Political

बिरगांव में फुटपाथ व्यापारियों का विरोध प्रदर्शन, नगर निगम पर भेदभाव का आरोप

रायपुर, बिरगांव 6 मई:बिरगांव क्षेत्र में वर्षों से फुटपाथ पर व्यापार कर रहे छोटे दुकानदारों ने आज नगर निगम बिरगांव के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया और निगम कार्यालय का घेराव किया। इन व्यापारियों का कहना है कि वे पिछले 8 से 18 सालों से बिजली विभाग के पास कपड़े, जूते-चप्पल आदि बेचकर अपना गुजर-बसर कर रहे हैं, लेकिन अब नगर निगम उन्हें हटाकर वहां फूड ज़ोन स्थापित करने की योजना बना रहा है। प्रदर्शन के दौरान नाराज व्यापारियों ने “महापौर मुर्दाबाद”, “नगर निगम मुर्दाबाद”, और “छोटे व्यापारियों का हक मत छीनो” जैसे तीखे नारे लगाए। उन्होंने अपना सामान निगम कार्यालय के सामने रखकर यह सवाल खड़ा किया — “अब हम कहां जाएं और अपना माल कहां बेचें?” व्यापारियों का आरोप है कि पिछले तीन महीनों से उन्हें दुकान लगाने से रोका जा रहा है, जिससे उनके परिवारों की आजीविका संकट में पड़ गई है। आज जब कुछ प्रतिनिधियों ने नगर निगम अधिकारियों से बात की, तो उन्हें एक और महीने का समय देने की बात कही गई — जिसे व्यापारियों ने खोखला आश्वासन बताया। अब तक लगभग 15 दुकानों को हटा दिया गया है, और शेष दुकानदारों को भी डर सता रहा है कि वे भी जल्द उजाड़ दिए जाएंगे। लगातार दुकानें बंद रहने से इन छोटे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। इस विरोध प्रदर्शन में बिरगांव के पार्षद खेमलाल साहू, वेदराम देवांगन और सामाजिक कार्यकर्ता डोमेश देवांगन भी शामिल हुए। उन्होंने व्यापारियों के हक में आवाज़ उठाई और नगर निगम से उचित समाधान की मांग की। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि या तो उन्हें वहीं व्यापार की अनुमति दी जाए या फिर वैकल्पिक स्थान की तत्काल व्यवस्था की जाए, ताकि वे अपनी रोज़ी-रोटी जारी रख सकें।

बिरगांव में फुटपाथ व्यापारियों का विरोध प्रदर्शन, नगर निगम पर भेदभाव का आरोप Read Post »

Political, State, Top News

बिरगांव में कांग्रेस ने बिजली समस्या को लेकर बिजली कार्यालय का घेराव किया

रायपुर, बिरगांव | 6 मई:बिरगांव नगर निगम क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती, खराब मरम्मत व्यवस्था और भीषण गर्मी में आम जनता को हो रही परेशानी को लेकर आज ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बिरगांव द्वारा बिजली कार्यालय भानपुरी (CSPDCL) का घेराव किया गया। यह प्रदर्शन व्यास तालाब चौक से प्रारंभ होकर बिजली कार्यालय तक पहुंचा, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जनसेवक पंकज शर्मा (रायपुर ग्रामीण) और ब्लॉक अध्यक्ष योगेंद्र सोलंकी ने किया। प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि क्षेत्र में बिजली कटौती पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इसके साथ ही बिजली कार्यालय के लापरवाह कर्मचारियों को हटाने की मांग भी की गई। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पिछले कुछ सप्ताहों से बिरगांव क्षेत्र में बिना पूर्व सूचना के बार-बार बिजली काटी जा रही है, जिससे बच्चों की पढ़ाई, व्यापारिक गतिविधियों और घरेलू जीवन पर बुरा असर पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि आम जनता की समस्या को नज़रअंदाज़ करना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग की गई

बिरगांव में कांग्रेस ने बिजली समस्या को लेकर बिजली कार्यालय का घेराव किया Read Post »

Political, State, Top News

बिरगांव के शिवाजी चौक पर पाकिस्तान के खिलाफ फूटा आक्रोश, मांग उठी सख्त कार्रवाई की

