Vishnu Deo Sai

साय कैबिनेट की अहम बैठक आज, नई ट्रांसफर नीति और CM हेल्पलाइन 1076 पर हो सकता है बड़ा फैसला

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में होने वाली इस बैठक में प्रशासनिक, किसान हित और जनसुविधाओं से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। बैठक का सबसे प्रमुख मुद्दा नई स्थानांतरण नीति माना जा रहा है। लंबे समय से अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर लगी रोक को हटाने की मांग उठ रही थी। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि सरकार नई ट्रांसफर नीति को मंजूरी देकर प्रदेश में तबादलों की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। किसानों से जुड़े विषय भी बैठक के एजेंडे में शामिल हैं। आगामी खरीफ विपणन वर्ष के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, कस्टम मिलिंग नीति और किसानों को खाद एवं बीज की उपलब्धता की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा कृषि क्षेत्र से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए जा सकते हैं। राज्य सरकार आज से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 सेवा की शुरुआत भी करने जा रही है। इस सुविधा के माध्यम से नागरिक टोल-फ्री नंबर 1076 पर कॉल कर अपनी शिकायतें और समस्याएं दर्ज करा सकेंगे। इसके अलावा वेब पोर्टल, मोबाइल एप और व्हाट्सएप के जरिए भी शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध होगी। सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। कैबिनेट बैठक में हाल ही में संपन्न हुए सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त शिकायतों और सुझावों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा कर्मचारियों, किसानों और उद्योग जगत से जुड़े विभिन्न विभागीय प्रस्तावों पर भी विचार किया जाएगा। ऐसे में आज की कैबिनेट बैठक को राज्य सरकार की आगामी प्रशासनिक और विकास संबंधी नीतियों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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Raipur, State, Top News

नीमधा पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, सुशासन तिहार में जनता से किया सीधा संवाद

मरवाही। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने सुशासन तिहार के तहत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम नीमधा का दौरा किया। यहां आयोजित जनचौपाल में उन्होंने ग्रामीणों और विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से सीधे संवाद कर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली और फीडबैक प्राप्त किया। जनचौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने आमजनों की समस्याएं सुनीं और योजनाओं से मिल रहे लाभ के बारे में चर्चा की। इस अवसर पर ‘बिहान’ स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि कैसे सरकारी योजनाओं की मदद से वे आत्मनिर्भर बनीं और ‘लखपति दीदी’ बनने का लक्ष्य हासिल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि विभिन्न योजनाओं का प्रभाव लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं पैदा हो रही हैं। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही।

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Chhattisgarh, Political

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के विजेताओं को 2 महीने बाद भी नहीं मिली पुरस्कार राशि, नियमों में फंसी फाइल

