March 2026

पत्नी से विवाद के बाद पति ने की आत्महत्या, VIDEO में ससुरालवालों को ठहराया जिम्मेदार; Mainpuri का मामला

Mainpuri में पत्नी से चल रहे विवाद और मानसिक तनाव से परेशान एक 42 वर्षीय कारपेंटर ने फांसी लगाकर जान दे दी। मृतक अनिल कुमार शर्मा का शव घर के अंदर पंखे से लटका मिला। घटना के लगभग 24 घंटे बाद उसके दो वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, जिनमें उसने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो में अनिल ने कहा कि उसने अपनी पत्नी से बहुत प्यार किया, लेकिन बदले में उसे केवल दर्द मिला। उसने अपनी मौत के लिए सास-ससुर और पत्नी को जिम्मेदार ठहराया। बताया जा रहा है कि होली के दिन पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद पत्नी दोनों बच्चों को लेकर मायके चली गई थी। इसके बाद से अनिल अकेले रह रहे थे और तनाव में थे। पड़ोसियों ने बताया कि सुबह घर में कोई हलचल नहीं दिखने पर शक हुआ। खिड़की से देखने पर वह कमरे में बेडशीट के फंदे से लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, मृतक के मोबाइल से दो वीडियो मिले हैं, जिनमें उसने प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। फिलहाल परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है और मामले की जांच जारी है।

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शादी के बाद पत्नी वंशिका संग वृंदावन पहुंचे Kuldeep Yadav, Banke Bihari Temple में गुपचुप किए दर्शन

Vrindavan में मंगलवार शाम दोनों ने शांत और गोपनीय तरीके से भगवान के दर्शन किए। उन्होंने मंदिर की चौखट पर इत्र चढ़ाकर सेवा की और ठाकुरजी को छप्पन भोग अर्पित किया। उनके आगमन की जानकारी पहले से सार्वजनिक नहीं की गई थी, इसलिए किसी को इसकी भनक नहीं लगी। फोटो और वीडियो सामने आने के बाद ही लोगों को इस बारे में पता चला। मंदिर में करीब 25 मिनट तक पूजा-अर्चना करने के बाद दोनों वहां से रवाना हो गए। बता दें कि कुलदीप और वंशिका की शादी 14 मार्च को मसूरी में हुई थी। इसके बाद लखनऊ के The Centrum में भव्य रिसेप्शन आयोजित किया गया, जिसमें Yogi Adityanath और Akhilesh Yadav समेत कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। कुलदीप और वंशिका बचपन के दोस्त हैं और लंबे समय की दोस्ती बाद में रिश्ते में बदल गई।

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रायगढ़ में हाथियों का आतंक, 8 किसानों की धान फसल बर्बाद — जंगलों में 101 हाथियों का मूवमेंट

Raigarh जिले में जंगली हाथियों का दल रात के समय खेतों तक पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। Dharamjaigarh वन मंडल क्षेत्र में हाथियों ने 8 किसानों की धान की फसल रौंद दी। वन विभाग के अनुसार जिले के जंगलों में कुल 101 हाथी सक्रिय हैं। अलग-अलग इलाकों में फसल को नुकसान जानकारी के मुताबिक धरमजयगढ़ वन मंडल में 98 हाथियों का बड़ा झुंड अलग-अलग जंगल क्षेत्रों में घूम रहा है। सोमवार रात यह दल गांवों के पास खेतों में घुस गया और कई किसानों की खड़ी फसल नष्ट कर दी। Chalha में 1 किसान, Bartapali में 1 किसान, माढरमार और आमापाली में 5 किसानों तथा Bhandrimuda में 1 किसान की फसल को नुकसान हुआ। ग्रामीणों ने खदेड़ने की कोशिश की हाथियों के खेतों में आने की सूचना पर ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने उन्हें भगाने का प्रयास किया, लेकिन झुंड लंबे समय तक वहीं डटा रहा और काफी नुकसान करने के बाद सुबह से पहले जंगल की ओर लौट गया। वन अमला नुकसान का सर्वे कर रहा है, जिसके बाद मुआवजे की प्रक्रिया शुरू होगी। महिला को दौड़ाकर किया घायल इसी क्षेत्र के Ongna गांव में महुआ बीनने गई महिलाओं का सामना अचानक हाथी से हो गया। हाथी ने उन्हें दौड़ा दिया, जिससे भारती यादव नामक महिला घायल हो गई। उनके चेहरे पर चोट आई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिले में 101 हाथियों की मौजूदगी वन विभाग के अनुसार जिले में कुल 101 हाथी विचरण कर रहे हैं। इनमें धरमजयगढ़ वन मंडल में 98 हाथी (26 नर, 50 मादा और 22 शावक) तथा रायगढ़ वन मंडल में 3 हाथी (2 नर और 1 मादा) शामिल हैं। सभी पर विभाग की निगरानी जारी है।