बिरगांव, 27 अप्रैल 2025 — कश्मीर के पहलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमले ने पूरे देश को गम और गुस्से से भर दिया है। 28 मासूम पर्यटकों को धर्म के आधार पर चुनकर मौत के घाट उतारने की इस वीभत्स घटना के खिलाफ अब हर कोने से विरोध की आवाजें उठने लगी हैं। बिरगांव के शिवाजी चौक में रविवार को बजरंग दल बंजारी प्रखंड के कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। चौक के बीचोंबीच पाकिस्तान का झंडा बनाया गया, जिसे आम नागरिकों और राहगीरों ने अपने पैरों तले रौंदा। गाड़ियों ने भी उसे कुचलते हुए अपना आक्रोश जाहिर किया। “पाकिस्तान मुर्दाबाद” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, हर चेहरे पर शहीदों के लिए दर्द और आतंक के खिलाफ गुस्सा साफ नजर आ रहा था। स्थानीय नागरिकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब केवल निंदा और बयानबाजी से काम नहीं चलेगा — देश को ठोस कार्रवाई करनी होगी। आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने की मांग पूरे देश में तेजी से उठ रही है। आज पूरा भारत एकजुट होकर एक ही स्वर में कह रहा है:“शहीदों का खून बेकार नहीं जाएगा।”

बिरगांव के शिवाजी चौक पर पाकिस्तान के खिलाफ फूटा आक्रोश, मांग उठी सख्त कार्रवाई की Read Post »

Political, State, Top News

छत्तीसगढ़: पहलगाम आतंकी हमले के बाद दुर्ग पुलिस अलर्ट, मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में छापामारी, फरार वारंटी गिरफ्तार

दुर्ग, 27 अप्रैल 2025:जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश के साथ छत्तीसगढ़ में भी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। इसी कड़ी में दुर्ग पुलिस ने रविवार तड़के जिले के विभिन्न मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाया। कार्रवाई में फरार चार वारंटियों को हिरासत में लिया गया है। दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर तीन अलग-अलग टीमें गठित की गई थीं, जिनका नेतृत्व एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर, अभिषेक झा और पद्मश्री तंवर कर रहे थे। सभी टीमों ने रविवार सुबह 4 बजे से छापेमारी शुरू की। एएसपी अभिषेक झा के नेतृत्व में मोहन नगर थाना क्षेत्र के उरला स्थित बॉम्बे आवास में छापा मारा गया, वहीं एएसपी सिटी सुखनंदन राठौर ने भिलाई तीन थाना क्षेत्र के हथखोज इलाके में और एएसपी पद्मश्री तंवर ने सुपेला थाना क्षेत्र में सुपेला मस्जिद के पीछे के इलाके में कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने हर घर की गहन तलाशी ली, निवास से संबंधित दस्तावेजों की जांच की और स्थानीय निवासियों के फिंगर प्रिंट लिए। इन फिंगर प्रिंट्स को पुलिस के आपराधिक रिकॉर्ड डेटाबेस से मिलान किया जाएगा। बॉम्बे आवास क्षेत्र से फरार चल रहे चार वारंटियों को हिरासत में लिया गया है। एएसपी अभिषेक झा ने बताया कि छापेमारी की कार्रवाई रविवार तड़के 4:30 बजे शुरू हुई थी। पुलिस की इस सघन कार्रवाई का मकसद संभावित संदिग्धों की पहचान कर राज्य में किसी भी आपराधिक या आतंकी गतिविधि को रोकना है। छत्तीसगढ़ सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद राज्य भर में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध नागरिकों की भी तलाश की जा रही है।

छत्तीसगढ़: पहलगाम आतंकी हमले के बाद दुर्ग पुलिस अलर्ट, मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में छापामारी, फरार वारंटी गिरफ्तार Read Post »

International, Political, State, Top News

रायपुर समाचार: सेंट्रल जेल में कैदी ने की आत्महत्या, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

