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B.Com-LLB रिजल्ट में गड़बड़ी पर बवाल, 25.86% रिजल्ट के बाद छात्रों का प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में बीकॉम-एलएलबी के परीक्षा परिणाम को लेकर छात्रों में भारी नाराजगी देखने को मिली। रिजल्ट में कथित गड़बड़ियों के विरोध में छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में जमकर प्रदर्शन किया और रजिस्ट्रार कार्यालय का घेराव किया। छात्रों का आरोप है कि कई ऐसे अभ्यर्थियों को अनुपस्थित (एब्सेंट) दिखा दिया गया है, जिन्होंने परीक्षा में भाग लिया था। वहीं कुछ छात्रों को शून्य अंक दिए गए हैं, जिससे परिणाम पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी के चलते लॉ के छात्रों ने एनएसयूआई के साथ मिलकर करीब तीन घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच बिना किसी शुल्क के कराई जाए। उनका कहना है कि गलती विश्वविद्यालय की है, इसलिए छात्रों से री-इवैल्यूएशन फीस लेना उचित नहीं है। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। विश्वविद्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, बीकॉम-एलएलबी प्रथम सेमेस्टर का परिणाम मात्र 25.86 प्रतिशत रहा, जो काफी निराशाजनक है। वहीं एलएलएम प्रथम सेमेस्टर का परिणाम 50.35 प्रतिशत दर्ज किया गया। बीए-एलएलबी प्रथम सेमेस्टर का परिणाम 47.87 प्रतिशत रहा, जबकि तीसरे और नौवें सेमेस्टर में क्रमशः 78.57 प्रतिशत और 84.34 प्रतिशत छात्र पास हुए। इसके अलावा एलएलबी पार्ट थ्री (पुराना कोर्स) का रिजल्ट 44.12 प्रतिशत रहा। नए कोर्स में बीकॉम-एलएलबी प्रथम सेमेस्टर का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा, जबकि अन्य सेमेस्टर में अपेक्षाकृत बेहतर परिणाम देखने को मिले। मामले पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. तारणीश गौतम ने कहा कि छात्रों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन छात्रों को अपने परिणाम पर आपत्ति है, वे अपने कॉलेज के माध्यम से आवेदन करें। इसके लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है और सात दिनों के भीतर उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच कर परिणाम जारी कर दिया जाएगा।

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प्रोटोकॉल पर भड़कीं BJP नेत्री, पुलिस से बहस का VIDEO वायरल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दौरे के दौरान एक विवाद सामने आया है। बीजेपी नेत्री गौरी गुप्ता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह पुलिसकर्मियों से बहस करती नजर आ रही हैं। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के सर्किट हाउस पहुंचने के दौरान वहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। इसी दौरान गौरी गुप्ता भी सर्किट हाउस के अंदर जाने के लिए पहुंचीं, लेकिन ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए उन्हें रोक दिया। इस पर भाजपा नेत्री नाराज हो गईं और पुलिसकर्मियों से तीखी बहस करने लगीं। उन्होंने कहा कि उन्हें एसपी से बात कराई जाए और यह भी कहा कि एसपी कभी उन्हें नहीं रोकते। उन्होंने पुलिस पर प्रोटोकॉल की जानकारी न होने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री उनके ही हैं। बताया जा रहा है कि यह घटना रविवार रात की है। बहस के दौरान मौके पर काफी देर तक हंगामे जैसी स्थिति बनी रही। बाद में एक भाजपा नेता के हस्तक्षेप के बाद गौरी गुप्ता को अंदर जाने की अनुमति दे दी गई। इस पूरी घटना का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। वीडियो में पुलिस और नेत्री के बीच हुई बहस साफ देखी जा सकती है। फिलहाल इस मामले में प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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4 करोड़ की संपत्ति के लिए भाई की हत्या, रिटायर्ड अधिकारी का गला घोंटकर शव जंगल में दफन

छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में संपत्ति विवाद ने एक खौफनाक मोड़ ले लिया, जहां छोटे भाई ने अपने ही बड़े भाई की सुपारी देकर हत्या करवा दी। मृतक दामोदर सिंह (62) शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी थे और उनके पास करोड़ों की संपत्ति व सोना था, जिसे हड़पने के लिए यह साजिश रची गई। जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने गांव के एक युवक को हत्या के लिए 10 लाख रुपये और 50 डिसमिल जमीन देने का वादा किया था। इसके एवज में करीब साढ़े चार लाख रुपये एडवांस भी दिए गए थे। इस वारदात में कुल 15 लोगों की संलिप्तता सामने आई है, जिनमें एक पूर्व कांग्रेस नेता, परिवार के सदस्य और चार नाबालिग शामिल हैं। घटना 21 मार्च की है, जब दामोदर सिंह को धार्मिक कार्यक्रम के बहाने बुलाया गया। रास्ते में सुनसान स्थान पर उनकी गाड़ी रोककर गमछे से गला दबाकर हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को लगभग 60 किलोमीटर दूर जंगल ले जाकर रेत में दफना दिया गया और मोबाइल फोन को नदी में फेंककर सबूत मिटाने की कोशिश की गई। करीब आठ दिन बाद पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि दामोदर सिंह का अपने बेटे के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी पारिवारिक तनाव का फायदा उठाकर आरोपियों ने हत्या की योजना बनाई। इससे पहले भी वर्ष 2025 में उन्हें सड़क दुर्घटना के जरिए मारने का प्रयास किया गया था। आरोपियों ने एक फर्जी दस्तावेज भी तैयार कराया था, जिसमें यह दिखाया गया था कि दामोदर अपनी संपत्ति भाइयों और रिश्तेदारों को बेच रहे हैं और अपने बेटे से संबंध खत्म कर रहे हैं। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के दौरान एक कार खराब हो गई, जिसके बाद दूसरी गाड़ी की व्यवस्था कर शव को कवर्धा क्षेत्र के जंगल में ले जाकर नदी किनारे दफना दिया गया। पुलिस को गुमराह करने के लिए मोबाइल फोन को प्रयागराज भेजकर गंगा में फिंकवा दिया गया। जब दामोदर सिंह घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। अगले दिन उनकी बाइक मनोहरपुर के पास लावारिस हालत में मिली। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें एक संदिग्ध कार उनकी बाइक का पीछा करती दिखाई दी। कार मालिक से पूछताछ के बाद पुलिस संजय यादव तक पहुंची, जिसने पूछताछ में पूरे मामले का खुलासा किया। उसने बताया कि हत्या की सुपारी छोटे भाई रणजीत और अन्य परिजनों ने दी थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से वाहन और नकदी भी बरामद की है। सभी वयस्क आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा गया है।

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बिलासपुर रेलवे ट्रैक पर मिला क्षत-विक्षत शव, ट्रेन से हादसे की आशंका

Bilaspur के जयरामनगर रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। यह घटना सोमवार देर रात की बताई जा रही है, जहां ट्रेन की चपेट में आने से व्यक्ति की मौत होने की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, जयरामनगर रेलवे स्टेशन के पास स्थित फाटक के करीब यह शव देखा गया। मृतक की उम्र लगभग 40 से 45 वर्ष के बीच बताई जा रही है। शुरुआती जांच में अनुमान है कि वह ट्रैक पार करते समय ट्रेन से टकरा गया होगा। घटना की सूचना मिलते ही स्टेशन मास्टर ने पुलिस को जानकारी दी, जिसके बाद मस्तूरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मंगलवार सुबह शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और उसकी शिनाख्त करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह हादसा है या आत्महत्या, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच जारी है।

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खेलो मास्टर्स गेम्स में छत्तीसगढ़ का जलवा: एथलेटिक्स में 82 मेडल, शूटिंग में 2 गोल्ड

Khelo Masters Games के 5वें संस्करण में Chhattisgarh के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक अपने नाम किए। Chandigarh में आयोजित इस प्रतियोगिता में राज्य के एथलीट्स ने एथलेटिक्स में कुल 82 मेडल जीतकर दबदबा कायम किया। इसके अलावा 10 मीटर पिस्टल शूटिंग में 2 स्वर्ण पदक, स्विमिंग में 2 रजत और 1 कांस्य, तथा टेबल टेनिस में 1 रजत पदक हासिल किया गया। टीम स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। फुटबॉल के 40+ वर्ग में टीम उपविजेता रही, जबकि 50+ वर्ग में तीसरा स्थान मिला। वॉलीबॉल में 40+ वर्ग में उपविजेता और 50+ वर्ग में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। महिला वर्ग में ज्योति अग्रवाल, बैंजो गुप्ता, आरती विश्वकर्मा, प्रिया रेड्डी, अन्नपूर्णा साहू, सुजाता, अंजलि और अपर्णा वर्मा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पदक जीते। वहीं पुरुष वर्ग में ब्रह्मानंद वर्मा, किशन कुमार साहू, जी कामेश, नेम सिंह पोर्ते, विनोद, रोशन लाल बंजारे, जयप्रकाश, देवघर ठाकुर, ज्ञान सिंह और भागवत राम नेताम ने राज्य का नाम रोशन किया। प्रतियोगिता से लौटने के बाद Bhilai के प्रगति भवन में खिलाड़ियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर खेल और प्रशासन से जुड़े कई प्रमुख लोग मौजूद रहे और खिलाड़ियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।

