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नववर्ष पर दर्दनाक हादसा: कोरबा में जर्जर पुल बना जानलेवा, युवक की मौत, दो दोस्त घायल

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में नववर्ष के पहले ही दिन एक हृदयविदारक सड़क हादसा सामने आया। बांगो थाना क्षेत्र के पोड़ी-उपरोड़ा इलाके में तान नदी पर बने जर्जर गुरसिया पुल पर स्कूटी दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में पुरानी बस्ती, कोरबा निवासी 21 वर्षीय प्रकाश श्रीवास की जान चली गई। वहीं, उसके दोस्त अनमोल गोस्वामी और हरि गोस्वामी घायल हो गए हैं। कैसे हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, तीनों युवक एक ही स्कूटी पर सवार होकर परला की ओर जा रहे थे। गुरुवार देर रात जब वे गुरसिया पुल से गुजर रहे थे, तब पुल पर बने गड्ढों से बचने के दौरान स्कूटी अनियंत्रित हो गई और सीधे पुल की रेलिंग से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि प्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गया। मोबाइल से खुला पूरा मामला हादसे के बाद घायल युवकों ने न तो तत्काल पुलिस को सूचना दी और न ही परिजनों को। रात में बांगो पुलिस को सूचना मिली कि सड़क पर एक युवक घायल अवस्था में पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रकाश को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान नहीं हो पाने के कारण पुलिस प्रयास कर रही थी। इसी दौरान सुबह मृतक के मोबाइल पर आए कॉल से पुलिस को उसकी पहचान और घटना की पूरी जानकारी मिल सकी। इसके बाद परिजनों को सूचित किया गया, जिससे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं बनी चिंता यह हादसा जिले में खराब सड़कों और जर्जर पुलों की समस्या को उजागर करता है। आंकड़ों के अनुसार, बीते वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ी है, जिससे सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की मरम्मत को लेकर गंभीर कदम उठाने की जरूरत बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोड़ी-उपरोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मर्च्युरी में रखवा दिया है और मामले की जांच जारी है।

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बिलासपुर सड़क हादसा: पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, 2 श्रद्धालुओं की मौत, 3 गंभीर

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। कोटा थाना अंतर्गत बेलगहना चौकी क्षेत्र में तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क से उतर गई और जंगल क्षेत्र में एक पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में रायपुर के दो श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। कार सवार सभी लोग रायपुर से अमरकंटक पूर्णिमा स्नान के लिए जा रहे थे। मृतकों की पहचान रामकुमार धीवर (45) और राजकुमार साहू के रूप में हुई है। घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद सिम्स अस्पताल, बिलासपुर रेफर किया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। जंगल में हुआ हादसा हादसा सुबह करीब 9 बजे ग्राम भसको के पास हुआ, जब कार तेज रफ्तार में जंगल के रास्ते से गुजर रही थी। अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया और कार सीधे पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। 2 घंटे तक कार में फंसा रहा शव हादसे के बाद कार के आगे बैठे राजकुमार साहू और एक अन्य यात्री वाहन में बुरी तरह फंस गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया, लेकिन राजकुमार का शव करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद कार से बाहर निकाला जा सका। घायलों की हालत गंभीर हादसे में कार चला रहे निलेश्वर धीवर, पीछे बैठे सुखसागर मानिकपुरी और अमित चंद्रवंशी गंभीर रूप से घायल हो गए। पहले उन्हें रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से सिम्स अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों को दी गई सूचना पुलिस ने मृतकों और घायलों के परिजनों को सूचना दी। परिजन रायपुर से रतनपुर पहुंचे, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए रायपुर रवाना किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन नियंत्रण खोने को हादसे की वजह माना जा रहा है।

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रायगढ़ हिंसा: महिला आरक्षक से अमानवीय व्यवहार, 5 आरोपी गिरफ्तार, राजनीतिक बयानबाजी तेज

