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बिलासपुर में 11KV हाईटेंशन लाइन की चपेट में आए 5 मजदूर, बिना सुरक्षा उपकरण काम कराने पर ठेकेदार पर उठे सवाल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्ट्रीट लाइट का पोल लगाते समय बड़ा हादसा हो गया। सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के आदर्श नगर में 11 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से एक महिला सहित पांच मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और ठेकेदार की लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, नगर निगम की ओर से वार्ड क्रमांक 11 स्थित आदर्श नगर की पानी टंकी के पास स्ट्रीट लाइट लगाने का काम कराया जा रहा था। शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे मजदूर लोहे का पोल खड़ा कर रहे थे। इसी दौरान पोल ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन लाइन से टकरा गया, जिससे पूरे पोल में करंट दौड़ गया और उसे पकड़े मजदूर बिजली की चपेट में आ गए। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस और डायल-112 को सूचना दी। पुलिस तथा आसपास मौजूद लोगों की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों की पहचान मध्य प्रदेश के मंडला जिले के रहने वाले दीपक यादव (30), मुकेश कुमार (38), सेवाराम (24), प्रहलाद चौरसिया (45) और जयंती धुर्वे के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मजदूरों के पास आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं थे। साथ ही, हाईटेंशन लाइन के नीचे काम शुरू करने से पहले बिजली सप्लाई बंद कराने और अन्य सुरक्षा मानकों का पालन भी नहीं किया गया। ऐसे में ठेकेदार और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, हाईटेंशन लाइन के नीचे किसी भी प्रकार का कार्य शुरू करने से पहले बिजली विभाग से लाइन शटडाउन लेना, सुरक्षा बैरिकेडिंग करना और प्रशिक्षित सुपरवाइजर की निगरानी में काम कराना जरूरी होता है। इस मामले में इन प्रक्रियाओं का पालन हुआ या नहीं, इसकी जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि हादसे की जांच जारी है। यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित ठेकेदार, अधिकारी या जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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बिलासपुर में कारोबारी पर रेप का आरोप: नशीली ड्रिंक पिलाकर बनाया अश्लील वीडियो, ब्लैकमेल कर महीनों किया शोषण

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक रियल एस्टेट कारोबारी के खिलाफ महिला से दुष्कर्म, ब्लैकमेल और आपराधिक धमकी का मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने होटल में नशीला पदार्थ मिलाकर पेय पिलाया, उसके साथ दुष्कर्म किया और कथित तौर पर उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाकर कई महीनों तक ब्लैकमेल करता रहा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। 37 वर्षीय महिला का आरोप है कि उसकी पहचान मुंगेली नाका क्षेत्र में भवन मालिक और रियल एस्टेट कारोबारी प्रशांत नारंग उर्फ बंटू नारंग से हुई थी। आरोपी ने कथित तौर पर उसे एक पुराने कानूनी मामले में मदद का भरोसा दिलाया और इसी बहाने सितंबर 2024 में एक होटल में बुलाया। महिला का आरोप है कि होटल में उसे नशीला पदार्थ मिलाकर पेय पिलाया गया। इसके बाद आरोपी ने उसकी असहाय अवस्था का फायदा उठाकर दुष्कर्म किया और कथित रूप से उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कई महीनों तक महिला का कथित रूप से यौन शोषण किया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि विरोध करने पर उसे झूठे मामलों में फंसाने, दुकान खाली कराने और अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने की धमकियां दी गईं। महिला के अनुसार, डर और बदनामी की आशंका के कारण वह सीधे पुलिस के पास नहीं जा सकी। बाद में उसने डाक के माध्यम से उच्च अधिकारियों और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को शिकायत भेजी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस का कहना है कि मामले में लगाए गए सभी आरोपों की जांच की जा रही है। डिजिटल साक्ष्यों, कथित वीडियो और अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी के मुंबई में होने की जानकारी सामने आई है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

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बिलासपुर: टीवी खरीदने जा रहे दो दोस्तों को हाईवा ने मारी टक्कर, एक की मौत, दूसरा गंभीर

