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रायगढ़ में प्रतिबंधित लकड़ी से भरा ट्रक जब्त: 1 आरोपी हिरासत में, वाहन भी जब्त, तस्कर फरार

रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में वन विभाग की टीम ने प्रतिबंधित प्रजाति की खैर और तेंदू लकड़ी से भरा ट्रक और एक स्कॉर्पियो वाहन जब्त किया। मौके से महेंद्र यादव (26 वर्ष) नामक आरोपी को हिरासत में लिया गया, जबकि अन्य तस्कर मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए। मामला रायगढ़ वन परिक्षेत्र का है। मौके पर मिली सूचना और कार्रवाई गुरुवार रात वन अमले को मुखबिर से सूचना मिली कि रेंगालपाली सर्किल के कुर्मापाली और गोर्रा के बीच नहर के पास एक ट्रक में अवैध लकड़ी लदी हुई है। सूचना मिलते ही रायगढ़ रेंज टीम, उड़नदस्ता और वनकर्मी मौके पर पहुंचे। मौके पर छुईपारा निवासी महेंद्र यादव हिरासत में लिया गया और ट्रक में भरी लाखों रुपये मूल्य की अवैध लकड़ियों को उर्दना काष्ठागार भेज दिया गया। स्कॉर्पियो में सवार तस्कर फरार इस दौरान वन अमले को जानकारी मिली कि तस्कर कोतरा रोड ओवरब्रिज के पास एक स्कॉर्पियो में मौजूद हैं। टीम के पहुंचने तक तस्कर वाहन छोड़कर भाग चुके थे। वन विभाग ने स्कॉर्पियो वाहन को भी जब्त कर डिपो ले आया। अवैध लकड़ी की संभावना जांच में पता चला कि लकड़ी जब्त किए गए क्षेत्र में जंगल नहीं है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि तस्करों ने लकड़ी किसी अन्य जगह से काटकर यहाँ लाकर ट्रक में लोड की। मूल्यांकन और आगे की कार्रवाई रेंजर हेमलाल जायसवाल ने बताया कि ट्रक में लदी लकड़ी का मूल्यांकन किया जा रहा है। आरोपी से पूछताछ जारी है, ताकि अवैध लकड़ी के इस नेटवर्क में शामिल अन्य तस्करों की पहचान की जा सके और आगे कार्रवाई की जा सके।

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भिलाई के मॉल में महिला से छेड़छाड़ के बाद हंगामा: पति-बेटे और पुलिसकर्मियों पर हमला, ट्रांसपोर्टर सहित 5 गिरफ्तार

दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ मूवी थिएटर में सीट को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि ट्रांसपोर्टर ने महिला से छेड़छाड़ की, और विरोध करने पर उसके पति और बेटे की पिटाई कर दी। इतना ही नहीं, मौके पर पहुंची पुलिस टीम पर भी आरोपियों ने हमला कर दिया, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। सीट को लेकर हुआ विवाद, फिर छेड़छाड़ 22 अक्टूबर की रात दुर्ग निवासी एक महिला अपने पति और बेटे के साथ भिलाई के मॉल में फिल्म देखने पहुंची थी। इसी दौरान कोहका निवासी ट्रांसपोर्टर सुजीत साव अपने रिश्तेदारों के साथ सिनेमा देखने आया था। सीट को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपी ने महिला के साथ छेड़छाड़ कर दी। विरोध करने पर महिला और उसका परिवार थिएटर से बाहर निकल आया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस पहुंची तो बढ़ा विवाद शिकायत के बाद स्मृति नगर चौकी की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। लेकिन आरोपी सुजीत साव ने बाहर निकलते ही महिला के बेटे से मारपीट शुरू कर दी। बताया जाता है कि उसने फोन कर अपने अन्य रिश्तेदारों को भी बुला लिया। देखते ही देखते 15 से 20 लोग मौके पर पहुंच गए और हंगामा करने लगे। पुलिसकर्मियों पर भी हमला बीच-बचाव करने पहुंचे प्रधान आरक्षक पंकज चौबे को धक्का देकर गिरा दिया गया। पुलिस किसी तरह आरोपियों को पकड़कर चौकी लाई, लेकिन वहां भी दबंगई जारी रही। चौकी में ही आरक्षक कौशलेंद्र का हाथ फ्रैक्चर हो गया, जबकि मुंशी आत्माराम कोसले की उंगली टूट गई। घटनास्थल और चौकी दोनों जगह हंगामा मॉल के अंदर और बाहर करीब दो घंटे तक अफरा-तफरी मची रही। पुलिस ने बाद में घेराबंदी कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं — सभी आरोपियों पर छेड़छाड़, मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। सीसीटीवी में कैद हुई वारदात घटना मॉल के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हो गई है। इन्हीं फुटेज के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। आरोपियों का जुलूस निकालकर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से सभी को केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया।

