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अमित शाह ने रायपुर में डायल-112 के 400 नए वाहनों को किया रवाना, अब क्राइम, मेडिकल और फायर इमरजेंसी के लिए एक ही नंबर

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर के माना स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में डायल-112 सेवा के तहत 400 नए हाईटेक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस नई व्यवस्था के जरिए अब अपराध, मेडिकल इमरजेंसी और आगजनी जैसी घटनाओं के लिए लोगों को केवल एक ही नंबर पर सहायता मिलेगी। कार्यक्रम के बाद अमित शाह बस्तर के जगदलपुर रवाना हो गए। वहां पहुंचकर वे सबसे पहले अमर वाटिका में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद वे वीर शहीद गुंडाधुर के गांव नेतानार जाकर जन सुविधा केंद्र का उद्घाटन करेंगे। डायल-112 सेवा को ‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम के साथ शुरू किया गया है। इस सिस्टम में पुलिस, फायर ब्रिगेड और मेडिकल सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। सेवा के लिए शामिल किए गए वाहनों में GPS, डैश कैमरा, PTZ कैमरा, वायरलेस रेडियो और सोलर बैकअप जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। इससे घटनास्थल की लाइव मॉनिटरिंग और तेजी से रिस्पॉन्स संभव हो सकेगा। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि अब तक यह सेवा केवल 16 जिलों तक सीमित थी, लेकिन अब इसे पूरे छत्तीसगढ़ में लागू किया जाएगा। राज्य के सभी थानों को डायल-112 नेटवर्क से जोड़ा जाएगा ताकि आपात स्थिति में लोगों को तेजी से सहायता मिल सके। राज्य सरकार अपराध जांच व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी 33 जिलों में आधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट्स भी शुरू करने जा रही है। इन वाहनों में वैज्ञानिक जांच से जुड़े अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिनकी मदद से घटनास्थल पर ही शुरुआती जांच की जा सकेगी। नेतानार में कार्यक्रम के बाद अमित शाह जगदलपुर लौटेंगे और अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के साथ विकास कार्यों, सुरक्षा अभियानों और जनकल्याण योजनाओं की समीक्षा करेंगे। बादल अकादमी में आयोजित बैठकों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। शाम को वे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे और ‘बस्तर के संग’ नामक लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम में बस्तर की पारंपरिक कला और संस्कृति की प्रस्तुति दी जाएगी। 19 मई को जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित होगी, जिसकी अध्यक्षता अमित शाह करेंगे। बैठक में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। इसमें अंतरराज्यीय समन्वय, क्षेत्रीय विकास, सुरक्षा व्यवस्था और नक्सल प्रभावित इलाकों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर में सुरक्षा कैंपों को अब जन सुविधा केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा और इसकी शुरुआत नेतानार से हो रही है। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने इस दौरे और बैठक को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध है, तब इतनी बड़ी बैठक वर्चुअल तरीके से भी आयोजित की जा सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस आयोजन में अनावश्यक रूप से करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। बैठक के बाद अमित शाह प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसमें सुरक्षा, विकास और परिषद की बैठक से जुड़े अहम फैसलों की जानकारी साझा किए जाने की संभावना है। इसके बाद वे विशेष विमान से दिल्ली रवाना होंगे।

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खैरागढ़ में जनपद सभापति पर गंभीर आरोप, अग्रिम जमानत याचिका खारिज, गिरफ्तारी की संभावना

Khairagarh जिले की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब भाजपा से जुड़े जनपद सभापति सुधीर गोलछा पर एक महिला अधिकारी ने गंभीर आरोप लगाए। मामला सामने आने के बाद FIR दर्ज की गई है और आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है। महिला अधिकारी का आरोप है कि आरोपी लंबे समय से उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रहा था, अश्लील बातें करता था और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालता था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि विरोध करने पर धमकियां दी जाती थीं। पीड़िता के अनुसार, आरोपी अक्सर ऑफिस में पहुंचकर अकेले में बात करने का दबाव बनाता था और प्रशासनिक कार्यों के बहाने कर्मचारियों को बाहर भेजने की कोशिश करता था। आरोप है कि वह निजी जीवन को लेकर अभद्र टिप्पणियां करता था और फोन पर भी लगातार संपर्क कर आपत्तिजनक बातें करता था। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि आरोपी ने धमकी भरे लहजे में पूर्व अधिकारी का उदाहरण देते हुए डराने की कोशिश की, जिससे पीड़िता मानसिक तनाव में आ गई। लंबे समय तक चुप रहने के बाद महिला अधिकारी ने छुईखदान थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। FIR दर्ज होने के बाद आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गया। इस बीच आरोपी द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है, जिसके बाद उसकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पुलिस अब उसकी तलाश में जुटी हुई है और जल्द गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। यह मामला खैरागढ़ जिले में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