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा घोषित पुरस्कार राशि का इंतजार अब भी खिलाड़ियों को है। घोषणा हुए दो महीने से अधिक समय बीत चुके हैं, लेकिन पदक विजेताओं के खातों में अब तक राशि नहीं पहुंची है। इससे खिलाड़ियों में निराशा बढ़ रही है। 25 मार्च से 3 अप्रैल तक छत्तीसगढ़ में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में प्रदेश के करीब 81 खिलाड़ियों ने विभिन्न व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में पदक जीते थे। समापन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेताओं के लिए क्रमशः 2 लाख, 1.5 लाख और 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की थी। वहीं टीम स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए भी अलग-अलग प्रोत्साहन राशि घोषित की गई थी। हालांकि, पुरस्कार वितरण की प्रक्रिया प्रशासनिक और वित्तीय नियमों के कारण अटक गई है। खेल विभाग ने राशि जारी करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर संबंधित विभागों को भेजा, लेकिन वित्त विभाग ने नियमों और बजट प्रावधानों का हवाला देते हुए फाइल वापस लौटा दी। वित्त विभाग का कहना है कि मौजूदा बजट में इस पुरस्कार राशि के लिए अलग से प्रावधान नहीं है। साथ ही वर्तमान अधिसूचित योजनाओं में ट्राइबल गेम्स के पदक विजेताओं को इस प्रकार की राशि देने का उल्लेख भी नहीं किया गया है। ऐसे में स्पष्ट नियमों और वित्तीय स्वीकृति के बिना भुगतान संभव नहीं है। जानकारी के अनुसार, खेल एवं युवा कल्याण विभाग अब नियमों में संशोधन की प्रक्रिया पूरी कर रहा है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि संशोधित प्रस्ताव जल्द ही दोबारा वित्त विभाग को भेजा जाएगा, जिसके बाद भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। मौजूदा क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना और मुख्यमंत्री की घोषणा के बीच कई विसंगतियां सामने आई हैं। वर्तमान योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को निर्धारित और अपेक्षाकृत कम राशि दी जाती है, जबकि ट्राइबल गेम्स के लिए घोषित पुरस्कार राशि इससे कहीं अधिक है। इसके अलावा वर्तमान नियम आयु वर्ग और खिलाड़ी आधारित पात्रता पर केंद्रित हैं, जबकि ट्राइबल गेम्स में कई स्पर्धाएं ओपन कैटेगरी और टीम आधारित स्वरूप में आयोजित की गई थीं। पुरस्कार राशि में देरी से खिलाड़ियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ट्राइबल गेम्स में कई पदक जीतने वाले खिलाड़ियों का कहना है कि कोचिंग, डाइट, उपकरण और प्रतियोगिताओं की तैयारी पर लगातार खर्च होता है। समय पर राशि मिल जाती तो उनकी तैयारियों को काफी मदद मिल सकती थी। कुछ खिलाड़ियों ने बताया कि आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए उन्हें अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत है, लेकिन पुरस्कार राशि नहीं मिलने के कारण वे आर्थिक दबाव में हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि देर से मिलने वाली सहायता कई बार अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर पाती। अब सभी की नजरें नियम संशोधन और वित्त विभाग की मंजूरी पर टिकी हैं। खिलाड़ियों को उम्मीद है कि लंबित प्रक्रिया जल्द पूरी होगी और उन्हें घोषित पुरस्कार राशि प्राप्त हो सकेगी।

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बेमेतरा सामूहिक विवाह में अव्यवस्था पर सख्त हुए रमन सिंह, मुख्यमंत्री साय ने दिए जांच के निर्देश

रायपुर। बेमेतरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में सामने आई अव्यवस्थाओं को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की नाराजगी भी चर्चा का विषय बनी रही। अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूरे घटनाक्रम की जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेमेतरा में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ था। इस आयोजन की विशेषता यह भी रही कि स्थानीय विधायक दीपेश साहू का विवाह भी इसी समारोह में संपन्न हुआ, जिससे समाज को सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया गया। उन्होंने बताया कि विवाह समारोह के लिए टेंट और पंडाल की व्यवस्था की गई थी, लेकिन अचानक मौसम खराब होने के कारण पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई। इसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में पुराने विश्राम गृह और अन्य भवनों पर विचार किया गया। अधिकारियों से चर्चा के बाद कार्यक्रम को विश्राम गृह में आयोजित करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आयोजन में हुई अव्यवस्थाओं की जांच के लिए संभागीय कमिश्नर को निर्देश दिए गए हैं और रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सरगुजा जिले के मैनपाट में विधायक और नायब तहसीलदार के बीच हुए विवाद के बाद तहसीलदारों द्वारा हड़ताल पर जाने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन और तहसीलदारों के बीच लगातार बातचीत जारी है तथा जल्द ही समाधान निकाल लिया जाएगा।

