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धान बेचने के लिए टोकन नहीं मिल पा रहे किसान: ‘टोकन तुंहर हाथ’ ऐप बंद, ऑपरेटरों की हड़ताल से अटकी खरीदी प्रक्रिया

छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होनी है, लेकिन किसानों के लिए यह प्रक्रिया फिलहाल मुश्किलों से भरी दिख रही है। धान बेचने के लिए जरूरी ‘टोकन तुंहर हाथ’ ऐप कई दिनों से काम नहीं कर रहा और कंप्यूटर ऑपरेटरों की राज्यव्यापी हड़ताल ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। नतीजा — किसानों का न तो पंजीयन हो पा रहा है, न ही टोकन जारी किए जा रहे हैं। ऐप ठप, पंजीयन प्रक्रिया ठप धान बेचने के लिए पहले किसानों को एग्री स्टैक पोर्टल पर पंजीयन करना पड़ता है, जिसके बाद ‘टोकन तुंहर हाथ’ ऐप से टोकन लिया जाता है। लेकिन इन दिनों ऐप लॉगइन नहीं हो रहा। यूजर्स को “टोकन पंजीयन फिलहाल बंद है” का संदेश दिखाई दे रहा है। अधिकारियों के अनुसार, ऐप का नया संस्करण अभी तक प्ले स्टोर पर उपलब्ध नहीं है, जिससे सर्वर कनेक्शन बाधित हो गया है। लाखों किसान पंजीयन से वंचित प्रदेश के 7 लाख से अधिक किसान अब तक पंजीयन नहीं करा पाए हैं। तकनीकी खराबियों, डेटा त्रुटियों और खसरा-खतौनी के मिलान में समस्या के कारण कई आवेदन रिजेक्ट हो रहे हैं। कई जिलों में वेबसाइट घंटों तक डाउन रहने से किसानों को सोसायटी और साइबर कैफे के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल से बढ़ी दिक्कत प्रदेशभर के कंप्यूटर ऑपरेटर वेतनवृद्धि, नियमितीकरण और चार सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो वे 19 नवंबर को सामूहिक इस्तीफा दे देंगे। अगस्त में भी हड़ताल के कारण पंजीयन कार्य ठप पड़ा था, और अब खरीदी से ठीक पहले वही स्थिति दोबारा बन गई है। किसानों ने मांगी वैकल्पिक व्यवस्था भारतीय किसान संघ के तेजराम विद्रोही ने सरकार से मांग की है कि जिन किसानों का ऑनलाइन पंजीयन या टोकन नहीं हो पा रहा, उन्हें सोसायटी स्तर पर ऑफलाइन पंजीयन की अनुमति दी जाए। उनका कहना है कि मौजूदा स्थिति में हजारों किसान खरीदी प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं। नए नियमों से और बढ़ी परेशानी इस बार धान विक्रय के लिए किसानों को रकबा सत्यापन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। किसानों का कहना है कि डिजिटल गिरदावरी सर्वे के बाद यह प्रक्रिया दोबारा कराना बेवजह का झंझट है, जिससे समय और श्रम दोनों की बर्बादी हो रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है — जब पंजीयन और टोकन दोनों अटके हैं, तो 15 नवंबर से धान खरीदी आखिर कैसे शुरू होगी?

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रायपुर: शादी समारोह में मेहमान बनकर चोरी — स्टेज पर फोटो खिंचवाते रहे लोग, पीछे से शगुन का बैग और नकदी ले उड़े युवक