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जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की जरूरत : राज्यपाल रमेन डेका

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल Ramen Deka ने कहा है कि जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि वर्षा जल को सही तरीके से संरक्षित किया जाए, तो वर्तमान के साथ आने वाली पीढ़ियों को भी भूजल संकट से बचाया जा सकता है। राज्यपाल ने कबीरधाम जिले में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक स्तर पर काम करने के निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री Vijay Sharma और पंडरिया विधायक Bhavana Bohra भी मौजूद रहीं। राज्यपाल ने कहा कि वर्षा जल प्रकृति का मुफ्त संसाधन है, जिसे सहेजकर भूजल स्तर बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने सभी पक्के भवनों और प्रधानमंत्री आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर जोर दिया। साथ ही खेतों में डबरी निर्माण और किसानों को वर्षा जल संरक्षण के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही। पर्यावरण संरक्षण को लेकर राज्यपाल ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पौधारोपण के साथ उनका संरक्षण भी जरूरी है, ताकि जिले का फॉरेस्ट कवर बढ़ाया जा सके। शहरी क्षेत्रों में भी हरियाली बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। राज्यपाल डेका ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उन्होंने किसानों को प्रशिक्षण देने, जैविक खेती को बढ़ावा देने और हाइड्रोपोनिक्स तथा ड्रिप इरिगेशन जैसी आधुनिक पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता बताई। पीएम जनमन योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक और आर्थिक विकास पर फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवास, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं को समय पर उपलब्ध कराने की बात कही। स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान राज्यपाल ने टीबी मरीजों के इलाज, पोषण आहार और गंभीर मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर करने पर जोर दिया। महिलाओं में स्तन कैंसर को लेकर जागरूकता बढ़ाने और नियमित स्क्रीनिंग कैंप आयोजित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग और All India Institute of Medical Sciences के बीच हुए एमओयू के तहत मोतियाबिंद मरीजों का मुफ्त इलाज किया जा रहा है। बैठक में राज्यपाल ने रेड क्रॉस सदस्यता अभियान को बढ़ाने और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए अधिक लोगों को जोड़ने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि हर जिले और विकासखंड की अपनी अलग पहचान होनी चाहिए, जो योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव से स्थापित हो सकती है।

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बेमेतरा SDM कार्यालय में बड़ा हादसा टला, चैंबर की फॉल सीलिंग गिरी

बेमेतरा जिले में गुरुवार देर शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एसडीएम प्रकाश भारद्वाज के कार्यालय की फॉल सीलिंग अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। घटना के बाद दफ्तर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय चैंबर के भीतर कोई मौजूद नहीं था। कर्मचारियों के अनुसार, जब वे वापस कार्यालय पहुंचे तो उन्होंने एसडीएम चैंबर की पूरी फॉल सीलिंग जमीन पर गिरी हुई देखी। यदि उस समय कोई कर्मचारी या अधिकारी अंदर मौजूद होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। बताया जा रहा है कि कार्यालय में हाल ही में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा मरम्मत और रिनोवेशन का कार्य कराया गया था। घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और संबंधित एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। फिलहाल अधिकारियों से मामले को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।

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10 साल से खांसी में खून आने से परेशान युवक की मेकाहारा में सफल सर्जरी, फेफड़े का संक्रमित हिस्सा निकालकर बचाई जान