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में जिंदल पावर लिमिटेड (JPL) के प्रस्तावित कोयला खदान के विरोध के दौरान हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों ने न सिर्फ पुलिस पर पथराव किया, बल्कि एक महिला आरक्षक के साथ मारपीट और बदसलूकी की गंभीर घटना भी सामने आई है। आरोप है कि महिला आरक्षक को दौड़ाकर पीटा गया और उसकी वर्दी फाड़ दी गई, साथ ही इस अमानवीय कृत्य का वीडियो भी बनाया गया। इस मामले में पुलिस ने अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 अन्य की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों में मंगल राठिया, चिनेश खमारी, प्रेमसिंह राठिया, कीर्ति श्रीवास और वनमाली राठिया शामिल हैं। कैसे बिगड़े हालात दरअसल, 8 दिसंबर को धौराभाठा में JPL के गारे पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक को लेकर हुई जनसुनवाई के विरोध में 14 गांवों के ग्रामीण धरने पर बैठे थे। 27 दिसंबर को लिबरा चौक पर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। देखते ही देखते भीड़ बेकाबू हो गई और पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए गए। उग्र भीड़ ने पुलिस वाहनों, एम्बुलेंस और अन्य सरकारी गाड़ियों में आग लगा दी। इसके बाद प्रदर्शनकारी जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट पहुंचे, जहां कन्वेयर बेल्ट, ट्रैक्टर और अन्य मशीनों को नुकसान पहुंचाया गया। अधिकारियों की मौजूदगी में भी हिंसा स्थिति संभालने के लिए लैलूंगा विधायक विद्यावती सिदार, रायगढ़ कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे, लेकिन इसके बावजूद पथराव और आगजनी जारी रही। JPL प्रबंधन का फैसला लगातार विरोध और बिगड़ते हालात को देखते हुए JPL प्रबंधन ने गारे पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक के लिए प्रस्तावित जनसुनवाई रद्द करने का निर्णय लिया है। राजनीतिक प्रतिक्रिया इस घटना पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने महिला आरक्षक के साथ हुई घटना को “मानवता को शर्मसार करने वाला अपराध” बताया और कहा कि सरकार को जनता में बढ़ते गुस्से पर आत्ममंथन करना चाहिए। वहीं बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि सरकार ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने मामले की गहराई से जांच की बात भी कही।

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CAF वेटिंग लिस्ट कैंडिडेट्स का डिप्टी CM हाउस घेराव, 7 साल से भर्ती का इंतज़ार

