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कोरबा में 8 साल के बच्चे की मौत: खेल-खेल में निगला सिक्का, सीने में फंसने से सांस रुक गई; इलाज के अभाव में रास्ते में तोड़ा दम

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक दर्दनाक हादसे में 8 साल के मासूम शिवम सारथी की मौत हो गई। बच्चे ने खेल-खेल में सिक्का निगल लिया था, जो उसके सीने में फंस गया। परिजनों को जब तबीयत बिगड़ने का पता चला, तब तक देर हो चुकी थी। परिजनों ने उसे तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां एक्स-रे में सिक्का फंसे होने की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल में इस तरह का इलाज संभव नहीं है और बच्चे की हालत बेहद नाजुक है। परिजन उसे निजी अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही शिवम ने दम तोड़ दिया। 💬 परिजनों का आरोप — “इलाज नहीं मिला, इसलिए गई जान” शिवम के पिता मदन सारथी ने बताया कि वे मूल रूप से धर्मजयगढ़ (रायगढ़) के रहने वाले हैं। कुछ दिनों पहले बेटे के कंधे की चोट का इलाज कराने वे कोरबा आए थे और गोढ़ी गांव में रिश्तेदारों के यहां ठहरे हुए थे। 31 अक्टूबर की रात शिवम की अचानक तबीयत बिगड़ी। उसे सांस लेने में दिक्कत और हाथ-पैर ठंडे पड़ने लगे। जिला अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि सीने में सिक्का फंसा है, लेकिन अस्पताल में इस स्थिति का उपचार नहीं हो सकता। शिवम को अन्य अस्पताल ले जाने की तैयारी चल ही रही थी कि उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। 🧒 कब निगला सिक्का, किसी को नहीं पता परिवार को यह नहीं पता कि शिवम ने सिक्का कब और कैसे निगला। पिता ने आशंका जताई कि खेलते समय उसने गलती से सिक्का मुंह में डाल लिया होगा। 🏥 अस्पताल प्रबंधन का बयान जिला मेडिकल कॉलेज के सह अधीक्षक डॉ. रविकांत जाटवर ने बताया कि बच्चे को रात करीब 12 बजे अस्पताल लाया गया था। एक्स-रे में सिक्का जैसी आकृति दिखाई दी थी, परंतु पोस्टमॉर्टम में सिक्का नहीं मिला। ⚠️ विशेषज्ञों की सलाह — बच्चों को छोटे सामान से रखें दूर शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आर.के. वर्मा ने कहा कि छोटे बच्चे अक्सर खेलते-खेलते सिक्का, चना, मूंगफली या छोटे खिलौने निगल लेते हैं, जो गले या श्वासनली में फंस सकता है। ऐसे में तुरंत पास के अस्पताल में ले जाना चाहिए। माता-पिता को बच्चों को छोटे वस्तुओं से दूर रखना चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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रायगढ़ सड़क हादसा: तेज रफ्तार कार ने तीन लोगों को रौंदा, महिला समेत दो बाइक सवारों की मौके पर मौत; CCTV में कैद पूरी घटना

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे का CCTV फुटेज सामने आया है। यह हादसा 30 अक्टूबर को धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम खम्हा के चाल्हा चौक मोड़ के पास हुआ था। फुटेज में एक तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़ी महिला और बाइक पर जा रहे दो युवकों को रौंदती नजर आ रही है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। 🚗 रॉन्ग साइड से आई कार, तीनों की गई जान पुलिस जांच में सामने आया है कि कार चालक पूरी तरह लापरवाही से गाड़ी चला रहा था और वाहन रॉन्ग साइड से आ रहा था। हादसे के तुरंत बाद कार में सवार तीन लोग मौके से फरार हो गए। अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार एक युवती चला रही थी, जिसके साथ दो युवक मौजूद थे। 💥 हादसे में मारे गए तीनों की पहचान मृतकों की पहचान ललिता मिंज (35 वर्ष), निवासी रामपुर, फकीर मोहन पटेल (33 वर्ष), निवासी परसदा, और अमित किंडो (26 वर्ष), निवासी सुगापानी मैनपाट, के रूप में हुई है।घटना के वक्त ललिता मिंज सड़क किनारे खड़ी थीं, जबकि फकीर मोहन और अमित बाइक से कापू की ओर जा रहे थे। अचानक आई कार ने तीनों को रौंद दिया। 👀 प्रत्यक्षदर्शी ने बताई घटना की पूरी कहानी हादसे की चश्मदीद प्रभा तिर्की ने बताया कि वह पास की होटल में समोसा लेने गई थी। तभी उसने देखा कि तेज गति से आ रही कार ने पहले महिला को टक्कर मारी और फिर बाइक सवारों को बुरी तरह कुचल दिया। प्रभा के अनुसार, कार में दो युवक और एक युवती सवार थे, जिसमें युवती ही वाहन चला रही थी। 🛑 पुलिस ने दर्ज किया मामला, जल्द होगी गिरफ्तारी डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने बताया कि मामले की गहन जांच चल रही है। पुलिस ने कार चालक के खिलाफ धारा 184-MOT और 106(1)-BNS के तहत अपराध दर्ज किया है। जांच पूरी होते ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

