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CJI बीआर गवई पर जूता फेंकने के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट वकील का समर्थन, भूपेश बोले- पद से हटाए सरकार

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बीआर गवई पर वकील राकेश किशोर द्वारा जूता फेंकने की कोशिश का विवाद अभी थमा नहीं है। अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के सरकारी वकील सतीश गुप्ता ने सोशल मीडिया और वॉट्सऐप पर इस घटना का समर्थन किया है। सतीश गुप्ता ने वॉट्सऐप ग्रुप में लिखा कि 71 साल की उम्र में राकेश किशोर ने कमाल की निशानेबाजी की और उनकी शैक्षणिक योग्यता की तुलना CJI बीआर गवई से की। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकारी वकील का न्यायाधीश पर हमले का समर्थन करना न केवल कानून का अपमान है, बल्कि यह दलित समाज की भावनाओं का भी अपमान है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सतीश गुप्ता को तुरंत पद से हटाने की मांग की। कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी भाजपा की चुप्पी पर सवाल उठाए। भाजपा प्रवक्ता उज्जवल दीपक ने इस मामले में भाजपा का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि भाजपा पूरी तरह से न्याय व्यवस्था और CJI का सम्मान करती है। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को भ्रामक बताया। मामले की पृष्ठभूमि यह है कि 6 अक्टूबर को राकेश किशोर ने सुप्रीम कोर्ट के भीतर CJI पर जूता फेंकने की कोशिश की थी। सुरक्षा कर्मियों ने उसे पकड़कर बाहर किया। जूता CJI तक नहीं पहुंचा। पुलिस ने तीन घंटे पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया। इसी दिन सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने आरोपी वकील का लाइसेंस रद्द कर दिया। इसके बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी निलंबन की कार्रवाई की। राकेश किशोर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने CJI के भगवान विष्णु पर दिए गए बयान के खिलाफ प्रतिक्रिया स्वरूप यह कदम उठाया। उन्होंने कहा कि उनके कार्य पर उन्हें अफसोस नहीं है। इस विवाद की पृष्ठभूमि में, सुप्रीम कोर्ट ने 16 सितंबर को खजुराहो के जवारी मंदिर में भगवान विष्णु की खंडित मूर्ति की बहाली के मामले में याचिका खारिज की थी। CJI ने बाद में स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी को सोशल मीडिया पर गलत तरीके से दिखाया गया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने भी सोशल मीडिया पर बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए जाने वाली जानकारी पर चिंता जताई। VHP के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि न्यायालय में न्याय का मंदिर है और सभी का कर्तव्य है कि अपनी वाणी में संयम रखें, विशेषकर वकील और न्यायाधीश। यह पूरा मामला न केवल सुप्रीम कोर्ट के प्रति आस्था और सम्मान के सवाल को सामने लाता है, बल्कि वकीलों के आचरण और सोशल मीडिया की भूमिका पर भी बहस खड़ी करता है।

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Bilaspur में फरार हिस्ट्रीशीटर ने पिस्टल के साथ वीडियो बनाकर किया धमकी का वीडियो वायरल

बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र में एक फरार हिस्ट्रीशीटर लुटू पांडेय ने इंस्टाग्राम पर पिस्टल और अन्य हथियारों के साथ रील बनाकर शहर के भाजपा और कांग्रेस नेताओं को जान से मारने की धमकी दी है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस पिछले दो महीने से आरोपी की तलाश में जुटी है, लेकिन वह लगातार फरार है और अपने मोबाइल से धमकी भरे वीडियो अपलोड कर रहा है। पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, लुटू पांडेय नशे का सामान बेचने, चोरी, मारपीट और गुंडागर्दी के मामलों में फरार चल रहा है। उसका साथी शिवम मिश्रा भी उसी तरह पिस्टल के साथ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डर फैलाता रहा है। दोनों आरोपियों ने भाजपा युवा मोर्चा के मंडल पदाधिकारी मुसर्रफ खान और एनएसयूआई के महासचिव लक्की मिश्रा समेत अन्य युवाओं को जान से मारने की धमकी दी। लुटू पांडेय का कहना है कि वह पिस्टल और रिवॉल्वर सप्लाई कर सकता है और उसने कुछ युवकों को हथियारों की तस्वीरें भी भेजी हैं। सरकंडा और सिविल लाइन थानों में इस मामले की शिकायत दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि लुटू पांडेय और उसका साथी यूपी में अपना ठिकाना बना चुके हैं। गिरफ्तारी से पहले ही उन्होंने मोबाइल बंद कर दिया और ठिकाना बदल लिया। दुर्ग पुलिस ने बताया कि लुटू पांडेय पहले चोरी के मामले में जेल गया था। जेल से बाहर आने के बाद वह नशे के कारोबार में सक्रिय हो गया। सरकंडा पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश कर रही है और फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है। इस मामले ने बिलासपुर में कानून-व्यवस्था और अपराधियों की हिम्मत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Raipur में नर्स की अफेयर के शक में हत्या, आरोपी बॉयफ्रेंड गिरफ्तार

