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अनजान नंबर पर क्लिक कर दो प्रोफेसरों ने गंवाए 90 हजार रुपये, साइबर ठगी का शिकार हुए बीआईटी के स्टाफ

बीआईटी के प्राचार्य, डीन और कई प्रोफेसरों को साइबर ठगों ने अपना निशाना बनाया है। शुक्रवार को कॉलेज के कई स्टाफ के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल और मैसेज आए, जिन्हें क्लिक करने से कुल दो प्रोफेसर 90 हजार रुपये की ठगी का शिकार हो गए। बताया जा रहा है कि गुरुवार दोपहर को ब्ल्यू डॉट नाम के एक नंबर से कॉल आया, जिसमें पार्सल आने की बात कही गई लेकिन पता न मिलने की बात कही गई। इसके बाद भेजे गए लिंक को जब दो प्रोफेसरों ने क्लिक किया तो उनके मोबाइल में गड़बड़ी होने लगी और उनका व्हाट्सऐप बंद हो गया। इसके बाद प्रोफेसर अभिजित दास और हीना मिश्रा ने सोच कर कि उनके साथी रुपए मांग रहे हैं, गूगल पे के जरिए 45-45 हजार रुपये साइबर ठगों के अकाउंट में भेज दिए। बीआईटी के डीन संतोष सार ने बताया कि कॉलेज के कई स्टाफ को इस ब्लू डॉट नंबर से ऐसे कॉल आए, जिसमें प्रोफेसर मौसम शर्मा, अभिजित दास, हीना मिश्रा, अनुपम अग्रवाल, अभिषेक वर्मा, सुनील और सक्सेना के मोबाइल को हैक कर लिया गया है। ठगी की शिकायत संबंधित अधिकारियों को 1930 नंबर पर दर्ज कराई गई है। साइबर एक्सपर्ट्स ने इस घटना को गंभीर बताया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है कि वे अनजान नंबर या लिंक पर कभी क्लिक न करें, खासकर जब उन्हें संदिग्ध संदेश आए।

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Bhilai / Durg

रजिस्ट्री में जुड़ी 10 नई सुविधाएं, लेकिन स्वत: नामांतरण में अभी भी देरी

राजस्व विभाग ने रजिस्ट्री की प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बनाने के लिए 10 नई सुविधाएं लागू की हैं। इनमें सबसे अहम सुविधा है “स्वतः नामांतरण”, जिसके तहत रजिस्ट्री पूरी होते ही संबंधित खरीदार का नाम राजस्व रिकॉर्ड में खुद-ब-खुद दर्ज हो जाना चाहिए। इससे पहले तक नामांतरण के लिए पटवारी और तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे कई बार महीनों की देरी होती थी। हालांकि इस नई सुविधा के बावजूद जिले के लोगों को इसका लाभ तुरंत नहीं मिल पा रहा है। पिछले एक सप्ताह में हुई कई रजिस्ट्री के मामलों में स्वत: नामांतरण नहीं हो पाया है, जिससे पक्षकारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार, नई प्रणाली में तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं और सर्वर अपग्रेड हो रहा है, जिस कारण शुरुआती दिनों में कुछ दिक्कतें आ रही हैं। लेकिन जल्द ही सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी और यह सुविधा आम नागरिकों के लिए पूरी तरह सुगम हो जाएगी। इस सुविधा से भविष्य में नागरिकों को न सिर्फ समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि फर्जीवाड़े के मामलों में भी कमी आएगी। पहले रजिस्ट्री के बाद संपत्ति को नामांतरण से पहले किसी और को बेचने जैसे धोखाधड़ी के मामले सामने आते थे। लेकिन अब रजिस्ट्री के साथ ही स्वत: नाम दर्ज हो जाने से यह खतरा कम हो जाएगा। जांजगीर में पेंडिंग हैं दर्जनों नामांतरणजांजगीर जिले के उप पंजीयक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले सप्ताह डिजिटल सिग्नेचर की अनुपलब्धता के कारण नामांतरण की प्रक्रिया रुकी हुई थी। हालांकि अब शुक्रवार से प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई है और सभी लंबित नामांतरण जल्द ही पूरे कर लिए जाएंगे। नई 10 सुविधाएं इस प्रकार हैं: इन बदलावों के बाद उम्मीद है कि आम जनता को रजिस्ट्री और नामांतरण जैसी प्रक्रियाओं में बड़ी राहत मिलेगी और भ्रष्टाचार व धोखाधड़ी पर अंकुश लगेगा।

