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छत्तीसगढ़ कोल लेवी घोटाला: 570 करोड़ की अवैध वसूली का खुलासा, नेताओं-अफसरों की मिलीभगत सामने आई

छत्तीसगढ़ के चर्चित कोल लेवी घोटाले में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में सामने आया है कि सूर्यकांत तिवारी ने अफसरों और नेताओं की मदद से करीब 570 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली करवाई। इस वसूली के नेटवर्क को देवेंद्र डडसेना और नवनीत तिवारी संचालित कर रहे थे। जांच में सामने आया है कि वॉट्सएप ग्रुप्स — “पाल”, “वीकली”, “टावर” और “जुगनू” — के जरिए पूरे ऑपरेशन का समन्वय किया जाता था। इसमें कोडवर्ड्स का इस्तेमाल होता था: चार्जशीट में यह भी बताया गया है कि नवनीत तिवारी रायगढ़ क्षेत्र की वसूली संभालता था और हर महीने रकम रायपुर के अनुपम नगर स्थित सूर्यकांत तिवारी के घर पहुंचाई जाती थी। 🔹 3 IPS अफसर भी संपर्क में थे ED की चार्जशीट में कहा गया है कि तत्कालीन सीएम भूपेश बघेल की उप सचिव सौम्या चौरसिया और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के संपर्क में तीन IPS अधिकारी भी थे — पारूल माथुर, प्रशांत अग्रवाल और भोजराम पटेल।इन अफसरों पर आरोप है कि उन्होंने विभागीय जानकारी तिवारी को दी। पारूल माथुर पर यह भी आरोप है कि वह तिवारी के कहने पर कोयला वाहनों पर कार्रवाई करवाती थीं। इसके अलावा, कॉन्स्टेबल अमित कुमार दुबे पर ईडी अधिकारियों की जासूसी का आरोप है। 🔹 कोल वाशरी और ट्रांसपोर्टर से भी वसूली चार्जशीट के मुताबिक, कोयला ट्रांसपोर्टर्स से 25 रुपए प्रति टन और कोल वाशरी संचालकों से 100 रुपए प्रति टन की अवैध लेवी वसूली जाती थी। इस तरह कारोबारियों से दो बार कमीशन लिया जा रहा था।वसूली के लिए कोरबा और रायगढ़ में अलग-अलग ऑफिस बनाए गए थे। 🔹 नवनीत और मोइनुद्दीन संभालते थे फील्ड नेटवर्क रायगढ़ में नवनीत तिवारी और कोरबा में मोइनुद्दीन वसूली का पूरा संचालन करते थे। सूर्यकांत तिवारी के घर से मिली डायरी में नवनीत (नीतू) के नाम के आगे 17.73 करोड़ रुपए दर्ज पाए गए हैं। 🔹 ACB-EOW ने 36 लोगों पर FIR दर्ज की ED की रिपोर्ट के आधार पर ACB/EOW ने इस मामले में दो पूर्व मंत्रियों, विधायकों, IAS अधिकारियों और कारोबारियों सहित 36 लोगों पर नामजद FIR दर्ज की है।गिरफ्तारों में IAS रानू साहू, IAS समीर विश्नोई, सौम्या चौरसिया, जेडी माइनिंग एसएस नाग और सूर्यकांत तिवारी शामिल हैं।

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वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा – लोगों को मिले जीएसटी राहत का पूरा फायदा, पुरानी कीमतों पर सामान बेचने वालों पर होगी कार्रवाई

