Health

रायपुर ILS अस्पताल में चौथे फ्लोर की छत गिरने से मरीज घायल

रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर स्थित ILS हॉस्पिटल में शुक्रवार रात चौथे फ्लोर की छत अचानक गिर गई। इस हादसे में 4 से अधिक मरीज घायल हो गए। घटना के दौरान वार्ड में इलाज चल रहा था और अचानक मलबा गिरते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। स्टाफ ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया। गंभीर रूप से घायल मरीजों का इलाज अन्य सुरक्षित वार्ड में जारी है। पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। प्रारंभिक जांच में छत गिरने का कारण निर्माण दोष या भवन की पुरानी संरचना की कमजोरी बताया जा रहा है। विस्तृत जांच के बाद ही असली कारण सामने आएगा। इस बीच, मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल की मेंटेनेंस और भवन गुणवत्ता को लेकर नाराजगी जताई है। विभागीय अधिकारी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दे चुके हैं।

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रायपुर नशामुक्ति केंद्र में युवक से बर्बर मारपीट: पाइप से पीटा, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

Raipur के पंडरी मोवा इलाके में स्थित एक नशामुक्ति केंद्र से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। ‘साहस नशा मुक्ति केंद्र’ में एक आदिवासी युवक के साथ कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट की गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, ओडिशा के उमरकोट निवासी अंकुर मांझी को उसके परिजनों ने नशे की लत छुड़ाने के लिए साल 2025 में इस केंद्र में भर्ती कराया था। आरोप है कि इसी दौरान केंद्र संचालिका के बेटे अनिकेश शर्मा ने युवक को पाइप से पीटा और उसके साथ गाली-गलौज की। मारपीट इतनी गंभीर थी कि युवक की पीठ और गर्दन पर गहरे जख्म हो गए और चमड़ी तक उधड़ गई। घटना के बाद उसकी मानसिक स्थिति भी बिगड़ गई। फिलहाल उसका इलाज Visakhapatnam के एक अस्पताल में जारी है। परिजनों का कहना है कि जब उनका बेटा केंद्र में था, तब उन्हें उससे मिलने नहीं दिया जाता था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वहां जातिसूचक टिप्पणियां की जाती थीं और इलाज के नाम पर प्रताड़ना दी जाती थी। पीड़ित के घर लौटने के बाद जब उसकी हालत सामने आई, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी अनिकेश शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और नशामुक्ति केंद्र से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इस मामले में पंडरी थाना प्रभारी Swaraj Tripathi ने बताया कि आरोपी खुद भी नशे की लत से जूझ रहा है और फिलहाल टाटीबंध स्थित एक नशामुक्ति केंद्र में उसका इलाज चल रहा है। उसकी मेडिकल रिपोर्ट मंगाई गई है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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तखतपुर में बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ा: सड़क किनारे फेंकी मिलीं मृत मुर्गियां, संक्रमण की आशंका

बिलासपुर के बाद अब तखतपुर क्षेत्र में भी बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ने लगा है। रविवार सुबह तखतपुर-नगोई बाईपास रोड पर बड़ी संख्या में मृत मुर्गियों से भरी बोरियां पाई गईं, जिन्हें खुले में छोड़ दिया गया था। इससे आसपास दुर्गंध फैल रही है और संक्रमण का जोखिम भी बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि मुख्य सड़क से कुछ दूरी पर इन मुर्गियों को लावारिस हालत में फेंका गया था। सुबह टहलने निकले लोगों ने जब यह देखा तो हैरान रह गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, आवारा कुत्ते इन मृत मुर्गियों को नोचकर खा रहे हैं और उन्हें सड़कों तक घसीट रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ये मुर्गियां बर्ड फ्लू से संक्रमित हैं, तो कुत्तों और अन्य पक्षियों के जरिए वायरस तेजी से आसपास के रिहायशी इलाकों में फैल सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। इस घटना का असर स्थानीय पोल्ट्री व्यवसाय पर भी पड़ रहा है। तखतपुर और आसपास के क्षेत्रों में कई बड़े मुर्गी फार्म संचालित हैं। आमतौर पर नवरात्रि के बाद चिकन की मांग बढ़ती है, लेकिन इस समय बर्ड फ्लू की आशंका से कारोबार प्रभावित हो सकता है। मृत मुर्गियों को खुले में फेंके जाने की इस घटना से मांस उपभोक्ताओं के बीच भी भय का माहौल बन गया है।

