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रायपुर में ड्रिंक एंड ड्राइव का मामला: ब्रीथ एनालाइजर में 61 एमजी शराब, कोर्ट ने लगाया ₹60 हजार का जुर्माना

रायपुर। राजधानी रायपुर में देर रात नशे में डीजे वाहन चलाना एक चालक को महंगा पड़ गया। पुलिस की कार्रवाई में चालक की सांस की जांच के दौरान 61 एमजी शराब पाए जाने पर अदालत ने चालक और वाहन स्वामी दोनों पर कुल ₹60 हजार का जुर्माना लगाया है। घटना लाखे नगर चौक की है, जहां पुलिस की पेट्रोलिंग टीम ने एक माजदा डीजे वाहन को लहराते हुए चलते देखा। रोकने पर चालक की हालत संदिग्ध लगी, जिसके बाद ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट किया गया। रिपोर्ट में शराब की मात्रा कानूनी सीमा से कहीं अधिक पाई गई। वाहन में अवैध मॉडिफिकेशन भी पाया गया पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि वाहन को बिना अनुमति मॉडिफाई किया गया था। डीजे सिस्टम को गाड़ी की बॉडी के बाहर वेल्डिंग से फिट किया गया था। इतना ही नहीं, वाहन का फिटनेस सर्टिफिकेट और प्रदूषण प्रमाणपत्र भी समाप्त हो चुका था। पुलिस ने चालक गोपीराम मनहरे और वाहन स्वामी बीना कौशिक के खिलाफ मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने चालक पर ₹55 हजार और वाहन स्वामी पर ₹5 हजार का जुर्माना लगाया। पुलिस की चेतावनी रायपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे नशे में वाहन न चलाएं। पुलिस ने कहा कि शराब के नशे में गाड़ी चलाना सड़क हादसों का बड़ा कारण है। साथ ही, बिना अनुमति वाहन में तकनीकी बदलाव या असुरक्षित डीजे फिटिंग करवाना भी कानूनी अपराध है।

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रायपुर में आधी रात धरना: अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर शिक्षाकर्मियों के परिजन बैठे कलेक्ट्रेट के बाहर

रायपुर। राजधानी रायपुर में शनिवार देर रात अनुकंपा नियुक्ति संघ की महिलाएं कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर धरने पर बैठ गईं। यह प्रदर्शन रात करीब 11 बजे से शुरू हुआ और देर रात तक चलता रहा। धरने में शामिल महिलाएं उन दिवंगत शिक्षाकर्मियों के परिवार से हैं, जिनकी मृत्यु के बाद भी उनके परिजनों को अब तक अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी गई है। धरने पर बैठी महिलाओं का कहना है कि चुनाव के दौरान भाजपा ने वादा किया था कि सत्ता में आने के बाद सभी पात्र परिजनों को जल्द अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। लेकिन सरकार बने महीनों बीत जाने के बावजूद अब तक प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि पूरे प्रदेश में लगभग 1200 दिवंगत शिक्षाकर्मियों के परिजन इस नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री से हुई थी मुलाकात अक्टूबर में अनुकंपा नियुक्ति संघ का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिला था। उस दौरान मुख्यमंत्री ने जल्द प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। धरने पर बैठी महिलाओं ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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अमित बघेल पर 5 हजार का इनाम घोषित: हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत पर कैविएट, रायपुर में लगातार छापेमारी

