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RTE एडमिशन पर हाईकोर्ट सख्त: 400 स्कूलों में एक भी आवेदन नहीं, सरकार से मांगा जवाब

Chhattisgarh High Court ने प्रदेश में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत पहली कक्षा में एडमिशन की स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने उस रिपोर्ट पर हैरानी जताई, जिसमें बताया गया कि राज्य के करीब 400 स्कूलों में RTE के तहत एक भी आवेदन नहीं आया। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने शपथ पत्र पेश कर बताया कि 387 स्कूल ऐसे हैं जहां एडमिशन के लिए किसी भी अभिभावक ने आवेदन नहीं किया। वहीं 366 स्कूलों में सीटों के मुकाबले बेहद कम आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें कई बड़े और प्रतिष्ठित स्कूल भी शामिल बताए गए हैं। इस पर हाईकोर्ट ने सवाल उठाया कि क्या गरीब बच्चे बड़े स्कूलों में पढ़ना नहीं चाहते, या फिर कहीं सरकार वास्तविक स्थिति छिपाने की कोशिश तो नहीं कर रही। कोर्ट ने राज्य शासन को पूरी जानकारी शपथ पत्र के साथ पेश करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश Ramesh Sinha की डिवीजन बेंच ने कहा कि RTE के तहत स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित हैं। ऐसे में यदि किसी स्कूल में सिर्फ एक-दो बच्चों के एडमिशन की जानकारी दी जा रही है, तो यह गंभीर सवाल खड़े करता है। कोर्ट ने शिक्षा विभाग से पूछा कि जब नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, तब गरीब बच्चों के दाखिले में देरी क्यों हो रही है। अदालत ने यह भी कहा कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण हजारों बच्चों का भविष्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूलों में RTE के तहत आवंटित सीटों और हुए एडमिशन की जानकारी ऑनलाइन सार्वजनिक की जाए। साथ ही शिक्षा सचिव को 10 जुलाई तक विस्तृत शपथ पत्र के साथ जवाब दाखिल करने को कहा गया है।

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बुलेट सवार बदमाशों का आतंक: एक से लूट, दूसरे पर रॉड से हमला; बिलासपुर में 2 आरोपी गिरफ्तार

Bilaspur के ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में लूट और मारपीट की दो वारदातों को अंजाम देने वाले बुलेट सवार तीन आरोपियों में से दो को Chhattisgarh Police ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले में एक आरोपी अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों में सिरगिट्टी के नयापारा वार्ड निवासी Rahul Sahu (25) और एक नाबालिग शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के पास से बुलेट बाइक, मोबाइल फोन और 3700 रुपए नकद जब्त किए हैं। पहली घटना 29 अप्रैल की रात की बताई जा रही है। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित साहू ढाबा के पास ड्राइवर Sonu Bajra खाना खाने के बाद अपने ट्रक की ओर लौट रहा था। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की बुलेट पर पहुंचे तीन युवकों ने उस पर हमला कर मोबाइल फोन और 5 हजार रुपए लूट लिए और मौके से फरार हो गए। इसके चार दिन बाद 4 मई को उसी इलाके में दूसरी वारदात हुई। आरोप है कि वही तीन आरोपी फिर बुलेट पर पहुंचे और Gulshan Sahu पर लोहे की रॉड और बाइक की चाबी से हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। दोनों मामलों में चकरभाठा थाने में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थीं। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। बाद में पुलिस ने दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की। दोनोंआरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि फरार आरोपी की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

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बिलासपुर के पचपेड़ी इलाके में दिखा भालू, VIDEO वायरल: ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग अलर्ट

