NEWS 22 BHARAT

NH-30 पर एक रात में दो बड़े हादसे, बस डिवाइडर से टकराई तो कबाड़ से भरा ट्रक पलटा

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के चारामा थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर एक ही रात में दो अलग-अलग सड़क हादसे सामने आए। एक ओर यात्रियों से भरी बस डिवाइडर से टकरा गई, वहीं दूसरी ओर कबाड़ से लदा ट्रक सड़क से नीचे उतरकर पलट गया। राहत की बात यह रही कि दोनों घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई। पहला हादसा देर रात ग्राम झिपटोला के पास हुआ। कांकेर से रायपुर जा रही महेंद्र बस अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और डिवाइडर भी टूट गया। हादसे के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित दूसरी बस से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। क्षतिग्रस्त बस को हटाने का काम जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्थान पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। उनका आरोप है कि सड़क पर तीखा मोड़ और पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की कमी के कारण यहां अक्सर हादसे होते रहते हैं। दूसरा हादसा रात करीब 2 बजे हुआ। धमतरी की ओर कबाड़ लेकर जा रहा एक ट्रक चालक को झपकी आने के कारण वाहन से नियंत्रण खो बैठा। ट्रक सड़क से नीचे उतरकर पलट गया। हालांकि चालक सुरक्षित बच गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। एक ही रात में लगातार हुए इन दो हादसों के बाद स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने और दुर्घटना संभावित स्थानों पर आवश्यक सुधार करने की मांग की है।

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Accident, Kanker

रायगढ़ में प्रोफेसर को थप्पड़ मारने वाली युवती पर केस दर्ज, उधारी के पैसे नहीं देने पर मारपीट का आरोप

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सरकारी कॉलेज के एक सहायक प्राध्यापक को थप्पड़ मारने का वायरल वीडियो सामने आने के बाद अब पुलिस ने युवती के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई प्रोफेसर की शिकायत के आधार पर की गई है। मामला लैलूंगा थाना क्षेत्र का है और पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, शासकीय महाविद्यालय कुंजारा में पदस्थ सहायक प्राध्यापक रेमन भार्गव ने शिकायत दर्ज कराई है कि वे लैलूंगा की भागीरथी पटेल कॉलोनी में परिवार के साथ रहते हैं। उसी कॉलोनी में रहने वाली काजल मिंज का उनके घर आना-जाना था, जिससे दोनों परिवारों के बीच परिचय था। शिकायत में प्रोफेसर ने आरोप लगाया कि युवती कई बार उनसे उधार में रुपये मांगती थी। रुपये देने से इनकार करने पर वह गाली-गलौज करती थी। आरोप है कि 30 जुलाई की दोपहर काजल मिंज ने दोबारा पैसे मांगे और मना करने पर उनका कॉलर पकड़कर कई थप्पड़ मारे। इस दौरान उनकी पत्नी ने बीच-बचाव किया। प्रोफेसर ने यह भी आरोप लगाया कि युवती ने उन्हें झूठे मामले में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी, जिसके कारण वे डरकर लैलूंगा छोड़कर रायगढ़ चले गए। बाद में उन्होंने अपनी पत्नी के साथ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर युवती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 296 और 351(3) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इससे पहले वायरल वीडियो सामने आने के बाद युवती की शिकायत पर पुलिस ने प्रोफेसर के खिलाफ भी भारतीय न्याय संहिता की धारा 78 और 79 के तहत एफआईआर दर्ज की थी। लैलूंगा थाना प्रभारी गिरधारी साव ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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Crime, Raigarh

रायपुर में आज निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, सोने की झाड़ू से होगी छेरापहरा