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जशपुर में छह सड़कों के निर्माण को मिली मंजूरी, 18 करोड़ से अधिक की लागत से सुधरेगा आवागमन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर जशपुर जिले में आवागमन को आसान बनाने के लिए छह प्रमुख सड़कों के निर्माण कार्यों को 18 करोड़ 46 लाख 87 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से जिले के नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी के साथ-साथ यातायात की भी बेहतर सुविधा मिलेगी। इन परियोजनाओं की मंजूरी से क्षेत्र में विकास की गति तेज होगी और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में सुधार आएगा। इन सड़कों को मिली स्वीकृतिराज्य शासन द्वारा वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल जशपुर जिले की विभिन्न सड़कों के निर्माण हेतु निम्नलिखित परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है: दो और सड़कों को 7 करोड़ से अधिक की स्वीकृतिइसके अतिरिक्त, जिले की दो अन्य महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण के लिए भी राज्य शासन से 7 करोड़ 65 लाख 41 हजार रुपये की मंजूरी प्राप्त हुई है। जनता में खुशी की लहरइन विकास कार्यों से जिले में आवागमन की सुविधा अत्यधिक सुगम हो जाएगी। मुख्यमंत्री के प्रयासों से मिली इन स्वीकृतियों से जशपुर के नागरिकों में प्रसन्नता की लहर है, और विकास की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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गरीब मां की बेबसी: जन्म प्रमाण पत्र में सुधार के लिए घूस देनी पड़ी, चावल बेचकर जुटाए पैसे

कोरबा, छत्तीसगढ़।जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के बंजारी गांव की रहने वाली एक गरीब महिला, अमिषा धनुहार, इन दिनों अपने बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र में हुई गलती को सुधारवाने के लिए परेशान है। दुर्भाग्यवश, उसे यह काम बिना रिश्वत दिए मुमकिन नहीं लग रहा। अमिषा के पास इतने पैसे नहीं थे कि वह कर्मचारी की मांग पूरी कर सके, इसलिए उसने सरकारी राशन की दुकान से मिले चावल बेचकर 500 रुपये इकट्ठा किए ताकि वह कर्मचारी को रिश्वत दे सके। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें अमिषा अपनी आपबीती सुनाते हुए रो पड़ती है। वीडियो में उसकी आंखों से बहते आंसू उसकी बेबसी बयां कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, अमिषा ने अपने 10 महीने के बेटे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाया था, लेकिन उसमें कुछ त्रुटि रह गई। जब वह इसे ठीक करवाने बंजारी के उप-स्वास्थ्य केंद्र पहुंची, तो वहां मौजूद महिला कर्मचारी ने उससे 500 रुपये की मांग की और साफ कहा कि जब तक पैसे नहीं दिए जाएंगे, प्रमाण पत्र नहीं सुधारा जाएगा। अमिषा का कहना है कि जब उसने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र पहली बार बनवाया था, तब भी उसे 500 रुपये घूस देने पड़े थे। अब फिर से उसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। यह सब बताते हुए महिला खुद को संभाल नहीं पाई और भावुक हो गई। वीडियो में उसकी पीड़ा स्पष्ट दिखाई देती है। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर किया है, जहां एक जरूरतमंद मां को अपने बच्चे का बुनियादी दस्तावेज पाने के लिए रिश्वत देने और घर का राशन तक बेचना पड़ रहा है।

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मेडिकल कॉलेज अस्पताल में युवक की संदिग्ध मौत, परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया

रायगढ़ के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पेट दर्द की शिकायत के साथ भर्ती हुए 24 वर्षीय अनिकेत यादव की मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि समय पर उचित इलाज नहीं मिलने की वजह से अनिकेत की जान चली गई। मिली जानकारी के अनुसार, अनिकेत को गुरुवार को अचानक पेट में तेज दर्द हुआ, जिसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया। प्रारंभिक जांच के बाद डॉक्टरों ने खून की जांच कराई, जिसकी रिपोर्ट दोपहर तक आई। इसके बाद डॉक्टरों ने सोनोग्राफी कराने की सलाह दी, लेकिन उस समय अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट मौजूद नहीं था। लंबे इंतजार के बावजूद सोनोग्राफी नहीं हो पाई। स्थिति बिगड़ने पर अनिकेत को कोरबा के एक निजी सेंटर में सीटी स्कैन के लिए रेफर किया गया। वहीं, तबीयत और खराब होने पर उसे फिर मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया। अनिकेत को सांस लेने में परेशानी हो रही थी, लेकिन परिजनों के बार-बार आग्रह के बावजूद उसे समय पर ऑक्सीजन बेड उपलब्ध नहीं कराया गया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने ऑक्सीजन देने का आश्वासन तो दिया, लेकिन इंतजार करते-करते अनिकेत ने दम तोड़ दिया। इस घटना से नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए। मामला बढ़ता देख अस्पताल प्रबंधन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की पुष्टि की जाएगी। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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सोलर प्रोजेक्ट के नाम पर 1.50 करोड़ की ठगी, कारोबारी के साथ धोखाधड़ी करने वाला आरोपी बिहार से गिरफ्तार

भिलाई। सोलर स्ट्रीट लाइट प्रोजेक्ट में मोटे मुनाफे का लालच देकर कारोबारी से 1.50 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान मुंबई स्थित संजीवीटी इंटरप्राइजेस लिमिटेड के संचालक प्रेमजीत शर्मा के रूप में हुई है। इस मामले की शिकायत भिलाई के दिघवा निवासी जसमिंदर सिंह ने दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि प्रेमजीत शर्मा ने नेपाल में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने के प्रोजेक्ट में निवेश करने का प्रस्ताव दिया और बड़े मुनाफे का भरोसा दिलाया। इस झांसे में आकर जसमिंदर सिंह ने 1 करोड़ 50 लाख रुपये निवेश कर दिए। हालांकि, निवेश के बाद आरोपी ने नेपाल में भारी बारिश के कारण प्रोजेक्ट बंद हो जाने की बात कही और नया अनुबंध नाइजीरिया में होने का दावा किया। लेकिन जब नाइजीरिया प्रोजेक्ट के दस्तावेजों की जांच हुई, तो वे भी फर्जी निकले। शिकायत की पुष्टि के बाद स्मृति नगर चौकी प्रभारी गुरविंदर सिंह संधु अपनी टीम के साथ बिहार पहुंचे और आरोपी प्रेमजीत शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। एएसपी पद्मश्री तंवर ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।

