Political

छत्तीसगढ़ मानसून सत्र: कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी में, कल विधायक दल की बैठक में होगा अंतिम फैसला

छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से पहले प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस राज्य सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर विचार कर रही है। इस संबंध में अंतिम निर्णय रविवार शाम होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, नेता प्रतिपक्ष के सरकारी निवास पर शाम 5 बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक आयोजित की गई है। बैठक में विधानसभा सत्र की रणनीति तय करने के साथ यह भी फैसला होगा कि सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जाए या नहीं। यदि प्रस्ताव लाया जाता है, तो कांग्रेस सरकार को कई अहम मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। इनमें नकटी गांव में कथित प्रधानमंत्री आवास तोड़े जाने का मामला, प्रदेश की कानून-व्यवस्था, जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग, किसानों को खाद की कमी, बिजली दरों में वृद्धि, महिलाओं की सुरक्षा, बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रिया में देरी जैसे विषय शामिल हैं। कांग्रेस का कहना है कि इन मुद्दों पर सरकार से सदन में जवाब मांगा जाएगा और पूरे मानसून सत्र के दौरान इन विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और सभी विधायकों की मौजूदगी में रविवार की बैठक में विधानसभा की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र 13 जुलाई से शुरू होगा। सत्र भले ही अवधि में छोटा हो, लेकिन राजनीतिक दृष्टि से इसे काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है, जबकि सत्ता पक्ष भी अपने जवाब और रणनीति को अंतिम रूप दे रहा है। इस बार विधानसभा सचिवालय में कुल 1033 प्रश्न जमा किए गए हैं। इनमें 36 विधायकों ने नियमों के अनुसार अधिकतम 20-20 प्रश्न लगाए हैं। खास बात यह है कि प्रश्न पूछने वालों में विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के विधायक भी शामिल हैं। ऐसे में सत्र के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। अविश्वास प्रस्ताव क्या होता है? अविश्वास प्रस्ताव पूरी सरकार के खिलाफ लाया जाता है, किसी एक मंत्री या विभाग के खिलाफ नहीं। यदि विपक्ष इसे सदन में प्रस्तुत करता है, तो सरकार के कामकाज, कानून-व्यवस्था, किसानों, रोजगार, भ्रष्टाचार और अन्य प्रमुख विषयों पर व्यापक चर्चा होती है। अंत में मतदान के माध्यम से यह तय किया जाता है कि सरकार के पास सदन का बहुमत और विश्वास कायम है या नहीं।

छत्तीसगढ़ मानसून सत्र: कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी में, कल विधायक दल की बैठक में होगा अंतिम फैसला Read Post »

Political, Raipur

बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति बैठक शुरू, संगठन मजबूत करने और आगामी रणनीति पर मंथन

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक शुक्रवार को रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में शुरू हुई। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी और विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रदेश संयोजक एवं पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान संगठन की वर्तमान गतिविधियों की समीक्षा की जा रही है। इसके साथ ही पार्टी को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत बनाने की रणनीति तथा आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा हो रही है। बैठक में सभी प्रकोष्ठों के कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा। साथ ही आने वाले समय में चलाए जाने वाले जनसंपर्क अभियान, संगठनात्मक गतिविधियों और पार्टी के कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, विभिन्न प्रकोष्ठों को समाज के अलग-अलग वर्गों तक केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं तथा उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बैठक में सरकार के कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे। वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव संगठन की प्राथमिकताओं, आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर दिशा-निर्देश देंगे। सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। यह बैठक ऐसे समय आयोजित हो रही है, जब 13 जुलाई से छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने वाला है। इसके अलावा भाजपा आने वाले महीनों में कई संगठनात्मक और जनसंपर्क कार्यक्रमों की तैयारी में जुटी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए बैठक को संगठन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक के दौरान विभिन्न प्रकोष्ठों से फीडबैक और सुझाव भी लिए जा रहे हैं, ताकि भविष्य के कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सके।

बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति बैठक शुरू, संगठन मजबूत करने और आगामी रणनीति पर मंथन Read Post »

Political, Raipur

कोल लेवी घोटाला: EOW का दावा- पार्टी फंड के नाम पर 800 करोड़ जुटाने के आरोप में रामगोपाल अग्रवाल रिमांड पर