रायपुर के गुढ़ियारी इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक शादी समारोह में दो युवक मेहमान बनकर पहुंचे और मौका मिलते ही शगुन का बैग, कैश और चांदी की मूर्तियां चुरा ले गए। यह वारदात ओशो भवन मैरिज गार्डन में हुई थी, और पूरी घटना शादी के वीडियोग्राफर के कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लाल शर्ट पहना एक युवक चोरी करते हुए नजर आ रहा है, जबकि उसी समय स्टेज पर मेहमान फोटो खिंचवा रहे थे। पुलिस के अनुसार, 6 नवंबर को राजपूत परिवार के विवाह समारोह के दौरान यह चोरी हुई। सभी लोग जश्न में व्यस्त थे और इसी बीच आरोपियों ने टेंट का कपड़ा काटकर पीछे से वारदात को अंजाम दिया। जब घरवालों ने देखा कि शगुन का बैग और अन्य सामान गायब हैं, तो उन्होंने तुरंत गुढ़ियारी थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता नितेश राजपूत ने बताया कि उनकी पत्नी का पर्स चोरी हो गया था, जिसमें नकदी, मोबाइल फोन और शादी के गिफ्ट रखे हुए थे। पुलिस ने जांच के दौरान ओशो भवन और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की और शादी के वीडियोग्राफर की रिकॉर्डिंग भी खंगाली। इसी रिकॉर्डिंग में एक आरोपी की हरकतें सामने आईं। फुटेज के आधार पर पुलिस ने मुखबिरों को सक्रिय किया और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नवीन मानिकपुरी उर्फ लल्ला (19), निवासी नर्मदापारा और किशन साहू (21), निवासी चूना भट्‌टी, रायपुर के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने इनके पास से चोरी का सामान — चांदी की मूर्ति, बिछिया, ₹14,600 नकद, मोबाइल और पर्स — कुल मिलाकर लगभग ₹60,000 की संपत्ति जब्त की है। गुढ़ियारी थाना प्रभारी बीएल चंद्राकर ने बताया कि शादी के वीडियोग्राफर की रिकॉर्डिंग इस केस को सुलझाने में सबसे अहम सबूत साबित हुई। समय पर कार्रवाई से दोनों चोरों को गिरफ्तार कर चोरी का सामान बरामद कर लिया गया।

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दिल्ली ब्लास्ट में अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल, डेटोनेटर का इस्तेमाल: मरने वालों की संख्या 12 हुई; PM मोदी बोले- गुनहगार बख्शे नहीं जाएंगे

नई दिल्ली:दिल्ली में सोमवार शाम हुए भयानक कार ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। इनमें 2 महिलाएं भी शामिल हैं, जबकि 20 लोग घायल हैं और उनका इलाज राजधानी के अलग-अलग अस्पतालों में जारी है। दो शवों की पहचान हो चुकी है, बाकी की पहचान DNA टेस्ट के ज़रिए की जाएगी। धमाके का समय और स्थान:यह धमाका सोमवार शाम करीब 6:52 बजे हुआ, जब लाल किला मेट्रो स्टेशन (गेट नंबर-1) के पास एक सफेद i20 कार में विस्फोट हुआ। धमाका इतना तेज़ था कि आसपास खड़ी गाड़ियों के शीशे टूट गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। CCTV फुटेज में सामने आया संदिग्ध:मंगलवार को सामने आए CCTV फुटेज में दिखा कि कार चलाते हुए एक काला मास्क पहने शख्स बैठा है। जांच में उसका नाम डॉ. मोहम्मद उमर नबी, निवासी पुलवामा (जम्मू-कश्मीर) बताया जा रहा है।पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उमर ने विस्फोटकों के साथ खुद को उड़ा लिया। DNA जांच के लिए कश्मीर पुलिस ने उमर की मां और दो भाइयों को हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों की शुरुआती रिपोर्ट:न्यूज़ एजेंसी PTI के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस धमाके में अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल और डेटोनेटर का इस्तेमाल किया गया था। इससे संकेत मिलते हैं कि धमाका सुनियोजित तरीके से किया गया आतंकी हमला हो सकता है। पीएम मोदी की प्रतिक्रिया:दो दिन के भूटान दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली ब्लास्ट में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, “पूरा देश दिल्ली विस्फोट से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” कार में ढाई घंटे बैठा रहा उमर:जांच में यह भी सामने आया है कि उमर कार में करीब ढाई घंटे तक बैठा रहा और एक बार भी बाहर नहीं निकला। माना जा रहा है कि उसने कार में बैठकर ही विस्फोट को अंजाम दिया।

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हत्या के आरोपियों का जुलूस निकालकर पुलिस ने दी सख्त चेतावनी: 24 घंटे में तीनों आरोपी गिरफ्तार, सड़क पर बैठाकर किया दंडित

