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रायपुर: 17 मामलों का आरोपी जमानत पर छूटा, गांव में खुलेआम धमकी दी — “गोली मारकर मर्डर कर दूंगा”

रायपुर जिले के मुजगहन थाना क्षेत्र के भटगांव में एक कुख्यात बदमाश का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह खुलेआम लोगों को जान से मारने की धमकी दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह वही आरोपी है, जो हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आया है और अब गांव में फिर से दहशत फैलाने में जुटा है। वीडियो में आरोपी तरुण रात्रे चौराहे पर खड़ा होकर लोगों को गालियां देते हुए कहता दिख रहा है कि “गोली मारकर मर्डर कर दूंगा।” ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले से ही 17 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, धमकी और वसूली जैसे आरोप शामिल हैं। गांव के सरपंच ने बताया कि तरुण रात्रे लोगों से जबरन पैसे वसूलता है और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देता है। कई बार उसने स्थानीय लोगों के साथ मारपीट भी की है। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने पहले पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने पर डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा के बंगले पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों की मांग है कि आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर जिला बदर किया जाए ताकि गांव में फिर से शांति बहाल हो सके।

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कस्टम मिलिंग घोटाला: EOW की चार्जशीट में टुटेजा और ढेबर पर गंभीर आरोप, 140 करोड़ की वसूली का खुलासा

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कस्टम मिलिंग घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सेवानिवृत्त IAS अधिकारी अनिल टुटेजा और व्यवसायी अनवर ढेबर के खिलाफ करीब 1500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।जांच एजेंसी के अनुसार, इस घोटाले की शुरुआत वर्ष 2021-22 में हुई थी, जब उद्योग भवन में हुई एक अहम बैठक में अनियमित वसूली की योजना तैयार की गई। 🔹 EOW ने टुटेजा और रोशन चंद्राकर को बताया मास्टरमाइंड चार्जशीट में EOW ने पूर्व IAS अनिल टुटेजा और तत्कालीन अधिकारी रोशन चंद्राकर को इस घोटाले का मुख्य साजिशकर्ता बताया है।कहा गया कि टुटेजा ने राइस मिलर्स एसोसिएशन पर दबाव बनाकर मिलर्स से अवैध रूप से वसूली करवाई। इस दौरान नरेश सोमानी को हटाकर चंद्राकर को कोषाध्यक्ष बनाया गया ताकि वसूली का काम आसान हो सके। 🔹 मिलर्स से 140 करोड़ की वसूली EOW का दावा है कि राइस मिलर्स से करीब 140 करोड़ रुपए की अवैध वसूली की गई। जो व्यापारी पैसे देने से मना करते थे, उनके मिलों पर छापेमारी कराई गई।जांच में सामने आया कि अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर लगभग 22 करोड़ रुपए का कमीशन वसूला, जिसका कुछ हिस्सा कांग्रेस के फंड तक पहुंचा। 🔹 बोरी-कार्टून में जाता था पैसा राजीव भवन चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि अवैध वसूली की रकम बोरी और कार्टून में भरकर कांग्रेस के राजीव भवन भेजी जाती थी।यह पैसा पहले शहर के होटलों — जैसे बीटीआई मैदान, पाम बैलेजियो और बनियान ट्री — में एकत्र किया जाता था और फिर होटल के जरिए टुटेजा तक पहुंचता था। बाद में रकम का बंटवारा किया जाता था। 🔹 सीएम हाउस तक पहुंची योजना EOW की रिपोर्ट के अनुसार, वसूली की योजना को अमलीजामा पहनाने से पहले मुख्यमंत्री निवास में बैठक हुई थी।इस बैठक में प्रोत्साहन राशि 40 रुपए से बढ़ाकर 120 रुपए प्रति क्विंटल करने का निर्णय लिया गया।इसके बाद बेबीलॉन होटल में “सम्मान समारोह” के नाम पर वसूली अभियान की शुरुआत हुई। 🔹 कई विभागों में ढेबर का दखल जांच में सामने आया कि अनवर ढेबर का प्रभाव केवल मिलिंग तक सीमित नहीं था। वह PWD, वन विभाग, बिजली विभाग और मार्कफेड जैसे कई सरकारी संस्थानों में सक्रिय था।EOW को मिले चैट रिकॉर्ड बताते हैं कि बिना ढेबर की अनुमति के कई काम आगे नहीं बढ़ते थे। अब इन विभागों में गड़बड़ियों की जांच भी शुरू की गई है। 🔹 शराब कारोबारी सिंघानिया भी शामिल EOW की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि शराब घोटाले के आरोपी सिद्धार्थ सिंघानिया ने भी इस वसूली में बड़ी भूमिका निभाई।ढेबर के निर्देश पर उसने अपने दो एजेंट अंकुर पालीवाल और सूरज पवार के माध्यम से पैसा वसूला, जबकि टुटेजा की ओर से रोशन चंद्राकर और मनोज सोनी इसका संचालन करते थे। 🔹 आगे की जांच जारी EOW का कहना है कि जांच अभी जारी है और कोर्ट की प्रक्रिया में सभी आरोपियों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा।एजेंसी ने यह भी संकेत दिया है कि आगे की कार्रवाई में और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।