13 दिनों से तूता में धरना, गृहमंत्री बोले – CM से चर्चा के बाद होगा फैसला छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स (CAF) भर्ती 2018 के वेटिंग लिस्ट कैंडिडेट्स का सब्र अब जवाब दे चुका है। नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने शनिवार को डिप्टी मुख्यमंत्री विजय शर्मा के बंगले का घेराव कर दिया। ये सभी उम्मीदवार पिछले 13 दिनों से रायपुर के तूता धरना स्थल पर अपने परिवार के साथ आंदोलन कर रहे हैं। दरअसल, साल 2018 में CAF के 1786 पदों पर भर्ती निकली थी, जिसमें मेरिट लिस्ट के बाद 417 अभ्यर्थियों को वेटिंग लिस्ट में रखा गया। सात साल बीतने के बावजूद इन उम्मीदवारों को अब तक नियुक्ति नहीं मिल सकी है, जबकि CAF में तीन हजार से अधिक पद खाली पड़े हैं। धरने के दौरान बिगड़ी बच्चे की तबीयत प्रदर्शन के दौरान एक अभ्यर्थी के छह महीने के बच्चे की तबीयत खराब हो गई, जिससे आंदोलनकारियों का आक्रोश और बढ़ गया। इसी बीच नाराज उम्मीदवारों ने डिप्टी सीएम के बंगले का घेराव कर अपनी मांगें रखीं। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कैंडिडेट्स को भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिल्ली से लौटने के बाद पूरे मामले पर उनसे चर्चा की जाएगी। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने प्रदर्शन समाप्त करने की अपील भी की। गृहमंत्री अमित शाह को भी लिखा पत्र CAF कैंडिडेट्स अपनी समस्या को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को भी पत्र लिख चुके हैं। कुछ दिन पहले मीडिया से बातचीत में अभ्यर्थियों ने यहां तक कहा था कि “अगर नक्सली होते तो शायद घर वापसी पर नौकरी और करियर दोनों मिल जाता।” इसके बाद राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। गुरुवार को अलग-अलग जिलों से आए कैंडिडेट्स अपने माता-पिता, पत्नी और बच्चों के साथ गृहमंत्री के बंगले पहुंचे थे। गृहमंत्री ने उनसे पुलिस मुख्यालय से नोटशीट लाने को कहा और हस्ताक्षर करने का भरोसा दिया, लेकिन उसके बाद वे दौरे पर निकल गए। मजदूरी कर चला रहे परिवार अभ्यर्थियों का कहना है कि नौकरी न मिलने के कारण उन्हें मजदूरी कर परिवार का पेट पालना पड़ रहा है। एक कैंडिडेट के पिता गृहमंत्री आवास के बाहर हाथ जोड़कर मीडिया से मदद की गुहार लगाते नजर आए। आधे से ज्यादा कैंडिडेट हो चुके ओवरएज भर्ती के समय सभी अभ्यर्थियों की उम्र 28 से 32 वर्ष थी, लेकिन सात साल बीत जाने के कारण अब 50 प्रतिशत से ज्यादा कैंडिडेट 36 से 40 साल की उम्र पार कर चुके हैं। वे अब किसी नई भर्ती के लिए भी योग्य नहीं रह गए हैं। मेरिट लिस्ट में चयनित कई उम्मीदवार मेडिकल में अनफिट हुए या नौकरी छोड़ दी, जिससे सीटें खाली हुईं। बावजूद इसके, वेटिंग लिस्ट कैंडिडेट्स को मौका नहीं मिला। सरकार बदलने के बाद भी उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। CAF और पुलिस बल में हजारों पद खाली छत्तीसगढ़ पुलिस बल में लंबे समय से भारी कमी बनी हुई है। प्रदेश में कुल 83,259 स्वीकृत पदों में से केवल 65,439 जवान कार्यरत हैं। यानी करीब 17,820 पद खाली पड़े हैं। प्रदेश में 13 IPS और 129 DSP अधिकारियों की कमी है। वहीं सूबेदार, हेड कॉन्स्टेबल और कॉन्स्टेबल के हजारों पद भी रिक्त हैं, जिससे अपराध जांच और कानून व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। भर्ती प्रक्रिया भी अधर में अक्टूबर 2024 में पुलिस विभाग में 341 पदों पर भर्ती निकाली गई थी, लेकिन उसकी प्रक्रिया भी अब तक पूरी नहीं हो पाई है। कॉन्स्टेबल भर्ती भी लंबे समय से अटकी हुई है। CAF वेटिंग लिस्ट कैंडिडेट्स का कहना है कि अगर सरकार चाहे तो अभी भी खाली पदों पर उनकी नियुक्ति की जा सकती है। अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री से होने वाली बैठक और सरकार के फैसले पर टिकी हैं।

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शराब घोटाला मामला: चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से जमानत, DGP को कड़ी फटकार