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा पचपेड़ी थाना क्षेत्र के बिनौरी मोड़ के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार हाईवा ने स्कूटी को टक्कर मार दी। जानकारी के मुताबिक, लोहर्सी निवासी 50 वर्षीय बरन भानु अपने मित्र बंशी श्रीवास के साथ स्कूटी से मल्हार जा रहे थे। परिवार में शादी होने के कारण दोनों दहेज में देने के लिए टीवी खरीदने बाजार निकले थे। इसी दौरान सामने से आ रही हाईवा ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत डायल-112 और पुलिस को सूचना दी। पुलिस और राहगीरों की मदद से दोनों घायलों को पहले मस्तूरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बिलासपुर के सिम्स अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह बरन भानु ने दम तोड़ दिया, जबकि बंशी श्रीवास का इलाज सिम्स अस्पताल में जारी है। उनकी हालत फिलहाल गंभीर बताई जा रही है। हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। जिस घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब मातम का माहौल है। दुर्घटना के बाद हाईवा चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पचपेड़ी पुलिस ने हाईवा को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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बिलासपुर के स्कूल में पुलिस की जागरूकता क्लास, छात्रों को साइबर सुरक्षा, पॉक्सो कानून और ट्रैफिक नियमों की दी जानकारी

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पुलिस ने छात्रों को कानून और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया। पचपेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम जोंधरा स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर अपराध, पॉक्सो एक्ट, यातायात नियमों और ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली ठगी से बचाव की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। साइबर ठगी से बचने के बताए उपाय पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को बताया कि साइबर अपराधी मोबाइल कॉल, फर्जी लिंक और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी या अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। पॉक्सो कानून और शिकायत प्रक्रिया की जानकारी थाना प्रभारी कमला पुसाम और उनकी टीम ने पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़, यौन अपराध और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। पुलिस ने छात्रों को बताया कि किसी भी प्रकार की घटना होने पर बिना डर के शिकायत करें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और कानून पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। यातायात नियमों का पालन करने की अपील कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया। छात्रों को हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने, शराब पीकर वाहन नहीं चलाने, तेज गति से बचने तथा 18 वर्ष की आयु से पहले वाहन नहीं चलाने की सलाह दी गई। पुलिस ने दोपहिया वाहन पर निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी न बैठाने की भी अपील की। संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत दें सूचना पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय ठगी करने वाले गिरोहों, संदिग्ध फेरीवालों और चोरी की रेकी करने वाले लोगों से सतर्क रहने को कहा। यदि किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को देने की सलाह दी गई। अंधविश्वास के खिलाफ भी किया जागरूक कार्यक्रम के दौरान टोनही प्रताड़ना, जादू-टोना और अंधविश्वास जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। पुलिस ने छात्रों से अपील की कि वे यह जानकारी अपने परिवार और आसपास के लोगों तक भी पहुंचाएं, ताकि समाज में जागरूकता बढ़ सके। थाना प्रभारी कमला पुसाम ने बताया कि जिले में साइबर सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है, जिससे लोगों को अपराधों से बचाने और कानून के प्रति जागरूक करने में मदद मिल सके।

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बिलासपुर में पेड़ के नीचे लग रहा सरकारी स्कूल, भवन के लिए 11.48 लाख मंजूर फिर भी नहीं शुरू हुआ निर्माण