Bilaspur जिले के पचपेड़ी परिक्षेत्र में भालू दिखाई देने से ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया है। शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे पचपेड़ी और ध्रुवाकारी गांव के बीच नहर किनारे घूम रहे लोगों ने अचानक जंगली भालू को देखा, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने सतर्कता दिखाते हुए भालू को आबादी वाले क्षेत्र की ओर आने से रोकने की कोशिश की। इसके बाद भालू केवंतरा और सुकुलकारी गांव की तरफ बढ़ते हुए भरारी जंगल की दिशा में चला गया। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इलाके में लगातार निगरानी की जा रही है। डिप्टी रेंजर Baghel ने बताया कि भालू की लोकेशन ट्रैक करने के लिए टीम जंगल और आसपास के क्षेत्रों में सर्च अभियान चला रही है। भालू के मिलने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर उसे सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। खेतों में काम करने वाले किसानों और सुबह-शाम बाहर निकलने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। विभाग ने साफ कहा है कि किसी भी स्थिति में भालू के पास जाने या उसे उकसाने की कोशिश न करें और तुरंत वन अमले को सूचना दें।

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छत्तीसगढ़ में जमीन रिकॉर्ड पूरी तरह डिजिटल: रजिस्ट्री के साथ ही शुरू होगा नामांतरण, हर बदलाव पर मिलेगा SMS अलर्ट

Chhattisgarh में जमीन संबंधी व्यवस्थाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य गठन के बाद पहली बार जमीन के लगभग सभी रिकॉर्ड ऑनलाइन कर दिए गए हैं। 5 मई तक रायपुर समेत पूरे प्रदेश के गांवों के 5.87 करोड़ से अधिक खसरा रिकॉर्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए जा चुके हैं। राज्य सरकार ने अब जमीन की रजिस्ट्री और नामांतरण प्रक्रिया को भी ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ दिया है। नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री होते ही नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाएगी। इससे लोगों को तहसील और पटवारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार ने रजिस्ट्री में दर्ज मोबाइल नंबर को जमीन रिकॉर्ड से लिंक किया है। ऐसे में रिकॉर्ड में किसी भी तरह की छेड़छाड़, बदलाव या संदिग्ध गतिविधि होने पर जमीन मालिक और संबंधित अधिकारियों को तुरंत एसएमएस अलर्ट मिलेगा। इससे फर्जीवाड़े और अवैध फेरबदल पर रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है। राजस्व विभाग के अनुसार प्रदेश के 20 हजार से ज्यादा गांवों का भूमि डेटा ऑनलाइन किया जा चुका है। 20,286 गांवों के खसरा रिकॉर्ड और 19,694 गांवों के नक्शों को स्कैन कर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया है। वहीं प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत 18,959 गांवों के नक्शों की जियोरेफरेंसिंग भी पूरी कर ली गई है। नई तकनीक की मदद से जमीन का लोकेशन, सीमांकन और रिकॉर्ड ऑनलाइन देखा जा सकेगा। इसके अलावा राज्य के सभी 105 उप-पंजीयक कार्यालयों को तहसील कार्यालयों से ऑनलाइन जोड़ा गया है, जिससे जमीन से जुड़े मामलों का निपटारा तेज होगा। राज्य सरकार का दावा है कि अब लोग मोबाइल एप और ऑनलाइन पोर्टल के जरिए घर बैठे खसरा, बी-1 और अन्य दस्तावेज डाउनलोड कर सकेंगे। साथ ही जमीन पर बैंक लोन या गिरवी जैसी जानकारी भी पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी, जिससे खरीदी-बिक्री में पारदर्शिता बढ़ेगी। राजस्व मंत्री Tank Ram Verma ने कहा कि डिजिटल इंडिया भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी और पेपरलेस बनाया जा रहा है, ताकि लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

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बिलासपुर में फैक्ट्री हादसा: 25 फीट ऊंचाई से गिरने पर मजदूर की मौत, सुरक्षा लापरवाही के आरोप

