April 2026

इंस्टाग्राम दोस्ती से दुष्कर्म तक: शादी का झांसा देकर युवती से संबंध, आरोपी पर केस दर्ज

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। मोहन नगर थाना पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि उसकी पहचान वर्ष 2025 में इंस्टाग्राम के माध्यम से दुर्ग निवासी सौरभ राजपूत से हुई थी। बातचीत बढ़ने के बाद युवक ने उसे शादी का भरोसा दिलाया और मिलने के लिए दुर्ग बुलाया। 5 मार्च 2026 को युवती उससे मिलने पहुंची, जहां आरोपी उसे सिकोला भाटा स्थित अपने परिचित के घर ले गया। वहां उसने जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता के अनुसार, घटना के बाद वह कुछ दिनों तक पाटन में अपने रिश्तेदार के घर रही। इसी दौरान आरोपी लगातार संपर्क में रहा और शादी का वादा करता रहा। बाद में 28 मार्च को युवक उसे उज्जैन घुमाने के बहाने ले गया, जहां भी उसने उसके साथ संबंध बनाए। दुर्ग लौटने के बाद भी आरोपी उसे अपने पास रखकर शादी का झांसा देकर बार-बार शारीरिक शोषण करता रहा। शिकायत के मुताबिक, 11 अप्रैल को आरोपी उसे अपने ननिहाल ग्राम संबलपुर ले गया, जहां एक रात रुकने के दौरान फिर से दुष्कर्म किया गया। इसके बाद युवक उसे उसके गांव छोड़कर चला गया। जब युवती के परिवार ने शादी की बात उठाई, तो आरोपी पहले टालता रहा और बाद में साफ तौर पर इंकार कर फरार हो गया। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश जारी है।

इंस्टाग्राम दोस्ती से दुष्कर्म तक: शादी का झांसा देकर युवती से संबंध, आरोपी पर केस दर्ज Read Post »

Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Crime, HARASSMENT, State, Tech, Top News

बिलासपुर में नकली गोल्ड फ्लैक सिगरेट का भंडाफोड़: ITC टीम ने ग्राहक बनकर पकड़ा 5 लाख का माल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में नकली सिगरेट के बड़े कारोबार का खुलासा हुआ है। व्यापार विहार क्षेत्र के मालधक्का इलाके में डुप्लीकेट गोल्ड फ्लैक सिगरेट की सप्लाई की जा रही थी। इस पूरे मामले का पर्दाफाश दिल्ली से आई आईटीसी की टीम ने किया, जिन्होंने ग्राहक बनकर कार्रवाई को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार, टीम को पहले से ही सूचना मिल चुकी थी कि शहर में नकली सिगरेट बेची जा रही है। इसके बाद टीम बिलासपुर पहुंची और अलग-अलग पान दुकानों से सैंपल लेकर जांच की। जांच में सामने आया कि कई दुकानों पर नकली सिगरेट बेची जा रही थी। इसके बाद टीम ने ग्राहक बनकर थोक सप्लायर से संपर्क किया। सप्लायर ने उन्हें महाराणा प्रताप चौक के पास स्थित निगम कॉलोनी बुलाया, जहां रोशन चंदानी की फर्म से सिगरेट सप्लाई की जा रही थी। टीम वहां पहुंची और माल की जांच की, जिसमें सिगरेट नकली पाई गई। इसके बाद पुलिस को बुलाकर करीब 5 लाख रुपए कीमत की 4 कार्टन सिगरेट जब्त की गई। पूरा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने माल जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह अवैध कारोबार रोजाना करीब 2 लाख रुपए का था और शहर के कई छोटे-बड़े दुकानदारों को सप्लाई की जाती थी। विशेषज्ञों के अनुसार, असली और नकली सिगरेट की पहचान पैकेजिंग की प्रिंटिंग, होलोग्राम, कंपनी के लोगो, कोड, सिगरेट स्टिक की बनावट और तंबाकू की गुणवत्ता से की जा सकती है। नकली सिगरेट का स्वाद और धुआं भी अलग होता है। घटना की जानकारी मिलते ही कई व्यापारी सिविल लाइन थाने पहुंच गए और देर रात तक वहां भीड़ लगी रही। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

