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राहुल गांधी के दौरे के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस में पोस्टर विवाद, सह-प्रभारियों ने हाईकमान से की शिकायत

राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे के समाप्त होते ही कांग्रेस संगठन के भीतर पोस्टरों को लेकर नया विवाद सामने आ गया है। अभनपुर में आयोजित कांग्रेस के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर और राहुल गांधी के स्वागत के लिए लगाए गए पोस्टरों में प्रदेश के सह-प्रभारियों की तस्वीरें नहीं होने पर नाराजगी जताई गई है। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के सह-प्रभारी जरिता लेतफलांग, संपत कुमार और विजय जांगिड़ ने इस मुद्दे पर आपत्ति दर्ज कराते हुए पार्टी हाईकमान से शिकायत की है। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट के समक्ष भी यह मामला उठाया गया है। सह-प्रभारियों का आरोप है कि प्रदेश स्तर के इतने महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उनकी पूरी तरह उपेक्षा की गई। राहुल गांधी के स्वागत के लिए लगाए गए अधिकांश पोस्टरों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व महापौर एजाज ढेबर की तस्वीरें प्रमुखता से दिखाई दीं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत सहित कई वरिष्ठ नेताओं की तस्वीरें अपेक्षाकृत छोटे आकार में नजर आईं। पार्टी के भीतर चर्चा है कि प्रशिक्षण शिविर की व्यवस्थाओं और प्रचार-प्रसार में एजाज ढेबर की सक्रिय भूमिका के कारण पोस्टरों में उनकी मौजूदगी सबसे अधिक दिखाई दी। हालांकि, सह-प्रभारियों की तस्वीरें पूरी तरह गायब रहने से संगठन के भीतर असंतोष बढ़ गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रविवार को एक दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे थे। उन्होंने अभनपुर में चल रहे प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया और प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। इसके बाद उन्होंने जिला एवं शहर कांग्रेस अध्यक्षों के साथ संवाद भी किया। करीब चार घंटे के कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी रायपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने रास्ते में एक चाय दुकान पर रुककर चाय पी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को अपने हाथों से बिस्किट खिलाया। उनके साथ सचिन पायलट, भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव और चरणदास महंत समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। अब राहुल गांधी के दौरे से ज्यादा चर्चा पोस्टर विवाद की हो रही है। सह-प्रभारियों की नाराजगी और हाईकमान तक शिकायत पहुंचने के बाद इस मामले को कांग्रेस के भीतर गुटीय संतुलन और शक्ति प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि पार्टी के कई नेता इसे सामान्य मुद्दा बता रहे हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सियासत गरम, फोटो नहीं होने पर विधायक ईश्वर साहू ने किया कार्यक्रम का बहिष्कार

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लेकर योगाभ्यास किया। इस दौरान मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और सैकड़ों नागरिकों ने सामूहिक योग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की हजारों वर्ष पुरानी परंपरा और जीवन पद्धति है, जिसकी शुरुआत ऋषि-मुनियों ने की थी। उन्होंने लोगों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और स्वस्थ समाज के निर्माण में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस बीच बेमेतरा जिले के साजा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक ईश्वर साहू कार्यक्रम के दौरान नाराज हो गए। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए पोस्टर और फ्लेक्स में उनकी तस्वीर नहीं लगाई गई थी। इससे नाराज होकर उन्होंने कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया। उनके समर्थकों ने भी इस पर आपत्ति जताई। हालांकि प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। अंबिकापुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल का प्रशिक्षण कार्यक्रम उसका आंतरिक विषय है, लेकिन राहुल गांधी जहां जाते हैं, उसका परिणाम सभी जानते हैं। वहीं राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह शामिल हुए। उन्होंने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि नियमित योग से व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहता है। मनेंद्रगढ़ में राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने योगाभ्यास करते हुए कहा कि योग आज वैश्विक पहचान बन चुका है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से इसे विश्व स्तर पर नई प्रतिष्ठा मिली है। इस अवसर पर लोगों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई और पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट में भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। एयरपोर्ट डायरेक्टर योगेश नागाइच समेत अधिकारियों और कर्मचारियों ने योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया।

