Chhattisgarh News

बालोद में महिला और युवक की संदिग्ध आत्महत्या: बैंक जाने निकली महिला 45KM दूर युवक संग पेड़ पर लटकी मिली

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शादीशुदा महिला और एक युवक ने कथित तौर पर एक ही फंदे से लटककर अपनी जान दे दी। रविवार सुबह दोनों के शव गांव से करीब 45 किलोमीटर दूर एक खेत में पेड़ पर लटके हुए पाए गए। मृतकों की पहचान संतोषी बाई यादव (40) और थलेश खरांशु (25) के रूप में हुई है। दोनों अर्जुंदा थाना क्षेत्र के ग्राम गब्दी के रहने वाले थे और पड़ोसी थे। बताया जा रहा है कि महिला शनिवार सुबह घर से बैंक जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने देर रात अर्जुंदा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने तलाश शुरू की। रविवार सुबह परसोदा गांव के पास खेत में राहगीरों ने पेड़ पर लटके दो शव देखे और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच के दौरान मोबाइल फोटो के आधार पर दोनों की पहचान कराई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों बस से झलमला पहुंचे और वहां से पैदल खेत तक गए, जहां उन्होंने फांसी लगा ली। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। दोनों मजदूरी का काम करते थे। महिला शादीशुदा थी और उसके बच्चे भी हैं, जबकि युवक अविवाहित था। पुलिस के मुताबिक युवक का महिला के घर आना-जाना था और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की जांच जारी है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।

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रायगढ़ में लापता किशोर की डैम में मिली लाश: बाइक और चप्पल मिलने के बाद चला सर्च ऑपरेशन

रायगढ़ जिले में एक लापता किशोर का शव टीपाखोल डैम में मिला है। पानी में डूबने से उसकी मौत होने की आशंका जताई जा रही है। यह मामला कोतरा रोड थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, तमनार निवासी 17 वर्षीय सार्थक वैष्णव शनिवार सुबह अपने घर से बाइक लेकर निकला था। लेकिन देर रात तक वह घर वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिजनों ने पुलिस में उसकी गुमशुदगी की सूचना दी। रविवार को पुलिस को टीपाखोल डैम के पास उसकी बाइक और चप्पल मिली। आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर पता चला कि बाइक शनिवार दोपहर से वहीं खड़ी थी। इससे पुलिस को शक हुआ कि किशोर डैम में गिर गया होगा। इसके बाद पुलिस ने DDRF (डिजास्टर रेस्क्यू टीम) को बुलाया। गोताखोरों ने डैम में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब आधे से पौन घंटे की तलाश के बाद किशोर का शव पानी में मिला। शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने परिवार को सूचना दे दी है और आगे की जांच जारी है। बताया जा रहा है कि मृतक के पिता दिलीप वैष्णव एक निजी प्लांट में काम करते हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

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रायपुर में ‘स्ट्रेंजर पार्टी’ को लेकर विवाद: सोशल मीडिया पर वायरल इनविटेशन, विरोध में उतरा बजरंग दल

राजधानी रायपुर में 26 अप्रैल को प्रस्तावित ‘स्ट्रेंजर मीटअप पार्टी’ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जानकारी के अनुसार, पंजाब की एक इवेंट कंपनी इस कार्यक्रम का आयोजन करने वाली थी और इसके लिए न्यू राजेंद्र नगर स्थित एक कैफे में बुकिंग की गई थी। हालांकि, जब कैफे संचालक को कार्यक्रम की पूरी जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत बुकिंग रद्द कर दी और आयोजन करने से इनकार कर दिया। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर इस इवेंट का प्रचार जारी है और इनविटेशन पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले को लेकर बजरंग दल ने विरोध जताया है। संगठन के पदाधिकारियों ने इस तरह के आयोजनों पर आपत्ति दर्ज कराते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन इस पर रोक नहीं लगाता है, तो वे विरोध प्रदर्शन करेंगे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में युवाओं को पार्टी करते, डांस करते और एक-दूसरे से मिलते हुए दिखाया जा रहा है। पोस्टर में इस इवेंट को अनजान लोगों के बीच मिलने-जुलने और नेटवर्किंग के तौर पर प्रचारित किया गया था। इसमें एंट्री फीस और अन्य नियमों का भी उल्लेख किया गया था। बताया जा रहा है कि इस तरह की ‘स्ट्रेंजर पार्टी’ में ऐसे लोग शामिल होते हैं जो एक-दूसरे को पहले से नहीं जानते। इन आयोजनों में स्पीड मीटिंग, गेम्स, म्यूजिक और डांस जैसी गतिविधियां शामिल होती हैं। इसमें सिंगल, कपल या ग्रुप एंट्री की व्यवस्था रहती है और अलग-अलग श्रेणियों के लिए फीस तय की जाती है। विरोध के बीच बजरंग दल के स्थानीय पदाधिकारी रवि वाधवानी ने कहा कि इस तरह के आयोजनों के जरिए गलत गतिविधियों को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा और इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। इससे पहले भी रायपुर में संदिग्ध आयोजनों को लेकर पुलिस कार्रवाई कर चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि बिना अनुमति या संदिग्ध गतिविधियों वाले किसी भी कार्यक्रम पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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रायगढ़ में लापरवाही पर ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, संजय मैदान प्रोजेक्ट की निविदा निरस्त

