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छत्तीसगढ़ में पीजी कोर्स में भी लागू होगी NEP, पाठ्यक्रम में जुड़ेगी भारतीय ज्ञान परंपरा

छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। स्नातक (यूजी) के बाद अब स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य का उच्च शिक्षा विभाग इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है और नए पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान परंपरा को भी शामिल किया जाएगा। पिछले शैक्षणिक सत्र में रायपुर के साइंस कॉलेज जैसे स्वायत्त संस्थानों और विश्वविद्यालयों के पीजी कोर्स में NEP लागू किया जा चुका है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद अब इसे प्रदेश के अन्य शासकीय और निजी कॉलेजों में भी विस्तार देने की योजना बनाई जा रही है। नई शिक्षा व्यवस्था के तहत पीजी पाठ्यक्रमों को अधिक लचीला और रोजगारपरक बनाया जाएगा। इसमें मल्टीडिसिप्लिनरी शिक्षा, क्रेडिट आधारित सिस्टम और फ्लेक्सिबल एंट्री-एग्जिट जैसे प्रावधान शामिल होंगे। उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसके लिए पाठ्यक्रमों में बदलाव, शिक्षकों का प्रशिक्षण और प्रशासनिक तैयारियां की जा रही हैं। वर्तमान में प्रदेश में 9 शासकीय विश्वविद्यालय हैं, जिनसे सैकड़ों शासकीय और निजी कॉलेज संबद्ध हैं, जिनमें ऑटोनोमस कॉलेज भी शामिल हैं। 7 मई को होगी अहम समीक्षा बैठक:उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा 7 मई को विभागीय समीक्षा बैठक लेंगे। इस बैठक में पीजी पाठ्यक्रमों में NEP लागू करने सहित 17 प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में शिक्षक भर्ती, शैक्षणिक कैलेंडर और कॉलेजों में ऑनलाइन उपस्थिति जैसे विषय भी शामिल होंगे। क्या है भारतीय ज्ञान परंपरा:भारतीय ज्ञान परंपरा भारत की प्राचीन बौद्धिक धरोहर है, जिसमें गणित, खगोल विज्ञान, आयुर्वेद, दर्शन और धातु विज्ञान जैसे विषय शामिल हैं। इसका उद्देश्य पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़ना है, ताकि छात्र अपनी जड़ों से जुड़ सकें और समकालीन चुनौतियों का समाधान खोज सकें। यूजीसी के दिशा-निर्देशों के तहत इसे पीजी पाठ्यक्रम में शामिल करने का मकसद छात्रों में नैतिक मूल्यों का विकास करना और उन्हें प्राचीन भारतीय ज्ञान से परिचित कराना है। इसके जरिए छात्र कौटिल्य के अर्थशास्त्र से लेकर वैदिक गणित जैसे विषयों का व्यावहारिक ज्ञान हासिल कर सकेंगे।

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रायपुर कलेक्ट्रेट पार्किंग में अवैध वसूली का खुलासा, बिना टेंडर चल रहा खेल

रायपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मल्टीलेवल पार्किंग में अवैध वसूली और संदिग्ध गतिविधियों का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद नगर निगम की उड़नदस्ता टीम और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। जांच में पाया गया कि पार्किंग के लिए कोई वैध टेंडर जारी नहीं किया गया था, इसके बावजूद यहां शुल्क वसूला जा रहा था। कार्रवाई के दौरान यह सामने आया कि पार्किंग का संचालन भले ही नगर निगम के पास है, लेकिन वसूली निजी लोगों द्वारा की जा रही थी। मौके पर बिना सीरियल नंबर और बिना सील की पर्चियों के जरिए पैसे वसूले जा रहे थे। कुछ मामलों में क्यूआर कोड के माध्यम से निजी खातों में भुगतान लिया जा रहा था, जिसकी जांच जारी है। छापेमारी के दौरान टीम को कई संदिग्ध दस्तावेज भी मिले। इनमें पूर्व ठेकेदार मोहम्मद शोएब के नाम पर मासिक पास से जुड़े कागजात और एक आर्म्स लाइसेंस मिला, जिस पर किसी प्रकार की आधिकारिक मुहर नहीं थी। पुलिस ने इन दस्तावेजों को जब्त कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। मामले में लापरवाही सामने आने पर निगम के चार कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले यहां पार्किंग निशुल्क थी, लेकिन पिछले कुछ महीनों से दोपहिया और चारपहिया वाहनों से जबरन शुल्क वसूला जा रहा है। कई बार विरोध करने पर बहस की स्थिति भी बन जाती है। बताया जा रहा है कि यह पार्किंग पहले भी विवादों में रह चुकी है, जहां अवैध गतिविधियों और अव्यवस्था की शिकायतें सामने आती रही हैं। हालिया कार्रवाई के बाद पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।