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में हुई युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। घटना के 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद मोहन नगर पुलिस ने आरोपियों का इलाके में जुलूस निकाला और सड़क पर बैठाकर उन्हें डंडे से सजा दी। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों से नारे भी लगवाए — “क्राइम करना पाप है, पुलिस हमारा बाप है।” घटना की पूरी कहानी मामला मोहन नगर थाना क्षेत्र के शंकर नगर का है, जहां 9 नवंबर की रात करीब 10:30 बजे युवक योगेश विश्वकर्मा की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। आरोपी तुषार, चंदन और तिलक ने योगेश पर घर के पास हमला कर दिया था। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने योगेश को मृत घोषित कर दिया। पत्नी पर टिप्पणी से भड़के आरोपी जांच में सामने आया है कि विवाद की जड़ एक आपत्तिजनक टिप्पणी थी, जो मृतक ने आरोपी तुषार की पत्नी को लेकर की थी। इसी रंजिश के चलते तीनों आरोपियों ने योगेश को बात करने के बहाने बुलाया और फिर चाकू से हमला कर हत्या कर दी। गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी पुलिस ने हत्या में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया — घटना में प्रयुक्त चाकू भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। तीनों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। इलाके में निकाला गया जुलूस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने शंकर नगर इलाके में आरोपियों को पैरों में बेड़ियां डालकर सड़क पर बैठाया और इलाके में घुमाकर जुलूस निकाला। इस कार्रवाई का उद्देश्य अपराधियों में भय और जनता में विश्वास कायम करना बताया गया है।

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रायगढ़ में रेल लाइन की वार्षिक मरम्मत शुरू: दो दिन रहेगा रेलवे क्रॉसिंग बंद, वाहनों का आवागमन रोका जाएगा

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा रेल लाइन की वार्षिक मरम्मत का कार्य किया जाएगा। इसके तहत किरोड़ीमल और भूपदेवपुर के बीच स्थित रेलवे क्रॉसिंग नंबर 297 को 12 और 13 नवंबर को बंद रखा जाएगा। सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक इस फाटक पर मरम्मत का कार्य चलेगा। इस दौरान यहां वाहनों और राहगीरों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। रेलवे प्रशासन ने लोगों की सुविधा के लिए क्रॉसिंग नंबर 298 को वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग करने की अपील की है। सुरक्षा और ट्रैफिक नियंत्रण के इंतज़ाम सीनियर सेक्शन इंजीनियर (रेल पथ) रायगढ़ के अनुसार, इस दौरान अप-डाउन थर्ड लाइन और कोड़तराई सेक्शन में वार्षिक निरीक्षण और मरम्मत कार्य किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई है, ताकि यातायात सुचारू रहे और किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। रेल संचालन की सुरक्षा के लिए जरूरी काम रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह मरम्मत कार्य रेल यातायात की सुरक्षा और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है। काम पूरा होने के बाद रेलवे फाटक को फिर से आम नागरिकों के लिए खोल दिया जाएगा।

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भिलाई का युवक बना ‘गुंडा’ दिखाने निकला तलवार लेकर, नंदिनी पुलिस ने घेराबंदी कर किया गिरफ्तार

भिलाई/दुर्ग। दुर्ग जिले में एक युवक ने लोगों में दहशत फैलाने के इरादे से बीच सड़क पर तलवार लहराकर आतंक मचाया। मामला नंदिनी-अहिवारा क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से धारदार हथियार जब्त कर आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। तलवार लहराकर फैला रहा था डर सूचना के अनुसार, 10 नवंबर दोपहर करीब 12:30 बजे, नंदिनी टाउनशिप क्षेत्र के चंचल प्यूलस के पास एक युवक लोहे की तलवारनुमा हथियार लेकर राहगीरों को डराता-धमकाता नजर आया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई।स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने की घेराबंदी, मौके से पकड़ा आरोपी सूचना मिलते ही नंदिनी नगर पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई की। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर आरोपी को मौके से दबोच लिया।गिरफ्तार युवक की पहचान अमन समुद्रे (22 वर्ष), निवासी रावण भाठा, शंकर नगर, थाना सुपेला, जिला दुर्ग के रूप में हुई है। ‘गुंडा बनने’ के शौक में की हरकत पुलिस जांच में सामने आया है कि अमन समुद्रे अपने दोस्तों के बीच गुंडा छवि दिखाने के लिए ऐसी हरकत कर रहा था।वह अपने परिचितों को प्रभावित करने के लिए नंदिनी-अहिवारा क्षेत्र पहुंचा और वहां राहगीरों को हथियार दिखाकर डराने लगा। पुलिस ने भेजा जेल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और न्यायालय में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।नंदिनी नगर पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार गश्त और निगरानी जारी है।