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बिलासपुर में बर्ड फ्लू का खतरा: 22,808 पक्षी और 25,896 अंडे नष्ट

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लुएंजा) का खतरा बढ़ गया है। कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में वायरस की पुष्टि होने के बाद बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई। यहां 5 हजार से अधिक मुर्गियों की मौत के बाद कुल 22,808 पक्षियों और 25,896 अंडों को नष्ट कर दिया गया। 17 मार्च से हो रही थी मौतें, सप्लाई जारी रही जानकारी के मुताबिक, 17 मार्च से पहले ही फार्म में मुर्गे-मुर्गियों की मौत शुरू हो गई थी। इसके बावजूद पूरे संभाग में मुर्गे, मुर्गियां और चूजों की सप्लाई लगातार जारी रही। जब बड़ी संख्या में मौतें हुईं, तब करीब 6 दिन बाद सैंपल जांच के लिए भेजे गए। रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। जू बंद, डोर-टू-डोर सर्वे शुरू संक्रमण रोकने के लिए एहतियातन कानन पेंडारी जूलॉजिकल पार्क को 7 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की 14 सदस्यीय टीमें देवनंदन नगर क्षेत्र में घर-घर सर्वे कर रही हैं। प्रशासन का दावा है कि संक्रमण नियंत्रण में है और सभी जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं। खुले में फेंके गए मरे पक्षियों से बढ़ी चिंता मामले के बाद अलग-अलग इलाकों में मरे हुए पक्षियों को खुले में फेंके जाने की खबरें भी सामने आई हैं। खमतराई क्षेत्र की ड्रीम सिटी कॉलोनी के पास बोरियों में भरी मृत मुर्गियों को नाली में फेंकने का आरोप है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षित दफनाने के दावे के बावजूद लापरवाही बरती गई, जिससे बदबू और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। दो दिन में बड़े पैमाने पर नष्ट किए गए पक्षी संक्रमण फैलने से रोकने के लिए व्यापक कार्रवाई में हजारों पक्षियों को दफनाया या नष्ट किया गया। इनमें लगभग 5 हजार मुर्गियां, 5 हजार बटेर, 600 बतख, 17 हजार चूजे और 20 हजार अंडे शामिल हैं। इसके अलावा हैचरी की दवाइयों समेत करीब 13 लाख रुपए की सामग्री भी नष्ट की गई। मंगलवार और बुधवार तक कुल 22,808 पक्षी, 25,896 अंडे और 79 क्विंटल दाना नष्ट किया जा चुका है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

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बिलासपुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बीच लापरवाही, कॉलोनी के पास फेंके गए मरे मुर्गे; संक्रमण का खतरा बढ़ा

Bilaspur जिले में हजारों मुर्गियों की मौत के बाद बर्ड फ्लू की पुष्टि होने से हड़कंप मच गया है। इस बीच प्रशासनिक लापरवाही का मामला भी सामने आया है। Khamtarai क्षेत्र की ड्रीम सिटी कॉलोनी के पास 30–35 मरे हुए मुर्गे फेंके हुए मिले, जिससे आसपास के लोग बदबू और संभावित संक्रमण को लेकर परेशान हैं। प्रशासन ने दावा किया था कि मृत पक्षियों को सुरक्षित तरीके से दफनाया गया है, लेकिन कॉलोनी के पास बोरियों में बंद मुर्गियां मिलने से सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने तुरंत इन्हें हटाने और क्षेत्र को सैनिटाइज करने की मांग की है। सरकारी पोल्ट्री फार्म में हुई थी हजारों पक्षियों की मौत जानकारी के अनुसार, Koni स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में पिछले पांच दिनों के भीतर 5 हजार से अधिक मुर्गे-मुर्गियों की मौत हो गई थी। जांच के लिए भेजे गए नमूनों में संक्रमण की पुष्टि हुई, जिसके बाद पूरे फार्म को एहतियातन बंद कर दिया गया। संभावित खतरे को देखते हुए आसपास के जिलों, विशेषकर Raigarh में भी अलर्ट जारी किया गया है। सरकार संचालित है पोल्ट्री परिसर कोनी स्थित कुक्कुट पालन परिसर का संचालन सरकार द्वारा किया जाता है। यहां अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के किसानों को मुर्गी पालन के लिए चूजे उपलब्ध कराए जाते हैं। परिसर में लगभग 6 हजार से अधिक पक्षियों का पालन और प्रजनन किया जाता है। 18 मार्च से शुरू हुई मौतें बताया गया है कि 18 मार्च से पोल्ट्री शेड में पक्षियों की मौत शुरू हुई थी। शुरुआती दिनों में संख्या कम थी, लेकिन कुछ ही दिनों में यह तेजी से बढ़ गई और पांच दिनों में हजारों पक्षी मर गए। पहले इसे सामान्य बीमारी माना गया, लेकिन मौतें बढ़ने पर वरिष्ठ अधिकारियों और जिला प्रशासन को सूचना दी गई। संवेदनशील क्षेत्र घोषित, फिर भी लापरवाही घटना के बाद फार्म के आसपास 5 किलोमीटर के दायरे को संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया और हजारों अंडों सहित मृत पक्षियों को नष्ट किया गया। इसके बावजूद कॉलोनी के पास नाली में बोरियों में भरे मुर्गे मिलने से लोगों में डर का माहौल है। पहले भी सामने आ चुका है मामला फरवरी 2025 में भी Raigarh जिले के एक सरकारी पोल्ट्री फार्म में एच5एन1 बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। उस समय एहतियात के तौर पर हजारों मुर्गियां, चूजे और अंडे नष्ट किए गए थे तथा प्रभावित क्षेत्र में पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाई गई थी।

