Bilaspur

रायपुर-बिलासपुर NH पर नो-पार्किंग नियम फेल, रातभर सड़क पर खड़े ट्रक बन रहे हादसों की वजह

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में तेलीबांधा से टाटीबंध चौक तक लगभग 15 किलोमीटर लंबे National Highway 130 पर नो-पार्किंग व्यवस्था पूरी तरह कमजोर दिखाई दे रही है। रात के समय सड़क किनारे और कई जगहों पर मुख्य मार्ग पर भी भारी ट्रक और ट्रेलर खड़े मिलते हैं, जिससे हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि अधिकांश ट्रकों में इंडिकेटर या कोई चेतावनी संकेत नहीं होता, जिससे देर रात गुजरने वाले वाहन चालकों को खड़े वाहनों का अंदाजा नहीं लग पाता। हाल ही में ऐसे ही हादसों में लोगों की जान भी जा चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में 621 लोगों की मौत हुई थी। देर रात निरीक्षण के दौरान हाईवे पर कई किलोमीटर तक ट्रकों की कतारें खड़ी मिलीं, जबकि यह पूरा इलाका नो-पार्किंग जोन घोषित है। इस मामले में Vivek Shukla ने कहा कि अवैध पार्किंग के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है, लेकिन ट्रकों के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या बनी हुई है। बताया जा रहा है कि हाईवे के दोनों ओर बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्ट कंपनियों के कार्यालय और ढाबे मौजूद हैं। यहां लोडिंग-अनलोडिंग और ड्राइवरों के रुकने के कारण ट्रक सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं। कई निजी पार्किंग मौजूद होने के बावजूद पार्किंग शुल्क बचाने के लिए वाहन चालकों द्वारा सड़क पर ही गाड़ियां खड़ी कर दी जाती हैं। रायपुर-बिलासपुर हाईवे चार लेन का मार्ग है, लेकिन दोनों तरफ भारी वाहनों की पार्किंग के कारण सड़क की चौड़ाई काफी कम हो जाती है। इससे ओवरटेकिंग मुश्किल हो जाती है और थोड़ी देर में जाम जैसी स्थिति बन जाती है। रात के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती है। अंधेरे में बिना संकेतक खड़े ट्रक दूर से दिखाई नहीं देते। कई वाहनों में लोहे की लंबी छड़ और भारी सामान लोड रहता है, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। सड़क पर घूमते मवेशी भी स्थिति को और खतरनाक बना रहे हैं। National Highways Authority of India द्वारा हाईवे के रखरखाव और सुरक्षा सुधार के लिए लगातार काम किए जा रहे हैं। वर्ष 2024-25 में हजारों स्थानों पर सड़क मरम्मत और पैनल बदलने का काम किया गया था। इसके अलावा कई जगहों पर क्रैश बैरियर, सोलर लाइट, रोड मार्किंग और चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। हादसों को रोकने के लिए पिछले साल 11 ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर वहां अंडरपास और सर्विस रोड का निर्माण भी कराया गया। इसके बावजूद सड़क पर अवैध पार्किंग और लापरवाही के कारण दुर्घटनाएं लगातार जारी हैं। हाल ही में Amanaka Police Station में दर्ज एक मामले में बताया गया कि टाटीबंध के पास बिना संकेतक खड़े ट्रेलर से दूसरा ट्रेलर टकरा गया, जिसमें चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। इसी तरह Dharsiwa Police Station क्षेत्र में चरौदा गांव के पास सड़क किनारे खड़े ट्रक से कार टकराने के बाद एक युवक की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार ट्रक बिना किसी चेतावनी संकेत के नो-पार्किंग क्षेत्र में खड़ा था।

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बिलासपुर के पास कोयला लदी मालगाड़ी में लगी आग, रेलवे प्रशासन में मचा हड़कंप

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में उस समय हड़कंप मच गया, जब कोयले से भरी एक मालगाड़ी के वैगन में अचानक आग लग गई। यह घटना गतौरा रेलवे स्टेशन के पास की बताई जा रही है। आग लगने की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन और दमकल विभाग तुरंत हरकत में आ गया। जानकारी के अनुसार, मालगाड़ी बिलासपुर की ओर आ रही थी। इसी दौरान ट्रेन के एक वैगन से धुआं और आग की लपटें निकलती दिखाई दीं। स्थिति गंभीर होते देख रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल ट्रेन को गतौरा स्टेशन के पास रोक दिया और इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाने की कोशिश जारी रही। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि भीषण गर्मी और अत्यधिक तापमान के कारण कोयले में आग लगी हो सकती है। हालांकि आग लगने के सही कारणों का पता लगाने के लिए रेलवे प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। इस घटना के चलते कुछ समय के लिए रेल परिचालन भी प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के ट्रैक और वैगनों की जांच की गई ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके। गनीमत रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द ही परिचालन सामान्य कर दिया जाएगा। फिलहाल रेलवे प्रशासन आग लगने के कारणों और संभावित नुकसान का आकलन करने में जुटा हुआ है।