रायपुर में एक नर्स को उसके ही बॉयफ्रेंड ने चाकू से वार कर मार डाला। मृतिका प्रियंका दास (23), जो निजी अस्पताल में नर्स थीं और मनेंद्रगढ़ की रहने वाली थीं, टिकरापारा में किराए के कमरे में अपनी तीन सहेलियों के साथ रहती थीं। घटना गुरुवार सुबह सामने आई, जब प्रियंका की सहेली कमरे में गई और वहां खून से सनी लाश देखी। तुरंत पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। ASP डॉ. दौलतराम पोर्ते ने बताया कि पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाए। कमरे में चाकू और खून बिखरा हुआ मिला। पड़ोसियों ने किसी को कमरे से बाहर निकलते नहीं देखा, जिससे साफ है कि हत्यारा मौके से बिना किसी की नजर में आए फरार हुआ। पुलिस ने आरोपी युवक दुर्गेश वर्मा को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह प्रियंका का बॉयफ्रेंड था और पिछले कुछ समय से प्रियंका दूसरे लड़के से बात कर रही थी। इसी शक में उसने एक दिन पहले चाकू खरीदा और विवाद के दौरान प्रियंका के सीने में वार कर उसे मार डाला। प्रियंका ने एक दिन पहले ही अस्पताल में डे शिफ्ट में ड्यूटी की थी। घटना के बाद आरोपी युवक फरार हो गया, लेकिन बाद में सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उसके कब्जे से चाकू जब्त किया है। इस मामले पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर सरकार पर हमला किया। कांग्रेस ने कहा कि रायपुर में नर्स की बेरहमी से हत्या, भाजपा के कुशासन को उजागर करती है। उनका कहना है कि अपराधी बेलगाम हैं, पुलिस लाचार और सरकार खामोश है। पुलिस अब मामले की गहन जांच कर रही है और सभी डिजिटल एवं फोरेंसिक सबूतों का विश्लेषण कर रही है। इस घटना ने राजधानी में कानून व्यवस्था और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Raipur IIIT में छात्र द्वारा AI से 36 छात्राओं की 1000 अश्लील फोटो बनाने का मामला

नवा रायपुर स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) में एक गंभीर साइबर अपराध का मामला सामने आया है। एक छात्र ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग कर 36 छात्राओं की 1000 से अधिक अश्लील तस्वीरें तैयार कर लीं। आरोपी इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE) विभाग का छात्र है। पुलिस ने आरोपी का लैपटॉप, मोबाइल और पेन ड्राइव जब्त किया है और उसे बिलासपुर से गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी छात्र का नाम सैय्यद रहीम है। वह कॉलेज इवेंट्स और कार्यक्रमों में छात्राओं की तस्वीरें खींचता था। पुलिस ने जांच में पाया कि इन फोटो को उसने AI के जरिए अश्लील रूप में बदल दिया और कुछ दोस्तों को दिखाई। इस कारण यह मामला छात्राओं तक पहुंचा और उन्होंने शिकायत IIIT प्रबंधन से दर्ज कराई। कॉलेज प्रबंधन ने आरोपी छात्र को तुरंत निलंबित कर दिया और मामले की जांच के लिए महिला स्टाफ की एक विशेष समिति गठित की। समिति सोशल मीडिया और डेटा लीक की संभावना सहित तकनीकी पहलुओं की भी जांच करेगी। इसके अलावा, जांच रिपोर्ट पुलिस के साथ साझा की जाएगी। ASP दौलतराम पोर्ते ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया। लैपटॉप और मोबाइल में मिले डिजिटल साक्ष्य जांच के लिए जब्त किए गए हैं। साइबर क्राइम एक्सपर्ट मुकेश चौधरी ने इस घटना को शर्मनाक बताया और कहा कि प्रबंधन को ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने चेताया कि AI एप्स की प्राइवेसी और सुरक्षा कमजोर होती है, जिससे डेटा कई सर्वरों पर सुरक्षित नहीं रहता और इसका दुरुपयोग हो सकता है। कानूनी दृष्टि से, किसी की निजी तस्वीर को बदलना या अश्लील रूप देना अपराध है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67, 67A और 66(2) के तहत आरोपी को तीन से पांच साल की जेल हो सकती है। UGC ने भी निर्देश दिए हैं कि इस तरह के मामलों से बचाव के लिए छात्रों में जागरूकता बढ़ाई जाए और डिजिटल माध्यमों की सुरक्षा सिखाई जाए। यह मामला डिजिटल यौन शोषण और साइबर अपराध की गंभीरता को दर्शाता है और शिक्षा संस्थानों में कड़े नियमों और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को उजागर करता है।