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल की गिरफ्तारी के लिए रायपुर पुलिस ने 5,000 रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस लगातार उनके ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और दावा किया है कि वह जल्द गिरफ्त में होंगे। बताया जा रहा है कि बघेल रायपुर में अपने परिचितों के घरों में छिपे हुए हैं ताकि गिरफ्तारी से बच सकें। इसी बीच पुलिस ने हाईकोर्ट में एक कैविएट याचिका दाखिल की है, ताकि अगर अमित बघेल अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करें, तो कोर्ट बिना सरकारी पक्ष को सुने कोई राहत न दे। 🔸 राजनीतिक बयानबाजी तेज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अब तक सरकार या किसी मंत्री की ओर से अमित बघेल की गिरफ्तारी पर कोई बयान नहीं आया है। इस पर बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने पलटवार करते हुए कहा कि भूपेश बघेल क्षेत्रीयता का जहर फैलाने की कोशिश कर रहे हैं और अपना एजेंडा चला रहे हैं। 🔸 पुलिस रेड और जांच अभियान 9 अक्टूबर को पुलिस ने छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के कार्यकर्ता शिवेंद्र वर्मा (सड्डू) और अजय यादव (धरमनगर, टिकरापारा) के घर पर छापे मारे थे। पुलिस उनसे पूछताछ कर चुकी है। रायपुर सहित दुर्ग, धमतरी, इंदौर, नोएडा, प्रयागराज और महाराष्ट्र में भी पुलिस टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। ⚖️ मूर्ति विवाद से शुरू हुआ मामला 26 अक्टूबर को रायपुर के VIP चौक में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़फोड़ की घटना हुई थी। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जिसने नशे की हालत में यह वारदात की थी। घटना के बाद छत्तीसगढ़ क्रांति सेना ने विरोध प्रदर्शन किया और अगले दिन उनके प्रमुख अमित बघेल ने विवादित बयान दिया। 27 अक्टूबर को बघेल ने अग्रसेन महाराज, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। उनके बयान में कहा गया – “कौन है अग्रसेन महाराज, चोर या झूठा?” इस बयान के बाद अग्रवाल समाज और सिंधी समाज ने प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किया। रायपुर, रायगढ़ और सरगुजा में समाज के प्रतिनिधियों ने FIR दर्ज कराई। 🔸 समाजों का आक्रोश और बयान अग्रवाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष दाऊ अनुराग अग्रवाल ने कहा कि अग्रसेन महाराज का अपमान असहनीय है। उन्होंने बघेल से माफी की मांग की और समाज के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के कई प्रतिष्ठान और संस्थान अग्रवाल परिवारों के सहयोग से बने हैं। सिंधी समाज के नेताओं ने भी बघेल के बयान पर नाराजगी जताई। रायपुर सिटी कोतवाली में FIR दर्ज की गई है। 🔸 हिंदुस्तानी भाऊ का रिएक्शन ‘बिग बॉस 13’ फेम हिंदुस्तानी भाऊ (विकास पाठक) ने भी वीडियो जारी कर बघेल के बयान की निंदा की। उन्होंने कहा, “अमित बघेल जैसे लोग हिंदू धर्म की छवि खराब करते हैं। सिंधी समाज शांतिप्रिय है, उन्हें पाकिस्तान जाने की बात कहना शर्मनाक है।” 🕉️ छत्तीसगढ़ महतारी प्रतिमा की पृष्ठभूमि तेलीबांधा तालाब के पास स्थित छत्तीसगढ़ महतारी उद्यान में मुख्य प्रतिमा 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्थापित की थी। यह मातृत्व, गौरव और राज्य की संस्कृति का प्रतीक मानी जाती है। इस प्रतिमा से प्रेरित होकर राज्य के 33 जिलों में ऐसी ही मूर्तियां लगाने की घोषणा की गई थी।

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मैनपाट में पारा 4 डिग्री पर पहुंचा: ओस की बूंदें बनीं बर्फ, छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्सों में शीतलहर का असर

छत्तीसगढ़ में ठंड ने दस्तक दे दी है। मैनपाट में तापमान घटकर 4°C तक पहुंच गया, जहां घास पर जमी ओस की बूंदें बर्फ में तब्दील हो गई हैं। राज्य के उत्तरी हिस्सों — पेंड्रा और अंबिकापुर में भी लोगों को सुबह-शाम अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। मैदानी इलाकों में दुर्ग सबसे ठंडा रहा, जहां रात का तापमान सामान्य से करीब 7 डिग्री कम होकर 10.2°C दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों तक उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा और मौसम शुष्क रहेगा। राज्य में अधिकतम तापमान 30.8°C (दुर्ग) और न्यूनतम 8.6°C (अंबिकापुर) रिकॉर्ड किया गया। 🌫️ मलेरिया का खतरा बढ़ा, डॉक्टरों ने दी चेतावनी मौसम विशेषज्ञों ने कहा कि तापमान में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण मलेरिया का खतरा बढ़ गया है। मेडिकल एक्सपर्ट डॉ. विकास अग्रवाल (एमडी, मेडिसिन) ने बताया कि ऐसे मौसम में मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ती है, जिससे संक्रमण की संभावना अधिक रहती है। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि शाम के बाद घर के आसपास मच्छरदानी, कॉइल या लिक्विड का उपयोग करें और पानी जमा न होने दें। बच्चों और बुजुर्गों को पूरी बांह के कपड़े पहनने चाहिए। सावधानी के उपाय: 🌾 किसानों और आम जनता के लिए मौसम संकेत 🦟 मलेरिया संक्रमण का बढ़ता खतरा मौसम विभाग की हेल्थ एडवाइजरी के मुताबिक, 7 से 11 नवंबर के बीच भारत के कई राज्यों में मलेरिया संक्रमण का खतरा बढ़ा हुआ है।छत्तीसगढ़ में भी तापमान 14–19°C (रात) और 33–39°C (दिन) के बीच बना हुआ है — जो मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल परिस्थिति है। राज्य में Plasmodium Vivax प्रकार के मलेरिया के बढ़ने की संभावना अधिक बताई गई है। ग्रामीण और जंगल क्षेत्रों में यह खतरा ज्यादा है। 🌧️ बारिश का रिकॉर्ड इस साल अक्टूबर में छत्तीसगढ़ में औसत से 59% अधिक बारिश दर्ज की गई।1 से 26 अक्टूबर के बीच 89.4 मिमी वर्षा हुई है, जबकि सामान्य औसत इससे काफी कम होता है।