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प्रॉपर्टी टैक्स पर राहत: अब 30 अप्रैल तक जमा करें बिना जुर्माना, बाद में 17% सरचार्ज

Raipur समेत प्रदेश के नगरीय निकायों में प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने वालों को बड़ी राहत दी गई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए संपत्ति कर भुगतान की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 अप्रैल 2026 कर दी है, जो पहले 31 मार्च निर्धारित थी। विभाग के आदेश के अनुसार सभी नगर निगम और नगर पालिकाओं को 30 दिनों का अतिरिक्त समय दिया गया है। यह फैसला राजस्व वसूली के लक्ष्य को पूरा करने और प्रशासनिक कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अब करदाता 30 अप्रैल तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर सकते हैं। इसके बाद भुगतान करने पर 17 प्रतिशत सरचार्ज देना होगा। डेडलाइन से पहले टैक्स जमा करने के लिए शहर में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। 30 मार्च को सुबह से रात तक हजारों लोगों ने टैक्स जमा किया और एक ही दिन में करीब 9.58 करोड़ रुपए की वसूली हुई। नगर निगम के सभी जोन कार्यालयों में दिनभर भीड़ बनी रही। राजस्व विभाग ने लोगों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम भी किए। वहीं, निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बकाया टैक्स नहीं चुकाने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इसके तहत दुकानों और व्यावसायिक परिसरों को सील किया जा रहा है, जबकि घरों के नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी की जा रही है। इसके अलावा 31 मार्च को Mahavir Jayanti के सरकारी अवकाश के बावजूद नगर निगम के राजस्व कार्यालय खुले रखे गए, ताकि लोग अंतिम समय तक अपना टैक्स जमा कर सकें।

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रायपुर में बड़ा एक्शन: शराब-जुआ सिंडिकेट चलाने वाला आरोपी कोर्ट के बाहर गिरफ्तार

Raipur के गंज इलाके में अवैध शराब तस्करी और जुआ संचालन से जुड़े एक बड़े आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी दीपक मुदलियार को उस वक्त पकड़ा गया, जब वह गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में आत्मसमर्पण करने की कोशिश कर रहा था। क्राइम ब्रांच और गंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस को पहले ही सूचना मिल गई थी कि आरोपी गुपचुप तरीके से कोर्ट में सरेंडर करने की योजना बना रहा है। इसके बाद एसीपी कोतवाली के नेतृत्व में टीम ने कोर्ट परिसर के आसपास सादे कपड़ों में घेराबंदी की और मौके पर पहुंचते ही आरोपी को दबोच लिया। पुलिस के अनुसार दीपक मुदलियार गंज क्षेत्र में अवैध शराब और जुआ का बड़ा नेटवर्क चला रहा था। उसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं और वह लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। बताया जा रहा है कि इलाके में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए आरोपी धमकी और अन्य आपराधिक गतिविधियों का भी सहारा लेता था। साथ ही उसे कथित तौर पर कुछ स्थानीय राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्त था, जिसके चलते उसका अवैध कारोबार लंबे समय तक चलता रहा। इस मामले की शुरुआत गंज मंडी के एक व्यापारी की शिकायत से हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज की। पहले चरण की कार्रवाई में आरोपी के कुछ साथियों को गिरफ्तार किया गया और उसके ठिकानों से बड़ी मात्रा में अवैध शराब भी बरामद की गई थी, लेकिन मुख्य आरोपी फरार हो गया था। लगातार दबिश और तलाश के बाद आखिरकार पुलिस ने सोमवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट के निर्देश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

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रायपुर नशामुक्ति केंद्र में युवक से बर्बर मारपीट: पाइप से पीटा, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