बिलासपुर में नकली गोल्ड फ्लैक सिगरेट का भंडाफोड़: ITC टीम ने ग्राहक बनकर पकड़ा 5 लाख का माल Read Post »

Bilaspur, Chhattisgarh, Health, illegal, State, Top News

बिलासपुर में ASI पर गंभीर आरोप: केस की जानकारी मांगने पर पीड़ित को जड़े थप्पड़, सस्पेंड

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। रतनपुर थाने में अपने केस की जानकारी लेने पहुंचे एक व्यक्ति के साथ एएसआई ने कथित तौर पर मारपीट की। आरोप है कि एएसआई दिनेश तिवारी ने गुस्से में आकर पीड़ित को 15 से 20 थप्पड़ जड़ दिए, जिससे उसका कान सुन्न हो गया। पीड़ित विनोद जायसवाल के मुताबिक, जब उन्होंने अपने पुराने केस की स्थिति और जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने को लेकर जानकारी मांगी, तो एएसआई भड़क गया। इस दौरान गाली-गलौज करते हुए उसे धमकाया गया कि उसकी “नेतागिरी” निकाल दी जाएगी और जेल भेज दिया जाएगा। घटना के समय थाने में अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के बदले पैसे की मांग की जा रही थी। मामले की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एएसआई दिनेश तिवारी को निलंबित कर दिया है। साथ ही पीड़ित की शिकायत के आधार पर उसी थाने में एएसआई के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। यह घटना 12 अप्रैल की बताई जा रही है, जब बनियापारा निवासी विनोद जायसवाल दोपहर में थाने पहुंचे थे। बाद में उन्होंने इस मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की, जिस पर त्वरित कार्रवाई की गई। घटना के बाद पीड़ित को सुनने में परेशानी और सिरदर्द की शिकायत है। पुलिस ने मेडिकल जांच के साथ आगे की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि पीड़ित पहले कोयला कारोबार से जुड़ा रहा है और स्थानीय राजनीतिक हलकों में सक्रिय रहा है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

बिलासपुर में ASI पर गंभीर आरोप: केस की जानकारी मांगने पर पीड़ित को जड़े थप्पड़, सस्पेंड Read Post »

Bilaspur, Chhattisgarh, Crime, GOVERNMENT, Political, State, Top News, violence

रायपुर गैस एजेंसी निलंबित: देरी, बदतमीजी और ज्यादा पैसे मांगने पर बड़ी कार्रवाई

रायपुर में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में लापरवाही बरतने वाली एक गैस एजेंसी पर सख्त कार्रवाई की गई है। लगातार शिकायतों के बाद फाफाडीह चौक के पास स्थित रायपुर गैस एजेंसी को निलंबित कर दिया गया है। यह पहली बार है जब सिलेंडर वितरण में गड़बड़ी के चलते किसी एजेंसी पर इस तरह की कार्रवाई की गई है। आरोप है कि एजेंसी ग्राहकों को समय पर सिलेंडर नहीं दे रही थी। जहां सामान्यतः 25 दिनों में डिलिवरी होनी चाहिए, वहां 35 दिन बीतने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा था। इसके अलावा ग्राहकों से अतिरिक्त पैसे मांगने और उनके साथ अभद्र व्यवहार करने की शिकायतें भी सामने आई थीं। कार्रवाई के बाद एजेंसी के करीब 12 हजार ग्राहकों को दूसरी एजेंसियों में शिफ्ट कर दिया गया है। इनमें से लगभग 11 हजार उपभोक्ताओं को राजेंद्र एचपी गैस एजेंसी और करीब 1 हजार को शांति एचपी एजेंसी से जोड़ा गया है। अब ये सभी उपभोक्ता इन एजेंसियों से गैस सिलेंडर प्राप्त कर सकेंगे। स्थानीय लोगों के अनुसार, एजेंसी के बाहर अक्सर “स्टॉक खत्म” का बोर्ड लगा दिया जाता था। लोग सुबह से लाइन में लगते थे, लेकिन कई घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पाता था। इस वजह से कई बार वहां विवाद और हंगामे की स्थिति भी बनी। जिला खाद्य नियंत्रक के अनुसार, एजेंसी के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर यह कदम उठाया गया है। जिन उपभोक्ताओं को नई एजेंसियों में जोड़ा गया है, उनके लिए वितरण केंद्र भी शुरू कर दिए गए हैं और सप्लाई को सुचारु करने का प्रयास किया जा रहा है। यदि किसी प्रकार की समस्या आती है, तो उसे जल्द दूर करने का आश्वासन दिया गया है।

