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प्रतिबंधित कफ सिरप और नशीली दवाओं की तस्करी में 5 आरोपी दोषी साबित: चार को 10-10 साल कैद, एक को 6 साल की सजा

रायपुर। नशीली टैबलेट, कफ सिरप और हेरोइन बेचने के मामलों में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए पांच आरोपियों को सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रतिबंधित कफ सिरप और नशीली टैबलेट बेचने के दोषी चार आरोपियों को 10-10 साल कैद और 1-1 लाख रुपए जुर्माना लगाया है। वहीं, हेरोइन बेचने वाले एक आरोपी को 6 साल कैद और 60 हजार रुपए जुर्माना देने का आदेश दिया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर सभी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह कार्रवाई NDPS (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) Act के तहत की गई। मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक केके चंद्राकर ने की। नशीली टैबलेट के साथ दो युवक गिरफ्तार राजेन्द्र नगर पुलिस ने 10 सितंबर 2022 को महावीर नगर के पास सावन पुली (20) और देवनारायण साहू (20) को संदिग्ध हालत में घूमते हुए पकड़ा था। तलाशी में उनके पास से 336 नशीली टैबलेट बरामद हुई थीं, जिन्हें वे बेचने की तैयारी में थे। प्रतिबंधित कफ सिरप बेचते मिले दो आरोपी इसके बाद 3 दिसंबर 2022 को पुलिस ने संतोषी नगर क्षेत्र से मोहम्मद असीम (30) और अनिरुद्ध कामड़े (25) को पकड़ा। जांच में उनके पास से 144 बोतलें प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद हुईं। दोनों इसे अवैध रूप से बेचने की फिराक में थे। हेरोइन बेचते पकड़ा गया एक युवक 24 सितंबर 2023 को कबीर नगर पुलिस ने यदुवंशी चौक के पास निशांत सिंह संधू (24) को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 15.10 ग्राम हेरोइन मिली। पुलिस की विशेष टीम ने उसे गश्त के दौरान पकड़ा। अदालत का फैसला सभी आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट ने कड़ी सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर चारों को 2-2 साल और निशांत को 6 महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।

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गौ सेवा आयोग में नई समितियाँ गठित: अब तस्करों और गौशालाओं पर सख्त निगरानी, तीन साल का कार्यकाल तय

छत्तीसगढ़ सरकार ने गौ सेवा आयोग नियम 2005 में संशोधन करते हुए जिला और ब्लॉक स्तर पर नई समितियों का गठन किया है। यह राज्य बनने के बाद पहली बार है जब इतनी व्यापक स्तर पर गौशालाओं की निगरानी और निरीक्षण के लिए समितियाँ बनाई गई हैं। इन समितियों के अध्यक्ष और सदस्य तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए नियुक्त किए गए हैं। कुल 934 पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। रायपुर में लोमस कुमार यदु, दुर्ग में विजय अग्रवाल और सूरजपुर में विजय शर्मा को अध्यक्ष बनाया गया है। समितियों की भूमिका इन समितियों का मुख्य कार्य गौशालाओं के पंजीकरण, निरीक्षण, पर्यवेक्षण, अनुदान वितरण और पशुधन की देखरेख से जुड़ा होगा। साथ ही, जैविक खेती, पंचगव्य उत्पाद निर्माण और गौशाला प्रबंधन के प्रशिक्षण को भी बढ़ावा देना इनके दायित्वों में शामिल है। नियमित बैठकें अनिवार्य सरकार के आदेश के अनुसार, जिला स्तरीय समिति हर दो माह में और ब्लॉक स्तरीय समिति हर महीने बैठक करेगी। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष द्वारा की जाएगी। अनुपस्थिति की स्थिति में कोई अन्य सदस्य अध्यक्ष की भूमिका निभा सकता है। नई गौशालाओं की स्थापना में मदद जिला और ब्लॉक समितियाँ राज्य के गौ सेवा आयोग को नियमित रूप से रिपोर्ट भेजेंगी, जिसमें गौशालाओं की स्थिति, पोषण, अधोसंरचना और पशुओं के स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी शामिल होगी। नई गौशालाओं के पंजीकरण की अनुशंसा विकासखंड समिति करेगी और मंजूरी जिला समिति से मिलेगी। इन समितियों की मदद से राज्य में नई गौशालाओं की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा और पुराने गौशालाओं का संचालन अधिक व्यवस्थित रूप से किया जा सकेगा। जवाबदेही और पारदर्शिता पर जोर सरकार का उद्देश्य है कि गोसेवा से जुड़ी व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। राज्य शासन को यह अधिकार रहेगा कि आवश्यकता पड़ने पर किसी भी समिति की नियुक्ति को रद्द या परिवर्तित किया जा सके। नई व्यवस्था से उम्मीद की जा रही है कि छत्तीसगढ़ में गौसंरक्षण, पशुपालन और जैविक कृषि के क्षेत्र में गुणवत्ता और दक्षता में सुधार होगा।

