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रायगढ़ में IPL सट्टा रैकेट पर कार्रवाई, ऑनलाइन-ऑफलाइन दांव लगाते आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के Raigarh जिले में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के खिलाफ पुलिस ने सख्त अभियान छेड़ रखा है। “ऑपरेशन अंकुश” के तहत लगातार कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आईपीएल मैच के दौरान सट्टा संचालित करते एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह मामला जूटमिल थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस को सूचना मिली थी कि दिल्ली और बेंगलुरु के बीच चल रहे Indian Premier League मुकाबले के दौरान एक युवक मोबाइल के जरिए ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन भी सट्टा खिला रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में दबिश देकर अनुराग यादव (26) को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से सट्टा पर्ची, नथिंग कंपनी का मोबाइल फोन और 900 रुपए नकद बरामद किए गए। मोबाइल की जांच में “Win X 66” आईडी के जरिए ऑनलाइन सट्टा चलाने के सबूत भी मिले हैं। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, पिछले तीन दिनों में जिले में सट्टे के खिलाफ यह पांचवीं बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले घरघोड़ा और कोतवाली थाना क्षेत्रों में भी अलग-अलग मामलों में कई आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। जिले के एसएसपी Shashi Mohan Singh ने बताया कि “ऑपरेशन अंकुश” के तहत ऑनलाइन और ऑफलाइन जुए-सट्टे पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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दुर्ग ट्रिपल मर्डर केस में फांसी की सजा, पत्नी-बेटी की हत्या कर खुद को मृत दिखाने की साजिश नाकाम

छत्तीसगढ़ के Durg जिले के चर्चित ट्रिपल मर्डर केस में अदालत ने छह साल बाद बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी रवि शर्मा को मौत की सजा दी है। यह मामला वर्ष 2020 का है, जिसमें आरोपी ने अपनी पत्नी और डेढ़ महीने की मासूम बच्ची की हत्या कर दी थी। इसके अलावा उसने एक अज्ञात युवक की भी जान ले ली, ताकि खुद को मृत साबित कर सके। जांच में सामने आया कि आरोपी पहले से शादीशुदा था और उसका परिवार Rourkela में रहता था। इसके बावजूद उसने भिलाई में मंजू नाम की महिला से दूसरी शादी कर ली थी। हाल ही में जन्मी बच्ची को लेकर दोनों के बीच विवाद होता रहता था, जिससे तंग आकर आरोपी ने यह खौफनाक साजिश रची। घटना Bhilai के तालपुरी स्थित पारिजात कॉलोनी में 21 जनवरी 2020 को हुई थी। सुबह मंजू की मां को एक संदिग्ध कॉल मिला, जिसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे तो घर अंदर से धुआं निकलता मिला। दरवाजा तोड़ने पर कमरे में मंजू और उसकी बच्ची के जले हुए शव मिले, जबकि एक अन्य युवक का शव भी वहां पड़ा था। शुरुआत में ऐसा लगा कि तीसरा शव आरोपी का है, लेकिन जांच में पता चला कि वह कोई और व्यक्ति था। घटनास्थल पर लिखे संदेश और अन्य सुराग पुलिस को भ्रमित करने के लिए बनाए गए थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल, जब्त सामान और गवाहों के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई। फुटेज में आरोपी एक अज्ञात युवक को घर लाते और घटना के बाद अकेले निकलते दिखाई दिया। बाद में कॉल लोकेशन के आधार पर उसे रेलवे स्टेशन से भागते समय पकड़ा गया और अंततः Rourkela में गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने एक मानसिक रूप से कमजोर युवक को शराब में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश किया और उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने पत्नी को भी नशीला पदार्थ देकर मार डाला और अंत में अपनी बच्ची को भी नहीं छोड़ा। साक्ष्य मिटाने के लिए उसने आग लगाकर गैस ब्लास्ट का माहौल बनाने की कोशिश की, लेकिन योजना पूरी तरह सफल नहीं हो पाई। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल हथौड़ा, टेप, मोबाइल और अन्य सामान जब्त किए। साथ ही हस्तलेख जांच में यह भी पुष्टि हुई कि घटनास्थल पर लिखे गए संदेश आरोपी ने ही लिखे थे। सभी साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने इस मामले को दुर्लभतम श्रेणी का अपराध मानते हुए आरोपी को मृत्युदंड सुनाया। इस केस में शासकीय पक्ष की ओर से मजबूत पैरवी और विस्तृत जांच अहम साबित हुई।