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Bhilai / Durg

रायपुर में दर्ज हुआ कोरोना का पहला मामला: एक खौफनाक दौर की शुरुआत

रायपुर, छत्तीसगढ़ — साल 2020 में जब पूरी दुनिया सामान्य जीवन जी रही थी, किसी ने भी नहीं सोचा था कि कुछ ही दिनों में हर गली, हर घर और हर देश पर एक अदृश्य खतरा मंडराने लगेगा। यही वह समय था जब रायपुर में कोरोना वायरस (COVID-19) का पहला मामला सामने आया। यह एक ऐसा क्षण था जिसने न सिर्फ शहर बल्कि पूरे राज्य की चिंता और भय को जन्म दिया। कोरोना वायरस की शुरुआत चीन के वुहान शहर से हुई थी, लेकिन इसकी भयावहता जल्द ही अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पार करते हुए भारत में भी फैल गई। जब रायपुर में पहला संक्रमित मरीज मिला, तब तक देशभर में यह महामारी चिंता का विषय बन चुकी थी। लेकिन जैसे ही इस वायरस ने छत्तीसगढ़ में दस्तक दी, लोगों की चिंता और डर कई गुना बढ़ गया। रायपुर में संक्रमित मरीज की पुष्टि होते ही स्वास्थ्य विभाग ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया। जिले भर में सघन संपर्क ट्रेसिंग, सैंपल कलेक्शन और क्वारंटीन की व्यवस्था शुरू हो गई। शहर की गलियों में सन्नाटा पसर गया, मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य कर दिया गया। अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई गई, ऑक्सीजन सिलेंडर और वेंटिलेटर्स का इंतज़ाम किया गया। हर व्यक्ति के मन में बस एक ही डर था—कहीं अगला नंबर हमारा न हो। ऐसा पहली बार हुआ था कि किसी अदृश्य दुश्मन ने पूरे समाज को ठहरने पर मजबूर कर दिया। न स्कूल खुले, न मंदिरों की घंटियाँ बजीं, न बाज़ारों में रौनक रही। यह वो समय था जब हम सबने मिलकर अपनों को बचाने की लड़ाई लड़ी। समाचार चैनलों, अखबारों और सोशल मीडिया पर केवल एक ही शब्द गूंज रहा था—”कोरोना”। लोग टीवी से चिपके रहे, हर अपडेट पर नज़र रखते हुए। लेकिन इस सब के बीच जो सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, वो थे मजदूर, छोटे दुकानदार और बुज़ुर्ग लोग। कई परिवारों ने अपनों को खोया, और कुछ ने कभी न भरने वाला खालीपन पाया। इस घटना ने न केवल मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की असलियत उजागर की, बल्कि यह भी बताया कि जब संकट आता है, तो समाज में एकजुटता और संवेदनशीलता की कितनी ज़रूरत होती है। आज भले ही हम उस भयावह समय से निकल चुके हैं, लेकिन वो डर, वो सन्नाटा और वो संघर्ष कभी भुलाए नहीं जा सकते। रायपुर में मिला पहला कोरोना मरीज उस इतिहास की पहली स्याही थी, जिसने आने वाले कई अध्यायों को लिखा।

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Chhattisgarh, Health, State, Top News

BSNL सिम फ्रॉड का खुलासा: फ्रेंचाइजी संचालक ने 25+ सिम गलत हाथों में सौंपे, जांच में जुटी पुलिस

बीएसएनएल की फ्रेंचाइजी लेकर मोबाइल सिम कार्ड में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। सरायपाली निवासी साहिल साहू, जिसने “जीएस मार्केटिंग” के नाम से बीएसएनएल की फ्रेंचाइजी ली थी, उस पर आरोप है कि उसने कई सिम कार्ड ऐसे लोगों को बेचे जिनके नाम पर वे जारी नहीं किए गए थे। जांच में सामने आया है कि 2 से 16 मई 2025 के बीच जारी किए गए 25 से अधिक सिम कार्ड्स वास्तविक ग्राहकों को न देकर उत्तरप्रदेश के लखनऊ निवासी एक व्यक्ति को सौंप दिए गए। शिकायत मिलने पर बीएसएनएल ने आंतरिक जांच की और फिर तेलीबांधा थाना पुलिस में मामला दर्ज करवाया। धोखाधड़ी का केस दर्ज, पूछताछ जारी पुलिस ने आरोपी साहिल साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन सिम कार्ड्स का इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया गया। आशंका जताई जा रही है कि इनका उपयोग ऑनलाइन सट्टेबाजी, साइबर ठगी और म्यूल बैंक खातों के संचालन जैसे अवैध कार्यों में किया जा सकता है। सिम पोर्टिंग से खुली पोल जिन लोगों को उत्तरप्रदेश में सिम बेचे गए थे, उनमें से कई ने सिम को दूसरी टेलीकॉम कंपनियों में पोर्ट करा दिया, जिससे इस पूरे घोटाले का पता चला। बीएसएनएल ने इस संबंध में टेलीकॉम मंत्रालय को भी जानकारी दे दी है और सिम के दुरुपयोग से संबंधित डेटा एकत्र किया जा रहा है। ऑनलाइन अपराधों में सिम की भूमिका पर चिंता विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की फर्जी सिम कार्ड की मदद से अपराधी डिजिटल धोखाधड़ी, नकली बैंकिंग गतिविधियों और अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क को चला सकते हैं। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और जल्द ही इसमें और खुलासे होने की संभावना है।