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दिल्ली में ‘अपनापन’ पुस्तक विमोचन समारोह में शामिल हुए CM विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai नई दिल्ली के पूसा परिसर में आयोजित केंद्रीय मंत्री Shivraj Singh Chouhan की पुस्तक ‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए। यह पुस्तक प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ शिवराज सिंह चौहान के सार्वजनिक जीवन, कार्य अनुभव और आत्मीय संबंधों पर आधारित है। पुस्तक में नेतृत्व, जनसेवा और व्यक्तिगत अनुभवों को भावनात्मक और प्रेरक अंदाज में प्रस्तुत किया गया है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिवराज सिंह चौहान को पुस्तक प्रकाशन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को पुस्तक के माध्यम से समाज तक पहुंचाना एक प्रेरणादायक पहल है। इससे नई पीढ़ी को जनसेवा और नेतृत्व के मूल्यों को समझने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सुशासन और जनसेवा की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक पाठकों को प्रेरित करेगी और समाजसेवा के विभिन्न पहलुओं को समझने में मदद करेगी। कार्यक्रम में कई केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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सीएम विष्णुदेव साय कल लेंगे कैबिनेट बैठक, कई अहम फैसलों की संभावना

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई है। यह बैठक शाम 6 बजे मंत्रालय में आयोजित की जाएगी। प्रदेश में चल रहे सुशासन तिहार के दौरान यह पहली कैबिनेट बैठक होगी। बताया जा रहा है कि पिछले दो वर्षों में इस अवधि के दौरान मंत्रिमंडल की बैठक नहीं हुई थी। ऐसे में इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री के बस्तर दौरे और मुख्यमंत्री के हालिया दिल्ली दौरे के दौरान मिले निर्देशों पर नीतिगत फैसले लिए जा सकते हैं। इसके अलावा मध्यप्रदेश की तर्ज पर नई तबादला नीति को लेकर भी चर्चा और निर्णय होने की संभावना जताई जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज शाम दिल्ली से रायपुर लौटेंगे।

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लाल किले से CM विष्णुदेव साय का बड़ा संदेश, बोले- जनजातीय समाज भारत की सांस्कृतिक पहचान की असली ताकत

भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में आयोजित राष्ट्रीय जनजाति सांस्कृतिक समागम में देशभर से हजारों जनजातीय प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा शामिल हुए। जनजाति सुरक्षा मंच और जनजाति जागृति समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। लाल किले के मैदान में पारंपरिक वेशभूषा, लोक वाद्ययंत्र और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच जनजातीय समाज की परंपरा, संस्कृति और पहचान को लेकर एक मजबूत संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनजातीय समाज केवल प्रकृति का संरक्षक नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का सबसे प्राचीन और जीवंत स्वरूप है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज ने सदियों से जल, जंगल और जमीन की रक्षा करते हुए प्रकृति और मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि आज के पर्यावरण संकट के दौर में जनजातीय जीवन दर्शन पूरी दुनिया को टिकाऊ विकास का रास्ता दिखा सकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति से जुड़ी हुई है, जहां 42 प्रकार की जनजातियां निवास करती हैं और राज्य का बड़ा हिस्सा वन क्षेत्रों से घिरा हुआ है। मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा और वीर नारायण सिंह जैसे जननायकों के संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए कहा कि इन महान व्यक्तित्वों ने संस्कृति, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के लिए ऐतिहासिक लड़ाई लड़ी। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नया रायपुर में आयोजित ‘आदि परब’, बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने जनजातीय भाषाओं में शिक्षा को बढ़ावा देने की बात करते हुए कहा कि गोंडी, हल्बी और सादरी जैसी भाषाओं में बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा देने की दिशा में सरकार विशेष पहल कर रही है, ताकि नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़ी रहे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि समाज के भीतर यह मांग लगातार उठ रही है कि जो लोग अपनी मूल जनजातीय परंपराओं और संस्कृति को छोड़ चुके हैं, उन्हें अनुसूचित जनजाति सूची से बाहर किए जाने पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा किसी समुदाय के विरोध का नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की पहचान और अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने लोकनृत्य और पारंपरिक संगीत की प्रस्तुतियों से जनजातीय विरासत की झलक पेश की। दिनभर मांदर, ढोल और लोकधुनों से गूंजते लाल किला मैदान में यह आयोजन जनजातीय एकता, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक चेतना का प्रतीक बनकर सामने आया।

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8 साल बाद शुरू हुआ कचना ओवरब्रिज, रात में जगमगाया ब्रिज; लोगों को ट्रैफिक जाम से मिली बड़ी राहत