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अभनपुर में राहुल गांधी का 4 घंटे का दौरा, प्रशिक्षण शिविर से पहले भाजपा-कांग्रेस में जुबानी जंग तेज

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi आज एक दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंच रहे हैं। रायपुर जिले के अभनपुर में आयोजित कांग्रेस के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में वे करीब चार घंटे तक मौजूद रहेंगे और जिला व शहर कांग्रेस अध्यक्षों के साथ सीधा संवाद करेंगे। राहुल गांधी के दौरे से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा विधायक Purandar Mishra ने राहुल गांधी के दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में उनका स्वागत है। उन्होंने सवाल उठाया कि राहुल गांधी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को क्या सिखाने आ रहे हैं और व्यंग्य करते हुए कहा कि क्या वे “आलू से सोना निकालने” जैसी बातें सिखाएंगे। वहीं कांग्रेस के पूर्व विधायक Vikas Upadhyay ने भाजपा विधायक के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणियां केवल राजनीतिक सुर्खियां बटोरने के लिए की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का दौरा संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से है। अभनपुर के चांदी मोड़ स्थित आशुतोष-अलका अग्रवाल मंगल भवन में कांग्रेस का 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर शुक्रवार से शुरू हो चुका है। संगठन सृजन अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशभर के नवनियुक्त जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्ष भाग ले रहे हैं। शिविर के दौरान कांग्रेस नेताओं को गांवों में जाकर ग्रामीणों से संवाद करने, मनरेगा की जमीनी स्थिति समझने, नशे की समस्या पर चर्चा करने तथा स्थानीय सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों का अध्ययन करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा योग, मार्शल आर्ट्स, व्यक्तित्व विकास, संगठन प्रबंधन, मीडिया हैंडलिंग, जनसंपर्क और बूथ प्रबंधन जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राहुल गांधी अपने विशेष सत्र में संगठन विस्तार, बूथ स्तर की मजबूती, भाजपा के खिलाफ राजनीतिक रणनीति और आगामी चुनावों की तैयारी को लेकर कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन देंगे। शिविर में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी Sachin Pilot समेत कई वरिष्ठ नेता भी शामिल होकर विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दे रहे हैं।

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कोरिया में रेत कारोबार विवाद बना खूनी संघर्ष: भाजपा नेता समेत 3 की मौत, फॉर्च्यूनर में जिंदा जलाने का आरोप

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत कारोबार को लेकर चल रहे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव में भाजपा के पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की कथित रूप से जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। इस हमले में कुल तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। जानकारी के अनुसार, रेत घाट के संचालन को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि देर रात कुछ लोगों ने लल्ला सिंह की फॉर्च्यूनर कार को आगे और पीछे हाईवा वाहन लगाकर रोक दिया। इसके बाद वाहन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। घटना के दौरान कार में भरत सिंह, नागेंद्र सिंह, विरेंद्र सिंह और अन्य लोग सवार थे। भरत सिंह आग की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि अन्य लोग किसी तरह वाहन से बाहर निकलने में सफल रहे। आरोप है कि बाहर निकलने के बाद उन पर धारदार हथियारों और लाठियों से हमला किया गया। हमले में विरेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनके गले पर फरसे से वार किया गया था। इलाज के दौरान अंबिकापुर के एक निजी अस्पताल में उनकी मौत हो गई। वहीं 80 प्रतिशत तक झुलसे नागेंद्र सिंह ने रायपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। घटना में मयंक सिंह और योगेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दोनों का उपचार जारी है। पुलिस ने मामले में 7 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मनोज त्रिपाठी समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं मृतक के परिजनों ने मामले की सीबीआई जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि रेत घाट को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले भी विवाद हो चुका था और इसी तनाव के चलते यह हिंसक घटना सामने आई।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रशिक्षु IAS अधिकारियों को दिया जनसेवा और सुशासन का मंत्र