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छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस चुनाव की तैयारी तेज, सदस्यता अभियान से होगी शुरुआत

छत्तीसगढ़ में भारतीय युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष समेत कई अहम पदों के लिए नई टीम के गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा का कार्यकाल तीन साल से अधिक हो चुका है, जिसके चलते अब संगठन में बदलाव की तैयारी चल रही है। चुनावी प्रक्रिया से पहले मई और जून में सदस्यता अभियान चलाया जाएगा, जो पूरे चुनाव की नींव होगा। इस बार सदस्यता शुल्क को बढ़ाकर 75 रुपए कर दिया गया है, जो पहले 50 रुपए था। संगठन का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा युवाओं को जोड़ना है। इस बार चुनाव प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल सिस्टम अपनाया जाएगा। सदस्यता से लेकर वोटिंग तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। साथ ही चुनाव को ब्लॉक स्तर तक आयोजित किया जाएगा। भारतीय युवा कांग्रेस की इलेक्शन टीम जल्द रायपुर पहुंचकर इसकी निगरानी करेगी। चुनाव दो चरणों में संपन्न होगा। पहले मतदान कराया जाएगा, उसके बाद उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया जाएगा। अंतिम फैसला वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा किया जाएगा। अध्यक्ष पद के लिए उम्र भी महत्वपूर्ण मापदंड होगी, जिसमें 1989, 1990 और 1991 आयु वर्ग के उम्मीदवारों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पिछले चुनाव में 11 लाख से अधिक सदस्य जुड़े थे, और इस बार इससे भी ज्यादा संख्या में युवाओं के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रदेशभर में दावेदार सक्रिय हो गए हैं। संभावित उम्मीदवारों में अनिमेष सिंह, हनी बग्गा, शैलेंद्र बंजारे, हर्षिता बघेल, मनहण वर्मा, सत्येंद्र चेलक और प्रशांत बोगड़े के नाम सामने आ रहे हैं। वहीं भावेश शुक्ला, आदिल खेरानी, आदित्य भगत, निखिल कांत साहू और संदीप वोरा भी प्रमुख दावेदारों में शामिल बताए जा रहे हैं। कुल मिलाकर, इस बार का चुनाव संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां सदस्यता अभियान, डिजिटल वोटिंग और नए चेहरों की एंट्री मुकाबले को रोचक बना सकती है।

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रायपुर में ज्वैलर्स मैनेजर से 1 करोड़ की लूट, तलवार से हमला कर बदमाश जेवरात लेकर फरार

रायपुर के खरोरा थाना क्षेत्र में सराफा कारोबारी के मैनेजर से करीब 1 करोड़ रुपए की बड़ी लूट की घटना सामने आई है। बाइक सवार बदमाशों ने तलवार से हमला कर सोने-चांदी से भरा बैग छीन लिया और मौके से फरार हो गए। घायल मैनेजर को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, पीड़ित टीकाराम शर्मा ‘महावीर ज्वैलर्स’ में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। ज्वैलर्स की खरोरा इलाके में दो शाखाएं हैं। मंगलवार शाम टीकाराम एक ब्रांच से दूसरे ब्रांच में जेवरात लेकर जा रहे थे। इसी दौरान शाम करीब 7 बजे तिल्दाडीह मोड़ के पास आंधी और बारिश के कारण वे रुक गए। मौसम सामान्य होने पर जैसे ही वे आगे बढ़े, तभी बाइक सवार 2 से 3 बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। आरोपियों ने तलवार से उनके सिर पर वार किया और जेवरात से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने ज्वैलर्स प्रबंधन को सूचना दी। वहीं स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही खरोरा थाना पुलिस, क्राइम ब्रांच और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इलाके में नाकेबंदी कर दी है और संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में यह वारदात सुनियोजित लग रही है, क्योंकि आरोपियों को मैनेजर के रूट और समय की पहले से जानकारी होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले की हर पहलू से जांच जारी है।

