Top News

महिला आरक्षण बिल पर बीजेपी का प्रदर्शन आज से, रायपुर में निकलेगी जन आक्रोश यात्रा

महिला आरक्षण बिल पारित नहीं होने के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी आज से विरोध प्रदर्शन की शुरुआत कर रही है। इसी कड़ी में राजधानी रायपुर में 20 अप्रैल को भाजपा महिला मोर्चा द्वारा जन आक्रोश यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा दोपहर 3 बजे बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम से शुरू होकर सुभाष स्टेडियम तक पहुंचेगी, जहां एक सभा का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, डिप्टी सीएम अरुण साव, कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद रूपकुमारी चौधरी, कमलेश जांगड़े और लक्ष्मी वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे। पार्टी ने इसे महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताते हुए व्यापक स्तर पर आंदोलन की तैयारी की है। भारतीय जनता पार्टी ने महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्ताव के संसद में पारित नहीं होने को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन करने की रणनीति बनाई है। छत्तीसगढ़ में भी इसी क्रम में चरणबद्ध तरीके से विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 20 अप्रैल को पदयात्रा के बाद 23 और 24 अप्रैल को प्रदेशभर में महिला सम्मेलन होंगे, जबकि 26 और 27 अप्रैल को मंडल स्तर पर पुतला दहन किया जाएगा। रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की उम्मीदों को झटका लगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के रवैये के कारण यह बिल पास नहीं हो सका। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि यह महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय है और इसके खिलाफ जनजागरूकता जरूरी है। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन प्रस्ताव आवश्यक बहुमत हासिल नहीं कर पाया। बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने विरोध में मतदान किया। इसे पारित करने के लिए अधिक मतों की आवश्यकता थी, जिसके अभाव में प्रस्ताव गिर गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर देश को संबोधित करते हुए महिलाओं से माफी जताई और कहा कि यह स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने विपक्षी दलों पर राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता आगे भी बनी रहेगी।

महिला आरक्षण बिल पर बीजेपी का प्रदर्शन आज से, रायपुर में निकलेगी जन आक्रोश यात्रा Read Post »

Chhattisgarh, GOVERNMENT, Political, Raipur, State, Top News

कवर्धा में शादीशुदा प्रेमी जोड़े ने की आत्महत्या, गांव लौटने के एक महीने बाद उठाया कदम

छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के पांडातराई थाना क्षेत्र में एक शादीशुदा प्रेमी जोड़े द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। दोनों के शव घर के भीतर अलग-अलग फंदों पर लटके हुए मिले, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतकों की पहचान रामलाल चंद्रवंशी (34) और रीना चंद्रवंशी (29) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों पहले से ही शादीशुदा थे और उनके बच्चे भी हैं। बताया जा रहा है कि रीना का पति रामलाल का दोस्त था, जिसके चलते उसका घर पर आना-जाना रहता था। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और उनका संबंध प्रेम में बदल गया। करीब चार साल पहले दोनों अपने-अपने परिवार और बच्चों को छोड़कर साथ भाग गए थे। इसके बाद वे रायपुर में रहने लगे, जहां रामलाल ने ड्राइवरी का काम शुरू किया। इसी दौरान दोनों ने आपस में शादी भी कर ली और साथ जीवन बिताने लगे। हालांकि, करीब एक महीने पहले ही दोनों अपने गांव लौटे थे और परिवार से अलग रह रहे थे। घटना 19 अप्रैल की बताई जा रही है, जब रामलाल के पिता सब्जी देने उनके घर पहुंचे। घर का दरवाजा अंदर से बंद था और काफी आवाज लगाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। संदेह होने पर उन्होंने खिड़की से झांककर देखा, जहां दोनों के शव फंदे पर लटके दिखाई दिए। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। पुलिस ने दोनों शवों को नीचे उतारकर पंचनामा किया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। बाद में शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। हालांकि, प्रारंभिक जांच में आर्थिक तंगी को एक संभावित कारण माना जा रहा है। पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सके। थाना प्रभारी के अनुसार, मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कवर्धा में शादीशुदा प्रेमी जोड़े ने की आत्महत्या, गांव लौटने के एक महीने बाद उठाया कदम Read Post »