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यौन उत्पीड़न केस में फंसे IG रतनलाल डांगी हटाए गए: SI की पत्नी की शिकायत के बाद PHQ अटैच, अजय यादव को मिली नई जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़ पुलिस अकादमी, चंदखुरी में तैनात IG रतनलाल डांगी को यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के बाद उनके पद से हटा दिया गया है। अब उन्हें पुलिस मुख्यालय (PHQ) रायपुर में अटैच किया गया है। गृह विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। डांगी की जगह अब वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अजय यादव को चंदखुरी पुलिस अकादमी का नया निदेशक बनाया गया है। अजय यादव इससे पहले नारकोटिक्स विभाग में पदस्थ थे। यह कार्रवाई तब हुई जब SI की पत्नी ने IG रतनलाल डांगी के खिलाफ पुलिस मुख्यालय में यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई थी। विभागीय जांच लगभग 14 दिन चली, जिसके बाद गृह विभाग ने यह कदम उठाया। जांच की जिम्मेदारी IG आनंद छाबड़ा को सौंपी गई IPS रतनलाल डांगी के खिलाफ शिकायत की जांच पुलिस मुख्यालय के निर्देशन में IG आनंद छाबड़ा कर रहे हैं। जांच टीम ने महिला से बयान और डिजिटल साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। टीम में महिला अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। महिला के बयान दर्ज करने के बाद डांगी से पूछताछ की जाएगी। हालांकि, जांच रिपोर्ट आने में अभी कुछ समय लग सकता है। क्या है पूरा मामला? पीड़िता, जो एक SI की पत्नी है, ने 15 अक्टूबर 2025 को औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2017 में उसकी पहचान रतनलाल डांगी से कोरबा में हुई थी, जब वे वहां एसपी के पद पर थे। शुरुआत सोशल मीडिया के ज़रिए हुई बातचीत आगे बढ़ती गई। महिला ने आरोप लगाया कि दंतेवाड़ा में पदस्थ रहते हुए वह उन्हें वीडियो कॉल के ज़रिए योग सिखाती थी। लेकिन, बाद में जब डांगी राजनांदगांव और सरगुजा में आईजी बने, तो उन्होंने परेशान करना शुरू कर दिया। बिलासपुर में तैनाती के दौरान यह उत्पीड़न और बढ़ गया। शिकायत के अनुसार, IG डांगी अक्सर उसे अपनी पत्नी की गैरमौजूदगी में बंगले पर बुलाते थे। मना करने पर तबादले की धमकी देते थे। यहां तक कि चंदखुरी अकादमी में तबादले के बाद भी वह दिनभर वीडियो कॉल पर बने रहने का दबाव डालते थे। महिला ने कहा कि उसके पास कई डिजिटल सबूत मौजूद हैं। डांगी बोले – “यह मुझे बदनाम करने की साजिश” IG रतनलाल डांगी ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता महिला उन्हें ब्लैकमेल कर रही है। उन्होंने बताया कि इस महिला के खिलाफ पहले भी उन्होंने सीनियर अधिकारियों को शिकायत दी थी। डांगी का दावा है कि महिला ने उन्हें बदनाम करने की नीयत से यह शिकायत की है और वह पहले भी इस तरह के विवादों में शामिल रह चुकी है। महिला के खिलाफ भी पुराने आरोप डांगी के परिजनों ने बताया कि शिकायतकर्ता महिला का व्यवहार पहले से ही संदिग्ध रहा है। वह धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग जैसे मामलों में पहले भी फंसी रही है। परिजनों ने दावा किया कि उनके पास महिला के पुराने मामलों से जुड़े दस्तावेज और बयान मौजूद हैं, जिन्हें अब जांच में शामिल किया जा सकता है। Chhattisgarh Police, IG Ratanlal Dangi, Sexual Harassment Case, Ajay Yadav, Police Academy Chandkhuri, PHQ Raipur, IPS News, Chhattisgarh News