छत्तीसगढ़ के चर्चित कोल लेवी घोटाले में गिरफ्तार कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को लेकर आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने कोर्ट में कई गंभीर दावे किए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, पार्टी फंड के नाम पर करीब 800 करोड़ रुपये एकत्र किए गए, जिनकी एंट्री और प्रबंधन की जिम्मेदारी रामगोपाल अग्रवाल के पास थी। EOW का कहना है कि कथित तौर पर यह रकम बोरी और कार्टन में भरकर कांग्रेस भवन लाई जाती थी। इसके बाद हवाला नेटवर्क के जरिए धनराशि दिल्ली भेजी जाती थी। जांच एजेंसी का दावा है कि कोल लेवी से प्राप्त करोड़ों रुपये के लेन-देन में रामगोपाल अग्रवाल की अहम भूमिका रही। कोर्ट में पेश दस्तावेजों के अनुसार, कांग्रेस के अकाउंटेंट और रामगोपाल अग्रवाल के निजी सहायक देवेंद्र डड़सेना ने अपने बयान में कहा कि कथित कोल लेवी की राशि कांग्रेस भवन पहुंचती थी, जहां से उसका संचालन रामगोपाल अग्रवाल के माध्यम से किया जाता था। EOW के मुताबिक, कोल लेवी से 52 करोड़ 62 लाख 20 हजार रुपये सीधे उनके पास पहुंचे थे। जांच के दौरान कुछ कारोबारियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। एजेंसी के अनुसार, भिलाई के कारोबारी लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू ने बयान में कहा कि दीपेन चावड़ा के माध्यम से लगभग 800 करोड़ रुपये कांग्रेस भवन भेजे गए थे। वहीं, निखिल चंद्राकर ने भी कथित कोल लेवी की राशि रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचने की बात स्वीकार की है। पूछताछ में रामगोपाल अग्रवाल ने बताया कि रायपुर छोड़ने के बाद वे ओडिशा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, मध्यप्रदेश और दिल्ली सहित आठ राज्यों में रहे। इस दौरान उन्होंने पुरी, वाराणसी और प्रयागराज जैसे धार्मिक स्थलों के दर्शन किए और विशेष पूजा भी कराई। EOW का कहना है कि फरारी के दौरान भी वे परिवार, कुछ नेताओं और कारोबारियों के संपर्क में बने रहे। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस पूरे मामले का खुलासा 30 जून 2022 को आयकर विभाग द्वारा कोल कारोबारी सूर्यकांत तिवारी और उसके सहयोगियों के ठिकानों पर की गई छापेमारी के दौरान बरामद दस्तावेजों और डायरी से हुआ था। बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट के आधार पर EOW ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। रामगोपाल अग्रवाल ने 8 जुलाई 2026 को सरेंडर किया था। अगले दिन उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां EOW ने 14 दिन की रिमांड की मांग की थी। हालांकि अदालत ने 9 दिन की रिमांड मंजूर करते हुए उन्हें 17 जुलाई तक पूछताछ के लिए एजेंसी की हिरासत में भेज दिया। जांच एजेंसियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर कस्टम मिलिंग, डीएमएफ और शराब घोटाले से जुड़े मामलों में भी आगे कार्रवाई हो सकती है। वहीं, ED भी इस प्रकरण में अलग से जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है। नोट: ये आरोप आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) द्वारा अदालत में प्रस्तुत दस्तावेजों और जांच के दावों पर आधारित हैं। मामले की सुनवाई न्यायालय में लंबित है और अंतिम निर्णय अभी आना बाकी है।

कोल लेवी घोटाला: EOW का दावा- पार्टी फंड के नाम पर 800 करोड़ जुटाने के आरोप में रामगोपाल अग्रवाल रिमांड पर Read Post »

Political, Raipur

रामगोपाल अग्रवाल 17 जुलाई तक EOW रिमांड पर, शराब-कोल लेवी और कस्टम मिलिंग मामलों में होगी पूछताछ