Accident, Chhattisgarh, kawardha, Raipur, Top News

रायपुर में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

रायपुर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने संयुक्त रूप से यह ऑपरेशन चलाया। देर रात की गई इस छापेमारी में आरोपियों को उस समय पकड़ा गया, जब वे मोबाइल फोन के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपी तकनीक का इस्तेमाल कर सट्टेबाजी का नेटवर्क चला रहे थे। वे अलग-अलग मोबाइल नंबर और विभिन्न एप्लिकेशन के जरिए लोगों को जोड़कर सट्टा खिलाते थे। इस दौरान लेन-देन और रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखा जाता था, ताकि गतिविधियों को आसानी से छिपाया जा सके। हालांकि, पुलिस की सतर्क निगरानी के चलते इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो गया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन, डिजिटल डेटा और सट्टे से जुड़ी अन्य सामग्री जब्त की है। जब्त किए गए उपकरणों की जांच की जा रही है, जिससे इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित बड़े कनेक्शन का पता लगाया जा सके। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क काफी समय से सक्रिय था और इसके तार शहर के अन्य हिस्सों से भी जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। रायपुर पुलिस लगातार ऑनलाइन सट्टेबाजी और अवैध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। इस कार्रवाई को शहर में बढ़ते डिजिटल अपराधों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे इस तरह की अवैध गतिविधियों से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

रायपुर में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार Read Post »

Chhattisgarh, Crime, Raipur, Tech, Top News

पुणे एयरपोर्ट पर एयरफोर्स विमान की हार्ड लैंडिंग, 11 घंटे रनवे बंद; 91 फ्लाइट्स रद्द

Pune International Airport पर शुक्रवार रात भारतीय वायुसेना के एक लड़ाकू विमान की हार्ड लैंडिंग होने से हवाई सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गईं। रात करीब 10:30 बजे हुई इस घटना के बाद रनवे को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा, जिसके चलते लगभग 11 घंटे तक फ्लाइट संचालन प्रभावित रहा। एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, विमान को सुबह करीब 5:45 बजे रनवे से हटाया गया, हालांकि NOTAM का समय बढ़ाकर सुबह 9 बजे तक कर दिया गया था। इसके बावजूद सुबह करीब 7:30 बजे से उड़ानों का संचालन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा। Indian Air Force ने जानकारी दी कि विमान में सवार दोनों पायलट सुरक्षित हैं। रनवे की मरम्मत और जांच के बाद उसे फिर से उड़ानों के लिए उपयुक्त घोषित कर दिया गया। रनवे बंद रहने के कारण पांच एयरलाइंस की कुल 91 फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं, जबकि 12 उड़ानों को दूसरे एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया गया। इनमें IndiGo, Air India, SpiceJet, Akasa Air और Air India Express की उड़ानें शामिल रहीं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, लैंडिंग के दौरान विमान के लैंडिंग गियर में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिससे वह रनवे पर झटके के साथ उतरा और वहीं फंस गया। इस वजह से रनवे ब्लॉक हो गया और उड़ानों को रोकना पड़ा। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कौन सा फाइटर जेट शामिल था। हार्ड लैंडिंग क्या होती है?जब कोई विमान सामान्य और नियंत्रित तरीके से उतरने के बजाय ज्यादा जोर से या तेज गति से रनवे से टकराता है, तो उसे हार्ड लैंडिंग कहा जाता है। इसके पीछे खराब मौसम, तेज हवा, तकनीकी गड़बड़ी या पायलट के आकलन में त्रुटि जैसी वजहें हो सकती हैं। संभावित प्रभाव: फिलहाल मरम्मत के बाद एयरपोर्ट पर संचालन सामान्य हो चुका है और पूरे दिन उड़ानों के सुचारू रूप से चलने की उम्मीद जताई गई है।

पुणे एयरपोर्ट पर एयरफोर्स विमान की हार्ड लैंडिंग, 11 घंटे रनवे बंद; 91 फ्लाइट्स रद्द Read Post »

Maharashtra, national, pune, State, Top News

बिलासपुर में म्यूल अकाउंट का खुलासा, बिल्डिंग सप्लायर के खाते से 10 राज्यों की ठगी का पैसा ट्रांसफर

