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रायपुर में ज्वैलर्स मैनेजर से 1 करोड़ की लूट, तलवार से हमला कर बदमाश जेवरात लेकर फरार

रायपुर के खरोरा थाना क्षेत्र में सराफा कारोबारी के मैनेजर से करीब 1 करोड़ रुपए की बड़ी लूट की घटना सामने आई है। बाइक सवार बदमाशों ने तलवार से हमला कर सोने-चांदी से भरा बैग छीन लिया और मौके से फरार हो गए। घायल मैनेजर को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, पीड़ित टीकाराम शर्मा ‘महावीर ज्वैलर्स’ में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। ज्वैलर्स की खरोरा इलाके में दो शाखाएं हैं। मंगलवार शाम टीकाराम एक ब्रांच से दूसरे ब्रांच में जेवरात लेकर जा रहे थे। इसी दौरान शाम करीब 7 बजे तिल्दाडीह मोड़ के पास आंधी और बारिश के कारण वे रुक गए। मौसम सामान्य होने पर जैसे ही वे आगे बढ़े, तभी बाइक सवार 2 से 3 बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। आरोपियों ने तलवार से उनके सिर पर वार किया और जेवरात से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने ज्वैलर्स प्रबंधन को सूचना दी। वहीं स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही खरोरा थाना पुलिस, क्राइम ब्रांच और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इलाके में नाकेबंदी कर दी है और संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में यह वारदात सुनियोजित लग रही है, क्योंकि आरोपियों को मैनेजर के रूट और समय की पहले से जानकारी होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले की हर पहलू से जांच जारी है।

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तिल्दा नेवरा में 7 साल की बच्ची से दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार

राजधानी Raipur के तिल्दा नेवरा इलाके से एक बेहद गंभीर और दुखद मामला सामने आया है। यहां एक 7 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना हुई है। इस घटना के बाद इलाके में चिंता और गुस्से का माहौल है। जानकारी के अनुसार, बच्ची अपने परिवार के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने गई थी। यह घटना 29 अप्रैल 2026 की रात की बताई जा रही है। उस समय बच्ची अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। शादी का माहौल था, इसलिए लोग अपने-अपने काम में व्यस्त थे। इसी दौरान पास में रहने वाले एक व्यक्ति ने मौका देखा और बच्ची को अकेले पाकर उसके साथ गलत काम किया। कुछ देर बाद जब बच्ची अपने परिवार के पास पहुंची, तो उसकी हालत देखकर परिजनों को शक हुआ। पूछताछ करने पर घटना का पता चला। परिवार ने बिना देर किए तुरंत थाना तिल्दा नेवरा पहुंचकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने आरोपी की पहचान राजकुमार उर्फ राजा वर्मा (30 वर्ष) के रूप में की। पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को उसके गांव बहेसर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई और फिर उसे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस घटना ने एक बार फिर समाज में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। शादी या किसी भी भीड़-भाड़ वाले कार्यक्रम में छोटे बच्चों पर विशेष ध्यान देना जरूरी होता है। थोड़ी सी लापरवाही भी ऐसे बड़े हादसों का कारण बन सकती है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है। वहीं, स्थानीय लोग आरोपी के खिलाफ सख्त सजा की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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रायपुर में 7 नाबालिग बाल मजदूरों का रेस्क्यू, फैक्ट्रियों में कराया जा रहा था खतरनाक काम; चार संस्थानों पर केस दर्ज

राजधानी रायपुर के औद्योगिक क्षेत्रों में बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और एनजीओ की संयुक्त टीम ने 7 नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया है। ये बच्चे उरला, सिलतरा और खमतराई इलाके की फैक्ट्रियों और प्रतिष्ठानों में काम करने को मजबूर थे। जानकारी के अनुसार, इन बच्चों से भारी मशीनों और खतरनाक रसायनों के बीच मजदूरी कराई जा रही थी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एसोसिएशन फॉर वॉलंट्री एक्शन छत्तीसगढ़ (AVA) और पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। छापे के दौरान उरला क्षेत्र से 3 और खमतराई से 4 नाबालिगों को रेस्क्यू किया गया। ये बच्चे उद्योगों और बेकरी में वेल्डिंग, लोडिंग और पैकिंग जैसे कठिन कार्य कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान जिन संस्थानों पर रेड हुई उनमें सोनी प्लाईवुड इंडस्ट्री, शैमरॉक ओवरशिष प्राइवेट लिमिटेड, इंद्राक्षी पाली प्लास्टर एलएलपी प्लांट और सन लॉजिस्टिक एंड डिस्ट्रीब्यूटर शामिल हैं। पुलिस ने इन कंपनियों के संचालकों और ठेकेदारों के खिलाफ बाल श्रम निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों का मेडिकल परीक्षण कराया गया और बाद में उन्हें बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया गया। फिलहाल बच्चों को सुरक्षित बाल गृह भेजा गया है, जहां उनकी काउंसलिंग की जा रही है और उनके परिवारों से संपर्क करने की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का कहना है कि रायपुर को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। गौरतलब है कि इससे पहले भी खरोरा स्थित एक मशरूम फैक्ट्री से बड़ी संख्या में बाल मजदूरों को मुक्त कराया गया था। उस मामले में 100 से अधिक बच्चों को बचाया गया था, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।