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur स्थित Dr. Bhimrao Ambedkar Memorial Hospital में डॉक्टरों ने एक 25 वर्षीय युवक की जटिल सर्जरी कर उसकी जान बचाई। युवक पिछले करीब 10 वर्षों से खांसी के साथ खून आने की गंभीर समस्या से जूझ रहा था। हाल के दिनों में उसकी स्थिति और बिगड़ गई थी। हर बार खांसने पर अधिक मात्रा में खून निकलने लगा था, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि युवक के दाएं फेफड़े के निचले हिस्से में गंभीर संक्रमण फैल चुका है और वहां कैविटी बन गई है। अस्पताल के हार्ट, चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी विभाग के विशेषज्ञ Dr. Krishnakant Sahu ने बताया कि मरीज के फेफड़े में “एस्परजिलोमा” नाम का फंगल इंफेक्शन पाया गया। यह संक्रमण अक्सर पुराने टीबी मरीजों के फेफड़ों में विकसित हो जाता है और समय के साथ खून आने जैसी गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। डॉक्टरों के अनुसार खांसी के साथ खून आने की स्थिति को मेडिकल भाषा में “हीमोप्टाइसिस” कहा जाता है। यह कई गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है, जिनमें टीबी, फेफड़ों का संक्रमण और कैंसर जैसी बीमारियां शामिल हैं। मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने “लोबेक्टॉमी” सर्जरी करने का फैसला लिया। इस प्रक्रिया में फेफड़े के संक्रमित और खराब हिस्से को निकाल दिया जाता है ताकि संक्रमण शरीर के बाकी हिस्सों में न फैले और स्वस्थ फेफड़ा सुरक्षित रह सके। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने आधुनिक “लंग स्टेपलर” तकनीक का इस्तेमाल किया। यह तकनीक सर्जरी के बाद खून और हवा के रिसाव को कम करने में मदद करती है और मरीज की रिकवरी तेज होती है। सफल सर्जरी के बाद युवक की हालत में तेजी से सुधार हुआ और कुछ दिनों बाद उसे स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक पूरा इलाज आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क किया गया। Dr. Vivek Choudhary ने बताया कि समय पर इलाज और सर्जरी से मरीज को नई जिंदगी मिल सकी। वहीं Dr. Santosh Sonkar ने कहा कि अस्पताल जरूरतमंद मरीजों को आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रहा है।

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रायपुर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन बंद, भुगतान विवाद के बीच रामकी कंपनी ने रोका काम

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। शहर के कई इलाकों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन बंद होने से लोग परेशान नजर आए। सुबह से कई मोहल्लों में लोग घरों के बाहर कचरे के डस्टबिन लेकर गाड़ियों का इंतजार करते रहे, लेकिन कचरा उठाने वाली गाड़ियां नहीं पहुंचीं। जानकारी के मुताबिक, शहर की सफाई व्यवस्था संभाल रही DSW Ramky ने काम अस्थायी रूप से रोक दिया है। कंपनी का आरोप है कि Raipur Municipal Corporation की ओर से मार्च 2025 से अब तक करीब 78 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया गया है। कंपनी का कहना है कि लगातार बढ़ते खर्च और अधूरे भुगतान के कारण संचालन करना मुश्किल हो गया है। इधर, कंपनी के ड्राइवर भी वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वेतन वृद्धि की मांग की जा रही थी, लेकिन इस पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया। इसी वजह से काम बंद करने का निर्णय लिया गया। रायपुर और नवा रायपुर क्षेत्र से हर दिन लगभग 750 टन कचरा निकलता है, जिसे संकरी स्थित प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंचाया जाता है। इस पूरी व्यवस्था में सैकड़ों वाहन और बड़ी संख्या में कर्मचारी लगे हुए हैं। कंपनी के अनुसार फिलहाल 269 वाहन और करीब 800 कर्मचारी इस काम में जुड़े हैं। सफाई व्यवस्था बाधित होने से नगर निगम के सामने नई चुनौती खड़ी हो सकती है। यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो शहर में कचरे का ढेर लगने का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही पुराने डंपिंग यार्ड के लगभग भर जाने से कचरा निपटान की समस्या और गंभीर हो सकती है। बताया जा रहा है कि रामकी कंपनी वर्ष 2018 से PPP मॉडल के तहत शहर की सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट व्यवस्था संभाल रही है। नगर निगम और कंपनी के बीच 15 वर्षों का अनुबंध है। हालांकि फिलहाल भुगतान और संचालन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई है। इस मामले में Meenal Choubey ने कहा है कि कंपनी अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत की जा रही है और जल्द ही समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन सेवा जल्द दोबारा शुरू कर दी जाएगी।