बिलासपुर जिले के तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम घुटकू में शिक्षा व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने आई है। स्टेशनपारा स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल का अपना भवन नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई इन दिनों पीपल के पेड़ के नीचे कराई जा रही है। जानकारी के अनुसार, स्कूल का पुराना भवन जर्जर होने के बाद पिछले करीब पांच वर्षों से कक्षाएं एक निजी मकान में संचालित की जा रही थीं। हाल ही में मकान मालिक ने निजी जरूरत का हवाला देते हुए भवन खाली करा लिया, जिसके बाद स्कूल के पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बची। ऐसे में शिक्षक खुले आसमान के नीचे बच्चों की कक्षाएं लेने को मजबूर हैं। बताया जा रहा है कि स्कूल भवन निर्माण के लिए 11.48 लाख रुपये की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। स्कूल में शौचालय, रसोईघर और अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल की शिक्षिका खगेश्वरी दुबे ने बताया कि तेज धूप, बारिश या पेड़ से कीड़े गिरने की स्थिति में कक्षाएं रोकनी पड़ती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि शौचालय नहीं होने के कारण छात्राओं और महिला शिक्षकों को खुले में जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। वहीं, मध्याह्न भोजन भी रसोइया के घर में तैयार किया जा रहा है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने इस स्थिति को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हो चुकी है, तो निर्माण कार्य में देरी क्यों हो रही है। अव्यवस्थाओं के कारण स्कूल में नए प्रवेश भी प्रभावित हुए हैं। पहली और दूसरी कक्षा में नए दाखिले नहीं हुए हैं, जबकि स्कूल में कार्यरत दो शिक्षकों में से एक इसी महीने सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ग्राम पंचायत के सरपंच का कहना है कि बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद भवन निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।

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स्कूलों में मंत्रोच्चार के खिलाफ याचिका खारिज, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सबूत के साथ दोबारा आने की दी छूट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के स्कूलों में मंत्रोच्चार कराए जाने से जुड़े सरकारी आदेश को चुनौती देने वाली याचिका फिलहाल खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिससे यह साबित हो सके कि संबंधित आदेश का स्कूलों में वास्तव में पालन किया जा रहा है। यह याचिका पूर्व वक्फ बोर्ड अध्यक्ष अब्दुल सलमान रिज़वी की ओर से दायर की गई थी। याचिका में राज्य सरकार के आदेश को संविधान के विरुद्ध बताते हुए उसे निरस्त करने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता डॉ. अमीर खान के अनुसार, हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने कहा कि केवल आदेश जारी होने के आधार पर हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। जब तक यह साबित न हो कि आदेश लागू किया जा रहा है, तब तक अदालत राहत देने का आधार नहीं मान सकती। हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ता को भविष्य में दोबारा याचिका दायर करने की अनुमति दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी स्कूल में आदेश के पालन के ठोस साक्ष्य, जैसे वीडियो, फोटो या अन्य दस्तावेज उपलब्ध हों, तो उन्हें रिकॉर्ड के साथ नई याचिका दाखिल की जा सकती है। फिलहाल इस फैसले के बाद स्कूलों में मंत्रोच्चार से जुड़े सरकारी आदेश पर कानूनी रोक नहीं लगी है। हालांकि, यदि भविष्य में आदेश के क्रियान्वयन के प्रमाण सामने आते हैं, तो यह मामला फिर से न्यायालय के समक्ष लाया जा सकता है.

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छत्तीसगढ़ में मानसून का कहर: सरगुजा में आकाशीय बिजली से 3 की मौत, बिलासपुर में कार पर गिरा पेड़

छत्तीसगढ़ में मानसून अब पूरे प्रदेश में सक्रिय हो चुका है। लगातार हो रही बारिश के बीच कई जिलों से हादसों की खबरें सामने आई हैं। सरगुजा जिले के धौरपुर थाना क्षेत्र के डुमकी गांव में सोमवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से दो बच्चों और एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक 12 वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई। जानकारी के अनुसार, बच्चे आम बीनने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़े थे। इसी दौरान पास में मवेशी चरा रहा एक युवक भी वहां पहुंच गया। अचानक पेड़ पर बिजली गिरने से चारों उसकी चपेट में आ गए। हादसे में 5 वर्षीय सागर, 9 वर्षीय रानी और 36 वर्षीय राम साय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि श्रद्धा (12) गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसका इलाज जारी है। उधर, बिलासपुर में सोमवार शाम तेज आंधी और बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। कलेक्टर बंगले के पास एक बड़ा पेड़ सड़क किनारे खड़ी कार पर गिर गया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि कार में मौजूद लोग सुरक्षित बच गए। पेड़ गिरने से बिजली के तार भी टूट गए, जिसके चलते आसपास के क्षेत्र में कुछ समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 22 जून को दंतेवाड़ा से छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया था। अब 30 जून तक मानसून पूरे प्रदेश में फैल चुका है। सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, जशपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और रायगढ़ सहित उत्तर एवं उत्तर-पूर्व के 14 जिलों में भी मानसून पहुंच गया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। साथ ही कई क्षेत्रों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की अपील की गई है। राजधानी रायपुर में मंगलवार को दिनभर बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। अधिकतम तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो बस्तर संभाग में प्रदेश के अन्य हिस्सों की तुलना में बेहतर वर्षा हुई है, लेकिन वहां भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं मध्य छत्तीसगढ़ और कुछ अन्य जिलों में वर्षा की भारी कमी बनी हुई है। राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बलौदाबाजार, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और सक्ती जैसे जिलों में सामान्य से 80 से 95 प्रतिशत तक कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों की बारिश से इस कमी में कुछ हद तक सुधार हो सकता है।