भगवान जगन्नाथ की पावन रथयात्रा आज रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में श्रद्धा और भक्ति के साथ निकाली जाएगी। शहर के विभिन्न जगन्नाथ मंदिरों से तय समय और मार्गों पर भव्य शोभायात्राएं निकलेंगी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और आयोजन समितियों ने सुरक्षा, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। रायपुर की रथयात्रा की सबसे खास परंपराओं में से एक ‘छेरापहरा’ है। इस रस्म में भगवान जगन्नाथ के रथ के आगे करीब सवा किलो वजनी दो स्वर्ण झाड़ुओं से मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई की जाती है। परंपरा के अनुसार एक झाड़ू राज्यपाल और दूसरी मुख्यमंत्री द्वारा चलाकर पुरी की सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन किया जाता है। रथयात्रा से पहले शहर के प्रमुख जगन्नाथ मंदिरों को फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया गया है। जिन मार्गों से रथयात्रा निकलेगी, वहां विशेष साफ-सफाई, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि घर से निकलने से पहले ट्रैफिक रूट की जानकारी अवश्य लें और पुलिस के निर्देशों का पालन करें। रथयात्रा की तैयारियों के तहत ओडिशा से आए कलाकारों ने गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर और रथों को पारंपरिक शैली में सजाया है। मंदिर की दीवारों, प्रवेश द्वार और रथों पर पुरी की तर्ज पर धार्मिक चित्रकारी और रंगीन अलंकरण किए गए हैं। वहीं, पूजा-अर्चना और सभी धार्मिक अनुष्ठानों को विधि-विधान से संपन्न कराने के लिए ओडिशा से पुजारियों को भी आमंत्रित किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को पुरी जैसी आध्यात्मिक अनुभूति मिल सके। रायपुर की पुरानी बस्ती स्थित टुरी-हटरी जगन्नाथ मंदिर शहर के सबसे प्राचीन मंदिरों में गिना जाता है। लगभग 500 वर्ष पुराने इस मंदिर को पहले ‘साहूकार मंदिर’ के नाम से जाना जाता था। अग्रवाल परिवार द्वारा निर्मित इस मंदिर का बाद में विस्तार और सौंदर्यीकरण कराया गया। भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा स्थापित होने के बाद इसकी पहचान जगन्नाथ मंदिर के रूप में स्थापित हुई। मंदिर परिसर में भगवान जगन्नाथ के अलावा श्रीराम दरबार, दो शिव मंदिर, संतोषी माता मंदिर, गरुड़ मंदिर और संकटमोचन हनुमान मंदिर भी स्थित हैं। यही कारण है कि यह मंदिर केवल रथयात्रा के दौरान ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहता है।

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Raipur

रायपुर में E20 पेट्रोल से इंजन खराब होने पर बड़ा फैसला, मारुति सुजुकी को नई कार देने या 20.5 लाख लौटाने का आदेश

रायपुर के जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने E20 पेट्रोल से जुड़ी एक अहम शिकायत पर बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड और उसके अधिकृत डीलर को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए ग्राहक को 45 दिनों के भीतर उसी मॉडल की E20-अनुकूल नई कार देने या फिर वाहन की पूरी कीमत 20.5 लाख रुपये लौटाने का आदेश दिया है। मामला किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रेमराज देबता से जुड़ा है, जिन्होंने 3 जून 2024 को मारुति की एक एसयूवी खरीदी थी। कुछ महीनों बाद वाहन में बार-बार तकनीकी खराबी आने लगी। शुरुआत में कंपनी ने ईंधन को दोषी बताते हुए फ्यूल टैंक साफ कर वाहन वापस कर दिया, लेकिन इसके बाद भी समस्या लगातार बनी रही। बताया गया कि वाहन कुल पांच बार वर्कशॉप पहुंचा। जांच के दौरान कई बार फ्यूल टैंक, पाइपलाइन और फिल्टर में सफेद परत और जेली जैसा पदार्थ मिला। बाद में इंजन चेतावनी संकेत आने लगे और आखिरकार वाहन पूरी तरह बंद हो गया। इसके बाद उपभोक्ता ने कंज्यूमर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान सरकारी मान्यता प्राप्त एसजीएस लैब से ईंधन की जांच कराई गई। रिपोर्ट में पेट्रोल में इथेनॉल की मौजूदगी की पुष्टि हुई। जांच में यह भी सामने आया कि ईंधन में इथेनॉल अलग होकर नीचे जमा हो गया था, जिससे उसका प्रभाव प्रभावित हुआ। आयोग ने माना कि संबंधित वाहन का इंजन E20 ईंधन के अनुरूप नहीं था, जबकि उपभोक्ता को ऐसा वाहन बेचा गया। आयोग ने आदेश दिया कि यदि कंपनी निर्धारित समय में नई E20-अनुकूल कार उपलब्ध नहीं कराती है, तो उसे वाहन की कीमत के साथ आरटीओ पंजीकरण, बीमा और अन्य खर्चों सहित पूरी राशि लौटानी होगी। इसके अलावा भुगतान होने तक 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज, मानसिक प्रताड़ना के लिए 1 लाख रुपये और मुकदमे के खर्च के रूप में 10 हजार रुपये भी देने होंगे। ऑटो विशेषज्ञों का कहना है कि इथेनॉल और पेट्रोल की संरचना अलग होने के कारण कुछ परिस्थितियों में ईंधन प्रणाली प्रभावित हो सकती है। हालांकि, हर इंजन खराबी के लिए केवल इथेनॉल को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उनका मानना है कि देश में अभी भी कई वाहन पूरी तरह E20 ईंधन के अनुरूप विकसित नहीं हुए हैं, इसलिए ईंधन के साथ-साथ वाहनों की तकनीक को भी अपडेट करने की जरूरत है।