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भाजपा का कांग्रेस पर हमला: कहा— ‘कांग्रेस अब अपराधियों की शरणस्थली बन गई’

छत्तीसगढ़ में बढ़ते अपराधों को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर सीधा निशाना साधा है। जांजगीर-चांपा के श्याम सुपर मार्केट डकैती कांड में एनएसयूआई नगर अध्यक्ष जितेंद्र दिनकर की गिरफ्तारी के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने कहा कि कांग्रेस का हाथ अब जनता के साथ नहीं, बल्कि अपराधियों के साथ है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं की तुलना “चड्‌डी-बनियान गिरोह” से करते हुए कहा कि कांग्रेस अपराध को बढ़ावा देकर प्रदेश में अपराधियों का राजनीतिकरण और राजनीति का अपराधीकरण कर रही है। कांग्रेस सेवा और सुरक्षा के रास्ते से भटकी: भाजपा डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि जिस घर से हथियार बरामद हुए हैं, वह कांग्रेस विधायक से जुड़ा हुआ है, जो इस बात का सबूत है कि कांग्रेस जनता की सेवा और सुरक्षा के रास्ते से भटक चुकी है। उनका कहना है कि बलौदाबाजार हिंसा से लेकर जांजगीर डकैती तक कांग्रेस नेताओं का आपराधिक चेहरा सामने आता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला विधायक के अवैध रेत खनन से जुड़ी रंगदारी वसूली का ऑडियो और किसानों के पैसे के फर्जी ट्रांसफर जैसे मामले दिखाते हैं कि कांग्रेस नेताओं की अपराधों में गहरी संलिप्तता है। कांग्रेस राज में बढ़ा अपराध भाजपा नेता ने कहा कि एनसीआरबी की रिपोर्ट यह साबित करती है कि कांग्रेस शासनकाल में अपराधों में भारी बढ़ोतरी हुई है। कांग्रेस या तो अपराधियों को संरक्षण देती है या खुद अपराध में शामिल रहती है। डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि कांग्रेस अपराधियों को बचाकर जनता में डर फैलाने की राजनीति कर रही है, फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाकर खुद को निर्दोष दिखाती है। उन्होंने इसे कांग्रेस का “दोहरा चरित्र” बताया, जो प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। इस मौके पर भाजपा प्रवक्ता डॉ. किरण बघेल भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहीं।

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छत्तीसगढ़ NGO घोटाला: CBI ने तेज की जांच, 14 लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी