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Raipur

हिन्द सेना में मुकेश देवांगन को युवा ब्रिगेड राष्ट्रीय संगठन मंत्री की मिली बड़ी जिम्मेदारी,पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने दी बधाई

राष्ट्रीय राजधानी,नई दिल्ली देशहित के प्रति समर्पित भावना एवं समाजसेवा के क्षेत्र में किए गए सराहनीय योगदान को देखते हुए हिन्द सेना समाजसेवी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सदस्य केंद्रीय मंत्रालय भारत सरकार मंगेश वैद्य की अनुशंसा पर युवा ब्रिगेड राष्ट्रीय अध्यक्ष दक्ष वैद्य ने छत्तीसगढ़ युवा ब्रिगेड प्रदेशाध्यक्ष मुकेश देवांगन को पदोन्नति करते हुए युवा ब्रिगेड राष्ट्रीय संगठन मंत्री पद पर नियुक्त किया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष दक्ष वैद्य ने नवनियुक्त युवा ब्रिगेड राष्ट्रीय संगठन मंत्री मुकेश देवांगन को देशहित में समाजसेवा के क्षेत्र में अग्रसर रहने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय संगठन मंत्री l मुकेश देवांगन ने नियुक्त किये जाने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष मंगेश वैद्य, युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष दक्ष वैद्य एवं समस्त वरिष्ठ पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हिन्द सेना सामाजिक क्रांति की मशाल से सम्पूर्ण देश में व्याप्त धर्मांधता,क्षेत्रीयता,जातीयता एवं भ्रष्टाचार की जंजीरो को तोड़कर मानव एकता की मिसाल कायम कर देश के अंतिम युवाओं के उत्थान के लिए कटिबद्ध रहेंगे एवं शीघ्र आगामी माह में देश के समस्त प्रदेशों का दौरा कर देशहित में एवं समाज सेवा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने वाले ऊर्जावान नेतृत्वकर्ताओं को कार्यकारिणी में विशेष प्राथमिकता देंगे । हर्ष व्यक्त करने वालो में पर्यावरण संरक्षण विभाग राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रामदयाल मीणा,ओबीसी सेल राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता बोया मैड्डुलेटी,राष्ट्रीय संगठन महामंत्री द्वय चंद्रभान सिंह परिहार,योगेश वैद्य,संजीव मल्होत्रा,युवा ब्रिगेड राष्ट्रीय अध्यक्ष दक्ष वैद्य,कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष निरंजन सिंह चौधरी,छात्र ब्रिगेड राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप सिंह,मानवाधिकार सेल राष्ट्रीय अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह,भ्रष्टाचार निरोधक सेल राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर गोपालकृष्णन,कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र महाराणा,आईटी सेल कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष शर्मा,अल्पसंख्यक सेल राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरदीप सिंह भाटिया,महिला ब्रिगेड राष्ट्रीय अध्यक्ष रत्नावली कौशल,राजेश मिश्रा,समरजीत चावला,दीपेश रॉय,दीनानाथ जायसवाल,आनंद टंडन,डॉक्टर सौरभजित हजारिका,अधिवक्ता रमेश भारद्वाज,राष्ट्रीय महामंत्री धीरज सोनकुसरे ,राजेश राठौर खलीफा,सुनील सानाध्य,ठाकुर सिंह साहब,महिला ब्रिगेड राष्ट्रीय महामंत्री अनीता रेड्डी कोडंगल,विधि विभाग राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष ठाकुर,उपाध्यक्ष अधिवक्ता मनीष राठौर,राष्ट्रीय सचिव इंदरचंद अग्रवाल,सुशांत भदोरिया,दीपक बिस्ठ,संजय तिवारी,अवधेश लांबा,अतुल श्रीवास्तव,प्रदीप गौतम,राष्ट्रीय संगठन मंत्री द्वय प्रोफेसर प्रीतम सिंह, राष्ट्रीय संगठन मंत्री एवं राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी जुगल किशोर,राष्ट्रीय संगठन मंत्री एवं सनातन ब्रिगेड कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश शर्मा, राष्ट्रीय संगठन मंत्री बिहारी लाल जसावत, विधि सेल राष्ट्रीय संगठन मंत्री अधिवक्ता महेश गौतम,मीडिया सेल राष्ट्रीय संगठन मंत्री दुलीचंद शर्मा,युवा राष्ट्रीय समन्वयक लक्ष्मी नारायण बालू, राष्ट्रीय प्रतिनिधि एवं हिमाचल प्रदेशाध्यक्ष डॉ गुरनाम सिंह,उतराखंड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष अधिवक्ता महेश नारायण,राष्ट्रीय प्रतिनिधि एवं दिल्ली प्रदेशाध्यक्ष धर्मपाल जांगड़ा,कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष बालकृष्ण शुक्ला,दिल्ली महिला ब्रिगेड प्रदेशाध्यक्ष पारुल सिंह ढाका,चंद्र मणि,शशि गुप्ता,मध्यप्रदेश युवा ब्रिगेड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष अधिवक्ता धर्म सिंह चौहान,मनोज