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धान खरीदी से पहले सहकारी कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा — 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

छत्तीसगढ़ में इस साल 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने जा रही है, लेकिन इससे पहले ही राज्य सरकार के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ और धान खरीदी ऑपरेटर संघ ने सरकार के खिलाफ तीन नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। संघ ने आरोप लगाया है कि सरकार ने उनकी चार सूत्रीय मांगों को पूरा करने का पिछले साल आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कर्मचारियों का कहना है कि अगर इस बार भी उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया, तो वे धान खरीदी सीजन का पूर्ण बहिष्कार करेंगे। 24 अक्टूबर से शुरू होगा चरणबद्ध आंदोलन:कर्मचारी महासंघ ने आंदोलन की रूपरेखा जारी करते हुए बताया — कर्मचारी बोले — भविष्य से जुड़ी हैं हमारी मांगें:संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि यह आंदोलन सिर्फ वेतन या भत्तों के लिए नहीं, बल्कि लगभग 15,000 सहकारी समिति कर्मचारियों और 39 उपार्जन केंद्रों के संविदा कंप्यूटर ऑपरेटरों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार की निष्क्रियता के कारण कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है। अगर हड़ताल शुरू होती है, तो इसका सीधा असर धान उपार्जन प्रक्रिया पर पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। पिछले वर्ष भी मिला था आश्वासन:संघ नेताओं ने बताया कि बीते वर्ष भी धान खरीदी से पहले आंदोलन किया गया था। उस समय शासन ने उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कर्मचारी और ऑपरेटरों ने किया खरीदी का बहिष्कार करने का ऐलान:संघ के नेताओं ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे धान खरीदी में भाग नहीं लेंगे। इस स्थिति में धान खरीदी केंद्रों पर असर दिखना तय माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह हड़ताल लंबी चली, तो इससे प्रदेश के लाखों किसानों को नुकसान हो सकता है, क्योंकि धान खरीदी छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।

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राज्योत्सव 2025 की तैयारियों का सीएम ने किया निरीक्षण — पीएम मोदी के दौरे से पहले अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