छत्तीसगढ़ में समाज कल्याण विभाग से जुड़ा बहुचर्चित NGO घोटाला एक बार फिर चर्चा में है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले की जांच की रफ्तार बढ़ा दी है। सोमवार को CBI अधिकारियों ने मना स्थित समाज कल्याण विभाग के दफ्तर पर दबिश दी और स्टेट रिसोर्स सेंटर (SRC) से जुड़े दस्तावेज मांगे। अधिकारियों ने NGO से संबंधित तीन बंडल फाइलों की फोटो कॉपी भी अपने कब्जे में ली है। CBI ने साफ किया है कि इन दस्तावेजों की जांच की जाएगी और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। इस केस में एक पूर्व मंत्री, सात IAS अफसर और कई राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) अधिकारियों समेत कुल 14 लोगों के नाम जांच के घेरे में हैं। कैसे बना था NGO और कौन थे संस्थापक 2004 में तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री रेणुका सिंह के साथ कई शीर्ष अफसरों — जैसे रिटायर्ड IAS विवेक ढांढ, MK राउत, डॉ. आलोक शुक्ला, सुनील कुजूर, BL अग्रवाल, सतीश पांडे और पीपी श्रोती — ने मिलकर दो NGO की स्थापना की थी। दिव्यांगों की मदद के नाम पर बने इन संगठनों का उद्देश्य व्हीलचेयर, कृत्रिम अंग, ट्राईसाइकिल और सुनने की मशीनें बांटना था, लेकिन हकीकत में यह काम केवल कागजों पर ही हुआ। बिना मान्यता और बिना चुनाव के चला NGO यह NGO समाज कल्याण विभाग से कभी मान्यता प्राप्त नहीं कर सका, फिर भी राज्य और केंद्र की योजनाओं के तहत इसे करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए। सरकारी नियमों के अनुसार कोई भी सरकारी कर्मचारी NGO का सदस्य नहीं हो सकता, लेकिन मंत्री और अफसरों ने नियमों को ताक पर रखकर संगठन बना लिया। न चुनाव हुआ, न प्रबंधकारिणी की बैठक, न ही 17 साल तक कोई ऑडिट। कैसे खुला घोटाले का राज 2016 में इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश तब हुआ जब संविदा कर्मचारी कुंदन ठाकुर ने अपनी नौकरी रेगुलर करवाने के लिए आवेदन किया। उन्हें पता चला कि वे पहले से ही एक अन्य पद पर पदस्थ हैं और उनके नाम से दूसरी जगह से वेतन जारी हो रहा है। RTI लगाने पर खुलासा हुआ कि उनके जैसे कई कर्मचारी हैं जिनके नाम पर दो-दो जगह से वेतन लिया जा रहा है। फर्जी नियुक्तियां और डबल सैलरी का खेल जांच में सामने आया कि कई कर्मचारियों को कागजों में पदस्थ दिखाया गया, जबकि वे जमीन पर काम ही नहीं कर रहे थे। कुछ कर्मचारियों के नाम से 2 से 3 जगहों से सैलरी निकाली जाती रही। सिर्फ पांच साल में लगभग 1 करोड़ 70 लाख रुपये फर्जी नियुक्तियों के जरिए खर्च दिखाए गए। जांच रिपोर्ट में बड़े खुलासे हाईकोर्ट के आदेश पर तत्कालीन मुख्य सचिव अजय सिंह ने डॉ. कमलप्रीत सिंह को जांच सौंपी थी। रिपोर्ट में पाया गया कि 2004 से अब तक NGO का एक भी ऑडिट नहीं हुआ। फर्जी नियुक्तियां की गईं और कर्मचारियों को नकद में भुगतान किया गया।सरकार ने अदालत में यह तर्क दिया कि केंद्र भौतिक रूप से संचालित था और वहां कृत्रिम अंग लगाए गए, लेकिन भुगतानों में पारदर्शिता नहीं रही। अब CBI की नजर बड़े नामों पर CBI अब उन अधिकारियों और पूर्व मंत्रियों पर फोकस कर रही है जिनके दस्तखत फंड ट्रांसफर फाइलों में मिले हैं। साथ ही जिला स्तर के अफसर, ऑडिट रोकने वाले अधिकारी और फर्जी सैलरी पाने वाले नाम भी जांच की जद में हैं। 15 दिनों के भीतर सभी दस्तावेज जब्त करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जांच आगे बढ़ने पर और कई बड़े नाम बेनकाब होने की संभावना है।

