Chhattisgarh police

टीआई चंद्रकांत साहू मामले की जांच के लिए तीन डीएसपी की कमेटी गठित

धमतरी। पुलिस और एक युवक के बीच हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले की जांच के लिए पुलिस विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। धमतरी एसपी सूरज सिंह परिहार ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन डीएसपी की कमेटी गठित की है। मामला 5 जून की रात अर्जुनी थाना क्षेत्र के मुजगहन के पास का बताया जा रहा है, जहां टीआई चंद्रकांत साहू और उनके स्टाफ का एक युवक से विवाद हुआ था। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। जांच के लिए गठित कमेटी में डीएसपी मोनिका मरावी को टीम लीडर बनाया गया है, जबकि डीएसपी भानु प्रताप चंद्राकर और डीएसपी यशकरण ध्रुव भी शामिल हैं। यह टीम सभी पक्षों के बयान दर्ज कर तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगी। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

टीआई चंद्रकांत साहू मामले की जांच के लिए तीन डीएसपी की कमेटी गठित Read Post »

GOVERNMENT, State, Top News

UP में गांजा तस्करों की तलाश में गई रायपुर पुलिस पर हमला, ग्रामीणों ने चोर समझकर की पिटाई

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में गांजा तस्करी के आरोपियों की तलाश में पहुंची रायपुर पुलिस की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। सादे कपड़ों में कार्रवाई कर रही टीम को ग्रामीणों ने चोर समझ लिया और मारपीट शुरू कर दी। घटना में एक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि अन्य जवानों ने किसी तरह खुद को सुरक्षित बचाया। जानकारी के अनुसार रायपुर के गंज थाना क्षेत्र की पुलिस टीम गांजा तस्करी के एक मामले में आरोपियों की तलाश करते हुए कौशांबी जिले के ईचौली गांव पहुंची थी। टीम स्थानीय पुलिस की मदद से आकाश, शिवम और एक अन्य आरोपी की तलाश कर रही थी। बताया जा रहा है कि पुलिस ने पहले एक आरोपी आकाश को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद जब टीम दूसरे आरोपी शिवम को पकड़ने उसके घर पहुंची, तो उसने खुद को बचाने के लिए जोर-जोर से “चोर-चोर” चिल्लाना शुरू कर दिया। आरोपी के शोर मचाते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में होने के कारण ग्रामीण उन्हें पहचान नहीं सके और उन्हें चोर समझ बैठे। देखते ही देखते भीड़ ने पुलिस टीम को घेर लिया और धक्का-मुक्की के साथ मारपीट शुरू कर दी। हमले में पुलिसकर्मी जगदेव प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर और हाथ में चोटें आई हैं। वहीं अन्य पुलिसकर्मी किसी तरह वहां से निकलकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचने में सफल रहे। घटना की सूचना मिलने के बाद कोखराज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। घायल पुलिसकर्मी को तत्काल जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कौशांबी की अपर पुलिस अधीक्षक अमिता सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि रायपुर पुलिस ने स्थानीय पुलिस की सहायता से एक आरोपी को पकड़ा था। हालांकि दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के दौरान स्थानीय पुलिस को पूरी जानकारी दिए बिना कार्रवाई किए जाने के कारण भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस ने मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। पूरे मामले की जांच जारी है।

UP में गांजा तस्करों की तलाश में गई रायपुर पुलिस पर हमला, ग्रामीणों ने चोर समझकर की पिटाई Read Post »

Accident, Crime, State, Top News, uttar pradesh

रायपुर में नशीली सिरप की तस्करी पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 249 शीशियों के साथ आरोपी गिरफ्तार

रायपुर। राजधानी में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी क्रम में गुढ़ियारी थाना पुलिस ने प्रतिबंधित नशीली सिरप की तस्करी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से बड़ी मात्रा में कोडीन युक्त सिरप और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर के निर्देशन में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि झाबक पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति प्रतिबंधित नशीली सिरप बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा है। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गुढ़ियारी थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मुखबिर के बताए हुलिए के आधार पर संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम अनिल कुमार साहू (33 वर्ष), निवासी मंगलवाड़ा, चरौदा, जिला दुर्ग बताया। तलाशी के दौरान आरोपी के बैग से 249 शीशियां कोडीन युक्त प्रतिबंधित नशीली सिरप बरामद हुईं। जब पुलिस ने सिरप रखने और बिक्री से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे तो आरोपी कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से प्रतिबंधित सिरप और एक मोबाइल फोन सहित लगभग 1.40 लाख रुपये मूल्य की सामग्री जब्त कर ली। आरोपी के खिलाफ गुढ़ियारी थाना में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