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Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Crime, State, Top News

CG बोर्ड पेपर लीक केस में फरार आरोपी पर 5 हजार का इनाम, रायपुर पुलिस ने जारी की घोषणा

छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा पेपर लीक मामले में फरार आरोपी वेणु जंघेल की गिरफ्तारी के लिए Raipur पुलिस ने 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। सिटी कोतवाली थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 130/2026 में आरोपी की लंबे समय से तलाश जारी है, लेकिन अब तक वह पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस के अनुसार, आरोपी वेणु जंघेल (18) मूल रूप से Bemetara जिले के बोरतरा गांव का रहने वाला है और हाल ही में रायपुर के गुढ़ियारी इलाके में रह रहा था। उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ परीक्षा अधिनियम की विभिन्न धाराओं के साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316 के तहत मामला दर्ज है। यह पूरा प्रकरण 14 मार्च 2026 को सामने आए पेपर लीक मामले से जुड़ा है। इस संबंध में सेंट्रल जोन की डिप्टी पुलिस कमिश्नर Archana Jha ने रायपुर पुलिस रेग्युलेशन के तहत इनाम की घोषणा जारी की है। आदेश में कहा गया है कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए छिपा हुआ है और उसकी गतिविधियां समाज के लिए खतरा बन सकती हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जो भी व्यक्ति आरोपी के बारे में ठोस जानकारी देगा या उसकी गिरफ्तारी में मदद करेगा, उसे 5 हजार रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इनाम देने का अंतिम निर्णय डिप्टी पुलिस कमिश्नर (मध्य क्षेत्र) द्वारा लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि 12वीं बोर्ड के नतीजे जारी होने से पहले इस कार्रवाई को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। अब इनाम घोषित होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश और तेज कर दी है।

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CG बोर्ड 10वीं रिजल्ट आज 2:30 बजे जारी, 3.20 लाख स्टूडेंट्स का इंतजार खत्म

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) आज दोपहर 2:30 बजे 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित करने जा रहा है। लाखों छात्रों का इंतजार अब खत्म होने वाला है और वे अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर रोल नंबर के जरिए देख सकेंगे। इस साल करीब 3,20,535 छात्र-छात्राओं ने 10वीं बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीयन कराया था। परीक्षा देने वाले सभी विद्यार्थी अपने परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो अब कुछ ही घंटों में खत्म हो जाएगा। पिछले वर्ष यानी 2025 की बात करें तो लगभग 3,23,094 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें से 76.53 प्रतिशत छात्र सफल हुए थे। यह परिणाम पिछले चार वर्षों में सबसे बेहतर माना गया था, जिसमें करीब 2.46 लाख विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की थी। 2025 में कुल मिलाकर करीब 5.65 लाख विद्यार्थियों ने बोर्ड परीक्षा दी थी, जिसमें 10वीं के परीक्षार्थियों की संख्या 3.23 लाख के आसपास थी। वहीं 2026 में यह आंकड़ा थोड़ा घटकर लगभग 3.20 लाख रह गया है। पिछले साल की तरह इस बार भी रिजल्ट में छात्राओं के प्रदर्शन पर विशेष नजर रहेगी, क्योंकि बीते वर्षों में लड़कियों ने बेहतर परिणाम दिए हैं। इसके अलावा मेरिट लिस्ट, टॉपर्स और पास प्रतिशत को लेकर भी छात्रों और अभिभावकों की उत्सुकता बनी हुई है।

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बिलासपुर जिला पंचायत में भाजपा का इंडिया गठबंधन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास, महिला आरक्षण पर सियासत तेज