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रायगढ़ में हाथियों का नहाने का नजारा: 48 हाथियों का झुंड तालाब में मस्ती करता नजर आया

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से हाथियों के नहाने का एक मनमोहक वीडियो सामने आया है। जंगल से बाहर निकले 48 हाथियों का झुंड पोड़ी तालाब में पहुंचा और देर तक पानी में मस्ती करता रहा। इस झुंड में बड़े हाथियों के साथ उनके शावक भी शामिल थे। ग्रामीणों ने यह दृश्य अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया। जानकारी के अनुसार, यह हाथी झुंड रायगढ़ और धरमजयगढ़ वनमंडल क्षेत्र में सक्रिय हैं। शुक्रवार शाम को जंगल से निकलकर ये हाथी सीधे तालाब में उतर गए। वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ हाथी अपनी सूंड़ में पानी भरकर एक-दूसरे पर छिड़क रहे थे, तो कुछ आपस में धक्का-मुक्की और मस्ती कर रहे थे। जिले में वर्तमान समय में 130 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। इसमें धरमजयगढ़ वनमंडल में 127 और रायगढ़ वनमंडल में 3 हाथी हैं, जिनमें नर 40, मादा 53 और शावक 37 हैं। सबसे बड़ा झुंड छाल रेंज के बंगरसुता बीट में देखा गया, जहां 48 हाथी मौजूद थे। छाल वन परिक्षेत्र अधिकारी राजेश चौहान ने बताया कि हाथियों की हर गतिविधि पर लगातार निगरानी की जा रही है। तालाब में नहाने के लिए आने वाले हाथियों के आसपास सभी गांवों में मुनादी कराई जा रही है, ताकि किसी भी तरह की घटना से बचा जा सके।

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रायगढ़ में युवक की संदिग्ध मौत: शव ले जा रही एम्बुलेंस से गायब, इलाज के दौरान हुई मृत्यु

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक सड़क हादसे के बाद 2 युवकों की मौत हो गई और उनके शवों को अस्पताल ले जा रहे युवक की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ग्रामीणों ने इस घटना के बाद थाने का घेराव किया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। घटना धर्मजयगढ़ थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, खम्हार निवासी आशीष राठिया अपने साथी सरोज भोय के साथ धर्मजयगढ़ में दशहरा देखने के बाद बाइक से लौट रहे थे। रात लगभग 1 बजे नकना और खम्हार के बीच उनकी बाइक सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। हादसे में बाइक चला रहे सरोज भोय और पीछे बैठे आशीष राठिया की मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, नरेश कुमार राठिया, जो गांव का ही निवासी था, अटेंडर बनकर दोनों शवों को संजीवनी 108 एम्बुलेंस से धर्मजयगढ़ सिविल अस्पताल ले जा रहा था। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर नरेश गायब पाया गया। करीब 20 मिनट बाद डायल 112 की टीम ने उसे भंवरखोल के पास सड़क किनारे घायल अवस्था में पाया और तुरंत अस्पताल लाया। इलाज के दौरान नरेश की भी मौत हो गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने सुबह धर्मजयगढ़ थाना का घेराव किया और युवक की मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। पुलिस ने मौके पर जाकर ग्रामीणों को समझाइश दी और मामला शांत हुआ। एएसआई एसके वर्मा ने बताया कि नरेश को मुख्य मार्ग पर घायल अवस्था में पाया गया। थाना प्रभारी सीताराम ध्रुव ने कहा कि एम्बुलेंस का दरवाजा दोनों ओर से खुलता है, इसलिए संभव है कि वह चलती एम्बुलेंस से गिर गया हो, या कोई अन्य कारण हो सकता है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और मृतकों के परिजनों को आश्वासन दिया गया है कि संपूर्ण घटना की निष्पक्ष छानबीन की जाएगी।

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दुर्ग में बॉयफ्रेंड ने अश्लील वीडियो की धमकी देकर 8 लाख वसूले, FIR दर्ज

