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बिलासपुर में 130 पुलिसकर्मियों के तबादले, एसएसपी ने जारी किया ट्रांसफर आदेश

बिलासपुर: जिले में पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से एसएसपी रजनेश सिंह ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। जारी आदेश के तहत कुल 130 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर किया गया है। इनमें 3 सब-इंस्पेक्टर (SI), 10 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI), 23 प्रधान आरक्षक और 94 आरक्षक शामिल हैं। शिकायतों के बाद लिया गया फैसला बताया जा रहा है कि जिले के कई थानों में पदस्थ पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए एसएसपी ने पुलिस व्यवस्था में सुधार और अनुशासन बनाए रखने के लिए यह बड़ा तबादला आदेश जारी किया है। हटाए गए कुछ पुलिसकर्मियों को फिर से मिला थाना कई थानों में बदली गई पदस्थापना इस ट्रांसफर आदेश के तहत जिले के कई प्रमुख थानों और इकाइयों में पदस्थ पुलिसकर्मियों की नई नियुक्ति की गई है। इनमें सिविल लाइन, सरकंडा, सिटी कोतवाली, तोरवा, सकरी, रतनपुर, चकरभाठा, कोनी, हिर्री, तखतपुर और पचपेड़ी जैसे थाने शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, कुछ पुलिसकर्मियों ने भी अपनी पदस्थापना बदलने के लिए आवेदन दिया था, जिसके आधार पर उन्हें दूसरे थानों में भेजा गया है। माना जा रहा है कि इस बदलाव से जिले में पुलिसिंग व्यवस्था और अधिक प्रभावी हो सकेगी।

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छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में अस्थायी AC-3 कोच जोड़ा गया, यात्रियों को मिलेगी राहत

बिलासपुर: गर्मी बढ़ने के साथ ट्रेनों में एसी बर्थ की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त AC-3 टियर कोच जोड़ने का फैसला लिया है। रेलवे प्रशासन के अनुसार, गाड़ी संख्या 18237 कोरबा–अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में यह अतिरिक्त कोच 11 मार्च को लगाया जाएगा। वहीं गाड़ी संख्या 18238 अमृतसर–बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में यह सुविधा 13 मार्च 2026 को उपलब्ध रहेगी। बढ़ती गर्मी और यात्रियों की मांग को देखते हुए फैसला मार्च महीने में ही तापमान कई जगहों पर 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। ऐसे में लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों की एसी कोच में सीट पाने की मांग बढ़ गई है। रेलवे के इस फैसले से यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त एसी-3 कोच लगाए जाने से ज्यादा यात्रियों को कन्फर्म बर्थ मिल सकेगी। गर्मी के मौसम और छुट्टियों के कारण ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है, ऐसे में यह अस्थायी व्यवस्था यात्रियों के लिए फायदेमंद साबित होगी।

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रायगढ़ में मोबाइल दुकान से 16 iPhone चोरी, CCTV में कैद हुई वारदात

रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ शहर में एक मोबाइल शॉप में बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। चोर ने दुकान में घुसकर 16 आईफोन और करीब 30 हजार रुपए नकद सहित लगभग 13.39 लाख रुपए का सामान चोरी कर लिया। पूरी वारदात दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। दूसरी मंजिल से ताला तोड़कर दुकान में घुसा मिली जानकारी के अनुसार, गोपी टॉकीज रोड पर स्थित सेल स्पॉट मोबाइल शॉप का संचालन लक्ष्मीपुर निवासी मोहम्मद फारुख करते हैं। सोमवार रात दुकान बंद करने के बाद संचालक और कर्मचारी घर चले गए थे। मंगलवार सुबह जब दुकान खोली गई, तो काउंटर में रखे मोबाइल फोन बिखरे हुए मिले। जांच करने पर पता चला कि दुकान की दूसरी मंजिल का ताला टूटा हुआ है। इसी रास्ते से चोर अंदर घुसा था। फ्लैश लाइट जलाकर बैग में भरकर ले गया iPhone CCTV फुटेज में देखा गया कि आरोपी मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर दुकान के अंदर घूम रहा था। इसके बाद उसने शोकेस से 16 आईफोन और दराज में रखे 30 हजार रुपए निकालकर अपने पिट्ठू बैग में भर लिए और फरार हो गया। पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है, जिसमें आरोपी बैग में मोबाइल भरकर ले जाते हुए साफ दिखाई दे रहा है। पुलिस और FSL टीम कर रही जांच घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और FSL टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और आसपास लगे अन्य CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। संदिग्ध की तस्वीरें पुलिस ने जारी कीं पुलिस अधिकारी शशि मोहन सिंह के अनुसार, CCTV फुटेज से मिले संदिग्ध की तस्वीरें जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों के साथ आसपास के जिलों में भी भेजी गई हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को आरोपी के बारे में जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