रायपुर।छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार मामलों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और ACB/EOW द्वारा दर्ज मामलों में हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। हाईकोर्ट ने जमानत आदेश जारी करते हुए जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कोर्ट ने खास तौर पर सह-आरोपी लक्ष्मी नारायण बंसल को गिरफ्तार न किए जाने को लेकर नाराजगी जताई और इसे कानून का ‘चुनिंदा इस्तेमाल’ बताया। सह-आरोपी पर कार्रवाई नहीं, जांच की पारदर्शिता पर सवाल हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष लक्ष्मी नारायण बंसल के बयान पर भरोसा कर रहा है, लेकिन उसके खिलाफ स्थायी वारंट होने के बावजूद उसे गिरफ्तार नहीं किया गया। कोर्ट के अनुसार, आरोपी को खुला छोड़ना जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कोर्ट ने इस लापरवाही को “Grave Violation of Law” करार देते हुए राज्य के DGP को व्यक्तिगत रूप से मामले की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भविष्य में ऐसी चूक न हो, इसके लिए सभी पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने को कहा गया है। जुलाई से जेल में थे चैतन्य बघेल चैतन्य बघेल 18 जुलाई से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। ED ने उन्हें पिछले साल मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था, जबकि ACB/EOW ने भ्रष्टाचार मामले में सितंबर में तब गिरफ्तार किया जब वे पहले से जेल में थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा। ED और ACB के आरोप ED का आरोप है कि चैतन्य बघेल शराब सिंडिकेट के संरक्षक थे और उन्होंने करीब 1000 करोड़ रुपए के लेनदेन को संभाला।वहीं ACB का दावा है कि उन्हें 200 से 250 करोड़ रुपए की अवैध राशि मिली और पूरे घोटाले की रकम 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकती है। भूपेश बघेल का बयान बेटे को जमानत मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, “सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। आज सत्य की जीत हुई है।” जमानत की खबर के बाद समर्थकों ने पटाखे फोड़कर खुशी जताई। बचाव पक्ष की दलील चैतन्य बघेल के वकील फैजल रिजवी ने कहा कि गिरफ्तारी केवल सह-आरोपी के बयान के आधार पर की गई, जो खुद नॉन-बेलेबल वारंट का आरोपी है और खुलेआम घूम रहा था।उन्होंने दावा किया कि चैतन्य बघेल ने जांच में पूरा सहयोग किया, बावजूद इसके उन्हें कभी समन नहीं भेजा गया और सीधे गिरफ्तार कर लिया गया। क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला? ED की जांच के अनुसार, भूपेश सरकार के कार्यकाल में शराब सिंडिकेट के जरिए— इस कथित सिंडिकेट में तत्कालीन IAS अधिकारी, आबकारी विभाग के अफसर और कारोबारी शामिल बताए गए हैं।

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छत्तीसगढ़ में बिजली महंगी होने के आसार, पावर कंपनी ने 24% टैरिफ बढ़ाने का दिया प्रस्ताव

रायपुर।छत्तीसगढ़ में नए वित्तीय वर्ष 2026-27 से बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लग सकता है। छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी ने राज्य विद्युत नियामक आयोग में याचिका दाखिल कर करीब 6 हजार करोड़ रुपये के घाटे का दावा किया है। इसी के आधार पर कंपनी ने औसतन 24 प्रतिशत तक बिजली दरें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। अगर नियामक आयोग पावर कंपनी के घाटे को आंशिक या पूरी तरह से स्वीकार करता है, तो प्रदेश के घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं की बिजली बिल में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। दिसंबर में दाखिल की गई याचिका नियमों के अनुसार पावर कंपनी को हर साल दिसंबर में आगामी वित्तीय वर्ष के टैरिफ निर्धारण के लिए याचिका दाखिल करनी होती है। इस बार कंपनी ने 31 दिसंबर की समय-सीमा से एक दिन पहले 30 दिसंबर को ही आयोग में अपनी याचिका प्रस्तुत कर दी। याचिका में कंपनी ने 2026-27 के लिए अनुमानित आय, खर्च, संभावित लाभ और पूर्व वर्षों के घाटे का विस्तृत ब्यौरा दिया है। कंपनी का कहना है कि नए सत्र में होने वाले लाभ को पुराने घाटे में समायोजित करने के बाद भी लगभग 6 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व की जरूरत पड़ेगी। 24% तक दर बढ़ाने का सुझाव पावर कंपनी ने याचिका के साथ नया टैरिफ प्लान भी जमा किया है, जिसमें बिजली दरों में औसतन 24 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव शामिल है। अब इस पर राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा गहन समीक्षा की जाएगी। प्रक्रिया के तहत आम उपभोक्ताओं और अन्य हितधारकों से दावा-आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। इसके बाद जनसुनवाई आयोजित होगी, जिसमें लोग अपनी राय और आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। सभी पक्षों को सुनने के बाद आयोग अंतिम टैरिफ का फैसला करेगा। पहले भी किया था घाटे का दावा यह पहला मौका नहीं है जब पावर कंपनी ने बड़े घाटे का हवाला दिया हो। पिछले वित्तीय वर्ष में भी कंपनी ने करीब 5 हजार करोड़ रुपये के घाटे का दावा किया था। हालांकि, नियामक आयोग ने उस दावे को पूरी तरह स्वीकार न करते हुए घाटा केवल 500 करोड़ रुपये ही माना था। उस समय कंपनी ने 28,397.64 करोड़ रुपये की वार्षिक राजस्व आवश्यकता बताई थी, लेकिन आयोग ने केवल 25,636.38 करोड़ रुपये को ही मंजूरी दी थी। तब मामूली बढ़ोतरी पर लगी थी मुहर यदि पिछली बार कंपनी का पूरा घाटा मान लिया जाता, तो बिजली दरों में लगभग 20 प्रतिशत तक वृद्धि होती। लेकिन आयोग के हस्तक्षेप के चलते बिजली दरें दो प्रतिशत से भी कम बढ़ाई गई थीं। अब एक बार फिर सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस बार नियामक आयोग पावर कंपनी के घाटे को कितनी मान्यता देता है। इसी पर तय होगा कि छत्तीसगढ़ के लोगों को आने वाले दिनों में बिजली कितनी महंगी पड़ेगी।