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रायपुर डबल मर्डर: बाउंसर ने ससुराल में घुसकर दो सालियों को मारी गोली, पत्नी से विवाद बना वजह

रायपुर के मोवा इलाके में मंगलवार देर रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जहां एक बाउंसर ने अपनी दो सालियों की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी जितेंद्र वर्मा उर्फ जित्तू अपनी पत्नी पर शक करता था, जिसको लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। मंगलवार को भी विवाद के बाद उसकी पत्नी अपने बच्चे को लेकर मायके चली गई थी। पत्नी से संपर्क नहीं हो पाने पर आरोपी रात करीब 9 से 9:30 बजे के बीच लाइसेंसी पिस्टल लेकर ससुराल पहुंच गया और बच्चे से मिलने की जिद करने लगा। इस दौरान उसकी साली गीतांजलि (26) और दुर्गेश्वरी (24) उसे समझाने बाहर आईं और वापस जाने को कहा। इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से गीतांजलि की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दुर्गेश्वरी गंभीर रूप से घायल हो गईं और अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से भागा नहीं, बल्कि बाहर आकर सड़क पर हवाई फायरिंग की और फिर खुद थाने जाकर आत्मसमर्पण कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, आरोपी अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था, जिस कारण उनके बीच अक्सर विवाद होता रहता था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसकी लाइसेंसी पिस्टल जब्त कर ली है और मामले की जांच जारी है।

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खमतराई ब्रिज के पास पानी चोरी पर निगम की सख्त कार्रवाई, अवैध कनेक्शन काटे

रायपुर में खमतराई ब्रिज के पास पानी की चोरी के मामले में नगर निगम ने कड़ी कार्रवाई की है। महापौर मीनल चौबे, जल कार्य विभाग अध्यक्ष संतोष सीमा साहू और आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर जल कार्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध नल कनेक्शनों को हटाया। यह कार्रवाई रावणभाठा फिल्टर प्लांट की टीम और नगर निगम जोन क्रमांक 2 के अधिकारियों के संयुक्त प्रयास से की गई। जांच के दौरान पाया गया कि राइजिंग मेन पाइप लाइन से गैरकानूनी तरीके से पानी लिया जा रहा था, जिसे तत्काल प्रभाव से बंद किया गया। कार्रवाई के दौरान जोन 2 के जोन कमिश्नर संतोष पाण्डेय, कार्यपालन अभियंता नर सिंह फरेन्द्र, पी.डी. धृतलहरे, सहायक अभियंता योगेन्द्र कुमार देवांगन सहित जल विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। निगम ने साफ किया है कि पानी चोरी के मामलों में आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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छत्तीसगढ़ में नकली मसाले का खुलासा, एवरेस्ट मसाला के नाम पर बेचा जा रहा संदिग्ध माल

छत्तीसगढ़ में मशहूर ब्रांड Everest मसाला के नाम पर नकली उत्पाद बेचे जाने का मामला सामने आया है। कंपनी की शिकायत के बाद खाद्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए एक गोदाम पर छापा मारा, जहां बड़ी मात्रा में संदिग्ध मसाला बरामद किया गया। जानकारी के अनुसार, व्यापार विहार स्थित श्री बालाजी कार्गो मूवर्स के गोदाम में छापेमारी की गई। इस दौरान लाखों रुपये कीमत का मसाला जब्त किया गया, जिसे प्रथम दृष्टया नकली होने की आशंका जताई जा रही है। मौके पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को भी बुलाया गया, जिसने मसालों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया है। इस कार्रवाई के दौरान संबंधित कंपनी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। गोदाम संचालक का कहना है कि जब्त किया गया मसाला किसी अन्य व्यक्ति द्वारा वहां रखा गया था और उनका इससे सीधा संबंध नहीं है। फिलहाल, खाद्य विभाग द्वारा मामले की जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि मसाला पूरी तरह नकली है या नहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को बाजार में मसाले खरीदते समय सावधानी बरतनी चाहिए और केवल विश्वसनीय दुकानों से ही सामान लेना चाहिए।