राज्य के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने जीएसटी विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में कोई भी वस्तु या उत्पाद पुरानी कीमत पर नहीं बेचा जाएगा। उन्होंने कहा कि टैक्स दरों में कमी का सीधा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुँचना चाहिए। सभी अधिकारी सुनिश्चित करें कि नई दरों के अनुसार ही वस्तुओं की कीमत तय की जाए। मंगलवार को आयोजित ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की समीक्षा बैठक में मंत्री चौधरी ने राजस्व संग्रह, कर चोरी पर नियंत्रण और विभागीय सुधारों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ बनाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। चौधरी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बिना टैक्स चुकाए राज्य के बाहर से माल मंगाकर बेचने वाले व्यापारियों पर कार्रवाई हो। साथ ही फर्जी या गैर-पंजीकृत फर्मों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं। उन्होंने कार्यालयों में बायोमेट्रिक उपस्थिति और सीसीटीवी निगरानी लागू करने के आदेश भी दिए ताकि अनुशासन और पारदर्शिता बनी रहे। मंत्री ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों की सफल कर प्रबंधन प्रणाली का अध्ययन कर उसे छत्तीसगढ़ में लागू किया जाएगा। बैठक में वित्त सचिव मुकेश बंसल, राज्य कर आयुक्त पुष्पेंद्र मीणा समेत वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। चौधरी ने बताया कि 99% से अधिक वस्तुएं अब 5% जीएसटी स्लैब में आ गई हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। कृषि उपकरण, बीमा पॉलिसी और दवाइयों पर कर घटने से लोगों के खर्च में भारी कमी आई है। उन्होंने निर्देश दिया कि हर उत्पाद पर नई संशोधित कीमत का उल्लेख अनिवार्य हो और ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की दैनिक रिपोर्टिंग की जाए। मंत्री स्वयं इसकी समीक्षा करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि राज्य के हर नागरिक तक जीएसटी 2.0 सुधारों का लाभ पहुँचे।

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भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंत्रियों के सामने रखी शिकायतें: अफसरों, शिक्षकों और विधायकों पर लगाए आरोप, दो दिन में दर्ज हुईं 300 शिकायतें

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा कार्यकर्ताओं और सहयोगी संगठनों ने पार्टी के जनसहयोग केंद्र में अफसरों, विधायकों और शिक्षकों के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई हैं। कार्यकर्ताओं ने बताया कि कई अधिकारी ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं। मंत्रियों ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में यह “जनसहयोग केंद्र” शुरू किया गया है, जहां मंत्रियों की ड्यूटी लगाई गई है ताकि कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुना और हल किया जा सके। दो दिन में 300 से ज्यादा शिकायतें बीते दो दिनों में दो मंत्रियों ने मिलकर 300 से अधिक कार्यकर्ताओं की शिकायतें सुनी हैं। बुधवार, 8 अक्टूबर को वन और सहकारिता मंत्री केदार कश्यप केंद्र में मौजूद रहेंगे और कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनेंगे। कार्यकर्ताओं ने क्या कहा केंद्र पहुंचे कार्यकर्ताओं ने बताया कि उनका मकसद सिर्फ शिकायत दर्ज कराना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि समस्याओं पर जल्द कार्रवाई हो। कई शिकायतों में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ लापरवाही और मनमानी के आरोप लगाए गए। भाजपा सूत्रों के अनुसार, शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई मामलों को संबंधित विभागों तक प्राथमिकता के आधार पर भेजा गया है ताकि त्वरित समाधान किया जा सके। शिक्षा, जमीन और भ्रष्टाचार प्रमुख मुद्दे भाजपा नेता सच्चिदानंद उपासने ने बताया कि जनसहयोग केंद्र सीएम के निर्देश पर शुरू किया गया है। अब तक प्राप्त शिकायतों में शिक्षा, जमीन विवाद, और भ्रष्टाचार से संबंधित मामले सबसे अधिक हैं। कुछ समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया गया, जबकि गंभीर मामलों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रियों की जिम्मेदारी तय सहयोग केंद्र में प्रतिदिन एक मंत्री की ड्यूटी लगाई गई है— शिकायतों का पंजीयन दोपहर 1 से 2 बजे तक किया जाता है, जिसके बाद सुनवाई और समाधान प्रक्रिया शुरू होती है।

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भाजपा का कांग्रेस पर हमला: कहा— ‘कांग्रेस अब अपराधियों की शरणस्थली बन गई’