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शादी का वादा कर युवती से दुष्कर्म, इंकार के बाद आरोपी गिरफ्तार — इंस्टाग्राम से हुई थी पहचान

Raigarh जिले में शादी का झांसा देकर युवती के साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। मामला Chakradhar Nagar थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, 29 वर्षीय युवती की पहचान इंस्टाग्राम के जरिए सरिया निवासी Suraj alias Suryakant Sahu से हुई थी। 29 अप्रैल 2024 को शुरू हुई यह ऑनलाइन पहचान धीरे-धीरे दोस्ती में बदल गई और दोनों के बीच फोन पर बातचीत होने लगी। घर में अकेली पाकर जबरदस्ती बताया गया कि 20 अक्टूबर 2025 को आरोपी युवती के घर पहुंचा, जहां वह अकेली थी। आरोप है कि उसने जबरन शारीरिक संबंध बनाए और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देकर किसी को न बताने को कहा। डर के कारण युवती चुप रही। रायपुर ले जाकर भी किया शोषण इसके बाद 25 नवंबर 2025 को आरोपी युवती को Raipur घुमाने के बहाने अपने रिश्तेदारों के घर ले गया, जहां दो दिनों तक उसके साथ रहा और शारीरिक संबंध बनाए। कुछ समय बाद युवती गर्भवती हो गई। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने शादी की बात टालनी शुरू कर दी। बाद में वह युवती के घर आया और खाना लाकर दिया, जिसके अगले दिन युवती को तेज पेट दर्द हुआ और गर्भपात हो गया। इसके बाद आरोपी ने संपर्क बंद कर दिया। शादी से इंकार के बाद शिकायत 5 मार्च 2026 को आरोपी ने युवती को सरिया के बाजार चौक बुलाया और शादी से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने परिजनों को पूरी घटना बताई और महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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महिला सहकारिता सम्मेलन में जुटीं 800 से अधिक प्रतिनिधि, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मातृशक्ति की भूमिका बताई अहम

Sahakar Bharati छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय महिला सहकारिता सम्मेलन Prajapita Brahma Kumaris Ishwariya Vishwa Vidyalaya के सेक्टर-7 स्थित परिसर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आईं 800 से ज्यादा महिला प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिससे महिला-आधारित सहकारिता गतिविधियों में बढ़ती भागीदारी का संकेत मिला। मुख्य अतिथि मंत्री Lakshmi Rajwade ने कहा कि मातृशक्ति आज हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही है। उन्होंने महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण में सहकारिता की अहम भूमिका बताते हुए कहा कि शासन की योजनाएं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक बन रही हैं। पंच परिवर्तन पर दिया गया जोर सम्मेलन में राष्ट्रीय महिला प्रमुख Revati Tai Shendurnikar ने सहकारिता से जुड़े विभिन्न कार्यों की जानकारी दी और “पंच परिवर्तन” — स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, परिवार जागरण और नागरिक कर्तव्य — के महत्व को रेखांकित किया। दो सत्रों में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से सहकारिता आंदोलन को और मजबूत करने के लिए विचार-विमर्श किया गया तथा भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई। कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद इस अवसर पर Asha Didi, विधायक Rikesh Sen, समाजसेवी Rajni Vijay Baghel सहित अनेक पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। संगठन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रादेशिक दायित्वों की घोषणा भी की गई। इनमें महिला प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक के रूप में स्मिता दोड़के, सह-संयोजक पूजा पांडे, एफपीओ प्रदेश संयोजक डॉ. अनुज नारद, दुर्ग संभाग संयोजक दीपक मिश्रा तथा मत्स्य प्रकोष्ठ महिला संयोजक अंजू मटियारा को जिम्मेदारी सौंपी गई।