रायपुर। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के तीन प्रशिक्षु अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट कर मार्गदर्शन प्राप्त किया। ये अधिकारी वर्तमान में निमोरा स्थित छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उनकी उपलब्धि पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा समाज और शासन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि एक प्रशासनिक अधिकारी के फैसलों का सीधा प्रभाव आम लोगों के जीवन पर पड़ता है, इसलिए हर निर्णय में जनहित और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को सलाह दी कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन संवेदनशीलता, निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ करें। साथ ही लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझें और समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के साथ बातचीत के दौरान अपने प्रशिक्षण अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, जनजातीय परंपराएं और यहां के लोगों का अपनापन उन्हें बेहद प्रभावित कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि प्रशासनिक सेवा के माध्यम से समाज के विकास में योगदान देना उनके लिए सम्मान और जिम्मेदारी दोनों है। इस अवसर पर अधिकारियों ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी, प्रशिक्षण के दौरान सामने आई चुनौतियों और प्रेरणादायक अनुभवों पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने अपने सार्वजनिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्हें निरंतर सीखने, जमीनी स्तर से जुड़े रहने और मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। उल्लेखनीय है कि प्रशिक्षु IAS अधिकारी गोकुल आर. के., वी. यशवंत नायक और ईशांत जायसवाल को छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित हुआ है। जिला प्रशिक्षण के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।

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रायपुर में यूजर चार्ज बढ़ने पर बवाल, जनता बोली- सफाई नहीं तो अतिरिक्त शुल्क क्यों?

रायपुर। रायपुर नगर निगम द्वारा घर-घर कचरा संग्रहण के लिए यूजर चार्ज में वृद्धि किए जाने के बाद शहर में विरोध शुरू हो गया है। बढ़े हुए शुल्क को लेकर आम नागरिकों, व्यापारियों और कांग्रेस ने नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि जब शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त नहीं है, तो अतिरिक्त शुल्क वसूलना उचित नहीं है। नई दरों के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं पर सालाना 120 रुपये और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर करीब 600 रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। बढ़ती महंगाई के बीच इस फैसले को लेकर लोगों में असंतोष देखा जा रहा है। विपक्ष के नेता Aakash Tiwari ने कहा कि नगर निगम पहले नियमित कचरा संग्रहण और बेहतर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करे, उसके बाद ही यूजर चार्ज बढ़ाने पर विचार किया जाए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर तेलीबांधा क्षेत्र में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया है और आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। वहीं महापौर Meenal Choubey ने कहा कि यूजर चार्ज में बढ़ोतरी का निर्णय नया नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इसकी प्रक्रिया वर्ष 2022 में तत्कालीन कांग्रेस परिषद के कार्यकाल में शुरू हुई थी। उनके अनुसार, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने वाली एजेंसी के साथ हुए अनुबंध के तहत यूजर चार्ज से भुगतान का प्रावधान किया गया था। महापौर ने यह भी स्वीकार किया कि शहर में अभी शत-प्रतिशत कचरा संग्रहण नहीं हो पा रहा है, लेकिन नगर निगम सफाई व्यवस्था में सुधार और एजेंसी की निगरानी को प्राथमिकता दे रहा है। व्यापारी संगठनों और नागरिकों का कहना है कि कई इलाकों में कचरा समय पर नहीं उठाया जाता और नियमित सफाई भी नहीं होती। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क लगाने से पहले सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होना चाहिए। यूजर चार्ज के विरोध में कांग्रेस ने नगर निगम मुख्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया है। पार्टी का कहना है कि जब तक यह फैसला वापस नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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भारत-रूस रिश्तों पर पुतिन का बड़ा बयान, बोले- कोई देश हम पर शर्तें नहीं थोप सकता