छत्तीसगढ़ में बढ़ते अपराधों को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर सीधा निशाना साधा है। जांजगीर-चांपा के श्याम सुपर मार्केट डकैती कांड में एनएसयूआई नगर अध्यक्ष जितेंद्र दिनकर की गिरफ्तारी के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने कहा कि कांग्रेस का हाथ अब जनता के साथ नहीं, बल्कि अपराधियों के साथ है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं की तुलना “चड्‌डी-बनियान गिरोह” से करते हुए कहा कि कांग्रेस अपराध को बढ़ावा देकर प्रदेश में अपराधियों का राजनीतिकरण और राजनीति का अपराधीकरण कर रही है। कांग्रेस सेवा और सुरक्षा के रास्ते से भटकी: भाजपा डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि जिस घर से हथियार बरामद हुए हैं, वह कांग्रेस विधायक से जुड़ा हुआ है, जो इस बात का सबूत है कि कांग्रेस जनता की सेवा और सुरक्षा के रास्ते से भटक चुकी है। उनका कहना है कि बलौदाबाजार हिंसा से लेकर जांजगीर डकैती तक कांग्रेस नेताओं का आपराधिक चेहरा सामने आता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला विधायक के अवैध रेत खनन से जुड़ी रंगदारी वसूली का ऑडियो और किसानों के पैसे के फर्जी ट्रांसफर जैसे मामले दिखाते हैं कि कांग्रेस नेताओं की अपराधों में गहरी संलिप्तता है। कांग्रेस राज में बढ़ा अपराध भाजपा नेता ने कहा कि एनसीआरबी की रिपोर्ट यह साबित करती है कि कांग्रेस शासनकाल में अपराधों में भारी बढ़ोतरी हुई है। कांग्रेस या तो अपराधियों को संरक्षण देती है या खुद अपराध में शामिल रहती है। डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि कांग्रेस अपराधियों को बचाकर जनता में डर फैलाने की राजनीति कर रही है, फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाकर खुद को निर्दोष दिखाती है। उन्होंने इसे कांग्रेस का “दोहरा चरित्र” बताया, जो प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। इस मौके पर भाजपा प्रवक्ता डॉ. किरण बघेल भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहीं।

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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ACB-EOW ने कांग्रेस को नोटिस जारी, गैदू बोले-9 घंटे बैठाकर पूछताछ की गई

छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला मामले में एसीबी-ईओडब्ल्यू (EOW) ने कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू को नोटिस जारी किया है। नोटिस में पार्टी कार्यालय के अकाउंटेंट देवेंद्र डड़सेना से संबंधित पूरी जानकारी मांगी गई है। बताया जा रहा है कि देवेंद्र कोषाध्यक्ष राम गोपाल के करीबी थे। ACB-EOW ने पूछी अहम जानकारीनोटिस में एजेंसी ने पूछा कि देवेंद्र डड़सेना पार्टी कार्यालय में किस जिम्मेदारी में थे, उनकी नियुक्ति किसने की और उन्हें कितना वेतन मिलता था। इसके साथ ही उनके कार्यकाल और गतिविधियों का पूरा विवरण देने को कहा गया। इस पर गैदू ने कहा कि यह पहली बार है जब किसी राजनीतिक दल को जांच एजेंसी द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले ED को तीन बार लिखित जवाब दे चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें 9-9 घंटे तक कार्यालय में बैठाकर पूछताछ की गई। गैदू ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की जा रही है। ED की पूछताछ और दस्तावेजगैदू ने बताया कि ED ने उनसे सुकमा कांग्रेस भवन से जुड़ी जानकारी मांगी थी। एजेंसी ने पूछा कि भवन निर्माण के लिए कितना फंड दिया गया और निर्माण प्रक्रिया कैसी रही। इसके लिए पूरी फाइल और दस्तावेज लिखित रूप में ED को सौंप दिए गए थे। शराब घोटाले की पृष्ठभूमि28 दिसंबर 2024 को ED ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और उनके बेटे हरीश लखमा के घर पर छापेमारी की थी। साथ ही लखमा के करीबी सुशील ओझा और नगर पालिका अध्यक्ष राजू साहू के घर पर भी दबिश दी गई। जांच में पता चला कि शराब घोटाले की कमाई से सुकमा में कांग्रेस भवन का निर्माण हुआ। ED ने इस मामले में कई अहम दस्तावेज जब्त किए। संपत्ति अटैचमेंट का मतलबED ने दावा किया कि शराब घोटाले में भ्रष्टाचार से अर्जित पैसा कवासी लखमा को मिला था। इसके बाद सुकमा में कांग्रेस भवन और रायपुर में लखमा के बंगले को अटैच किया गया। अटैचमेंट का मतलब है कि संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया जाता है, लेकिन इसका इस्तेमाल किया जा सकता है, हालांकि इसे बेचना या ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। शराब घोटाले का तरीका और राशिED के अनुसार, शराब घोटाले में 2,000 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि शामिल है। तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के MD AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए यह घोटाला किया गया। कवासी लखमा इस सिंडिकेट के अहम सदस्य थे और जेल में बंद हैं। ED के अनुसार, लखमा ने शराब नीति में बदलाव कर FL-10 लाइसेंस की शुरुआत कराई। सिंडिकेट ने तीन तरह से अवैध धन अर्जित किया: A: डिस्टलरी संचालकों से कमीशनB: नकली होलोग्राम वाली शराब को सरकारी दुकानों से बेचनाC: डिस्टलरीज की सप्लाई जोन को बदलकर अवैध वसूली इस प्रक्रिया के तहत सिंडिकेट ने तीन वित्तीय वर्षों में 52 करोड़ रुपए तक की रकम अर्जित की।