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Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Crime

दुर्ग में सड़क हादसा: ट्रक की चपेट में आई महिला की दर्दनाक मौत, पति और मां गंभीर रूप से घायल

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में महिला की मौत हो गई, जबकि उसका पति और मां गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा मुरमुंदा चौक से गोढ़ी रोड के पास हुआ, जब दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर के बाद एक अज्ञात ट्रक ने महिला को कुचल दिया। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रिश्तेदारी से लौटते वक्त हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक, ग्राम पथरा (भिलाई-3) निवासी लोकेश रात्रे अपनी पत्नी नीलम रात्रे और मां बिसवंतीन बाई भारती के साथ घटियाखुर्द स्थित रिश्तेदारी से लौट रहे थे। रात करीब 8:30 बजे जैसे ही वे मुरमुंदा चौक से गोढ़ी रोड की ओर 100 मीटर आगे बढ़े, सामने से आ रही एक बाइक ने तेज रफ्तार में टक्कर मार दी। सड़क पर गिरे बाइक सवार, ट्रक ने रौंदा टक्कर के बाद दोनों बाइकों के सवार सड़क पर गिर पड़े। इस दौरान पीछे से आ रहा तेज रफ्तार ट्रक महिला के बेहद करीब आ गया। गिरने के दौरान नीलम रात्रे की साड़ी ट्रक के पिछले हिस्से में फंस गई और वह कुछ मीटर तक घसीटती चली गई।ट्रक चालक को इसकी भनक तक नहीं लगी और वह वाहन लेकर भाग निकला। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित किया घायलों को तत्काल अहिवारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने नीलम रात्रे को मृत घोषित कर दिया। जबकि उसके पति लोकेश और मां बिसवंतीन बाई की हालत गंभीर बताई जा रही है। ट्रक चालक फरार, सीसीटीवी से सुराग तलाश रही पुलिस नंदिनी थाना पुलिस ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धाराएं 184, 106(1), 125(ए) और 281 के तहत मामला दर्ज किया है।पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि ट्रक और उसके चालक की पहचान की जा सके। सड़क पर रोशनी की कमी से बढ़ रहे हादसे स्थानीय निवासियों ने बताया कि मुरमुंदा चौक से गोढ़ी रोड तक सड़क काफी संकीर्ण और खराब है। साथ ही, रात में स्ट्रीट लाइटों की कमी के कारण दृश्यता बेहद कम रहती है। लोगों ने प्रशासन से यहां स्पीड ब्रेकर और रोशनी की व्यवस्था करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।

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Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Crime

हाईकोर्ट वकील की संदिग्ध मौत पर उठे सवाल: बिलासपुर में अधिवक्ताओं ने कलेक्टर-एसएसपी से की मुलाकात, स्पेशल जांच टीम की मांग

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हाईकोर्ट के अधिवक्ता राहुल अग्रवाल की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस इसे आत्महत्या या हादसा बता रही है, लेकिन परिजन और वकील साथी इसे संदिग्ध मृत्यु मान रहे हैं। सोमवार को अधिवक्ताओं ने कलेक्टर और एसएसपी से मिलकर विशेष जांच टीम (Special Investigation Team) बनाने की मांग की। वकीलों ने कहा कि राहुल अग्रवाल एक होनहार अधिवक्ता थे। घटना की रात करीब 1 बजे वे अपने सहयोगी वकील के घर से निकले थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे। कुछ घंटे बाद उनकी बाइक पुराने अरपा पुल के पास खड़ी मिली, जबकि राहुल लापता थे। 22 घंटे बाद मिला शव, शरीर पर चोट के निशान करीब 22 घंटे बाद राहुल का शव अरपा नदी में मिला। शरीर पर कई चोटों के निशान पाए गए, जिससे यह मामला और अधिक संदिग्ध हो गया। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह सामान्य दुर्घटना नहीं हो सकती — संभव है कि राहुल की मौत किसी अप्राकृतिक या आपराधिक कारण से हुई हो। निष्पक्ष जांच और साक्ष्यों की पड़ताल की मांग अधिवक्ताओं ने कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह से मुलाकात के दौरान कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए स्पेशल टीम गठित की जाए। उन्होंने मांग की कि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और घटनास्थल से मिले सभी साक्ष्यों की गहराई से जांच हो। वकीलों ने यह भी कहा कि जांच में लापरवाही से न केवल मृतक के परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, बल्कि कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठेंगे। जानिए पूरा घटनाक्रम भाटापारा निवासी राहुल अग्रवाल (30) पिता सुरेश अग्रवाल, पिछले 7-8 साल से मंगला के ग्रीन गार्डन कॉलोनी में रह रहे थे। गुरुवार को वे रोज की तरह हाईकोर्ट में पेशी के बाद अपने दोस्तों मुकेश राठिया और अभिषेक आचार्य से मिले। तीनों ने पहले ट्रांसपोर्ट नगर में पार्टी की, फिर मुकेश के मोपका स्थित घर पहुंचे। देर रात तक सब साथ थे, लेकिन अगले दिन सुबह तक राहुल अपने घर नहीं लौटे। अगले दिन उनकी बाइक पुल के पास मिली और 22 घंटे बाद उनका शव नदी से बरामद किया गया। अब अधिवक्ताओं और परिवार का कहना है कि घटना के पीछे साजिश की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