Raipur के पंडरी मोवा इलाके में स्थित एक नशामुक्ति केंद्र से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। ‘साहस नशा मुक्ति केंद्र’ में एक आदिवासी युवक के साथ कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट की गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, ओडिशा के उमरकोट निवासी अंकुर मांझी को उसके परिजनों ने नशे की लत छुड़ाने के लिए साल 2025 में इस केंद्र में भर्ती कराया था। आरोप है कि इसी दौरान केंद्र संचालिका के बेटे अनिकेश शर्मा ने युवक को पाइप से पीटा और उसके साथ गाली-गलौज की। मारपीट इतनी गंभीर थी कि युवक की पीठ और गर्दन पर गहरे जख्म हो गए और चमड़ी तक उधड़ गई। घटना के बाद उसकी मानसिक स्थिति भी बिगड़ गई। फिलहाल उसका इलाज Visakhapatnam के एक अस्पताल में जारी है। परिजनों का कहना है कि जब उनका बेटा केंद्र में था, तब उन्हें उससे मिलने नहीं दिया जाता था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वहां जातिसूचक टिप्पणियां की जाती थीं और इलाज के नाम पर प्रताड़ना दी जाती थी। पीड़ित के घर लौटने के बाद जब उसकी हालत सामने आई, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी अनिकेश शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और नशामुक्ति केंद्र से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इस मामले में पंडरी थाना प्रभारी Swaraj Tripathi ने बताया कि आरोपी खुद भी नशे की लत से जूझ रहा है और फिलहाल टाटीबंध स्थित एक नशामुक्ति केंद्र में उसका इलाज चल रहा है। उसकी मेडिकल रिपोर्ट मंगाई गई है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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फाफाडीह के इलेक्ट्रॉनिक गोदाम में भीषण आग, देर रात काबू; कलेक्टर ने लिया मौके का जायजा

Raipur के फाफाडीह इलाके में गली नंबर 4 स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक सामान के गोदाम में सोमवार देर शाम अचानक आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और जिला प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद देर रात आग पर नियंत्रण पा लिया गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, हालांकि आग लगने के कारण गोदाम में रखे सामान को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर Dr. Gaurav Singh रात करीब 12 बजे मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली तथा आग पर पूरी तरह नियंत्रण के लिए जरूरी निर्देश दिए। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्र में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और सतर्कता बनाए रखी जाए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन और एसडीएम नंदकुमार चौबे सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।

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सरकारी शिक्षकों पर नई शर्त: टीईटी पास नहीं किया तो खतरे में नौकरी, 80 हजार पर असर

Chhattisgarh के सरकारी प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लागू हुआ है, जिसके चलते अब टीईटी क्वालिफाई किए बिना शिक्षकों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है। प्रदेश में कुल लगभग 1.93 लाख शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें से करीब 42 प्रतिशत यानी लगभग 80 हजार शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक टीईटी पास नहीं किया है। इन शिक्षकों को अब परीक्षा पास करनी होगी, तभी उनकी सेवा जारी रह सकेगी। इस फैसले से राज्य के कई जिलों में बड़ी संख्या में शिक्षक प्रभावित हुए हैं। खासतौर पर कोंडागांव, महासमुंद, बलौदाबाजार, सरगुजा, रायगढ़ और सूरजपुर जैसे जिलों में सबसे ज्यादा संख्या ऐसे शिक्षकों की है, जो टीईटी क्वालिफाई नहीं हैं। इस बीच शिक्षक संगठनों ने लंबे समय से मांग की है कि आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट दी जाए। उनका कहना है कि वे वर्षों से सेवा दे रहे हैं और उनकी योग्यता पहले ही सिद्ध हो चुकी है। हाल ही में फरवरी में Chhattisgarh Professional Examination Board द्वारा आयोजित सीजी टीईटी परीक्षा में कई शिक्षक शामिल हुए थे, लेकिन बहुत कम ही सफल हो पाए। शिक्षकों का कहना है कि परीक्षा का स्तर काफी कठिन था और लंबे समय बाद दोबारा परीक्षा देना उनके लिए चुनौतीपूर्ण है। शिक्षक संगठनों ने सुझाव दिया है कि या तो टीईटी से छूट दी जाए या फिर विभागीय परीक्षा आयोजित कर राहत दी जाए। इस मामले में फिलहाल स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से कोई अंतिम निर्देश जारी नहीं हुआ है। राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री Gajendra Yadav ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है और ऐसा समाधान निकाला जाएगा जिससे किसी शिक्षक को नुकसान न हो।

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