छत्तीसगढ़ के चर्चित कथित शराब, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग मामलों में आरोपी पूर्व प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने लगभग तीन वर्ष बाद रायपुर स्थित आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) कार्यालय में आत्मसमर्पण किया। गुरुवार को मेडिकल परीक्षण के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें 17 जुलाई तक EOW की कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया। EOW की ओर से लंबी रिमांड की मांग की गई थी, लेकिन दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने 9 दिन की कस्टोडियल रिमांड मंजूर की। इस अवधि में जांच एजेंसी विभिन्न मामलों में उनसे पूछताछ करेगी। EOW के आरोप क्या हैं? जांच एजेंसी का दावा है कि कथित कोल लेवी घोटाले की जांच के दौरान जब्त की गई एक डायरी में कांग्रेस भवन के नाम पर करोड़ों रुपये के लेन-देन का उल्लेख मिला है। EOW का आरोप है कि यह राशि रामगोपाल अग्रवाल के माध्यम से राजीव भवन तक पहुंचाई गई थी। एजेंसी अब धन के स्रोत, लेन-देन, संबंधित व्यक्तियों और धन के उपयोग की जांच कर रही है। इसके अलावा EOW का यह भी दावा है कि कथित शराब घोटाले में अनवर ढेबर और उसके सहयोगियों द्वारा तथा कस्टम मिलिंग मामले में रोशन चंद्राकर के माध्यम से भी करोड़ों रुपये रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाए गए। बेटे से भी हुई पूछताछ जांच के दौरान EOW ने रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल से भी दो दिनों तक पूछताछ की। अधिकारियों ने उनसे पिछले तीन वर्षों के दौरान रामगोपाल अग्रवाल के ठिकानों, आर्थिक लेन-देन और कथित संपर्कों से जुड़े कई सवाल पूछे। एजेंसी का कहना है कि जांच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। कांग्रेस ने उठाए सवाल कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रेरित बताते हुए जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। पार्टी ने इसके विरोध में प्रदेशभर में प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल भी गिरफ्तारी के विरोध में अदालत पहुंचे। हालांकि उन्होंने मीडिया से बातचीत में मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि वह स्वयं भी इस प्रकरण में आरोपी हैं, इसलिए कुछ कहना उचित नहीं होगा। किन मामलों में जांच? रामगोपाल अग्रवाल का नाम कथित 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले, लगभग 540 करोड़ रुपये के कोल लेवी मामले और 127 करोड़ रुपये के कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन घोटाले की जांच में सामने आया है। जांच एजेंसियां इन मामलों में कथित धन के प्रवाह, लाभार्थियों और वित्तीय नेटवर्क की जांच कर रही हैं। हालांकि, इन सभी मामलों में जांच अभी जारी है और आरोपों की न्यायिक पुष्टि होना बाकी है। अंतिम निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

रामगोपाल अग्रवाल 17 जुलाई तक EOW रिमांड पर, शराब-कोल लेवी और कस्टम मिलिंग मामलों में होगी पूछताछ Read Post »

Political, Raipur

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर CM विष्णुदेव साय ने दी श्रद्धांजलि, मुख्यमंत्री निवास में पुष्प अर्पित कर किया नमन

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रख्यात शिक्षाविद, राष्ट्रवादी विचारक और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीएम साय ने डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा के लिए समर्पित रहा। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक X पोस्ट में लिखा कि डॉ. मुखर्जी के आदर्श और विचार विकसित, सशक्त और अखंड भारत के निर्माण के लिए हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे। उन्होंने कहा कि देश के प्रति उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर CM विष्णुदेव साय ने दी श्रद्धांजलि, मुख्यमंत्री निवास में पुष्प अर्पित कर किया नमन Read Post »

Political, Raipur

रायपुर में RSS नेता इंद्रेश कुमार ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की मुलाकात, राष्ट्र निर्माण समेत कई मुद्दों पर चर्चा

रायपुर में आयोजित “आपातकाल स्मृति दिवस” कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुख्यमंत्री निवास में मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुष्पगुच्छ और स्मृति-चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि मुलाकात के दौरान राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता, जनकल्याण और आपातकाल से जुड़े ऐतिहासिक अनुभवों पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और समाजहित में किए गए कार्यों को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंद्रेश कुमार का राष्ट्रहित के प्रति समर्पण और समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का दृष्टिकोण प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि उनका मार्गदर्शन राष्ट्रसेवा के प्रति सरकार के संकल्प को और अधिक मजबूत करने में सहायक है। इंद्रेश कुमार रायपुर में आयोजित “आपातकाल स्मृति दिवस” कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होने पहुंचे थे। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में दोनों नेताओं की मुलाकात हुई, जिसमें विभिन्न सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों पर चर्चा की गई।

रायपुर में RSS नेता इंद्रेश कुमार ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की मुलाकात, राष्ट्र निर्माण समेत कई मुद्दों पर चर्चा Read Post »

Political, Raipur

छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की दिशा में बड़ा कदम, सरकार ने बनाई 5 सदस्यीय हाई लेवल कमेटी