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कोरबा में नशेड़ी युवकों का हमला, युवक और परिवार के सदस्य हुए घायल

कोरबा के इमली डुग्गू क्षेत्र में कुछ नशेड़ी युवकों ने एक युवक पर घर से बाहर खींचकर हमला कर दिया। जब पीड़ित के परिजन बीच-बचाव के लिए आए, तो उनके साथ भी मारपीट की गई। यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। संजय यादव नामक युवक अपने कार्य से घर लौट रहे थे। घर के बाहर कुछ नशेड़ी गाली-गलौज कर रहे थे, जिसे संजय ने रोकने का प्रयास किया और घर में चले गए। इसके तुरंत बाद छह से अधिक युवक आए और संजय को घर के गेट से बाहर खींचकर सड़क पर मारपीट करने लगे। मारपीट में संजय के सिर, हाथ और सीने पर गंभीर चोटें आईं। उन्होंने बताया कि हमलावरों के पास चाकू भी था। रिपोर्ट के अनुसार महेश, साहिल, बिट्टू, छोटू पांडे, विजय पांडे, उमेश सागर और अन्य ने इस हमले को अंजाम दिया। पीड़ित और उनके भाई विजय ने बताया कि हमलावर आदतन नशेड़ी हैं और अक्सर इलाके में ऐसी हिंसक घटनाएं करते रहते हैं। विजय के अनुसार, ये लोग नशीली गोली का सेवन करते हैं और शाम होते ही उनका आतंक ऐसा होता है कि महिलाएं और बच्चे सुरक्षित रूप से बाहर नहीं निकल पाते। संजय को गंभीर हालत में जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। परिवार ने इस मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

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रायगढ़ में दो खाली घरों से हुई चोरी, पुलिस कर रही आरोपी की तलाश

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अज्ञात चोरों ने दो खाली घरों को निशाना बनाया और नकदी व कीमती सामान लेकर फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण शुरू कर दिया है और आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। मामला घरघोड़ा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, डॉक्टर कॉलोनी में रहने वाले गीता साहू और भानू प्रकाश कुर्रे अपने घरों में ताले लगाकर बाहर गए हुए थे। जब दोनों परिवार वापस लौटे तो देखा कि घरों के ताले टूट चुके थे और अंदर सामान बिखरा हुआ था। जांच में पता चला कि गीता साहू के घर से लगभग 46 हजार रुपये मूल्य का नकद और अन्य सामान चोरी हुआ है। वहीं, भानू प्रकाश कुर्रे के घर से करीब 28 हजार रुपये के सामान गायब थे। कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने पर सोमवार दोपहर को दो से तीन नकाबपोश युवक चोरी करते दिखाई दिए। पीड़ित परिवारों ने तुरंत थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मौके पर जाकर जांच की और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने का प्रयास शुरू कर दिया है। मामले की जांच जारी है।