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Chhattisgarh, Crime, Raigarh

रायगढ़ में हाथी का हमला: सूंड से उठाकर बुजुर्ग को पटका, अस्पताल में भर्ती

रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथी के हमले में एक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना धरमजयगढ़ वन मंडल के बाकारूमा रेंज में बुधवार सुबह करीब 6 बजे हुई। घायल बुजुर्ग को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम सारसमार के रहने वाले ललकूराम उरांव (75) सुबह किसी काम से जंगल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान वे रिजर्व फॉरेस्ट के कक्ष क्रमांक 149 के पास पहुंच गए। तभी अचानक उनका सामना एक हाथी से हो गया। सूंड से उठाकर जमीन पर पटका बताया जा रहा है कि हाथी ने बुजुर्ग को देखते ही उन पर हमला कर दिया। हाथी ने पहले उन्हें दौड़ाया और फिर सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया। इस हमले में बुजुर्ग को गंभीर चोटें आईं। हमले के दौरान ललकूराम की जोर-जोर से चीख-पुकार सुनकर हाथी कुछ देर बाद जंगल की ओर लौट गया, जिससे उनकी जान बच सकी। ग्रामीणों ने पहुंचकर की मदद घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद वन विभाग की टीम ने घायल बुजुर्ग को इलाज के लिए पत्थलगांव के अस्पताल में भर्ती कराया। वन विभाग की ओर से पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता राशि भी दी गई है। इलाके में 15 हाथियों के दो झुंड सक्रिय वन विभाग के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से बाकारूमा रेंज के जंगलों में हाथियों की गतिविधि बढ़ गई है। पहले यहां 7 हाथियों का झुंड घूम रहा था, लेकिन मंगलवार रात पत्थलगांव क्षेत्र की ओर से 8 और हाथी इस इलाके में पहुंच गए। इस तरह फिलहाल इलाके में करीब 15 हाथियों के दो अलग-अलग झुंड मौजूद हैं। आशंका जताई जा रही है कि झुंड से अलग हुआ कोई हाथी ही बुजुर्ग पर हमले के लिए जिम्मेदार है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह बाकारूमा रेंजर विष्णु मरावी ने बताया कि हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए आसपास के गांवों में मुनादी कराई जा रही है। वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे सुबह और शाम के समय जंगल की ओर जाने से बचें और सावधानी बरतें।

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भिलाई में किराए के मकान से सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, बंगाल समेत कई जगहों से लाई गई थीं युवतियां

दुर्ग/भिलाई: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई में पुलिस ने एक पॉश कॉलोनी में चल रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। नेहरू नगर क्षेत्र के विद्या विहार कॉलोनी में किराए के मकान में यह अवैध कारोबार पिछले करीब तीन महीनों से संचालित किया जा रहा था। पुलिस की रेड के दौरान कमरे से 8 युवतियां बरामद हुई हैं। जानकारी के अनुसार, स्मृति नगर चौकी पुलिस और महिला रक्षा टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मंगलवार रात को इस रैकेट का खुलासा किया। पुलिस ने पहले एक प्वाइंटर को ग्राहक बनाकर भेजा, जिसके बाद पूरी योजना के साथ मकान पर छापा मारा गया। सरगना महिला और एक ग्राहक गिरफ्तार पुलिस जांच में सामने आया कि मकान नंबर 146/8 को धनवंती रावत उर्फ रीना सिंह रावत (35) ने किराए पर लिया था। इसी मकान में बाहर से लड़कियों को बुलाकर देह व्यापार कराया जा रहा था। छापेमारी के दौरान एक ग्राहक को भी आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया। पुलिस ने रैकेट संचालित करने वाली महिला धनवंती रावत और दुर्ग निवासी ग्राहक अमन शेख को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मौके से मिली युवतियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद कोर्ट के निर्देशानुसार छोड़ दिया गया। बंगाल और छत्तीसगढ़ के कई जिलों से लाई गई थीं लड़कियां पुलिस के मुताबिक, पकड़ी गई युवतियों में ज्यादातर पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों की लड़कियां भी शामिल हैं। आरोप है कि संचालिका उन्हें ग्राहकों के पास दो से तीन दिनों के लिए भेजती थी। अलग-अलग जगहों पर भी भेजी जाती थीं युवतियां सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि आरोपी महिला बाहर से युवतियों को बुलाकर इस मकान में रखती थी। ग्राहक मिलने के बाद उन्हें अलग-अलग स्थानों पर भेजा जाता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। मौके से मोबाइल, बाइक और आपत्तिजनक सामग्री जब्त छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से एक पल्सर बाइक, 12 मोबाइल फोन, 5,500 रुपए नकद और देह व्यापार से जुड़ी सामग्री जब्त की है। कमरे से हुक्का भी बरामद किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह अवैध कारोबार करीब दो से तीन महीने से चल रहा था। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।