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रायपुर: बिरगांव BJP अध्यक्ष के गुंडाराज का मामला – शराब मांगने पर ढाबा संचालक से मारपीट, फिर उसी पर हुई FIR!

राजधानी के बिरगांव इलाके से भारतीय जनता पार्टी के सुशासन के दावे पर सवाल खड़ा करने वाला चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, घटना 9 अक्टूबर की देर रात की है। मामला उरला थाना क्षेत्र के 6 लाइन इलाके में स्थित न्यू पंजाब ढाबा का है, जहां देर रात BJP मंडल अध्यक्ष भगिरथ यादव और उनके साथी गौतम साहू और दो साथी साथ थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों नेता ढाबे में पहुंचकर शराब की मांग करने लगे। जब ढाबा संचालक ने साफ तौर पर कहा कि वहां शराब उपलब्ध नहीं है, तो आरोपी नेता अपने पद और राजनीतिक रौब का हवाला देने लगे। बताया जा रहा है कि उन्होंने खुद को “BJP का अध्यक्ष” बताते हुए धमकी दी स्थिति तब बिगड़ी जब ढाबा संचालक ने विरोध किया। इसके बाद कथित रूप से दोनों ने मारपीट और गाली-गलौज की। उपस्थित लोगो ने किसी तरह बीच-बचाव किया। हैरानी की बात तो यह है कि झगड़े के बाद भी मामला यहीं नहीं रुका — बल्कि BJP नेताओं ने ही पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी, जिसके बाद ढाबा संचालक को ही थाने में हिरासत में रख लिया गया। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने इसे “सत्ता के नशे में चूर गुंडाराज” बताया है। लोगों का कहना है कि जब शासन और संगठन के पदाधिकारी ही कानून की मर्यादा तोड़ने लगें, तो आम जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा? वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पक्षों से पूछताछ की जाएगी। फिलहाल, उरला थाना में यह घटना चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है। जनता पूछ रही है — क्या यही है BJP का सुशासन, जहां पीड़ित ही आरोपी बन जाता है?

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छत्तीसगढ़ महिला आयोग में विवाद: सदस्य आरोप लगाती हैं, अध्यक्ष पर मनमानी और पक्षपात का आरोप

रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग में बड़े विवाद ने जन्म लिया है। भाजपा सरकार के कार्यकाल में नियुक्त तीन सदस्य—लक्ष्मी वर्मा, सरला कोसरिया और दीपिका सोरी—ने आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक और सचिव अभय सोनवानी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सदस्यों का कहना है कि आयोग में नियमों का पालन नहीं हो रहा और अध्यक्ष पूरी प्रक्रिया को अकेले चला रही हैं। तीनों सदस्यों ने प्रेस वार्ता में बताया कि सुनवाई और निर्णयों में उन्हें शामिल नहीं किया जाता। नियमों के अनुसार किसी भी निर्णय में कम से कम दो सदस्यों की सहमति आवश्यक होती है, लेकिन अध्यक्ष अकेले ही अंतिम फैसला लेती हैं। सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि सुनवाई के दौरान अनधिकृत लोग शामिल होते हैं, जिनमें अध्यक्ष के पति और निजी वकील भी शामिल हैं, जो प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है। कोर्ट, मुख्यमंत्री और राज्यपाल को देंगे जानकारीतीनों सदस्यों ने कहा कि वे इस विवाद को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी और पूरी जानकारी विधि विभाग, मुख्यमंत्री और राज्यपाल को भी देंगी। उनका दावा है कि महिला आयोग की कार्यप्रणाली लोकतांत्रिक सिद्धांतों के विपरीत चल रही है। सचिव पर तटस्थता खोने का आरोपसदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि सचिव अभय सोनवानी आयोग के प्रति जवाबदेह नहीं हैं। जब आय-व्यय और कार्यों से संबंधित जानकारी मांगी जाती है, तो सचिव जवाब देने से बचते हैं और ऐसा प्रतीत होता है कि वे अध्यक्ष के प्रति ही जवाबदेह हैं। भ्रष्टाचार और पक्षपात के आरोपसदस्यों का कहना है कि अध्यक्ष भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और आयोग को अपने निजी अधिकार क्षेत्र की तरह चला रही हैं। लक्ष्मी वर्मा ने बताया कि उन्हें किसी भी संभागीय सुनवाई की जानकारी तक नहीं दी जाती। इसी कारण तीनों सदस्यों ने 8 अक्टूबर को सुनवाई का बहिष्कार किया। चेंबर में नेताओं की तस्वीरों को लेकर विवादसदस्यों ने आयोग अध्यक्ष के चेंबर में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और भूपेश बघेल की तस्वीरों पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि संवैधानिक संस्था में राजनीतिक नेताओं की तस्वीरें नहीं होनी चाहिए; वहां केवल राज्यपाल और मुख्यमंत्री की फोटो ही उचित हैं। अध्यक्ष का जवाबअध्यक्ष किरणमयी नायक ने इस विवाद पर कहा कि इस मामले में वह कुछ नहीं कहेंगी और सचिव ही जानकारी देंगे। इस विवाद ने न केवल प्रशासनिक अनुशासन पर सवाल उठाया है, बल्कि महिला आयोग की विश्वसनीयता को भी प्रभावित किया है। आने वाले समय में यह मामला राजनीतिक रंग भी ले सकता है।

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बिरनपुर हिंसा का ट्रायल शुरू: CBI चार्जशीट में पुलिस पर पत्थरबाजी और भुनेश्वर साहू पर हमला का खुलासा

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के बिरनपुर हिंसा मामले में करीब दो साल बाद आज से ट्रायल की शुरुआत हो रही है। रायपुर की स्पेशल कोर्ट में 8, 9 और 10 अक्टूबर को गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। इस केस में मृतक भुनेश्वर साहू के पिता और भाजपा विधायक ईश्वर साहू समेत कुल 23 गवाहों को पेश किया जाएगा। CBI ने नवंबर 2024 में चार्जशीट पेश की थी और इसमें किसी राजनीतिक पार्टी या व्यक्ति का नाम शामिल नहीं है। भुनेश्वर साहू पर हमला और पुलिस पर पथरावCBI की जांच में सामने आया कि भीड़ ने भुनेश्वर साहू पर जानलेवा हमला किया और पुलिस अफसरों पर भी पत्थरबाजी की। चार्जशीट के अनुसार, थाना साजा के सब-इंस्पेक्टर बिनुराम ठाकुर मौके पर पहुंचे और भुनेश्वर को छुड़ाने की कोशिश की। तभी भीड़ में से आवाज आई, “मुख्तार, अकबर, जनाब, जलील-पुलिस को पत्थर मारो।” इस दौरान अफसरों पर भी पत्थर फेंका गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अब्दास मोहम्मद सहित अन्य लोगों ने पत्थर, ईंट और चाकू से हमला किया। भीड़ ने भुनेश्वर को पकड़कर मस्जिद के पास की गली में ले जाकर बेरहमी से पीटा और पत्थर-ईंट से वार किया। गंभीर स्थिति में उसके माता-पिता ने उसे कम्युनिटी हेल्थ सेंटर साजा पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित किया। घटना की शुरुआतCBI के अनुसार, 8 अप्रैल 2023 को बच्चों के बीच साइकिल टकराने के विवाद ने बड़ी घटना को जन्म दिया। स्कूल से लौटते समय चंचल साहू और सलीम खान के बीच झगड़ा हुआ। इसके बाद मारपीट और बोतल फेंकने के दौरान कुलेश्वर साहू घायल हो गया। दोपहर में पंचायत बुलाई गई, जिसमें मुस्लिम समुदाय की भीड़ ने ईंट-पत्थर और हथियारों से हमला किया। अफरा-तफरी में कई लोग घायल हुए और भुनेश्वर को मस्जिद की ओर घसीटा गया। आरोपी और गिरफ्तारीप्रारंभिक जांच में पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। बाद में CBI ने 6 और नाम जोड़े। अब कुल 18 आरोपी हैं। नए आरोपी पुलिस पर पथराव करने के दोषी हैं। हिंसा के बाद धारा 144 लागू कर दी गई थी। दो दिन बाद बिरनपुर गांव में रहीम मोहम्मद और ईदुल मोहम्मद की लाश मिली, जिसके बाद दोबारा तनाव बढ़ा। 8 लोगों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया। राजनीतिक पक्ष से निष्कर्षबचाव पक्ष के वकील एस के फरहान ने बताया कि CBI और पुलिस की जांच में पाया गया कि बच्चों के झगड़े के बाद हिंसा भड़क गई थी। चार्जशीट में किसी राजनीतिक पार्टी या व्यक्ति का नाम शामिल नहीं किया गया।