शर्मा,युवा ब्रिगेड आईटी सेल प्रदेशाध्यक्ष कमलेश जूनी,महिला ब्रिगेड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष अधिवक्ता सोनाली श्रीवास्तव,फिज़ा अली खान,विधि विभाग कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष अधिवक्ता कृपाल सिंह बाथम,धार्मिक न्यास विभाग कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष आचार्य विनोद शुक्ला,भ्रष्टाचार निरोधक सेल कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष डॉ उमेश श्रीवेल,छत्तीसगढ़ प्रदेश मुख्य संयोजक तरुण नाथ योगी,राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष राधेश्याम मीणा,राजस्थान युवा ब्रिगेड प्रदेशाध्यक्ष पवन सिंह नरूका,महाराष्ट्र कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष अंसारुल्लाह चौधरी, कला एवं सांस्कृतिक विभाग कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष संजय टिपुगड़े,प्रदेशाध्यक्ष युवा ब्रिगेड प्रदेशाध्यक्ष श्रेयास शांडिल्य,तेलंगाना प्रदेशाध्यक्ष टी रामुलू, कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र झंझोड,महिला कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष कीर्ति रेड्डी,छात्र ब्रिगेड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष कटुकुरी विग्नेश कुमार,आंध्र प्रदेश प्रदेशाध्यक्ष डी राजू,वेस्ट बंगाल प्रदेशाध्यक्ष जयंती भट्टाचार्य,उत्तर प्रदेश प्रदेशाध्यक्ष राम प्रकाश यादव,कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष अधिवक्ता जैनेश पंकज,मार्तंड शर्मा,प्रदेश संगठन महामंत्री विश्वनाथ द्विवेदी,युवा ब्रिगेड आईटी सेल कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय गुप्ता,बिहार कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र प्रताप जीतू,आसाम प्रदेशाध्यक्ष सौरभजीत हजारिका,गुजरात प्रदेशाध्यक्ष आलोक पटेल,महिला ब्रिगेड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष गीताबेन वाघेला, युवा ब्रिगेड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष दर्शन कुमार शाह,कर्नाटक प्रदेशाध्यक्ष डी मातंदूर, युवा ब्रिगेड प्रदेश अध्यक्ष महेश सिद्राई शिगिहल्ली,महिला ब्रिगेड प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता धनलक्ष्मी,हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष प्रमोद ढांडा,कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष विजय कुमार,महिला ब्रिगेड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष दर्शाना देवी,युवा ब्रिगेड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष आकाशदीप शर्मा,पंजाब कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष सुबोध मित्तल,राकेश शर्मा,महिला ब्रिगेड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष उमा गोयल,बंदना नेहा देवी,कविता कौर,अंजू सूदन,ओडिशा प्रदेशाध्यक्ष अधिवक्ता दीपेश नायक,नितेश कुमार,तमिलनाडु प्रदेशाध्यक्ष ए चंद्रन,युवा ब्रिगेड प्रदेशाध्यक्ष सिदरई, महिला ब्रिगेड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष अधिवक्ता धनलक्ष्मी,केरला प्रदेशाध्यक्ष एम वी जोसेफ,झारखंड प्रदेशाध्यक्ष नारायण लिंडा,युवा कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष विनय भगत,महिला ब्रिगेड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष उर्मिला देवी,युवा ब्रिगेड एससी सेल कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष अमरनाथ राम,राष्ट्रीय प्रतिनिधि व्येंकेटेश येवले,भास्कर येवले,डॉ.एस.के.साहू ,डॉ.सुनील जैन ,डॉ.राहुल पांडेय,दिनेश राय ,ए.खान,राष्ट्रीय प्रतिनिधि व पार्षद संतोष महानंद,प्रीति गोसेवाड़ा,एससी सेल राष्ट्रीय प्रतिनिधि कृष्ण मुंशीराम वाल्मिक,छत्तीसगढ प्रदेशाध्यक्ष अधिवक्ता नितिन ठक्कर,कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष व ऐल्डरमैन संजय साहू,मनोज पटेल,विनय चोपड़ा,मानवाधिकार सेल प्रदेशाध्यक्ष अधिवक्ता शिव बघेल, मानवाधिकार सेल कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष ईश्वर पटेल,भ्रष्टाचार निरोधक सेल प्रदेशाध्यक्ष अधिवक्ता रूबी नाज़ खान,महिला ब्रिगेड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष लक्ष्मी चौहान,युवा ब्रिगेड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष खगेन्द्र मल्होत्रा, युवा ब्रिगेड प्रदेश संगठन मंत्री स्वराज मुदलियार सहित हिन्द सेना के समस्त पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओ ने बधाई दी है |