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रायपुर के ब्लू वाटर खदान से दो छात्रों के शव बरामद: क्लास बंक कर घूमने गए थे, गहरे पानी में डूबे; 2017 से अब तक 9 लोगों की मौत

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नवा रायपुर स्थित ब्लू वाटर खदान में डूबे दो छात्रों के शव 36 घंटे की तलाश के बाद बरामद किए गए हैं। यह हादसा 31 अक्टूबर की शाम को हुआ था, जब कुछ छात्र क्लास बंक कर यहां घूमने पहुंचे थे। एसडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने लगातार दो दिन तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और अंततः 2 नवंबर की सुबह दोनों छात्रों के शव पानी से बाहर निकाले। स्कूल बंक कर पहुंचे थे खदान में घटना माना थाना क्षेत्र की है। मृतकों की पहचान जयेश साहू और मृदुल के रूप में हुई है, जो दोनों 10वीं कक्षा के छात्र थे।जानकारी के अनुसार, रायपुर के छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल, टाटीबंध के 9 छात्रों का एक समूह स्कूल बंक कर ब्लू वाटर खदान घूमने पहुंचा था। घूमते समय जयेश और मृदुल पानी में उतर गए। कुछ ही देर में दोनों गहरे पानी में समा गए। उनके साथियों ने शोर मचाया, लेकिन खदान क्षेत्र सुनसान होने के कारण तुरंत मदद नहीं मिल सकी। अलग-अलग दिन मिले दोनों के शव घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और SDRF टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया, लेकिन अंधेरा होने के कारण अभियान रोकना पड़ा।अगले दिन 1 नवंबर को जयेश साहू का शव मिला, जबकि 2 नवंबर की सुबह मृदुल का शव बरामद किया गया। घूमने आए छात्रों में मृदुल, जयेश साहू, आशुतोष पांडे, आयुष प्रताप सिंह, विरल राज, रमेश पुनिया, ऋषिराज, आदर्श शुक्ला और प्रियेश गोस्वामी शामिल थे। ब्लू वाटर खदान बना मौत का गड्ढा ब्लू वाटर खदान में यह पहला हादसा नहीं है। वर्ष 2017 से अब तक यहां डूबने से 9 लोगों की मौत हो चुकी है। यह खदान गहराई में काफी नीचे है और बारिश के मौसम में इसमें पानी भर जाने से यह तालाब जैसा दिखाई देता है। हालांकि, यहां कोई सुरक्षा व्यवस्था, बाउंड्री या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं, जिसके कारण स्थानीय लोग और बच्चे अक्सर यहां नहाने या घूमने आ जाते हैं। ब्लू वाटर खदान में अब तक हुए प्रमुख हादसे

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रायपुर में लूटपाट की कोशिश का VIDEO वायरल: साइकिल से लौट रहे युवक पर बदमाशों का हमला, जान बचाकर भागा पीड़ित

रायपुर में एक बार फिर बदमाशों के हौसले बुलंद दिखाई दे रहे हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में मारपीट और लूटपाट की वारदातें लगातार सामने आ रही हैं। अब सरस्वती नगर थाना क्षेत्र से ऐसा ही एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ अज्ञात बदमाशों ने साइकिल से घर लौट रहे युवक पर हमला कर दिया। मामला कोटा-गुढियारी रोड का बताया जा रहा है। बीती रात करीब 11 बजे, युवक साइकिल से अपने घर लौट रहा था, तभी रास्ते में बदमाशों ने उसे रोक लिया। उन्होंने युवक के साथ मारपीट करते हुए लूटपाट की कोशिश की। किसी तरह पीड़ित मौके से भाग निकला और अपनी जान बचाई। 🔹 इलाके में दहशत का माहौल प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बदमाशों ने घटना के दौरान चाकू लहराते हुए लोगों में डर फैलाया और फिर मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद आसपास के लोगों में भय और नाराजगी दोनों देखने को मिल रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रात के समय पुलिस गश्त बहुत कम होती है, जिसके चलते अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। 🔹 पुलिस ने जांच शुरू की घटना की सूचना मिलते ही सरस्वती नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और आसपास के CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