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बिलासपुर के स्पंज आयरन प्लांट में हादसा: फर्नेस से गिरा पिघला लोहा, 4 मजदूर झुलसे

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित Nova Sponge Iron Plant में बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। प्लांट के फर्नेस सेक्शन में काम के दौरान अचानक पिघला हुआ लोहा मजदूरों पर गिर गया, जिससे चार मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना Bilha थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक सोमवार देर रात प्लांट में नाइट शिफ्ट के दौरान मजदूर काम कर रहे थे। रात करीब 1 बजे शिफ्ट बदलने के बाद बिल्हा के ग्राम भैंसबोड़ निवासी नरेंद्र कोसले, चंद्रहास और बिहार के धर्मवीर व विनय कुमार फर्नेस में पिघले आयरन को लैडर में डालने का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक खौलता हुआ लोहा उनके ऊपर गिर गया। गर्म धातु की चपेट में आते ही चारों मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए और दर्द से छटपटाते हुए गिर पड़े। साथी कर्मचारियों ने तुरंत उन्हें वहां से बाहर निकाला और प्लांट में मौजूद अधिकारी की कार से अस्पताल पहुंचाया। बाद में उन्हें प्रताप चौक स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों के अनुसार चारों मजदूर करीब 25 से 40 प्रतिशत तक झुलस गए हैं। घायल मजदूर विनय कुमार ने बताया कि काम के दौरान लैडर का रिंग कटने से अचानक पिघला हुआ लोहा उछलकर उन पर गिर गया। उस समय सभी मजदूर वहीं खड़े थे, जिससे चारों इसकी चपेट में आ गए। मजदूरों ने प्लांट प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि फर्नेस जैसे संवेदनशील क्षेत्र में भी उनसे बिना सुरक्षा किट के काम कराया जा रहा था। कर्मचारियों के मुताबिक उन्हें सुरक्षा जैकेट, चश्मा और ईयर प्लग जैसे जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। हादसे के बाद प्लांट में काम करने वाले मजदूरों के बीच डर और चिंता का माहौल है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और औद्योगिक सुरक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की वजह से। बताया जा रहा है कि जिले के कई औद्योगिक इकाइयों में पहले भी इस तरह के हादसे हो चुके हैं, जिससे फैक्ट्री सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: पूर्व आबकारी आयुक्त की जमानत याचिका खारिज

छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहे पूर्व आबकारी आयुक्त Niranjan Das को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। Chhattisgarh High Court ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस Arvind Kumar Verma की सिंगल बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह मामला गंभीर आर्थिक अपराध से जुड़ा है और इसमें आरोपी की मुख्य भूमिका सामने आई है। अदालत ने टिप्पणी की कि आरोपी ने अपने पद की जिम्मेदारी के विपरीत जाकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया और सार्वजनिक धन की हेराफेरी की। यह मामला राज्य के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़ा है। Enforcement Directorate ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई करते हुए 19 दिसंबर 2025 को निरंजन दास को गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ कार्रवाई Anti Corruption Bureau Chhattisgarh की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई थी। एफआईआर में आरोप है कि शराब नीति में हेरफेर कर अवैध कमीशन वसूला गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक इस घोटाले में निरंजन दास को मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक माना गया है। हाईकोर्ट में दायर दो अलग-अलग याचिकाओं में दास ने जमानत की मांग की थी और आईपीसी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा पीएमएलए के तहत अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि आरोपी उस समय आबकारी विभाग के शीर्ष प्रशासनिक पद पर थे और यह एक सुनियोजित आर्थिक अपराध है, जिसने राज्य के वित्तीय ढांचे को नुकसान पहुंचाया। आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि इस मामले में 50 से अधिक अन्य आरोपियों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है, इसलिए उन्हें भी जमानत मिलनी चाहिए। हालांकि कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और कहा कि दो महीने की हिरासत को लंबी कैद नहीं माना जा सकता। सरकारी पक्ष ने अदालत को बताया कि जांच एजेंसियों के अनुसार इस घोटाले के जरिए लगभग 18 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई है। आरोप है कि निरंजन दास से जुड़ी करीब 8.83 करोड़ रुपये की संपत्ति पहले ही कुर्क की जा चुकी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने जमानत से जुड़ी दोनों याचिकाएं खारिज कर दीं।