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छत्तीसगढ़: दिव्यांगों के नाम पर 1000 करोड़ का कथित घोटाला – हाईकोर्ट ने CBI जांच के दिए आदेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दिव्यांगों के कल्याण के नाम पर चलाए गए स्टेट रिसोर्स सेंटर (SRC) और फिजिकल रेफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर (PRRC) में कथित 1000 करोड़ रुपये के घोटाले की सीबीआई से जांच कराने के आदेश दिए हैं। जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की खंडपीठ ने इसे महज प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि संगठित और बड़े पैमाने पर हुआ भ्रष्टाचार बताया। कोर्ट ने कहा कि सरकारी फंड को फर्जी कर्मचारियों और मशीनों के नाम पर निकालकर दुरुपयोग किया गया। कोर्ट की सख्त टिप्पणी बेंच ने स्पष्ट किया कि इतनी बड़ी वित्तीय गड़बड़ी को प्रशासनिक त्रुटि बताना न्यायसंगत नहीं। राज्य सरकार अपने उच्चाधिकारियों को बचाने की कोशिश कर रही है और अब तक की जांच अधूरी और असंगत है। इसलिए सीबीआई को दस्तावेज जब्त कर स्वतंत्र रूप से जांच पूरी करनी होगी। शुरुआत कैसे हुई साल 2004 में SRC की स्थापना दिव्यांगों के पुनर्वास और प्रशिक्षण के लिए की गई थी। 2012 में PRRC खोला गया, जो कृत्रिम अंग और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए था। लेकिन आरटीआई के जरिए सामने आया कि ये संस्थान केवल कागजों में सक्रिय थे और कर्मचारियों की नियुक्ति बिना किए ही वेतन और खरीद के नाम पर करोड़ों रुपये निकाले गए। याचिकाकर्ता कुंदन सिंह ठाकुर ने जनहित याचिका में दावा किया कि उनके नाम पर भी फर्जी रिकॉर्ड बनाकर वेतन निकाला गया, जबकि उन्होंने कभी वहां काम ही नहीं किया। जानकारी मांगने पर उन्हें धमकियां भी दी गईं। ऑडिट और जांच में उजागर अनियमितताएं वित्त विभाग की जांच में 31 अनियमितताएं पाई गईं। SRC का 14 साल तक ऑडिट नहीं हुआ था। फर्जी कर्मचारियों के नाम पर वेतन उठाया गया, उपकरण खरीद के नाम पर कैश भुगतान हुआ, जबकि कृत्रिम अंग और मशीनें खरीदी ही नहीं गईं। 2019 में प्रबंधन समिति ने SRC को भंग कर खाते बंद कर दिए। किस पर लग रहे आरोप याचिका में पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री रेणुका सिंह के साथ सात रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों (विवेक ढांड, एमके राउत, आलोक शुक्ला, सुनील कुजूर, बीएल अग्रवाल, सतीश पांडे, पीपी श्रोती) के नाम भी शामिल हैं। हालांकि हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री के खिलाफ कोई आदेश नहीं दिया क्योंकि याचिका में उनके खिलाफ स्पष्ट मांग नहीं थी। कांग्रेस का बयान कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने कहा कि रमन सिंह के 15 साल के शासन में हुए भ्रष्टाचार का यह बड़ा उदाहरण है। दिव्यांगजनों के लिए आवंटित 1000 करोड़ रुपये में किस तरह घोटाला हुआ, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