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में विकास कार्य में देरी करने वाले ठेकेदार के खिलाफ नगर निगम ने सख्त कार्रवाई की है। संजय मैदान के निर्माण कार्य को तय समय में पूरा नहीं करने पर निगम आयुक्त ने ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इसके साथ ही उसकी निविदा रद्द करते हुए जमानत राशि भी जब्त कर ली गई है। इस परियोजना में फेंसिंग, गेट निर्माण, पाथवे, नाली, बिजली व्यवस्था, ग्राउंड तैयार करना और बैठने की व्यवस्था जैसे कई काम शामिल थे। इन कार्यों की जिम्मेदारी कान्हा कंस्ट्रक्शन को दी गई थी, जिसकी समय-सीमा करीब पांच महीने तय की गई थी। हालांकि तय अवधि बीतने के बाद भी काम में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। नगर निगम ने 29 सितंबर 2025 को पहला नोटिस जारी किया था, जिसके बाद दूसरा और अंतिम नोटिस भी भेजा गया, लेकिन ठेकेदार की ओर से कोई सुधार नहीं किया गया। स्थिति को देखते हुए निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने कड़ा कदम उठाते हुए अनुबंध को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया। साथ ही नियमों के तहत ठेकेदार की जमानत राशि भी जब्त कर ली गई। इसके अलावा, संबंधित ठेकेदार को एक साल तक किसी भी टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। नगर निगम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शहर के विकास कार्यों में देरी या लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और तय समय में गुणवत्तापूर्ण काम पूरा नहीं करने पर इसी तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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रायगढ़ के जंगल में मिला हाथी के शावक का शव, मौत की वजह स्पष्ट नहीं

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के जंगल में एक हाथी के छोटे शावक का शव मिलने से वन विभाग में हलचल मच गई है। सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए पोस्टमार्टम कराया गया, लेकिन फिलहाल मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। यह मामला लैलूंगा वन परिक्षेत्र का है, जहां बुधवार सुबह हाथी मित्र दल के सदस्य चिल्कागुड़ा और अंडोडेरा क्षेत्र में हाथियों की निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें कक्ष क्रमांक 176 आरएफ में एक शावक मृत अवस्था में मिला। प्रारंभिक जांच में शावक के शरीर पर किसी तरह के बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए। पोस्टमार्टम के बाद भी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका, जिसके चलते नमूनों को जांच के लिए बरेली स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है। बताया जा रहा है कि लैलूंगा क्षेत्र में 13 हाथियों का एक दल घूम रहा है, जिसमें 4 से 5 शावक भी शामिल हैं। मृत शावक की उम्र एक महीने से कम बताई जा रही है और वह इसी दल का हिस्सा था। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती तौर पर किसी संक्रमण की आशंका जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक कारण लैब रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।

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रायगढ़ में वर्दी में नशे में मिला आरक्षक, VIDEO वायरल होने के बाद सस्पेंड