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गाड़ी धक्का लगाने से इनकार पर दोस्त की पिटाई से मौत, भिलाई केस में 6 दोषियों को 10-10 साल की सजा

Bhilai के चर्चित हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। Durg स्थित पंचम अपर सत्र न्यायालय के न्यायाधीश दीपक कुमार कोशले ने मामले में सभी छह आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने इसे हत्या (धारा 302) नहीं बल्कि गैर-इरादतन हत्या (धारा 304 भाग-2) माना। प्रत्येक दोषी पर 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। दोषियों में भूपेश देवदास, ब्रिजेश उर्फ बिजू, हरीश कुमार घृतलहरे, समीर खान उर्फ अमन, अजय उर्फ अज्जू भदौरिया और पंकज कुमार लाउत्ररे शामिल हैं। कैसे शुरू हुआ विवाद घटना 20 सितंबर 2022 की रात करीब 11 बजे की है। अब्दुल ग्यासू उर्फ बाबा कुरैशी अपने साथियों के साथ भोजन के लिए जा रहे थे। कार में आरोपी भी सवार थे। Bhagat Singh Chowk Vaishali Nagar के पास गाड़ी खराब हो गई। आरोपियों ने गाड़ी धक्का लगाने को कहा, लेकिन मना करने पर कहासुनी शुरू हो गई। झगड़ा बना जानलेवा देखते-ही-देखते विवाद हिंसक हो गया। आरोपियों ने ग्यासू पर हाथ-मुक्कों, ईंट और चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उसे वहीं छोड़कर आरोपी फरार हो गए। परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम में खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अत्यधिक रक्तस्राव, गंभीर चोटों और महत्वपूर्ण अंगों को क्षति को मौत का कारण बताया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर साक्ष्य जुटाए और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। चार साल चली सुनवाई दिसंबर 2022 में मामला सत्र न्यायालय पहुंचा और लंबी सुनवाई के बाद 20 मार्च 2026 को फैसला आया। अदालत ने माना कि मौत आरोपियों की मारपीट से हुई, लेकिन हत्या की पूर्व योजना या स्पष्ट इरादा साबित नहीं हुआ। घटना अचानक आवेश में हुई। क्यों नहीं लगी हत्या की धारा अदालत के अनुसार, आरोपियों को यह अंदाजा था कि इतनी हिंसा से मौत हो सकती है, इसलिए धारा 304 भाग-2 लागू की गई। हत्या साबित करने के लिए आवश्यक तत्व नहीं मिले। सजा तय करते समय क्या देखा गया बचाव पक्ष ने आरोपियों की कम उम्र और पहली बार अपराध करने की बात रखी, लेकिन अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए 10 साल की सजा उचित मानी। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त 6 महीने की सजा भुगतनी होगी।

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बलरामपुर में भगवा ध्वज को लेकर विवाद, कचरा वाहन में ले जाने के आरोप से बढ़ा आक्रोश

Balrampur जिला मुख्यालय में नवरात्रि के दौरान भगवा ध्वज के कथित अपमान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नगर पालिका परिषद के पार्षद Amit Gupta Mantu सहित कई हिंदू संगठनों ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई है। आरोप है कि पुराने ध्वज को हटाने के बाद उसे सम्मानपूर्वक सुरक्षित रखने के बजाय लापरवाही से कचरा वाहन में रखकर नगर पालिका कार्यालय लाया गया और परिसर में उसी वाहन के पास छोड़ दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय स्तर पर नाराजगी बढ़ गई। विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने इसे धार्मिक प्रतीक का अपमान बताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि नवरात्रि जैसे पवित्र पर्व के दौरान ऐसी घटना से लोगों की आस्था आहत हुई है। पार्षद ने जताई कड़ी आपत्ति पार्षद Amit Gupta Mantu ने कहा कि भगवा ध्वज श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है, इसलिए उसके साथ इस प्रकार का व्यवहार अस्वीकार्य है। उन्होंने नगर पालिका पर लापरवाही और असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए धार्मिक प्रतीकों के रखरखाव और सम्मान से जुड़े स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाए जाने चाहिए। फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।