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रायपुर में पेट्रोल 103.58 रुपए लीटर पहुंचा, पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें; प्रशासन बोला- घबराहट में लोग करवा रहे फुल टैंक

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद कई पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखने को मिली। शहर में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 103.58 रुपए प्रति लीटर और डीजल 96.57 रुपए प्रति लीटर हो गया है। कीमत बढ़ने के बाद सुबह से ही कई फ्यूल स्टेशनों पर वाहनों की लंबी लाइनें लगी रहीं। प्रशासन के मुताबिक, ईंधन की कमी नहीं है, लेकिन अफवाहों और कीमतों में बढ़ोतरी की खबर के कारण लोग सामान्य से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवा रहे हैं। कई वाहन चालक टैंक फुल कराने के लिए पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे हैं, जिससे अचानक दबाव बढ़ गया है। छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों में भी पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़े हैं। बिलासपुर में पेट्रोल 104.26 रुपए और डीजल 97.25 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। अंबिकापुर में पेट्रोल 104.60 रुपए और डीजल 97.66 रुपए, रायगढ़ में पेट्रोल 104.53 रुपए और डीजल 97.52 रुपए, जबकि जगदलपुर में पेट्रोल 105.22 रुपए और डीजल 98.22 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। स्थिति को देखते हुए Raipur District Administration ने पेट्रोल पंप संचालकों और तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शहर में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। सप्लाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कलेक्टर ने डिपो से 24 घंटे ईंधन सप्लाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं। पहले टैंकरों की एंट्री तय समय तक सीमित थी, लेकिन अब लगातार सप्लाई सुनिश्चित करने का फैसला लिया गया है ताकि पेट्रोल पंपों पर भीड़ कम हो सके। हालांकि, शहर के कुछ लोगों का कहना है कि कुछ पेट्रोल पंपों पर ईंधन उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि डीजल की कीमत बढ़ने का असर आने वाले दिनों में रोजमर्रा की चीजों पर भी पड़ सकता है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सब्जियां, फल, राशन और अन्य सामानों की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसके अलावा खेती, बस, ऑटो और स्कूल वाहनों के किराए पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह मानी जा रही है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिसके कारण तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा और कीमतों में इजाफा किया गया।

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मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 से लाखों उपभोक्ताओं को राहत, सरचार्ज पूरी तरह माफ

छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए “मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026” शुरू की है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में शुरू की गई यह योजना उन परिवारों के लिए राहत लेकर आई है जो लंबे समय से बकाया बिजली बिल और बढ़ते सरचार्ज के कारण आर्थिक दबाव का सामना कर रहे थे। इस योजना के तहत पुराने बिजली बिलों पर लगने वाले सरचार्ज को पूरी तरह माफ किया जा रहा है। साथ ही उपभोक्ताओं को बकाया राशि जमा करने के लिए आसान किस्तों की सुविधा भी दी गई है। पात्र उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि पर भी विशेष छूट का लाभ मिल रहा है। राज्य सरकार के अनुसार, अब तक इस योजना से प्रदेश के 28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को फायदा मिला है और करीब 757 करोड़ रुपए से ज्यादा का सरचार्ज माफ किया जाएगा। योजना का लाभ मुख्य रूप से बीपीएल परिवारों, घरेलू उपभोक्ताओं और कृषि उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इस योजना से उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ बिजली कटौती का खतरा भी कम होगा। किसान भी इस योजना से लाभान्वित होंगे, क्योंकि बकाया बिलों का बोझ कम होने से सिंचाई और खेती का काम प्रभावित नहीं होगा। उपभोक्ता योजना का लाभ लेने के लिए अपने नजदीकी बिजली कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1912 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। योजना 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी। राज्य सरकार ने लोगों से समय रहते योजना का लाभ लेने की अपील की है। सरकार का मानना है कि यह योजना न सिर्फ आर्थिक राहत देगी, बल्कि उपभोक्ताओं को नियमित भुगतान व्यवस्था से जोड़ने में भी मदद करेगी।