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बिलासपुर में विवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप; पति ने कहा- पत्नी ने की आत्महत्या

बिलासपुर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में 28 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पति का दावा है कि उसकी पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शादी के बाद से प्रताड़ना का आरोप मृतका अदिति मौर्य मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की रहने वाली थीं। उनकी शादी वर्ष 2019 में बिलासपुर निवासी रविकांत मौर्य से हुई थी। दोनों की 13 महीने की एक बेटी भी है। मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही अदिति को पति और ससुराल पक्ष द्वारा मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि अदिति कई बार फोन पर अपने साथ होने वाली मारपीट और उत्पीड़न की जानकारी देती थी। हाल के दिनों में परिवार का उससे संपर्क भी नहीं हो पा रहा था और फोन पर बात कराने से भी मना किया जाता था। दूसरी महिला से संबंध को लेकर होता था विवाद मृतका के भाई का आरोप है कि रविकांत मौर्य का दूसरी महिला से संबंध था। उनका दावा है कि कुछ दिन पहले अदिति ने पति के मोबाइल में हुई चैट का वीडियो रिकॉर्ड कर अपनी बड़ी बहन को भेजा था। इसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद और बढ़ गया था। 23 जून को मारपीट का आरोप, फिर मिली मौत की सूचना परिजनों का आरोप है कि 23 जून को भी अदिति के साथ मारपीट की गई थी। इसके बाद जब उन्होंने ससुराल पक्ष से संपर्क किया तो पहले विवाद की जानकारी दी गई और कुछ समय बाद बताया गया कि अदिति की मौत हो गई है तथा उसे अस्पताल ले जाया गया है। परिवार के सदस्य उत्तर प्रदेश से बिलासपुर पहुंचे, जहां उन्हें अस्पताल में अदिति की मौत की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने पति, सास-ससुर, ननद और नंदोई पर हत्या का आरोप लगाया। पति का दावा- फांसी लगाने की कोशिश की पुलिस को दिए गए बयान में पति रविकांत मौर्य ने बताया कि वह अपनी बेटी के साथ ऊपर के कमरे में था, जबकि अदिति नीचे थी। नीचे आने पर उसने पत्नी को बेड पर पड़ा देखा। उसके अनुसार अदिति ने सिल्क की साड़ी से फांसी लगाने का प्रयास किया था, लेकिन फंदा खुलने के कारण वह नीचे गिर गई। शरीर पर चोट के निशान मिलने का दावा मायके पक्ष का कहना है कि अदिति के हाथ, गर्दन, पैर और कान पर चोट के निशान थे। उनका आरोप है कि घटनास्थल पर ऐसी परिस्थितियां नहीं थीं, जिनसे आत्महत्या की पुष्टि हो सके। इसी आधार पर उन्होंने पुलिस से हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई एडिशनल एसपी सिटी पंकज पटेल ने बताया कि मामले की जांच जारी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के आधार पर मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा। पुलिस सभी पहलुओं और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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बिलासपुर में चाकू की नोक पर युवक का अपहरण, गांजा केस में फंसाने की धमकी देकर मांगी 50 हजार की फिरौती