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बिलासपुर में पेट्रोल-डीजल संकट, 13 पंप ड्राई; कई जगह 40-50 लीटर की लिमिट तय

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर और आउटर इलाकों में करीब 13 पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राई हो चुके हैं, जबकि कई जगह ईंधन की भारी कमी देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा असर एचपीसीएल के पंपों पर पड़ा है, वहीं बीपीसीएल के कई पंपों में भी पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। आईओसीएल के कुछ पंपों को अपेक्षाकृत जल्दी सप्लाई मिल रही है, लेकिन स्थिति अभी भी सामान्य नहीं है। बिलासपुर-कोरबा रूट के उसलापुर, कोनी, सेंदरी, सकरी और घुटकू जैसे इलाकों में कई पंपों से लोग बिना ईंधन लिए लौटने को मजबूर हैं। कई जगह “नो स्टॉक” के बोर्ड लगा दिए गए हैं। बुधवार को टैंकर नहीं पहुंचने के कारण हालात और बिगड़ गए। जिन पंपों में थोड़ा बहुत स्टॉक बचा है, वहां भी अब सीमित मात्रा में ही पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है। कई जगह बाइक चालकों को केवल 200 रुपए तक और कार चालकों को 1000 रुपए तक ही ईंधन दिया जा रहा है। वहीं कुछ पंपों पर 40 से 50 लीटर की सीमा तय कर दी गई है। स्थिति को देखते हुए लोगों में घबराहट भी देखने को मिल रही है और कई वाहन चालक पहले ही अपनी टंकियां फुल करवा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में भी पंप संचालकों ने बिक्री पर रोक लगाकर सीमित मात्रा में ही ईंधन देना शुरू कर दिया है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि जिले में अभी करीब पांच दिन का स्टॉक मौजूद है और जल्द ही स्थिति सामान्य हो सकती है। फूड कंट्रोलर के अनुसार, 9 पंपों का भुगतान हो चुका है और वहां सप्लाई जल्द बहाल होगी। वहीं कलेक्टर ने तेल कंपनियों और पेट्रोल पंप एसोसिएशन की बैठक बुलाई है ताकि सप्लाई व्यवस्था को ठीक किया जा सके। प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालकों का दावा है कि एक-दो दिन में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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बिलासपुर में कबाड़ दुकान से मिला 18 किलो चांदी का पार्सल, 2400 ग्राम गायब, कबाड़ी फरार

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां वीआईपी कुरियर के जरिए भेजा गया सराफा कारोबारी का 18 किलो चांदी का पार्सल कबाड़ दुकान से बरामद हुआ, लेकिन उसमें से 2400 ग्राम चांदी गायब पाई गई। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, सदर बाजार स्थित प्रतिमा ज्वेलर्स के मालिक ने राजकोट से लगभग 28 किलो चांदी की ज्वेलरी मंगाई थी, जिसे दो अलग-अलग पैकेट में लॉजिस्टिक के जरिए रायपुर भेजा गया था। इसके बाद रायपुर से वीआईपी कुरियर कंपनी के माध्यम से दोनों पार्सल बिलासपुर पहुंचाए गए। 9 अप्रैल की सुबह कुरियर ब्वॉय पार्सल लेकर निकला था, लेकिन रास्ते में एक पार्सल संदिग्ध परिस्थितियों में गिर गया। बाद में कारोबारी को केवल 10 किलो का एक पार्सल ही मिला, जबकि दूसरा 18 किलो का पार्सल लापता हो गया। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसी दौरान पुराना बस स्टैंड क्षेत्र स्थित राजीव प्लाजा के पास एक दुकान के एडवांस कैमरे में फुटेज मिला, जिसमें कबाड़ दुकान के सामने पार्सल गिरता हुआ दिखाई दिया। यह कैमरा लगभग 300 मीटर दूर होने के बावजूद स्पष्ट रिकॉर्डिंग कर रहा था। पुलिस ने कबाड़ दुकान पर दबिश देकर पार्सल बरामद किया, लेकिन जांच में पाया गया कि उसमें से 2400 ग्राम चांदी गायब है। पूछताछ में सामने आया कि कबाड़ दुकान संचालक छोटू पांडेय मौके से फरार हो गया है और उसी पर चांदी लेकर भागने का शक जताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