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BALRAMPUR, Chhattisgarh, State, Top News

रामानुजगंज में चैती छठ महापर्व संपन्न, उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रतियों ने की पूजा

Ramanujganj में चार दिवसीय चैती छठ महापर्व का समापन उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ हुआ। Kanhar River के तट पर हजारों व्रती और श्रद्धालु एकत्र होकर भगवान सूर्य की आराधना में लीन रहे। सूर्योदय के समय व्रतियों ने पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार अर्घ्य अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। घाटों पर छठी मैया के भजन, लोकगीत और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। प्रमुख बिंदु • उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ चार दिवसीय व्रत का समापन• कन्हर नदी तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़• प्रशासन की निगरानी में शांतिपूर्ण आयोजन• सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। घाटों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया गया। नगर पालिका अध्यक्ष सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि भी घाट पर पहुंचे और व्रतियों का अभिवादन कर उनके उत्साह को बढ़ाया।

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बिलासपुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बीच लापरवाही, कॉलोनी के पास फेंके गए मरे मुर्गे; संक्रमण का खतरा बढ़ा

Bilaspur जिले में हजारों मुर्गियों की मौत के बाद बर्ड फ्लू की पुष्टि होने से हड़कंप मच गया है। इस बीच प्रशासनिक लापरवाही का मामला भी सामने आया है। Khamtarai क्षेत्र की ड्रीम सिटी कॉलोनी के पास 30–35 मरे हुए मुर्गे फेंके हुए मिले, जिससे आसपास के लोग बदबू और संभावित संक्रमण को लेकर परेशान हैं। प्रशासन ने दावा किया था कि मृत पक्षियों को सुरक्षित तरीके से दफनाया गया है, लेकिन कॉलोनी के पास बोरियों में बंद मुर्गियां मिलने से सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने तुरंत इन्हें हटाने और क्षेत्र को सैनिटाइज करने की मांग की है। सरकारी पोल्ट्री फार्म में हुई थी हजारों पक्षियों की मौत जानकारी के अनुसार, Koni स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में पिछले पांच दिनों के भीतर 5 हजार से अधिक मुर्गे-मुर्गियों की मौत हो गई थी। जांच के लिए भेजे गए नमूनों में संक्रमण की पुष्टि हुई, जिसके बाद पूरे फार्म को एहतियातन बंद कर दिया गया। संभावित खतरे को देखते हुए आसपास के जिलों, विशेषकर Raigarh में भी अलर्ट जारी किया गया है। सरकार संचालित है पोल्ट्री परिसर कोनी स्थित कुक्कुट पालन परिसर का संचालन सरकार द्वारा किया जाता है। यहां अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के किसानों को मुर्गी पालन के लिए चूजे उपलब्ध कराए जाते हैं। परिसर में लगभग 6 हजार से अधिक पक्षियों का पालन और प्रजनन किया जाता है। 18 मार्च से शुरू हुई मौतें बताया गया है कि 18 मार्च से पोल्ट्री शेड में पक्षियों की मौत शुरू हुई थी। शुरुआती दिनों में संख्या कम थी, लेकिन कुछ ही दिनों में यह तेजी से बढ़ गई और पांच दिनों में हजारों पक्षी मर गए। पहले इसे सामान्य बीमारी माना गया, लेकिन मौतें बढ़ने पर वरिष्ठ अधिकारियों और जिला प्रशासन को सूचना दी गई। संवेदनशील क्षेत्र घोषित, फिर भी लापरवाही घटना के बाद फार्म के आसपास 5 किलोमीटर के दायरे को संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया और हजारों अंडों सहित मृत पक्षियों को नष्ट किया गया। इसके बावजूद कॉलोनी के पास नाली में बोरियों में भरे मुर्गे मिलने से लोगों में डर का माहौल है। पहले भी सामने आ चुका है मामला फरवरी 2025 में भी Raigarh जिले के एक सरकारी पोल्ट्री फार्म में एच5एन1 बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। उस समय एहतियात के तौर पर हजारों मुर्गियां, चूजे और अंडे नष्ट किए गए थे तथा प्रभावित क्षेत्र में पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाई गई थी।