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रायपुर में 136 पुलिसकर्मियों के तबादले, 2 SI समेत ASI और जवानों की बड़े स्तर पर बदली

Raipur पुलिस कमिश्नरेट में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर तबादले किए गए हैं। पुलिस कमिश्नर कार्यालय द्वारा जारी आदेश के तहत कुल 136 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया गया है। जारी सूची के अनुसार, इस तबादला आदेश में 2 सब-इंस्पेक्टर (SI), 16 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) और 118 हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल शामिल हैं। सभी को अलग-अलग थानों और इकाइयों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पुलिस विभाग के अनुसार, यह फेरबदल कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया गया है। आदेश जारी होते ही इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस बड़े पैमाने के तबादले के बाद पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई है और नए पदस्थापना के अनुसार जिम्मेदारियां संभालने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

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झारखंड शराब घोटाला मामले में IAS अनिल टुटेजा को अग्रिम जमानत, हाईकोर्ट ने लगाईं सख्त शर्तें

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कथित झारखंड शराब घोटाला मामले में निलंबित आईएएस अधिकारी Anil Tuteja को अग्रिम जमानत प्रदान की है। जस्टिस पी.पी. साहू की एकल पीठ ने उन्हें 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की दो जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत ने जमानत देते हुए स्पष्ट किया है कि टुटेजा को जांच में पूरा सहयोग करना होगा और किसी भी गवाह को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करनी होगी। कोर्ट ने यह भी कहा है कि यदि वे जांच में बाधा डालते हैं, तो जांच एजेंसी उनकी जमानत रद्द कराने के लिए स्वतंत्र होगी। हालांकि, इस राहत के बावजूद टुटेजा का जेल से बाहर आना फिलहाल आसान नहीं माना जा रहा है, क्योंकि हाल ही में छत्तीसगढ़ के चर्चित डीएमएफ और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने टुटेजा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और आईपीसी की धारा 420 व 120B के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर झारखंड में छत्तीसगढ़ के आबकारी मॉडल की तर्ज पर अवैध शराब कारोबार के लिए एक सिंडिकेट तैयार किया। जांच एजेंसी के अनुसार, इस सिंडिकेट ने झारखंड की आबकारी नीति में बदलाव कर अपने पसंदीदा ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया और अवैध रूप से करोड़ों रुपये का कमीशन अर्जित किया। टुटेजा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका दायर करते हुए दावा किया था कि उन्हें लगातार अलग-अलग मामलों में फंसाकर जेल में रखने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड पुलिस ने इस मामले में उन्हें आरोपी तक नहीं बनाया है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि पिछले पांच वर्षों में विभिन्न एजेंसियों द्वारा की गई छापेमारी में उनके पास से कोई अवैध संपत्ति बरामद नहीं हुई और न ही कोई ठोस डिजिटल या वित्तीय साक्ष्य मिला है। वहीं, राज्य सरकार ने जमानत का विरोध करते हुए टुटेजा को कई घोटालों का मास्टरमाइंड बताया और आरोप लगाया कि उन्होंने रायपुर में बैठकर झारखंड के अधिकारियों के साथ साजिश रची, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ। हाईकोर्ट ने मामले के तथ्यों पर गौर करते हुए कहा कि टुटेजा पिछले दो वर्षों से न्यायिक हिरासत में हैं, इसके बावजूद जांच एजेंसी ने इस मामले में उनसे पूछताछ के लिए कोई विशेष प्रयास नहीं किया। साथ ही, झारखंड पुलिस द्वारा उन्हें आरोपी न बनाए जाने और अन्य आरोपियों को जमानत मिलने जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखा गया। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने उन्हें अग्रिम जमानत दी, लेकिन स्पष्ट किया कि जांच में सहयोग अनिवार्य होगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही की स्थिति में जमानत रद्द की जा सकती है।