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक पुलिस आरक्षक का नशे की हालत में वर्दी पहनकर बेसुध पड़े होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामला सामने आते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरक्षक को निलंबित कर दिया। जानकारी के अनुसार, धर्मजयगढ़ थाना में पदस्थ आरक्षक दिलेश चंद्रा का वीडियो बुधवार शाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामने आया। वीडियो में वह क्लब ग्राउंड में वर्दी पहने हुए नशे की हालत में पड़ा हुआ दिखाई दे रहा था। किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। मामले की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए। प्रारंभिक जांच में आरक्षक का आचरण उसके पद की गरिमा के विपरीत पाया गया, जिसके चलते उसे तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन के दौरान आरक्षक का मुख्यालय रक्षित केंद्र रायगढ़ तय किया गया है और इस अवधि में उसे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है और वर्दी की गरिमा के खिलाफ किसी भी तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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पीएम मोदी की अध्यक्षता वाली समिति में शामिल हुए विधायक रिकेश सेन, फुले जयंती कार्यक्रमों में निभाएंगे भूमिका

भिलाई के वैशाली नगर से विधायक रिकेश सेन को केंद्र सरकार की एक अहम समिति में शामिल किया गया है। यह उच्च स्तरीय समिति महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर देशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की योजना और संचालन से जुड़ी है। इस समिति की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। संस्कृति मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस समिति में देशभर की 126 प्रमुख हस्तियों को शामिल किया गया है, जिनमें रिकेश सेन को भी सदस्य बनाया गया है। समिति का काम विभिन्न राज्यों में होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करना और उनके बेहतर संचालन के लिए मार्गदर्शन देना है। ये कार्यक्रम 11 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 11 अप्रैल 2028 तक दो साल तक चलेंगे। इनका उद्देश्य महात्मा ज्योतिबा फुले के विचारों को आम लोगों तक पहुंचाना है, खासकर सामाजिक समानता, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाना। सरकार ने इस समिति के गठन को 13 अप्रैल 2026 को आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया है, जिसके बाद से ही देशभर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। रिकेश सेन को इस जिम्मेदारी की जानकारी भारत सरकार के संयुक्त सचिव समर नंदा द्वारा भेजे गए पत्र के माध्यम से दी गई। पत्र में उनके अनुभव और सुझावों को कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है। आने वाले समय में इस समिति की बैठकों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहेगी और वे इन राष्ट्रीय कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाते नजर आएंगे।

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दुर्ग के गांवों में पानी का संकट गहराया, ग्रामीण बोले—शराब सस्ती, पानी महंगा

दुर्ग जिले के कई गांव इन दिनों भीषण जल संकट से जूझ रहे हैं। जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर नगपुरा के पास अंजोरा (ढाबा) गांव में हालात बेहद गंभीर हैं। यहां ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि दूसरी ओर गांव में अवैध शराब की बिक्री खुलेआम जारी है। करीब 3 हजार की आबादी वाले इस गांव में पानी का एकमात्र सहारा एक बोरवेल है, जिसकी क्षमता बेहद कम है। हालात ऐसे हैं कि सुबह 4 बजे से ही पानी भरने के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं, जो देर रात तक जारी रहती हैं। इस समस्या का असर बच्चों की पढ़ाई और लोगों के रोजगार पर भी पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, वहीं गांव में अवैध शराब आसानी से उपलब्ध है। पूर्व सरपंच सुमरन साहू ने बताया कि इस मुद्दे को कई बार प्रशासन के सामने उठाया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि अवैध शराब ने गांव का माहौल बिगाड़ दिया है। पिछले साल कलेक्ट्रेट घेराव के बाद शिवनाथ नदी से पानी लाने के लिए करीब 31 लाख रुपये की योजना बनाई गई थी, लेकिन समय पर काम शुरू नहीं होने से इसका लाभ नहीं मिल सका। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना का पैसा खर्च हो गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। गांव के लोगों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे भूख हड़ताल और आंदोलन करेंगे। साथ ही पाइपलाइन निर्माण में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की जांच की मांग भी की गई है। सिर्फ अंजोरा ही नहीं, बल्कि पाटन क्षेत्र के औरी, उतई थाना इलाके के मुड़पार, मर्रा, चुनकट्टा, अचानकपुर, सेलूद और छाटा जैसे कई गांवों में भी पानी की समस्या बढ़ती जा रही है। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि अवैध शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और ऐसे आरोप निराधार हैं। अधिकारियों के अनुसार, जिले में रोजाना अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। दुर्ग सांसद विजय बघेल ने कहा कि अवैध शराब की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने जल संरक्षण और वाटर हार्वेस्टिंग को जरूरी बताते हुए संबंधित योजनाओं में देरी को लेकर अधिकारियों से चर्चा करने की बात कही