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति यूसीसी का प्रारूप तैयार करने के साथ-साथ विभिन्न पक्षों का अध्ययन कर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 25 जून को जारी आदेश के अनुसार, समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। समिति में शत्रुघ्न सिंह, एम.के. राउत, मोहन पवार और ज्योति रानी सिंह को सदस्य बनाया गया है। किन विषयों पर करेगी अध्ययन समिति राज्य में लागू विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों (पर्सनल लॉ) का अध्ययन करेगी। इसके अंतर्गत विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण तथा अन्य नागरिक मामलों से जुड़े मौजूदा कानूनी प्रावधानों की समीक्षा की जाएगी। अध्ययन के आधार पर समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार किया जाएगा। आम जनता और विशेषज्ञों से भी लिए जाएंगे सुझाव सरकार ने समिति को निर्देश दिया है कि वह नागरिकों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव प्राप्त करे। इसके अलावा उन राज्यों के अनुभवों का भी अध्ययन किया जाएगा, जहां यूसीसी लागू हो चुकी है या इस दिशा में ठोस पहल की गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार करेगी फैसला समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट और यूसीसी का ड्राफ्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। इसके साथ आवश्यक विधायी और प्रशासनिक सुझाव भी दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि सरकार सभी पहलुओं पर व्यापक विचार-विमर्श और अध्ययन के बाद आगे की प्रक्रिया तय करेगी। यूसीसी लागू होने पर क्या बदलेगा यदि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू होती है तो विवाह, तलाक, संपत्ति का उत्तराधिकार, गोद लेने और भरण-पोषण जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू होगा। वर्तमान में अलग-अलग धर्मों के लोग अपने-अपने पर्सनल लॉ के अनुसार इन मामलों का पालन करते हैं। सरकार का कहना है कि यूसीसी का उद्देश्य नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना, विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों के कारण होने वाली असमानताओं को कम करना तथा महिलाओं को समान अधिकार प्रदान करना है। किन राज्यों में लागू है यूसीसी उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां समान नागरिक संहिता लागू की जा चुकी है। इसके अलावा गुजरात और असम ने भी यूसीसी से संबंधित विधेयक पारित किए हैं। वहीं गोवा में पुर्तगाली शासनकाल से लागू गोवा सिविल कोड आज भी प्रभावी है, हालांकि इसमें कुछ विशेष प्रावधान होने के कारण इसे पूर्ण आधुनिक यूसीसी नहीं माना जाता। छत्तीसगढ़ में गठित यह समिति राज्य में यूसीसी लागू करने की दिशा में शुरुआती और महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर सरकार आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया तय करेगी।

छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की दिशा में बड़ा कदम, सरकार ने बनाई 5 सदस्यीय हाई लेवल कमेटी Read Post »

GOVERNMENT, Political, Raipur

साय कैबिनेट की अहम बैठक शुरू, ट्रांसफर पॉलिसी और अनुपूरक बजट पर लग सकती है मुहर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन स्थित कैबिनेट हॉल में राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में प्रदेश से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा की जा रही है। सबसे ज्यादा ध्यान नई स्थानांतरण नीति, विधानसभा के आगामी मानसून सत्र और चालू वित्तीय वर्ष के अनुपूरक बजट पर केंद्रित है। जानकारी के अनुसार, मंत्रिमंडल की बैठक में 13 जुलाई से प्रस्तावित विधानसभा मानसून सत्र की तैयारियों की समीक्षा की जा सकती है। इसके साथ ही सरकार अपने विधायी एजेंडे को अंतिम रूप देने की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है। कई संशोधन विधेयकों के प्रारूप और महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रस्तावों को भी कैबिनेट की मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है। बैठक में प्रदेश में मानसून की धीमी रफ्तार को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। कई जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज होने के कारण खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता, कृषि विभाग की तैयारियों तथा धान सहित अन्य फसलों की स्थिति की समीक्षा की जा सकती है। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण विषय नई स्थानांतरण नीति मानी जा रही है। लंबे समय से तबादलों का इंतजार कर रहे कर्मचारियों की निगाहें इस बैठक पर टिकी हुई हैं। यदि कैबिनेट नई ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी देती है, तो प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर तबादलों का रास्ता खुल सकता है। इसके अलावा वित्तीय मामलों से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी चर्चा की जा रही है। चालू वित्तीय वर्ष के लिए अनुपूरक बजट को मंजूरी मिलने की संभावना है, जिससे विभिन्न विभागों को अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जा सकेंगे। विधानसभा मानसून सत्र, किसानों से जुड़े मुद्दे, प्रशासनिक फेरबदल और वित्तीय निर्णयों को देखते हुए साय सरकार की यह कैबिनेट बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में लिए जाने वाले फैसलों पर राजनीतिक, प्रशासनिक और कर्मचारी संगठनों की विशेष नजर बनी हुई है।

साय कैबिनेट की अहम बैठक शुरू, ट्रांसफर पॉलिसी और अनुपूरक बजट पर लग सकती है मुहर Read Post »