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छत्तीसगढ़ में बढ़ी गर्मी, राजनांदगांव में पारा 40 डिग्री पार, बस्तर में मौसम बदलने के संकेत

छत्तीसगढ़ में गर्मी ने तेजी पकड़ ली है और कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है। प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 3 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 40.5°C रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 14.5°C दर्ज हुआ। अगले 24 घंटे का अनुमान मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद प्रदेश में 3 से 5 डिग्री तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है। बस्तर में आंधी-बारिश का अलर्ट मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दो दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम करवट ले सकता है। खासकर बस्तर संभाग में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश, तेज हवा और बादल छाने की संभावना है। हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। पिछले 24 घंटे में मौसम रहा शुष्क प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बीते 24 घंटे के दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क रहा और कहीं भी उल्लेखनीय बारिश दर्ज नहीं की गई।

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बिलासपुर में LPG की जमाखोरी का भंडाफोड़, किचन केयर व किराना स्टोर से 126 सिलेंडर जब्त

बिलासपुर में गैस सिलेंडरों की कथित किल्लत के बीच कालाबाजारी और जमाखोरी का बड़ा मामला सामने आया है। जिला प्रशासन की टीम ने कोनी और सिरगिट्टी क्षेत्र में छापेमारी कर किचन केयर और किराना दुकानों से कुल 126 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए हैं। कार्रवाई के दौरान सिलेंडरों से गैस निकालने वाले उपकरण भी मिले, जिसके बाद संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम लगातार दूसरे दिन भी कार्रवाई करती रही। इससे पहले एक अन्य छापे में 72 सिलेंडर जब्त किए जा चुके थे। प्रशासन का कहना है कि जिले में गैस की कमी नहीं है, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण बुकिंग और वितरण प्रभावित होने से लोगों को परेशानी हो रही है। कोनी क्षेत्र में एक मकान से 55 खाली घरेलू सिलेंडर बरामद हुए। जांच में पता चला कि यह मकान सुनील सोनवानी का है, जिसे एक किचन केयर संचालक को किराए पर दिया गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार इस अवैध कारोबार में परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हो सकते हैं। वहीं सिरगिट्टी के बन्नाक चौक स्थित एक दुकान से खाली सिलेंडर और गैस निकालने के उपकरण मिले। टीम को वहां वजन मशीन और विशेष यंत्र भी मिला, जिसका उपयोग सिलेंडर से गैस निकालने में किया जाता है। देर शाम एक बंद दुकान में छापेमारी के दौरान 61 सिलेंडर और बरामद किए गए, जिनमें घरेलू, व्यावसायिक और छोटे सिलेंडर शामिल थे। यह दुकान एक प्राथमिक स्कूल के पास स्थित है, जिससे सुरक्षा को लेकर भी गंभीर खतरा बना हुआ था। सभी सिलेंडरों को जब्त कर संबंधित प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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छत्तीसगढ़ में कमर्शियल LPG की कमी से होटल कारोबार प्रभावित, घरेलू सिलेंडर की सप्लाई सामान्य