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कोरबा पुलिस ने नए साल के अवसर पर सुरक्षा बढ़ाई: पिकनिक स्थलों पर विशेष गश्त, नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई

कोरबा जिले में नव वर्ष के उत्सव को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए पुलिस ने विशेष तैयारियां की हैं। जनसाधारण की सुरक्षा और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए जिले के प्रमुख पिकनिक स्थल, पर्यटन स्थल और सार्वजनिक क्षेत्रों में पुलिस की पैनी नजर और गश्त बढ़ा दी गई है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिक सुरक्षित वातावरण में और कानून का पालन करते हुए नए साल का जश्न मनाएं। जिले के हर लोकप्रिय पिकनिक स्थल और मनोरंजन स्थानों पर पुलिस की टीम लगातार गश्त और निगरानी कर रही है। कानून-उल्लंघन पर होगी कार्रवाईशराब पीकर वाहन चलाने, ऊँची आवाज़ में संगीत बजाने, सार्वजनिक जगहों पर अनुचित व्यवहार या किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान के तहत पुलिस दल यातायात नियमों का पालन, नशे में वाहन चलाने की रोकथाम, ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण और महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। साथ ही चलती गाड़ियों की औचक जांच भी की जा रही है। मुख्य पिकनिक और शहर के क्षेत्रजिले के प्रमुख पिकनिक स्पॉट जैसे सतरेंगा, झोराघाट, परसखोला, बुका, बांगोडेम, रजगामार, केंदई और कॉफी प्वाइंट सहित सभी स्थलों पर पुलिस लगातार गश्त करेगी। शहर के मुख्य चौराहों—निहारिका घंटाघर, सुभाष चौक, कोसाबाड़ी चौक, बुधवारी जैन चौक, सीएसईबी चौक, टीपी नगर चौक, सुनालिया चौक, सीतामढ़ी चौक और गौ माता चौक पर भी पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। ASP नीतिश ठाकुर ने कहा कि नव वर्ष की तैयारियों के तहत थाना-चौकी प्रभारियों को अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे जिम्मेदारी के साथ उत्सव मनाएं और कानून का सम्मान करें। किसी भी आपात स्थिति या अशांति की सूचना के लिए नागरिक पुलिस नियंत्रण कक्ष या 112 पर संपर्क कर सकते हैं, जहां से तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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छत्तीसगढ़ में कर्मचारी फेडरेशन की 3 दिवसीय हड़ताल शुरू: ‘मोदी की गारंटी’ पूरी नहीं होने का आरोप, सरकारी कामकाज प्रभावित

छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर राज्य भर में तीन दिन की हड़ताल आज से शुरू हो गई है। धमतरी समेत कई जिलों में सैकड़ों कर्मचारी ‘काम बंद, कलम बंद’ आंदोलन में शामिल हुए हैं। फेडरेशन का आरोप है कि भाजपा द्वारा विधानसभा चुनाव से पहले घोषित ‘मोदी की गारंटी’ के तहत कर्मचारियों से किए गए वादे अब तक पूरे नहीं किए गए हैं। इस संबंध में फेडरेशन ने 11 प्रमुख मांगों को लेकर प्रदर्शन किया है। 29 दिसंबर को धमतरी के गांधी मैदान में बड़ी संख्या में कर्मचारी और अधिकारी एकत्रित हुए। यह हड़ताल छत्तीसगढ़ के सभी जिलों और विकासखंडों में जारी है, जिसमें कर्मचारियों ने अपनी मांगों को पूरा करने की आवाज उठाई। फेडरेशन के पदाधिकारियों का कहना है कि चुनाव से पहले भाजपा के घोषणा पत्र में महंगाई भत्ते सहित कर्मचारियों और अधिकारियों के हित से जुड़े कई वादे किए गए थे, जिनके लिए शपथ पत्र भी जारी किया गया था। लेकिन चुनाव के दो साल बीत जाने के बावजूद ये वादे पूरे नहीं किए गए हैं। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल करने पर मजबूर होंगे। इस आंदोलन के कारण कई सरकारी कामकाज प्रभावित होने की संभावना है, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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