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े एक म्यूल अकाउंट का पर्दाफाश किया है। मामले में एक बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर पर आरोप है कि वह पिछले कुछ महीनों से अपने बैंक खाते का इस्तेमाल ठगी की रकम के लेनदेन के लिए कर रहा था। उसके खाते से देश के कई राज्यों से आए लाखों रुपये ट्रांसफर किए गए। यह कार्रवाई कोनी थाना क्षेत्र में की गई। केंद्र सरकार के पुलिस पोर्टल के जरिए संदिग्ध खाते की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस की तकनीकी टीम ने जांच शुरू की। जांच में आईडीबीआई बैंक के एक खाते पर संदेह हुआ, जिसके ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड खंगाले गए। जांच के दौरान पता चला कि इस खाते से जुड़े 10 से ज्यादा साइबर फ्रॉड की शिकायतें देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज हैं। खाते में ठगी की रकम जमा कर उसे तुरंत आगे ट्रांसफर किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपी ने 20 जनवरी 2026 को यह बैंक खाता खुलवाया था। इसके बाद से ही इसमें लगातार संदिग्ध लेनदेन हो रहे थे। आशंका है कि आरोपी ने साइबर ठगों के साथ मिलकर यह अकाउंट उपलब्ध कराया और इसके बदले कमीशन लेता था। तफ्तीश में यह भी सामने आया कि खाते में पैसा आते ही उसे यूपीआई और एटीएम के जरिए निकालकर अन्य खातों में भेज दिया जाता था, जिससे ट्रेस करना मुश्किल हो सके। पुलिस का कहना है कि म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल ठगी की रकम को छिपाने और पीड़ितों को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है।

बिलासपुर में म्यूल अकाउंट का खुलासा, बिल्डिंग सप्लायर के खाते से 10 राज्यों की ठगी का पैसा ट्रांसफर Read Post »

Bilaspur, Chhattisgarh, Crime, State, Tech, Top News

गंभीर बीमारी से जंग जीतकर छात्रा ने CBSE में 90.4% हासिल किए, व्हीलचेयर पर दी परीक्षा

छत्तीसगढ़ के बैकुंठपुर की एक छात्रा ने असाधारण हिम्मत और संघर्ष का परिचय देते हुए गंभीर बीमारी को मात देकर सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में 90.4 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। महज 15 साल की इस छात्रा को गुइलियन-बैरे सिंड्रोम (GBS) जैसी दुर्लभ बीमारी हो गई थी, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम नसों को प्रभावित करता है। बीमारी के दौरान उसकी हालत इतनी गंभीर हो गई थी कि उसे वेंटिलेटर पर रखना पड़ा और बाद में ट्रैकियोस्टोमी भी करनी पड़ी। कई महीनों तक वह बोल नहीं पा रही थी और इशारों या हाथ पर अक्षर लिखकर ही अपनी बात समझाती थी। इस दौरान उसने अपने भाई से आखिरी बार परिवार से बात कराने की इच्छा भी जताई थी। करीब डेढ़ महीने तक रायपुर में इलाज के बाद उसे नागपुर ले जाया गया, जहां लंबे समय तक उपचार चला। जब वह वापस लौटी तो उसके हाथों में इतनी कमजोरी थी कि पेन पकड़ना भी मुश्किल था। इसके बावजूद उसने पढ़ाई नहीं छोड़ी और ऑनलाइन माध्यम से तैयारी जारी रखी। धीरे-धीरे फिजियोथेरेपी और अभ्यास के जरिए उसने फिर से लिखना सीखा। प्री-बोर्ड परीक्षा उसने व्हीलचेयर पर बैठकर दी और अच्छे अंक हासिल किए। बोर्ड परीक्षा में उसे अतिरिक्त समय दिया गया, लेकिन उसने निर्धारित समय से पहले ही पेपर पूरा कर लिया और शानदार 90.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। परिवार के अनुसार, इलाज के दौरान उसने कई मरीजों को संघर्ष करते और जान गंवाते देखा, लेकिन उसने कभी हिम्मत नहीं हारी। अब उसका सपना सिविल सेवा में जाकर देश की सेवा करने का है। डॉक्टरों के मुताबिक, यह मामला काफी जटिल था और उसे आईसीयू में लगातार निगरानी में रखा गया था। विशेषज्ञों की टीम के समन्वित प्रयास और छात्रा की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण ही यह संभव हो सका।

गंभीर बीमारी से जंग जीतकर छात्रा ने CBSE में 90.4% हासिल किए, व्हीलचेयर पर दी परीक्षा Read Post »