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बिलासपुर गोलीकांड: कांग्रेस में वर्चस्व की जंग में चली गोलियां — नितेश सिंह की हत्या की साजिश रचने वाला मास्टरमाइंड युवा कांग्रेस का पूर्व उपाध्यक्ष निकला

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हाल ही में हुए गोलीकांड ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को हिला कर रख दिया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस हमले के पीछे युवा कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष विश्वजीत अनंत का हाथ था, जिसने राजनीतिक वर्चस्व और जमीन विवाद के चलते कांग्रेस नेता और जनपद उपाध्यक्ष नितेश सिंह की हत्या की साजिश रची थी। विश्वजीत और उसके साथियों ने पहले दो बार हत्या की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। तीसरी बार, 28 अक्टूबर की शाम उन्होंने नितेश सिंह के मस्तूरी स्थित ऑफिस के बाहर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हालांकि, हमले में नितेश बाल-बाल बच गए और उनके साथियों को मामूली चोटें आईं। 24 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा, मास्टरमाइंड समेत 7 आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने तेजी दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर ही मास्टरमाइंड विश्वजीत अनंत, उसके भाइयों और साथियों सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि हमले के दौरान 14 राउंड फायरिंग की गई थी। अगर हमलावर प्रोफेशनल शूटर होते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस ने मौके से दो देसी पिस्टल, एक कट्टा, कई कारतूस और मैगजीन बरामद किए हैं। राजनीतिक वर्चस्व और जमीन विवाद से उपजी रंजिश जांच में सामने आया है कि आरोपी विश्वजीत अनंत और नितेश सिंह के बीच राजनीतिक गुटबाजी और जमीन विवाद लंबे समय से चल रहा था। नितेश ने जनपद उपाध्यक्ष चुनाव में नागेंद्र राय को हराया था, जो अब विपक्षी गुट में हैं। पुलिस का मानना है कि इसी राजनीतिक प्रतिद्वंदिता और वर्चस्व की लड़ाई ने इस घटना को जन्म दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए आरोपी के मंत्री और धार्मिक गुरुओं के साथ फोटो गिरफ्तारी के बाद विश्वजीत अनंत के सोशल मीडिया अकाउंट से कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें वह राज्य सरकार के मंत्री और समाज के धार्मिक गुरुओं के साथ दिखाई दे रहा है। इनमें मंत्री खुशवंत साहेब के साथ उसके करीबी संबंधों की झलक मिलती है। यह भी सामने आया कि घटना के बाद विश्वजीत ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो स्टोरी अपलोड की, जिसमें वह कार चलाते हुए बैकग्राउंड में “बंदूक लाठी चाहे गोली बरसाए” गाने पर रील बना रहा था। पुलिस जुटा रही हथियारों के स्रोत की जानकारी पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हमलावरों को हथियार और कारतूस कहां से मिले। एसएसपी ने कहा है कि अवैध हथियार सप्लाई चेन से जुड़े सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा। जांच अभी जारी है और पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की भी पहचान कर रही है।

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बिलासपुर में नर्सिंग छात्रा ने की खुदकुशी: क्लास के बाद लौटी अकेले, हॉस्टल के कमरे में फांसी पर लटकती मिली; मोबाइल पर आते थे अनजान कॉल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में नर्सिंग कॉलेज की एक छात्रा ने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना मंगलवार की शाम मस्तूरी थाना क्षेत्र में हुई। मृतका की पहचान 22 वर्षीय यामिनी कोसले, निवासी लोहर्सी गांव (पचपेड़ी) के रूप में की गई है। यामिनी संदीपनी नर्सिंग कॉलेज में फर्स्ट ईयर की छात्रा थी और पेंड्री स्थित एक निजी हॉस्टल में रहती थी। जानकारी के अनुसार, मंगलवार को यामिनी अपनी सहेलियों के साथ कॉलेज गई थी। क्लास खत्म होने के बाद वह दोपहर में सहेलियों से पहले हॉस्टल लौट आई। शाम करीब साढ़े छह बजे जब बाकी छात्राएं हॉस्टल पहुंचीं, तो उन्होंने यामिनी को कमरे के पंखे से लटकता पाया। तुरंत इसकी सूचना हॉस्टल संचालक और पुलिस को दी गई। मौके पर नहीं मिला सुसाइड नोट, मौत की वजह बनी रहस्य पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। बुधवार को शव परिजनों को सौंप दिया गया। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल की जांच की, लेकिन कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। अनजान नंबरों से आ रहे थे फोन, पुलिस कर रही कॉल डिटेल जांच जांच में सामने आया है कि यामिनी को पिछले कुछ दिनों से अनजान नंबरों से फोन कॉल आ रहे थे। पुलिस ने इन कॉल्स को लेकर परिजनों से पूछताछ की, लेकिन उन्होंने किसी भी नंबर को पहचानने से इनकार किया। थाना प्रभारी हरीश टांडेकर ने बताया कि छात्रा का मोबाइल जब्त कर लिया गया है और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके।