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सचिन पायलट का भाजपा पर वार: “फर्जी वोटर्स जोड़कर चुनाव जीतती है भाजपा” कांग्रेस के “वोट चोर गद्दी छोड़” अभियान के तहत राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने शुक्रवार को दुर्ग में भाजपा पर कड़ा हमला बोला। सभा स्थल पर पहुंचने से पहले सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज बाइक रैली में शामिल हुए।पाटन और दुर्ग के करीब 300 युवाओं ने रैली में भाग लिया। सभा में आरोप गांधी चौक पर आयोजित सभा में सचिन पायलट ने कहा कि राहुल गांधी ने खुलासा किया है कि भाजपा हर चुनाव में फर्जी मतदाताओं को जोड़कर और मत प्रतिशत बढ़ाकर जीत हासिल करती है। यह सिर्फ वोट की चोरी नहीं बल्कि लोकतंत्र में आम आदमी के वोटिंग अधिकार का हनन है।उन्होंने बताया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरे देश में हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है, जिससे आने वाले चुनावों में भाजपा को सत्ता से हटाया जाएगा। भूपेश बघेल और दीपक बैज के बयान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि “हमने लोहा चोर देखा, अनाज चोर देखा, लेकिन पहली बार वोट चोरी करने वाली पार्टी देखी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वाले दावा करते हैं कि उन्हें 50 साल तक कोई नहीं हरा सकता, क्योंकि वे फर्जी मतदाताओं के सहारे चुनाव जीतते हैं।प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा “साम, दाम, दंड, भेद” अपनाकर सत्ता हासिल करती है। महंगाई और बिजली दरें बढ़ाकर यह सरकार सिर्फ उद्योगपतियों का भला कर रही है। किसानों और आमजन की समस्याएं पूर्व कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने आरोप लगाया कि किसानों को खाद और यूरिया नहीं मिल रही, 266 रुपए की खाद 1,000 रुपए में बेची जा रही है और हाफ बिजली बिल योजना भी बंद कर दी गई है।पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि भाजपा अपने पन्ना प्रभारियों को फर्जी मतदाता जोड़ने और नकली मतदान कराने की ट्रेनिंग देती है, और बूथ स्तर से ही वोट चोरी शुरू होती है। हस्ताक्षर अभियान और आगे की योजना सचिन पायलट ने घोषणा की कि गांव-गांव में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा और हस्ताक्षरयुक्त दस्तावेज चुनाव आयोग को सौंपे जाएंगे ताकि कार्रवाई हो सके।दुर्ग पहुंचने से पहले पायलट ने सतनाम भवन में मिनी माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, गुरुद्वारे में मत्था टेका और यादव व बोहरा समाज के स्वागत पंडालों में भी गए। सभा के दौरान नमाज शुरू होने पर पायलट ने करीब डेढ़ मिनट तक अपना भाषण रोककर धार्मिक मर्यादा का सम्मान भी किया।

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शादी का झांसा देकर यौन शोषण की कोशिश का आरोप, BJYM अध्यक्ष बोले- बेबुनियाद

छत्तीसगढ़ भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश अध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा पर एक युवती ने गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का कहना है कि राहुल टिकरिहा ने पहले उससे नजदीकियां बढ़ाईं, हग-स्मूच किया, जबरन छूने की कोशिश की और फिर सेक्स करने की कोशिश की। पीड़िता का आरोप युवती ने मीडिया के सामने बयान देते हुए कहा कि उसका राहुल टिकरिहा से अफेयर था। वह बताती है कि जब वह कक्षा 10वीं में थी, तब पहली बार राहुल से उसका संपर्क हुआ। शुरुआत में वह मोहल्ले की समस्या (लाउडस्पीकर) को लेकर मिली थी। इसके बाद राहुल ने उसे मैसेज भेजना शुरू कर दिया और रात-रात भर परेशान करता था। पीड़िता के मुताबिक, 5 अप्रैल की रात 12 बजे वह राहुल से मिलने गई थी। खेत के पास राहुल उसे अपने साथ ले गया और रात 1 बजे उसने सेक्स करने की कोशिश की। युवती ने कहा कि उस दौरान उसका पीरियड चल रहा था और गर्भवती होने के डर से उसने मना कर दिया। इसके बाद राहुल ने उसे छोड़ दिया, लेकिन बात करते रहने की बात कही। युवती का यह भी आरोप है कि राहुल ने शादी का भरोसा दिलाया था, लेकिन बाद में मुकर गए। इस विवाद के बाद उसका परिवार भी उससे दूरी बनाने लगा है। अब युवती चाहती है कि राहुल उससे शादी करें ताकि उसकी इज्जत और जिंदगी सुरक्षित रहे। पुराने विवाद भी जुड़े कुछ दिन पहले ही राहुल टिकरिहा पर उनके कथित चाचा रविकांत टिकरिहा ने अपनी पत्नी से अवैध संबंध रखने का आरोप लगाया था। तब उनका एक कथित ऑडियो भी वायरल हुआ था। इस नए मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। राहुल टिकरिहा का पक्ष इन आरोपों पर राहुल टिकरिहा ने कहा कि यह सब बेबुनियाद है। उनका कहना है कि कांग्रेस उन्हें बदनाम करने के लिए ऐसा करवा रही है। उन्होंने रायपुर के सिविल लाइन थाना में शिकायत दर्ज कराई है और कानूनी कार्रवाई की बात कही है।