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मंत्रियों के बंगलों की ‘फुलवारी’ पर 6 करोड़ का अतिरिक्त बोझ: पुराने बंगले नहीं छोड़े, कर्मचारियों की संख्या 200 से बढ़कर 350

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में मंत्रियों के बंगलों की सजावट और बागवानी ने उद्यानिकी विभाग की जेब ढीली कर दी है। मुख्यमंत्री और मंत्रियों के नए-पुराने दोनों बंगलों की सुंदरता बनाए रखने के लिए पहले जहां 200 कर्मचारी लगाए गए थे, अब यह संख्या बढ़कर 350 हो गई है। विभाग के अनुसार, कई मंत्री नए बंगलों में शिफ्ट तो हो गए हैं, लेकिन पुराने बंगलों को अभी खाली नहीं किया है। दोनों जगह बागवानी के काम के कारण विभाग पर करीब 6 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च आ गया है। अब विभाग के पास कर्मचारियों को वेतन देने तक के पैसे नहीं बचे हैं। फुलवारी सजाने में खजाना खाली मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और सभी मंत्रियों के बंगलों में सुंदरता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार के फूल-पौधे लगाए गए हैं। इसके रखरखाव के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है। नवा रायपुर में नए बंगलों के साथ-साथ रायपुर शहर में पुराने बंगलों में भी फुलवारी बनाए रखी जा रही है। पहले इस काम में 200 कर्मचारी लगे थे, लेकिन अब उनकी संख्या 350 तक पहुंच चुकी है। इसी कारण मजदूरी भुगतान का बोझ बढ़ गया है। विभाग ने शासन से 6 करोड़ रुपए अतिरिक्त बजट की मांग करते हुए पत्र भेजा है और कहा है कि अक्टूबर के बाद सैलरी देने के लिए धन नहीं बचा है। अरुण साव ने छोड़ा पुराना बंगला, बाकी मंत्री अब तक काबिज राज्य में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत कुल 14 मंत्री हैं। इनमें से डिप्टी सीएम अरुण साव ने अपना पुराना बंगला खाली कर विभाग को हैंडओवर कर दिया है। जबकि बाकी मंत्री—मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, उद्योग मंत्री, खाद्य मंत्री और वन मंत्री—नवा रायपुर में रहने लगे हैं, पर पुराने बंगलों को अभी तक खाली नहीं किया है।मंत्री ओपी चौधरी अब भी पुराने बंगले में ही रह रहे हैं और उन्होंने नए बंगले में कोई काम शुरू नहीं कराया है। हर साल 3 करोड़ बागवानी पर उद्यानिकी विभाग का कहना है कि सिर्फ रायपुर के मंत्रियों के बंगलों में बागवानी के लिए सालाना 3 करोड़ रुपए का बजट रखा गया था। हर मौसम में नई फुलवारी लगाई जाती है—अब बारिश खत्म होने के बाद सर्दियों के फूल-पौधे लगाने की तैयारी शुरू है। 7 महीने से बजट अटका विभाग ने अप्रैल 2025 में नवा रायपुर के बंगलों के लिए 6 करोड़ रुपए का प्रस्ताव शासन को भेजा था, लेकिन 7 महीने बीत जाने के बावजूद मंजूरी नहीं मिली है।उद्यानिकी विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर मिथिलेश देवांगन ने बताया कि “पुराने और नए दोनों बंगलों की देखभाल करनी पड़ रही है, जिससे खर्च काफी बढ़ गया है। इसके लिए शासन से अतिरिक्त बजट मांगा गया है, पर अभी तक स्वीकृति नहीं आई है।”

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भाजपा का कांग्रेस पर हमला: कहा— ‘कांग्रेस अब अपराधियों की शरणस्थली बन गई’