रायपुर गैस एजेंसी निलंबित: देरी, बदतमीजी और ज्यादा पैसे मांगने पर बड़ी कार्रवाई Read Post »

Chhattisgarh, GOVERNMENT, Health, Raipur, State, Top News

PCI इंस्पेक्शन के बीच रावतपुरा विश्वविद्यालय में NSUI का हंगामा: हॉस्टल सुविधाओं को लेकर प्रदर्शन

रायपुर के रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय में PCI (फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया) की निरीक्षण टीम के दौरे के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने विश्वविद्यालय का घेराव कर प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। इस दौरान कुछ छात्र नेताओं को पुलिस ने हिरासत में भी लिया। जानकारी के अनुसार, जैसे ही PCI की टीम के आने की सूचना मिली, NSUI के जिला कार्यकर्ता विश्वविद्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। NSUI नेताओं का कहना है कि गर्ल्स और बॉयज हॉस्टल में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है। छात्र लंबे समय से फीस बढ़ोतरी, पानी-बिजली की समस्या, कूलर की व्यवस्था और भोजन की खराब गुणवत्ता को लेकर परेशान हैं। इसके अलावा फार्मेसी विभाग की लैब में जरूरी उपकरणों की कमी भी छात्रों की पढ़ाई में बाधा बन रही है। छात्र नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि एडमिशन के समय किए गए वादे पूरे नहीं किए जा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान कुलसचिव की ओर से समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद छात्रों ने अपना धरना खत्म कर दिया। हालांकि NSUI ने साफ किया है कि यदि जल्द ही मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बिना सूचना के उग्र आंदोलन शुरू करेंगे। साथ ही, संगठन के जिला अध्यक्ष ने विश्वविद्यालय पर फर्जी पाठ्यक्रमों में दाखिले और छात्राओं से वादाखिलाफी के आरोप भी लगाए हैं।

PCI इंस्पेक्शन के बीच रावतपुरा विश्वविद्यालय में NSUI का हंगामा: हॉस्टल सुविधाओं को लेकर प्रदर्शन Read Post »

Chhattisgarh, Education, Raipur, Top News

पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप 2025-26: आवेदन की आखिरी तारीख तय, 18 से 22 अप्रैल तक पूरी करें प्रक्रिया

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति सत्र 2025-26 के लिए आवेदन और स्वीकृति से जुड़ी अंतिम तिथियों की घोषणा कर दी गई है। रायपुर जिले के सभी शासकीय और निजी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग संस्थानों, पॉलिटेक्निक और आईटीआई को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। छात्रवृत्ति की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से विभागीय पोर्टल पर संचालित की जा रही है। पात्र अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों को निर्धारित समय के भीतर पंजीयन कर जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे, ताकि समय पर स्वीकृति और भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। निर्देशों के अनुसार, संस्थानों को लंबित प्रस्तावों को लॉक कर सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास रायपुर को भेजने की अंतिम तिथि 18 अप्रैल 2026 तय की गई है। इसके बाद शासकीय संस्थानों और जिला स्तर पर स्वीकृति आदेश लॉक करने की आखिरी तारीख 20 अप्रैल है। वहीं राज्य कार्यालय को भुगतान प्रस्ताव भेजने की अंतिम तिथि 22 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। छात्रवृत्ति के लिए आय सीमा भी तय की गई है। अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लिए वार्षिक आय सीमा 2.5 लाख रुपए और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 1 लाख रुपए रखी गई है। आवेदन के लिए स्थायी जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र और पिछली कक्षा का परीक्षा परिणाम अनिवार्य होगा। सत्र 2025-26 से कुछ नई व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं। अब संस्थानों के लिए जियो-टैगिंग और विद्यार्थियों के लिए NSP पोर्टल पर वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) अनिवार्य कर दिया गया है।

पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप 2025-26: आवेदन की आखिरी तारीख तय, 18 से 22 अप्रैल तक पूरी करें प्रक्रिया Read Post »