Bilaspur जिले के सीपत थाना क्षेत्र में एक बोरा फैक्ट्री में काम के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। प्लांट में सफाई करते समय एक मजदूर करीब 25 फीट ऊंचाई से नीचे गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। जानकारी के मुताबिक ग्राम जांजी निवासी Laxmi Prasad Dheewar (45) सोमवार सुबह रोज की तरह फैक्ट्री में काम करने पहुंचे थे। दोपहर करीब 3 बजे वे प्लांट के ऊपरी हिस्से में सफाई का काम कर रहे थे। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वे ऊंचाई से नीचे गिर पड़े। बताया जा रहा है कि मजदूर को काम के दौरान हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट या अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल मजदूर को इलाज के लिए Shri Ram Care Hospital ले जाया गया, जहां देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका कहना है कि फैक्ट्री में पहले भी हादसे हो चुके हैं, लेकिन सुरक्षा को लेकर कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि मजदूरों से लंबे समय तक काम कराया जाता है और श्रम कानूनों का भी ठीक से पालन नहीं होता। परिवार ने मृतक के लिए उचित मुआवजा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं Chhattisgarh Police ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही है।

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बिलासपुर में शराब की किल्लत के बीच ब्लैक मार्केटिंग: 80 रुपए की देसी शराब 200 में बेचने का VIDEO वायरल

Bilaspur में सरकारी शराब दुकानों में स्टॉक की कमी के बीच अवैध शराब बिक्री का मामला सामने आया है। कोटा शराब दुकान के बाहर खुलेआम ब्लैक में शराब बेचने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में 80 रुपए की देसी शराब 200 रुपए में बेचे जाने का दावा किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक प्रदेशभर की शराब दुकानों में सप्लाई प्रभावित होने के कारण कई जगहों पर शराब की भारी कमी बनी हुई है। बताया जा रहा है कि 1 अप्रैल से शराब की पैकेजिंग पीईटी प्लास्टिक बोतलों में करने के आदेश के बाद डिस्टलरियों को पर्याप्त मात्रा में बोतलें नहीं मिल पा रही हैं, जिससे उत्पादन और वितरण प्रभावित हुआ है। सूत्रों के अनुसार, राज्य की करीब 800 शराब दुकानों को उनकी मांग के मुकाबले काफी कम स्टॉक मिल रहा है। हालात ऐसे हैं कि जो शराब दुकानों तक पहुंच रही है, वह कुछ ही घंटों में खत्म हो जा रही है। इसका असर देसी और अंग्रेजी दोनों तरह की शराब पर देखा जा रहा है। वहीं बीयर की मांग में भी तेजी आई है। बताया जा रहा है कि बिलासपुर जिले की 42 शराब दुकानों में रोज करीब 4500 पेटी शराब की मांग रहती है, लेकिन फिलहाल केवल 1000 से 1500 पेटी तक ही सप्लाई हो पा रही है। इसी वजह से कई दुकानों के बाहर शराब लेने वालों की भीड़ बढ़ रही है और ब्लैक मार्केटिंग को बढ़ावा मिल रहा है। Kota स्थित शराब दुकान के बाहर चखना सेंटर के जरिए अवैध बिक्री किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि कुछ लोग दुकान से शराब लेकर बाहर अधिक कीमत पर बेच रहे हैं। शराब खरीदने वालों का कहना है कि यह सब आबकारी विभाग की मिलीभगत से हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए झूनझाट इलाके में दबिश दी। इस दौरान Rohan Sahu नामक युवक के पास से 16 पाव देसी शराब जब्त की गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक दूसरे युवक के पास से शराब नहीं मिलने पर उसे छोड़ दिया गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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IAS संबित मिश्रा होंगे रायपुर नगर निगम के नए आयुक्त, सोमवार से संभालेंगे जिम्मेदारी