Chhattisgarh, Education, Top News

विंग कमांडर सुसाइड केस में पत्नी पर FIR, मानसिक प्रताड़ना के आरोप

रायपुर में विंग कमांडर विपुल यादव आत्महत्या मामले में पुलिस ने उनकी पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पत्नी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि लंबे समय से मानसिक तनाव और प्रताड़ना के कारण ही यह कदम उठाया गया। यह घटना तेलीबांधा थाना क्षेत्र की है, जहां 10-11 मार्च 2026 की रात विंग कमांडर का शव उनके सरकारी आवास में फंदे पर लटका मिला था। शुरुआती जांच में पारिवारिक विवाद की बात सामने आई थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने वर्ष 2014 में प्रेम विवाह किया था। पुलिस ने जांच के दौरान परिजनों और परिचितों के बयान दर्ज किए, जिसमें आरोप लगाया गया कि वे काफी समय से मानसिक दबाव में थे। परिवार का यह भी कहना है कि उन्हें अपने माता-पिता से बातचीत करने तक की अनुमति नहीं थी, जिससे वे काफी परेशान रहते थे। जांच में कुछ ऐसे साक्ष्य भी मिले हैं, जो प्रताड़ना के आरोपों को बल देते हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस ने पत्नी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि आगे की पूछताछ के बाद जरूरत पड़ने पर अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। मामले में थाना प्रभारी ने FIR दर्ज होने की पुष्टि की है और बताया कि आरोपी से जल्द पूछताछ की जाएगी। जांच हर पहलू को ध्यान में रखकर की जा रही है। परिजनों ने पहले भी आरोप लगाए थे कि मृतक पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए थे और वे मानसिक रूप से दबाव में रहते थे। परिवार के अनुसार, उन्हें अपने बच्चों और माता-पिता से भी खुलकर बात करने का मौका नहीं मिलता था। मृतक के पिता ने बताया कि उनका बेटा अपने निजी जीवन के बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं करता था, लेकिन वे लगातार तनाव में नजर आता था। परिवार ने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

विंग कमांडर सुसाइड केस में पत्नी पर FIR, मानसिक प्रताड़ना के आरोप Read Post »

Accident, Chhattisgarh, HARASSMENT, Raipur, State, Top News

RTE फीस बढ़ाने की मांग पर 5 हजार निजी स्कूल बंद, असहयोग आंदोलन तेज

छत्तीसगढ़ में आरटीई के तहत मिलने वाली फीस प्रतिपूर्ति बढ़ाने की मांग को लेकर निजी स्कूलों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। शनिवार को प्रदेशभर के करीब 5 हजार निजी स्कूलों में ताला लगा रहा। इससे पहले एक दिन स्कूल संचालकों, शिक्षकों और स्टाफ ने काली पट्टी बांधकर काम करते हुए अपनी नाराजगी जताई थी। प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने साफ कहा है कि जब तक सरकार आरटीई के तहत मिलने वाली राशि में बढ़ोतरी नहीं करती, तब तक लॉटरी से चयनित बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यह आंदोलन 1 मार्च से जारी है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। स्कूल संचालकों का कहना है कि पिछले 14 वर्षों से आरटीई प्रतिपूर्ति राशि में कोई बदलाव नहीं हुआ है। वर्तमान में प्राथमिक कक्षाओं के लिए प्रति छात्र 7,000 रुपये और माध्यमिक स्तर के लिए 11,400 रुपये दिए जाते हैं, जबकि स्कूल संचालन की लागत लगातार बढ़ रही है। इससे निजी स्कूलों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार, इस मुद्दे को लेकर कई बार सरकार से चर्चा की गई, लेकिन समाधान नहीं निकल पाया। इसी वजह से अब आंदोलन को और तेज किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांगें जल्द पूरी नहीं होतीं, तो विरोध और उग्र हो सकता है। फिलहाल स्कूल बंद रखकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। इधर, सरकार ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर मुख्यमंत्री ने स्कूलों की मान्यता रद्द करने के निर्देश दिए हैं। जिला शिक्षा अधिकारियों को पात्र छात्रों का प्रवेश सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है। गौरतलब है कि प्रदेश में गर्मी को देखते हुए 20 अप्रैल से ग्रीष्मकालीन अवकाश भी घोषित किया जा चुका है, ऐसे में स्कूल बंद रहने से छात्रों के लिए छुट्टियों जैसी स्थिति बन गई है।

RTE फीस बढ़ाने की मांग पर 5 हजार निजी स्कूल बंद, असहयोग आंदोलन तेज Read Post »