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एम्स रायपुर में मरीजों से वसूला जा रहा पार्किंग शुल्क, ठेकेदार के गुर्गों से बढ़ा विवाद का खतरा

गरीब और जरूरतमंद मरीजों को राहत देने के उद्देश्य से शुरू किया गया एम्स रायपुर अब मरीजों के लिए परेशानी का केंद्र बन गया है। अस्पताल में प्रवेश करने से पहले अब हर मरीज को वाहन पार्किंग शुल्क देना अनिवार्य कर दिया गया है। बाइक वालों से ₹10 और ऑटो या कार से आने वालों से ₹30 वसूले जा रहे हैं। 12 घंटे से अधिक रुकने पर यह शुल्क दोगुना हो जाता है। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि पिछले 11 सालों में कभी भी पार्किंग शुल्क नहीं लिया गया था। अब अचानक से शुल्क लागू होने से आर्थिक तंगी झेल रहे लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है। मरीजों और पार्किंग कर्मचारियों के बीच लगातार बहस की स्थिति बन रही है। चीना पांडे के गिरोह के हाथों में पार्किंग ठेकासबसे चिंताजनक बात यह है कि यह पार्किंग ठेका कोरबा के बदमाश चीना पांडे और उसके साथियों द्वारा संचालित किया जा रहा है। उस पर हत्या, डकैती, वसूली और अपहरण जैसे गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। यहां तक कि उस पर जिला बदर की कार्रवाई भी हो चुकी है। अब ऐसे अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के हाथों में एम्स जैसे संवेदनशील स्थान की पार्किंग व्यवस्था आने से सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पहली बार पार्किंग शुल्क का ठेकाएम्स रायपुर में यह पहली बार है जब पार्किंग शुल्क वसूली का ठेका दिया गया है। रोजाना करीब 3,000 मरीज ओपीडी में आते हैं और लगभग इतनी ही गाड़ियां परिसर में प्रवेश करती हैं। प्रवेश द्वार पर बिना शुल्क दिए किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। ठेका कंपनी एसएस मल्टीसर्विसेज एम्स रायपुर के नाम से पूरे परिसर में किराया सूची के बैनर लगाए गए हैं। अन्य अस्पतालों में भी वसूली का चलनडॉ. अंबेडकर अस्पताल में भी लंबे समय से एक ही कंपनी पार्किंग ठेका संभाले हुए है, जहां साइकिल से ₹10 और कार से ₹50 तक वसूले जाते हैं। वहीं डीकेएस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में कोई आधिकारिक पार्किंग ठेका नहीं है, लेकिन सिक्योरिटी गार्ड ही अनौपचारिक रूप से शुल्क वसूलते हैं। मरीजों की बढ़ी मुश्किलेंएम्स में इलाज के लिए आने वाले मरीज अब पहले पार्किंग ठेकेदारों से उलझ रहे हैं, फिर अस्पताल की कतारों में लगते हैं। वहीं ऑटो चालकों ने भी पार्किंग शुल्क के चलते किराया बढ़ा दिया है। इस पूरे मामले ने अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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बीमार बाघिन ‘बिजली’ का बेहतर इलाज अब गुजरात में, बिना टिकट पहुंचे वन अफसरों का स्टेशन पर चालान

