May 2026

मुर्दाघर में चोरी का सनसनीखेज मामला, मासूम के शव से गायब हुआ सोने का लॉकेट

जांजगीर-चांपा जिले में एक दर्दनाक हादसे के बाद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बिर्रा-शिवरीनारायण मार्ग स्थित केरा गांव में तेज रफ्तार कैप्सूल वाहन की चपेट में आने से तीन वर्षीय हर्ष श्रीवास की मौत हो गई। दुर्घटना के बाद चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि हर्ष अपने पिता मनोज कुमार श्रीवास की सैलून दुकान के बाहर खड़ा था, तभी तेज गति से आ रहे वाहन ने उसे टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल बच्चे को तत्काल नवागढ़ सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को रातभर अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि जब बच्चे को अस्पताल लाया गया था, तब उसके गले में सोने का लॉकेट मौजूद था, लेकिन पोस्टमार्टम के समय वह गायब मिला। इस घटना से परिवार में आक्रोश और दुख का माहौल है। परिजनों को शक है कि अस्पताल या मोर्चरी परिसर में किसी ने लॉकेट चोरी कर लिया। पुलिस ने सड़क हादसे का मामला दर्ज कर फरार वाहन और चालक की तलाश शुरू कर दी है। साथ ही लॉकेट गायब होने के मामले में अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

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Janjgir Champa

दंतेवाड़ा में सरकारी नौकरी का मौका, स्टाफ नर्स समेत 23 पदों पर भर्ती शुरू

दंतेवाड़ा जिले में स्वास्थ्य विभाग के तहत विभिन्न पदों पर भर्ती निकाली गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) दंतेवाड़ा ने स्टाफ नर्स, चिकित्सा अधिकारी, फिजियोथेरेपिस्ट, फार्मासिस्ट और अन्य पदों सहित कुल 23 रिक्तियों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। भर्ती प्रक्रिया के तहत चिकित्सा अधिकारी (RBSK) के 6 पद, दंत शल्य चिकित्सक का 1 पद, फिजियोथेरेपिस्ट के 4 पद, फार्मासिस्ट का 1 पद, स्टाफ नर्स (SNCU) के 5 पद, तकनीकी सहायक का 1 पद, सचिव सहायक का 1 पद और सुरक्षा गार्ड के 4 पद शामिल हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 21 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार 4 जून 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन CMHO दंतेवाड़ा की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से किए जाएंगे। इन पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है। अभ्यर्थियों के पास संबंधित विषय में डिग्री, डिप्लोमा या पंजीकरण प्रमाणपत्र होना आवश्यक है। कुछ पदों के लिए बीएससी नर्सिंग, जीएनएम, बीपीटी, बीडीएस, फार्मेसी डिग्री या कंप्यूटर डिप्लोमा मांगा गया है। उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 से 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 से 70 वर्ष तक निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी। चयन प्रक्रिया में स्क्रीनिंग, इंटरव्यू, स्किल टेस्ट और दस्तावेज सत्यापन शामिल रहेगा। चयनित अभ्यर्थियों को पद के अनुसार 10 हजार से 27 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा। आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग के लिए 300 रुपए, ओबीसी वर्ग के लिए 200 रुपए और एससी, एसटी, दिव्यांग तथा महिला उम्मीदवारों के लिए 100 रुपए तय किया गया है। अधिक जानकारी और आवेदन के लिए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भर्ती से जुड़ी अधिसूचना देख सकते हैं।

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सरगुजा संभाग में दर्दनाक सड़क हादसे, ट्रैक्टर और कार की टक्कर में 6 लोगों की मौत

छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में रविवार को हुए अलग-अलग सड़क हादसों में 6 लोगों की जान चली गई। बलरामपुर जिले में एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर और बाइक की टक्कर में चार मजदूरों की मौत हो गई, जबकि अंबिकापुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर कार की टक्कर से दो ग्रामीणों की मौके पर ही मौत हो गई। पहली घटना बलरामपुर जिले के सनावल थाना क्षेत्र के ग्राम पीपरपान के पास हुई। बताया जा रहा है कि ईंट से लदा ट्रैक्टर तेज रफ्तार में जा रहा था, तभी मजदूरों से भरी बाइक उससे टकरा गई। हादसे में बाइक सवार चारों युवकों की मौत हो गई। मृतकों में सभी एक ही परिवार के चचेरे भाई बताए जा रहे हैं और मजदूरी का काम करते थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक ने वाहन नहीं रोका और घायलों को करीब 100 मीटर तक घसीटता रहा। बाद में घायलों को सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मृतकों की पहचान राकेश पंडो (17), रमेश पंडो (19), नरेश पंडो (19) और मनोज पंडो (21) के रूप में हुई है। परिजनों ने ट्रैक्टर चालक और मालिक पर वाहन छिपाने तथा सबूत मिटाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दूसरी घटना सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-130 पर जजगा के पास हुई। यहां तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार दो ग्रामीणों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक सड़क पर दूर तक घिसटते चले गए। हादसे में जय सिंह (50) और रामकुमार (60) निवासी महुआटिकरा की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों किसी परिचित के यहां से लौट रहे थे। घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। दोनों हादसों के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।