छत्तीसगढ़ के Bilaspur जिला पंचायत की विशेष सामान्य सभा में महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया। बैठक के दौरान Bharatiya Janata Party ने INDIA Alliance के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया, जिसे बहुमत के आधार पर मंजूरी दी गई। जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी द्वारा यह प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे भाजपा सदस्यों का समर्थन मिला। वहीं Indian National Congress समर्थित सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार किया और सभा में शामिल नहीं हुए। उनकी गैरमौजूदगी में प्रस्ताव बिना विरोध के पारित हो गया। बैठक के दौरान भाजपा सदस्यों ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण जैसे अहम मुद्दे पर राजनीति करना सही नहीं है। उनका कहना था कि इस तरह के कदम महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ हैं। सभा में विकास और प्रशासनिक विषयों पर भी चर्चा हुई। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल ने ‘ज्ञान भारतम’ पांडुलिपि संरक्षण योजना का उल्लेख करते हुए इसे सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण बताया। बैठक के बाद भाजपा समर्थित जनप्रतिनिधियों ने कांग्रेस पर तीखा हमला जारी रखते हुए कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण के रास्ते में बाधा डाल रहा है, जबकि यह कानून महिलाओं को राजनीति में अधिक भागीदारी देने की दिशा में अहम कदम है। इसके अलावा बैठक में ‘सुशासन तिहार 2026’ के आयोजन पर भी निर्णय लिया गया। 1 मई से 10 जून तक ग्रामीण क्षेत्रों में जनसमस्याओं के समाधान के लिए शिविर लगाए जाएंगे। यह शिविर 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह स्तर पर आयोजित होंगे, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर ही समस्याओं का समाधान करेंगे। कार्यक्रम के तहत बिल्हा, मस्तूरी और तखतपुर में 8-8 शिविर, जबकि कोटा क्षेत्र में 7 शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य ग्रामीणों को त्वरित राहत और सरकारी सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना है।

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छत्तीसगढ़ में 5 दिन अंधड़-बारिश का अलर्ट, 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेगी हवा; तापमान में और गिरावट संभव

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच अब मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 2 से 3 दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक और कमी आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है। हालांकि राहत के साथ-साथ मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों के लिए चेतावनी भी जारी की है। इस दौरान प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो Durg में अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा। वहीं Ambikapur में न्यूनतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। फिलहाल अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही रुख बने रहने का अनुमान है। Raipur की बात करें तो सुबह आसमान साफ रहने के बाद दोपहर या शाम तक बादल छाने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान करीब 43 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम में इस बदलाव के पीछे पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तर तेलंगाना और उत्तर भारत से पूर्वोत्तर तक फैले साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन को मुख्य वजह माना जा रहा है। इसी सिस्टम के कारण प्रदेश में आंधी और बारिश की गतिविधियां बन रही हैं।

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CGMSC ने आयरन-फोलिक एसिड दवा का बैच वापस मंगाया, रंग बदलने और टूटने की शिकायत के बाद एक्शन

छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन (CGMSC) ने आयरन-फोलिक एसिड की एक दवा के बैच को एहतियातन वापस मंगाने का फैसला लिया है। यह निर्णय तब लिया गया जब रायपुर और बलौदाबाजार जिलों के स्वास्थ्य केंद्रों में वितरित इस दवा की कुछ गोलियों के रंग बदलने और टूटने की शिकायत सामने आई। यह मामला फेरस सल्फेट और फोलिक एसिड (लाल रंग) टैबलेट, ड्रग कोड D221M और बैच नंबर FFR 240703 से संबंधित है। शिकायत मिलने के बाद दवा का दोबारा गुणवत्ता परीक्षण कराया गया। हालांकि जांच में दवा मानकों के अनुरूप पाई गई, फिर भी सावधानी बरतते हुए संबंधित कंपनी मेसर्स सिप्को फार्मास्यूटिकल्स को पूरा बैच वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं। Raipur और Baloda Bazar के सभी अस्पतालों, जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को आदेश जारी किया गया है कि इस बैच का उपलब्ध स्टॉक तुरंत गोदाम में जमा कराया जाए। यह दवा मुख्य रूप से गर्भवती महिलाओं, किशोरियों और एनीमिया से पीड़ित मरीजों को दी जाती है। आयरन और फोलिक एसिड शरीर में खून की कमी दूर करने, हीमोग्लोबिन बढ़ाने और नई कोशिकाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य कार्यक्रमों में इस दवा का उपयोग एनीमिया नियंत्रण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और पोषण योजनाओं के तहत व्यापक रूप से किया जाता है। इसी वजह से किसी भी तरह की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए यह कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित संस्थानों को निर्देश दिया है कि दवा का वितरण रोककर उसे वापस किया जाए, ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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शराब के नशे में दूल्हा पहुंचा बारात, दुल्हन ने तोड़ी शादी; बवाल के बीच हर्जाने को लेकर विवाद