छत्तीसगढ़ में राज्योत्सव 2025 का आयोजन आगामी 1 नवंबर को भव्य रूप से किया जाएगा। इस बार राज्योत्सव खास होने वाला है क्योंकि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे। पीएम की प्रस्तावित यात्रा को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार (23 अक्टूबर) को नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव मेला स्थल का निरीक्षण किया और तैयारियों का जायजा लिया। सीएम ने अफसरों को निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव प्रदेश की पहचान और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का बड़ा अवसर है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संस्कृति और उपलब्धियों पर विशेष स्टॉल लगेंगे:सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले में आने वाले लोगों को छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और विकास यात्रा से परिचित कराने के लिए अलग-अलग थीम आधारित स्टॉल लगाए जाएं। इसके साथ ही केंद्र सरकार से मिले अवार्ड और उपलब्धियों की जानकारी भी प्रदर्शनी के माध्यम से दी जाएगी। मंत्रियों ने ली समीक्षा बैठक:राज्योत्सव और पीएम मोदी के दौरे की तैयारियों को लेकर गुरुवार (23 अक्टूबर) को डिप्टी सीएम अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने नवा रायपुर के विश्राम भवन में समीक्षा बैठक की थी। मंत्रियों ने अधिकारियों से कहा कि प्रधानमंत्री का आगमन छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है, इसलिए आयोजन को भव्य और ऐतिहासिक बनाया जाए। पूरे साल चलेगा रजत जयंती उत्सव:इस वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य अपने 25वें स्थापना वर्ष में प्रवेश कर रहा है। सरकार ने इसे “रजत जयंती वर्ष” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। वर्षभर प्रदेशभर में अलग-अलग संस्कृतिक और विकासात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हर महीने अलग-अलग थीम पर आयोजन होंगे, ताकि गांव से लेकर राजधानी तक सभी लोग राज्य की संस्कृति से जुड़ सकें। मेला स्थल पर अत्याधुनिक सुविधाएं:नवा रायपुर स्थित मेला परिसर में तीन विशाल डोम संरचनाएं बनाई जा रही हैं, जिनमें 60 LED स्क्रीन लगाई जाएंगी। मुख्य मंच के पास डिजिटल प्रदर्शनी और प्रधानमंत्री आवास योजना मॉडल प्रदर्शित किया जाएगा। लोगों की सुविधा के लिए 40,000 वाहनों की पार्किंग, 300 शौचालय, 20-बेड अस्थायी अस्पताल (ICU सहित), 25 एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड वाहनों की व्यवस्था की जा रही है। सीएम ने कहा कि यह राज्योत्सव प्रदेश के गौरव, संस्कृति और एकता का प्रतीक बनेगा और इसे ऐतिहासिक रूप देने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

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रायपुर में BJP नेता की कार से चोरी, कांच तोड़कर गिफ्ट और DVR कैमरा ले गए चोर — कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में दिवाली की रात चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। भाजपा नेता गौरीशंकर श्रीवास की कार का शीशा तोड़कर चोरों ने उसमें रखे महंगे गिफ्ट और सामान चुरा लिए। घटना 20 अक्टूबर की रात खम्हारडीह इलाके की है, जहां नेता ने अपनी कार घर के बाहर पार्क की थी। अगली सुबह जब उन्होंने वाहन की जांच की, तो पीछे का कांच टूटा हुआ मिला और गाड़ी से सभी कीमती सामान गायब थे। इसके बाद उन्होंने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसमें चोरी की जानकारी दी। 3 दिन बाद दर्ज हुई FIR:सूत्रों के अनुसार, चोरी की घटना के तीन दिन बाद 23 अक्टूबर को FIR दर्ज की गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर चोरी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं में जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। चोर DVR कैमरा भी ले गए:गौरीशंकर श्रीवास ने बताया कि कार में सुरक्षा के लिए एक DVR कैमरा भी लगा हुआ था, जिसे चोरों ने चोरी कर लिया। इससे यह साफ होता है कि वारदात को सोच-समझकर और पेशेवर तरीके से अंजाम दिया गया ताकि वीडियो साक्ष्य न मिल सके। कांग्रेस ने सरकार को घेरा:इस मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने सोशल मीडिया पर भाजपा नेता का वीडियो शेयर करते हुए लिखा — “मुख्यमंत्री कहते हैं अपराधी थर-थर कांपेंगे, लेकिन उनके ही नेताओं की सुरक्षा खतरे में है। जब गृहमंत्री के करीबी सुरक्षित नहीं हैं, तो जनता भगवान भरोसे जी रही है।” कांग्रेस ने इसे ‘जंगलराज’ बताते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और राजधानी के पॉश इलाकों में भी लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। फिलहाल खम्हारडीह थाना पुलिस CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है।