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Accident, surguja

मरीन ड्राइव की गंदगी पर प्रशासन सख्त, 15 दिन में जलकुंभी हटाने के निर्देश

रायपुर के तेलीबांधा मरीन ड्राइव में बढ़ती गंदगी और अव्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा ने मरीन ड्राइव पहुंचकर क्षेत्र का निरीक्षण किया और तालाब किनारे फैली गंदगी पर नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान विधायक ने निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि देवार डेरा क्षेत्र का तकनीकी सर्वे जल्द कराया जाए और वहां रह रहे लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने क्षेत्र को व्यवस्थित और साफ-सुथरा बनाए रखने पर जोर दिया। वहीं नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने तेलीबांधा तालाब की सफाई व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने सफाई कार्य में लापरवाही पर ठेकेदार को फटकार लगाते हुए अगले 15 दिनों के भीतर तालाब से जलकुंभी हटाने के निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा कि तालाब की नियमित सफाई और निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि मरीन ड्राइव क्षेत्र में स्वच्छता बनी रहे और लोगों को बेहतर वातावरण मिल सके। नगर निगम ने मरीन ड्राइव क्षेत्र के दुकानदारों को भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। सभी दुकानों में डस्टबिन रखना अनिवार्य किया गया है और गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई दुकानदार तालाब में कचरा फेंकता हुआ पाया गया या नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ जुर्माने सहित कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान नगर निवेशक आभाष मिश्रा, जोन-3 कमिश्नर प्रीति सिंह, कार्यपालन अभियंता आशुतोष सिंह समेत नगर निगम के कई अधिकारी मौजूद रहे।

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GOVERNMENT, Raipur

छत्तीसगढ़ में फिर महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, रायपुर में पेट्रोल ₹107.96 पहुंचा

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 25 मई को पेट्रोल की कीमत में ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल में ₹2.71 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद छत्तीसगढ़ के कई जिलों में पेट्रोल का रेट ₹109 प्रति लीटर के पार पहुंच गया है। राजधानी रायपुर में अब पेट्रोल ₹107.96 प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं सरगुजा और बस्तर संभाग के कई जिलों में ईंधन की कीमतें सबसे अधिक दर्ज की गई हैं। नारायणपुर में पेट्रोल ₹109.65, जगदलपुर में ₹109.64, दंतेवाड़ा में ₹109.60 और बीजापुर में ₹109.59 प्रति लीटर पहुंच गया है। सरगुजा संभाग के जशपुर में पेट्रोल ₹109.52, सूरजपुर में ₹109.39 और अंबिकापुर में ₹109.09 प्रति लीटर दर्ज किया गया। दुर्ग में पेट्रोल ₹108.29, धमतरी में ₹108.45, महासमुंद में ₹108.64 और बिलासपुर में ₹108.65 प्रति लीटर तक पहुंच चुका है। वहीं प्रदेश में सबसे कम कीमत कोरबा में दर्ज की गई, जहां पेट्रोल ₹107.63 प्रति लीटर बिक रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, दूरस्थ जिलों में ट्रांसपोर्टेशन लागत अधिक होने की वजह से पेट्रोल-डीजल की कीमतें ज्यादा रहती हैं। जबकि बड़े शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों में सप्लाई बेहतर होने के कारण कुछ राहत देखने को मिलती है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का असर आम लोगों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर साफ दिखाई देने लगा है। माल ढुलाई खर्च बढ़ने से यात्री किराए और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। प्रशासन ने पेट्रोल-डीजल की ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। अधिक कीमत वसूली या अवैध बिक्री की शिकायत 9977222564, 9977222574, 9977222584 और 9977222594 पर की जा सकती है। जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक तनाव के कारण ईंधन कीमतों पर दबाव बढ़ा है। यदि क्रूड ऑयल की कीमतें आगे भी ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल और महंगा हो सकता है।