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक महिला दीक्षा कोसरे (24) से उसके बॉयफ्रेंड उमाशंकर भारती ने 8 लाख रुपए वसूले। आरोपी ने AI से अश्लील वीडियो बनाने और वायरल करने की धमकी देकर महिला से उसके भाई की बीमा राशि भी हड़प ली। पैसे देने के बाद भी वह लगातार और रकम की मांग करने लगा और न देने पर जान से मारने की धमकी दी। मामला भिलाई-03 थाना क्षेत्र का है। पीड़िता ने बताया कि उनकी जान-पहचान उमाशंकर से फरवरी 2021 में हुई थी और धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। 25 मई 2024 को दीक्षा के भाई यशवंत कोसरे की मृत्यु हो गई, और उन्हें भाई की बीमा राशि के रूप में लगभग 8 लाख रुपए मिले। इसी रकम को लेकर आरोपी ने उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उमाशंकर ने वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम के माध्यम से पैसों की मांग की और AI तकनीक का उपयोग कर अश्लील वीडियो बनाने की धमकी दी। डर और मानसिक प्रताड़ना से ग्रस्त होकर दीक्षा ने पैसे ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीके से दे दिए। इसके बावजूद आरोपी ने पैसों की मांग जारी रखी और जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने शुक्रवार को थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 308(2) BNS के तहत मामला दर्ज किया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। दीक्षा का कहना है कि आरोपी ने उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से बर्बाद कर दिया और वह चाहती हैं कि उसे कड़ी सजा मिले, ताकि कोई अन्य महिला ऐसी स्थिति का शिकार न हो। पुलिस ने बताया कि इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जहां सोशल मीडिया और AI तकनीक के माध्यम से महिलाओं को डराकर पैसे वसूले जा रहे हैं। लोगों को ऐसी स्थिति में तुरंत थाने में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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सरकारी नौकरी का झांसा देकर 200 लड़कियों को बंधक बनाया गया, गुडवे फैशन कंपनी पर FIR दर्ज

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक प्राइवेट कंपनी ने सरकारी नौकरी का झांसा देकर लगभग 150-200 लड़कियों को बंधक बनाया। इन लड़कियों से मार्केटिंग का काम करवाया जाता था, लेकिन वे सैलरी नहीं पा रही थीं। कंपनी की 5-10 लड़कियां पीड़ितों पर दबाव डालती थीं कि वे सोशल मीडिया पर लड़कों को फंसाएं और उन्हें कंपनी में बुलाएं, तभी उन्हें पेमेंट मिलेगा। मामला पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र का है। जांच में सामने आया कि यह कंपनी गुडवे फैशन प्राइवेट लिमिटेड है, जो कॉस्मेटिक और कपड़े बेचने का काम करती है। बोरसी के कदम प्लाजा में अलग-अलग जिलों से लड़कियों को बुलाकर बंधक बनाया गया। पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें 25-30 हजार रुपए की नौकरी का झांसा देकर लाया गया और उनके मोबाइल छीन लिए गए। घर वालों से बात करने की अनुमति नहीं दी गई और आधी रात तक लड़कों को सोशल मीडिया पर फंसाने का दबाव बनाया जाता था। मामले का खुलासा भानुप्रतापपुर की एक लड़की ने अपने माता-पिता को किया, जिन्होंने आरएसएस कार्यकर्ता रवींद्र जैन और बजरंग दल प्रांत संयोजक रतन यादव को जानकारी दी। इसके बाद 3 अक्टूबर को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कंपनी पर हमला किया और पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। इसमें रामभरोष साहू, सत्यम पटेल, साहिल कश्यप, सौरभ चौधरी, राहुल सौंधिया, वेदप्रकाश शास्त्री और साधना पटेल शामिल हैं। पीड़िताओं ने बताया कि कंपनी में पढ़ाई या असली जॉब नहीं होती, बल्कि उन्हें नए लड़के-लड़कियों को जोड़ने और पैसों की चेन चलाने का दबाव डालते हैं। ट्रेनिंग फीस और पैसे जमा करने के लिए भी मजबूर किया जाता था। खाना समय पर नहीं दिया जाता और रात 2-3 बजे तक लड़कों से बातचीत करने को कहा जाता। धमतरी की एक पीड़िता के पिता ने बताया कि बेटी को नौकरी दिलाने के लिए उन्होंने 47 हजार रुपए कर्ज लेकर दिए, लेकिन अब सात महीने से पेमेंट नहीं मिली। दुर्ग CSP हर्षित मेहर ने कहा कि पुलिस ने लिखित शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पता चला कि कंपनी नौकरी के नाम पर युवाओं से पैसे वसूलती है और नए लोगों को जोड़ने का दबाव डालती है। मामले की आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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बिलासपुर में बिना अनुमति 3 मंजिला भवन में चल रहा था OYO होटल, निगम ने किया सील