रायपुर में नशीली सिरप की तस्करी पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 249 शीशियों के साथ आरोपी गिरफ्तार Read Post »

Crime, Raipur, State, Top News

रायगढ़ रेलवे स्टेशन के बाहर मासूम के साथ बेरहमी, पुलिस ने समय रहते बचाई जान

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ रेलवे स्टेशन के बाहर एक डेढ़ साल के मासूम बच्चे के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। घटना 19 मई की शाम की बताई जा रही है, जब स्टेशन परिसर के बाहर एक महिला बच्चे को लगातार पीट रही थी। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन महिला किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुई। स्थिति गंभीर होते देख लोगों ने तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। एएसआई गौतम ठाकुर, आरक्षक गणेश पैंकरा और अन्य पुलिसकर्मियों ने बच्चे को महिला से सुरक्षित निकालकर अपने संरक्षण में लिया। पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि वह बच्चे को खरसिया से ट्रेन के जरिए लेकर आई थी। हालांकि उसके व्यवहार और बातचीत से पुलिस को मामला संदिग्ध लगा। इसके बाद महिला को थाने लाया गया, जबकि घायल और डरे हुए बच्चे को तत्काल इलाज के लिए केजीएच अस्पताल भेजा गया। महिला आरक्षक अनिता बेक ने बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया और इलाज के दौरान उसकी देखभाल की। डॉक्टरों की निगरानी में बच्चे का उपचार किया गया। वहीं महिला से पूछताछ के दौरान वह लगातार असंगत बातें करती रही, जिससे उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं होने की आशंका जताई गई। बाद में पुलिस ने महिला को सखी सेंटर में रखवाया। जांच के दौरान पुलिस ने महिला की पहचान इंदिरा नगर निवासी के रूप में की और उसके पति को थाने बुलाया। पूछताछ में पति ने बताया कि उसकी पत्नी की मानसिक स्थिति समय-समय पर बिगड़ जाती है। उसने बच्चे को अपना पुत्र बताया। 26 मई को बच्चे को अस्पताल से डिस्चार्ज किए जाने के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने उसे महिला आरक्षक अनिता बेक के सुपुर्द किया। बाद में बच्चे को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति ने माता-पिता और अन्य परिजनों की काउंसलिंग के बाद बच्चे को फिलहाल उसके पिता के सुपुर्द कर दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बाल कल्याण समिति ने 29 मई को फिर से माता-पिता को काउंसलिंग और अन्य प्रक्रियाओं के लिए बुलाया है। कोतवाली पुलिस भी बच्चे की सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी बनाए हुए है।

रायगढ़ रेलवे स्टेशन के बाहर मासूम के साथ बेरहमी, पुलिस ने समय रहते बचाई जान Read Post »

Raigarh

पुलिस लाइन में 541 जवानों की जनरल परेड, एसपी ने लिया अनुशासन और फिटनेस का निरीक्षण

पुलिस लाइन में आयोजित जनरल परेड में जिले के विभिन्न थाना, शाखा और इकाइयों से कुल 541 अधिकारी और जवान शामिल हुए। परेड के दौरान पुलिस अधीक्षक ने जवानों की वर्दी, अनुशासन, शारीरिक दक्षता, टर्न आउट और परेड संचालन का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने सभी अधिकारियों और जवानों को अनुशासन, समय पालन, फिटनेस और कर्तव्यनिष्ठा बनाए रखने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा आम जनता के साथ संवेदनशील और सौहार्दपूर्ण व्यवहार अपनाने पर जोर दिया। पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी के दौरान सतर्क रहने, नियमित शारीरिक प्रशिक्षण करने और बेहतर समन्वय व टीम भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की कार्यक्षमता और शारीरिक फिटनेस बनाए रखने के लिए नियमित परेड और प्रशिक्षण बेहद जरूरी है। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Akshay Sabadra, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Sushil Nayak, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Aishwarya Chandraakar सहित जिले के सभी उप पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी, रक्षित निरीक्षक और अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

पुलिस लाइन में 541 जवानों की जनरल परेड, एसपी ने लिया अनुशासन और फिटनेस का निरीक्षण Read Post »

BASTAR, GOVERNMENT

धमतरी पुलिस को मिली हाईटेक FSL मोबाइल यूनिट वैन, अब घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच

धमतरी पुलिस को अपराध जांच को और अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए अत्याधुनिक एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) मोबाइल यूनिट वैन की सौगात मिली है। पुलिस लाइन रूद्री धमतरी में आयोजित कार्यक्रम में इस हाईटेक वैन का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में महापौर Jagdish Ramu Rohra, पूर्व विधायक Inderchand Chopra और पुलिस अधीक्षक Suraj Singh Parihar ने हरी झंडी दिखाकर वैन को रवाना किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह हाईटेक मोबाइल यूनिट अब घटनास्थल पर पहुंचकर तुरंत वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने, फिंगरप्रिंट जांच, डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और अन्य तकनीकी जांच कार्य करने में सक्षम होगी। इससे मौके पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक परीक्षण संभव हो सकेगा और जांच प्रक्रिया अधिक मजबूत और पारदर्शी बनेगी। धमतरी पुलिस ने बताया कि गंभीर और संवेदनशील मामलों की वैज्ञानिक तरीके से जांच के चलते वर्ष 2026 में अब तक 6 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दिलाई जा चुकी है। अधिकारियों का मानना है कि नई एफएसएल मोबाइल यूनिट के जुड़ने से विवेचना प्रणाली और अधिक तेज, आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त होगी। रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए एफएसएल मोबाइल यूनिट वैन को रवाना किया गया था। धमतरी जिले के लिए उपलब्ध कराई गई वैन को वैज्ञानिक अधिकारी Amit Kumar Patel धमतरी लेकर पहुंचे। महापौर जगदीश रामू रोहरा ने धमतरी पुलिस की आधुनिक तकनीक आधारित कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि नई सुविधा से अपराध जांच और अधिक प्रभावी होगी और लोगों का पुलिस एवं न्याय व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा। वहीं पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने कहा कि बदलते अपराधों के स्वरूप को देखते हुए वैज्ञानिक और तकनीकी जांच बेहद जरूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि एफएसएल मोबाइल यूनिट से साक्ष्य आधारित जांच मजबूत होगी और दोषसिद्धि दर बढ़ाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिक अधिकारी अमित कुमार पटेल ने वैन में मौजूद आधुनिक उपकरणों और उसकी कार्यप्रणाली की जानकारी जनप्रतिनिधियों, पुलिस अधिकारियों और मीडिया को दी।

धमतरी पुलिस को मिली हाईटेक FSL मोबाइल यूनिट वैन, अब घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच Read Post »

GOVERNMENT, Raipur, State, Top News

धमतरी पुलिस को मिली हाईटेक ताकत, 12 नए डायल-112 ईआरवी वाहन हुए शुरू

छत्तीसगढ़ के Dhamtari जिले में पुलिस की आपातकालीन सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए हाईटेक डायल-112 और ईआरवी (Emergency Response Vehicle) वाहनों की शुरुआत की गई। पुलिस लाइन रूद्री में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक Suraj Singh Parihar, महापौर Ramu Rohra और जिला पंचायत अध्यक्ष Arun Sarwa ने हरी झंडी दिखाकर इन वाहनों को रवाना किया। जिले को कुल 12 नए हाईटेक डायल-112 ईआरवी वाहन मिले हैं, जिन्हें अलग-अलग थाना क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। ये वाहन 24 घंटे सक्रिय रहेंगे और सड़क दुर्घटना, महिला अपराध, मारपीट, विवाद और अन्य आपात स्थितियों में तुरंत पुलिस सहायता उपलब्ध कराएंगे। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने ईआरवी वाहनों की कार्यप्रणाली, रिस्पांस सिस्टम और आपातकालीन हालात में त्वरित कार्रवाई से जुड़ी जानकारी साझा की। बताया गया कि इन वाहनों के जरिए घटनास्थल तक कम समय में पहुंचकर बेहतर पुलिसिंग सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस अधीक्षक Suraj Singh Parihar ने कहा कि डायल-112 सेवा आम लोगों की सुरक्षा और भरोसे का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि हर शिकायत पर संवेदनशीलता और तेजी से कार्रवाई करना पुलिस की प्राथमिकता है। इन आधुनिक वाहनों में GPS ट्रैकिंग, PTZ कैमरा, डैश कैमरा और मोबाइल डेटा टर्मिनल जैसी सुविधाएं दी गई हैं। इससे पुलिस कंट्रोल रूम और फील्ड टीम के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और घटनाओं पर तेजी से प्रतिक्रिया दी जा सकेगी।