रायपुर। राजधानी रायपुर के सेंट्रल जेल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जेल में बंद एक कैदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक कैदी की पहचान ओमप्रकाश के रूप में हुई है। वह अपने बैरक में फंदे पर लटका हुआ पाया गया। यह घटना जेल प्रशासन के लिए एक गंभीर सवाल खड़ा कर रही है, क्योंकि इससे जेल की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र की खामियां उजागर हुई हैं। फिलहाल जेल प्रशासन और पुलिस घटना की जांच में जुटे हुए हैं। आत्महत्या के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। गौरतलब है कि इससे पहले भी रायपुर सेंट्रल जेल में आत्महत्या के मामले सामने आ चुके हैं। इसी साल जनवरी माह में एक अफ्रीकी ड्रग्स डीलर ने भी अपने सेल में फांसी लगाकर जान दे दी थी। वह वर्ष 2021 में गिरफ्तार किया गया था। सिर्फ आत्महत्या ही नहीं, नवंबर 2024 में जेल परिसर में फायरिंग की भी एक बड़ी घटना घटित हुई थी, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। इन लगातार होती घटनाओं ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस और जेल प्रशासन संयुक्त रूप से मामले की गहन जांच कर रहे हैं और आत्महत्या के कारणों की तलाश में जुटे हैं।

रायपुर समाचार: सेंट्रल जेल में कैदी ने की आत्महत्या, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल Read Post »

Crime, Political, State, Top News

CG News: वक्फ अधिनियम पर सुप्रीम कोर्ट के दबाव में केंद्र सरकार फिर बैकफुट पर, पहले भी देशद्रोह और 370 पर झुकी

वक्फ से पहले देशद्रोह, 370 पर भी सुप्रीम कोर्ट में झुक चुकी है सरकार केंद्र सरकार एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के सामने बैकफुट पर नजर आई है। वक्फ अधिनियम 2025 के दो विवादास्पद प्रावधान—‘वक्फ बाय यूज’ और वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिमों की नियुक्ति—को लागू न करने का आश्वासन देकर सरकार ने एक और संभावित न्यायिक टकराव को टालने की कोशिश की है। नई दिल्ली। केंद्र सरकार एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के सामने बैकफुट पर नजर आई है। वक्फ अधिनियम 2025 के दो विवादास्पद प्रावधान—‘वक्फ बाय यूज’ और वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिमों की नियुक्ति—को लागू न करने का आश्वासन देकर सरकार ने एक और संभावित न्यायिक टकराव को टालने की कोशिश की है। गुरुवार को हुई सुनवाई में जब सुप्रीम कोर्ट की तीन-न्यायाधीशों की पीठ, जिसकी अध्यक्षता भारत के मुख्य न्यायाधीश कर रहे थे, ने “वक्फ बाय यूज” के संवैधानिक प्रभावों पर सवाल उठाया, तो सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार की ओर से जवाब देते हुए कहा कि इन प्रावधानों को लागू नहीं किया जाएगा और राज्यों को गैर-मुस्लिमों की नियुक्ति की अनुमति नहीं दी जाएगी। मझौता (सितंबर 2023) 370 हटाने के मामले में जब कोर्ट ने पूछा कि क्या संसद को किसी राज्य को केंद्र शासित प्रदेश में बदलने का अधिकार है, तब केंद्र ने आश्वासन दिया कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा, जिससे कोर्ट ने संवैधानिक सवाल पर फैसला देने से परहेज किया। दिल्ली दंगे और साफूरा जरगर की रिहाई (जून 2020) दिल्ली दंगों में आरोपी साफूरा जरगर की जमानत पर केंद्र ने कोर्ट में मानवीय आधार पर विरोध न करने की बात कही, जो सरकार की रणनीतिक नरमी का संकेत था। न्यायिक दबाव में रणनीतिक नरमी इन सभी मामलों में स्पष्ट है कि जब सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के उल्लंघन या अधिकारों के हनन की आशंका जताई, तो केंद्र सरकार ने संभावित प्रतिकूल फैसलों से बचने के लिए रणनीतिक रूप से अपने रुख में नरमी बरती। यह प्रवृत्ति जहां सरकार की कानूनी रणनीति को दर्शाती है, वहीं सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक निगरानी की शक्ति को भी रेखांकित करती है।

CG News: वक्फ अधिनियम पर सुप्रीम कोर्ट के दबाव में केंद्र सरकार फिर बैकफुट पर, पहले भी देशद्रोह और 370 पर झुकी Read Post »

Political, Top News

बीजेपी नेता ने ममता बनर्जी को ‘आधुनिक जिन्ना’ बताया, मुर्शिदाबाद हिंसा पर तीखा हमला