बिलासपुर में युवक के अपहरण और फिरौती मांगने के एक सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। आरोपियों ने चाकू की नोक पर युवक का अपहरण कर उसे जंगल ले जाकर झूठे गांजा मामले में फंसाने की साजिश रची। इसके बाद परिवार से 50 हजार रुपये की फिरौती की मांग की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के एक आरोपी और एक नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। काम के बहाने घर से बुलाकर किया अपहरण पुलिस के अनुसार, रतनपुर थाना क्षेत्र के कलमीटार स्थित भेलवापारा निवासी 21 वर्षीय घनश्याम पाटले बुधवार दोपहर अपने घर के आंगन में मौजूद था। इसी दौरान इशांत सारथी, सोम रजक, निखिल रजक उर्फ एलियन और उनके साथियों ने उसे काम का बहाना बनाकर बाहर बुलाया। बाहर निकलते ही आरोपियों ने उसके गले पर चाकू रख दिया और जबरन बाइक पर बैठाकर कोरबा-भांवर के जंगल की ओर ले गए। गांजा के साथ फोटो खींचकर रची साजिश जंगल में आरोपियों ने एक कागज पर गांजा रखकर पीड़ित के साथ उसकी तस्वीर खींची। इसके बाद उसे धमकी दी गई कि यदि उनकी बात नहीं मानी तो उसे झूठे एनडीपीएस मामले में फंसा दिया जाएगा। डर के माहौल में आरोपियों ने युवक से उसकी मां को फोन करवाया। परिवार से मांगी 50 हजार रुपये की फिरौती आरोपियों के दबाव में युवक ने अपनी मां से कहा कि वह गांजे के साथ पकड़ा गया है और मामले से बचने के लिए 50 हजार रुपये की जरूरत है। इसके बाद आरोपियों ने परिजनों को रकम लेकर पहले महामाया मंदिर बाईपास स्थित बादल महल के पास बुलाया, लेकिन बाद में लगातार अपनी लोकेशन बदलते रहे। पुलिस ने पीछा कर दबोचा पीड़ित के जीजा को पूरे घटनाक्रम पर शक हुआ और उन्होंने तुरंत रतनपुर पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम सादे कपड़ों में आरोपियों का पीछा करती रही। जब आरोपी फिरौती की रकम लेने के लिए लोकेशन बदल रहे थे, तभी पुलिस ने घेराबंदी कर इशांत सारथी और एक नाबालिग को पकड़ लिया। दो आरोपी अब भी फरार कार्रवाई के दौरान सोम रजक और यश नामक आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। गिरफ्तार आरोपी इशांत सारथी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

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बिलासपुर सेंट्रल जेल हत्याकांड: बंदी की मौत के बाद ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरी निलंबित

बिलासपुर सेंट्रल जेल में बंदी की हत्या के मामले में प्रशासन ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरी धरम कोठारी को निलंबित कर दिया है। घटना की शुरुआती जांच के आधार पर डीआईजी ने यह कार्रवाई की है। बुधवार सुबह सिविल लाइन थाना प्रभारी किशोर केंवट फोरेंसिक टीम के साथ सेंट्रल जेल पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच टीम ने ई-1 बैरक से घटना में इस्तेमाल किए गए कंक्रीट स्लैब, खून के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए। साथ ही जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की गई। पुलिस अधिकारियों ने घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों की जानकारी जुटाने के लिए जेल कर्मचारियों और संबंधित लोगों से पूछताछ की। वहीं मामले की न्यायिक जांच के लिए ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास अनूप तिग्गा भी जेल पहुंचे। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की और घटना के विभिन्न पहलुओं पर जेल प्रशासन से जानकारी ली। मृतक बंदी नीलू जगत का पोस्टमार्टम सिम्स अस्पताल में डॉक्टरों की टीम द्वारा किया गया। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट लगने को मौत का कारण बताया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद वे अंतिम संस्कार के लिए कोटा क्षेत्र के दबनपुर रवाना हो गए। फिलहाल पुलिस, फोरेंसिक टीम और न्यायिक जांच के माध्यम से मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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