Political, Raipur, State, Top News

राहुल गांधी के दौरे के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस में पोस्टर विवाद, सह-प्रभारियों ने हाईकमान से की शिकायत

राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे के समाप्त होते ही कांग्रेस संगठन के भीतर पोस्टरों को लेकर नया विवाद सामने आ गया है। अभनपुर में आयोजित कांग्रेस के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर और राहुल गांधी के स्वागत के लिए लगाए गए पोस्टरों में प्रदेश के सह-प्रभारियों की तस्वीरें नहीं होने पर नाराजगी जताई गई है। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के सह-प्रभारी जरिता लेतफलांग, संपत कुमार और विजय जांगिड़ ने इस मुद्दे पर आपत्ति दर्ज कराते हुए पार्टी हाईकमान से शिकायत की है। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट के समक्ष भी यह मामला उठाया गया है। सह-प्रभारियों का आरोप है कि प्रदेश स्तर के इतने महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उनकी पूरी तरह उपेक्षा की गई। राहुल गांधी के स्वागत के लिए लगाए गए अधिकांश पोस्टरों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व महापौर एजाज ढेबर की तस्वीरें प्रमुखता से दिखाई दीं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत सहित कई वरिष्ठ नेताओं की तस्वीरें अपेक्षाकृत छोटे आकार में नजर आईं। पार्टी के भीतर चर्चा है कि प्रशिक्षण शिविर की व्यवस्थाओं और प्रचार-प्रसार में एजाज ढेबर की सक्रिय भूमिका के कारण पोस्टरों में उनकी मौजूदगी सबसे अधिक दिखाई दी। हालांकि, सह-प्रभारियों की तस्वीरें पूरी तरह गायब रहने से संगठन के भीतर असंतोष बढ़ गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रविवार को एक दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे थे। उन्होंने अभनपुर में चल रहे प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया और प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। इसके बाद उन्होंने जिला एवं शहर कांग्रेस अध्यक्षों के साथ संवाद भी किया। करीब चार घंटे के कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी रायपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने रास्ते में एक चाय दुकान पर रुककर चाय पी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को अपने हाथों से बिस्किट खिलाया। उनके साथ सचिन पायलट, भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव और चरणदास महंत समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। अब राहुल गांधी के दौरे से ज्यादा चर्चा पोस्टर विवाद की हो रही है। सह-प्रभारियों की नाराजगी और हाईकमान तक शिकायत पहुंचने के बाद इस मामले को कांग्रेस के भीतर गुटीय संतुलन और शक्ति प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि पार्टी के कई नेता इसे सामान्य मुद्दा बता रहे हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है।

राहुल गांधी के दौरे के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस में पोस्टर विवाद, सह-प्रभारियों ने हाईकमान से की शिकायत Read Post »

Political, Raipur

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सियासत गरम, फोटो नहीं होने पर विधायक ईश्वर साहू ने किया कार्यक्रम का बहिष्कार

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लेकर योगाभ्यास किया। इस दौरान मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और सैकड़ों नागरिकों ने सामूहिक योग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की हजारों वर्ष पुरानी परंपरा और जीवन पद्धति है, जिसकी शुरुआत ऋषि-मुनियों ने की थी। उन्होंने लोगों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और स्वस्थ समाज के निर्माण में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस बीच बेमेतरा जिले के साजा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक ईश्वर साहू कार्यक्रम के दौरान नाराज हो गए। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए पोस्टर और फ्लेक्स में उनकी तस्वीर नहीं लगाई गई थी। इससे नाराज होकर उन्होंने कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया। उनके समर्थकों ने भी इस पर आपत्ति जताई। हालांकि प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। अंबिकापुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल का प्रशिक्षण कार्यक्रम उसका आंतरिक विषय है, लेकिन राहुल गांधी जहां जाते हैं, उसका परिणाम सभी जानते हैं। वहीं राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह शामिल हुए। उन्होंने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि नियमित योग से व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहता है। मनेंद्रगढ़ में राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने योगाभ्यास करते हुए कहा कि योग आज वैश्विक पहचान बन चुका है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से इसे विश्व स्तर पर नई प्रतिष्ठा मिली है। इस अवसर पर लोगों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई और पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट में भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। एयरपोर्ट डायरेक्टर योगेश नागाइच समेत अधिकारियों और कर्मचारियों ने योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सियासत गरम, फोटो नहीं होने पर विधायक ईश्वर साहू ने किया कार्यक्रम का बहिष्कार Read Post »

Ambikapur, Political, State, Top News
Scroll to Top