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GOVERNMENT, Raipur

दुर्ग-रायपुर हाईवे पर दर्दनाक हादसा: ट्रैक्टर से टकराई स्कूटी, 2 बच्चों समेत 4 की मौत

छत्तीसगढ़ के दुर्ग-रायपुर नेशनल हाईवे-53 पर गुरुवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में 2 बच्चों सहित 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक 8 वर्षीय बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा कुम्हारी थाना क्षेत्र में उस समय हुआ जब तेज रफ्तार स्कूटी सड़क किनारे खड़े ऑक्सीजन सिलेंडरों से लदे ट्रैक्टर के पिछले हिस्से से जा टकराई। जानकारी के अनुसार, स्कूटी (CG 07 DE 5847) पर कुल पांच लोग सवार थे और सभी रायपुर के बसंत विहार स्थित अपने रिश्तेदार के घर जा रहे थे। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि स्कूटी चला रही अमृता निर्मलकर (28), लक्ष्मी निर्मलकर (26), 7 वर्षीय यासना और 4 वर्षीय डाली की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 8 वर्षीय भावेश गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए एम्स रायपुर में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने हादसे में शामिल ट्रैक्टर (CG 07 NA 0930) को जब्त कर लिया है और चालक भोला यादव को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सुपेला स्थित मॉर्च्युरी भेजा गया है। मामले की जांच जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि दुर्घटना के समय हाईवे से कुछ नेताओं का काफिला गुजर रहा था, जिसके चलते पुलिस प्रोटोकॉल ड्यूटी में व्यस्त थी और राहत कार्य में देर हुई। हालांकि, इस मामले में पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

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Accident, DURG-RAIPUR, State, Top News

रायगढ़ में रिटायर्ड SECL कर्मचारी और पत्नी की अधजली लाश मिलने से सनसनी, हत्या की आशंका

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक बुजुर्ग दंपती की संदिग्ध परिस्थितियों में अधजली लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक तौर पर हत्या के बाद शवों को जलाने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। यह मामला धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के क्रोंधा गांव का है। जानकारी के अनुसार, औरामुड़ा गांव निवासी मंगलूराम राठिया (65) और उनकी पत्नी पुनई बाई राठिया धान की खेती के लिए क्रोंधा गांव में रह रहे थे। मंगलूराम राठिया दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) से लोडर ऑपरेटर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। करीब पांच वर्ष पहले उन्होंने क्रोंधा गांव में लगभग चार एकड़ जमीन खरीदी थी, जहां मकान बनाकर खेती कर रहे थे। बताया जा रहा है कि मंगलवार रात दोनों अपने घर में मौजूद थे। बुधवार सुबह घर की देखरेख और खेती के काम के लिए नियुक्त व्यक्ति जब वहां पहुंचा, तो उसने दंपती के अधजले शव देखे। इसके बाद तत्काल गांव के सरपंच और पुलिस को सूचना दी गई। मृतक के दामाद वीर सिंह ने आशंका जताई कि यह सामान्य घटना नहीं बल्कि हत्या का मामला हो सकता है। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारियों के साथ फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की। स्थानीय ग्रामीण भी इस घटना को संदिग्ध मान रहे हैं और हत्या की आशंका जता रहे हैं। हालांकि पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। गृह विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 1 जुलाई 2024 से 30 जून 2026 के बीच रायगढ़ जिले में 114 हत्या के मामले दर्ज किए गए हैं। इसी अवधि में रायपुर में सबसे अधिक 169 हत्याएं दर्ज हुईं, जबकि जशपुर में भी 114, दुर्ग और सरगुजा में 113-113 तथा बिलासपुर में 109 हत्या के मामले दर्ज किए गए।

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Crime, Raigarh

बिलासपुर रेल मंडल में 8 ट्रेनें रद्द, 18 और 19 जुलाई को यात्रियों को होगी परेशानी

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बिलासपुर रेल मंडल में भाटापारा और हथबंध स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन सेक्शन पर ऑटो सिग्नलिंग कमीशनिंग का कार्य किया जाएगा। इस वजह से 18 और 19 जुलाई को कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे ने इस अवधि में कुल 8 ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया है। रेलवे प्रशासन के अनुसार, रेल नेटवर्क को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कार्य तेज गति से किए जा रहे हैं। इसी क्रम में ऑटो सिग्नलिंग प्रणाली स्थापित की जा रही है, जिसके चलते कुछ ट्रेनों का परिचालन अस्थायी रूप से प्रभावित होगा। लोकल मेमू और पैसेंजर ट्रेनों के रद्द होने से रोजाना इन ट्रेनों से यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। रद्द रहने वाली ट्रेनें इन ट्रेनों का आंशिक संचालन रहेगा रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की पुष्टि कर लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