भारतीय जनता पार्टी के नेता तरुण चुघ ने वक्फ बिल को लेकर मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उनकी तुलना पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना से की। चुघ ने आरोप लगाया कि “ममता बनर्जी आज एक आधुनिक जिन्ना के रूप में स्थापित हो चुकी हैं और उनकी पार्टी मुस्लिम लीग जैसा काम कर रही है। जिन्ना ने जो किया वही आज ममता कर रही हैं। 1940 के दशक की मुस्लिम लीग की कार्रवाइयों की याद दिलाती हैं आज की घटनाएं।” उन्होंने हिंसा में तीन लोगों की मौत पर ममता की चुप्पी को “शर्मनाक, निंदनीय और दर्दनाक” बताते हुए कहा कि “तृणमूल सरकार अल्पसंख्यक तुष्टीकरण के नाम पर हिंदुओं की सुरक्षा से समझौता कर रही है।” सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप: बीजेपी प्रवक्ता शेजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि “बंगाल में हिंदुओं के खिलाफ राज्य प्रायोजित हिंसा हो रही है। मंदिरों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, भगवा झंडे उतारे जा रहे हैं और हिंदुओं को घर छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। स्वामी विवेकानंद की इस धरती पर ऐसा होना दुर्भाग्यपूर्ण है।” इस बीच, ममता बनर्जी ने शांति का आह्वान करते हुए आश्वासन दिया कि विवादास्पद कानून को राज्य में लागू नहीं किया जाएगा। हालांकि, विपक्ष का कहना है कि यह पर्याप्त नहीं है और हिंदू समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कार्रवाई की जरूरत है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव आगामी चुनावों को देखते हुए बढ़ते ध्रुवीकरण को दर्शाता है। बीजेपी तृणमूल को हिंदू विरोधी साबित करने में जुटी है, जबकि शासक दल इन आरोपों को निराशाजनक राजनीतिक हथकंडा बता रहा है।

बीजेपी नेता ने ममता बनर्जी को ‘आधुनिक जिन्ना’ बताया, मुर्शिदाबाद हिंसा पर तीखा हमला Read Post »

Political, Top News

भिलाई में बुलडोजर कार्रवाई पर बवाल, 60 से ज्यादा घर जमींदोज

भिलाई, छत्तीसगढ़: भिलाई के खुर्सीपार क्षेत्र स्थित गौतम नगर में सोमवार सुबह नगर निगम की ओर से किए गए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ने तूल पकड़ लिया है। सीवरेज लाइन निर्माण के तहत निगम की टीम ने 60 से अधिक मकानों पर बुलडोजर चला दिया, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। मकानों के टूटने से प्रभावित लोगों का आरोप है कि कार्रवाई से पहले न तो कोई मुनादी की गई और न ही उन्हें कोई पूर्व सूचना दी गई। अचानक सुबह 6 बजे निगम की टीम पहुंची और मकान तोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इससे कई लोग बेघर हो गए और अपना सामान तक नहीं निकाल सके। विधायक देवेंद्र यादव का विरोध: घटना की जानकारी मिलते ही भिलाई नगर के कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव मौके पर पहुंचे और निगम अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा, “ये गुंडागर्दी नहीं चलेगी। लोगों को समय दिए बिना, बिना मुनादी कराए, अचानक मकान तोड़ना अमानवीय है। पहले प्रभावितों को वैकल्पिक व्यवस्था मिलनी चाहिए, फिर ही कोई कार्रवाई होनी चाहिए।” विधायक ने कहा कि खुद कलेक्टर ने उन्हें जानकारी दी है कि केवल 4-5 मकान ही पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं, ऐसे में 60 से अधिक घर तोड़ना अनुचित है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि लोगों को अन्यत्र शिफ्ट किया जा रहा है तो उन्हें अलॉटमेंट के कागज क्यों नहीं दिए गए? जनता का समर्थन: स्थानीय लोगों ने भी विधायक का समर्थन करते हुए बताया कि वे स्थानांतरित होने के लिए तैयार हैं, लेकिन प्रशासन ने उन्हें कोई विकल्प नहीं दिया। लोगों का कहना है कि उन्हें इतना भी समय नहीं दिया गया कि वे अपने घरों से सामान निकाल सकें। निगम की सफाई: नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट के चलते ये कार्रवाई जरूरी थी और इसकी पहले से योजना बनाई गई थी। हालांकि, भारी विरोध के चलते फिलहाल आगे की कार्रवाई पर रोक लगाने की संभावना जताई जा रही है। स्थिति तनावपूर्ण: घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। विधायक ने चेतावनी दी है कि जब तक प्रभावित लोगों का पुनर्वास सुनिश्चित नहीं हो जाता, तब तक एक भी मकान नहीं टूटेगा। यह घटना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है, और अब यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में इस मामले का समाधान किस तरह से किया जाता है।