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बिलासपुर में पुलिस की सख्ती: हुड़दंगियों और तीन सवारी बाइकर्स पर कार्रवाई, 513 लोग गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पुलिस ने देर रात सड़कों पर उपद्रव करने वाले बदमाशों और नियम तोड़ने वाले बाइकर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। तीन सवारी बैठाकर बाइक चलाने, बिना नंबर प्लेट के घूमने और शराब पीकर वाहन चलाने वालों को पकड़कर सख्त चेतावनी दी गई। कार्रवाई के दौरान कई युवकों से उठक-बैठक भी कराई गई और उन्हें दोबारा गलती न करने की हिदायत दी गई। इस पूरी कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है। जिले में लगातार बढ़ रही चाकूबाजी और असामाजिक गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया है। देर रात सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग मचाने और लोगों में डर का माहौल बनाने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है। सोमवार रात एएसपी पंकज पटेल और सीएसपी निमितेश सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कई इलाकों में जांच अभियान चलाया। इस दौरान कुछ संदिग्ध युवकों के पास से हथियार भी बरामद किए गए। पुलिस को सिरगिट्टी क्षेत्र के अंडरब्रिज के पास शराबखोरी और बदमाशों के जमावड़े की लगातार शिकायत मिल रही थी। इसके बाद पुलिस ने इलाके में घेराबंदी कर चेकिंग अभियान चलाया। अलग-अलग स्थानों पर जवान तैनात किए गए थे ताकि भागने की कोशिश करने वालों को तुरंत पकड़ा जा सके। कार्रवाई के दौरान 7 बाइक जब्त की गईं और 12 युवकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। पुलिस को देखकर भागने की कोशिश कर रहे कई युवकों को दौड़ाकर पकड़ा गया। एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर अप्रैल 2026 से 12 मई 2026 तक जिलेभर में चलाए गए विशेष अभियान में कुल 513 लोगों के खिलाफ वैधानिक और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। पुलिस का फोकस खासतौर पर चाकू लेकर घूमने वाले, सार्वजनिक स्थानों पर डर फैलाने वाले और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले लोगों पर रहा। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक सिविल लाइन थाना क्षेत्र में धारा 151 के तहत 55, धारा 107/116 के तहत 76 और आर्म्स एक्ट के 11 मामलों में कार्रवाई हुई। वहीं सरकंडा थाना क्षेत्र में धारा 107/116 के तहत सबसे ज्यादा 130 मामले दर्ज किए गए। कोतवाली थाना क्षेत्र में धारा 151 के 21 और धारा 107/116 के 93 मामलों में कार्रवाई हुई। तोरवा थाना क्षेत्र में चाकूबाजी के 2 मामले सामने आए, जबकि सिरगिट्टी और चकरभाठा क्षेत्रों में भी आर्म्स एक्ट और प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लेकर घूमने और अशांति फैलाने वालों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।

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बिलासपुर में आवारा कुत्ते का हमला: दो मासूम बच्चों की आंखों पर गंभीर चोट, सर्जरी से बचाई गई रोशनी