धमतरी पुलिस को मिली हाईटेक ताकत, 12 नए डायल-112 ईआरवी वाहन हुए शुरू Read Post »

dhamtari, GOVERNMENT, State, Top News

बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई: 8 महिला समेत 11 तस्कर गिरफ्तार, 104 किलो गांजा जब्त

Bilaspur में पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में बड़ी मात्रा में गांजा जब्त कर 11 तस्करों को गिरफ्तार किया है। कुल मिलाकर 104 किलो से अधिक गांजा पकड़ा गया, जिसकी कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। पहली कार्रवाई में ACCU और सरकंडा थाना पुलिस ने रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी कर 8 महिला तस्करों को गिरफ्तार किया। ये महिलाएं दो इलेक्ट्रिक ऑटो में सवार थीं और ओडिशा से ट्रेन के जरिए कपड़ों की गठरियों के बीच छिपाकर गांजा लेकर आई थीं। पुलिस के अनुसार, सूचना मिलने के बाद सीपत रोड की ओर जा रहे दोनों ऑटो को रोका गया। तलाशी के दौरान 8 बोरियों और कपड़ों के गट्ठरों में छिपाए गए लगभग 90 किलो गांजे के 86 पैकेट बरामद हुए। गिरफ्तार सभी महिलाएं मटियारी गांव की रहने वाली बताई गई हैं। पूछताछ में उन्होंने खुद को मजदूरी के लिए बाहर जाने वाला बताया था, लेकिन जांच में गांजा तस्करी का खुलासा हुआ। पुलिस ने सभी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है। दूसरी कार्रवाई में रेलवे सुरक्षा बल (GRP) ने भी तीन तस्करों को पकड़ा है, जो महाराष्ट्र से ट्रेन के जरिए गांजा लेकर आ रहे थे। तलाशी के दौरान उनके पास से करीब 14.5 किलो गांजा बरामद हुआ। तीनों आरोपियों की पहचान महाराष्ट्र के अमरावती निवासी के रूप में हुई है। उन्हें प्लेटफॉर्म पर निगरानी के दौरान गिरफ्तार किया गया और बाद में न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। पुलिस का मानना है कि दोनों मामलों में अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क सक्रिय है, जिसमें ओडिशा और महाराष्ट्र से गांजे की सप्लाई छत्तीसगढ़ में की जा रही थी। फिलहाल पूरे रैकेट और सप्लायर नेटवर्क की जांच जारी है।

बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई: 8 महिला समेत 11 तस्कर गिरफ्तार, 104 किलो गांजा जब्त Read Post »

Bilaspur, Crime

बीजेपी विधायक धरमलाल कौशिक से मोबाइल लूटने वाला रैपिडो राइडर 8 घंटे में गिरफ्तार, पुलिस कार्रवाई पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

रायपुर में बीजेपी विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक से मोबाइल लूटने वाले आरोपी को पुलिस ने घटना के करीब 8 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। मामले को सुलझाने के लिए पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों समेत क्राइम और साइबर सेल की बड़ी टीम सक्रिय रही। घटना के बाद पुलिस उपायुक्त, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त और 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम जांच में जुट गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। केनाल रोड पर लगे कैमरों में आरोपी के भागने की तस्वीरें सामने आईं, जिसके आधार पर उसकी पहचान की गई। जांच के दौरान पुलिस ने वाहन नंबर के जरिए आरोपी तक पहुंच बनाई और उसे खम्हारडीह थाना क्षेत्र के राजीव नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मणिकांत ध्रुव (19) बताया। वह रैपिडो राइडर के तौर पर काम करता है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी पहले किसी अन्य आपराधिक मामले में शामिल रहा है या नहीं। यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित पीडब्ल्यूडी ब्रिज के पास हुई थी। मामले में त्वरित कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने सवाल उठाए हैं। विकास उपाध्याय ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि का मोबाइल चोरी होने पर पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपी को पकड़ लिया, जबकि आम नागरिकों के मामलों में ऐसी तेजी अक्सर देखने को नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि आम लोगों को मोबाइल चोरी या गुम होने पर सिर्फ शिकायत नंबर और इंतजार ही मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के लोगों को अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाने के लिए समान कार्रवाई की मांग करनी चाहिए। केंद्र सरकार के संचार मंत्रालय और दूरसंचार विभाग के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में अब तक 1,53,374 मोबाइल चोरी या गुम हो चुके हैं। इनमें से 1,09,089 मोबाइल ट्रैक किए जा रहे हैं, जबकि पुलिस अब तक 48,960 मोबाइल बरामद कर चुकी है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों को अब तक उनके मोबाइल वापस नहीं मिले हैं। इधर रायपुर मध्य क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त उमेश प्रसाद गुप्ता ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मॉर्निंग वॉक या सुबह बाहर निकलने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए पेट्रोलिंग बढ़ाई जा रही है, लेकिन लोगों को भी सावधानी बरतनी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