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रायपुर में यूथ कांग्रेस नेता के घर के बाहर खड़ी दो कारों में आग, इलाके में दहशत

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में देर रात आगजनी की सनसनीखेज घटना सामने आई है। यूथ कांग्रेस से जुड़े नेता विनोद कश्यप उर्फ भक्कू के घर के बाहर खड़ी दो कारों को अज्ञात लोगों ने आग के हवाले कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ संदिग्ध युवक देर रात घर के आसपास घूमते देखे गए थे। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने कारों पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाई, जिससे देखते ही देखते दोनों वाहनों में भीषण लपटें उठने लगीं। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक दोनों कारें बुरी तरह जल चुकी थीं। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आग की तेज लपटें और मौके पर जुटी भीड़ दिखाई दे रही है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोगों ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विनोद कश्यप ने इस घटना को सोची-समझी साजिश करार दिया है। उनका आरोप है कि क्षेत्र में असामाजिक तत्व लंबे समय से सक्रिय हैं, लेकिन समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने पुलिस प्रशासन से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

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रायपुर में NEET अभ्यर्थी की आत्महत्या, भांठागांव की अवधपुरी कॉलोनी में घटना

रायपुर। राजधानी के भांठागांव स्थित अवधपुरी कॉलोनी में रविवार को एक नीट अभ्यर्थी ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान रायगढ़ जिले के रहने वाले पुष्पेंद्र पटेल के रूप में हुई है। मामला Raipur के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का है। पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छात्र भांठागांव में किराए के मकान में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रहा था। बताया जा रहा है कि उसने मकान की दूसरी मंजिल से गले में जीआई तार बांधकर छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस, जांच जारी घटना की सूचना मिलते ही पुरानी बस्ती थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव को नीचे उतारकर पंचनामा कार्रवाई की गई और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। कमरे की तलाशी ली गई है और कुछ सामान जब्त किया गया है। परिजनों को दी गई सूचना पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है। आसपास के लोगों और परिचितों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है, हालांकि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्र प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी को लेकर मानसिक दबाव में था। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

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बदमाश “मम्मा” की रंगदारी: पैसे नहीं देने पर मैकेनिक समेत 4 से मारपीट, फतेशाह मार्केट में देर रात हंगामा

रायपुर। राजधानी रायपुर के फतेशाह मार्केट में मंगलवार देर रात रंगदारी को लेकर जमकर बवाल हुआ। कोतवाली थाना क्षेत्र में आने वाले इस बाजार में एक निगरानी बदमाश ने पैसे नहीं देने पर मैकेनिक और अन्य लोगों के साथ मारपीट कर दी। घटना के बाद घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया और देर रात थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। क्या है पूरा मामला? शिकायतकर्ता इमरान खान ने पुलिस को बताया कि वह फतेशाह मार्केट में “न्यू प्रीमियर ऑटो रिपेयरिंग वर्कशॉप” नाम से दुकान संचालित करता है। 18 फरवरी की रात करीब 9:20 बजे वसीम खान उर्फ “मम्मा” नशे की हालत में दुकान पर पहुंचा और शराब खरीदने के लिए 500 से 1000 रुपए की मांग की। इमरान द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर आरोपी ने उसे धक्का दिया और दुकान में काम कर रहे फैजान से भी पैसों की मांग की। फैजान के मना करने पर आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। हथौड़ी से हमला करने की कोशिश मारपीट के दौरान दुकान पर अपनी गाड़ी ठीक कराने आए ग्राहक मोईन से भी आरोपी ने पैसे मांगे। मना करने पर उसने कथित रूप से हथौड़ी उठाकर हमला करने की कोशिश की। मौके पर मौजूद राहगीरों ने बीच-बचाव किया, लेकिन आरोपी ने वहां मौजूद अन्य लोगों—मोहम्मद फैजान खान, मोहम्मद जुबैर और वसीम अहमद—के साथ भी मारपीट की। घायलों को इलाज के लिए मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। थाने में शिकायत, कार्रवाई की मांग घटना के बाद पीड़ित इमरान खान और अन्य लोग देर रात कोतवाली थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पीड़ितों का आरोप है कि विवाद के बाद आरोपी दोबारा पहुंचा और जान से मारने की धमकी दी। कोतवाली पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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रायपुर में सेप्टिक टैंक के खुले गड्ढे में गिरने से 5 साल की बच्ची की मौत