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गुरुवार से बीएलओ करेंगे फुल फील्ड वर्क: फार्म देर से मिलने से पहले दिन केवल 10% मतदाताओं तक पहुंच

रायपुर। प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की शुरुआत मंगलवार से हो गई है। हालांकि पहले दिन कई जगहों पर बीएलओ को फार्म देर से मिलने की वजह से अभियान की रफ्तार धीमी रही। अनुमान के मुताबिक केवल 10% बीएलओ ही फील्ड पर उतर सके। इन बीएलओ ने भी महज 10-12 घरों तक ही पहुंच बनाई, क्योंकि मतदाता सूची को क्रमवार जमाने और संबंधित घर ढूंढने में काफी समय लग गया। बुधवार को गुरु नानक जयंती की छुट्टी के चलते अब पूरा अभियान गुरुवार से गति पकड़ने की उम्मीद है। यह प्रक्रिया 4 दिसंबर तक चलेगी। बीएलओ को एक पेज का फार्म दिया गया है, जिसमें मतदाताओं से व्यक्तिगत जानकारी ली जाएगी। इस वर्ष 2003 की मतदाता सूची को आधार मानकर मिलान किया जा रहा है। 22 सालों में जो मतदाता अन्य जगह शिफ्ट हुए हैं या परिसीमन के चलते बूथ बदले हैं, उनका विवरण अपडेट किया जाएगा। बीएलओ बोले — “समझ न आए तो छोड़ दो, मैं फिर आऊंगी” राजातालाब नई बस्ती में मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे बीएलओ सुनीला फ्रैंक्लिन हाथ में फार्म लेकर घर-घर जाती दिखीं। उन्होंने मतदाताओं से कहा — “जिसका फार्म है, वह रंगीन फोटो, आधार नंबर, मोबाइल और जन्मतिथि लिख दे। जो समझ न आए, उसे छोड़ देना, मैं वापस आऊंगी।” फ्रैंक्लिन ने बताया कि वे फार्म स्कैन भी करती हैं ताकि सिस्टम में अपडेट रहे। फार्म स्कैन होते ही एप में नाम रेड से ब्लू हो जाता है, और दोबारा स्कैन करने पर ग्रीन — यानी प्रक्रिया पूरी। 15 वर्षों से बीएलओ ड्यूटी निभा रहीं सुनीला फ्रैंक्लिन की इलाके में अच्छी पहचान है। पूरे प्रदेश में इसी तरह अनुभवी शिक्षकों को यह जिम्मेदारी दी गई है ताकि पुनरीक्षण कार्य सुचारू रूप से चले। घर बंद मिलने पर नोटिस चिपकाएंगे बीएलओ यदि किसी घर पर ताला मिला तो बीएलओ वहां नोटिस चिपकाकर तीन बार विज़िट करेंगे। तीसरी बार भी घर बंद मिलने पर वे रिपोर्ट आयोग को सौंप देंगे।

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सुकमा में नक्सलियों की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री तबाह, 17 राइफल और हथियार बनाने के उपकरण बरामद