Chhattisgarh, Education, GOVERNMENT, Raipur, State, Top News

छत्तीसगढ़ में 18 अप्रैल को निजी स्कूल बंद: RTE प्रतिपूर्ति बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध तेज

छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों का असहयोग आंदोलन अब और तेज हो गया है। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने 17 और 18 अप्रैल को लेकर अहम फैसले लिए हैं, जिससे स्कूल संचालन प्रभावित होगा। एसोसिएशन के अनुसार, 1 मार्च से शुरू हुए आंदोलन के तहत पहले ही यह तय किया गया था कि शिक्षा के अधिकार कानून (RTE) के तहत लॉटरी से चयनित वंचित वर्ग के छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। हाल ही में 14 अप्रैल को हुई कार्यकारिणी बैठक में दो नए निर्णय लिए गए। इसके तहत 17 अप्रैल को स्कूल संचालक और शिक्षक काली पट्टी बांधकर काम करेंगे, जबकि 18 अप्रैल को पूरे प्रदेश के निजी स्कूल बंद रखे जाएंगे। एसोसिएशन ने इन फैसलों की जानकारी स्कूल शिक्षा मंत्री को दे दी है। साथ ही मांग की है कि सरकार शासकीय स्कूलों में प्रति छात्र होने वाले खर्च को सार्वजनिक करे, ताकि उसी आधार पर निजी स्कूलों को RTE के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि तय की जा सके। पदाधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2011 के बाद से प्रतिपूर्ति राशि में कोई संशोधन नहीं किया गया है, जिससे निजी स्कूलों को लगातार आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने सरकार से इस मुद्दे पर जल्द समाधान निकालने की मांग की है।

छत्तीसगढ़ में 18 अप्रैल को निजी स्कूल बंद: RTE प्रतिपूर्ति बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध तेज Read Post »

Chhattisgarh, Education, GOVERNMENT, Raipur, State, Top News

छत्तीसगढ़ में प्लास्टिक बोतल शराब नीति पर बवाल: सप्लाई घटी, सस्ती शराब दुकानों से गायब

छत्तीसगढ़ में शराब की पैकेजिंग को लेकर सरकार की नई नीति विवाद का कारण बन गई है। कांच की बोतलों की जगह प्लास्टिक (PET) बोतलों में शराब बेचने के फैसले का डिस्टिलर्स और बोतल एसोसिएशन ने विरोध शुरू कर दिया है। इसका असर अब सीधे बाजार और उपभोक्ताओं पर दिखने लगा है। राज्य की कई सरकारी शराब दुकानों में सस्ती शराब की उपलब्धता अचानक कम हो गई है या पूरी तरह खत्म हो गई है। बताया जा रहा है कि विरोध के चलते कई डिस्टिलर्स ने उत्पादन और सप्लाई धीमी कर दी है, जिससे खासकर लो-कॉस्ट देसी और विदेशी शराब की कमी देखने को मिल रही है। सरकार का कहना है कि प्लास्टिक बोतलों का इस्तेमाल करने से ट्रांसपोर्ट आसान होगा, टूट-फूट कम होगी और लागत में भी कमी आएगी। लेकिन डिस्टिलर्स और बोतल निर्माता कंपनियों का तर्क है कि यह फैसला बिना पर्याप्त तैयारी के लिया गया है और इससे उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ेगा। इसी बीच, विभागीय स्तर पर भी मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, कुछ फील्ड अफसरों ने अलग समूह बनाकर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। कई जगह शराब दुकानों के बाहर चालानी कार्रवाई भी तेज कर दी गई है, जिससे ग्राहकों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस मुद्दे पर बॉटलिंग एसोसिएशन पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना विरोध दर्ज करा चुका है। उनका कहना है कि इस फैसले से करीब 15 लाख परिवार प्रभावित हो सकते हैं, खासकर वे लोग जो कांच की बोतलों की रीसाइक्लिंग से जुड़े हैं। फिलहाल, सरकार और उद्योग से जुड़े संगठनों के बीच जारी इस खींचतान का सबसे ज्यादा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है, जिन्हें दुकानों में मनचाहा उत्पाद नहीं मिल पा रहा है।