मकान मालिक पर FIR, 2025 में ऐसे हादसों में 3 बच्चों की जा चुकी है जान रायपुर में एक दर्दनाक हादसे में 5 साल की बच्ची की जान चली गई। बाथरूम में खोदे गए सेप्टिक टैंक के खुले गड्ढे में गिरने से बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और उसे बाहर निकालकर निजी अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामला मोवा थाना क्षेत्र का है। मृत बच्ची की पहचान रिया महिलांग के रूप में हुई है। वह महासमुंद जिले के पटेवा गांव की रहने वाली थी और अपनी मौसी की गोदभराई कार्यक्रम में माता-पिता के साथ रायपुर आई थी। हादसे के वक्त वह टॉयलेट गई थी, जहां यह दुर्घटना हो गई। कैसे हुआ हादसा शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे रिया टॉयलेट गई थी। उस समय उसकी नानी भी पास में मौजूद थी, लेकिन पानी लाने के लिए बाहर चली गई। इसी दौरान बच्ची बाथरूम में पहुंची, जहां सेप्टिक टैंक के लिए खोदा गया गड्ढा बोरी से ढंका हुआ था। बच्ची का पैर बोरी में फंस गया और वह सीधे गड्ढे में गिर गई। आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद बच्ची को बाहर निकाला गया और तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। लापरवाही का आरोप, मकान मालिक पर केस पुलिस के अनुसार, मकान मालिक जीवनलाल कुर्रे ने किराएदारों की शिकायत पर चार दिन पहले बाथरूम में टॉयलेट का गंदा पानी निकालने के लिए गड्ढा खुदवाया था। इसके बाद गड्ढे को सुरक्षित रूप से बंद करने के बजाय केवल एक बोरी से ढक दिया गया था। बाथरूम में दरवाजा भी नहीं था, जिससे जगह खुली हुई थी। परिजनों की शिकायत पर मकान मालिक के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। मौके पर जांच के दौरान यह भी सामने आया कि बाथरूम के बाहर एक और गड्ढा खोदा गया था, जिसे बिना ढके छोड़ दिया गया था। 2025 में ऐसे हादसों में 3 बच्चों की मौत रायपुर में खुले गड्ढों की वजह से बच्चों की जान जाने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। प्रशासन और सुरक्षा पर सवाल लगातार हो रही इन घटनाओं ने खुले गड्ढों और निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग दोषियों पर सख्त कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए कड़े नियमों की मांग कर रहे हैं।

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मौसम बदलते ही बीमारियां बढ़ीं: रायपुर में रोज 600 से ज्यादा वायरल और सर्दी-खांसी के मरीज, डॉक्टरों की चेतावनी

रायपुर।मौसम में अचानक आए बदलाव का सीधा असर अब लोगों की सेहत पर दिखने लगा है। राजधानी रायपुर के सरकारी और निजी अस्पतालों में पिछले कुछ दिनों से वायरल फीवर, सर्दी और खांसी के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। हालात यह हैं कि शहर में हर दिन 600 से अधिक मरीज वायरल जैसे लक्षणों के साथ इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार कई मरीजों में बीमारी ठीक होने के बाद 2–3 दिन के भीतर दोबारा बुखार लौट रहा है, जो सामान्य वायरल से अलग संकेत माना जा रहा है। 🏥 चार दिनों में अस्पतालों पर बढ़ा दबाव पिछले चार दिनों के आंकड़ों के मुताबिक, रायपुर के अलग-अलग अस्पतालों में रोज औसतन इतने मरीज पहुंच रहे हैं: अस्पतालों में ओपीडी का लोड लगातार बढ़ रहा है। 🔁 ठीक होने के बाद फिर लौट रहा बुखार डॉक्टरों का कहना है कि इस बार वायरल का पैटर्न अलग नजर आ रहा है।अधिकतर मामलों में: इस वजह से मरीज लंबे समय तक थकान और चक्कर की शिकायत कर रहे हैं। ⚠️ 3 दिन बाद दोबारा बुखार आए तो तुरंत डॉक्टर से मिलें डॉक्टरों की सलाह है कि यदि तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और जरूरी जांच कराएं। 💊 बिना जांच दवा लेना हो सकता है खतरनाक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बताया किमौसम में उतार-चढ़ाव, बढ़ता प्रदूषण और कमजोर इम्यूनिटी के कारण वायरल और बुखार के मामलों में तेजी आई है। उन्होंने कहा कि कई मरीजों में डेंगू और मलेरिया जैसे लक्षण भी देखे जा रहे हैं।ऐसे में बिना ब्लड जांच, प्लेटलेट काउंट और अन्य जरूरी टेस्ट कराए दवा लेना नुकसानदायक हो सकता है। 🦠 ऐसे पहचानें नया वायरल फीवर ✅ बचाव के जरूरी उपाय डॉक्टरों का कहना है कि लापरवाही इस वायरल को गंभीर और लंबा बना सकती है, इसलिए शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