छत्तीसगढ़ में बढ़ते अपराधों को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर सीधा निशाना साधा है। जांजगीर-चांपा के श्याम सुपर मार्केट डकैती कांड में एनएसयूआई नगर अध्यक्ष जितेंद्र दिनकर की गिरफ्तारी के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने कहा कि कांग्रेस का हाथ अब जनता के साथ नहीं, बल्कि अपराधियों के साथ है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं की तुलना “चड्‌डी-बनियान गिरोह” से करते हुए कहा कि कांग्रेस अपराध को बढ़ावा देकर प्रदेश में अपराधियों का राजनीतिकरण और राजनीति का अपराधीकरण कर रही है। कांग्रेस सेवा और सुरक्षा के रास्ते से भटकी: भाजपा डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि जिस घर से हथियार बरामद हुए हैं, वह कांग्रेस विधायक से जुड़ा हुआ है, जो इस बात का सबूत है कि कांग्रेस जनता की सेवा और सुरक्षा के रास्ते से भटक चुकी है। उनका कहना है कि बलौदाबाजार हिंसा से लेकर जांजगीर डकैती तक कांग्रेस नेताओं का आपराधिक चेहरा सामने आता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला विधायक के अवैध रेत खनन से जुड़ी रंगदारी वसूली का ऑडियो और किसानों के पैसे के फर्जी ट्रांसफर जैसे मामले दिखाते हैं कि कांग्रेस नेताओं की अपराधों में गहरी संलिप्तता है। कांग्रेस राज में बढ़ा अपराध भाजपा नेता ने कहा कि एनसीआरबी की रिपोर्ट यह साबित करती है कि कांग्रेस शासनकाल में अपराधों में भारी बढ़ोतरी हुई है। कांग्रेस या तो अपराधियों को संरक्षण देती है या खुद अपराध में शामिल रहती है। डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि कांग्रेस अपराधियों को बचाकर जनता में डर फैलाने की राजनीति कर रही है, फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाकर खुद को निर्दोष दिखाती है। उन्होंने इसे कांग्रेस का “दोहरा चरित्र” बताया, जो प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। इस मौके पर भाजपा प्रवक्ता डॉ. किरण बघेल भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहीं।

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रायपुर में गन प्वाइंट लूट: 1.5 करोड़ की चांदी लूटकर बदमाश फरार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शनिवार सुबह एक बड़ी लूट की घटना सामने आई। शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में दो नकाबपोश बदमाशों ने सराफा कारोबारी राहुल गोयल के फ्लैट में घुसकर 1 करोड़ 50 लाख रुपये की चांदी लूट ली। इस दौरान लुटेरों ने कारोबारी को गन की नोक पर बेहोश किया और हाथ-पैर बांधकर जेवरात लेकर फरार हो गए। जानकारी के मुताबिक, राहुल गोयल आगरा के रहने वाले हैं और रायपुर में किराए के फ्लैट में रहते हैं। वे सदर बाजार में जेवर बेचते हैं। लुटेरे पूर्व में ही कारोबारी और उनके जेवरों के बारे में जानकारी रखते थे। घटना शनिवार सुबह हुई, जब दो नकाबपोश बदमाश सदर बाजार स्थित जैन मंदिर के पीछे राजधानी पैलेस पहुंचे। उन्होंने फ्लैट का दरवाजा खटखटाया और जैसे ही राहुल ने दरवाजा खोला, लुटेरों ने उनकी कनपटी पर गन टिका दी। इसके बाद कारोबारी को बेहोश करने के लिए दवा दी और उनके हाथ-पैर बंध दिए। लुटेरों ने लगभग 86 किलो चांदी के जेवर और सीसीटीवी कैमरे का DVR भी लेकर भाग गए। सर्राफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू ने बताया कि राहुल गोयल आगरा से रायपुर आकर जेवर बेचते हैं। एडिशनल एसपी लखन पटले ने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही हैं। मामले की पूरी जांच की जा रही है।