बिलासपुर के बहतराई रोड, गीतांजलि सिटी फेस-1 में एक तीन मंजिला भवन बिना नगर निगम की अनुमति के बनाकर वहां OYO होटल चलाया जा रहा था। शिकायत और जांच के बाद नगर निगम ने इस अवैध भवन को सील कर दिया है। पार्षद रेखा पांडेय की शिकायत पर निगम ने शुक्रवार को कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि होटल संचालन से क्षेत्र का सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा था। पहले भवन पर OYO का बोर्ड लगा था, जिसे विरोध के बाद हटा दिया गया, लेकिन होटल का संचालन लगातार जारी था। नगर निगम की जांच में पता चला कि यह भवन गायत्री केडिया की है, लेकिन इसका नक्शा निगम से पास नहीं कराया गया। बावजूद इसके, भवन में 17 कमरों वाला होटल तैयार कर लिया गया था और लंबे समय से होटल संचालित हो रहा था। निगम कमिश्नर के निर्देश पर भवन शाखा की टीम मौके पर पहुंची और होटल को सील कर दिया। मौके पर स्टाफ से पूछताछ की गई, लेकिन कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं किया गया। नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि बिना अनुमति निर्माण और अवैध व्यवसाय पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी भवन मालिक को बख्शा नहीं जाएगा और जरूरत पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।

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रायपुर में गन प्वाइंट लूट: 1.5 करोड़ की चांदी लूटकर बदमाश फरार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शनिवार सुबह एक बड़ी लूट की घटना सामने आई। शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में दो नकाबपोश बदमाशों ने सराफा कारोबारी राहुल गोयल के फ्लैट में घुसकर 1 करोड़ 50 लाख रुपये की चांदी लूट ली। इस दौरान लुटेरों ने कारोबारी को गन की नोक पर बेहोश किया और हाथ-पैर बांधकर जेवरात लेकर फरार हो गए। जानकारी के मुताबिक, राहुल गोयल आगरा के रहने वाले हैं और रायपुर में किराए के फ्लैट में रहते हैं। वे सदर बाजार में जेवर बेचते हैं। लुटेरे पूर्व में ही कारोबारी और उनके जेवरों के बारे में जानकारी रखते थे। घटना शनिवार सुबह हुई, जब दो नकाबपोश बदमाश सदर बाजार स्थित जैन मंदिर के पीछे राजधानी पैलेस पहुंचे। उन्होंने फ्लैट का दरवाजा खटखटाया और जैसे ही राहुल ने दरवाजा खोला, लुटेरों ने उनकी कनपटी पर गन टिका दी। इसके बाद कारोबारी को बेहोश करने के लिए दवा दी और उनके हाथ-पैर बंध दिए। लुटेरों ने लगभग 86 किलो चांदी के जेवर और सीसीटीवी कैमरे का DVR भी लेकर भाग गए। सर्राफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू ने बताया कि राहुल गोयल आगरा से रायपुर आकर जेवर बेचते हैं। एडिशनल एसपी लखन पटले ने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही हैं। मामले की पूरी जांच की जा रही है।

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