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Raipur

लाल किले से CM विष्णुदेव साय का बड़ा संदेश, बोले- जनजातीय समाज भारत की सांस्कृतिक पहचान की असली ताकत

भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में आयोजित राष्ट्रीय जनजाति सांस्कृतिक समागम में देशभर से हजारों जनजातीय प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा शामिल हुए। जनजाति सुरक्षा मंच और जनजाति जागृति समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। लाल किले के मैदान में पारंपरिक वेशभूषा, लोक वाद्ययंत्र और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच जनजातीय समाज की परंपरा, संस्कृति और पहचान को लेकर एक मजबूत संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनजातीय समाज केवल प्रकृति का संरक्षक नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का सबसे प्राचीन और जीवंत स्वरूप है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज ने सदियों से जल, जंगल और जमीन की रक्षा करते हुए प्रकृति और मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि आज के पर्यावरण संकट के दौर में जनजातीय जीवन दर्शन पूरी दुनिया को टिकाऊ विकास का रास्ता दिखा सकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति से जुड़ी हुई है, जहां 42 प्रकार की जनजातियां निवास करती हैं और राज्य का बड़ा हिस्सा वन क्षेत्रों से घिरा हुआ है। मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा और वीर नारायण सिंह जैसे जननायकों के संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए कहा कि इन महान व्यक्तित्वों ने संस्कृति, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के लिए ऐतिहासिक लड़ाई लड़ी। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नया रायपुर में आयोजित ‘आदि परब’, बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने जनजातीय भाषाओं में शिक्षा को बढ़ावा देने की बात करते हुए कहा कि गोंडी, हल्बी और सादरी जैसी भाषाओं में बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा देने की दिशा में सरकार विशेष पहल कर रही है, ताकि नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़ी रहे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि समाज के भीतर यह मांग लगातार उठ रही है कि जो लोग अपनी मूल जनजातीय परंपराओं और संस्कृति को छोड़ चुके हैं, उन्हें अनुसूचित जनजाति सूची से बाहर किए जाने पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा किसी समुदाय के विरोध का नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की पहचान और अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने लोकनृत्य और पारंपरिक संगीत की प्रस्तुतियों से जनजातीय विरासत की झलक पेश की। दिनभर मांदर, ढोल और लोकधुनों से गूंजते लाल किला मैदान में यह आयोजन जनजातीय एकता, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक चेतना का प्रतीक बनकर सामने आया।

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Political, Raipur, State, Top News

रायपुर में पुरानी दुश्मनी के चलते घर के बाहर किया धमाका, परिवार को मिली जान से मारने की धमकी

रायपुर के कबीर नगर थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर एक परिवार के घर के बाहर देर रात धमाका किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पूरे इलाके में डर और तनाव का माहौल बन गया। आरोप है कि कुछ लोग आधी रात घर पहुंचे और बम जैसे पटाखे फेंककर परिवार को धमकाया। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना में सोनू पटेल, आकाश पासवान, एक युवती और तीन अन्य लोगों के शामिल होने की बात कही जा रही है। कबीर नगर निवासी रिंकु तिवारी ने पुलिस को बताया कि 24 मई 2026 की रात करीब 1 बजे आरोपी उनके घर पहुंचे। आरोपियों ने घर के बाहर विस्फोटक जैसी वस्तु फेंकी, जिससे जोरदार आवाज हुई और आसपास के लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने चाकू दिखाकर परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। हालांकि घर का गेट बंद होने के कारण वे अंदर प्रवेश नहीं कर सके। कुछ देर तक हंगामा करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद कबीर नगर पुलिस ने बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

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Crime, Raipur

रेलवे स्टेशन के पास अवैध स्टॉल पर रेलवे की कार्रवाई, यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए किया सील