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रायपुर में 45 लाख रुपये का अवैध पेट्रोल-डीजल जब्त, 9 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर में पुलिस ने 45 लाख रुपये मूल्य का अवैध पेट्रोल और डीजल पकड़ा है। आरोपी इन तेलों को यार्ड में टैंकर और ड्रम में भरकर अवैध रूप से बेच रहे थे। पुलिस को सूचना मिलने के बाद टीम ने विधानसभा थाना क्षेत्र में 2 अलग-अलग यार्ड पर छापा मारा और 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों में कुछ बिहार और उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। जब्त डीजल-पेट्रोल की कुल मात्रा लगभग 46,000 लीटर थी। कार्रवाई टेकारी चौक और पिरदा इलाके में की गई। आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन अंततः उन्हें पकड़ लिया गया। पुलिस कार्रवाई का विवरण:1 अक्टूबर को पुलिस को सूचना मिली कि रिंग रोड नंबर 3, टेकारी चौक स्थित एक यार्ड में कुछ लोग ट्रक और ड्रम में अवैध तेल का स्टॉक रखकर बेच रहे हैं। पुलिस ने मौके पर रेड की। यार्ड में पांच लोग मौजूद थे, जिनके नाम हैं: रवि यादव, नीरज नेताम उर्फ दउवाराम, शेख कलीमुद्दीन, शैलेन्द्र कुमार उर्फ बिहारी और राज पटेल। जांच के दौरान पुलिस ने टैंकर और ड्रमों में भरा पेट्रोल और डीजल पाया। आरोपियों से लाइसेंस और वैध दस्तावेज मांगे जाने पर उन्होंने गुमराह करने की कोशिश की। यार्ड से कुल 42 लाख 30 हजार रुपये मूल्य का पेट्रोल-डीजल जब्त किया गया। इसी तरह, पिरदा चौक स्थित सूरज शाह के यार्ड में भी पुलिस ने रेड की और अखिलेश चौबे, नीरज कुमार, अरविंद गोड और रोहित सरोज को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 1 लाख 40 हजार रुपये मूल्य का माल जब्त हुआ। सभी आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपियों की सूची:टेकारी यार्ड से: पिरदा यार्ड से:

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रायपुर में BJP नेता द्वारा पुजारी पर हमला, FIR दर्ज होने में हुई देरी

रायपुर में प्रधानमंत्री की “मन की बात” सुनने से इनकार करने के चलते बीजेपी OBC मोर्चा के अध्यक्ष उदय वराड़े ने दुर्गा मंदिर के पुजारी ऋषि तिवारी पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस मारपीट में पुजारी के हाथ और प्राइवेट पार्ट में गंभीर चोटें आई हैं। मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, पुजारी ऋषि तिवारी कमल विहार सेक्टर स्थित जोरा दुर्गा मंदिर में पूजा कर लौट रहे थे। उसी दौरान उदय वराड़े और उनके समर्थक शिवाजी रेसीडेंसी गार्ड रूम के पास लाउडस्पीकर पर प्रधानमंत्री की “मन की बात” सुन रहे थे। ऋषि तिवारी ने कार्यक्रम सुनने से मना किया, जिससे उदय ने उन्हें गालियाँ दी और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। मारपीट के बाद पुजारी टिकरापारा थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने FIR दर्ज करने में देरी की। लगभग डेढ़ घंटे थाने में बैठने के बाद, उन्होंने कांग्रेस नेता पंकज शर्मा को सूचना दी। पंकज शर्मा के थाने पहुँचने के बाद पुलिस और नेताओं के बीच तीन घंटे तक तीखी बहस चली। कांग्रेस नेताओं ने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। थाना परिसर में हुए हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच जोरदार बहस और विरोध दिखाई दे रहा है। कांग्रेस नेताओं ने थाने के बाहर धरने की चेतावनी भी दी। आखिरकार पुलिस ने FIR दर्ज की और आरोपी उदय वराड़े के खिलाफ जांच शुरू कर दी। पुरानी बस्ती CSP राजेश देवांगन ने बताया कि दोनों पक्षों के बयान लेने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। FIR फिलहाल सेंसिटिव मोड में रखी गई है।v

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रायपुर के सिलतरा स्टील फैक्ट्री में बड़ा हादसा: 6 कर्मचारियों की मौत, GM सहित 6 घायल