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रायपुर में मॉल पार्किंग पर बड़ा फैसला, उपभोक्ता फोरम ने कहा—शुल्क वसूली अवैध

राजधानी रायपुर के जिला उपभोक्ता आयोग की अतिरिक्त बेंच ने मॉल पार्किंग शुल्क को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। आयोग ने साफ कहा है कि मॉल प्रबंधन ग्राहकों से पार्किंग के नाम पर पैसे नहीं ले सकता और इसे पूरी तरह नि:शुल्क करना होगा। यह मामला सिविल लाइन निवासी अजिनेश शुक्ला से जुड़ा है, जो 15 जून 2025 को अपनी कार से एक मॉल पहुंचे थे। वे केवल अपनी बुजुर्ग मां को छोड़ने गए थे, लेकिन इसके बावजूद उनसे 30 रुपये पार्किंग शुल्क लिया गया। इसे अनुचित व्यापार व्यवहार बताते हुए उन्होंने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुंडू और सदस्य डॉ. आनंद वर्गीस की बेंच ने की। उन्होंने अपने फैसले में कहा कि किसी भी वाणिज्यिक भवन को निर्माण की अनुमति इस शर्त पर दी जाती है कि पार्किंग सुविधा आम जनता के लिए आवश्यक हिस्सा होगी। ऐसे में मॉल या बिल्डर इसके लिए अलग से शुल्क नहीं ले सकते। आयोग ने यह भी कहा कि मॉल का उद्देश्य ग्राहकों को सुविधाएं देना है, जबकि प्रबंधन पहले से ही दुकानों से किराया और मेंटेनेंस शुल्क लेता है। ऐसे में ग्राहकों पर अतिरिक्त पार्किंग शुल्क डालना गलत है। फोरम ने मॉल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग पूरी तरह मुफ्त की जाए। साथ ही शिकायतकर्ता को मानसिक पीड़ा के लिए 50 हजार रुपये मुआवजा और 5 हजार रुपये कानूनी खर्च के रूप में देने का आदेश दिया गया है। यह राशि 45 दिनों के भीतर देनी होगी, अन्यथा 7% वार्षिक ब्याज भी देना पड़ेगा। हालांकि, इस फैसले के बाद भी शहर के कई मॉल में पार्किंग शुल्क वसूली जारी है। जांच के दौरान सामने आया कि कई जगह एंट्री पर पर्ची दी जाती है और बाहर निकलते समय शुल्क लिया जाता है। कुछ स्थानों पर एंट्री के समय ही पैसा वसूला जा रहा है, जिससे लोगों और कर्मचारियों के बीच बहस की स्थिति भी बन रही है।

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रायपुर में पानी संकट पर महापौर सख्त, 2 दिन में व्यवस्था सुधारने का अल्टीमेटम

गर्मी के बढ़ते असर के बीच रायपुर में पानी की किल्लत को लेकर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। महापौर मीनल चौबे ने जल विभाग और जल बोर्ड के अधिकारियों की बैठक लेकर पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि सप्लाई में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गड़बड़ी मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। महापौर ने अधिकारियों को दो दिन के भीतर शहर की पानी सप्लाई व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया है। खासतौर पर तालाबों और अन्य जल स्रोतों के आसपास अधिक संख्या में हाइड्रेंट लगाने पर जोर दिया गया है, ताकि पानी की उपलब्धता बेहतर हो सके। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड में उतरकर वार्डों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। टंकियों वाले क्षेत्रों में जाकर स्थिति का आकलन करने और मौके पर ही समस्याओं का समाधान करने को कहा गया है। महापौर ने यह भी निर्देश दिए कि पानी से जुड़ी शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाए। जोन स्तर की टीमें मिलकर तेजी से काम करें, जिससे नागरिकों को राहत मिल सके। साथ ही, शहरवासियों से भी पानी का समझदारी से उपयोग करने और बर्बादी रोकने की अपील की गई है। बढ़ती गर्मी के कारण पानी की मांग में इजाफा हो रहा है, ऐसे में निगम व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सक्रिय हो गया है।

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