बिलासपुर जिले में आवारा कुत्ते के हमले में दो छोटे बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले में बच्चों के चेहरे, आंखों और पलकों पर गहरी चोटें आईं। दोनों का इलाज सिम्स अस्पताल में किया गया, जहां डॉक्टरों ने जटिल सर्जरी कर उनकी आंखों की रोशनी बचाई। डॉक्टरों ने इसे कैटेगरी-3 डॉग बाइट का मामला बताया है, जिसमें रेबीज संक्रमण का खतरा काफी अधिक रहता है। घटना बिल्हा विकासखंड के बटोरी गांव की है। बताया जा रहा है कि दो साल का एक लड़का और दो साल की एक बच्ची घर के बाहर खेल रहे थे, तभी एक आवारा कुत्ते ने अचानक उन पर हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्चों के चेहरे और आंखों के आसपास बुरी तरह काट लिया। घटना के बाद परिजन तुरंत दोनों बच्चों को Chhattisgarh Institute of Medical Sciences लेकर पहुंचे। जांच में डॉक्टरों ने पाया कि बच्चों की पलकों और आंखों के आसपास गंभीर जख्म हैं। संक्रमण के खतरे को देखते हुए तत्काल घावों की सफाई की गई और बच्चों को एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) तथा रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन (RIG) दिया गया। आंखों और पलकों को गंभीर नुकसान पहुंचने के कारण डॉक्टरों ने तुरंत ‘अर्जेंट लिड रिपेयर सर्जरी’ की। ऑपरेशन के दौरान क्षतिग्रस्त हिस्सों को सावधानीपूर्वक ठीक किया गया, ताकि आंखों की संरचना और रोशनी सुरक्षित रखी जा सके। फिलहाल दोनों बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है और वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं। इस जटिल इलाज में नेत्र रोग विशेषज्ञ Prabha Sonwani, Sanjay Choudhary, Aarti, Aniket के साथ निश्चेतना विभाग की Yasha Tiwari और Dropati समेत मेडिकल टीम शामिल रही। सिम्स के अधिष्ठाता Ramanesh Murti ने कहा कि कुत्ते के काटने जैसे मामलों में समय पर इलाज बेहद जरूरी होता है। थोड़ी भी लापरवाही मरीज की जान के लिए खतरा बन सकती है। वहीं मेडिकल सुपरिटेंडेंट Lakhan Singh ने लोगों से अपील की कि डॉग बाइट के मामलों में घरेलू इलाज या अंधविश्वास के बजाय तुरंत अस्पताल जाकर इलाज कराएं। विशेषज्ञों ने बताया कि रेबीज संक्रमित जानवर के काटने, खरोंच या लार के संपर्क से फैलने वाली बेहद खतरनाक बीमारी है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर मरीज में पानी से डर लगना, सांस लेने में परेशानी, मानसिक भ्रम और लकवा जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नगर निगम और प्रशासन से आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण, नसबंदी अभियान और रेबीज जागरूकता कार्यक्रम तेज करने की मांग की है। नगर निगम कमिश्नर Prakash Kumar Sarve ने बताया कि आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए घुरू-अमेरी क्षेत्र में सेंटर संचालित किया जा रहा है। पिछले साल इस अभियान पर करीब 80 लाख रुपए खर्च किए गए और 6100 कुत्तों की नसबंदी की गई। वहीं बीते दो महीनों में 680 आवारा कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है।

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12वीं हिंदी पेपर लीक का मास्टरमाइंड गिरफ्तार: NSUI नेता पर 3 हजार में प्रश्नपत्र बेचने का आरोप

छत्तीसगढ़ बोर्ड की 12वीं हिंदी परीक्षा के पेपर लीक मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। रायपुर क्राइम ब्रांच और कोतवाली थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मामले के मुख्य आरोपी वेणु उर्फ वेणु जंघेल को बिलासपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर छात्रों से पैसे लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और सबूत मिटाने की कोशिश करने का आरोप है। पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं हिंदी परीक्षा का पेपर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कोतवाली थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित की गई थी। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि पेपर लीक से जुड़े लोग मोबाइल चैट और सोशल मीडिया रिकॉर्ड समेत डिजिटल साक्ष्य मिटाने में जुटे हुए हैं। इसके बाद साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से डिलीट किए गए डेटा को रिकवर किया गया। पुलिस ने करीब 50 से अधिक छात्रों और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की, जिसके बाद मुख्य आरोपी तक पहुंचा जा सका। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी छात्रों से 3 हजार रुपए लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराता था। आरोपी बेमेतरा जिले के ग्राम बरसरा का रहने वाला है और रायपुर के गोकुल नगर इलाके में रह रहा था। मामला सामने आने के बाद से वह फरार था। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूत नष्ट करने की कोशिश भी की थी। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। तकनीकी निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे बिलासपुर से गिरफ्तार किया। चार दिन की रिमांड के दौरान आरोपी से पेपर लीक नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और अन्य लोगों की संलिप्तता को लेकर पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि मामले में और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है और जल्द ही अन्य गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। कोतवाली थाना प्रभारी Satish Thakur ने आरोपी की गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनकी जांच जारी है।

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बिलासपुर में स्मार्ट मीटर के नाम पर साइबर ठगी: बिजली विभाग बनकर महिला के खाते से उड़ाए 70 हजार रुपए