सेंट पीटर्सबर्ग। रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने भारत और रूस के संबंधों को मजबूत, भरोसेमंद और दीर्घकालिक बताते हुए कहा है कि किसी भी बाहरी दबाव का इन रिश्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई भी देश रूस पर शर्तें नहीं थोप सकता और न ही ऐसा करने की कोशिश सफल होगी। सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए पुतिन ने भारत की तकनीकी क्षमता, मानव संसाधन और सॉफ्टवेयर क्षेत्र में उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि रूस और भारत के बीच संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देश अनुसंधान, तकनीकी विकास और रक्षा सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते आपसी विश्वास और सम्मान पर आधारित हैं। पुतिन ने यह भी कहा कि रूस अपने सहयोगी देशों के साथ किए गए वादों का सम्मान करता है और भारत के साथ साझेदारी भविष्य में भी मजबूत बनी रहेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों के अनुरूप स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने में सक्षम है। रूसी राष्ट्रपति ने रक्षा सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों में बड़ी संख्या में रूसी मूल के रक्षा उपकरण उपयोग में हैं और दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में लंबे समय से मजबूत साझेदारी बनी हुई है। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत को अपने हितों और आवश्यकताओं के अनुसार उत्पादों तथा तकनीकों के चयन का पूरा अधिकार है और किसी भी देश को उसके निर्णयों पर दबाव बनाने का अधिकार नहीं है।

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नीमधा पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, सुशासन तिहार में जनता से किया सीधा संवाद

मरवाही। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने सुशासन तिहार के तहत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम नीमधा का दौरा किया। यहां आयोजित जनचौपाल में उन्होंने ग्रामीणों और विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से सीधे संवाद कर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली और फीडबैक प्राप्त किया। जनचौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने आमजनों की समस्याएं सुनीं और योजनाओं से मिल रहे लाभ के बारे में चर्चा की। इस अवसर पर ‘बिहान’ स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि कैसे सरकारी योजनाओं की मदद से वे आत्मनिर्भर बनीं और ‘लखपति दीदी’ बनने का लक्ष्य हासिल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि विभिन्न योजनाओं का प्रभाव लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं पैदा हो रही हैं। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही।

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भूपेश बघेल का केंद्र सरकार पर हमला, बोले- नेताओं को ताश के पत्तों की तरह बदलते हैं पीएम मोदी

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री भाजपा नेताओं को ताश के पत्तों की तरह बदलते रहते हैं और अन्य दलों को राजनीतिक नैतिकता का पाठ पढ़ाते हैं। मीडिया से चर्चा के दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि देश के सामने महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवाल खड़े हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों, किसानों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आ रही अनियमितताओं पर जवाब देना चाहिए। बघेल ने आरोप लगाया कि NEET और CBSE जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। इस बीच, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने आगामी राज्यसभा द्विवार्षिक चुनावों के लिए भूपेश बघेल और अजय शर्मा को झारखंड का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge की मंजूरी के बाद यह निर्णय लिया गया। 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनावों में विभिन्न राज्यों की 24 सीटों के लिए मतदान होगा। कांग्रेस ने कई राज्यों से अपने उम्मीदवारों की घोषणा भी कर दी है। पार्टी ने कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान और झारखंड सहित कई राज्यों के लिए उम्मीदवारों के नाम तय किए हैं।

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बेमेतरा सामूहिक विवाह में अव्यवस्था पर सख्त हुए रमन सिंह, मुख्यमंत्री साय ने दिए जांच के निर्देश

रायपुर। बेमेतरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में सामने आई अव्यवस्थाओं को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की नाराजगी भी चर्चा का विषय बनी रही। अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूरे घटनाक्रम की जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेमेतरा में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ था। इस आयोजन की विशेषता यह भी रही कि स्थानीय विधायक दीपेश साहू का विवाह भी इसी समारोह में संपन्न हुआ, जिससे समाज को सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया गया। उन्होंने बताया कि विवाह समारोह के लिए टेंट और पंडाल की व्यवस्था की गई थी, लेकिन अचानक मौसम खराब होने के कारण पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई। इसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में पुराने विश्राम गृह और अन्य भवनों पर विचार किया गया। अधिकारियों से चर्चा के बाद कार्यक्रम को विश्राम गृह में आयोजित करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आयोजन में हुई अव्यवस्थाओं की जांच के लिए संभागीय कमिश्नर को निर्देश दिए गए हैं और रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सरगुजा जिले के मैनपाट में विधायक और नायब तहसीलदार के बीच हुए विवाद के बाद तहसीलदारों द्वारा हड़ताल पर जाने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन और तहसीलदारों के बीच लगातार बातचीत जारी है तथा जल्द ही समाधान निकाल लिया जाएगा।

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