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Bilaspur, Indian Railways

रायपुर में CSCS का एंटी-डोपिंग सेमिनार, 200 क्रिकेटरों को बताए गए NADA के नियम और सावधानियां

खिलाड़ियों को डोपिंग नियमों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) ने रायपुर में एंटी-डोपिंग जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया। होटल मैरियट में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 200 पुरुष और महिला क्रिकेटरों के साथ कोच, ट्रेनर और अन्य सपोर्ट स्टाफ ने हिस्सा लिया। सेमिनार में राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) की विशेषज्ञ डॉ. नेहा सिंह ने खिलाड़ियों को एंटी-डोपिंग नियमों, प्रतिबंधित दवाओं और न्यूट्रिशन सप्लीमेंट से जुड़े संभावित जोखिमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई बार सामान्य दिखने वाली दवाओं या सप्लीमेंट में भी ऐसे तत्व हो सकते हैं, जो डोपिंग नियमों के तहत प्रतिबंधित हैं। डॉ. नेहा सिंह ने खिलाड़ियों को सलाह दी कि किसी भी दवा या सप्लीमेंट का सेवन करने से पहले उसकी जानकारी अवश्य जांचें और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लें। उन्होंने यह भी बताया कि खिलाड़ियों को यह समझना जरूरी है कि कौन-से उत्पाद उनके करियर के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। NADA के अनुसार, किसी भी न्यूट्रिशन सप्लीमेंट को पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता, क्योंकि कई मामलों में इनमें प्रतिबंधित पदार्थ पाए गए हैं या उत्पादों की लेबलिंग सही नहीं होती। एजेंसी ने खिलाड़ियों को ‘स्ट्रिक्ट लाइबिलिटी’ के नियम के बारे में भी जानकारी दी, जिसके तहत खिलाड़ी के शरीर में प्रतिबंधित पदार्थ मिलने पर उसकी जिम्मेदारी स्वयं खिलाड़ी की होती है, चाहे वह पदार्थ अनजाने में ही शरीर में पहुंचा हो। कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों को NADA के Know Your Medicine (KYM) प्लेटफॉर्म की जानकारी भी दी गई। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से खिलाड़ी किसी दवा की प्रतिबंधित या अनुमत स्थिति की जांच कर सकते हैं। साथ ही यह भी बताया गया कि आयुर्वेदिक, हर्बल और अन्य सप्लीमेंट का उपयोग करते समय भी पूरी सावधानी बरतना आवश्यक है। CSCS का कहना है कि क्रिकेट में डोपिंग के मामले अपेक्षाकृत कम सामने आते हैं, लेकिन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती सख्ती को देखते हुए खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से ही नियमों की जानकारी देना जरूरी है। इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य खिलाड़ियों को अनजाने में होने वाली गलतियों से बचाना और निष्पक्ष खेल संस्कृति को बढ़ावा देना है।

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Raipur, Sports, State, Top News

छत्तीसगढ़ विधानसभा: नकटी बुलडोजर कार्रवाई, इंद्रावती टाइगर शिकार और सड़क-दवा खरीद जैसे मुद्दों पर गरमाया सदन