छत्तीसगढ़ में प्लास्टिक बोतल शराब नीति पर बवाल: सप्लाई घटी, सस्ती शराब दुकानों से गायब Read Post »

Chhattisgarh, GOVERNMENT, Health, State, Top News

रायपुर टिंबर मार्केट में भीषण आग: देर रात गोदाम जला, लाखों का नुकसान, शॉर्ट सर्किट की आशंका

राजधानी रायपुर के खमतराई क्षेत्र स्थित टिंबर मार्केट में गुरुवार देर रात एक गोदाम में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने तेज़ी से फैलकर पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, सबसे पहले गोदाम से धुआं उठता नजर आया और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। गोदाम में बड़ी मात्रा में लकड़ी और अन्य ज्वलनशील सामान रखा हुआ था, जिससे आग और तेजी से फैलती चली गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। आग की तीव्रता को देखते हुए कई फायर ब्रिगेड वाहन मौके पर तैनात किए गए हैं और लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के इलाके को खाली कराया जा रहा है, ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो सके। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, इस आगजनी में लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। फिलहाल आग लगने की असली वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन शॉर्ट सर्किट को संभावित कारण माना जा रहा है। आग पूरी तरह बुझने और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।

रायपुर टिंबर मार्केट में भीषण आग: देर रात गोदाम जला, लाखों का नुकसान, शॉर्ट सर्किट की आशंका Read Post »

Accident, Chhattisgarh, Raipur, State, Top News

सक्ती पावर प्लांट हादसा: 20 दिन पहले हुई शादी, मजदूर की मौत; 600°C गर्म भाप में झुलसकर 20 की जान गई

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे ने कई परिवारों को उजाड़ दिया। इस दुर्घटना में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है। इनमें से 4 लोगों की मौके पर ही जान चली गई, जबकि 14 ने रायगढ़ के अलग-अलग अस्पतालों में दम तोड़ा। वहीं 2 मजदूरों की मौत रायपुर के कालड़ा अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। मृतकों में बिहार के आकिब खान और झारखंड के अब्दुल करीम भी शामिल हैं। अब्दुल करीम की शादी महज 20 दिन पहले ही हुई थी और उनके हाथों की मेंहदी भी पूरी तरह नहीं उतरी थी। वे हाल ही में काम पर लौटे थे, लेकिन इससे पहले ही यह हादसा हो गया। इस दुर्घटना में कुल 36 मजदूर गंभीर रूप से झुलसे हैं, जिनमें से 16 का इलाज अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, कई घायलों का शरीर 90 प्रतिशत तक जल चुका है और उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। अगले 48 घंटे उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह हादसा बॉयलर ब्लास्ट के बाद निकली 500 से 600 डिग्री सेल्सियस तक गर्म भाप की चपेट में आने से हुआ। इतनी गर्म और तेज दबाव वाली भाप शरीर को कुछ ही सेकंड में बुरी तरह जला देती है और सांस के जरिए अंदर जाने पर फेफड़ों को भी गंभीर नुकसान पहुंचाती है। घटना के समय मौजूद मजदूरों ने बताया कि लंच के बाद अचानक तेज धुआं और धमाके की आवाज आई। इसके बाद चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए भागने लगे। कई मजदूर वहीं झुलस गए। जानकारी के अनुसार, इस प्लांट में पिछले महीने भी दो छोटे हादसे हो चुके थे। इसके बाद 27 मार्च से एक हफ्ते के लिए यूनिट को बंद किया गया था और कर्मचारियों को सेफ्टी ट्रेनिंग देने की बात कही गई थी। बावजूद इसके इतना बड़ा हादसा होना कई सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पावर प्लांट का बॉयलर अत्यधिक तापमान और दबाव पर काम करता है। अगर इसमें किसी तरह की तकनीकी खराबी या लापरवाही हो जाए, तो यह प्रेशर कुकर की तरह फट सकता है, लेकिन इसका असर कहीं ज्यादा खतरनाक होता है।

सक्ती पावर प्लांट हादसा: 20 दिन पहले हुई शादी, मजदूर की मौत; 600°C गर्म भाप में झुलसकर 20 की जान गई Read Post »

Accident, Chhattisgarh, Top News
Scroll to Top