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। जिले के गोमगुड़ा इलाके में डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व ग्रुप) के जवानों ने नक्सलियों द्वारा बनाई गई अवैध ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया है।जानकारी के अनुसार, सोमवार को मिले गोपनीय इनपुट के बाद डीआरजी की टीम ने जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें यह फैक्ट्री मिली। फैक्ट्री से 17 चालू राइफलें, हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले मशीन, टूल्स, गन पार्ट्स और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच से पता चला है कि नक्सलियों ने इस फैक्ट्री का इस्तेमाल अपनी सशस्त्र ताकत बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर कंट्रीमेड हथियार तैयार करने के लिए किया था। नक्सलियों का नया वीडियो वायरल: डीआरजी जवानों को बताया ‘गद्दार’ दंतेवाड़ा जिले से एक नया नक्सली वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें नक्सली गोंडी भाषा में गीत गाकर डीआरजी जवानों को ‘गद्दार’ कह रहे हैं। वीडियो में कांकेर और जगदलपुर में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के दृश्य भी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, नक्सली अब अपने साथियों को आत्मसमर्पण से रोकने के लिए प्रचार अभियान चला रहे हैं। इसके तहत एरिया कमेटियों से चेतावनी पत्र जारी किए जा रहे हैं और नाट्य मंडलियों के जरिए गांवों में प्रचार किया जा रहा है ताकि ग्रामीणों को प्रभावित किया जा सके। आत्मसमर्पण का बढ़ता सिलसिला पिछले एक साल में 545 नक्सलियों ने हिंसा छोड़ दी, जबकि 454 नक्सली गिरफ्तार किए गए। अलग-अलग मुठभेड़ों में 64 नक्सली मारे गए हैं। पुलिस लगातार बच बचे नक्सलियों पर दबाव बना रही है। सुकमा के एसपी किरण चव्हाण ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वालों को पूरी सुरक्षा, सम्मान और पुनर्वास योजना के तहत बेहतर जीवन व रोजगार प्रदान किया जाएगा। उन्होंने अपील की कि जो नक्सली मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, वे जल्द आत्मसमर्पण करें।

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छत्तीसगढ़ में नई पहल: प्रधानमंत्री आवास के साथ अब मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना, तय समय में घर पूरा करने पर मिलेगा बोनस

छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) के साथ एक नई पहल की है — मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना। इस योजना के तहत यदि कोई लाभार्थी 18 महीने के भीतर अपना घर पूरा करता है, तो उसे राज्य सरकार की ओर से ₹32,850 का बोनस मिलेगा। इसके लिए सरकार ने ₹100 करोड़ का बजट भी स्वीकृत कर दिया है। मुख्यमंत्री की इस पहल का उद्देश्य शहरी गरीबों और महिलाओं के स्वामित्व वाले पक्के मकानों को बढ़ावा देना है। राज्य के 141 नगरीय निकायों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 11,282 मकान बनाए जाने हैं, जिनकी मंजूरी केंद्र सरकार ने 15 अक्टूबर को दी थी। इस योजना से छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र परिवार को अपना पक्का घर मिले, जिससे राज्य “हर घर पक्का घर” के लक्ष्य के करीब पहुंचे। योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रधानमंत्री आवास योजना में पहले से ही ₹2.5 लाख की सहायता राशि का प्रावधान है — अब मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना से अतिरिक्त ₹32,850 मिलेंगे, बशर्ते मकान का निर्माण 18 महीने के भीतर पूरा हो। चार चरणों में मिलेगी राशि योजना की राशि सीधे हितग्राहियों के खाते में चार किस्तों में भेजी जाएगी — प्रत्येक चरण की राशि जारी करने से पहले 70% फंड उपयोग की रिपोर्ट और उपयोगिता प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा। बिल्डिंग परमिशन अनिवार्य शर्त घर बनाने के लिए बिल्डिंग परमिशन केवल नगरीय निकाय द्वारा जारी की जाएगी। इसकी एक प्रति सूडा (राज्य शहरी विकास अभिकरण) को भेजना जरूरी होगा।मकान का कॉरपेट एरिया 30 से 45 वर्ग मीटर के बीच होना चाहिए, अन्यथा राशि जारी नहीं की जाएगी।

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नक्सलियों पर अंतिम वार की तैयारी: बस्तर के 50 गांवों में चलेगा स्पेशल ऑपरेशन, जवानों की छुट्टियां रद्द