बीजेपी विधायक धरमलाल कौशिक से मोबाइल लूटने वाला रैपिडो राइडर 8 घंटे में गिरफ्तार, पुलिस कार्रवाई पर कांग्रेस ने उठाए सवाल Read Post »

GOVERNMENT, Political, Raipur, State, Top News

अमित शाह ने रायपुर में डायल-112 के 400 नए वाहनों को किया रवाना, अब क्राइम, मेडिकल और फायर इमरजेंसी के लिए एक ही नंबर

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर के माना स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में डायल-112 सेवा के तहत 400 नए हाईटेक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस नई व्यवस्था के जरिए अब अपराध, मेडिकल इमरजेंसी और आगजनी जैसी घटनाओं के लिए लोगों को केवल एक ही नंबर पर सहायता मिलेगी। कार्यक्रम के बाद अमित शाह बस्तर के जगदलपुर रवाना हो गए। वहां पहुंचकर वे सबसे पहले अमर वाटिका में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद वे वीर शहीद गुंडाधुर के गांव नेतानार जाकर जन सुविधा केंद्र का उद्घाटन करेंगे। डायल-112 सेवा को ‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम के साथ शुरू किया गया है। इस सिस्टम में पुलिस, फायर ब्रिगेड और मेडिकल सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। सेवा के लिए शामिल किए गए वाहनों में GPS, डैश कैमरा, PTZ कैमरा, वायरलेस रेडियो और सोलर बैकअप जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। इससे घटनास्थल की लाइव मॉनिटरिंग और तेजी से रिस्पॉन्स संभव हो सकेगा। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि अब तक यह सेवा केवल 16 जिलों तक सीमित थी, लेकिन अब इसे पूरे छत्तीसगढ़ में लागू किया जाएगा। राज्य के सभी थानों को डायल-112 नेटवर्क से जोड़ा जाएगा ताकि आपात स्थिति में लोगों को तेजी से सहायता मिल सके। राज्य सरकार अपराध जांच व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी 33 जिलों में आधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट्स भी शुरू करने जा रही है। इन वाहनों में वैज्ञानिक जांच से जुड़े अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिनकी मदद से घटनास्थल पर ही शुरुआती जांच की जा सकेगी। नेतानार में कार्यक्रम के बाद अमित शाह जगदलपुर लौटेंगे और अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के साथ विकास कार्यों, सुरक्षा अभियानों और जनकल्याण योजनाओं की समीक्षा करेंगे। बादल अकादमी में आयोजित बैठकों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। शाम को वे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे और ‘बस्तर के संग’ नामक लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम में बस्तर की पारंपरिक कला और संस्कृति की प्रस्तुति दी जाएगी। 19 मई को जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित होगी, जिसकी अध्यक्षता अमित शाह करेंगे। बैठक में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। इसमें अंतरराज्यीय समन्वय, क्षेत्रीय विकास, सुरक्षा व्यवस्था और नक्सल प्रभावित इलाकों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर में सुरक्षा कैंपों को अब जन सुविधा केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा और इसकी शुरुआत नेतानार से हो रही है। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने इस दौरे और बैठक को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध है, तब इतनी बड़ी बैठक वर्चुअल तरीके से भी आयोजित की जा सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस आयोजन में अनावश्यक रूप से करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। बैठक के बाद अमित शाह प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसमें सुरक्षा, विकास और परिषद की बैठक से जुड़े अहम फैसलों की जानकारी साझा किए जाने की संभावना है। इसके बाद वे विशेष विमान से दिल्ली रवाना होंगे।

अमित शाह ने रायपुर में डायल-112 के 400 नए वाहनों को किया रवाना, अब क्राइम, मेडिकल और फायर इमरजेंसी के लिए एक ही नंबर Read Post »

BASTAR, Development, GOVERNMENT, Political, State, Top News
Scroll to Top