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Bilashpur, Chhattisgarh, Crime

दुर्ग में अवैध अफीम खेती मामला: आरोपी ने YouTube से सीखी तकनीक, अब सभी फॉर्महाउस की होगी जांच

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध अफीम खेती मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी विकास विश्नोई ने अफीम की खेती करने की तकनीक YouTube से सीखी थी। उसके मोबाइल फोन से अफीम की खेती से जुड़े सैकड़ों वीडियो भी मिले हैं, जिनके आधार पर वह खेती की पूरी प्रक्रिया समझ रहा था। पुलिस के अनुसार विकास विश्नोई पिछले करीब छह साल से दुर्ग में रह रहा था। वह Vinayak Tamrakar के कपास के फार्महाउस में अपनी पत्नी के साथ रह रहा था। 3 मार्च को खेत में लगी अफीम की फसल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उसने अपनी पत्नी को दुर्ग से राजस्थान भेज दिया था। इस मामले में पुलिस ने Vinayak Tamrakar, विकास विश्नोई और मनीष ठाकुर को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां पहले रिमांड खत्म होने के बाद पुलिस ने दोबारा पूछताछ के लिए रिमांड मांगा। अदालत ने तीनों आरोपियों को दो दिन के लिए फिर से पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अब पुलिस उनसे इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और संभावित नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए Abhijeet Singh ने जिले में संचालित सभी फॉर्महाउस की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने सभी तहसीलदारों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के फार्महाउस का निरीक्षण कर रिपोर्ट सीधे कलेक्टर कार्यालय को सौंपें। साथ ही जमीन का सर्वे करने वाले कर्मचारी शशिकांत साहू और पटवारी अनीता साहू को भी शोकॉज नोटिस जारी किया गया है। पुलिस कार्रवाई के दौरान अफीम की खेती से जुड़ी बड़ी मात्रा में सामग्री भी जब्त की गई है। इनमें दो ट्रैक्टर, दो जेसीबी मशीन, एक हार्वेस्टर, दो बाइक, सात बोरी डोडा और खेती में इस्तेमाल होने वाले कई कृषि उपकरण शामिल हैं। इसके अलावा खेत में सिंचाई के लिए उपयोग हो रहे दो मोटर पंप, स्प्रिंकलर सिस्टम और निगरानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे भी जब्त किए गए हैं। जांच में सामने आया है कि ग्राम समोदा और झेनझरी के बीच स्थित फार्महाउस में करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी। यहां से लगभग 14 लाख 30 हजार अफीम के पौधे बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 7.88 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस अब जमीन मालिक मुधमति बाला और प्रीति बाला से भी पूछताछ करेगी। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि फार्महाउस में राजस्थान के मजदूर काम कर रहे थे और सुरक्षा के लिए बाउंसर भी तैनात किए गए थे। डिजिटल सर्वे में खेत में गेहूं और मक्का की खेती दर्ज थी, जबकि उसी की आड़ में अवैध रूप से अफीम उगाई जा रही थी।

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Bhilai / Durg, Chhattisgarh

रायपुर में अतिक्रमण पर कार्रवाई: महोबा बाजार से टाटीबंध तक 30 ठेले हटाए, 15 अवैध दुकानें तोड़ी