बिलासपुर में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है, जहां ठग ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताकर एक महिला से करीब 70 हजार रुपए की ठगी कर ली। आरोपी ने स्मार्ट बिजली मीटर लगाने का झांसा देकर महिला के बैंक खाते से रकम पार कर दी। मामला सिरगिट्टी थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक बजरंग नगर आवासपारा सिरगिट्टी निवासी सरस्वती देवी का पंजाब नेशनल बैंक की सिरगिट्टी शाखा में खाता है। उनके खाते में लगभग 70 हजार 693 रुपए जमा थे। 17 मार्च को उनके बेटे के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताते हुए कहा कि विभाग की ओर से नया स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा है। इसके लिए 13 रुपए का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करना जरूरी बताया गया। ठग ने बातचीत के दौरान परिवार का भरोसा जीत लिया और एटीएम कार्ड के आखिरी चार अंक पूछ लिए। परिवार को यह सामान्य प्रक्रिया लगी, इसलिए उन्होंने जानकारी साझा कर दी। इसके बाद आरोपी ने महिला के खाते से दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल 69 हजार 998 रुपए निकाल लिए। हैरानी की बात यह रही कि उस समय खाते से पैसे कटने का कोई मैसेज भी नहीं आया। ठगी का खुलासा तब हुआ जब 8 मई को महिला ने बैंक जाकर स्टेटमेंट निकलवाया। खाते से रकम गायब देखकर परिवार के होश उड़ गए। इसके बाद पीड़िता ने सिरगिट्टी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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RTE एडमिशन पर हाईकोर्ट सख्त: 400 स्कूलों में एक भी आवेदन नहीं, सरकार से मांगा जवाब

Chhattisgarh High Court ने प्रदेश में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत पहली कक्षा में एडमिशन की स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने उस रिपोर्ट पर हैरानी जताई, जिसमें बताया गया कि राज्य के करीब 400 स्कूलों में RTE के तहत एक भी आवेदन नहीं आया। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने शपथ पत्र पेश कर बताया कि 387 स्कूल ऐसे हैं जहां एडमिशन के लिए किसी भी अभिभावक ने आवेदन नहीं किया। वहीं 366 स्कूलों में सीटों के मुकाबले बेहद कम आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें कई बड़े और प्रतिष्ठित स्कूल भी शामिल बताए गए हैं। इस पर हाईकोर्ट ने सवाल उठाया कि क्या गरीब बच्चे बड़े स्कूलों में पढ़ना नहीं चाहते, या फिर कहीं सरकार वास्तविक स्थिति छिपाने की कोशिश तो नहीं कर रही। कोर्ट ने राज्य शासन को पूरी जानकारी शपथ पत्र के साथ पेश करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश Ramesh Sinha की डिवीजन बेंच ने कहा कि RTE के तहत स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित हैं। ऐसे में यदि किसी स्कूल में सिर्फ एक-दो बच्चों के एडमिशन की जानकारी दी जा रही है, तो यह गंभीर सवाल खड़े करता है। कोर्ट ने शिक्षा विभाग से पूछा कि जब नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, तब गरीब बच्चों के दाखिले में देरी क्यों हो रही है। अदालत ने यह भी कहा कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण हजारों बच्चों का भविष्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूलों में RTE के तहत आवंटित सीटों और हुए एडमिशन की जानकारी ऑनलाइन सार्वजनिक की जाए। साथ ही शिक्षा सचिव को 10 जुलाई तक विस्तृत शपथ पत्र के साथ जवाब दाखिल करने को कहा गया है।

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बुलेट सवार बदमाशों का आतंक: एक से लूट, दूसरे पर रॉड से हमला; बिलासपुर में 2 आरोपी गिरफ्तार

Bilaspur के ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में लूट और मारपीट की दो वारदातों को अंजाम देने वाले बुलेट सवार तीन आरोपियों में से दो को Chhattisgarh Police ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले में एक आरोपी अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों में सिरगिट्टी के नयापारा वार्ड निवासी Rahul Sahu (25) और एक नाबालिग शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के पास से बुलेट बाइक, मोबाइल फोन और 3700 रुपए नकद जब्त किए हैं। पहली घटना 29 अप्रैल की रात की बताई जा रही है। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित साहू ढाबा के पास ड्राइवर Sonu Bajra खाना खाने के बाद अपने ट्रक की ओर लौट रहा था। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की बुलेट पर पहुंचे तीन युवकों ने उस पर हमला कर मोबाइल फोन और 5 हजार रुपए लूट लिए और मौके से फरार हो गए। इसके चार दिन बाद 4 मई को उसी इलाके में दूसरी वारदात हुई। आरोप है कि वही तीन आरोपी फिर बुलेट पर पहुंचे और Gulshan Sahu पर लोहे की रॉड और बाइक की चाबी से हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। दोनों मामलों में चकरभाठा थाने में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थीं। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। बाद में पुलिस ने दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की। दोनोंआरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि फरार आरोपी की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

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