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सिलतरा इलाके में शुक्रवार को एक निजी स्टील फैक्ट्री में मेंटेनेंस के दौरान बड़ा हादसा हो गया। गर्म लोहा गिरने से 6 कर्मचारियों की मौत हो गई, जिनमें 2 मैनेजर भी शामिल हैं। वहीं, जीएम समेत 6 लोग झुलस गए, जिनमें 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों का इलाज देवेंद्र नगर स्थित निजी अस्पताल में जारी है। यह घटना धरसींवा थाना क्षेत्र में हुई। सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गईं। धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने बताया कि हादसे के समय फैक्ट्री में छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और मध्यप्रदेश के कर्मचारी काम कर रहे थे। उन्होंने अस्पताल में घायलों से मिलकर उनका हाल जाना। सुरक्षा नियमों पर उठे सवाल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने फैक्ट्री प्रबंधन पर इंडस्ट्रियल सेफ्टी एक्ट का पालन न करने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि मृतकों के परिजनों को कम से कम 1-1 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए, घायलों का इलाज कंपनी के खर्च पर हो और उन्हें 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। बैज ने सवाल किया कि जब हर छह महीने में एक महीने का शटडाउन होता है, तो इस बार सिर्फ तीन दिन में ही काम क्यों शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि यह जल्दबाजी इस भयानक हादसे की वजह बनी। फैक्ट्री के बाहर हंगामा, जांच के आदेश घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और मृतकों के परिजन प्लांट के बाहर जमा हो गए। अंदर पुलिस अधिकारी, SDM और TI मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि यह स्टील प्लांट अभी निर्माणाधीन है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए प्रशासन को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। धरसींवा विधायक अनुज शर्मा के अनुसार, हादसा इतनी अचानक हुआ कि कर्मचारियों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। फिलहाल, हादसे की जांच जारी है और जिम्मेदारी तय होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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रायपुर स्टील प्लांट हादसा: गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड में 6 की मौत, 6 घायल

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र में हीरा ग्रुप के गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड में शुक्रवार को बड़ा हादसा हुआ। करीब 3:30 बजे से 4 बजे के बीच फैक्ट्री में दुर्घटना के दौरान 6 कर्मचारियों की मौत हो गई और 6 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। हादसे के तुरंत बाद फैक्ट्री के मुख्य गेट पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों के परिजनों ने सुरक्षा में लापरवाही के आरोप लगाए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मृतकों के प्रति दुख जताया और घायलों के इलाज के लिए प्रशासन को सभी आवश्यक निर्देश दिए। घटना की पूरी जांच की जा रही है ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। बताया जा रहा है कि इस प्लांट में छत्तीसगढ़ के अलावा झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार और आंध्र प्रदेश के कर्मचारी भी काम करते हैं। धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने अस्पताल में घायलों से मुलाकात की और कहा कि कुछ मजदूरों को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि बाकी अब खतरे से बाहर हैं। घटना के बाद स्थानीय लोग और मृतकों के परिजन फैक्ट्री परिसर में पहुंच गए और वहां भारी भीड़ जमा हो गई। मौके पर एसडीएम, टीआई और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक यह प्लांट अभी निर्माणाधीन है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हादसे पर दुख व्यक्त किया है और प्रशासन को घायलों के इलाज के लिए सभी आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा अचानक हुआ और कर्मचारियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घटना की विस्तृत जांच जारी है।

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रायपुर: तेल फैक्ट्री के डंप यार्ड में भीषण आग, 3 किमी दूर तक दिखा काला धुआं

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में धरसींवा थाना क्षेत्र के सिलतरा चौकी स्थित एक तेल फैक्ट्री के डंप यार्ड में गुरुवार सुबह भीषण आग लग गई। इस यार्ड में बड़ी संख्या में पुराने टायर रखे थे, जिनमें आग लगने से चारों ओर धुआं फैल गया। आसमान में उठते काले धुएं का गुबार लगभग तीन किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया। समय रहते फायर ब्रिगेड ने संभाली स्थिति सूचना मिलते ही पुलिस व दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पास के गोदावरी और सारडा प्लांट से भी फायर टेंडर बुलाए गए। फायर ब्रिगेड की टीमों ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते कार्रवाई होने से आग फैक्ट्री के तेल स्टोरेज तक नहीं पहुंच पाई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला गया फैक्ट्री में आग लगते ही कर्मचारियों को तुरंत बाहर निकाल लिया गया। सौभाग्य से इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि डंप यार्ड में रखे टायर पूरी तरह जलकर राख हो गए। जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका पुलिस व फैक्ट्री प्रबंधन ने प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह बताया है। हालांकि इसकी पुष्टि आगे की जांच के बाद ही हो सकेगी।

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