राजधानी रायपुर में सड़क किनारे बढ़ते अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम ने सख्त अभियान चलाया है। Raipur Municipal Corporation की जोन-8 टीम ने महोबा बाजार चौक से टाटीबंध चौक और बिलासपुर मुख्य मार्ग तक कार्रवाई करते हुए करीब 30 अवैध ठेले और गुमटियों को हटाया। इसके अलावा सड़क किनारे बनी लगभग 15 अवैध दुकानों को भी तोड़ दिया गया। यह कार्रवाई निगम आयुक्त Vishwadeep के निर्देश पर की गई। अभियान का नेतृत्व जोन-8 की जोन कमिश्नर Rajeshwari Patel ने किया। कार्रवाई के दौरान कार्यपालन अभियंता अतुल चोपड़ा, सहायक अभियंता अमन चंद्राकर, अनुराग पाटकर, उप अभियंता लोचन चौहान, अबरार खान, नगर निवेश विभाग की टीम, टीम प्रहरी और पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, जोन-8 के वार्ड क्रमांक-21 शहीद भगत सिंह वार्ड और वार्ड क्रमांक-1 वीर सावरकर नगर में लंबे समय से सड़क किनारे अवैध ठेले, गुमटियां और अस्थायी दुकानें लगाई जा रही थीं। इससे सड़क संकरी हो रही थी और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। अभियान के दौरान निरीक्षण में पाया गया कि कुछ लोगों ने सड़क किनारे टीन और त्रिपाल की मदद से स्थायी दुकानें बना ली थीं। इन्हें अवैध मानते हुए निगम की टीम ने मौके पर ही लगभग 15 दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई की। नगर निगम का कहना है कि सड़क किनारे अतिक्रमण के कारण अक्सर जाम की स्थिति बन जाती थी, जिससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। इसी को ध्यान में रखते हुए यह अभियान चलाकर सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि शहर में अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। सड़क किनारे अवैध रूप से ठेले या दुकान लगाने वालों को पहले ही चेतावनी दी गई है। यदि इसके बाद भी नियमों का उल्लंघन किया गया तो सामान जब्त करने के साथ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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Chhattisgarh, Raipur

मिडिल ईस्ट तनाव का असर: कमर्शियल गैस की कमी से रायपुर में 20 से ज्यादा रेस्टोरेंट बंद

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब रायपुर के होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 114 रुपए की बढ़ोतरी के साथ ही होटल और रेस्टोरेंट्स को मिलने वाली गैस सप्लाई पर रोक लगने से राजधानी में व्यापार प्रभावित हो रहा है। मंगलवार को राजधानी रायपुर में गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण 20 से अधिक रेस्टोरेंट और कैफे बंद रहे। कारोबारियों का कहना है कि अगर अगले दो दिनों में गैस सप्लाई शुरू नहीं हुई तो और भी होटल व रेस्टोरेंट बंद हो सकते हैं। कई व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो उन्हें अस्थायी रूप से अपना कारोबार बंद करना पड़ेगा। दरअसल, राजधानी सहित प्रदेश के अधिकांश होटल, रेस्टोरेंट और कैफे की रसोई पूरी तरह एलपीजी गैस पर निर्भर है। इलेक्ट्रिक कुकिंग की व्यवस्था बहुत सीमित है, इसलिए गैस सप्लाई बंद होने पर स्टॉक खत्म होते ही किचन संचालन मुश्किल हो जाएगा। इसका असर आने वाले दिनों में केटरिंग व्यवसाय पर भी पड़ सकता है। छत्तीसगढ़ में मार्च और अप्रैल के दौरान शादियों के कई शुभ मुहूर्त हैं। ऐसे में यदि कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति बाधित रहती है तो शादी समारोहों और बड़े आयोजनों की कैटरिंग व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। छत्तीसगढ़ होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष तरनजीत सिंह होरा के मुताबिक रायपुर में 100 से अधिक बड़े होटल संचालित हैं और ज्यादातर के पास केवल 2 से 3 दिनों का ही एलपीजी स्टॉक बचा है। यदि जल्द ही सप्लाई शुरू नहीं हुई तो कई होटल बंद होने की स्थिति में आ सकते हैं। वहीं छत्तीसगढ़ रेस्टोरेंट्स एंड कैफे एसोसिएशन के महासचिव मिक्की दत्ता ने बताया कि मंगलवार को राजधानी के करीब 20 रेस्टोरेंट और कैफे बंद रहे। उन्होंने सरकार से मांग की है कि व्यापार संचालन के लिए कम से कम एक निश्चित कोटा तय किया जाए, ताकि होटल और रेस्टोरेंट उद्योग को राहत मिल सके। अगर स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो राजधानी में होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग व्यवसाय पर बड़ा असर पड़ सकता है।

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