छत्तीसगढ़ के Bilaspur जिले में एक शादी उस वक्त टूट गई जब दूल्हा नशे की हालत में बारात लेकर पहुंचा। Sirgitti थाना क्षेत्र से जुड़ा यह मामला Kasdol का है, जहां दुल्हन ने नशे में धुत दूल्हे से शादी करने से साफ इनकार कर दिया। जानकारी के मुताबिक, कोरमी निवासी राजू मांडले की शादी कसडोल की सुनीता से तय हुई थी। तय तारीख 27 अप्रैल को दूल्हा अपने परिजनों और दोस्तों के साथ बारात लेकर दुल्हन के घर पहुंचा। शुरुआत में माहौल सामान्य था और बाराती डीजे पर नाचते-गाते पहुंचे। लेकिन जैसे ही द्वार-चार की रस्म के लिए दूल्हे को गाड़ी से उतारा गया, वह नशे में लड़खड़ाने लगा। उसकी हालत देखकर लड़की पक्ष हैरान रह गया और तुरंत रस्में रोक दी गईं। जब यह बात दुल्हन तक पहुंची, तो उसने बिना देर किए शादी से इनकार कर दिया और कहा कि वह ऐसे व्यक्ति के साथ जीवन नहीं बिता सकती। दुल्हन के इस फैसले का परिवार ने भी समर्थन किया, जिसके बाद शादी वहीं रद्द कर दी गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया और विवाद शुरू हो गया। लड़के पक्ष का आरोप है कि दूल्हे, उसके पिता और कुछ रिश्तेदारों को रोककर रखा गया और शादी में हुए खर्च की भरपाई की मांग की गई। बताया जा रहा है कि पहले 20 लाख रुपए की मांग की गई, बाद में बातचीत के दौरान इसे घटाकर 7 लाख रुपए तक लाया गया। वहीं लड़की पक्ष का कहना है कि उन्होंने किसी को बंधक नहीं बनाया, बल्कि सामाजिक बैठक के जरिए खर्च की भरपाई को लेकर बातचीत चल रही थी। घटना की जानकारी मिलने पर कसडोल पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, किसी को बंधक नहीं बनाया गया था और लोग वहीं रुके हुए थे। सिरगिट्टी थाना प्रभारी ने बताया कि मामला उनके क्षेत्र का नहीं होने के कारण संबंधित थाने को सूचित कर दिया गया है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बीच समझाइश कर रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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गुवाहाटी में हिरासत में रायपुर पुलिस टीम, 24 घंटे बाद रिहा; डिजिटल अरेस्ट केस में पैसों के लेन-देन के आरोप