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रामावतार जग्गी हत्याकांड फिर खुला, हाईकोर्ट में दोबारा सुनवाई शुरू; 1 अप्रैल को अंतिम बहस

छत्तीसगढ़ के चर्चित Ramavatar Jaggi murder case की सुनवाई एक बार फिर शुरू हो गई है। Supreme Court of India के निर्देश पर Chhattisgarh High Court में मामले को दोबारा खोला गया है। बुधवार को मुख्य न्यायाधीश Ramesh Sinha की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई, जिसमें मृतक के पुत्र सतीश जग्गी भी मौजूद रहे। अदालत ने अंतिम सुनवाई के लिए 1 अप्रैल की तारीख तय की है। इससे पहले हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने दो वर्ष पूर्व दोषियों की अपील खारिज करते हुए आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा था। बाद में सीबीआई की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने मामले को दोबारा हाईकोर्ट भेजते हुए कहा कि केस की मेरिट पर विस्तार से सुनवाई की जाए। हत्या के बाद जांच CBI को सौंपी गई थी हत्या के बाद शुरुआती पुलिस जांच पर पक्षपात के आरोप लगे थे, जिसके बाद राज्य सरकार ने जांच Central Bureau of Investigation को सौंप दी। सीबीआई ने अपनी जांच में पूर्व मुख्यमंत्री Ajit Jogi के पुत्र Amit Jogi सहित कई लोगों पर हत्या और साजिश का आरोप लगाया था। 2003 में हुई थी गोली मारकर हत्या 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कुल 31 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें से दो आरोपी सरकारी गवाह बन गए, जबकि Amit Jogi को छोड़कर शेष आरोपियों को सजा सुनाई गई। हालांकि 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ मृतक के पुत्र सतीश जग्गी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। बाद में सर्वोच्च अदालत ने मामले को पुनः हाईकोर्ट भेज दिया। सतीश जग्गी का आरोप — राजनीतिक साजिश हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सतीश जग्गी की ओर से पेश अधिवक्ता ने दलील दी कि हत्या एक प्रायोजित साजिश थी और जांच के दौरान सबूतों से छेड़छाड़ की गई। उनका कहना था कि इस मामले में केवल प्रत्यक्ष सबूत ही नहीं, बल्कि साजिश की पूरी पृष्ठभूमि पर विचार करना जरूरी है। कौन थे रामावतार जग्गी व्यवसाय से जुड़े रामावतार जग्गी पूर्व केंद्रीय मंत्री Vidyacharan Shukla के करीबी सहयोगी थे। जब शुक्ल कांग्रेस छोड़कर Nationalist Congress Party में शामिल हुए, तब जग्गी भी उनके साथ चले गए और उन्हें छत्तीसगढ़ में पार्टी का कोषाध्यक्ष बनाया गया। सियासी पृष्ठभूमि भी रही अहम छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद प्रदेश की राजनीति में बड़े बदलाव हो रहे थे। उस समय मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में खींचतान चल रही थी। बाद में Ajit Jogi के मुख्यमंत्री बनने से नाराज होकर Vidyacharan Shukla ने पार्टी छोड़ दी और एनसीपी में शामिल हो गए। बताया जाता है कि 2003 विधानसभा चुनाव से पहले एनसीपी का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा था और एक बड़ी रैली की तैयारी चल रही थी, जिसमें Sharad Pawar समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होने वाले थे। इसी राजनीतिक माहौल के बीच रामावतार जग्गी की हत्या ने प्रदेश की राजनीति को हिला दिया था।

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