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भिलाई में युवती से साइबर ठगी: बांग्लादेश के नंबर से मिली धमकी, एडिट फोटो वायरल करने की दी चेतावनी

भिलाई की एक युवती ऑनलाइन लोन ऐप के जाल में फंस गई और बांग्लादेश के नंबर से कॉल करने वाले ठगों का शिकार बन गई। युवती ने मोबाइल पर लोन के लिए आवेदन किया था, लेकिन ऐप इंस्टॉल करते समय उसने अपने फोन का पूरा एक्सेस दे दिया। इसके बाद ठगों ने उसकी तस्वीरों को एडिट कर आपत्तिजनक बनाते हुए ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। मामला दुर्ग जिले के जामुल थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, युवती ने सोशल मीडिया पर दिखे एक लोन ऐप का विज्ञापन देखकर उसे डाउनलोड किया। ऐप ने मोबाइल गैलरी, कॉन्टेक्ट और फाइल्स तक पहुंच मांगी, जिसे युवती ने अनुमति दे दी। इसके बाद उसने लोन के लिए जरूरी जानकारी और दस्तावेज अपलोड किए, लेकिन लोन की राशि नहीं मिली। कुछ दिनों बाद उसे बांग्लादेश के नंबर से व्हाट्सऐप कॉल आने लगी। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को लोन कंपनी का प्रतिनिधि बताया और किश्त भरने का दबाव डालने लगा। जब युवती ने कहा कि उसे कोई लोन नहीं मिला है, तो आरोपी ने उसकी फोटो को एडिट कर आपत्तिजनक बना दिया और वायरल करने की धमकी दी। डर के कारण युवती ने 6 हजार रुपये ठगों को भेज दिए। एक बार भुगतान करने के बाद ठग लगातार और पैसे मांगने लगे। तब युवती को ठगी का एहसास हुआ और उसने जामुल थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच साइबर क्राइम सेल को सौंप दी है। थाना प्रभारी रामेन्द्र कुमार सिंह के मुताबिक, पुलिस आरोपी के मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जांच कर रही है। साइबर एक्सपर्ट की सलाह:

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बरगद के पेड़ से लटकता मिला युवक का शव, प्रेम-प्रसंग में उठाया आत्मघाती कदम – त्योहार मनाने गांव आया था इलेक्ट्रिशियन

दुर्ग जिले के पाटन थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक युवक का शव बरगद के पेड़ से लटका हुआ मिला। घटना ग्राम पंदर के खेल मैदान की है, जहां ग्रामीणों ने सुबह-सुबह शव देखकर पुलिस को सूचना दी। मौके से युवक की मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और पर्स बरामद किए गए हैं। मृतक की पहचान अरुण कुमार साहू (22 वर्ष) निवासी ग्राम कुम्हली के रूप में हुई है। अरुण पेशे से इलेक्ट्रिशियन था और रायपुर में किराए के मकान में रहकर काम करता था। दीपावली के मौके पर वह अपने गांव लौटा था। प्रेम-प्रसंग से जुड़ा मामला होने की आशंका पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह मामला प्रेम-प्रसंग से जुड़ा आत्महत्या का मामला माना जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि अरुण पिछले कुछ समय से मोबाइल में व्यस्त रहता था और आसपास के लोगों से दूरी बनाए हुए था। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे वह घर से निकला था, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटा। अगली सुबह ग्रामीणों ने खेल मैदान के पास उसके शव को देखा। पिता ने भी की थी आत्महत्या जानकारी के अनुसार, अरुण के पिता ने भी करीब 5-6 साल पहले आत्महत्या की थी। परिवार में अब उसकी मां और एक बहन हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर मोबाइल फोन जब्त कर लिया है ताकि मौत की असली वजह का पता लगाया जा सके। फिलहाल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है और मामले की जांच जारी है।