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रायपुर में मिलावटी पनीर पर बड़ी कार्रवाई: 1700 किलो पनीर जब्त, सैंपल जांच के लिए भेजे गए

रायपुर।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मिलावटी और अस्वास्थ्यकर पनीर के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने भाठागांव क्षेत्र से 1700 किलो लूज पनीर जब्त किया है, जो खुले और गंदे हालात में रखा गया था। जब्त पनीर की अनुमानित कीमत करीब 4.76 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक दीपक कुमार अग्रवाल (आईएएस) के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। 🧪 अस्वच्छ हालत में हो रहा था पनीर का निर्माण 7 जनवरी 2026 कोफूड विभाग के अधिकारी विनोद कुमार गुप्ता के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम नेभाठागांव स्थित मेसर्स के.एल.पी. डेयरी एवं मिल्क प्रोडक्ट का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि टीम ने मौके से भारी मात्रा में पनीर जब्त कर लिया और उसके नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। साथ ही संबंधित फर्म को सुधार नोटिस भी जारी किया गया है। 📊 2025 में 9700 किलो नकली पनीर और खोवा हुआ था जब्त खाद्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार,जनवरी 2025 से अब तक अमानक पाए जाने पर इन सभी खाद्य पदार्थों को नष्ट कराया गया।अब तक इस मामले में 10 प्रकरण न्यायालय में पेश किए जा चुके हैं, जिन पर सुनवाई जारी है। 📞 जनता से अपील, जारी रहेगी सख्ती खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है किअगर कहीं भी मिलावटी या संदिग्ध खाद्य पदार्थ बिकने की जानकारी मिले,तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 9340597097 पर शिकायत दर्ज कराएं। अधिकारियों ने साफ किया है कि पर आगे भी लगातार और सख्त कार्रवाई की जाती रहेगी।

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नान घोटाला: रिटायर्ड IAS आलोक शुक्ला कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे, सुप्रीम कोर्ट का आदेश न होने पर लौटे

छत्तीसगढ़ के चर्चित नान (नागरिक आपूर्ति निगम) घोटाले में रिटायर्ड IAS अफसर आलोक शुक्ला शुक्रवार को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में आत्मसमर्पण करने पहुंचे। लेकिन कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के लिखित आदेश के बिना सरेंडर स्वीकार करने से इंकार कर दिया। इसके बाद आलोक शुक्ला अदालत से वापस लौट गए। कोर्ट ने क्या कहा बचाव पक्ष के वकील फैज़ल रिज़वी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आलोक शुक्ला सरेंडर करने पहुंचे थे, लेकिन जज ने कहा कि फिलहाल आदेश अपलोड नहीं हुआ है। जब आदेश की कॉपी आ जाएगी तभी सरेंडर स्वीकार होगा।सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि आलोक शुक्ला को दो हफ्ते ED (प्रवर्तन निदेशालय) की कस्टडी और दो हफ्ते न्यायिक हिरासत में रहना होगा। सुप्रीम कोर्ट का फैसला नान घोटाले में हाईकोर्ट ने आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा को पहले अग्रिम जमानत दे दी थी, लेकिन ED ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।जस्टिस सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने ED की दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट का फैसला रद्द कर दिया। कोर्ट ने ED और EOW को तय समयसीमा में जांच पूरी करने के निर्देश दिए — ED को तीन महीने और EOW को दो महीने। क्या है नान घोटाला फरवरी 2015 में ACB/EOW ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को संभालने वाले नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) के 25 ठिकानों पर एक साथ छापे मारे थे।इन छापों में 3.64 करोड़ रुपये नकद मिले थे और चावल-नमक समेत कई नमूनों की गुणवत्ता जांच में घटिया पाए गए। EOW की FIR के मुताबिक, डॉ. आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा ने तत्कालीन महाधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा के साथ मिलकर अपनी स्थिति का दुरुपयोग किया। आरोप है कि उन्होंने सरकारी कागजों और प्रक्रियात्मक दस्तावेज़ों में हेरफेर कर अपने पक्ष में जवाब तैयार करवाए ताकि अदालत में उन्हें अग्रिम जमानत मिल सके। किन धाराओं में मामला दर्ज EOW ने डॉ. आलोक शुक्ला, अनिल टुटेजा, सतीश चंद्र वर्मा और अन्य पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धाराओं 7, 7(क), 8, 13(2) और IPC की धाराएं 182, 211, 193, 195-A, 166-A और 120-B के तहत केस दर्ज किया है।

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