छत्तीसगढ़ में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सीमित कर दी गई है। इसका सबसे ज्यादा असर होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग व्यवसाय पर पड़ रहा है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम उपभोक्ताओं के लिए घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। राज्य में गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता की समीक्षा के लिए मंत्रालय स्थित महानदी भवन में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के सभी एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों में घरेलू गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है और नियमित रूप से सप्लाई जारी है। होटल और रेस्टोरेंट पर ज्यादा असर अधिकारियों के अनुसार फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडर मुख्य रूप से अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर होटल और अन्य संस्थानों को लगभग 15 प्रतिशत तक सीमित सप्लाई दी जा सकती है। कालाबाजारी रोकने के निर्देश राज्य सरकार ने अधिकारियों को गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी, दुरुपयोग और अवैध रिफिलिंग पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं। शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर गैस आपूर्ति से जुड़ी किसी भी समस्या या शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी किया गया है, जहां उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जिलों में प्रशासन की समीक्षा बैठकें राज्य के कई जिलों में भी गैस आपूर्ति को लेकर प्रशासन लगातार समीक्षा कर रहा है। होटल एसोसिएशन ने जारी की एडवाइजरी कमर्शियल गैस की कमी को देखते हुए छत्तीसगढ़ होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने अपने सदस्यों को एडवाइजरी जारी की है। इसमें पैनिक बायिंग से बचने, आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देने और वैकल्पिक ईंधन जैसे इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि घबराकर गैस सिलेंडर जमा न करें, क्योंकि घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।

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तिल्दा-नेवरा में शराब पीकर बाइक चलाने वाले युवक पर कार्रवाई, 10 हजार का चालान

तिल्दा-नेवरा में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस लगातार वाहन चेकिंग अभियान चला रही है। इसी दौरान शराब के नशे में बाइक चलाते पकड़े गए एक युवक पर पुलिस ने 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। यह कार्रवाई तिल्दा-नेवरा थाना प्रभारी निरीक्षक रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में की गई। पुलिस टीम शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की जांच कर रही थी। चेकिंग के दौरान एक युवक मोटरसाइकिल CG-04 CW-6204 से व्यस्त सड़क पर संदिग्ध तरीके से वाहन चलाते हुए नजर आया। पुलिस ने उसे रोककर जांच की तो पता चला कि वह शराब के नशे में वाहन चला रहा था। इसके बाद पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत उस पर 10 हजार रुपए का चालान किया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि शराब पीकर वाहन चलाने से बचें और यातायात नियमों का पालन करें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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राजधानी एक्सप्रेस की पेंट्रीकार में पक रहा था खाना, प्रतिबंध के बावजूद लापरवाही; IRCTC से मांगा गया जवाब

रेलवे बोर्ड द्वारा एक्सप्रेस ट्रेनों की पेंट्रीकार में खाना पकाने पर रोक के बावजूद बिलासपुर स्टेशन पर नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर खड़ी बिलासपुर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस की पेंट्रीकार में स्टाफ को भोजन बनाते पाया गया। खास बात यह रही कि मौके पर IRCTC से जुड़े अधिकारी भी मौजूद थे। सोमवार दोपहर करीब 1:15 बजे जब राजधानी एक्सप्रेस की रैक प्लेटफॉर्म पर लगी, तब कुछ मीडिया कर्मियों ने पेंट्रीकार का निरीक्षण किया। अंदर तीन हीटर पर बर्तन चढ़े थे, जिनमें दाल और चावल पक रहे थे। एक बर्तन में पानी उबल रहा था, जबकि उबले हुए आलू, कटे हुए बैंगन और कच्ची सब्जियां भी रखी थीं। पैकेट में बंद रोटियां और अन्य सामग्री भी पाई गई। इस दौरान सीसीआई मनोज साहा और स्टेशन मास्टर ओझा मौके पर पहुंचे और जांच की। पूछताछ में पेंट्रीकार स्टाफ ने बताया कि भोजन स्टाफ के लिए तैयार किया जा रहा था। पेंट्रीकार के मैनेजर ने खुद को IRCTC दिल्ली से जुड़ा अधिकारी बताया, जो ट्रेन के साथ यात्रा करता है। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में कुछ ट्रेनों की पेंट्रीकार में गैस सिलेंडर से आग लगने की घटनाओं के बाद रेलवे बोर्ड ने सख्ती बरतते हुए एक्सप्रेस ट्रेनों में खाना पकाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। नियम के अनुसार भोजन बेस किचन से तैयार होकर ही ट्रेन में लोड किया जाना चाहिए। इस मामले में रेलवे प्रशासन ने IRCTC के क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही घटना की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। राजधानी एक्सप्रेस में सामने आए मामले की भी अलग से जांच की जा रही है।

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