भिलाई में बुलडोजर कार्रवाई पर बवाल, 60 से ज्यादा घर जमींदोज Read Post »

Political, State, Top News

मथुरा ने विकास कार्यों में बनाई उल्लेखनीय प्रगति, CM डैशबोर्ड रैंकिंग में 25 पायदान की छलांग

मथुरा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में मथुरा जनपद ने उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। मार्च माह के विकास कार्यों के आधार पर जारी इस रैंकिंग में मथुरा ने पिछले महीने के 57वें स्थान से छलांग लगाकर 32वां स्थान हासिल किया है, जो 25 पायदान का उल्लेखनीय सुधार है। आगरा मंडल के अंतर्गत मैनपुरी 29वें स्थान के साथ शीर्ष पर है, जबकि मथुरा दूसरे और आगरा 37वें स्थान के साथ तीसरे स्थान पर रहा। फिरोजाबाद 60वें स्थान के साथ मंडल में सबसे निचले पायदान पर है। संयुक्त रैंकिंग (विकास एवं राजस्व) में भी मथुरा का प्रदर्शन सराहनीय रहा है, जहां जनपद को प्रदेश में 24वां स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं केवल राजस्व रैंकिंग में मथुरा 32वें स्थान पर रहा। जिला प्रशासन ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अब टॉप-10 में स्थान बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से इस लक्ष्य को प्राप्त करने की योजना बनाई जा रही है। मथुरा की यह प्रगति जनपद में तेज गति से हो रहे विकास कार्यों का प्रमाण है।

मथुरा ने विकास कार्यों में बनाई उल्लेखनीय प्रगति, CM डैशबोर्ड रैंकिंग में 25 पायदान की छलांग Read Post »

Political, State, Top News

कोलकाता हाईकोर्ट ने रेड रोड पर हनुमान चालीसा पाठ की इजाजत से किया इनकार

कोलकाता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को हनुमान जयंती के मौके पर शहर के प्रतिष्ठित रेड रोड पर बड़े पैमाने पर हनुमान चालीसा पाठ करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। हिंदू सेवा दल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 3,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद थी। आयोजकों ने इसी स्थान पर 31 मार्च को हुई ईद की नमाज और सालाना दुर्गा पूजा कार्निवल का हवाला देते हुए समानता की दलील दी थी। हालांकि, अदालत ने राज्य सरकार के तर्कों को स्वीकार करते हुए इस अनुरोध को खारिज कर दिया। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि सिर्फ अन्य धार्मिक आयोजनों का हवाला देने से सार्वजनिक स्थलों के उपयोग का अधिकार स्वत: नहीं मिल जाता। न्यायालय ने कहा कि जब तक किसी स्थान का किसी धर्म विशेष से ऐतिहासिक या धार्मिक संबंध सिद्ध न हो, कोई भी समूह उसे अपने अधिकार के तौर पर नहीं मांग सकता। इस फैसले से निराश हिंदू सेवा दल अब सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की योजना बना रहा है। संगठन के राज्य अध्यक्ष सुदीप राम ने कहा, “अगर उत्तर प्रदेश करोड़ों श्रद्धालुओं वाले कुंभ का प्रबंधन कर सकता है, तो कोलकाता पुलिस 3,000 लोगों के आयोजन को क्यों नहीं संभाल सकती?” संगठन अब रेड रोड पर या तो किसी अन्य तिथि पर या अगले साल हनुमान जयंती के मौके पर कार्यक्रम की अनुमति के लिए सर्वोच्च न्यायालय जाएगा।

कोलकाता हाईकोर्ट ने रेड रोड पर हनुमान चालीसा पाठ की इजाजत से किया इनकार Read Post »

Political, State, Top News
Scroll to Top