई। डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए जारी 16 बिंदुओं वाले दिशा-निर्देशों के आधार पर बसों की जांच की गई। उन्होंने कहा कि जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गवर्नर सहित सभी अनिवार्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

रायपुर में 360 स्कूल बसों की जांच, 22 बसों में मिली सुरक्षा खामियां; 53 हजार रुपए का जुर्माना Read Post »

GOVERNMENT, Raipur, State, Top News
Scroll to Top