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बिरगांव में सुशासन त्योहार के तहत 2000 से अधिक लोगों को मिला लाभ, कई समस्याओं का हुआ समाधान

बिरगांव (22 मई): बिरगांव नगर निगम द्वारा आज रावाभाठा में आयोजित “समाधान त्योहार” में वार्ड क्रमांक 1 से 20 तक के नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया गया। यह कार्यक्रम पिछले माह आयोजित “सुशासन त्योहार” का हिस्सा था, जिसमें नागरिकों ने अपनी समस्याएं लिखित रूप से सरकार को सौंपी थीं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिरगांव नगर निगम के महापौर नंदलाल देवांगन और रायपुर ग्रामीण के विधायक मोतीलाल साहू उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों एवं पार्षदों की उपस्थिति में कुल 30 शिविर लगाए गए, जिनमें तात्कालिक रूप से कई आवश्यक सेवाएं प्रदान की गईं। मुख्य सेवाओं में ड्राइविंग लाइसेंस, लर्निंग लाइसेंस, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी समस्याओं का निवारण किया गया। साथ ही महिला एवं बाल विकास, बिजली, पानी, सड़क, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, और नशा मुक्ति जैसे विषयों पर भी समाधान प्रस्तुत किए गए। विधायक मोतीलाल साहू ने कहा कि “विष्णुदेव साय जी की सरकार राज्य के हर नागरिक की समस्या को सुनकर समाधान कर रही है।” उन्होंने बताया कि इस आयोजन से लगभग 2000 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिला है। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान कुछ नागरिकों ने अपनी समस्याएं अभी भी अनसुलझी बताईं। विशेष रूप से उरकुरा, आछोली और रावाभाठा जैसे इलाकों के नागरिकों ने बताया कि वे पिछले 20 वर्षों से नजूल की जमीन पर रह रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी सहायता नहीं कर रही। उनका कहना है कि उनका मतदाता परिचय पत्र यहीं का है और वे चाहते हैं कि उन्हें भूमि का पट्टा प्रदान किया जाए या वैकल्पिक आवास की व्यवस्था की जाए। नगर निगम के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि इन लंबित मामलों की भी शीघ्र जांच कर उचित निर्णय लिया जाएगा।

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