रायपुर रेलवे मंडल ने मुख्य रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वार और एक्सप्रेस-वे के पास रेलवे सीमा से लगे क्षेत्र में संचालित एक अवैध स्टॉल पर कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। रेलवे प्रशासन के अनुसार, इस स्टॉल की वजह से यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी और सुरक्षा संबंधी समस्याएं भी सामने आ रही थीं। बिना अनुमति संचालित हो रहा था स्टॉल वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी के निर्देश पर वाणिज्य विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि स्टॉल पूरी तरह अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। इसके लिए न तो रेलवे प्रशासन से अनुमति ली गई थी और न ही रायपुर नगर निगम से कोई स्वीकृति प्राप्त की गई थी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि स्टॉल राज्य सरकार की भूमि पर रेलवे क्षेत्र से सटाकर लगाया गया था, जिससे स्टेशन परिसर की व्यवस्था और यातायात प्रभावित हो रहा था। शाम और रात में बढ़ रही थीं समस्याएं रेलवे प्रशासन के मुताबिक, शाम और रात के समय यह स्थान असामाजिक गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा था। यात्रियों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। साथ ही आसपास फैली गंदगी, कचरा और बचा हुआ भोजन स्वच्छता व्यवस्था को भी प्रभावित कर रहा था। देर रात संदिग्ध गतिविधियों और सुरक्षा शिकायतों के बाद रेलवे ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्टॉल को सील कर दिया। नगर निगम से मांगी सख्त कार्रवाई रेलवे प्रशासन ने रायपुर नगर निगम और राज्य सरकार को पत्र भेजकर मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही फाफाडीह प्रवेश द्वार से स्टेशन तक के पूरे क्षेत्र में अवैध स्टॉल हटाने, दोबारा अतिक्रमण रोकने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की गई है। रेलवे ने संयुक्त निरीक्षण, स्वच्छता व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा बनाए रखने के लिए नगर निगम से सहयोग भी मांगा है।

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भिलाई मारुति सुजुकी शोरूम में हंगामा: CEO पर महिला कर्मचारी का छेड़छाड़ का आरोप, थप्पड़-लात और स्याही फेंकी VIDEO वायरल

छत्तीसगढ़ के भिलाई में चौहान ऑटोमोबाइल मारुति सुजुकी शोरूम में बड़ा विवाद सामने आया है, जहां एक महिला कर्मचारी ने कंपनी के सीईओ अंकित आनंद पर छेड़छाड़ और गलत व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले के बाद शोरूम परिसर में जमकर हंगामा हुआ और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। महिला कर्मचारी का आरोप है कि सीईओ उसे लगातार अश्लील मैसेज भेजते थे और अनुचित तरीके से बातचीत करते थे। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विवाद उस समय और बढ़ गया जब जांच के दौरान पुलिस सीईओ को शोरूम लेकर पहुंची। इसी दौरान महिला कर्मचारी का गुस्सा फूट पड़ा और उसने सीईओ के चेहरे पर स्याही फेंक दी। इसके बाद उसने थप्पड़ और लात भी मारी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी बीच-बचाव करते नजर आए, हालांकि स्थिति को संभालना मुश्किल हो गया। घटना के समय शोरूम में अन्य कर्मचारी भी मौजूद थे, लेकिन किसी ने सीधे हस्तक्षेप नहीं किया। बताया जा रहा है कि वहां महिला पुलिसकर्मी की अनुपस्थिति के कारण स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। भिलाई नगर सीएसपी Satya Prakash Tiwari ने बताया कि महिला की शिकायत पर सीईओ के खिलाफ छेड़छाड़ सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच की जा रही है। इस बीच यह भी सामने आया है कि शोरूम की कुछ अन्य महिला कर्मचारियों ने भी सीईओ के व्यवहार को लेकर असंतोष जताया है और शिकायत करने की बात कही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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Bhilai / Durg, HARASSMENT

बिजली कटौती पर कांग्रेस का हमला तेज, BJP नेताओं के घर घेराव की चेतावनी

रायपुर में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने बिजली व्यवस्था को लेकर सीधा विरोध जताते हुए CSPDCL कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से बैठक की और जल्द सुधार नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। शहर कांग्रेस अध्यक्ष Shreekumar Shankar Menon के नेतृत्व में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं ने CSPDCL अधिकारी संजीव सिंह तथा शहर के सभी जोन के कार्यपालन अभियंताओं से मुलाकात की। बैठक में शहर के विभिन्न इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और अव्यवस्थित आपूर्ति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली गुल होने से आम जनता परेशान है। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस भाजपा के सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों के घर जाकर धरना देगी। इससे पहले भी बिजली कटौती के मुद्दे पर कांग्रेस ने डगनिया स्थित बिजली कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया था। उस दौरान पूर्व विधायक Vikas Upadhyay के नेतृत्व में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए थे। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नियमित आपूर्ति की मांग की थी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बिजली संकट से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है और सरकार इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रही है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। बैठक में पूर्व मंत्री Satyanarayan Sharma, पूर्व महापौर Pramod Dubey, पूर्व विधायक Kuldeep Juneja और शिव सिंह ठाकुर सहित कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

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