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रायपुर में नवविवाहिता ने की आत्महत्या, सुसाइड से पहले वीडियो में बोली — “पति और ससुराल वाले करते हैं प्रताड़ना”

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक दर्दनाक मामला सामने आया है। डीडी नगर थाना क्षेत्र में रहने वाली नवविवाहिता मंजूषा गोस्वामी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से पहले उसने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने अपने पति, देवर और सास-ससुर पर शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया। पुलिस के मुताबिक, 22 अक्टूबर की रात पति-पत्नी के बीच टीवी बंद करने और मोबाइल रखने को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के बाद पति आशीष गोस्वामी कमरे से बाहर चला गया। थोड़ी देर बाद जब वह लौटा, तो मंजूषा साड़ी के फंदे से लटकी मिली। उसके हाथ पर कटने के निशान भी पाए गए। वीडियो में मंजूषा ने क्या कहा:आत्महत्या से पहले मंजूषा ने करीब 1 मिनट का वीडियो बनाया था। वीडियो में रोते हुए उसने कहा — “मेरा पति, देवर, सास और ससुर सब मिलकर मुझे प्रताड़ित कर रहे हैं। मेरे पास अब कोई रास्ता नहीं बचा है। मैं चार बहनों में बड़ी हूं, पापा ही घर में अकेले कमाने वाले हैं। मैंने 25 जनवरी को शादी की थी, लेकिन इन 10 महीनों में एक दिन भी सुकून से नहीं रही हूं।” उसने आगे कहा — “मेरे पति ने मेरे ऊपर दो बार हाथ उठाया है, सास हमेशा अपने बेटे का साथ देती है। मेरी मौत के जिम्मेदार मेरे पति और ससुराल वाले हैं।” पुलिस को ससुर ने दी सूचना:घटना की जानकारी सबसे पहले मृतका के ससुर ने पुलिस को दी। उन्होंने बताया कि पति-पत्नी के बीच मामूली विवाद हुआ था, जिसके बाद मंजूषा ने यह कदम उठा लिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बरामद किया और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। वीडियो हुआ वायरल, परिजनों ने की कार्रवाई की मांग:मंजूषा का वीडियो सोशल मीडिया पर 23 अक्टूबर को वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद मृतका के पिता ने डीडी नगर थाने पहुंचकर पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। परिजनों का कहना है कि मंजूषा को लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था और उन्होंने कई बार समझाने की कोशिश की थी। फिलहाल पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवा लिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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छत्तीसगढ़ के IPS रतनलाल डांगी पर SI की पत्नी ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप, IG स्तर पर जांच शुरू

छत्तीसगढ़ पुलिस के सीनियर आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे हैं। यह आरोप एक SI (सहायक उप निरीक्षक) की पत्नी ने लगाए हैं। महिला का कहना है कि पिछले 7 वर्षों से IPS डांगी उसके साथ मानसिक और शारीरिक शोषण कर रहे हैं। महिला ने 15 अक्टूबर को पुलिस मुख्यालय में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उसने बताया कि साल 2017 में कोरबा में डांगी से मुलाकात हुई थी, जब वे वहां एसपी पद पर तैनात थे। बातचीत सोशल मीडिया से शुरू हुई और धीरे-धीरे व्यक्तिगत संबंधों तक पहुंच गई। महिला ने आरोप लगाया है कि आईजी बनने के बाद डांगी उसे बंगले पर बुलाते थे, और न आने पर ट्रांसफर की धमकी देते थे। बिलासपुर आईजी रहते हुए, महिला के मुताबिक, उत्पीड़न की घटनाएँ और बढ़ गईं। उसने यह भी दावा किया कि उसके पास कई आपत्तिजनक डिजिटल सबूत हैं। IPS डांगी का पक्ष:रतनलाल डांगी ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा और ब्लैकमेलिंग की साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि महिला उन्हें जहर खाने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रही थी और लगातार वीडियो कॉल पर निगरानी रखने की शर्तें रख रही थी। डांगी ने इस बारे में पहले ही डीजीपी को लिखित शिकायत दी थी। ऑडियो क्लिप वायरल:इस मामले में एक ऑडियो क्लिप भी सामने आई है, जिसमें एक महिला और युवक के बीच बातचीत हो रही है। इसमें बयान बदलने और वरिष्ठ अधिकारी को सफाई देने की चर्चा सुनी जा सकती है। मुख्यमंत्री का बयान:मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि — “चाहे IPS हो या IAS, यदि किसी पर आरोप लगता है तो जांच जरूर होगी, और दोष सिद्ध होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।” जांच की जिम्मेदारी IG आनंद छाबड़ा को:पुलिस मुख्यालय ने मामले की जांच की जिम्मेदारी IG आनंद छाबड़ा को सौंपी है। वे पहले पीड़िता का बयान और डिजिटल साक्ष्य जुटाएंगे, उसके बाद IPS डांगी से पूछताछ होगी। जांच टीम में महिला अफसरों को भी शामिल किया गया है। वहीं, पुलिस मुख्यालय ने अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार, कुछ अफसर महिला पर समझौते का दबाव बना रहे हैं, लेकिन फिलहाल जांच पूरी होने तक पुलिस विभाग चुप्पी साधे हुए है।