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को कई अहम मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई, इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार, अमानक दवाइयों की खरीद और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों की स्थिति को लेकर सरकार से सवाल पूछे गए। नकटी बुलडोजर कार्रवाई पर हंगामा विपक्ष ने नकटी गांव में मकानों को हटाने की कार्रवाई को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए स्थगन प्रस्ताव पेश किया। कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि गरीब परिवारों को पर्याप्त पुनर्वास के बिना बेदखल किया गया और इसे “बुलडोजर कल्चर” का उदाहरण बताया। विपक्ष ने पूरे मामले पर सदन में चर्चा की मांग की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। इसके विरोध में कांग्रेस विधायक सदन के गर्भगृह में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे, जिसके बाद नियमों के तहत वे स्वतः निलंबित हो गए। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि नकटी में की गई कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई। सभी संबंधित लोगों को पूर्व सूचना और नोटिस दिए गए थे। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों का पुनर्वास भी किया गया और कार्रवाई के दौरान किसी के घरेलू सामान को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार का मामला ध्यानाकर्षण के माध्यम से नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तार किए गए आईबी जवान का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया और पूरे मामले में राजनीतिक संरक्षण की आशंका जताई। महंत ने दावा किया कि दो बाघों के शिकार से करोड़ों रुपये का अवैध लाभ कमाया गया। वन मंत्री केदार कश्यप ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि किसी भी आरोपी को बचाने का प्रयास नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि टाइगर रिजर्व में निगरानी व्यवस्था सक्रिय है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। मंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 के आकलन के अनुसार इंद्रावती टाइगर रिजर्व में पांच बाघों की पुष्टि हुई थी और रिजर्व के संचालन पर प्रतिवर्ष लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। अमानक दवाइयों की खरीद पर सरकार का जवाब सदन में CGMSC द्वारा दवाइयों की खरीद को लेकर भी सवाल उठे। विपक्ष ने गुजरात में प्रतिबंधित दवाइयों से जुड़े मामले का हवाला देते हुए छत्तीसगढ़ में खरीद प्रक्रिया पर सवाल किए। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट किया कि जिस दवा पर प्रतिबंध लगाया गया था, उसकी खरीद राज्य में नहीं की गई। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में गुणवत्ता परीक्षण में असफल रहने वाली 24 दवाइयों की पहचान की गई है और चार कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना पर चर्चा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों की मरम्मत को लेकर भी कई विधायकों ने सवाल उठाए। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि अधिकांश सड़कों का पहले ही नवीनीकरण किया जा चुका है और जिन मार्गों को मरम्मत की आवश्यकता है, उन पर चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अब सड़कों की स्थिति का आकलन पारंपरिक तरीके की बजाय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक की मदद से किया जाएगा। सड़क का वीडियो रिकॉर्ड कर AI गड्ढों और मरम्मत की आवश्यकता का स्वतः विश्लेषण करेगा, जिससे निरीक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन सकेगी।

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नकटी गांव बुलडोजर कार्रवाई पर विधानसभा में हंगामा, विधायक कॉलोनी को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को रायपुर के नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। इस विषय पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई और सदन में नारेबाजी का माहौल बन गया। विपक्ष ने नकटी गांव में मकानों को हटाने की कार्रवाई को लेकर स्थगन प्रस्ताव प्रस्तुत किया, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने इसे स्वीकार नहीं किया। विपक्ष ने संबंधित दस्तावेज सदन की कार्यवाही में रखने की अनुमति भी मांगी, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। इसके विरोध में कांग्रेस विधायक सदन के गर्भगृह में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नियमों के अनुसार इस दौरान विपक्ष के विधायक स्वतः निलंबित माने गए। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि नकटी गांव में जिन 85 मकानों को हटाया गया, उनमें कई प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने थे। उन्होंने दावा किया कि वहां बिजली, पानी सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध थीं। उनका कहना था कि प्रभावित परिवारों को जो वैकल्पिक आवास दिए जा रहे हैं, उनका आकार पर्याप्त नहीं है। कांग्रेस विधायकों ने मांग की कि किसी भी बेदखली से पहले प्रभावित लोगों के लिए उचित पुनर्वास सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय सांसद के आश्वासन के बावजूद कार्रवाई की गई, जो उचित नहीं है। विधायक लखेश्वर बघेल ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए गरीब परिवारों के मकान हटाए गए हैं। इस पर वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि यदि विधायक कॉलोनी निर्माण से जुड़े कोई आधिकारिक दस्तावेज मौजूद हैं, तो उन्हें सदन के पटल पर प्रस्तुत किया जाना चाहिए। इस पूरे मामले पर जवाब देते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि नकटी गांव में की गई कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में थी। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण की शिकायत मिलने के बाद अतिरिक्त तहसीलदार द्वारा जांच की गई, जिसमें अवैध कब्जे पाए गए। इसके बाद वर्ष 2025 में अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया गया और 28 जून को बेदखली की कार्रवाई की गई। राजस्व मंत्री के अनुसार प्रशासन ने प्रभावित लोगों को पहले ही अपना सामान हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया था। साथ ही प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए नवा रायपुर के सेक्टर-30 में फ्लैट उपलब्ध कराए गए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान किसी के घरेलू सामान को नुकसान नहीं पहुंचाया गया और पुनर्वास की व्यवस्था भी की गई। इसलिए यह कहना सही नहीं है कि प्रभावित लोगों को बिना व्यवस्था के हटाया गया। सरकार का पक्ष सुनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इससे नाराज विपक्ष ने फिर से सदन में विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में पहुंच गया, जिसके बाद नियमों के तहत विपक्ष के सभी विधायक स्वतः निलंबित हो गए।

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