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में अब सुरक्षाबलों ने निर्णायक अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। सुकमा, बीजापुर, कांकेर और नारायणपुर जिलों के कई इलाकों में नक्सली गतिविधियों को खत्म करने के लिए फोर्स अब पूरे संगठन के सफाए के मिशन पर काम कर रही है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मिशन 2026 के तहत नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन की तय समयसीमा में अब सिर्फ पांच महीने बचे हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां बस्तर के 50 चुनिंदा गांवों को फोकस एरिया बनाकर बड़े पैमाने पर ऑपरेशन शुरू करने जा रही हैं। बीजापुर से होगी शुरुआत, 10 टीमें मैदान में उतरेंगी सूत्रों के अनुसार, इस निर्णायक ऑपरेशन की शुरुआत बीजापुर जिले से होगी। इसके लिए डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व ग्रुप) के जवानों की 10 से अधिक टीमें तैयार की गई हैं, जिनमें नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बस्तर और सुकमा के जवान शामिल हैं।इन टीमों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं और उन्हें अगले आदेश तक फील्ड ड्यूटी पर बने रहने के निर्देश दिए गए हैं। अबूझमाड़ जैसे बड़े ऑपरेशन की फिर तैयारी हाल के महीनों में फोर्स ने अबूझमाड़ और कर्रेगुट्टा में सफल अभियानों को अंजाम दिया था। अबूझमाड़ में नक्सली संगठन के महासचिव बसवा राजू के एनकाउंटर के बाद यह अभियान सबसे बड़ी सफलता माना गया था।वहीं कर्रेगुट्टा में कुख्यात नक्सली हिड़मा को पकड़ने की कोशिश के दौरान उसके 31 साथियों को ढेर किया गया था। अब फोर्स उसी स्तर का एक और व्यापक अभियान लॉन्च करने की तैयारी में है। केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर निगरानी जानकारी के मुताबिक, इस ऑपरेशन की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ साझा की गई है और दोनों स्तरों से इसकी बारीकी से निगरानी की जा रही है। हालांकि, फिलहाल अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर किसी नए ऑपरेशन की पुष्टि नहीं की है।

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बिना सर्टिफिकेट चल रहीं लाखों गाड़ियां: रायपुर में 30% वाहनों के पास नहीं है पीयूसी कार्ड, जांच व्यवस्था ठप

रायपुर में हर साल वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन प्रदूषण जांच प्रणाली उसी अनुपात में कमजोर पड़ती जा रही है। राजधानी में फिलहाल 20 लाख से अधिक वाहन रजिस्टर्ड हैं, जिनमें से लगभग 30% के पास प्रदूषण नियंत्रण (PUC) सर्टिफिकेट नहीं है। नियमों के मुताबिक हर वाहन को एक साल में कम से कम एक बार प्रदूषण जांच कराना जरूरी है, लेकिन आरटीओ और ट्रैफिक विभाग की ओर से अब जांच अभियान लगभग बंद हो गया है। इस कारण वाहन मालिक भी लापरवाह हो गए हैं। पिछले दो साल में रायपुर में केवल ढाई लाख वाहनों ने ही पीयूसी सर्टिफिकेट बनवाया है, जिसमें अधिकतर संख्या चार पहिया वाहनों की है। भारी वाहनों में सख्ती, दोपहिया सबसे पीछे राज्य के बाहर जाने वाले मालवाहक वाहन पीयूसी कार्ड इसलिए बनवा रहे हैं क्योंकि बॉर्डर पर इसकी जांच होती है और सर्टिफिकेट नहीं होने पर भारी जुर्माना लगता है। वहीं, शहर में चलने वाले दोपहिया वाहन मालिक इस नियम को नजरअंदाज कर रहे हैं। जुर्माना 1 हजार से 10 हजार तक मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार, पीयूसी कार्ड नहीं होने पर वाहन मालिकों पर 1,000 से लेकर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। गंभीर मामलों में लाइसेंस निलंबन और कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान है। रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: आधुनिक वाहनों से भी प्रदूषण जारी अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ परिवहन परिषद (ICCT) की रिपोर्ट के अनुसार, नए इंजन वाले वाहनों से भी ग्रीन हाउस गैसों में खास कमी नहीं आई है। डीजल इंजन कार्बन और सल्फर उत्सर्जन को बढ़ा रहे हैं। पीयूसी जांच भी सूक्ष्म कण (PM 2.5) और गैसीय उत्सर्जन का पूरा आकलन नहीं कर पाती। 15 साल पुरानी गाड़ियां भी ले रहीं परमिट रायपुर में करीब तीन लाख वाहन 15 साल से अधिक पुराने हैं, जिनमें से अधिकांश के पास पीयूसी कार्ड नहीं है। हैरानी की बात यह है कि ऐसी गाड़ियों को भी परमिट जारी किए जा रहे हैं। अधिकांश पेट्रोल पंपों ने अब तक प्रदूषण जांच केंद्र नहीं खोले हैं, जबकि नियमों के अनुसार उन्हें ऐसा करना अनिवार्य है। दिल्ली और राजस्थान जैसे राज्यों में 15 साल पुराने वाहनों पर सख्ती है और उन्हें ईंधन देने पर रोक है, लेकिन छत्तीसगढ़ में इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यही कारण है कि प्रदूषण जांच व्यवस्था यहां केवल कागजों तक सीमित रह गई है।

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