राजधानी रायपुर नगर निगम को नया आयुक्त मिल गया है। 2018 बैच के आईएएस अधिकारी Sambit Mishra अब नगर निगम आयुक्त की जिम्मेदारी संभालेंगे। वे सोमवार को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करेंगे। प्रशासनिक हलकों में उनकी छवि सक्रिय और तकनीक आधारित कार्यशैली अपनाने वाले अधिकारी की रही है। ओडिशा के भुवनेश्वर निवासी संबित मिश्रा ने यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया 51वीं रैंक हासिल की थी। उन्होंने Indian Institute of Technology Kanpur से इंजीनियरिंग और Jawaharlal Nehru University से पब्लिक मैनेजमेंट में मास्टर्स किया है। अपने प्रशासनिक करियर में उन्होंने नगरीय प्रशासन, पंचायत और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे Raigarh नगर निगम आयुक्त, Jashpur जिला पंचायत CEO और Korba जिला पंचायत CEO जैसे पदों पर कार्य कर चुके हैं। Bijapur कलेक्टर रहते हुए उनकी कार्यशैली काफी चर्चा में रही। नक्सल प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों से सीधे संवाद करना और मौके पर समस्याओं का समाधान निकालना उनकी पहचान बना। दूरस्थ गांवों तक पैदल पहुंचकर निरीक्षण करने की उनकी तस्वीरें भी काफी वायरल हुई थीं। अब रायपुर नगर निगम में उनके सामने सफाई व्यवस्था, जलभराव, ट्रैफिक प्रबंधन, अवैध निर्माण, अतिक्रमण और टैक्स वसूली जैसी चुनौतियां रहेंगी। साथ ही स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की निगरानी और जमीनी स्तर पर काम की गति बढ़ाना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल माना जा रहा है।

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आईपीएल का रोमांच रायपुर में: रो-को संग स्टेडियम में जुटेंगे सितारे, अनुष्का और अंबानी परिवार पर भी नजर

नवा रायपुर स्थित Shaheed Veer Narayan Singh International Cricket Stadium आईपीएल मुकाबलों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। करीब 10 साल बाद राजधानी रायपुर को आईपीएल मैचों की मेजबानी मिलने जा रही है, जिससे क्रिकेट फैंस में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। 10 मई को Royal Challengers Bengaluru और Mumbai Indians के बीच होने वाले मुकाबले को लेकर खासा क्रेज बना हुआ है। फैंस की नजरें “रो-को” यानी Virat Kohli और Rohit Sharma पर टिकी हैं। मैच के दौरान मैदान के बाहर भी ग्लैमर का तड़का देखने को मिल सकता है। चर्चा है कि Anushka Sharma और Ritika Sajdeh अपनी-अपनी टीमों को सपोर्ट करने स्टेडियम पहुंच सकती हैं। वहीं फ्रेंचाइजी से जुड़े Ananya Birla और Ambani Family की मौजूदगी को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। इसके अलावा बॉलीवुड की कई नामी हस्तियों के रायपुर आने की संभावना जताई जा रही है। स्टेडियम में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। टिकट फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बारकोड स्कैनिंग और आधुनिक जांच मशीनों का इस्तेमाल होगा। मैच के दौरान किसी तरह की तकनीकी समस्या न हो, इसके लिए लाइटिंग और अन्य व्यवस्थाओं की पहले ही टेस्टिंग और रिहर्सल की जा चुकी है। सूत्रों के मुताबिक Mumbai Indians के खिलाड़ी शुक्रवार शाम को स्टेडियम में अभ्यास करेंगे, जबकि Royal Challengers Bengaluru की टीम भी दोपहर तक रायपुर पहुंच सकती है। इस बीच Suryakumar Yadav द्वारा सोशल मीडिया पर बेटी होने की जानकारी साझा करने के बाद उनके मैच में शामिल होने को लेकर भी चर्चा बनी हुई है। 13 मई को Kolkata Knight Riders और बेंगलुरु के बीच मुकाबला खेला जाएगा। ऐसे में Shah Rukh Khan के रायपुर आने की अटकलें भी तेज हो गई हैं। साथ ही Juhi Chawla के भी स्टेडियम पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। टिकट बिक्री को लेकर भी रिकॉर्ड उत्साह देखने को मिला है। आयोजकों के अनुसार स्टेडियम की करीब 70 प्रतिशत टिकटें बिक चुकी हैं और 600 से ज्यादा टिकटें विदेशी दर्शकों ने खरीदी हैं। रायपुर में इतनी तेज़ी से टिकट बुकिंग होना अपने आप में बड़ी बात मानी जा रही है।