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छत्तीसगढ़ में कारोबारियों के ठिकानों पर ACB-EOW की बड़ी कार्रवाई, DMF घोटाले से जुड़ी जांच जारी

छत्तीसगढ़ में बुधवार सुबह एसीबी (ACB) और ईओडब्ल्यू (EOW) की संयुक्त टीम ने राज्य के कई जिलों में एक साथ छापेमारी की। रायपुर, दुर्ग, धमतरी और राजनांदगांव में यह कार्रवाई डीएमएफ (District Mineral Fund) घोटाले से जुड़ी जांच के तहत की गई है। रायपुर में पचपेड़ी नाका स्थित वॉलफोर्ट इंक्लेव में अशोक और अमित कोठारी के घर छापा मारा गया। दोनों का इक्विपमेंट सप्लाई का कारोबार है।राजनांदगांव में राधाकृष्ण अग्रवाल, ललित भंसाली और यश नाहटा के यहां दबिश दी गई। इनमें राधाकृष्ण अग्रवाल कोल कारोबार से जुड़े हैं, जबकि ललित भंसाली सरकारी स्कूलों के सामान सप्लाई करते हैं। यश नाहटा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे कंप्यूटर और टीवी की सप्लाई करते हैं। दुर्ग के महावीर नगर में कारोबारी नीलेश पारख के घर जांच हुई, वहीं धमतरी के सिर्री गांव में ठेकेदार अभिषेक त्रिपाठी के यहां पांच घंटे तक तलाशी चली। सुबह 7 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में टीम ने कई दस्तावेज जब्त किए। सूत्रों के अनुसार, यह जांच DMF फंड से जुड़ी सरकारी सप्लाई और कमीशन लेनदेन में अनियमितताओं को लेकर की जा रही है। टीमों ने कई वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेज जब्त किए हैं। अब तक इस मामले में किसी अधिकारी की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया है। ⚖️ क्या है DMF घोटाला? ईडी (ED) की रिपोर्ट के आधार पर ईओडब्ल्यू ने आईपीसी की धारा 120बी और 420 के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में सामने आया है कि डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड (DMF) के तहत टेंडर आवंटन में भारी गड़बड़ियां की गईं। ठेकेदारों और बिचौलियों ने मिलकर करोड़ों रुपये का घोटाला किया। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि DMF प्रोजेक्ट में फंड खर्च के नियमों को इस तरह बदला गया कि अधिक कमीशन वाले प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी जा सके।इस घोटाले में कलेक्टर को 40%, सीईओ को 5%, एसडीओ को 3% और सब-इंजीनियर को 2% तक कमीशन दिया गया। कोरबा जिले में हुए 575 करोड़ रुपये के DMF स्कैम की जांच में यह सब उजागर हुआ है। एसीबी की रिपोर्ट के मुताबिक 76.50 लाख रुपये नकद, कई डिजिटल डिवाइस, फर्जी फर्मों से जुड़े दस्तावेज और 8 बैंक खाते जब्त किए गए हैं, जिनमें करीब 35 लाख रुपये जमा थे। ईडी की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि ठेकेदारों ने अधिकारियों और नेताओं को 25% से 40% तक कमीशन दिया था। घूस की रकम को फर्जी अकाउंट्स और डमी कंपनियों के जरिए छिपाया गया था।

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रायपुर में राज्योत्सव से पहले छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति हुई क्षतिग्रस्त, क्रांति सेना ने किया प्रदर्शन

राजधानी रायपुर में राज्योत्सव से पहले छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने की घटना ने हड़कंप मचा दिया है। घटना की जानकारी मिलने पर छत्तीसगढ़ी क्रांति सेना के सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ने इसे छत्तीसगढ़ की अस्मिता पर हमला करार देते हुए कड़ी नाराजगी जताई। यह घटना तेलीबांधा थाना क्षेत्र में हुई। 🔹 घटना का विवरण शहर के VIP चौक के पास राम मंदिर के समीप छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा लगी थी। अज्ञात व्यक्तियों ने देर रात मूर्ति को नुकसान पहुंचाया, जिससे सुबह लोगों ने यह देखा और आसपास इकट्ठा हो गए। 🔹 पुलिस कार्रवाई घटना की सूचना पाते ही तेलीबांधा पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस CCTV फुटेज की जांच कर रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। 🔹 मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शा जाएगा और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला राज्योत्सव के ठीक पहले सामने आने के कारण और भी संवेदनशील हो गया है और प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है।

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