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रायपुर में ड्रिंक एंड ड्राइव का मामला: ब्रीथ एनालाइजर में 61 एमजी शराब, कोर्ट ने लगाया ₹60 हजार का जुर्माना

रायपुर। राजधानी रायपुर में देर रात नशे में डीजे वाहन चलाना एक चालक को महंगा पड़ गया। पुलिस की कार्रवाई में चालक की सांस की जांच के दौरान 61 एमजी शराब पाए जाने पर अदालत ने चालक और वाहन स्वामी दोनों पर कुल ₹60 हजार का जुर्माना लगाया है। घटना लाखे नगर चौक की है, जहां पुलिस की पेट्रोलिंग टीम ने एक माजदा डीजे वाहन को लहराते हुए चलते देखा। रोकने पर चालक की हालत संदिग्ध लगी, जिसके बाद ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट किया गया। रिपोर्ट में शराब की मात्रा कानूनी सीमा से कहीं अधिक पाई गई। वाहन में अवैध मॉडिफिकेशन भी पाया गया पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि वाहन को बिना अनुमति मॉडिफाई किया गया था। डीजे सिस्टम को गाड़ी की बॉडी के बाहर वेल्डिंग से फिट किया गया था। इतना ही नहीं, वाहन का फिटनेस सर्टिफिकेट और प्रदूषण प्रमाणपत्र भी समाप्त हो चुका था। पुलिस ने चालक गोपीराम मनहरे और वाहन स्वामी बीना कौशिक के खिलाफ मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने चालक पर ₹55 हजार और वाहन स्वामी पर ₹5 हजार का जुर्माना लगाया। पुलिस की चेतावनी रायपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे नशे में वाहन न चलाएं। पुलिस ने कहा कि शराब के नशे में गाड़ी चलाना सड़क हादसों का बड़ा कारण है। साथ ही, बिना अनुमति वाहन में तकनीकी बदलाव या असुरक्षित डीजे फिटिंग करवाना भी कानूनी अपराध है।

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रायपुर में आधी रात धरना: अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर शिक्षाकर्मियों के परिजन बैठे कलेक्ट्रेट के बाहर

रायपुर। राजधानी रायपुर में शनिवार देर रात अनुकंपा नियुक्ति संघ की महिलाएं कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर धरने पर बैठ गईं। यह प्रदर्शन रात करीब 11 बजे से शुरू हुआ और देर रात तक चलता रहा। धरने में शामिल महिलाएं उन दिवंगत शिक्षाकर्मियों के परिवार से हैं, जिनकी मृत्यु के बाद भी उनके परिजनों को अब तक अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी गई है। धरने पर बैठी महिलाओं का कहना है कि चुनाव के दौरान भाजपा ने वादा किया था कि सत्ता में आने के बाद सभी पात्र परिजनों को जल्द अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। लेकिन सरकार बने महीनों बीत जाने के बावजूद अब तक प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि पूरे प्रदेश में लगभग 1200 दिवंगत शिक्षाकर्मियों के परिजन इस नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री से हुई थी मुलाकात अक्टूबर में अनुकंपा नियुक्ति संघ का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिला था। उस दौरान मुख्यमंत्री ने जल्द प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। धरने पर बैठी महिलाओं ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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