Chhattisgarh, Education, GOVERNMENT, Raipur, State, Top News

जनगणना ड्यूटी पर शिक्षकों का विरोध, भीषण गर्मी में सर्वे को बताया अव्यवहारिक

छत्तीसगढ़ में 1 मई से शुरू होने वाली जनगणना ड्यूटी को लेकर शिक्षकों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि मई-जून की तेज गर्मी में घर-घर जाकर सर्वे करना बेहद मुश्किल और जोखिम भरा होगा। एक ओर इस समय स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां रहती हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों को फील्ड में काम करने के लिए भेजा जा रहा है, जिसे उन्होंने अव्यवहारिक बताया है। छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने कहा कि इस फैसले में मौसम की गंभीरता को नजरअंदाज किया गया है। तेज धूप और उच्च तापमान में लंबे समय तक बाहर रहकर डोर-टू-डोर सर्वे करना न केवल कठिन है, बल्कि स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है। शिक्षक संघ ने मांग की है कि जनगणना ड्यूटी के समय और प्रक्रिया पर पुनर्विचार किया जाए, ताकि शिक्षकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा स्मार्टफोन की अनिवार्यता को लेकर भी शिक्षकों ने आपत्ति जताई है। सरकारी निर्देश के अनुसार, जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों के पास एंड्रॉयड 12.0 या उससे ऊपर का मोबाइल होना जरूरी किया गया है। ऐसे में जिनके पास पुराने फोन हैं, उन्हें नया स्मार्टफोन खरीदना पड़ेगा, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा। राज्य में जनगणना 2027 का पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस’ के तहत हर घर, परिवार और बुनियादी सुविधाओं का डेटा एकत्र किया जाएगा। कर्मचारी निर्धारित समय में घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। इस बार जनगणना प्रक्रिया को डिजिटल किया गया है। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच लोग ऑनलाइन पोर्टल के जरिए स्वयं भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं, जिसे सेल्फ-एन्यूमरेशन कहा गया है। इसके बाद उन्हें एक यूनिक आईडी दी जाएगी, जिसे सर्वे के दौरान कर्मचारियों को दिखाना होगा। इस चरण में मकान की स्थिति, उपयोग, निर्माण की गुणवत्ता, परिवारों की संख्या समेत कुल 33 प्रकार की जानकारियां ली जाएंगी। साथ ही पेयजल, शौचालय, बिजली, खाना बनाने के ईंधन, इंटरनेट और अन्य सुविधाओं से जुड़े सवाल भी शामिल रहेंगे। घर में रहने वाले सदस्यों और उपयोग किए जाने वाले वाहनों का विवरण भी दर्ज किया जाएगा।

जनगणना ड्यूटी पर शिक्षकों का विरोध, भीषण गर्मी में सर्वे को बताया अव्यवहारिक Read Post »

census, Chhattisgarh, Education, GOVERNMENT, Raipur, State, Top News

रायपुर में लोन के नाम पर 27.50 लाख की ठगी, एजेंटों ने दस्तावेज लेकर कई बैंकों से उठाया कर्ज

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बैंक लोन दिलाने का झांसा देकर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने एक व्यक्ति को आसान प्रक्रिया से लोन दिलाने का भरोसा देकर उसके दस्तावेज हासिल किए और उन्हीं कागजात के आधार पर अलग-अलग बैंकों से लाखों रुपये का कर्ज निकाल लिया। पंडरी थाना क्षेत्र में दर्ज शिकायत के मुताबिक, पीड़ित से दो आरोपियों ने संपर्क कर उसे भरोसा दिलाया कि वे बिना किसी परेशानी के बैंक से लोन दिलवा देंगे। इस प्रक्रिया के लिए उन्होंने जरूरी दस्तावेजों के साथ 5 हजार रुपये भी जमा कराए और जल्द लोन मंजूर होने का आश्वासन दिया। बताया गया है कि जुलाई 2025 से अगस्त 2025 के बीच आरोपियों ने पीड़ित की जानकारी के बिना उसके नाम पर विभिन्न बैंकों से कुल 27 लाख 50 हजार रुपये का लोन ले लिया। इस पूरे मामले की भनक पीड़ित को तब लगी, जब बैंक की ओर से किस्त जमा करने और बकाया राशि के नोटिस मिलने लगे। नोटिस मिलने के बाद पीड़ित ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

रायपुर में लोन के नाम पर 27.50 लाख की ठगी, एजेंटों ने दस्तावेज लेकर कई बैंकों से उठाया कर्ज Read Post »

Chhattisgarh, Crime, Raipur, Top News
Scroll to Top