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से गई पुलिस टीम को असम की राजधानी Guwahati में हिरासत में लिए जाने की घटना ने पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी। यह मामला टिकरापारा थाने में दर्ज डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी ठगी की जांच के दौरान सामने आया, जिसमें करीब 17.15 लाख रुपए की धोखाधड़ी हुई थी। जानकारी के अनुसार, इस केस में आरोपियों की तलाश में रायपुर पुलिस की टीम Raipur से गुवाहाटी पहुंची थी। टीम में थाना प्रभारी रविंद्र यादव सहित चार पुलिसकर्मी शामिल थे। आरोप है कि कार्रवाई के दौरान टीम ने कुछ आरोपियों को पकड़ने के बाद कथित रूप से पैसों के बदले दो अन्य संदिग्धों को छोड़ दिया। इसी आरोप के आधार पर असम पुलिस ने रायपुर पुलिस टीम को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। कार्रवाई के दौरान करीब 2.50 लाख रुपए भी जब्त किए गए, जिन्हें स्थानीय पुलिस ने संदिग्ध लेन-देन से जुड़ा बताया है। वहीं, जिन आरोपियों को छोड़े जाने का दावा किया गया, उनकी शिकायत पर एफआईआर भी दर्ज की गई। हालांकि, छत्तीसगढ़ पुलिस का कहना है कि यह रकम ठगी के केस में रिकवरी का हिस्सा थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ के दौरान ठगी गई राशि वापस ली जा रही थी, लेकिन स्थानीय लोगों ने इसे रिश्वत का मामला बताकर विरोध किया और पुलिस को सूचना दे दी। पूरे घटनाक्रम के बाद दोनों राज्यों की पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई। वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद करीब 24 घंटे की पूछताछ के पश्चात असम पुलिस ने रायपुर पुलिस टीम को छोड़ दिया। इसके बाद टीम वापस छत्तीसगढ़ के लिए रवाना हो गई। यह मामला टिकरापारा क्षेत्र के एक निवासी शरद कुमार से जुड़ा है, जिन्हें वीडियो कॉल के जरिए खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले ठग ने डराकर बैंक डिटेल हासिल कर ली थी। आरोपी ने अलग-अलग किश्तों में करीब 17 लाख 15 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए थे। जब पीड़ित को रकम वापस नहीं मिली, तब उसने थाने में शिकायत दर्ज करवाई। फिलहाल इस मामले की जांच दोनों राज्यों की पुलिस अपने-अपने स्तर पर कर रही है और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आने का इंतजार है।

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बोरझारा की अऊम इंजिनियरिंग में श्रम विवाद गहराया, 30 अप्रैल को उग्र धरना-प्रदर्शन की चेतावनी

रायपुर के बोरझारा स्थित अऊम इंजिनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड में श्रमिकों के साथ कथित अन्याय का मामला सामने आया है, जिसने अब बड़ा रूप ले लिया है। दो कर्मचारियों—कृष्ण कुमार कुजूर और किशोर मिर्धा—ने फैक्ट्री प्रबंधन पर बिना कारण बताए नौकरी से निकालने और बकाया भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, कृष्ण कुमार कुजूर लगभग 6 महीने से क्वालिटी इंचार्ज और किशोर मिर्धा करीब 1 महीने से सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे। दोनों का दावा है कि उनके काम को लेकर कभी कोई शिकायत नहीं की गई। इसके बावजूद 22 अप्रैल 2026 को अचानक बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के उन्हें काम से निकाल दिया गया और फैक्ट्री गेट बंद कर दिया गया। आरोप यह भी है कि काम के दौरान उनका नाम ESIC और PF (PAF) में दर्ज नहीं किया गया, जो श्रम कानूनों का उल्लंघन है। कर्मचारियों का कहना है कि जब उन्होंने अपने बकाया वेतन और हिसाब-किताब की मांग की, तो प्रबंधन ने भुगतान करने से इनकार कर दिया और धमकी भरे लहजे में बात की। इस मामले में आवेदक बेदराम साहू ने बताया कि उन्होंने दो बार फोन के माध्यम से फैक्ट्री प्रबंधन से बातचीत कर मजदूरों का भुगतान कराने का प्रयास किया, लेकिन यश गुप्ता नामक व्यक्ति ने गलत नियमों का हवाला देते हुए भुगतान से साफ मना कर दिया। श्रम कानूनों के तहत अब किशोर मिर्धा को दो महीने का नोटिस पेमेंट और कृष्ण कुमार कुजूर को एक महीने का नोटिस पेमेंट मिलना चाहिए। कुल मिलाकर कृष्ण कुजूर के 34,660 रुपये और किशोर मिर्धा के 43,200 रुपये बकाया बताए गए हैं। आवेदक ने फैक्ट्री प्रबंधन को दो दिन के भीतर भुगतान करने की चेतावनी दी है। अन्यथा 30 अप्रैल 2026 को फैक्ट्री गेट के सामने मजदूर परिवार और स्थानीय लोगों के साथ धरना-प्रदर्शन और घेराव किया जाएगा। साथ ही, इस दौरान होने वाली किसी भी स्थिति के लिए पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।

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