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छात्र संघ चुनाव की मांग पर NSUI का प्रदर्शन: देवेंद्र यादव बोले- जेल जाओगे तो सांसद-विधायक बनोगे

छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर गुरुवार को NSUI कार्यकर्ताओं ने रायपुर में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं ने महिला थाना चौक के पास एकत्र होकर प्रदर्शन किया और फिर सीएम हाउस की ओर मार्च निकाला। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने मुख्यमंत्री निवास के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। इलाके में चार स्तर की बैरिकेडिंग लगाई गई थी। प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस पर डंडे फेंकने का भी आरोप लगाया गया। कांग्रेस और NSUI नेताओं ने राज्य सरकार पर छात्र संघ चुनाव कराने से बचने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि सरकार को डर है कि छात्र संगठन चुनाव में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार बड़ी जीत दर्ज करेंगे। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष Vinod Jakhar ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी सामान्य परिवारों से आने वाले युवाओं को भी राजनीति में आगे बढ़ने का अवसर देती है। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता मजदूरी करते हैं, लेकिन संगठन ने उन्हें लगातार जिम्मेदारियां दीं और आज राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। उन्होंने युवाओं से राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने और सत्ता को चुनौती देने का आह्वान किया। वहीं कांग्रेस विधायक Devendra Yadav ने कार्यकर्ताओं को संघर्ष के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आंदोलन और जेल यात्रा राजनीति का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग संघर्ष करेंगे, भविष्य में वही विधायक और सांसद बनेंगे।

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ताड़मेटला नरसंहार पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: 16 साल बाद भी 76 जवानों के हत्यारों का दोष साबित नहीं

साल 2010 में छत्तीसगढ़ के ताड़मेटला में हुए भीषण नक्सली हमले को देश के सबसे बड़े CRPF नरसंहारों में गिना जाता है। इस हमले में 75 सीआरपीएफ जवानों और एक राज्य पुलिसकर्मी ने शहादत दी थी। लेकिन घटना के 16 साल बाद भी किसी आरोपी के खिलाफ अपराध साबित नहीं हो सका। अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भी ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए बरी करने के फैसले को बरकरार रखा है। मुख्य न्यायाधीश Ramesh Sinha और न्यायमूर्ति Ravindra Kumar Agrawal की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार की अपील खारिज करते हुए कहा कि जांच एजेंसियां हमले में शामिल वास्तविक आरोपियों की पहचान तक कानूनी रूप से साबित नहीं कर सकीं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इतने बड़े हमले के बावजूद जांच और अभियोजन पक्ष अदालत के सामने ऐसे विश्वसनीय और स्वीकार्य साक्ष्य पेश नहीं कर पाए, जिनके आधार पर आरोपियों को दोषी ठहराया जा सके। अदालत ने इसे बेहद पीड़ादायक और चिंताजनक स्थिति बताया। हमले के बाद पुलिस ने जांच करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों पर हत्या, आपराधिक साजिश, दंगा, डकैती, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष का दावा था कि आरोपी नक्सली संगठन से जुड़े हुए थे और हमले में उनकी भूमिका थी। हालांकि दंतेवाड़ा की सत्र अदालत ने 7 जनवरी 2013 को सभी आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। अदालत ने कहा था कि अभियोजन पक्ष आरोप संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। बाद में राज्य सरकार ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन हाईकोर्ट ने भी ट्रायल कोर्ट के निर्णय को सही माना। ताड़मेटला हमले का मास्टरमाइंड कुख्यात नक्सली कमांडर Madvi Hidma को माना जाता था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार बस्तर क्षेत्र में हुए कई बड़े नक्सली हमलों के पीछे उसका नाम सामने आता रहा। बाद में नवंबर 2025 में आंध्र प्रदेश के मारेडूमिल्ली जंगलों में एक ऑपरेशन के दौरान हिड़मा के मारे जाने का दावा किया गया था।

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