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का हेलिकॉप्टर गड्ढे में फंसा, पुलिस-फायर टीम ने धक्का देकर निकाला

केरल के पथानामथिट्टा जिले में बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का हेलिकॉप्टर लैंडिंग के दौरान गड्ढे में फंस गया। यह घटना राजीव गांधी स्टेडियम में हुई, जहां जल्दबाजी में बनाए गए हेलीपैड पर भारतीय वायुसेना का MI-17 हेलिकॉप्टर उतरते ही धंस गया। पुलिस और फायर ब्रिगेड कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर हेलिकॉप्टर को धक्का देकर बाहर निकाला। अधिकारियों के मुताबिक, हेलीपैड का कंक्रीट पूरी तरह सूखा नहीं था, जिससे हेलिकॉप्टर का वजन झेल नहीं पाया और जमीन धंस गई। मूल रूप से लैंडिंग निलक्कल (पंबा के पास) पर होनी थी, लेकिन खराब मौसम के कारण उसे प्रामदम में बदल दिया गया। हालांकि, इस घटना से राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा प्रभावित नहीं हुई। उन्होंने सड़क मार्ग से सबरीमाला मंदिर पहुंचकर भगवान अयप्पा के दर्शन किए। वह इस मंदिर में दर्शन करने वाली पहली महिला राष्ट्रपति बनीं। सबरीमाला मंदिर और यात्रा कार्यक्रम राष्ट्रपति मुर्मू 24 अक्टूबर तक केरल प्रवास पर हैं। वे गुरुवार को राजभवन में पूर्व राष्ट्रपति के. आर. नारायणन की प्रतिमा का अनावरण करेंगी और वर्कला में शिवगिरी मठ में श्री नारायण गुरु की महा-समाधि शताब्दी समारोह का उद्घाटन करेंगी। इसके अलावा वे कोट्टायम और एर्नाकुलम में आयोजित शैक्षणिक कार्यक्रमों में भी भाग लेंगी। भगवान अयप्पा और सबरीमाला मंदिर की कथा सबरीमाला मंदिर भगवान अयप्पा को समर्पित है, जिन्हें पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव और मोहिनी (भगवान विष्णु का स्त्री रूप) का पुत्र माना जाता है। यह मंदिर लगभग 800 साल पुराना है और सभी धर्मों के लोगों के लिए खुला है। यहां दर्शन से पहले श्रद्धालुओं को 41 दिनों का व्रत और संयम का पालन करना पड़ता है। महिलाओं के प्रवेश पर विवाद मंदिर में 10 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं का प्रवेश परंपरागत रूप से वर्जित रहा है। 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रतिबंध को असंवैधानिक करार दिया, जिसके बाद राज्य में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए। मामला अब सुप्रीम कोर्ट की 7 जजों की बेंच के पास विचाराधीन है। सबरीमाला गोल्ड विवाद मंदिर में दान किए गए सोने की मात्रा में कमी को लेकर 2025 में नया विवाद खड़ा हुआ। जांच रिपोर्ट में लगभग 4.5 किलो सोना गायब होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद केरल सरकार पर विपक्ष ने निशाना साधा।