तीन महीने से बीमार बाघिन ‘बिजली’ को आखिरकार बेहतर इलाज के लिए गुजरात के जामनगर स्थित वनतारा भेजा गया है। रायपुर की जंगल सफारी में जन्मी ‘बिजली’ करीब ढाई महीने से यूट्रस और ओरल इंफेक्शन से जूझ रही थी। हाल के दिनों में उसने खाना-पीना तक छोड़ दिया था, जिससे उसकी हालत बिगड़ती जा रही थी। मंगलवार को उसे हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस से रवाना किया गया। बिजली के साथ वन विभाग और वनतारा के पशु चिकित्सकों की टीम भी मौजूद रही। रेलवे स्टेशन पर अफसरों का चालानजब बिजली को ट्रेन में शिफ्ट किया जा रहा था, उस समय रायपुर रेलवे स्टेशन पर वन विभाग के अफसर बिना प्लेटफार्म टिकट पहुंचे। इसको लेकर रेलवे अधिकारियों से उनकी बहस हो गई। मामला बढ़ने पर रेलवे मजिस्ट्रेट ने चालान काटने के आदेश दिए और वन अमले को जुर्माना भरना पड़ा। अनुमति मिलने में हुई देरीसीटी स्कैन रिपोर्ट में बाघिन के गर्भाशय में संक्रमण (पायोमीट्रा) की पुष्टि के बाद वन विभाग ने उसे वनतारा भेजने का फैसला किया था। इसके लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) से अनुमति मांगी गई, जो मिलने में 10 दिन लग गए। अनुमति के बाद बिजली को विशेष टीम की निगरानी में रवाना किया गया। जांच में सामने आया संक्रमणशुरुआती जांच में ‘बिजली’ की बीमारी को गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल समस्या माना गया था। बाद में जब अल्ट्रासाउंड और हेमेटोलॉजिकल जांच हुई, तो किडनी और यूट्रस में संक्रमण का पता चला। 26 सितंबर को वनतारा की विशेषज्ञ टीम रायपुर पहुंची और पिछले 10 दिनों से वह लगातार बिजली का इलाज कर रही थी। अब उसके आगे के उपचार के लिए गुजरात भेजा गया है।

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भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंत्रियों के सामने रखी शिकायतें: अफसरों, शिक्षकों और विधायकों पर लगाए आरोप, दो दिन में दर्ज हुईं 300 शिकायतें

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा कार्यकर्ताओं और सहयोगी संगठनों ने पार्टी के जनसहयोग केंद्र में अफसरों, विधायकों और शिक्षकों के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई हैं। कार्यकर्ताओं ने बताया कि कई अधिकारी ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं। मंत्रियों ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में यह “जनसहयोग केंद्र” शुरू किया गया है, जहां मंत्रियों की ड्यूटी लगाई गई है ताकि कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुना और हल किया जा सके। दो दिन में 300 से ज्यादा शिकायतें बीते दो दिनों में दो मंत्रियों ने मिलकर 300 से अधिक कार्यकर्ताओं की शिकायतें सुनी हैं। बुधवार, 8 अक्टूबर को वन और सहकारिता मंत्री केदार कश्यप केंद्र में मौजूद रहेंगे और कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनेंगे। कार्यकर्ताओं ने क्या कहा केंद्र पहुंचे कार्यकर्ताओं ने बताया कि उनका मकसद सिर्फ शिकायत दर्ज कराना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि समस्याओं पर जल्द कार्रवाई हो। कई शिकायतों में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ लापरवाही और मनमानी के आरोप लगाए गए। भाजपा सूत्रों के अनुसार, शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई मामलों को संबंधित विभागों तक प्राथमिकता के आधार पर भेजा गया है ताकि त्वरित समाधान किया जा सके। शिक्षा, जमीन और भ्रष्टाचार प्रमुख मुद्दे भाजपा नेता सच्चिदानंद उपासने ने बताया कि जनसहयोग केंद्र सीएम के निर्देश पर शुरू किया गया है। अब तक प्राप्त शिकायतों में शिक्षा, जमीन विवाद, और भ्रष्टाचार से संबंधित मामले सबसे अधिक हैं। कुछ समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया गया, जबकि गंभीर मामलों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रियों की जिम्मेदारी तय सहयोग केंद्र में प्रतिदिन एक मंत्री की ड्यूटी लगाई गई है— शिकायतों का पंजीयन दोपहर 1 से 2 बजे तक किया जाता है, जिसके बाद सुनवाई और समाधान प्रक्रिया शुरू होती है।

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