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मेटल पार्क रोड बना हादसों का गढ़, स्ट्रीट लाइट बंद होने से बढ़ रहा खतरा

रायपुर। राजधानी रायपुर का मेटल पार्क इलाका, जो बिलासपुर हाइवे को उरला औद्योगिक क्षेत्र से जोड़ता है, बदहाल सड़कों और अंधेरे के कारण हादसों का केंद्र बन चुका है। यह क्षेत्र रावाभाठा थाना क्षेत्र में आता है। सड़क की हालत इतनी खराब है कि गड्ढों और मुरुम की काली धूल के कारण दोपहिया वाहन चालक अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई सालों से यहां स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी हैं। अंधेरा इतना गहरा रहता है कि सड़क किसी जंगल जैसी प्रतीत होती है। घनी आबादी वाले इस क्षेत्र के लोग रात 8 बजे के बाद घर से निकलने से डरते हैं। भारी वाहन और ट्रक लगातार गुजरते रहते हैं, जिनके बीच छोटी गाड़ियों को चलाना मुश्किल हो जाता है। राहगीरों का आरोप है कि रात के समय अंधेरे की वजह से कई बार सड़क हादसे हो चुके हैं और लोगों की जान तक जा चुकी है। लेकिन इसके बावजूद क्षेत्रीय विधायक मोतीलाल साहू और प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। लोगों का कहना है

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Birgaon: Acholi दर्री तालाब की बदहाली से नाराज ग्रामीण, नगर निगम और जनप्रतिनिधियों पर जताया आक्रोश

रायपुर |बिरगांव नगर निगम क्षेत्र के अछोली गांव में स्थित दर्री तालाब की हालत बेहद चिंताजनक हो गई है। तालाब चारों ओर से गंदगी से घिरा है, और उसका पानी हरा पड़ चुका है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि नगर निगम और जनप्रतिनिधि तालाब की हालत सुधारने को लेकर पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं। विधायक और पार्षद के आश्वासन रह गए अधूरे ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय विधायक मोतीलाल साहू ने छह महीने पहले तालाब की सफाई कराने का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। वहीं, नगर निगम पार्षद राजवती निषाद पर भी लोगों ने लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। नालियों का पानी और गंदगी पहुंच रही तालाब में तालाब अछोली गांव के लोगों के लिए स्नान और दैनिक उपयोग का प्रमुख स्रोत है। लेकिन इसमें अब आसपास के घरों का गंदा पानी, नालियों की गंदगी और कचरा जाकर मिल रहा है। इससे न केवल तालाब की सुंदरता नष्ट हो रही है, बल्कि संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। अधूरी पड़ी लाइटिंग व्यवस्था तालाब के किनारों पर स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना छह महीने पहले बनाई गई थी। खंभे लाने की तैयारी भी की गई थी, लेकिन अब तक न तो पोल लगाए गए और न ही लाइटें लगाई गईं। इसके चलते रात में अंधेरा छाया रहता है, जिससे स्थानीय लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। बुनियादी सुविधाओं का टोटा ग्रामीणों ने बताया कि भले ही अछोली गांव बिरगांव नगर निगम क्षेत्र में आता है, लेकिन यहां की स्थिति किसी उपेक्षित गांव से कम नहीं है। साफ-सफाई, जल निकासी और प्रकाश जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नदारद हैं। ग्रामीणों की मांग गांववासियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। वे चाहते हैं कि: ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन की राह भी अपना सकते हैं।

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