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रायपुर में धरना-प्रदर्शन पर दो महीने की रोक: तूता स्थल बंद, वैकल्पिक जगह का फैसला नहीं

रायपुर में धरना-प्रदर्शन पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया है। नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर अगले दो महीने तक किसी भी प्रकार के धरना, प्रदर्शन या सभा की अनुमति नहीं होगी। यह फैसला स्थल के रखरखाव और सुधार कार्य के कारण लिया गया है। कलेक्टर ने जारी किया आदेश जिला कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आदेश जारी किया है कि अगली सूचना तक तूता धरना स्थल पर कोई भी धरना-प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा।नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि यह कार्य लगभग दो महीने तक चलेगा और इस दौरान स्थल को नगर विकास प्राधिकरण के अधीन रखा जाएगा। वैकल्पिक धरना स्थल तय नहीं धरना-प्रदर्शन के लिए फिलहाल किसी वैकल्पिक स्थल की घोषणा नहीं की गई है। इसके चलते राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन और आंदोलनकारी फिलहाल प्रदर्शन स्थल उपलब्ध न होने की स्थिति में हैं। तूता धरना स्थल का महत्व तूता धरना स्थल नवा रायपुर के राज्योत्सव मैदान के सामने स्थित है और राज्य स्तर पर संगठनों और राजनीतिक आंदोलनों के लिए आरक्षित माना जाता है। पिछले वर्षों में यहां कई बड़े राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन हुए हैं।

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रायपुर में शुरू हुई जनगणना की तैयारी: वार्ड 52 बना देश का ट्रायल जोन, हर घर को दिया जा रहा यूनिक नंबर

रायपुर नगर निगम का वार्ड क्रमांक 52 (डॉ. राजेन्द्र प्रसाद वार्ड) अब देश के लिए जनगणना का ट्रायल जोन बन गया है। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय और जनगणना निदेशालय के निर्देश पर यहां प्री-टेस्ट जनगणना का काम चल रहा है। यह प्रक्रिया आने वाली राष्ट्रीय जनगणना की तैयारी के तौर पर की जा रही है। निगरानी में हो रहा काम जनगणना निदेशालय के अधिकारी हीरेन्द्र सिंहा ने खुद रायपुर पहुंचकर प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया। नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, जोन कमिश्नर विवेकानंद दुबे, और नोडल अधिकारी योगेश यदु भी इस निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे। 8000 घरों में से 2500 की नंबरिंग पूरी नगर निगम की राजस्व और नगर निवेश विभाग की टीम ने वार्ड के लगभग 8000 भवनों की सूचीबद्धता और नंबरिंग का काम शुरू किया है। अब तक 2500 से अधिक भवनों को यूनिक नंबर दिए जा चुके हैं। यह काम निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जनता से सहयोग की अपील नगर निगम ने वार्ड 52 के नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना टीम का पूरा सहयोग करें। अधिकारियों ने बताया कि भवनों की पहचान और नंबरिंग का कार्य पूरी सुरक्षा और सरकारी दिशा-निर्देशों के तहत किया जा रहा है। क्या है प्री-टेस्ट जनगणना? प्री-टेस्ट जनगणना एक ट्रायल प्रक्रिया है, जिसमें सीमित क्षेत्र में घरों की गिनती, मैपिंग और डेटा कलेक्शन किया जाता है। इसका उद्देश्य असली जनगणना के दौरान आने वाली तकनीकी और प्रायोगिक चुनौतियों की पहचान करना और उन्हें दूर करना होता है।

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