राजधानी रायपुर में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार कचना रेलवे ओवरब्रिज आम लोगों के लिए खोल दिया गया। करीब 8 साल में तैयार हुए इस ओवरब्रिज का शुक्रवार रात मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने लोकार्पण किया। उद्घाटन के बाद से ही ब्रिज पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई और लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। रात के समय सामने आए ड्रोन वीडियो में ओवरब्रिज की चमचमाती लाइटें और लगातार गुजरती गाड़ियां आकर्षण का केंद्र बनीं। उद्घाटन कार्यक्रम में आतिशबाजी भी की गई, हालांकि कार्यक्रम तय समय शाम 6 बजे की बजाय रात करीब साढ़े 9 बजे शुरू हुआ। अब तक खम्हारडीह-कचना रेलवे फाटक पर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। रेलवे ट्रैफिक बढ़ने की वजह से हर 15 मिनट में फाटक बंद हो जाता था, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों, ऑफिस कर्मचारियों और आम लोगों को लंबे जाम में फंसना पड़ता था। बारिश और तेज गर्मी में लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता था। रेलवे के अनुसार इस रूट से हर दिन करीब 120 यात्री और मालगाड़ियां गुजरती हैं। ऐसे में ओवरब्रिज शुरू होने से करीब 3 लाख लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। करीब 48.78 करोड़ रुपए की लागत से बने इस ओवरब्रिज की लंबाई 871 मीटर और चौड़ाई 12 मीटर है। यह टू-लेन ब्रिज खम्हारडीह स्थित सीएससीबी कार्यालय के पास से शुरू होकर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी तक जुड़ता है। इसके साथ ही शंकर नगर-खम्हारडीह-कचना सड़क चौड़ीकरण का काम भी लगभग 22.78 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरब्रिज बनने से शहर की सबसे बड़ी ट्रैफिक समस्याओं में से एक खत्म हो गई है। लोगों को अब रेलवे फाटक पर रुककर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और आवागमन पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा।

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मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 से लाखों उपभोक्ताओं को राहत, सरचार्ज पूरी तरह माफ

छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए “मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026” शुरू की है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में शुरू की गई यह योजना उन परिवारों के लिए राहत लेकर आई है जो लंबे समय से बकाया बिजली बिल और बढ़ते सरचार्ज के कारण आर्थिक दबाव का सामना कर रहे थे। इस योजना के तहत पुराने बिजली बिलों पर लगने वाले सरचार्ज को पूरी तरह माफ किया जा रहा है। साथ ही उपभोक्ताओं को बकाया राशि जमा करने के लिए आसान किस्तों की सुविधा भी दी गई है। पात्र उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि पर भी विशेष छूट का लाभ मिल रहा है। राज्य सरकार के अनुसार, अब तक इस योजना से प्रदेश के 28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को फायदा मिला है और करीब 757 करोड़ रुपए से ज्यादा का सरचार्ज माफ किया जाएगा। योजना का लाभ मुख्य रूप से बीपीएल परिवारों, घरेलू उपभोक्ताओं और कृषि उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इस योजना से उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ बिजली कटौती का खतरा भी कम होगा। किसान भी इस योजना से लाभान्वित होंगे, क्योंकि बकाया बिलों का बोझ कम होने से सिंचाई और खेती का काम प्रभावित नहीं होगा। उपभोक्ता योजना का लाभ लेने के लिए अपने नजदीकी बिजली कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1912 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। योजना 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी। राज्य सरकार ने लोगों से समय रहते योजना का लाभ लेने की अपील की है। सरकार का मानना है कि यह योजना न सिर्फ आर्थिक राहत देगी, बल्कि उपभोक्ताओं को नियमित भुगतान व्यवस्था से जोड़ने में भी मदद करेगी।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में हुए शामिल

रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिनाम संकीर्तन जैसी परंपराएं भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं। ऐसे धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन समाज में भाईचारे, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देते हैं। कार्यक्रम में विधायक Purandar Mishra समेत कई जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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