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केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान ने सराहा छत्तीसगढ़ का आजीविका मॉडल, कहा- देशभर के लिए प्रेरणादायी

छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में संचालित ग्रामीण आजीविका मॉडल को केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री Kamlesh Paswan ने देशभर के लिए प्रेरणादायी बताया है। मंत्री ने रायपुर के सेरीखेड़ी स्थित मल्टी यूटिलिटी सेंटर का दौरा कर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के तहत चल रही विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण किया। दौरे के दौरान मंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित अजा (AJA) परियोजना, पिंक दीदी ई-ऑटो सेवा, बिजनेस दीदी और कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का यह मॉडल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी दे रहा है। मंत्री पासवान ने विशेष रूप से एकीकृत बकरी पालन मॉडल ‘अजा परियोजना’ को सराहा। उन्होंने कहा कि आधुनिक पशुपालन, नियमित टीकाकरण, पशु बीमा, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और जैविक खाद निर्माण जैसी व्यवस्थाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही हैं। साथ ही महिला समूहों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना भी अन्य राज्यों के लिए सीखने योग्य पहल है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नवा रायपुर में संचालित “पिंक दीदी” ई-ऑटो सेवा की भी प्रशंसा की। मंत्री ने कहा कि यह योजना पर्यावरण संरक्षण के साथ महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता प्रदान कर रही है। इस दौरान मंत्री ने कृषक उत्पादक संगठन की महिला बोर्ड ऑफ डायरेक्टर से भी बातचीत की। महिलाओं ने बताया कि वे अब घर की सीमाओं से निकलकर व्यवसाय का संचालन कर रही हैं। मंत्री ने महिलाओं द्वारा तैयार महुआ कुकीज का स्वाद लिया और उनके कार्य की सराहना की। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन योजनाओं का विस्तार और अधिक क्षेत्रों तक किया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का ग्रामीण आजीविका मॉडल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत उदाहरण बन रहा है।

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रायपुर में पेट्रोल खत्म होने की अफवाह से लंबी कतारें, बिलासपुर के 13 पेट्रोल पंप ड्राई

छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल को लेकर लोगों के बीच चिंता बढ़ती नजर आ रही है। राजधानी रायपुर में पेट्रोल खत्म होने की अफवाह के चलते कई फ्यूल स्टेशनों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। वहीं दूसरी ओर बिलासपुर में हालात ज्यादा गंभीर दिखाई दे रहे हैं, जहां शहर और आउटर इलाके के करीब 13 पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राई हो चुके हैं। रायपुर के आमानाका स्थित पेट्रोल पंप के मैनेजर ने बताया कि फ्यूल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि पेट्रोल खत्म होने की अफवाह फैलने के कारण लोग सामान्य से ज्यादा मात्रा में ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे पंपों पर भीड़ बढ़ गई है। उधर बिलासपुर में सबसे ज्यादा असर एचपीसीएल के पेट्रोल पंपों पर देखा जा रहा है। बीपीसीएल के कई पंपों में भी पेट्रोल और डीजल की कमी की स्थिति बन गई है। हालांकि आईओसीएल के कुछ पंपों को अपेक्षाकृत जल्दी सप्लाई मिल रही है, लेकिन बुधवार को टैंकर नहीं पहुंचने के कारण कई सर्विस स्टेशनों में ईंधन खत्म हो गया। पंप संचालकों का कहना है कि तेल कंपनियों को भुगतान पहले ही किया जा चुका है और डिपो से टैंकर रवाना किए जा चुके हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही सप्लाई बहाल कर दी जाएगी और स्थिति सामान्य हो जाएगी। हालांकि दुर्ग और रायगढ़ जिलों में फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है और वहां किसी बड़े संकट की सूचना नहीं है। फिलहाल प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालक लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल लेने की अपील कर रहे हैं।

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