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पश्चिम बंगाल जीत में छत्तीसगढ़ भाजपा नेताओं की बड़ी भूमिका, 56 सीटों पर माइक्रो प्लानिंग से बदला समीकरण

देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे सामने आने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा पश्चिम बंगाल के परिणामों को लेकर हो रही है। भाजपा की जीत के साथ अब चुनावी रणनीति पर भी फोकस बढ़ गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ के नेताओं की भूमिका अहम मानी जा रही है। पार्टी ने छत्तीसगढ़ के नेताओं को चुनाव के दौरान बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी थीं। उन्हें 56 विधानसभा सीटों पर बूथ मैनेजमेंट से लेकर माइक्रो लेवल प्लानिंग तक का काम दिया गया था। कई सीटों पर उन्हें पूरी चुनावी कमान भी सौंपी गई थी, जहां उन्होंने संगठन को मजबूत करने और वोटिंग पैटर्न को साधने में काम किया। छत्तीसगढ़ भाजपा के संगठन महामंत्री पवन साय को इन 56 सीटों की जिम्मेदारी दी गई थी। उनका कार्य सिर्फ औपचारिक नहीं था, बल्कि बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना और कार्यकर्ताओं के नेटवर्क को मजबूत बनाना था। चुनाव के दौरान उनकी रणनीति को अहम माना जा रहा है। इसके अलावा, क्लस्टर स्तर पर भी छत्तीसगढ़ के नेताओं को जिम्मेदारी दी गई थी। दुर्गापुर जिले के बर्धमान और दुर्गापुर लोकसभा क्षेत्रों की कमान पूर्व मंत्री राजेश मूणत और वरिष्ठ नेता शिवरतन शर्मा को सौंपी गई थी। उनके साथ समन्वय की जिम्मेदारी भूपेंद्र सवन्नी को दी गई थी। अन्य नेताओं में नीलू शर्मा, अनुराग सिंहदेव, हरपाल सिंह भाम्भरा और विश्व विजय सिंह तोमर को भी अलग-अलग सीटों पर तैनात किया गया था। इन सभी को चुनावी प्लानिंग, कैंपेनिंग और बूथ मैनेजमेंट के लिए माइक्रो स्तर पर काम करने के निर्देश दिए गए थे। कोलकाता क्लस्टर में पार्टी ने माइक्रो मैनेजमेंट के लिए विशेष टीम बनाई थी। इस टीम में भी छत्तीसगढ़ के नेताओं को शामिल किया गया और उन्हें समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंच बनाने का काम सौंपा गया। इस टीम का नेतृत्व प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव और सौरभ सिंह कर रहे थे। रणनीति के तहत व्यापारी, डॉक्टर, सीए, प्रोफेसर, कलाकार, मजदूर, रिक्शा चालक और मछली विक्रेताओं सहित विभिन्न वर्गों तक अलग-अलग तरीके से संपर्क किया गया। इसके साथ ही उन स्थानीय नेताओं को भी सक्रिय करने की कोशिश की गई, जो पहले चुनाव हार चुके थे, लेकिन जिनका जनाधार अभी भी मौजूद था। चुनावी प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैलियों और सभाओं के समन्वय की जिम्मेदारी भी छत्तीसगढ़ के नेताओं को दी गई थी। इसमें डिप्टी सीएम विजय शर्मा, मंत्री केदार कश्यप, गजेन्द्र यादव और टंकराम वर्मा शामिल थे, जिन्होंने रैली प्रबंधन और स्थानीय समन्वय का काम संभाला। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, छत्तीसगढ़ के नेताओं को दी गई यह जिम्मेदारी संगठन में उनकी बढ़ती पकड़ और भरोसे को दर्शाती है। हालांकि, पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन जिस तरह से उन्हें बूथ से लेकर क्लस्टर और माइक्रो लेवल तक जिम्मेदारियां सौंपी गईं, उससे यह स्पष्ट होता है कि उन्हें चुनावी प्रबंधन के लिए सक्षम माना गया।

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